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सीएम डॉ. यादव ने कहा – कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का पर्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

सनसनी: सागर जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य मृत मिले, जांच में जुटी पुलिस

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां टीहर गांव में खेत में बने एक मकान में रह रहे परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान मनोहर सिंह लोधी, उनकी मां फूलरानी लोधी (70), बेटी शिवानी (18) और बेटा अनिकेत (16) के रूप में हुई है। फूलरानी और अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मनोहर सिंह को गंभीर हालत में सागर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मनोहर सिंह अपनी मां और दो बच्चों के साथ गांव से दूर खेत में बने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले अपने मायके गई हुई थी। घटना के समय घर में केवल चारों ही मौजूद थे। बड़े भाई को मिली घटना की जानकारी घटना की जानकारी सबसे पहले मनोहर के बड़े भाई को मिली, जिन्होंने बताया कि मकान के ऊपर रहने वाले एक भाई को नीचे से उल्टी करने की आवाजें सुनाई दीं। जब उसने जाकर देखा, तो हालत गंभीर लगी और तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। खुरई सिविल अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर वर्षा केशरवानी ने बताया कि बीती रात चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो पहले से मृत थे, जबकि एक युवती और उसके पिता की हालत नाजुक थी। शिवानी की अस्पताल में ही मौत हो गई, और मनोहर सिंह ने सागर ले जाते समय एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवाया गया। खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि घटना किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई जानना चाहता है कि एक ही परिवार के चार लोगों की जान आखिर कैसे चली गई। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ही परिवार के चार लोगों ने की आत्महत्या, दादी, पिता और दो बच्चों की मौत, मां मायके गई थी. सागर  में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के चार लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता, बेटा-बेटी और दादी की मौत हो गई। पुलिस आत्महत्या के कारण जानने का प्रयास कर रही है।  एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के सागर जिले के टीहर गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात को घटी, घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले भाई को उल्टियां करने की आवाज आई तो वह नीचे आए, इस दौरान उन्हें इसकी जानकारी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार ने ऐसा क्यों किया, अब तक इस बारे में जानकारी सामने नहीं आ पाई है. जानकारी के अनुसार, टीहर गांव के पास खेत में बने एक मकान में मनोहर लोधी (45), उनकी मां फूलरानी (70), बेटा अनिकेत और बेटी शिवानी (18) रह रहे थे। मनोहर की पत्नी कुछ दिनों पहले अपने मायके गई थीं। घर में मनोहर के अलावा दो बच्चे और दादी थीं। शुक्रवार रात को सभी को उल्टियां होने लगीं। उल्टियों की आवाज सुनकर घर की ऊपरी मंजिल में रह रहा मनोहर का भाई चीजे आया। उसने सभी को गंभीर हालत में देखा तो सबसे पहले परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके पुलिस और एंबुलेंस को कॉल कर सूचना दी गई।     सभी को गंभीर हालत में खुरई अस्पताल पहुंचाया गया, इस दौरान डॉक्टरों ने फूलरानी और अनिकेत की मृत घोषित कर दिया। वहीं, कुछ देर के इलाज के बाद शिवानी ने दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय मनोहर की भी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर ह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार ने यह कदम क्यों उठाया?  पुलिस मनोहर के छोटे भाई समेत ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.

रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आगाज़ 26 जुलाई से, सीएम डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 26 जुलाई को करेंगे दो दिवसीय ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का शुभारंभ निवेश, डिजिटल बुकिंग, ग्राम पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारियों की होंगी ऐतिहासिक घोषणाएं उपमुख्यमंत्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति मंत्री लोधी भी रहेंगे मौजूद रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 जुलाई शनिवार को दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने तथा मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। रीवा के कृष्ण राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ल ने बताया कि कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेबसीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश प्रस्ताव, डिजिटल नवाचार और सांस्कृतिक साझेदारियां सार्वजनिक की जाएंगी। ‘वाइल्डलाइफ और ऑफबीट डेस्टिनेशनों’ पर केंद्रित इस आयोजन में राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय समुदाय को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने प्रभावशाली पहल होगी निवेश प्रस्ताव: प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को नई गति कॉन्क्लेव के पहले सत्र में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्रों में निवेश करने वाले छह प्रमुख निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के अंतर्गत धार, मंदसौर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर और अलीराजपुर में निवेश प्रस्तावित है। प्रखर पाव द्वारा मंदसौर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों और धार में मिनी रिसोर्ट की स्थापना की योजना है। गांधी सागर क्षेत्र में ईको टूरिज्म गतिविधि संचालित करने के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जाएगा। धार जिले के हेमाबर्डी क्षेत्र में फिक्सड टेंटिंग यूनिट/मिनी रिसोर्ट के लिए भी 1 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है। सिद्धार्थ सिंह तोमर रायसेन जिले के ढकना चपना में होटल/रिसोर्ट के माध्यम से आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को आवश्यक सुविधायें प्रदान करने के लिए 5 करोड़ का निवेश करेंगे। कैलाश फुलवानी द्वारा विदिशा जिले के नेहरयाई क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट के सुविधायें के लिए 3 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसी तरह रितु यादव, अफोर्ड मोटर्स जबलपुर द्वारा जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के समीप नन्हाखेड़ा क्षेत्र में होटल/रिसोर्ट पर 1 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आनंद ताम्रकार, पुष्पा इंटरप्राइजेस अलीराजपुर द्वारा अलीराजपुर जिले के जूनाकट्ठीवाड़ा क्षेत्र में रिसोर्ट एवं वेलनेस सेंटर के लिए 1 रुपये करोड़ का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। डिजिटल बुकिंग के नए युग की शुरुआत पर्यटन विभाग द्वारा राज्य में संचालित पीएम पर्यटन वायु सेवा की बुकिंग अब IRCTC पोर्टल पर भी संभव होगी। अब तक www.flyola.in के माध्यम से बुकिंग की जा रही थी, लेकिन अब IRCTC जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से जुड़ने से सेवाएं और अधिक सहज और सुगम हो सकेंगी। इस वायु सेवा के माध्यम से भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर पर्यटन की पहुंच को विस्तार दिया जा रहा है। ग्राम होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में गत माह 18 जून को "ग्रामीण रंग, पर्यटन संग" कार्यक्रम के दौरान एमपी पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) एवं पर्यटन बोर्ड (MPTB) के बीच MoU साइन हुआ था। प्रदेश के 61 चयनित पर्यटन ग्रामों के ग्राम होमस्टे अब डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। इस प्लेटफॉर्म की विशेषता है कि यह DJUBO जैसे आधुनिक प्रॉपर्टी मैनेजमेंट इंफर्मेशन सिस्टम से संचालित होता है, जो सेंट्रल रिजर्वेशन सिस्टम से युक्त है। इससे ग्रामीण होमस्टे अब MakeMyTrip, Yatra, EaseMyTrip जैसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTA) से भी जुड़ पाएंगे। यह पहल स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर वैश्विक पर्यटक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। डिजिटल प्रचार-प्रसार के लिए होगा एमओयू कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा दो प्रमुख डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों, Barcode Experiential और Qyuki Digital के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए एमओयू किया जाएगा। इन कंपनियों की विशेषज्ञता डिजिटल ब्रांडिंग, इन्फ्लुएंसर कैंपेन और रचनात्मक सोशल मीडिया मार्केटिंग में है। यह सहयोग पर्यटन स्थलों की आधुनिक ब्रांडिंग को बल देगा और युवाओं के बीच मध्यप्रदेश को "अतुल्य भारत का दिल" के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा चित्रकूट घाट में "Spiritual Experience" परियोजना का स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत वर्चुअल शिलान्यास किया जाएगा और शहडोल में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (FCI) का उद्घाटन भी होगा। यह संस्था 15.62 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुआ है और युवाओं को आतिथ्य सत्कार से जुड़ी ट्रेनिंग एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी जिलों में स्थानीय कला और हस्तशिल्प केंद्र स्थापित करने के लिए ग्राम सुधार समिति, एमएम फाउंडेशन और समर्थ संस्था के साथ अनुबंध किया जाएगा। यह पहल महिलाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन से जोड़ते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास

सतत प्रयासों से डिस्ट्रिक्ट टू ग्लोबल की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश बना संवाद, सुविधा और सफलता का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास भोपाल  मध्यप्रदेश अब केवल निवेश प्रस्तावों का स्वागत करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्योगों और उद्यमियों का भागीदार बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक नई कार्यसंस्कृति विकसित की है जहां नीतियों की घोषणा कागज़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन का वास्तविक प्रभाव दिखता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में उज्जैन, शाजापुर और इंदौर में आयोजित तीन विशिष्ट कार्यशालाएं इस प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई हैं। कारोबार शुरू करने की राह हुई सरल और पारदर्शी उज्जैन में आयोजित 'स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर केंद्रित कार्यशाला में बड़ी संख्या में नए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑटोमैटिक अनुमतियाँ, ऑनलाइन एप्लिकेशन ट्रैकिंग और जन विश्वास अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप का मूल उद्देश्य यह संदेश देना था कि ‘अब मध्यप्रदेश में उद्योग लगाना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सहज प्रक्रिया है।’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आरंभ किए गए “स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज” अभियान की चर्चा विशेष रूप से हुई, जिसमें 30 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं के साथ व्यवसाय शुरू करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह पहल देशभर में सराहना प्राप्त कर चुकी है और निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। जिला स्तर पर निर्यात क्षमता की पहचान शाजापुर में ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में यह स्पष्ट हुआ कि अब राज्य सरकार निर्यात को केवल महानगरों तक सीमित न रखकर, जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। DGFT, ECGC, FIEO और MSME विभाग के विशेषज्ञों ने उपस्थित 100 से अधिक उद्यमियों को निर्यात के विभिन्न चरणों—पंजीयन, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, जोखिम प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की पहुँच—पर मार्गदर्शन दिया। 13 नए निर्यातकों ने कार्यशाला के दौरान ही IEC (Import Export Code) के लिए पंजीयन कराकर इस प्रयास को और अधिक व्यावहारिक बना दिया। संवाद के नए आयाम—कॉफी विद एक्सपोर्टर्स इंदौर में ‘कॉफी विद एक्सपोर्टर्स’ कार्यक्रम ने राज्य सरकार और निर्यातकों के बीच एक नए तरह का विश्वास स्थापित किया। अनौपचारिक माहौल में हुए इस संवाद में ECGC, FIEO, MPIDC, MSME DFO और डाक विभाग सहित कई तकनीकी संस्थानों ने हिस्सा लिया और निर्यातकों को व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराया। 15 नए IEC पंजीयन के साथ, यह कार्यक्रम न केवल जानकारियों के आदान-प्रदान का मंच बना। सतत प्रयासों से दिखने लगा है ठोस परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में ‘रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव’, देश-विदेश में आयोजित रोड शो, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और जिला स्तर पर आयोजित कार्यशालाएं एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों की यात्रा को सरल, पारदर्शी और लाभकारी बनाना है। उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की ओर से अब तक प्रदेश में 18 नवीन औद्योगिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों—टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एग्रो, आईटी, ईवी, ईएसडीएम, बायो एनर्जी आदि को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इसी के साथ जन विश्वास अधिनियम और सिंगल विंडो सिस्टम ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया है कि निवेशक अब मध्यप्रदेश को 'प्रक्रियाओं के जाल' में नहीं, 'समाधानों के स्थल' के रूप में देखने लगे हैं। एमएसएमई और नवाचार: आत्मनिर्भर एमपी की रीढ़ प्रदेश में संचालित लगभग 12 लाख एमएसएमई इकाइयां अब केवल लघु उद्योग नहीं, बल्कि निर्यात और नवाचार की धुरी बन रही हैं। वर्कशॉप्स में इस क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया, और बताया गया कि किस तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकता पर एमएसएमई को नई योजनाओं और प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास

सतत प्रयासों से डिस्ट्रिक्ट टू ग्लोबल की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश बना संवाद, सुविधा और सफलता का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में बड़ा विश्वास भोपाल  मध्यप्रदेश अब केवल निवेश प्रस्तावों का स्वागत करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्योगों और उद्यमियों का भागीदार बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक नई कार्यसंस्कृति विकसित की है जहां नीतियों की घोषणा कागज़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ज़मीन पर उनके क्रियान्वयन का वास्तविक प्रभाव दिखता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में उज्जैन, शाजापुर और इंदौर में आयोजित तीन विशिष्ट कार्यशालाएं इस प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई हैं। कारोबार शुरू करने की राह हुई सरल और पारदर्शी उज्जैन में आयोजित 'स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर केंद्रित कार्यशाला में बड़ी संख्या में नए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सिंगल विंडो सिस्टम, ऑटोमैटिक अनुमतियाँ, ऑनलाइन एप्लिकेशन ट्रैकिंग और जन विश्वास अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप का मूल उद्देश्य यह संदेश देना था कि ‘अब मध्यप्रदेश में उद्योग लगाना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सहज प्रक्रिया है।’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आरंभ किए गए “स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज” अभियान की चर्चा विशेष रूप से हुई, जिसमें 30 दिन के भीतर सभी औपचारिकताओं के साथ व्यवसाय शुरू करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह पहल देशभर में सराहना प्राप्त कर चुकी है और निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। जिला स्तर पर निर्यात क्षमता की पहचान शाजापुर में ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में यह स्पष्ट हुआ कि अब राज्य सरकार निर्यात को केवल महानगरों तक सीमित न रखकर, जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। DGFT, ECGC, FIEO और MSME विभाग के विशेषज्ञों ने उपस्थित 100 से अधिक उद्यमियों को निर्यात के विभिन्न चरणों—पंजीयन, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, जोखिम प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की पहुँच—पर मार्गदर्शन दिया। 13 नए निर्यातकों ने कार्यशाला के दौरान ही IEC (Import Export Code) के लिए पंजीयन कराकर इस प्रयास को और अधिक व्यावहारिक बना दिया। संवाद के नए आयाम—कॉफी विद एक्सपोर्टर्स इंदौर में ‘कॉफी विद एक्सपोर्टर्स’ कार्यक्रम ने राज्य सरकार और निर्यातकों के बीच एक नए तरह का विश्वास स्थापित किया। अनौपचारिक माहौल में हुए इस संवाद में ECGC, FIEO, MPIDC, MSME DFO और डाक विभाग सहित कई तकनीकी संस्थानों ने हिस्सा लिया और निर्यातकों को व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराया। 15 नए IEC पंजीयन के साथ, यह कार्यक्रम न केवल जानकारियों के आदान-प्रदान का मंच बना। सतत प्रयासों से दिखने लगा है ठोस परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में ‘रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव’, देश-विदेश में आयोजित रोड शो, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और जिला स्तर पर आयोजित कार्यशालाएं एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों की यात्रा को सरल, पारदर्शी और लाभकारी बनाना है। उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की ओर से अब तक प्रदेश में 18 नवीन औद्योगिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों—टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एग्रो, आईटी, ईवी, ईएसडीएम, बायो एनर्जी आदि को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इसी के साथ जन विश्वास अधिनियम और सिंगल विंडो सिस्टम ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया है कि निवेशक अब मध्यप्रदेश को 'प्रक्रियाओं के जाल' में नहीं, 'समाधानों के स्थल' के रूप में देखने लगे हैं। एमएसएमई और नवाचार: आत्मनिर्भर एमपी की रीढ़ प्रदेश में संचालित लगभग 12 लाख एमएसएमई इकाइयां अब केवल लघु उद्योग नहीं, बल्कि निर्यात और नवाचार की धुरी बन रही हैं। वर्कशॉप्स में इस क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया, और बताया गया कि किस तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकता पर एमएसएमई को नई योजनाओं और प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले– हिंदी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा से डॉक्टर-रोगी संवाद होगा आसान

हिन्दी माध्यम से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई से मरीजों के इलाज में सुगमता होगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिंदी में एमबीबीएस पढ़ाई से इलाज में आएगी सरलता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले– हिंदी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा से डॉक्टर-रोगी संवाद होगा आसान मिशन मातृ भाषा, प्रोत्साहन एवं जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि हिन्दी माध्यम से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई से मरीजों के इलाज में सुगमता होगी। मध्यप्रदेश हिन्दी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा देने वाला राज्य है जहाँ इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा में मिशन मातृभाषा प्रोत्साहन एवं जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी भाषा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन प्रशंसनीय है। हिन्दी माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री श्री अमित शाह ने प्रदेश में हिन्दी के माध्यम से चिकित्सा की शिक्षा देने का शुभारंभ किया था जो अब मूर्तरूप ले रहा है और हिन्दी माध्यम से पुस्तकों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। श्री शुक्ल ने शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वह एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के उपरांत गांव में अपनी सेवा देकर पीड़ित मानवता का पुण्य लें क्योंकि भारत को समझना है तो गांव को समझना होगा। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है तथा चिकित्सकों व स्टाफ के लिये आवास सहित अन्य व्यवस्थायें भी सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रीवा में चिकित्सा सुविधाओं के लिये अतिरिक्त भवन, मशीनें तथा चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके। इस अवसर पर डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि हिन्दी माध्यम से की गई पढ़ाई से मातृभाषा को लोग बेहतर ढ़ंग से समझ सकेंगे व मरीजों को समझा भी सकेंगे। उन्होंने बताया कि हिन्दी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा। कार्यक्रम में अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा, चिकित्सक, विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, के.के. गर्ग तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। छात्र दिव्यांश व छात्रा कुमकुम मण्डलोई ने हिन्दी माध्यम से की जाने वाली पढ़ाई की विशेषताओं को बताया।  

राजेन्द्र शुक्ल ने किया अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

 रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ रूपये की लागत की नवीन एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक मशीन से मरीजों का एमआरआई का परीक्षण बेहतर ढ़ंग से होगा। शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इस क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी सौगात है। यहां अत्याधुनिक मशीनों से जांच एवं कुशल चिकित्सकों द्वारा गंभीर रोगों का इलाज किया जा रहा है। ल्लेखनीय है कि अस्पताल में आयुष्मान धारक भर्ती मरीजों का नि:शुल्क एमआरआई होगा तथा अन्य मरीजों का परीक्षण शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार भवन एवं निर्माणाधीन नवीन कैथ लैब का निरीक्षण किया। विदित हो कि नवीन कैथ लैब शीघ्र ही प्रारंभ हो जायेगी। शुक्ल ने कैंसर यूनिट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा कार्य को गति देने के निर्देश दिये। इस दौरान डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डॉ. अक्षय श्रीवास्तव सहित चिकित्सक उपस्थित रहे।  

गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीकेसी के साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से गुना जिले के खेत होंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5138 करोड़ लागत वाली कुंभराज परियोजना से 97500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख और ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा बीनागंज में गौशाला विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पीकेसी नदी लिंक परियोजना आभार सभा को किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार गुना  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हमारे यहां कोई ग्लेशियर नहीं हैं, लेकिन सघन वन और जलराशि उपलब्ध है। प्रदेश का कोई भी गांव, कोई भी खेत पानी से वंचित न रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रदेश में तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना इन्हीं में से एक है। गुना जिले को पीकेसी के साथ-साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का भी बड़ा लाभ मिलेगा इससे यहां के गांव-गांव और खेत-खेत तक पानी पहुंचेगा। यह परियोजना गुना जिले की तस्वीर बदल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में पीकेसी नदी लिंक परियोजना के लिए जिलेवासियों द्वारा आयोजित आभार सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 5138 करोड़ रूपए की लागत वाली कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना से गुना जिले की 97500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के समग्र विकास के लिए कुल 175.76 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न श्रेणी के 604 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ग्राम बीनागंज के राजेश खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की। बेटी के इलाज के लिए सरकार द्वारा एक लाख रूपए पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बीनागंज में गौशाला के संपूर्ण विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भगवान गणेश की गोबर से निर्मित प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय बहनों ने श्रावण मास पर मुख्यमंत्री को दो बड़ी राखियां भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं के चिन्हित हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाचौड़ा के दर्शनीय स्थलों पर केंद्रित एक मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2003 तक विपक्षी दल की सरकार थी और उस दौर में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला। तब की सरकार ने किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। गुना के गुलाब और धनिया में यहां के किसानों की कड़ी मेहनत की खुशबू आती है। गुना जिला मालवा और चंबल का दरवाजा है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में चंबल में दस्यु संकट चरम पर था। हमारी सरकार बनने पर डाकुओं का सफाया कर दिया गया। अगर 50 साल पहले दस्यु समस्या का हल निकल जाता, तो इस अंचल का अत्यधिक विकास होता। पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी योजना बाबा महाकाल का आशीर्वाद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो परियोजना का कार्य जारी है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से चंबल और मालवा के 13 जिलों को लाभ मिलेगा इससे राजस्थान के भी 13 जिले लाभान्वित होंगे। विपक्षी दल की सरकारों ने पीकेसी परियोजना का विरोध किया और कई सालों तक अटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में समस्या का हल निकाला गया। पीकेसी की सहायक कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से अब गुना जिले की हर तहसील, हर गांव और खेत में सिंचाई जल और पेयजल का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 4 करोड़ गरीबों को पक्का मकान मिल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के पास अपना कोई मकान नहीं, लेकिन वे करोड़ों लोगों के मकान बनवा रहे हैं। गरीब-जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत के अलावा नि:शुल्क राशन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है, बहनों को 250 रुपए का शगुन मिलेगा। प्रदेश की लाड़ली बहनों को इसी साल दीपावली से 1500 रुपए हर माह भेजे जाएंगे। लाड़ली बहनें अगर फैक्ट्री में काम करेंगी, तो उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 14 हजार रुपए मेहनताना दिलवाएंगे। युवाओं को भी रोजगार के लिए फैक्ट्री में काम करने पर सरकार 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हम केन्द्र सरकार के साथ मिलकर पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपए दे रहे हैं, जिसमें 6 हजार रूपये केन्द्र से एवं 6 हजार राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश में सोलर पॉवर से चलित सिंचाई पंप बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासतों का हरसंभव तरीके से संरक्षण करते हुए प्रदेश को विकास की धारा से जोड़ रही है। प्रदेश में विकास का क्रम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गंभीर घायलों और गरीब जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस का लाभ मिल रहा है। राहवीर योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने और अस्पताल पहुंचाने पर मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौपालकों को अनुदान देने की शुरुआत की है। गौशालाओं … Read more

मध्यप्रदेश में हिन्दी फीचर फिल्म तन्वी द ग्रेट कर मुक्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फीचर फिल्म "तन्वी द ग्रेट" को कर मुक्त करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में राज्य शासन ने फिल्म को मध्यप्रदेश में कर मुक्त करने के आदेश जारी किए है। फीचर फिल्म के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन की अवधि 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2025 तक के लिए मध्यप्रदेश मॉल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन स्टेट जीएसटी की संपूर्ण राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए दर्शकों को छूट मिलेगी। फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया है। संबंधित सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स द्वारा स्टेट जीएसटी की राशि को घटाकर दर्शकों को इस फिल्म के टिकट का विक्रय किया जाएगा। इस सेवा प्रदाय पर देय एवं भुगतान किये गये राज्य जीएसटी के अंश के बराबर की राशि की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सेवा प्रदाता को की जायेगी। फिल्म के प्रदर्शन के लिए संबंधित सिनेमाघरों मल्टीप्लेक्स के प्रचलित सामान्य प्रवेश शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि "तन्वी द ग्रेट" 21 वर्षीय तन्वी रैना की कहानी है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझते हुए अपने शहीद पिता के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का प्रयास करती है। इसकी संवेदनशील कहानी और सामाजिक संदेश को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है।  

सिंगरौली के गंभीर रोगी को एम्स भोपाल लाकर की गई जीवन रक्षा पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा हुई लाभकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंदों को कष्ट के समय में सहायता के लिए एयर एम्बुलेंस की सौगात दी है। यह सुविधा एक बार फिर लाभकारी सिद्ध हुई है। राज्य सरकार ने सेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए उन्हें पीएम एम्बुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट करके भोपाल लाया गया और उन्हें बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स में भर्ती करवाकर जीवन रक्षा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक इस सेवा का लाभ गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रसत नागरिकों को दिलवाने के प्रति सजग रहें। जिन व्यक्तियों को इस सेवा की जरूरत है, उनके परिजन भी इसका लाभ लेने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है जहां जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है। अब तक 17 जिलों के रोगियों को कठिन समय में एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुश्किल वक्त में यह सुविधा काफी महंगी होती है और गरीबों को संबल स्वरूप राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में एयर एम्बुलेंस का उपयोग हो रहा है। मरीजों को हेलीकॉप्टर द्वारा एयर लिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के मरीज संदीप सिंह की समय पर मदद करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी व आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है और जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए निशुल्क हवाई परिवहन सेवा, और राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा भोपाल तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।