samacharsecretary.com

विगत 07 दिवस में प्रदेशभर से 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन एवं अन्य सामग्री जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीमों ने  विगत 07 दिनों में विभिन्न जिलों में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक के मादक पदार्थ, वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री जप्त की है। कई अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही भी की गई। रीवा थाना सिविल लाइन पुलिस ने 749 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप (कीमत 1 लाख 50 हजार 549 रुपए) तथा तस्करी में प्रयुक्त बलेनो वाहन (कीमत लगभग 7 लाख रुपए ) सहित लगभग 8 लाख 50 हजार 549 रुपए की संपत्ति जब्त की है।   वहीं थाना बिछिया पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर 28.930 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत 4 लाख 20 हजार), परिवहन में प्रयुक्त कार (20 लाख रुपए), 08 मोबाइल (80 हजार रुपए) एवं नग़द 73 हजार 50 रुपए जब्त किए है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 34 लाख 23 हजार 599 रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़ जीरापुर पुलिस ने “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत 298 ग्राम स्मैक एवं 5.496 किलोग्राम कैमिकल पाउडर (टांका) जप्त कर  लगभग 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। नीमच थाना नीमच पुलिस ने 150 ग्राम एमडी (कीमत 15 लाख रुपए) एवं 06 किलोग्राम पीसा हुआ डोडाचुरा (कीमत 90 हजार रुपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त 01 पल्सर मोटरसाइकिल भी जप्त की है। वहीं थाना रतनगढ़ एवं चौकी सरवानिया महाराज पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपए का  153 किलो 500 ग्राम अवैध डोडाचुरा  जप्त कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बालाघाट पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया।आरोपियों के कब्जे से 23.140 किलोग्राम गांजा, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, 02 बाइक, 10 मोबाइल सहित लगभग 12 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मंदसौर थाना नारायणगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्कर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी की महिन्द्रा कार से 156.5 किलोग्राम डोडाचुरा जप्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 34 हजार 750 रुपए है। वहीं थाना पिपलियामंडी पुलिस ने 01 अंतर्राज्यीय तस्कर को 20.720 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा (कीमत 41 हजार रुपए) सहित गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्य कार्यवाही में थाना नाहरगढ पुलिस ने 500 ग्राम एम.डी.,  05  किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा एवं  एक्सेस सुजुकी स्कुटर सहित लगभग  10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 12 लाख 75 हजार 750 रुपए की संपत्ति जब्त की है। शिवपुरी थाना देहात पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 20.45 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।   शहडोल जैतपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 04 किलो 28 ग्राम गांजा के साथ 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 31 हजार रुपए है। बैतूल कोतवाली पुलिस ने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए कीमत की ब्राउन शुगर जप्त कर 02 तस्करों को गिरफ्तार किया। उज्जैन थाना नीलगंगा पुलिस ने 25 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वही थाना बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके  कब्जे से 1 किलो 221 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपए है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

सैलरी विवाद पर अड़े ऑपरेटर, भोपाल में लो फ्लोर बस सेवा बंद करने की चेतावनी

भोपाल राजधानी में एक बार फिर लो फ्लोर बसों के पहिए थम सकते हैं, जिसका कारण तीन प्रमुख ऑपरेटरों और ड्राइवर-कंडक्टर के बीच वेतन व पुराने बकाया को लेकर शुरू हुआ विवाद है। कर्मचारियों ने अगले महीने से काम बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की इस चेतावनी का हवाला देते हुए भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के ऑपरेटरों ने संस्था से स्पष्ट कहा है कि अगले महीने से बसों का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के पास फिलहाल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है। टेंडर अवधि समाप्त होने के बावजूद ऑपरेटरों से सीएनजी से चलने वाली लो फ्लोर बसों का संचालन कराया जा रहा था। शहर में फिलहाल मुश्किल से 50 लो फ्लोर बसें ही संचालित हो रही हैं। यदि यह विवाद बढ़ता है, तो मई महीने में बसों का संचालन बंद हो सकता है। बताया जाता है कि भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को सरकार ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को सौंपने का निर्णय लिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसें लाकर संचालन शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक इसका ढांचा तैयार नहीं हो सका है। 20 ई-बसें दौड़ाने की तैयारी राजधानी में जल्द ही ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में जून से 20 बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ई-बसों के लिए संत नगर में आधुनिक सुविधाओं से लैस डिपो बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 20 करोड़ रुपये है।  

प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता-कूनो में 57 हुये चीते

भोपाल मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब चीतों का केवल आश्रय स्थल नहीं रहा, बल्कि एक सफल चीता प्रजनन केन्द्र के रूप में दुनिया भर में अलग पहचान बना चुका है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते यहां की जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र में पूरी तरह से रच बस गये हैं। कूनो की धरती अब आये दिन नन्हे शावकों की किलकारियों से गूंज रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लुप्त हो चुके चीतों के देश में फिर से बसाने का सपना ‘प्रोजेक्ट चीता’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र-राज्य के विभागों के समन्वय और प्रबंधन से वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में नये इतिहास लिखे जाने के साथ साकार हो रहा है। चुनौतियों पर विजय के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता प्रोजेक्ट चीता का प्रारंभिक चरण शुरुआती चुनौतियों से भरा हुआ था, लेकिन कूनो की आबोहवा और विभाग के विशेषज्ञों के कुशल प्रबंधन ने सभी चुनौतियों से पार पाते हुए वन्य-जीव संरक्षण की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लुप्त प्रजाति की पुनर्स्थापना का सफलतम पर्याय बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और पर्याप्त शिकार चीतों के प्रजनन के लिए बेहद अनुकूल सिद्ध हुए हैं। मादा चीतों द्वारा लगातार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि वे तनावमुक्त हैं और कूनो को अपना प्राकृतिक आवास मान चुकी हैं। बढ़ता कुनबा : प्रोजेक्ट चीता की नई उड़ान              नए शावकों का जन्म: अप्रैल 2026 में मादा चीता गामिनी ने 3 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इससे पहले फरवरी-मार्च 2026 में ज्वाला, निर्वा और आशा भी शावकों को जन्म दे चुकी हैं।              कुल संख्या: कूनो में चीतों की संख्या अब 57 हो चुकी है।              भारत में जन्मे शावक: 27 से अधिक शावकों का जन्म भारत में ही हुआ है, जो इस परियोजना की सबसे बड़ी सफलता है।              विदेशी सहयोग: फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 8-9 नए चीते लाए गए, जिससे परियोजना को और मजबूती मिली। पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट कूनो का ब्रीडिंग सेंटर बनना केवल पर्यावरणीय उपलब्धि नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। चीतों की बढ़ती संख्या के साथ यहां वाइल्डलाइफ टूरिज्म की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। इससे श्योपुर और आसपास के जिलों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। प्रोजेक्ट चीता-एक ऐतिहासिक यात्रा              17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नामीबिया से आए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा— यह दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बिग प्रेडेटर स्थानांतरण पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट था।              फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते आए।              मार्च 2023: ज्वाला ने 70 वर्षों बाद भारत में पहले शावकों को जन्म दिया।              2024: आशा और गामिनी जैसी मादा चीतों ने नई पीढ़ी को जन्म दिया, जिसमें गामिनी ने एक साथ 5 शावकों का रिकॉर्ड बनाया।              2025-26: नई खेप के साथ प्रोजेक्ट का विस्तार और शावकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती गई। नई पीढ़ी और भविष्य की दिशा कूनो में अब दूसरी पीढ़ी के चीते भी विकसित हो रहे हैं। मुखी जैसी भारत में जन्मी मादा चीता का शावकों को जन्म देना पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट में जैनेटिक ब्रीडिंग के रूप में मील का पत्थर माना जा रहा है। वन विभाग अब शावकों की पहचान नामों के बजाय कोड (जैसे KP-1, KP-2) से कर रहा है, ताकि उनकी वंशावली को वैज्ञानिक तरीके से ट्रैक किया जा सके। आगे की योजना-दूसरा घर तैयार कूनो पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के दूसरे घर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे प्रोजेक्ट चीता को और विस्तार मिलेगा और भारत में चीतों की स्थायी वापसी सुनिश्चित होगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या और सफल प्रजनन ने यह साबित कर दिया है कि भारत में चीतों की वापसी का सपना अब साकार हो रहा है। यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण बन रही है, बल्कि पर्यावरण, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था — तीनों क्षेत्रों में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है। कूनो नेशनल पार्क : ‘प्रोजेक्ट चीता’ की विस्तृत टाइमलाइन शुरुआत और ऐतिहासिक आगमन (2022)              17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों (5 मादा, 3 नर)को कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा।              यह दुनिया का पहला अंतर्महाद्वीपीय मांसाहारी प्रजाति (प्रेडेटर) का बड़ा स्थानांतरण था, जिसने भारत में चीतों की वापसी की ऐतिहासिक शुरुआत की। विस्तार और पहली बड़ी सफलता (2023)              18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से12 और चीते कूनो लाए गए, जिससे कुल संख्या 20 हो गई।              27 मार्च 2023: नामीबियाई मादा चीता सियाया (ज्वाला)ने 4 शावकों को जन्म दिया — यह 70 वर्षों बाद भारत में जन्मे पहले चीते थे।              मई–अगस्त 2023: संक्रमण व अन्य कारणों से कुछ चीतों और शावकों की मृत्यु हुई। इसके बाद सभी चीतों को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बोमामें रखा गया। पुनर्वास और नई पीढ़ी का उदय (2024)              जनवरी 2024: मादा चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया।              इसके बाद ज्वालाने दोबारा 4 शावकों को जन्म देकर प्रजनन क्षमता साबित की।              मार्च 2024: मादा चीता गामिनीने एक साथ 5 शावकों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया।              अगस्त–दिसंबर 2024: चीतों को धीरे-धीरे फिर से खुले जंगलमें छोड़ा गया, जिससे उनका प्राकृतिक व्यवहार पुनर्स्थापित हुआ। नई उपलब्धियां और विस्तार (2025–2026)              नवंबर 2025: भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने वयस्क होकर 5 शावकों को जन्म दिया — इसे ‘जेनेटिक मील का पत्थर’ माना गया।              फरवरी 2026: प्रोजेक्ट को विस्तार देते हुए बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा, 3 नर) कूनो लाए गए।              मार्च–अप्रैल 2026: गामिनी, निर्वा और ज्वालाने नए शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में जन्मे चीतों की संख्या तेजी से बढ़ी।              अप्रैल 2026: कूनो में चीतों की कुल संख्या (शावकों सहित) 57 तक पहुंच गई है। पहचान और नामकरण की विशेष व्यवस्था              कूनो में चीतों की पहचान नाम, लिंग और मूल देश के आधार पर की जाती है।              2022–23 में आए चीतों के विदेशी नामों को बदलकर भारतीय नाम दिए गए। नामीबिया से आए प्रमुख चीते (2022) … Read more

“सेवा निवृत्ति के बाद भी सेवा का जज़्बा हमेशा जीवित रहता है” — डीजीपी कैलाश मकवाणा डीजीपी के मुख्य आतिथ्य में हुआ 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के संगठन द्वारा 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आज भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित वृंदावन गार्डन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद भी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण की भावना जीवनभर बनी रहती है। उन्होंने राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों को विभाग की सुदृढ़ नींव बताते हुए कहा कि उनके अनुभव, कार्यशैली और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभवों को संरक्षित कर उनका संस्थागत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। पेंशनर्स के साथ सतत संवाद, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण, थाना एवं इकाई स्तर पर बेहतर समन्वय तथा एक समर्पित हेल्प सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म/पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः रोजगार, सुरक्षा सेवाओं एवं परामर्शदात्री भूमिकाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे उनकी सक्रिय भागीदारी निरंतर बनी रहे। उन्होंने पेंशनर्स की सुविधा हेतु बैंकिंग लाभ, दुर्घटना सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी एवं समन्वय तंत्र को और सुदृढ़ करने की बात कही, ताकि प्रत्येक सेवानिवृत्त अधिकारी तक समय पर सहायता और सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। डीजीपी मकवाणा ने पुलिस वेलफेयर को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आपात सहायता और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर वेलफेयर गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चेक भी प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता, आकस्मिक सहायता, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से पुलिस परिवारों को व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि विभाग में डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त किया जा रहा है, जिसके लिए eHRMS एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक डेटा संकलन एवं विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही, उत्कृष्ट कार्यों की पहचान कर त्वरित रूप से कई मामलों में उसी दिन पुरस्कार प्रदान करने की व्यवस्था विकसित की गई है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए “Training of Trainers” सहित संरचित एवं आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल के माध्यम से पुलिस बल को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि डायल-112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया गया है, जिससे आमजन को त्वरित सहायता प्राप्त हो रही है। साइबर अपराधों की चुनौती को ध्यान में रखते हुए ई-एफआईआर व्यवस्था लागू की गई है, जिससे शिकायत पंजीयन सरल एवं सुलभ हुआ है तथा अधिकाधिक प्रकरण दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने साइबर अपराधों के विरुद्ध क्षमता निर्माण, तकनीकी सुदृढ़ीकरण एवं जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक व्यापक जन-जागरूकता आंदोलन के रूप में सफल हुआ है, जिसमें लाखों विद्यार्थियों, युवाओं एवं नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही और समाज में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हुआ है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने की दिशा में तेजी से कार्य किया गया है, जिससे फील्ड स्तर पर कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। आगामी सिंहस्थ जैसे विशाल एवं चुनौतीपूर्ण आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस बल को पूर्ण रूप से सक्षम, प्रशिक्षित एवं तैयार करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को गति दी गई है तथा प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीकों, ड्रोन, साइबर मॉड्यूल एवं फील्ड-आधारित अभ्यासों से सशक्त किया जा रहा है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रक्रियाओं, ऑनलाइन सेवाओं, सेवा रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था एवं आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से विभाग में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिससे मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य की चुनौतियों—विशेषकर साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा एवं बड़े आयोजनों—के लिए पूरी तरह तैयार है। डीजीपी मकवाणा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे शिक्षा एवं विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने अंत में कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सेवा, संवेदनशीलता एवं आधुनिकता के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। सेवा में हों या सेवानिवृत्त—हर पुलिसकर्मी इस गौरवशाली परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और विभाग की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम के दौरान राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान किया गया तथा पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारीगण, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, पुलिस परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

Jabalpur में गड़बड़ी पर शिकंजा, पुराने गेहूं की बिक्री के शक में गोदामों पर ताला

जबलपुर. प्रशासनिक अमले द्वारा जिले में स्थित ऐसे कई निजी गोदामों को सील करने की कार्रवाई की गई, जहां गेहूं का भंडारण पाया गया था। ज्ञात हो कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन में पुराने गेहूं की रीसाइक्लिंग की आशंका को देखते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर जिले में स्थित निजी गोदामों से गेहूं की निकासी पर उपार्जन अवधि तक प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर के आदेश पर ऐसे सभी गोदामों को सील किया जा रहा है, जहां पूर्व वर्ष का गेहूं रखा हुआ है, ताकि किसानों की आड़ में बिचौलियों या व्यापारियों द्वारा पहले से भंडारित गेहूँ को उपार्जन केंद्रों पर बेचा न जा सके। गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक जबलपुर जिले में गेहूं उपार्जन में फर्जीवाड़ा रोकने गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक लगाने के अलावा भी ऐसे कई कदम उठाये जा रहे है, जिससे वास्तविक किसानों को ही उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिल सके। किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने प्रत्येक खरीदी केंद्र पर एक नोडल अधिकारी को तैनात किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भंडारित गेहूं की सूचना देने वालों को 5 हजार रुपये से 21 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। डेटा एनालिसिस सेल का गठन इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी हेतु डेटा एनालिसिस सेल का गठन किया गया है, जो जेनरेटिव एआइ तकनीक के माध्यम से कार्य करेगा। यह सेल पिछले तीन से चार वर्षों के राजस्व, खाद वितरण एवं पंजीयन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर असामान्य प्रवृत्तियों की पहचान करेगा। इस तकनीक के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि केवल वास्तविक एवं पात्र किसान ही उपार्जन केंद्रों पर अपनी उपज विक्रय कर सकें। गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने वाले किसानों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने एसएमएस प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके माध्यम से किसानों को उपार्जन से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।

Shyamla Hills में दिनदहाड़े वारदात, घर में घुसकर हमला; महिला घायल

भोपाल. श्यामला हिल्स में कार पार्किंग विवाद के बाद आधा दर्जन लोगों घर में घुसकर तोड़फोड़ और वहां मौजूद महिला के विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। तोड़फोड़ के बाद आरोपित भाग निकले। मामले की शिकायत श्यामलाहिल्स थाने में की गई है। जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय फूल बानो श्यामलाहिल्स थाना क्षेत्र स्थित कच्चा बंगला में रहती हैं और गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि जैनुल, जुबैर, ताजवर और शाहब घर के पड़ोस में रहते हैं। वहां उनकी कार पार्क होती है। शुक्रवार शाम को उसी स्थान पर कुछ देर के लिए उनके बेटे अदनान ने वहीं अपनी कार पार्क कर दी थी। इसी बात को लेकर आरोपितों ने विवाद शुरू कर दिया। उन्होंने पहले अदनान से गाली-गलौज की और फिर विरोध करने पर आधा दर्जन से अधिक लोग इकट्ठा होकर घर आए और हमला कर दिया। साथ ही उनसे मारपीट की। इसके अलावा घर के आसपास वाहनों में भी तोड़फोड़ की।

Swachh Survekshan को लेकर तैयारी तेज, फीडबैक प्रक्रिया शुरू; मई में Delhi से पहुंचेगी केंद्रीय टीम

भोपाल. स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत सिटीजन फीडबैक की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल खुलते ही भोपाल को नंबर वन बनाने के लिए नागरिकों ने फीडबैक देना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया शहर की स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी, क्योंकि इसी फीडबैक के आधार पर अगले महीने केंद्र सरकार की टीमें भोपाल की जमीनी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने आएंगी। दरअसल, राजधानी में स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सर्वेक्षण के अंतिम चरण मई माह में दिल्ली की टीमें भोपाल आएंगी और सिटीजन फीडबैक के आधार पर शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद देशभर के शहरों का रिजल्ट जारी होगा। हर बार की तरह इस बार भी भोपाल नगर निगम ने नंबर वन का दावा किया है। इसके लिए पब्लिक फीडबैक ज्यादा से ज्यादा चाहिए। फीडबैक के दौरान सफाई व्यवस्था से जुड़े 13 सवालों के जवाब देने होंगे। शनिवार को पब्लिक फीडबैक की साइट खुलते ही महापौर मालती राय, सांसद आलोक शर्मा सहित विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने मोबाइल से फीडबैक दिया। अब शहरवासियों की जिम्मेदारी है कि वह भी अपने भोपाल के लिए वोट करें। सफाई देखने अधिकारी फील्ड में उतरे शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर निगम अधिकारी फील्ड में उतर आए हैं। शनिवार को निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने जोन 19 के इलाकों का जायजा लिया। कमिश्नर ने 106 अधिकारी-कर्मचारियों को नोडल नियक्ति किया है, लेकिन इनमें से 40 ही फील्ड में उतरे। सर्वे में पूछे जा रहे ये प्रश्न क्या आपके घर और दुकान से रोजाना कचरा उठाया जा रहा है? क्या आप कचरा फेंकने से पहले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करते हैं? क्या कचरा उठाने वाला कर्मचारी अलग-अलग तरीके से गाड़ी में डालता है या उठाने-लोड करने के दौरान उसे मिला देता है? क्या आपके इलाके में रोजाना झाडू या फिर सफाई की जाती है? आप अपने इलाके की साफ-सफाई को कैसे रेट करेंगे? इलाके के आसपास कितनी बार लावारिस कूड़े-कचरे के ढेर देखते हैं? स्थानीय प्रशासन मार्केट, बाजार, पार्क, गार्डन या दूसरी जगहों जैसी सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने में कितनी असरदार है? क्या आप लोगों को खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर या आसपास शौच करते देखते हैं? आप अपने इलाके के सार्वजनिक शौचालय की सफाई और रख-रखाव से कितने संतुष्ट हैं? क्या आप शहर में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल सेंटर के बारे में जानते हैं? जब आपके सीवर या सेप्टिक टैंक को सफाई की जरूरत होती है, तो आप किससे संपर्क करते हैं? स्थानीय अधिकारियों को सफाई से जुड़ीं समस्याएं (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना, साफ-सफाई की कमी) को कैसे बताते हैं? आप शहर की सफाई से संबंधित शिकायतों (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना) पर प्रतिक्रिया को कैसे रेट करेंगे? नागरिकों का फीडबैक जरूरी – भोपाल को स्वच्छता में शीर्ष स्थान दिलाने नागरिकों का फीडबैक जरूरी है। सर्वेक्षण में पूछे जा रहे सवालों के जवाब देकर शहर को नंबर वन बनाने में योगदान दें। यह प्रक्रिया स्वच्छता साख को मजबूती देगी। – मालती राय, महापौर

Burhanpur में कार्रवाई के दौरान बवाल, टीम पर हमला; 4 लोग गंभीर रूप से जख्मी

बुरहानपुर. नेपा नगर रेंज के अंतर्गत कबीर नल से झांझर तक वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने रविवार को वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस बड़े अभियान में निमाड़ अंचल के चारों जिलों से करीब 500 वनकर्मी और पुलिस बल शामिल थे। अतिक्रमण हटाने के लिए 70 से अधिक जेसीबी मशीनों को भी तैनात किया गया था। कार्रवाई की शुरुआत पहले दिन झांझर गांव के पास से की गई। टीम ने जैसे ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों ने विरोध करते हुए अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थिति तेजी से बिगड़ने पर प्रशासनिक अमले को पीछे हटना पड़ा। पथराव की इस घटना में चार लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें दो जेसीबी ऑपरेटर बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया, जिनमें से एक ऑपरेटर को गंभीर चोट आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पहले दिन बाधित हुआ अभियान अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। हालांकि, विरोध और हिंसक स्थिति के चलते पहले दिन का अभियान बाधित हो गया। चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएंगे अभियान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, साथ ही उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

डिजिटल जनगणना 2027 पर जोर, पीएम मोदी के संदेश को सीएम ने सराहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में जनप्रतिनिधियों के साथ श्रवण किया। इस अवसर पर आमजन भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त संवाद मंच है। इसके जरिए प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे आमजन को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कर कार्यक्रम को पूरे देशवासियों के मन में बिठा दिया है। उन्होंने देश को नवाचार की नई दृष्टि दी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है हमारी 2027 की डिजीटल जनगणना : प्रधानमंत्री श्री मोदी 'मन की बात' में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों हमारे देश में एक बहुत ही अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है। ये है जनगणना का अभियान, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। हमारे साथी पहले भी इस तरह की प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजीटल बनाया गया है। सारी जानकारी सीधे डिजीटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। वे नागरिकों से बात करके उसी में सारी जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, नागरिकगण खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले सबके लिए यह सुविधा शुरू होगी। नागरिक अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं। जब जब नागरिक यह प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो उन्हें एक विशेष आईडी मिलती है। ये आईडी उनके मोबाइल या ई-मेल आईडी पर आती है। बाद में जब कर्मचारी उनके घर आता है, तो वे यही आईडी दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती। समय भी बचता है और प्रक्रिया भी आसान हो जाती है प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश के जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां, गणना कर्मचारी द्वारा घरों के सूचीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया की अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण का कार्य पूरा भी हो चुका है। देश की जनगणना सिर्फ एक शासकीय काम नहीं है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इसमें नागरिकों की भागीदारी बहुत जरूरी है। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है, यह गोपनीय रखी जाती है और इसे पूरी डिजीटल सुरक्षा के साथ सुरक्षित किया जाता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि आइए, हम सब मिलकर इस प्रक्रिया में भाग लें और जनगणना 2027 को सफल बनाएं। आमजनों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मौजूद आमजनों विशेषकर युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बेटियों की शिक्षा की पुख्ता व्यवस्था एवं प्रोत्साहन सहायता, महिला सुरक्षा, महिला आरक्षण, इनकी आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन पर केंद्र सरकार तत्पर होकर प्रयास कर रही है, पर विपक्षी दलों के असहयोग के कारण यह प्रस्ताव संसद में पारित नहीं हो पाया। बच्चों का बढ़ाया हौंसला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेस्टोरेंट में कैप पेंटिंग कर रहे चार छोटे बच्चों से बाल सुलभ वार्तालाप कर उनकी हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों को अपने हाथों से नाश्ता कराया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई सम्बंधित बातचीत कर उन्हें हमेशा अपने बड़े-बुजु़र्गों, माता-पिता और बड़े भाई-बहनों का सम्मान करने और माता-पिता के नाम का उच्चारण करते समय सदैव 'श्रीमती' और 'श्री' से प्रारंभ कर सम्मानजनक संबोधन ही करने की सीख दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजनों, युवाओं और बच्चों के साथ सहज रूप से अभिभावक की तरह अनौपचारिक चर्चा की और सबके साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मन की बात के श्रवण एवं आमजन से संवाद कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। जल संरक्षण में हम हैं अव्वल कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री श्री मोदी का पूरे देश को एकजुटता का सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में हमारा मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत हमारी सरकार नई जल संरचनाओं के निर्माण-विस्तार के साथ-साथ पुराने कुओं, तालाबों, बावड़ियों और अन्य पारम्पारिक जल स्रोतों जैसे हैंडपंप आदि को भी नया जीवन देने का प्रयास कर रही है। इस अभियान में जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत चलेगा।

Madhya Pradesh Public Service Commission एग्जाम में कड़े नियम, एंट्री से पहले हटवाए गए टॉप्स और कलावा

देवास. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शहर के 7 केंद्रों पर आयोजित की गई। सुबह 10 बजे से शुरू हुई परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों का केंद्रों पर 8 बजे से पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस और प्रशासनिक चाक चौबंद व्यवस्था के बीच परीक्षा करवाई गई। प्रवेश के पहले परीक्षार्थियों से कान की बालियां, टॉप्स, कंगन, कड़े उतरवाए गए। कलावा काटे गए। बायोमेट्रिक जांच की गई। प्रत्येक केंद्र पर प्रशासन के अधिकारी तैनात किए गए हैं वहीं 15 से अधिक पुलिस के जवान, एएसआई, सब इंस्पेक्टर प्रत्येक केंद्र पर तैनात हैं। पहला प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का सुबह 10 से दोपहर 12:00 बजे तक होगा। बैग, घड़ी, मोबाइल जमा किए उसके बाद सामान्य अभिरुचि परीक्षण दूसरे प्रश्न पत्र की शुरुआत 2:15 बजे से होकर 4:15 तक चलेगी। परीक्षा के लिए जिले के सातों केंद्र पर 2220 परीक्षार्थी दर्ज हैं। सभी केंद्रों पर एक अलग कक्ष में सामान जमा करने की व्यवस्था की गई थी जहां परीक्षार्थियों द्वारा बैग, घड़ी मोबाइल फोन आदि जमा किए गए। पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस केपी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 230 परीक्षार्थी दर्ज हैं, यहां पर 104 ने अपनी सामग्री निर्धारित कक्ष में जमा करवाई।