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1 अप्रैल से दूध महंगा होगा, 4 रुपए की बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल की किल्लत से बढ़ी महंगाई

धार अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते देश में गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं मध्य प्रदेश के धार जिले में लोगों को बड़ा झटका लगने जा रहा है. धार में आज  1 अप्रैल से दूध के दामों में बढ़ोत्तरी हुई . दुग्ध उत्पादक संघ ने एक-दो रुपए नहीं बल्कि 4 रुपए की वृद्धि दूध के दामों में की गई . जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ेगा. 60 रुपए का दूध अब 64 रु. में मिलेगा धार में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ और दूध विक्रेता की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. जहां सभी की सहमति से दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद धार में वर्तमान में ₹60 प्रति लीटर बिक रहा दूध अब ₹64 प्रति लीटर हो जाएगा. दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि पिछले तीन सालों से दूध के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान पशु, आहार सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है. 1 अप्रैल से बढ़ी हुई कीमतों पर दूध दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि "बढ़ती महंगाई और पशु आहार की लागत में भारी वृद्धि के कारण अब दूध के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लागत और बिक्री मूल्य के बीच असंतुलन बना हुआ था, जिसे अब संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है." वहीं, दूध विक्रेता संघ के कृष्णकांत सोमानी ने बताया कि "उत्पादकों द्वारा बढ़ाई गई कीमतों को देखते हुए विक्रेताओं ने भी इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से सभी विक्रेता बढ़ी हुई दरों पर ही दूध का विक्रय करेंगे." दूध के दूसरे उत्पादों के बढ़ सकते हैं दाम रोजमर्रा की जिंदगी में दूध का उपयोग होता है, ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से परिवार के बजट पर असर पड़ेगा. दूध के दाम बढ़ने से इसका असर दूसरी वस्तुओं पर भी होगा, जैसे घी, पनीर और दूध से बने दूसरे उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं. दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के मूल्य पर राज्य सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं होता, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में दूध के दामों में भिन्नता देखने को मिलती है. ऐसे में जहां एक ओर बिजली दरों में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूध के दाम बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा.

घोड़ा बना ‘आरोपी’: पार्क की घास चरते पकड़ा गया, मालिक पर भी कार्रवाई की तैयारी

 सीहोर  शहर में नगर पालिका की एक अनोखी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। रविन्द्र सांस्कृतिक भवन परिसर में विकसित हरियाली को नुकसान पहुंचा रहे एक घोड़े को आखिरकार नगर पालिका अमले ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि घोड़ा लगातार तीन दिनों से पार्क में घास चर रहा था, जिसके बाद लोगों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के चलते कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई हरियाली इन दिनों भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच बचाना चुनौती बनी हुई है। इसी बीच एक घोड़ा लगातार पार्क में घुसकर घास चर रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घोड़े का मालिक उसे खुले में छोड़ देता था, जिससे पार्क को नुकसान हो रहा था। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई मामले की शिकायत नगर पालिका तक पहुंची, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर नाराजगी जताई गई। बढ़ते दबाव के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और घोड़े को पकड़कर नगर पालिका परिसर ले आई, जहां गेट पर ही घोड़े को बांध दिया। सोशल मीडिया पर तंज इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तंज कसे। एक यूजर ने लिखा कि पार्क आम लोगों के सुकून के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हें अपनी निजी जागीर समझ लेते हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि घोड़े के मालिक पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।  

रेत माफिया पर शिकंजा: बालाघाट में एंबुलेंस में पहुंची पुलिस, घेराबंदी कर ट्रैक्टर पकड़े

बालाघाट प्रदेश में अनुबंध समाप्त होने के बाद भी रेत घाटों पर अवैध खनन जारी है। बालाघाट में वैनगंगा नदी के भमोड़ी घाट पर मंगलवार को दो एंबुलेंस से पहुंची पुलिस टीम ने रेत से लदे चार ट्रैक्टर जब्त किए हैं। हालांकि, रेत माफिया के मुखबिर तंत्र ने गुर्गों को सूचित कर दिया, जिससे बड़ी संख्या में ट्रैक्टर चालक भागने में सफल हो गए। मौके का मंजर और पुलिस बल नवेगांव थाना प्रभारी रमेश जाट के मुताबिक घाट पर करीब 25 ट्रैक्टर मौजूद थे, 50-60 लोग अवैध खनन कर रहे थे। दो एंबुलेंस से करीब 30 पुलिस कर्मी जैसे ही पहुंचे लोग ट्रैक्टर लेकर भागने लगे। बाद में 20 पुलिस कर्मियों का बल और पहुंचा और रेत लोड चार ट्रैक्टर जब्त कर छह को चिह्नित किया। फिलहाल अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मुखबिर तंत्र को चकमा देने की कोशिश दरअसल भमोड़ी घाट का रास्ता गांव के अंदर से होकर जाता है, जिससे कोई शासकीय वाहन या पुलिस टीम पहुंचने से पहले ही मुखबिर तंत्र रेत खनन में लगे लोगों को अलर्ट कर देता है। इस बार पुलिस एंबुलेंस से पहुंची फिर भी कई लोग भागने में सफल रहे।  

श्रमिक वर्ग कल्याण के लिये बहुमंजिला एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवास निर्मित करें : मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की समीक्षा बैठक हुई। मंत्री  विजयवर्गीय ने प्रदेश के चहुँमुखी विकास और मध्यम एवं निर्धन वर्ग के लिए सुलभ आवास उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता न केवल आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि आधुनिकता और पर्यावरण संरक्षण के सामंजस्य के साथ नागरिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना भी है। मंत्री  विजयवर्गीय ने विशेष रूप से श्रमिक वर्ग के हितों को रेखांकित करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के समीप 5 हजार एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन आवासों को तीन से चार मंजिला स्वरूप में निर्मित किया जाए जिससे सीमित भूमि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग हो सके। मंत्री  विजयवर्गीय ने निर्माण कार्यों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के पास आवास होने से कर्मचारी वर्ग के समय और संसाधनों की बचत होगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन स्तर में सुधार आएगा। राजधानी भोपाल का होगा कायाकल्प : भविष्य की जरूरतों पर जोर मंत्री  विजयवर्गीय ने भोपाल में संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए 'सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट' सहित नवीन कलेक्ट्रेट एवं कमिश्नर भवनों के निर्माण को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सभी नवीन भवन भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए बनाए जाएं। इन भवनों में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ग्रीन बिल्डिंग मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, जिससे ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संतुलन बना रहे।  पेंशनर्स को सौगात और नीतिगत सुधार कर्मचारी हितैषी निर्णय लेते हुए बैठक में मंडल के पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को सातवें वेतनमान के अंतर्गत 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत स्वीकृत की गई। साथ ही, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं के सरलीकरण के लिये एक बड़ा कदम उठाते हुए मंडल की आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्तियों में मूल क्रेता के साथ अन्य नाम जोड़ने या विलोपित करने संबंधी पूर्ववर्ती परिपत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया गया। बजट एवं नवीन योजनाओं का अनुमोदन मंडल की वित्तीय सुदृढ़ता को अक्षुण्ण रखने के लिये बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट एवं आगामी वार्षिक बजट को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, मंडल की 'आवासीय पुनर्विकास योजना' तथा 'सुराज योजना' के वार्षिक कार्यक्रमों को सम्मिलित करने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे प्रदेश के शहरी अधोसंरचना को नई गति मिलेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, मंडल आयुक्त  गौतम सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सु तृप्ति वास्तव, अपर आयुक्त  महेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर की सपना शर्मा ने पैराताइक्वांडो में चौथा गोल्ड जीता, बनीं चार बार की नेशनल चैंपियन

इंदौर  बेंगलुरु के कोरामंगला स्टेडियम में आयोजित पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सपना शर्मा ने अपनी स्वर्णिम सफलता का सिलसिला जारी रखते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। यह सपना शर्मा का लगातार चौथा नेशनल गोल्ड मेडल है, जिसके साथ ही वह देश की पहली ऐसी दिव्यांग खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने खेल जगत में यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल की है। इंदौर की रहने वाली सपना की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल उनके शहर बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।  फाइनल मुकाबले में तेलंगाना की खिलाड़ियों को दी मात इस दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 28 और 29 मार्च को किया गया था, जिसमें देशभर के लगभग 70 खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। फाइनल मुकाबले में सपना शर्मा ने अपनी बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पस्त कर दिया। कड़े मुकाबले में तेलंगाना की ममता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि कृष्णवेणी ने कांस्य पदक हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान सपना का प्रदर्शन इतना प्रभावी रहा कि उन्होंने हर राउंड में अपना दबदबा बनाए रखा और स्वर्ण पदक पर अपना नाम दर्ज कराया। संघर्षों से लड़कर हासिल किया यह मुकाम सपना शर्मा की सफलता की यह कहानी जितनी सुखद है, उनका सफर उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा है। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद सपना ने शारीरिक अक्षमता को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। ताइक्वांडो से पहले वह टेबल टेनिस में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और आर्म रेसलिंग में भी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। उनकी यह यात्रा आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच निरंतर अभ्यास की मिसाल है। सपना का मानना है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक बाधाएं सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। खुद की जिंदगी और संघर्ष से सब सीखा सपना का कहना है कि मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने का जज़्बा ही मेरी सफलता का सबसे बड़ा राज है। मैं हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं। मेरा सबसे बड़ा रोल मॉडल मेरी खुद की जिंदगी और मेरा संघर्ष है। मैंने जो भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से सीखा है। परिवार में पति संज वर्मा और बेटी हनाया है। ये भी मेरे संघर्ष के हिस्सेदार हैं। हर मुश्किल ने मुझे मजबूत बनाया है और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। हौसले मजबूत हैं कमजोरी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती बकौल सपना अगर किसी एक व्यक्ति की बात करूं, तो मैं उन सभी खिलाड़ियों को अपना रोल मॉडल मानती हूं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतते हैं। मेरे लिए असली प्रेरणा वही लोग हैं, जो हालात से हार नहीं मानते, बल्कि अपने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर सफलता हासिल करते हैं। अगर आपके हौसले मजबूत हैं, तो कोई भी कमजोरी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। अपनी कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए।सपना का लक्ष्य है कि लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और ज्यादा गोल्ड मेडल जीतूं और देश का नाम रोशन करूं। सपना ने टेबल टेनिस और आर्म रेसलिंग में भी मप्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका कहना है कि हार मानने वालों में से नहीं हूं, मैं हर बार गिरकर और मजबूत बनकर उठती हूं। परिस्थितियों को बनाया अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा सपना अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने वाले जज्बे को देती हैं। वह किसी अन्य के बजाय अपनी खुद की जिंदगी और संघर्षों को अपना रोल मॉडल मानती हैं। उनके परिवार में पति संजय वर्मा और बेटी हनाया हैं, जो उनके इस कठिन सफर में हमेशा साथ खड़े रहे हैं। सपना का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से ही सीखा है। वह उन सभी खिलाड़ियों से प्रेरणा लेती हैं जो विपरीत हालातों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराने का है अगला लक्ष्य सपना शर्मा अब अपनी इस सफलता को अंतरराष्ट्रीय पटल पर ले जाना चाहती हैं। वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं, हालांकि कई बार आर्थिक कारणों से वह चयन होने के बाद भी विदेशी दौरों पर नहीं जा सकीं। लेकिन इन असफलताओं ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया है। अब उनका एकमात्र लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतना और देश का गौरव बढ़ाना है। वह कहती हैं कि वह गिरकर संभलने और हर बार पहले से अधिक मजबूत होकर उभरने में विश्वास रखती हैं।  

किताबों में घोटाला: MRP मिटाकर ज्यादा दाम वसूले, शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा

ग्वालियर पाठ्यपुस्तकों की वास्तविक कीमत पर स्याही लगाकर अधिक मूल्य पर उन्हें पुस्तक मेले में विक्रय करने वाले आदर्श स्टेशनरी स्टोर्स के संचालक और निजी स्कूल कंगारू किड्स स्कूल के संचालक के खिलाफ ग्वालियर में एफआइआर दर्ज कराई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने गोला का मंदिर थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इससे पहले दोनों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की गई है। बिना मूल्य और प्रकाशक के बेचे जा रहे थे सेट पुस्तक मेले के पहले ही दिन गत 25 मार्च को एक अभिभावक ने शिकायत की कि उसने अपने बच्चे के लिए आदर्श स्टेशनरी स्टोर से कंगारू किड्स स्कूल सिटी सेंटर की किताबों और स्टेशनरी का सेट 8750 रुपये में खरीदा है। किताबों व स्टेशनरी पर मूल्य अंकित नहीं है और प्रकाशक का नाम भी नहीं है। शिक्षा विभाग की टीम ने तुरंत आदर्श स्टेशनरी स्टोर के स्टाल पर जाकर पुस्तकों के बॉक्स को खोला। चेक किया तो शिकायत सही पाई गई। इस पर टीम ने 26 मार्च को कंगारू किड्स स्कूल में जाकर भी जांच की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी शिकंजा इसके बाद आदर्श स्टेशनरी स्टोर के संचालक धनराज सेवानी व स्कूल के संचालक उदित गायकवाड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिसों का जवाब संतोषजनक न मिलने पर धनराज सेवानी व उदित गायकवाड़ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। शिक्षा विभाग के पास कई शिकायतें आईं कि दुकानदार किताबों के प्रिंट मूल्य पर नए मूल्य का स्टीकर लगाकर विक्रय कर रहे हैं। इस पर दुकानदारों का कहना है कि प्रकाशक ने ही स्टीकर लगाए हैं। वे ऐसी किताबों को वापस कर नई किताबें मंगाएंगे। अभिभावकों को वापस कराई जाएगी अधिक ली गई धनराशि शिक्षा विभाग ने कहा है कि जिन अभिभावकों ने 30 मार्च को शाम 6.30 बजे तक किताबें खरीदी हैं और उनमें एमआरपी की जगह पर स्टीकर लगाकर अधिक मूल्य अंकित हैं, तो वे मेला कंट्रोल रूम में पहुंचकर अपनी शिकायत तीन अप्रैल तक दर्ज करा सकते हैं। जो शिकायतें मिलेंगी, उनमें नियमानुसार मूल्य वापसी कराई जाएगी। पुस्तक विक्रेताओं में मचा हड़कंप शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग व प्रशासन की टीम ने 29 मार्च को आदर्श स्टेशनरी स्टोर को सील कर दिया था और नोटिस जारी किया था। 24 घंटे में जवाब मांगा था। इस कार्रवाई से पुस्तक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पिछले साल स्कूलों पर एफआइआर हुई थी, लेकिन इस बार एक दुकानदार भी कार्रवाई की जद में आया है।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान: कृषि बजट में 90,000 करोड़, उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताई सरकार की प्राथमिकता

भोपाल  मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो किसानों के कल्याण और कृषि विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उपमुख्यमंत्री  देवड़ा मंगलवार को नीमच जिले के जावद में मंडी प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय जहर मुक्त जीरो बजट कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे वर्ष कृषि और किसानों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों और नई पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।उपमुख्यमंत्री  देवड़ा ने किसानों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने जो भी नई तकनीकें और अनुभव प्राप्त किए हैं, उन्हें अपनी खेती में लागू करें ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और कम लागत वाली खेती की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उपमुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि आयुष्मान भारत के माध्यम से गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक के नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है, वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।  देवड़ा ने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करे तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक और ज्ञान के साथ खेती को और अधिक समृद्ध बनाने का संदेश दिया। समारोह में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक सर्व ओमप्रकाश सखलेचा,  दिलीप सिंह परिहार,  अनिरूद्ध मारू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

DCP के निर्देश पर बड़ा एक्शन: भोपाल में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों की खैर नहीं

भोपाल राजधानी में सोमवार की देर रात पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। शहर के नए और पुराने इलाकों में पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से उन 'सुराप्रेमियों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जो सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करते हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा व शांति में खलल डालते हैं। निशातपुरा पुलिस सबसे सक्रिय, सात हुड़दंगी गिरफ्तार पुलिस की इस मुहिम में सबसे सक्रिय भूमिका निशातपुरा थाना पुलिस की रही, जिसने सात अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर सात हुड़दंगियों को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में कार्रवाई का विस्तार करते हुए हनुमानगंज में दो स्थानों पर दबिश देकर शराबियों को पकड़ा गया। इसके अलावा पिपलानी और मिसरोद में भी पुलिस ने दो-दो स्थानों पर सघन चेकिंग की। पॉश इलाकों में भी पुलिस की दबिश अभियान के तहत चूनाभट्टी और एमपी नगर जैसे व्यावसायिक व पॉश इलाकों में भी एक-एक स्थान पर पुलिस ने कार्रवाई की। देर रात तक चली इस सघन चेकिंग से उन तत्वों में हड़कंप मच गया, जो सुनसान सड़कों या सार्वजनिक कोनों को मयखाने में तब्दील कर देते हैं। सुरक्षित वातावरण बनाना मुख्य उद्देश्य: डीसीपी डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शहर की शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देर रात बाहर निकलने वाली महिलाओं और राहगीरों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और सख्त कदम लगातार जारी रहेंगे।  

ईंधन संकट की अफवाहों पर विराम: खाद्य मंत्री राजपूत बोले— पेट्रोलियम आपूर्ति लगातार जारी

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की सतत आपूर्ति जारी है। रसोई गैस की स्थिति प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्‍ताओ द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्‍डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्‍ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्‍डरों की सप्‍लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्‍लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्‍लांट तथा वितरकों के पास उपलब्‍धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता प्रदेश में आज की स्थिति में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल/डीजल का पर्याप्‍त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्‍टॉक की कमी की कोई स्थिति नहीं है, एवं कंपनी के डिपो से भी डीजल/पेट्रोल की लगातार कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 2131 स्थानों पर जांच की गई तथा 2959 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए। साथ ही 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 438 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्थाओं की बैठक अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने मंगलवार को सीजीडी संस्थाओं की बैठक ली। बैठक में बताया गया कि सभी सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीयूशन) संस्‍थाओं द्वारा घरेलू एवं कॉमर्शियल कनेक्‍शन की मांग/शिकायत दर्ज करने तथा निराकरण करने के लिए कंट्रोल रूम की स्‍थापना की गई है। एसीएस श्रीमती शमी ने निर्देशित किया कि प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवाईज एवं लोकेलिटीवाइज कुल परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध प्रदाय किये गये पीएनजी कनेक्‍शन एवं आगामी माहों में प्रदाय किये जाने वाले पीएनजी कनेक्‍शन आदि का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करेंगे। प्रत्‍येक सीजीडी संस्‍था सिटीवार अलग लोकेलिटी में दिनांकवार कैम्‍प शेड्यूल्‍ड करेगें। कैम्‍प में जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ड पार्षद उपस्थित होंगे। सीजीडी संस्‍थाएं उपभोक्‍ताओं के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे पेम्‍पलेट, ब्रोशर आदि तैयार कर व्‍यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। सभी सीजीडी संस्‍थाओं को हर समय पर्याप्‍त संख्‍या में कैटेगरीवाइज उपकरण एवं मैन पॉवर की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिये निर्देश दिये गये। पीएनजी कनेक्‍शन की सतत समीक्षा करने के लिए जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर/एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी/सेल्‍स ऑफिसर एवं सीजीडी संस्‍था का जिला अधिकारी अधिकृत होंगे। प्रदेश के शहरों में जिन स्‍थानों से पाइपलाइन गई है, उस पाइपलाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑयल कंपनी द्वारा जानकारी दी है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी तथा सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है। पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्‍या में सीजीडी संस्‍थाओं को आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्‍त किये जायें, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो एवं सतत रूप से पीएनजी की आपूर्ति की जा सके।  

प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से होगा पूरा : उप सभापति राज्यसभा सिंह

भोपाल विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे युवा विधायक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ पालन करें। इस तथ्य को रेखांकित करते हुए राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में युवा विधायकों ने पांच संकल्प लिए। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र में ये संकल्प लिए गए। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत 2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये। समापन सत्र में उप सभापति राज्यसभा  हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है।  तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए। डॉ. राहुल कराड़ ने बताया एआई का महत्व कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया। सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक सर्व डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, सु रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से मती विद्यावती सिदार, राजस्थान से  थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री  अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  सीताशरण शर्मा, महापौर मती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव  अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया। युवा विधायकों के पांच संकल्प संकल्‍प – 1 हम, युवा विधायक सम्‍मेलन में यह दृढ संकल्‍प लेते है कि लोकतंत्र की सशक्तता का मूल आधार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी है। अत: एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के निर्माण में हम युवा विधायक महत्‍वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। संकल्‍प – 2 हम, युवा विधायक समाज की नई ऊर्जा, नवाचार और परिवर्तन की सोच का प्रतिनिधित्व करते हुये नागरिकों और शासन के बीच सेतु का कार्य करेगे, हम जनसरोकारों को समझकर आम जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुँचायेंगे तथा पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी नीतियों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायेंगे ताकि लोकतांत्रिक संस्‍थायें जनता के प्रति उत्‍तरदायी हो सके। संकल्‍प – 3 हम, नागरिकों को जागरूक और सशक्त बनाने हेतु सतत्/सार्थक प्रयास करेंगे ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें. तकनीक और नवाचार का उपयोग कर शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ बनाने एवं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभायेंगे जिससे जनता और उनकी विधायिकाओं के बीच प्रभावी संपर्क स्‍थापित हो सके तथा सार्थक सहभागी शासन सुनिश्चित किया जा सके। संकल्‍प – 4 हम युवा विधायक, राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, सामाजिक असमानताएँ और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुये ईमानदारी, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के साथ कार्य करने के लिये दृढ संकल्पित रहेंगे, ताकि हमारे राष्‍ट्र की लोकतांत्रिक परम्‍परायें और मूल्‍य और अधिक गहरे तथा सशक्‍त बन सके। संकल्‍प – 5 हम यह भी संकल्प लेते हैं कि हम स्वयं भी एक जागरूक नागरिक बनेंगे, विधायिकाओं में होने वाली बहसों और चर्चाओं में जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शोध एवं अनुसंधान सहायता को सुदृढ करेंगे. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करेंगे जो देश को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे बढ़ाए।