samacharsecretary.com

भोपाल में 5 मेट्रो स्टेशनों के नीचे पार्किंग होगी, ‘शहर सरकार’ का बजट 23 को पेश, 14 नई पार्किंग का प्रस्ताव

भोपाल  भोपाल की 'शहर सरकार' का बजट 23 मार्च को पेश होगा। अबकी बार करीब साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। टैक्स बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले साल टैक्स बढ़ने की वजह से मंत्री-विधायकों ने टैक्स बढ़ाने पर आपत्ति ली है। बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है। मेट्रो स्टेशन बने, लेकिन पार्किंग नहीं बनाई बता दें कि भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इनमें से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही है। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ तो रहे हैं, लेकिन वे अपने वाहन यहां खड़ा नहीं कर सकते। इस मुद्दे पर मेट्रो अफसर दो महीने से पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। नगर निगम ने इस समस्या का हल निकाला है। इन जगहों पर पार्किंग रहेगी सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग बनेगी। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे फिलहाल को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, तीनों जगह पर दूसरी पार्किंग है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ही बड़ी पार्किंग है। मेट्रो से आने-जाने वाले यात्री यहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। एम्स के पास मेट्रो की खुद की जमीन है। जहां पार्किंग विकसित होगी। एमपी नगर में ही निगम की एक पार्किंग है। यात्री वहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे। लेगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव आएगा परिषद की बैठक में आदमपुर खंती लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए प्रस्ताव भी आएगा। दो दिन पहले एमआईसी ने इसे परिषद में लाने का निर्णय लिया था। इसमें 55.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम के 145 वाहनों को कंडम घोषित किया जाएगा निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित कराए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव परिषद की बैठक में आएगा। इसे भी एमआईसी मंजूरी दे चुकी है।

ऑटिज्म पहचान के लिए टीचर्स को दी जा रही स्पेशल ट्रेनिंग

भोपाल एम्स भोपाल के शिशु रोग विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता और सेरेब्रल पाल्सी जैसे न्यूरो-विकास संबंधी विकारों की समय पर पहचान और उनके उपचार पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन समस्याओं को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया जाए, तो बच्चों के जीवन की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार लाया जा सकता है। शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र एम्स की टीम ने बागसेवनिया स्थित एनआरआई ग्लोबल डिस्कवरी स्कूल में शिक्षकों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें शिक्षकों को बताया गया कि वे क्लास में स्पेसिफिक लर्निंग डिसएबिलिटी (सीखने में कठिनाई) और ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों की पहचान कैसे करें। शिक्षकों को स्क्रीनिंग के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई ताकि प्रभावित बच्चों को समय पर डॉक्टरी मदद मिल सके। अभिभावकों से संवाद और कानूनी अधिकारों की जानकारी एम्स की शिशु रोग ओपीडी में आयोजित सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शिखा मलिक, डॉ. कीर्ति स्वर्णकर और सपना मौर्य ने अभिभावकों से सीधा संवाद किया। विशेषज्ञों ने बच्चों में दिखने वाले उन चेतावनी संकेतों के बारे में बताया जिन्हें अक्सर माता-पिता सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इस दौरान अभिभावकों को दिव्यांगजनों के कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

छतरपुर में बच्चों ने बचाई हिरण की जान, ग्रामीणों ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा

छतरपुर छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में बुधवार सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी। बच्चों की सूझबूझ से बची जान हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन अमले की देरी पर नाराजगी ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वन विभाग ने जांच के दिए निर्देश वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार जंगली जानवर रास्ता भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।  

बदनावर में भीषण ओलावृष्टि, आधे घंटे में किसानों की फसल चौपट

बदनावर बदनावर में गुरुवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज गर्मी के बाद शाम करीब 5:45 बजे गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई। इस दौरान मक्का और चने के आकार के ओले गिरने से हजारों बीघा फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। आधे घंटे की बारिश, ओलावृष्टि से नुकसान तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश हुई। बेमौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा लहसुन की फसल पर भी असर पड़ने की संभावना है। कटाई के बीच मौसम ने बढ़ाई परेशानी इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है। खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। मंडी और मेले पर भी असर अनाज मंडी में खुले में रखी उपज को बचाने के लिए व्यापारियों को भागदौड़ करनी पड़ी। वहीं नगर में चल रहे बैजनाथ मेले पर भी मौसम का असर पड़ा और लोगों की आवाजाही कम हो गई। गेहूं की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर कृषि विभाग के अनुसार क्षेत्र में करीब 59,600 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई थी, जिसमें 60-70 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भीगने से गेहूं की चमक और गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने में परेशानी हो सकती है।  

उज्जैन में प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की सिंहस्थ 2028 के संबंध में हुई कार्यशाला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा। सिंहस्थ 2028 के मुख्य राजसी स्नान और अन्य स्नान शिप्रा के जल से ही हो यह सुनिश्चित करने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी परियोजना प्रगतिरत है। वर्तमान दौर में सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण है, जो सुशासन और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त मार्ग है। मुख्यंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सिंहस्थ-2028 के कार्यों की जानकारी प्रदान करने प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की उज्जैन में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के लिए कान्ह क्लोज डक्ट, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, शहर के आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, सीवरेज कार्य, मेला क्षेत्र विकास, जिले की कनेक्टविटी को देश से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 6 लेन और 4 लेन मार्गों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट आदि विकास कार्यों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे भीड़ प्रबंधन के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था ,एआई टेक्नोलॉजी का क्रॉउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान करने, पार्किंग आदि में उपयोग संबंधी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेंसिटव जानकारी पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के बारे में चर्चा की।

हमीदिया अस्पताल में लापरवाही का मामला, मृत घोषित नवजात में मिली सांसें, जांच के आदेश

भोपाल राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में लापरवाही का मामला सामने आया है। रायसेन निवासी एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी नवजात बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) थमा दिया था, लेकिन चार घंटे बाद जब पिता शव लेने एनआईसीयू पहुंचे, तो बच्ची की सांसें चल रही थीं। परिजनों ने इसका वीडियो भी बनाया है, जिसमें बच्ची के शरीर में हरकत नजर आ रही है। एनआईसीयू में पिता ने देखी बच्ची के शरीर में हलचल रायसेन जिले के बरेली निवासी परवेज अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए हमीदिया लाए थे। महिला की हालत गंभीर थी और समय से काफी पहले (करीब पांच-छह महीने में) ही डिलीवरी हो गई। जन्म के समय बच्ची का वजन मात्र 450 ग्राम था। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया और रात 12 बजे परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) सौंप दिया। बच्ची के पिता परवेज ने बताया कि जब वे रात में एनआईसीयू में बच्ची का शव लेने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्ची का पेट हिल रहा है और वह सांस ले रही है। पिता ने तुरंत इसका वीडियो बनाया और डॉक्टरों से सवाल किए। परिजनों का आरोप है कि जानकारी देने के बजाय वहां मौजूद स्टाफ ने उनसे धक्का-मुक्की की और वीडियो बनाने से रोका। डॉक्टरों का तर्क – यह अविकसित भ्रूण का मामला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल विज्ञान में 500 ग्राम से कम वजन वाले नवजात को अविकसित भ्रूण (एबारटस) माना जाता है। ऐसे मामलों में शरीर के अंग पूरी तरह नहीं बने होते और उनके जीवित रहने की संभावना न के बराबर होती है। हालांकि, डॉक्टरों ने यह स्वीकार किया कि बच्ची को कुछ और घंटों तक निगरानी में रखना चाहिए था, जल्दबाजी में सर्टिफिकेट देने से गलतफहमी हुई। क्या होता है अविकसित भ्रूण? मेडिकल भाषा में अविकसित भ्रूण उस स्थिति को कहते हैं जब बच्चा 20 हफ्ते से पहले पैदा हो जाए या उसका वजन 500 ग्राम से कम हो। ऐसे बच्चों के फेफड़े और दिल इतने कमजोर होते हैं कि वे बाहरी वातावरण में जीवित नहीं रह सकते। कभी-कभी इनमें कुछ घंटों तक हल्की हलचल दिख सकती है, जिसे आम लोग जीवन समझ लेते हैं, लेकिन डॉक्टरी भाषा में उनका सर्वाइवल मुमकिन नहीं होता। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष 'हमीदिया अस्पताल में मरीजों की सेवा हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में नवजात का वजन बहुत ही कम (450 ग्राम) था, जो मेडिकल तौर पर बेहद नाजुक स्थिति होती है। पूरे मामले की बारीकी से जांच (इन्क्वायरी) की जा रही है। शुरुआती तौर पर कोई बड़ी लापरवाही नहीं दिखी है, क्योंकि इतने कम वजन वाले बच्चों के बचने की उम्मीद बहुत कम होती है। फिर भी यदि जांच में किसी की गलती पाई गई, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।' – डॉ. शबाना सुल्तान, विभागाध्यक्ष (स्त्री एवं प्रसूति रोग), हमीदिया अस्पताल  

प्रदेश को मिले 688.44 करोड़ रूपये

भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के द्वारा मध्यप्रदेश को समग्र शिक्षा की चौथी और अंतिम किश्त भी जारी कर दी गई है। देश के बड़े राज्यों में मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसे इस केन्द्रीय योजना की चौथी किश्त जारी की गई है। इस उपलब्धि पर स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने विभागीय सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि, यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूली शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और निरन्तर किए जा रहे संवेदनशील प्रयासों को दर्शाती है। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पूरी लगन और तत्परता से कार्य कर रही है। हमने प्रदेश में विद्यार्थी हित की समस्त योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। शासन का निरन्तर प्रयास रहता है कि स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए कहीं भी धन की कमी नही आने दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस वर्ष हम शैक्षणिक सत्र के आरंभ से ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, लैपटॉप वितरण, साईकिल वितरण, स्कूटी वितरण आदि के साथ विभिन्न छात्रवृतियों, गणवेश, शिष्यवृतियों और स्टॉयपेंड आदि विद्यार्थी हित की योजनाओं का लाभ उन तक पहुचाने में सफल रहे हैं। भारत सरकार के द्वारा समग्र शिक्षा की चौथी किश्त में मध्यप्रदेश को 688.44 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं। समग्र शिक्षा योजना देश भर में केन्द्र और राज्य सरकारों के मिश्रित बजट से संचालित की जाती है। जिसमें 60 प्रतिशत राशि की अंश निधि केन्द्र सरकार की एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार की होती है। समग्र शिक्षा योजना में भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत वार्षिक बजट को त्रैमासिक रूप से प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार के द्वारा स्वयं की 40 प्रतिशत अंश निधि जारी करने एवं पिछली किश्त की कुल राशि का न्यूनतम 75 प्रतिशत व्यय करने के बाद ही केन्द्र सरकार के द्वारा अगली किश्त प्रदान की जाती है।  

Monalisa Case Update: सीरिया भेजने की साजिश का खुलासा? पासपोर्ट निरस्त करने की उठी मांग

खरगोन कुंभ मेले में माला बेचते हुए चर्चित हुई जिले के महेश्वर की मोनालिसा के केरल में फरमान खान से शादी के बाद पूरा परिवार सकते में है। वहीं यह विवाह विवादों के साथ ही युवती की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के बेटी को बरगला कर विवाह करने व चोरी-छुपे विदेश भेजने की चल रही शिकायत के बाद अब जनप्रतिनिधि भी चिंतित नजर आ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे के साथ महेश्वर विधायक राजकुमार मेव व बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने एसपी रविंद्र वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान मोनालिसा के परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच तेज करने की मांग की गई। पासपोर्ट निरस्त करने और फर्जी दस्तावेजों की जांच पर जोर मोनालिसा को सीरिया भेजे जाने की तैयारी की जानकारी लगातार सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में उसका पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने बताया मोनालिसा के पासपोर्ट बनवाने में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है, जिसकी जांच जरूरी है। इस तरह फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जाए, जिससे देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों की पहचान हो सके। जनप्रतिनिधियों ने उक्त शादी को सुनियोजित 'लव-जिहाद' करार दिया। दावा: नाबालिग है मोनालिसा, लालच देकर ले गया फरमान विधायक मेव ने कहा परिवार के अनुसार मोनालिसा नाबालिग है। फरमान उसे फिल्मों में काम देने का लालच देकर केरल ले गया। वहां उसे डरा-धमकाकर शादी की। बगैर परिवार की सहमति और नाबालिग से विवाह करना गैरकानूनी है। विधायक मेव ने एसपी से कहा कि "मेरी विधानसभा की गरीब परिवार की बेटी है। परिवार चिंतित है। मोनालिसा को परिवार से मिलवाया जाए।" विधायक मेव, विधायक बिरला और जिलाध्यक्ष ब्राह्मणे ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम लव जिहाद जैसी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ा नजर आ रहा है। कानूनी कार्रवाई और विवाह की वैधता पर उठाए सवाल विधायक द्वय ने कहा हम किसी दूसरे धर्म में शादी के खिलाफ नहीं, लेकिन शादी से पहले न तो फरमान ने धर्म परिवर्तन किया, न ही मोनालिसा ने। ऐसी स्थिति में यह शादी मान्य नहीं होती। साथ ही गैर हिन्दू व्यक्ति के मंदिर में शादी करना हिन्दू धर्म का अपमान है। इस शादी में शामिल लोगों और शादी की अनुमति देने वालों को भी दोषी बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों ने मामले में तेजी से जांच करने की मांग की है।  

बड़वानी एवं मुरैना में दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की सहायता

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। बड़वानी एवं मुरैना में हुई घटनाओं में दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है। पुलिस बल बड़वानी में पदस्थ स्व. आरक्षक  जयेश वर्मा का एक दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा अंजड़ में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक  पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया। इससे पूर्व सागर जिले में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में बीडीडीएस टीम के पुलिसकर्मियों के निधन के बाद मुरैना में स्व. आरक्षक  प्रद्युम्न दीक्षित एवं स्व. आरक्षक  अनिल कौरव के परिजनों को भी एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक-एक करोड़ रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक मुरैना  समीर सौरभ ने परिजनों को उक्‍त राशि के चेक सौंपे। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

गर्मी में सफर आसान: भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में थर्ड AC सीटों की संख्या बढ़ी

भोपाल गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्री भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली दो प्रमुख ट्रेनों अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में आसानी होगी और यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी। अहमदाबाद-कोलकाता और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के लिए नए नियम रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से और 30 मई को कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में अब 5 की जगह 6 थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे। इसी तरह, गाड़ी संख्या 22947/48 सूरत-भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में 23 मई को सूरत से और 25 मई को भागलपुर से चलने वाली ट्रेन में 6 के स्थान पर 7 थर्ड एसी कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों के कोच संयोजन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना प्रणाली से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।