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मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के लिए कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण हुआ प्रारंभ

भोपाल  शाजापुर–शुजालपुर क्षेत्र में कृष्ण-मृगों (ब्लैकबक) को पकड़ने और स्थानांतरित करने के अभियान का दूसरे चरण का शनिवार को प्रारंभ किया गया। अभियान के पहले दिन हन्नूखेड़ी में 97 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इन्हें अनुकूल वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान रवाना किया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में लंबे समय से फसलों को नुकसान पहुंचा रहे वन्य प्राणियों के कारण किसानों और ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को कम करना है। कृष्ण-मृगों को उनके अनुकूल वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने से मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में कुल 2 हजार कृष्ण-मृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल वन्य प्राणियों के संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों और वन अमले की संयुक्त भागीदारी अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। मालवा अंचल के साथ प्रदेश के अन्य जिलों से आए वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी और प्रशिक्षित मैदानी कर्मचारी भी इसमें भागीदारी कर रहे हैं। कृष्ण-मृगों को पकड़ने, उनकी देखभाल करने और सुरक्षित परिवहन के दौरान निर्धारित स्थानांतरण प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, ताकि वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पहले चरण में 913 वन्यप्राणियों का हुआ था स्थानांतरण कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का पहला चरण पिछले वर्ष संचालित किया गया था। इस दौरान 846 कृष्ण-मृग और 67 नीलगाय सहित कुल 913 वन्य प्राणियों को पकड़ा गया था। पहले चरण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर दूसरे चरण को बेहतर समन्वय के साथ संचालित किया जा रहा है। किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए जनसहयोग की अपील अभियान में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के इस प्रयास को सफल बनाने के लिए आमजन से निरंतर सहयोग की अपील की है

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026: डेलिगेट्स ने अनुभव की प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और रोमांचक पर्यटन गतिविधियां

भोपाल  मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में देश-विदेश से आए डेलिगेट्स को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, जैव विविधता और रोमांचक पर्यटन संभावनाओं से रूबरू कराने के लिए विभिन्न विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिनिधियों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को करीब से जानने, स्थानीय परिवेश का अनुभव करने और मध्यप्रदेश को एक विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में समझने का अवसर मिला। हेरिटेज वॉक, शिकारा बोट राइड, बर्ड वॉक, योग और हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियों ने प्रतिनिधियों के अनुभव को यादगार बनाया। ट्रैवल मार्ट के अंतर्गत कुल 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने विभिन्न गतिविधियों के लिए सहभागिता दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रतिनिधियों द्वारा कुल 338 गतिविधि चयन किए गए। इनमें शिकारा बोट राइड सर्वाधिक लोकप्रिय रही, जिसके लिए 120 चयन दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त हेरिटेज वॉक के लिए 95, बर्ड वॉक के लिए 70, योग के लिए 38 और हेलीकॉप्टर जॉय राइड के लिए 15 चयन दर्ज किए गए। ऐतिहासिक विरासत से प्रकृति के करीब पहुंचने तक का अनुभव भोपाल के कमला पार्क में आयोजित हेरिटेज वॉक के माध्यम से प्रतिनिधियों को शहर की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिला। वहीं, एमपीटी बोट क्लब में आयोजित शिकारा बोट राइड ने जल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का आकर्षक अनुभव प्रदान किया। वन विहार क्षेत्र में आयोजित बर्ड वॉक के दौरान प्रतिनिधियों को पक्षियों और प्राकृतिक परिवेश के बीच समय बिताने का अवसर मिला। प्रतिनिधियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न होटलों में योग गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके साथ ही भेल ग्राउंड से आयोजित हेलीकॉप्टर जॉय राइड ने प्रतिभागियों के लिए रोमांच और उत्साह से भरपूर अनुभव प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों ने मध्यप्रदेश में विरासत पर्यटन, जल पर्यटन, प्रकृति पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की विविध संभावनाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रतिनिधियों ने साझा किए अपने अनुभव क्रिस्टीना ग्रुपे (Christina Grupe) ने हेरिटेज वॉक के अनुभव को सराहते हुए कहा, “मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा। हेरिटेज वॉक के माध्यम से किसी स्थान के इतिहास और उसकी जीवंत परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। इस तरह की गतिविधियां पर्यटकों को किसी गंतव्य से भावनात्मक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।” निशिथ नोटानी (Nishith Notani) ने शिकारा बोट राइड के अनुभव पर कहा, “मध्यप्रदेश में जल पर्यटन की संभावनाएं बेहद आकर्षक हैं। शिकारा बोट राइड के दौरान प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण का आनंद लेना शानदार अनुभव रहा। ऐसी गतिविधियां पर्यटकों को यात्रा के दौरान सुकून के पल देने के साथ ही प्रदेश के पर्यटन अनुभव को और अधिक यादगार बनाती हैं।” डॉ. बितान कुमार दत्ता (Dr. Bitan Kumar Dutta) ने बर्ड वॉक के संबंध में कहा, “प्रकृति और जैव विविधता को करीब से देखने का अवसर किसी भी पर्यटन अनुभव को विशेष बना देता है। बर्ड वॉक के दौरान प्राकृतिक परिवेश के साथ जुड़ने का अनुभव मिला। मध्यप्रदेश में प्रकृति पर्यटन और वन्यजीव आधारित पर्यटन को आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।” बलराज कपूर (Balraj Kapoor) ने हेलीकॉप्टर जॉय राइड के अनुभव को रोमांचक बताते हुए कहा, “हेलीकॉप्टर जॉय राइड ने मध्यप्रदेश के पर्यटन अनुभव में रोमांच का एक नया आयाम जोड़ा। किसी गंतव्य को एक अलग दृष्टिकोण से देखने का अवसर यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। इस तरह की गतिविधियां प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देने में सहायक होंगी।”  आर्थर हेकर (Arthur Hecker) ने योग गतिविधि पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “यात्रा के दौरान योग जैसी गतिविधियां शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने का अवसर देती हैं। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में पर्यटन के साथ वेलनेस को महत्व देना एक सकारात्मक पहल है। इससे यह संदेश मिलता है कि मध्यप्रदेश पर्यटकों को केवल दर्शनीय स्थल ही नहीं, बल्कि सुकून और आत्मिक शांति के अनुभव भी प्रदान कर सकता है।” सु चिरा फेट्रोम (Ms. Chira Phetrom) ने विभिन्न गतिविधियों के समग्र अनुभव पर कहा, “मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को शामिल करना बेहद सराहनीय है। यहां इतिहास, प्रकृति, रोमांच और वेलनेस को एक साथ अनुभव करने का अवसर मिलता है। इस तरह के आयोजन प्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं को समझने और उन्हें व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” पर्यटन के विविध आयामों को एक मंच पर प्रस्तुत करने की पहल मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में आयोजित गतिविधियों ने यह प्रदर्शित किया कि प्रदेश में पर्यटन केवल ऐतिहासिक स्मारकों और प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्रकृति के सान्निध्य, जल पर्यटन, पक्षी अवलोकन, योग और रोमांचक अनुभवों की भी व्यापक संभावनाएं हैं। प्रतिनिधियों की सहभागिता और गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि ने अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती अहमियत को रेखांकित किया। इन गतिविधियों के माध्यम से मध्यप्रदेश की विविध पर्यटन विशेषताओं को प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला। ट्रैवल मार्ट ने प्रदेश को एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में अनुभव करने का मंच प्रदान किया, जहां इतिहास, संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और वेलनेस का अनूठा संगम देखने को मिलता है।  

लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बदली अंशिता की जिंदगी, संघर्षों को मात देकर कॉलेज तक पहुंची बेटी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की राह मजबूत कर रही है। सागर जिले के सेक्टर पटोवा, परियोजना बंडा के आंगनवाड़ी केंद्र धबोली की बालिका अंशिता लोधी की कहानी इसका प्रेरणादायक उदाहरण है। बचपन में मां को खोने और पिता का साथ छूटने के बाद अंशिता का जीवन अनेक कठिनाइयों से घिर गया था। आर्थिक तंगी के बीच उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार भी चिंतित था, लाड़ली लक्ष्मी योजना से मिले आर्थिक संबल ने अंशिता के सपनों को नई उड़ान दी। आज अंशिता कॉलेज में अध्ययन कर रही है और अपने बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। कठिन परिस्थितियों में बीता बचपन, शिक्षा के सामने थीं चुनौतियां वर्ष 2006 में एक बेहद गरीब परिवार में जन्मी अंशिता ने बचपन से ही विपरीत परिस्थितियों का सामना किया। अभी वह छोटी ही थी, तभी उसकी मां का निधन हो गया। कुछ समय बाद पिता ने भी उसका साथ छोड़ दिया। ऐसी स्थिति में अंशिता के नाना-नानी और मामा ने उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार के सामने उसकी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य सुरक्षित करने की चुनौती थी। परिवार चाहता था कि अंशिता पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बने, लेकिन आर्थिक कठिनाइयां उसके सपनों के रास्ते में बाधा बन रही थीं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की पहल से मिली नई राह इसी दौरान क्षेत्र में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत सर्वे का कार्य चल रहा था। सर्वे के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता विश्वकर्मा को अंशिता और उसके परिवार की परिस्थितियों की जानकारी मिली। उन्होंने परिवार को बालिका के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के महत्व और शासन की योजनाओं के बारे में समझाया। गीता विश्वकर्मा ने आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने में सहयोग किया और अंशिता का आवेदन लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत करवाया। हर शैक्षणिक पड़ाव पर मिला आर्थिक संबल लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से अंशिता को स्कूली शिक्षा के विभिन्न चरणों में छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक सहायता मिली। कक्षा छठवीं में 6 हजार रुपये, कक्षा नौवीं में 4 हजार रुपये तथा कक्षा 11वीं और 12वीं में 6-6 हजार रुपये की छात्रवृत्ति ने उसकी पढ़ाई में सहयोग दिया। इस सहायता से परिवार को आर्थिक संबल मिला और अंशिता की शिक्षा निरंतर जारी रखने में मदद मिली। योजना से मिली सहायता ने परिवार के मन में यह विश्वास मजबूत किया कि बेटी की शिक्षा आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि उसके भविष्य में किया जाने वाला महत्वपूर्ण निवेश है। अंशिता ने भी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई के प्रति अपना संकल्प बनाए रखा और एक-एक पड़ाव पार करते हुए आगे बढ़ती रही। किशोरावस्था में फिर आई चुनौती, लेकिन नहीं टूटा हौसला बारहवीं कक्षा पूरी करने के बाद अंशिता की आगे की पढ़ाई को लेकर परिवार के सामने एक बार फिर चिंता खड़ी हुई। सीमित संसाधनों के कारण मामा उसकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित थे। ऐसे समय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता विश्वकर्मा ने परिवार से संपर्क किया और उन्हें समझाया कि बेटी की शिक्षा रोकना उसके भविष्य के अवसरों को सीमित करना होगा। उन्होंने परिवार को आगे की पढ़ाई के महत्व से अवगत कराया और अंशिता को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस समझाइश का सकारात्मक असर हुआ। परिवार ने अंशिता की पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया और उसे कॉलेज में प्रवेश दिलाया। आज अंशिता कॉलेज में अध्ययनरत है और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही है।  

प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों को राशि होगी अंतरित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अक्टूबर को नरसिंहपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 की फीस प्रतिपूर्ति राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। इससे प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों के खातों में 502 करोड़ रुपये की राशि अंतरित होगी, जिससे 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले में 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सुविधायुक्त शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण भी करेंगे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ ही बडी संख्या विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश के सांदीपनी विद्यालय बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश सरकार गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। अशासकीय स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पात्र विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब तक 3,600 करोड़ रुपये की राशि हो चुकी है जारी शिक्षा के अधिकार से प्रदेश का कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जा रहा है। इन विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा सीधे संबंधित निजी स्कूलों को की जाती है। योजना अंतर्गत वर्ष 2011 से अब तक 16 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में 3,600 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इससे जरूरतमंद बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विद्यार्थियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांदीपनि विद्यालय योजना अंतर्गत प्रथम चरण में नरसिंहपुर जिले में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का सर्वसुविधायुक्त नवीन भवन का निर्माण कराया गया है। केजी-1 से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए एक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया है। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए सुसज्जित डिजिटल क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, मल्टीपर्पज हॉल एवं ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों की बाह्य शारीरिक गतिविधियों एवं खेलकूद को प्रोत्साहन देने के लिए खेल मैदान, सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए परिवहन सुविधा भी प्रदान की जा रही है। आधुनिक शैक्षणिक वातावरण के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नरसिंहपुर के सांदीपनि विद्यालय की मेधावी छात्रा कु. माही साहू ने कक्षा-12वीं की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर विद्यालय एवं क्षेत्र का मान बढ़ाया है।  

अशोकनगर में पारेषण व्यवस्था हुई और अधिक विश्वसनीय: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अशोकनगर जिले की पारेषण व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाते हुए 220 के.वी. सब स्टेशन अशोकनगर में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया है। सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 513 एमवीए की हो गई है। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से बेहतर होगा लोड प्रबंधन ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि हालांकि इस सब स्टेशन में इसके पहले 132/33 के.वी. के तीन पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील थे लेकिन बढ़ते विद्युत भार तथा पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए एक और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। अब 4 पावर ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता से बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप लोड प्रबंधन में सुविधा होगी और पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ेगी। अशोकनगर जिले की पारेषण क्षमता में वृद्धि एमपी ट्रांसको अशोकनगर-गुना टेस्टिंग के अधीक्षण यंत्री  सतीश कुमार धुर्वे ने जानकारी दी कि अशोकनगर 220 के.वी. सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने से जिले की पारेषण व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिली है। यह अशोकनगर जिले में 14 वां पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत हुआ है। इससे अशोकनगर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 836 एमवीए की हो गई है। अधीक्षक यंत्री  धुर्वे ने बताया कि जिले में एमपी ट्रांसको के 5 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित किया जा रहा है। इसमें 220 के.वी. सब स्टेशन अशोकनगर के अतिरिक्त 132 के.वी. सब स्टेशन मुंगावली,चंदेरी, ईशागढ़, एवं कोठियां शामिल है। एमपी ट्रांसको की ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,588 एमवीए एमपी ट्रांसको प्रदेश में 418 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कार्य संचालित कर रही है, जिनमें 400 के.वी. के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी के 315 सब स्टेशन शामिल हैं। कंपनी के प्रदेश में कुल 1,058 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं, जिनमें 400 के.वी. स्तर के 41, 220 के.वी. स्तर के 220 तथा 132 केवी स्तर के 797 पॉवर ट्रांसफार्मर शामिल हैं। अशोकनगर 220 के.वी. सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने से एमपी ट्रांसको की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 85,588 एमवीए हो गई है।  

ट्रैवल मार्ट में हुई 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स से प्रदेश की पर्यटन संभावनों को मिली वैश्विक पहचान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त, गतिशील और बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य की विपुल प्राकृतिक संपदा, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, पावन आध्यात्मिक केंद्रों, सघन वन्य जीव अभयारण्यों और अनूठी जनजातीय संस्कृति को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाया जाए। उनके मार्गदर्शन और समग्र विकास दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) का 7वां संस्करण राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया।  ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में सशक्त होगी आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।  व्यावसायिक नेटवर्किंग के दौरान 10,263 बी2बी बैठकों का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 14% की हुई वृद्धि व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। वर्ष 2025 में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्ध दर्ज की गई। इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया।  34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी।  15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी से अंतर-प्रादेशिक नेटवर्क हुआ सुदृढ़ राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 के 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख व उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों से अनुबंध किए। इससे राज्य के लिए एक सुदृढ़ अंतर-प्रादेशिक पर्यटन नेटवर्क स्थापित हुआ।  ट्रैवल मार्ट एग्जिबिशन में 177 स्टॉल्स की आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुनिया ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया।  सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रूपये का निवेश एमओयू निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक  अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।  बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रूपये का वन्य जीव निवेश प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रूपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक  विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की मती शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए। निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रूपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रूपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रूपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने … Read more

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की नई पहल : अनाथ बच्चों की शिक्षा प्रोत्साहन के लिए रु. 21 लाख से अधिक की सहायता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज के अनाथ (यतीम) बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने के उद्देश्य से ऐतिहासिक निर्णय लिया है।योजना के अंतर्गत भोपाल में निवासरत ऐसे 289 बच्चों की स्कूल फीस के लिए 21 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक चयनित बच्चे की पढ़ाई के लिए 10 हजार रुपये तक की फीस का भुगतान वक्फ बोर्ड द्वारा सीधे किया जाएगा। यह सहायता राशि मंगलवार, 13 अक्टूबर को वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर स्थित यतीमखाना ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा सामाजिक कल्याण, शैक्षणिक उत्थान एवं निरंतर प्रगति के संकल्प को दोहराते हुए एक अभूतपूर्व एवं अनुकरणीय पहल की गई है। पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ बच्चों का चयन मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यतीमखाना संपत्ति से प्राप्त आय का उपयोग वाकिफ (दानदाता) की मूल मंशानुरूप भोपाल के यतीम (अनाथ) बच्चों की भलाई और शैक्षणिक विकास के लिए किया जा रहा है। योजना का लाभ सभी पात्र बच्चों तक पहुँचाने के लिए बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के सूक्ष्म परीक्षण एवं निष्पक्ष पारदर्शी सत्यापन के बाद 289 विद्यार्थियों को सहायता के लिए योग्य पाया गया। अवैध कब्जों से मुक्ति और वक्फ संपत्तियों का जनहित में उपयोग अध्यक्ष मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि नए वक्फ संशोधन प्रावधानों के बाद राज्य में वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का सघन अभियान चलाया गया है। संपत्तियों से प्राप्त हो रही वैध आय का ही परिणाम है कि इतनी बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद और अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने में इस राशि का उपयोग बच्चों की स्कूल फीस भरने में किया जा रहा है। देशभर में मिसाल बना मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड यह संपूर्ण देश में अपनी तरह का पहला और अनूठा नवाचार है, जहाँ कोई राज्य वक्फ बोर्ड अपनी अर्जित आय का सीधे उपयोग मुस्लिम समाज के अनाथ एवं वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कर रहा है। बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने के पवित्र उद्देश्य के साथ किया जा रहा यह प्रयास न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की एक अनुकरणीय मिसाल पेश करता है।  

निवेशकों, स्टार्टअप्स और युवाओं को सहभागिता के लिए आमंत्रित

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि ‘अर्बन कॉन्क्लेव-2026‘ ऐसे अभिनव विचारों, अत्याधुनिक तकनीकों और निवेश प्रस्तावों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जो प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स और युवा आधिकारिक पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। मध्यप्रदेश के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, आधुनिक और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आगामी 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है। नवाचार और युवाओं की भागीदारी पर विशेष बल अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश, नवाचार, तकनीक और मजबूत स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, प्रदेश के विकास में युवाओं और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना है। इंदौर के एक दिवसीय समागम में नगरीय विकास के विविध आयामों, भविष्य की शहरी आवश्यकताओं, तकनीक आधारित समाधानों, निवेश की नई संभावनाओं तथा नवाचारों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।  

मध्यप्रदेश में पहली बार 21 फीट की पंचमुखी महाकाली प्रतिमा, 10 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

 भोपाल  शारदीय नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर झीलों की नगरी भोपाल में आस्था, भक्ति और कला का अनोखा दृश्य देखने को मिलने जा रहा है। नेहरू नगर स्थित प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम में मध्य प्रदेश की पहली 21 फीट ऊंची विशाल 'पंचमुखी महाकाली' (मां बड़ी अम्मा) की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस ऐतिहासिक और अलौकिक प्रतिमा के भोपाल आगमन पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 की शाम को भव्य स्वागत समारोह और शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 10 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे प्लैटिनम प्लाजा पर भव्य स्वागत और आरती प्रतिमा के नगर आगमन पर 10 अक्टूबर को शाम 06:30 बजे प्लैटिनम प्लाजा चौराहे पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित होगा। करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर श्री सुदेश शांडिल्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में मां पंचमुखी महाकाली का शास्त्रीय विधि-विधान से पूजन और 108 या विशेष आरती संपन्न होगी। बारेलाल बैंड की सुमधुर धुनों के बीच निकलेगी भव्य शोभायात्रा प्लैटिनम प्लाजा चौराहे पर स्वागत आरती के उपरांत प्रसिद्ध बारेलाल बैंड की सुमधुर भक्ति धुनों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा प्लैटिनम प्लाजा से प्रारंभ होकर माता मंदिर चौराहा और मैनिट (MANIT) चौराहा होते हुए नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम पहुंचेगी, जहां प्रतिमा को गर्भगृह/पंडाल में विराजित किया जाएगा। 'नौ रातें, नौ रंग और नौ दिव्य रूप' थीम पर आधारित महोत्सव करुणाधाम आश्रम की युवा समिति के अध्यक्ष शाश्वत शांडिल्य के अनुसार:     विशिष्ट थीम: इस वर्ष का शारदीय नवरात्रि महोत्सव 'नौ रातें, नौ रंग और नौ दिव्य रूप' की भव्य थीम पर मनाया जा रहा है।     भक्तों में उत्साह: प्रदेश में पहली बार 21 फीट ऊंची पंचमुखी महाकाली के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बिहार के बोधगया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शाजापुर जिले में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में सहभागिता की। उन्होंने किसानों से संवाद कर कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि शाजापुर कृषि, नवाचार और विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जिले की पहचान प्याज, आलू, सोयाबीन जैसी फसलों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रभावी रूप से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से शाजापुर जिले के विकास को गति मिलेगी तथा किसानों और स्थानीय व्यापारियों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि कृषक कल्याण वर्ष अंतर्गत राज्य सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई, बिजली, सोलर पंप, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। किसानों को नई सड़कों के लिए 4 गुना मुआवजा, दिन में बिजली उपलब्ध कराने, सोलर पंपों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि उपज के उचित मूल्य और भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का चयन और कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फूलों की खेती, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सांची दुग्ध संघ को सशक्त बनाया जा रहा है। गौशालाओं के संचालन के लिए प्रति गौमाता प्रतिदिन सहायता दी जा रही है तथा पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं और पुरस्कार योजनाएं भी संचालित की जाएंगी। आलू और प्याज की प्रोसेसिंग, भंडारण तथा फूड पार्क की स्थापना से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवारों के आवासों की नि:शुल्‍क रजिस्ट्री की सुविधा तथा किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस सहित खरीदी और भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई का रकबा विस्तारित करने और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों, आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई जानकारियां प्राप्त करने, उन्नत कृषि पद्धतियों को समझने तथा खेती में नवीन तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त करने तथा अन्नदाताओं की खुशहाली सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने शाजापुर जिले के किसानों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। म.प्र. राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल (अपेक्स बैंक) प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और किसान देश की समृद्धि का आधार हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है। विधायक  अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के हर जिले में ‘भगवान बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित हो रहा है। कृषि प्रधान शाजापुर जिले में यह महोत्सव खेती को उन्नत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।