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मुख्यमंत्री मोहन यादव का अनोखा अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर टॉपर चांदनी के घर पहुंचे, परिवार संग ली सेल्फी

भोपाल  विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत सीएम मोहन यादव 15 जून को भोपाल के भीम नगर पहुंचे। सीएम ईवी स्कूटी से गलियों में पहुंचे थे। इस दौरान यहां के लोगों से उन्होंने संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना है। साथ ही वह 12वीं की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर भी गए। 12वीं टॉपर के घर पहुंच गए सीएम मोहन यादव सीएम मोहन यादव अपना काफिला छोड़कर ईवी स्कूटी से 12वीं टॉपर के घर पहुंचे । भीम नगर में चांदनी विश्वकर्मा का परिवार रहता है। सीएम को अपने घर में देखकर परिवार के लोग स्तब्ध थे। मोहन यादव ने परिवार के सभी सदस्यों से बात की है। साथ ही चांदनी के परिजनों के साथ सीएम ने सेल्फी भी ली है। चांदनी को भविष्य की दी शुभकामनाएं इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। चांदनी को उसकी सफलता के लिए सीएम ने उसे बधाई दी। साथ ही कहा कि चांदनी ने विषम परिस्थितियों के बीच भी अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो सफलता अर्जित की है, वह प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। आमजनों से की बात सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर हमने पार्टी पदाधिकारियों के साथ यहां जनता से संपर्क-संवाद दिया। यहां तक आने के लिए ईवी का इस्तेमाल किया । इसे चलाकर अच्छा भी लगा। ईवी केवल पेट्रोल के दाम ही नहीं बचाती, बल्कि हमारे कई अन्य तरह के खर्चे भी कम करती है। जनता रह गई अचंभित गौरतलब है कि भीम नगर का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था। अमूमन अपने-अपने कामों में मशरूफ रहने वाले भीम नगर के लोग आज बेहद उत्साहित और जागरूक दिखाई दिए। सीएम को अचानक अपने सामने देख लोग अचंभित हो गए। लोगों को समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। इस बीच सीएम ने वहां के लोगों से बात शुरू कर दी। उन्होंने बेटियों को गोद में लेकर दुलार किया और सेल्फी ली। इस दौरान जनता से उन्हें अपना पूरा हाल कह सुनाया। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जिंदगी भविष्य में और भी बेहतर होगी।  

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 28 जिलों में बारिश और तेज हवाएं; मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट

भोपाल/जबलपुर /इंदौर  मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून की दस्तक से पहले की प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। रविवार (14 जून) को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहा और 30 से अधिक शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बादलों ने जमकर हाजिरी लगाई। इसके साथ ही रायसेन और नरसिंहपुर जैसे इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि सीहोर में हवाओं की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश उदयपुरा में मापी गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. एमपी में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी के चलते आज (सोमवार) भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सामान्य तारीख से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।  राज्य में जून माह के पहले पखवाड़े में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं मानसून की औपचारिक एंट्री अभी बाकी है. जिसके बाद बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है. दूसरी ओर मालवा-निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चिलचिलाती गर्मी का असर भी बना हुआ है. ऐसे में सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रूप देखने को मिल सकते हैं. कहीं तेज धूप और उमस होगी, तो कहीं आंधी, तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।  आज इन जिलों में होगी बारिश! मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  तापमान में गिरावट और पचमढ़ी में बढ़ी ठंडक तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में औसतन 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से भी नीचे गिरकर 18.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वहां अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को राजगढ़ जिला 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा खंडवा में 40.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 40.4 डिग्री और खरगोन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का 30 से ज्यादा शहरों के लिए अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी करते हुए सजग रहने को कहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, सिवनी, दमोह, दतिया, सतना और श्योपुरकलां सहित 30 से अधिक प्रमुख शहरों के लिए बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन तीन जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और आगे का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन तीनों जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है और यहाँ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली चमकने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। भोपाल में दिनभर बारिश…पारा लुढ़का, शिवपुरी में 33.2 डिग्री पहुंचा रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। भोपाल में रुक-रुककर पूरे दिन बारिश हुई। सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई, जबकि रायसेन में मकानों के छप्पर उड़ गए। खरगोन में निंदाई और बुआई का काम प्रभावित हुआ। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो समेत 4 जगहों पर पारा 40 डिग्री खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ही ऐसे शहर रहे, जहां तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक रहा हो। बाकी सभी शहरों में इससे कम ही दर्ज किया गया। शिवपुरी में सबसे कम 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, नर्मदापुरम-श्योपुर में 36.6 डिग्री, बैतूल में 36.7 डिग्री और शाजापुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

दक्षिणा नहीं, स्वच्छता का वचन चाहिए! रामघाट के पुरोहितों का अनूठा अभियान चर्चा में

उज्जैन  शिप्रा सहित देशभर के नदी-तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए रामघाट के तीर्थ पुरोहितों ने अनूठा नवाचार शुरू किया है। अब यहाँ पूजा-आरती के बाद श्रद्धालुओं से नकद दक्षिणा के बजाय सिर्फ नदी स्वच्छता का संकल्प मांगा जा रहा है। हर शाम होने वाली शिप्रा सांध्य आरती के समापन पर पुरोहित भक्तों को नदी स्वच्छ रखने का वचन दिलाते हैं। श्री क्षेत्र तीर्थ पुरोहित पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि मात्र 51 दिन में करीब 2.50 लाख लोगों को यह संकल्प दिलाया जा चुका है। पुरोहितों का मानना है कि यदि यही जनभागीदारी देश के सभी धार्मिक घाटों पर लागू हो, तो बिना किसी भारी-भरकम बजट के जल संरचनाएं स्वच्छ हो सकेंगी। वैष्णव तिलक और आभूषण अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल का जटाधारी स्वरूप में चंदन, वैष्णव तिलक एवं आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण कर भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।  

खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची भगदड़, मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच 4 लोगों ने गंवाई जान

मुरैना  प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के  धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार शाम खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह से घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से कूदकर समीप की दूसरी रेल लाइन पर आ गए। इसी बीच आई पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार की दर्दनाक मौत हो गई।   मृतकों में तीनों महिलाएं आगरा की  मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35) निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरि (60) निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं। जनरल कोच से हुई अलार्म चेन पूलिंग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री का चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया था। इस कारण आग की अफवाह फैली। हादस रविवार शाम 4:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी ने अलार्म चेन पूलिंग किया था। इस कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली।  चीख पुकार मच गई घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।  मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा से फैली दहशत घटना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड की है. गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चल रही थी. इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने जैसी घटना की चर्चा फैल गई. देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई. ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए।  दूसरी लाइन पर पहुंच गए यात्री प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से उतरने के बाद कुछ यात्री पास की दूसरी रेलवे लाइन की ओर चले गए. उसी समय दूसरी तरफ से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी. ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  राहत और बचाव कार्य शुरू घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना दी.  रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच र रहा है।  दिल्ली-मुंबई मार्ग पर यातायात प्रभावित इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया। मोड़ होने से सामने से आ रही ट्रेन नहीं दिखी : डीआरएम झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून एक्टिव, 60 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के करीब 40 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं कुछ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के शेष हिस्सों में आगे बढ़ते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि मानसून 3 से 4 दिन लेट चल रहा है। ऐसे में यह मध्य प्रदेश में 18 जून तक प्रवेश कर सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अगले चौबीस घंटों के दौरान भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी व पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल समेत मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान की बात करें तो राजगढ़ 41 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि पचमढ़ी 18.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, हालांकि बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण गर्मी से राहत का दौर भी जारी रहेगा। भोपाल का मौसम राजधानी भोपाल में आज  आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ शाम के समय गरज-चमक और हल्की वर्षा की संभावना है। हवा की औसत गति 16 से 18 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। शहर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आगे ऐसा रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य भारत तक सक्रिय मौसमी प्रणालियों और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में वर्षा का दायरा और बढ़ सकता है।  

सामुदायिक सुरक्षा शिविरों में पुलिस अब सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास की भी बना रही है मजबूत आधारशिला

भोपाल.  सृजन बालिका सुरक्षा महासम्मेलन" के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को व्यापक सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कार्य कर रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल अपराधों से संरक्षण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बच्चों एवं युवाओं के स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग एवं अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसी दृष्टिकोण के साथ महासम्मेलन में सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई। महासम्मेलन के दौरान आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। संस्थान के लगभग 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल द्वारा 300 से अधिक किशोर-किशोरियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य शिविर में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ किशोर स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, एनीमिया, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने किशोरों से संवाद करते हुए उन्हें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल, नशे से दूरी, सोशल मीडिया एवं स्क्रीन टाइम के संतुलित उपयोग तथा तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूक किया। बालिकाओं एवं बालकों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों एवं चिकित्सकों से खुलकर चर्चा करें। महासम्मेलन में युवाओं के भविष्य निर्माण को ध्यान में रखते हुए आईटीआई, कौशल विकास संस्थानों एवं रोजगार मार्गदर्शन विशेषज्ञों द्वारा विशेष करियर काउंसलिंग एवं कौशल विकास सत्र आयोजित किए गए। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, स्वरोजगार के अवसरों, स्टार्टअप संभावनाओं तथा शासन की कौशल विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता एवं क्षमताओं के अनुरूप करियर चयन के संबंध में व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के बच्चों और युवाओं को ऐसा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, जिसमें वे स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। इसी सोच के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण आयामों को एक मंच पर जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। महासम्मेलन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कौशल विकास विशेषज्ञों तथा पुलिस विभाग की संयुक्त सहभागिता ने यह संदेश दिया कि बच्चों का सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त भविष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और सहभागिता से सुनिश्चित किया जा सकता है। "सृजन" केवल सुरक्षा का अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी के निर्माण का एक सामाजिक संकल्प बनकर उभर रहा है।  

धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना से जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से जशपुर के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुर जिले को इस परियोजना के माध्यम से पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे क्षेत्र की जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक वैभव से समृद्ध जशपुर इस रेल परियोजना के माध्यम से देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्रों से बेहतर रूप से जुड़ सकेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। रेल, सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत अधोसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना जशपुर और आसपास के क्षेत्रों की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।  रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि दशकों से लंबित मांग को पूरा कर केंद्र सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है। यह रेल लाइन आदिवासी अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने क्षेत्र के विकास की बहुप्रतीक्षित पहल का स्वागत करत हुए कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना का विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित होना पत्थलगांव क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सुखद समाचार है। इस परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा स्थानीय किसानों, व्यापारियों,ने युवाओं और आम नागरिकों को व्यापक लाभ मिलेगा। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के प्रयासों से लंबे समय से प्रतीक्षित यह सपना साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी एवं मुख्यमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती हैं। यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास और समृद्धि की नई आधारशिला सिद्ध होगी। जशपुर विधायक रायमुनि ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना जशपुर जिले सहित पूरे वनांचल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्षों से जशपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की जो आकांक्षा थी, उसे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के विशेष प्रयासों तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की सतत पहल से नई दिशा मिली है। यह परियोजना जशपुर के विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोलेगी। इसके लिए वे क्षेत्र की जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी, रेल मंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।

अब तक 1 लाख 82 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश

भोपाल.  उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत द्वितीय चरण के अंतिम दिन 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में 1 लाख 82 हजार 473 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त कर लिया है। द्वितीय चरण में अब तक 86 हजार 679 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनमें 64 हजार 535 विद्यार्थी स्नातक (UG) तथा 22 हजार 141 स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी हैं। इससे पूर्व प्रथम चरण में 72 हजार 477 विद्यार्थियों ने स्नातक तथा 17 हजार 463 विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त किया था। अब तक कुल प्रवेशित विद्यार्थियों में 1 लाख 37 हजार 12 विद्यार्थी स्नातक पाठ्यक्रमों, 39 हजार 607 विद्यार्थी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों तथा 5 हजार 854 विद्यार्थी एनसीटीई पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले चुके हैं। एनसीटीई पाठ्यक्रमों के प्रथम चरण में आवंटित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है। विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभ्यर्थी 20 जून तक पंजीयन कर सकेंगे और 23 जून को महाविद्यालय आवंटन किया जाएगा तथा आवंटित अभ्यर्थी 30 जून तक प्रवेश शुल्क जमा कर अपने प्रवेश की पुष्टि कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा रहा है तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।  

दो दिवसीय पुलिस महानिरीक्षक जोन/विसबल जोन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक संपन्न

भोपाल.  पुलिस मुख्यालय भोपाल के कॉन्फ्रेंस हॉल मेंआयोजित जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक तथा विशेष सशस्त्र बल (विसबल) जोनों की दो दिवसीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने की। बैठक के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने प्रदेश में बेहतर पुलिसिंग, प्रशासनिक दक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार प्रदान किया जाना है, उनके प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर दायित्व सौंपे जाएं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति आए और कर्मचारियों का मनोबल बढ़े। डीजीपी मकवाणा ने सभी इकाइयों को लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की नियमित एवं प्रभावी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों, अवमानना याचिकाओं, सेवा संबंधी मामलों, रिट याचिकाओं तथा स्थगन आदेशों की स्थिति की ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सतत निगरानी की जाए तथा समय-सीमा में जवाब दावा एवं आवश्यक अभिमत प्रस्तुत कर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग में ई-ऑफिस प्रणाली के शत-प्रतिशत उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि सभी कार्यालयीन कार्यों को अधिकतम रूप से डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाए। स्थानांतरित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त किए जाने की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। डीजीपी ने विभागीय जांच प्रकरणों के त्वरित निराकरण, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत करने तथा उनके नाम विभिन्न राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कारों, विशेषकर के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार हेतु प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को पहचान और सम्मान मिलना आवश्यक है, जिससे पुलिस बल में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं कार्य संस्कृति विकसित हो सके। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर उनका प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। सीसीटीवी नेटवर्क, सेफगार्ड योजना एवं संसाधन प्रबंधन पर विशेष जोर पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया कि प्रदेश में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरे सदैव चालू एवं कार्यशील स्थिति में रहें तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सेफ सिटी, टेलीकॉम तथा थाना सीसीटीवी योजनाओं का प्रभावी संचालन अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की पहचान में किया जाए। नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज एवं पांढुर्णा में भी सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता से किया जाए।सेफगार्ड योजना के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित लगभग एक लाख कैमरों का नेटवर्क विकसित किया जाए, जिसका उपयोग कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं अपराध नियंत्रण सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सके। डीजीपी ने उपलब्ध मानव संसाधनों के समुचित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल देते हुए निर्देशित किया कि आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक स्तर पर पदस्थापना की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार संसाधनों का पुनर्विन्यास किया जाए। उन्होंने पुराने अभिलेख एवं आदेशों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी जिलों को पुलिस भूमि एवं परिसंपत्तियों का व्यवस्थित जिलेवार प्रबंधन सुनिश्चित करने, पुलिस भूमि की सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल निर्माण कराने तथा वृक्षारोपण अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। अगले तीन वर्षों में “ड्रग फ्री मध्यप्रदेश” का लक्ष्य डीजीपी मकवाणा ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश नक्सल समस्या से मुक्त हुआ है, उसी प्रकार अगले तीन वर्षों में “ड्रग फ्री मध्यप्रदेश” का लक्ष्य प्राप्त करना है। यह अभियान केंद्र सरकार एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं के अनुरूप संचालित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को चरणबद्ध रूप से “ड्रग फ्री जोन” बनाने के निर्देश दिए। डीजीपी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक जिले में पुलिस कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण हेतु जिला पुलिस अधीक्षक प्रतिमाह सिविल सर्जन के साथ बैठक आयोजित करें। इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए तथा चिन्हित अस्पतालों के साथ एमओयू कर उपचार एवं भर्ती की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने, समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और क्रम से निराकरण सुनिश्चित करने तथा नियमित जनसुनवाई आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में पुलिस अधीक्षकों की बैठक आयोजित कर समीक्षा बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जोनल स्तर पर प्रत्येक माह विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाए। कार्यों को व्यवस्थितएवं परिणामोन्मुख तरीके से संचालित किया जाए। प्राथमिक जांचों एवं अन्य लंबित प्रकरणों को बिना अंतिम निष्कर्ष के लंबित न रखा जाए, बल्कि उन्हें तार्किक एवं विधिसम्मत परिणाम तक पहुंचाया जाए। विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली एवं अपराध नियंत्रण की हुई विस्तृत समीक्षा दो दिवसीय बैठक में प्रदेश के सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, विसबलजोनों के अधिकारी तथा पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य पुलिस विभाग की विभिन्न शाखाओं की उपलब्धियों, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा कर प्रभावी पुलिसिंग के लिए रणनीति तैयार करना था। समीक्षा के दौरान मध्यप्रदेश स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत अपराध विश्लेषण की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें महिलाओं के विरुद्ध अपराध, हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती तथा मॉबलिंचिंग जैसी गंभीर घटनाओं की स्थिति का जोनवार एवं जिलावार विश्लेषण किया गया। अपराध नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों एवं आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर भी चर्चा हुई। न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा के अंतर्गत माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों, अवमानना प्रकरणों, सेवा संबंधी दावों, रिट याचिकाओं, स्थगन आदेशों तथा समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को न्यायालयीन मामलों की सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों तथा विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों से संबंधित लंबित प्रशासनिक मामलों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त सूबेदार, निरीक्षक एवं रक्षित निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के बुनियादी प्रशिक्षण की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत विगत छह माह में की गई कार्यवाहियों, चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों, मादक पदार्थों के … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को कर रही है प्रोत्साहित

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। छोटे उद्योग करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। हमारा उद्देश्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई स्थापित करने का है। सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हर जिले में उद्योग, हर परिवार में रोजगार और हर युवा को अवसर देना राज्य सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। जिस प्रकार हर 12 वर्ष में सिंहस्थ स्नान का अवसर मिलता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन के 12 वर्ष से देशवासियों को अमृत स्नान का अवसर प्राप्त हुआ है। बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एमएसएमई क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से प्रोत्साहन राशि और हितलाभ वितरण के लिए आयोजित 'समृद्ध एमएसएमई- विकसित मध्यप्रदेश' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्ट-अप प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औद्योगिक संगठनों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। साथ ही 31 मार्च 2026 तक की समस्त देयताओं का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6 ईटीपी निर्मित करने वाली इकाइयों को दो करोड़ 02 लाख की रुपये सहायता, विशेष पैकेज के तहत इकाइयों को एक करोड़ 07 लाख रुपये मण्डीशुल्क की प्रतिपूर्ति और 11 इकाईयों का विद्युत टैरिफ रुपए तीन करोड़ 69 लाख रुपये का वितरण सिंगल क्लिक से किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण राशि, भू-आवंटन पत्रक तथा स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण भी किया। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा, अलाना ग्रुप के संस्थापक सुराशि बहल मेहरा और उद्यमी कुणाल ज्ञानी ने मध्यप्रदेश में उद्यम स्थापित करने के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल सरवैया तथा उद्यमी श्रीमती प्रतिभा यादव, डॉ. सुरेश दुबे, दिनेश चंदवानी, यशराज वर्मा से संवाद भी किया। 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में सवा करोड़ से अधिक लोगों को मिला रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता और नवाचारों में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में सवा करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसमें 4 लाख 41 हजार से अधिक इकाइयों की कमान बहनें संभाल रही हैं, यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी है। आगामी ढाई वर्षों में 4 हजार 500 करोड़ रुपये देकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती देने का लक्ष्य है। एमएसएमई विकास, नीति उद्यमियों को मजबूती प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत निवेश पर 40 प्रतिशत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को 60 प्रतिशत तक प्रोत्साहन तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला उद्यमियों को 8 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा रही है। एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए नियमों को सरल किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्र और 14 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 1 हजार 63 भूखंड, उद्यमियों को आवंटित किए जा चुके है। आने वाले ढाई वर्षों में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने और 6 हजार से अधिक भू-खंड नए उद्यमियों को देने का लक्ष्य है। सरकार द्वारा दी जा रही सहायता केवलू अनुदान नहीं, बल्कि उद्यमियों के सपनों को गति देने का माध्यम है। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे, उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को इससे नए अवसर प्राप्त होंगे। मध्यप्रदेश के उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। सरकार तकनीक, वित्त और आवश्यक मार्गदर्शन देकर स्थानीय उद्यमों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टार्ट-अप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को "लीडर" श्रेणी का सम्मान मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप आज देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 7 हजार 400 से अधिक हो चुकी है, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत 3 हजार 400 से अधिक स्टार्ट-अप्स का नेतृत्व हमारी बहनें कर रही हैं। स्टार्ट-अप्स के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के तहत पिछले ढाई वर्षों में 23 हजार 500 से अधिक युवाओं को 1 हजार 630 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। स्टार्टअप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को "लीडर" श्रेणी का सम्मान मिला है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर हो। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सब्सिडी युक्त 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस तैयार किए जाएंगे। राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों से प्रदेश के युवा उद्यमी वैश्विक स्तर पर बना रहे हैं पहचान सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को औद्योगिक विकास में आगे रखने के लिए अनथक परिश्रम किया है। वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सभी वर्ग के उद्यमियों के साथ संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश की जीडीपी में कृषि की 40 प्रतिशत और उद्योगों की हिस्सेदारी मात्र 19 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे बदलने का संकल्प लिया है, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश बदल रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा उद्यमी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। … Read more