samacharsecretary.com

एक दिन पहले घर से लापता हुए थे दोनों, अशोकनगर में कार से मिले युवक-युवती के शव

अशोकनगर  मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक कार के अंदर युवक-युवती की लाश मिली है। कार के अंदर खून फैला हुआ है। अटकलें हैं कि युवती की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है। वहीं, युवकी की मौत गोली लगने से बताया जा रहा है। देर रात मिली है लाश मामला बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे की है। शहर के ईसागढ़ रोड स्थित महाना गांव में युवक-युवती का शव मिला है। घटना की सूचना मिलते ही अशोकनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी है। आगे की सीट पर पड़े थे दोनों के शव जीप के आगे की सीट पर युवक-युवती के शव पड़े थे। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर में गोली लगने का निशान मिला है, जबकि युवती के शरीर पर व गले को रेतने के भी गहरे निशान मिले हैं। पुलिस को कार के अंदर से एक पिस्टल पेपर कटर भी बरामद हुआ है। एक दिन पहले घर से हुए थे लापता जानकारी के अनुसार, अशोकनगर निवासी युवक रितिक सोनी 26 साल और युवती मुस्कान जैन पुत्री विवेक जैन 24 साल जो एक दिन पहले अपने घर से लापता हुए थे। इसके बाद दोनों के परिवार दोनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल लोकेशन से घटना स्थल पहुंची पुलिस पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश शुरू की गई। फिर पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। अशोकनगर पुलिस ने देखा कि दोनों शव खून से सने हुए थे। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना मिलने पर टीम महाना गांव के पास पहुंची, जहां जीप में दोनों शव मिले। उन्होंने पुष्टि की कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। भुवनेश शर्मा, देहात थाना प्रभारी एक साथ दोनों करते थे जॉब बताया जा रहा है कि दोनों युवक-युवती एक साथ पढ़ते थे। फिर एक साथ एक प्राइवेट कंपनी में दोनों जॉब करते थे। युवक का इंदौर में कार इंटीरियर से जुड़ा व्यापार था और 15 दिन पहले ही रितिक अशोकनगर आया था। घटना के बाद मृतक युवक के पिता ने मामले में दोनों की हत्या की आशंका जताई है और फोरेंसिक जांच की मांग की है। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला।  

मोहर्रम जुलूस में विस्फोटक प्रदर्शन का VIDEO वायरल, उज्जैन में हवा में लटकी वैन बनी चर्चा का विषय

उज्जैन उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात जो हुआ, उसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अनुमति पर सवाल खड़ा कर दिया है। अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम के जुलूस में क्रेन से करीब 40 फीट ऊपर एक टाटा मैजिक वैन लटकाई गई। वैन पर दो युवक सवार होकर लाल झंडे लहराते रहे और फिर अचानक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। यह जानलेवा स्टंट 23 जून का है, जब बड़नगर के अडान मोहल्ले से 23 जून को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था. इसमें भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे. इसी दौरान कुछ बदमाशों ने एक कार को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊपर लटकाया और फिर उसमें विस्फोट लगाकर उड़ा दिया ओर वीडियो ओर फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।  कार में हुए कई धमाके वायरल वीडियो में धमाके से पहले दो युवक लाल झंडे लहराते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो जिस इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स_2.0 से शेयर किया गया, उसमें कार विस्फोट के अलावा कई अन्य खतरनाक करतब और धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं. वहीं, हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा में भी युवकों के खतरनाक प्रदर्शन के वीडियो सामने आए हैं। पहले लिखा ले फिर आ गए जुलूस में शेरे अडान अखाड़ा बड़नगर के पोस्टर लगाकर बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई थी. कार पर विस्फोट से पहले "ले फिर आ गए" लिखा हुआ नजर आ रहा था. वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. मामले में हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि जब धार्मिक आयोजनों में पटाखों और अन्य गतिविधियों प्रतिबंध है तो खुलेआम विस्फोट जैसी गतिविधियों की अनुमति कैसे दी जा रही है।  कार्रवाई की तैयारी मामले में बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि आयोजकों से पूछताछ कर जांच पूरी कर ली है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री क्या थी और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं।  वीडियो देखकर हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उज्जैन में दही-हांडी और पटाखों पर तो प्रतिबंध लग जाता है, फिर गाड़ी को विस्फोट कर उड़ाने जैसी गतिविधि की अनुमति कैसे मिल गई? वहीं, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे थे। सवाल यह है कि जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति दी थी या नहीं? वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’ वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’। एक इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स 2.0 पर इस घटना का वीडियो वायरल भी किया गया। इसके अलावा और भी अन्य वीडियो इस आईडी पर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह का विस्फोट करके कुछ लोग क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। इस तरह की हरकत की हिंदूवादी संगठनों ने निंदा की है। वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि ‘हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।’ हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। मामले को लेकर बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। जानें पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा? बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने कहा कि वीडियो संज्ञान में आया है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। विस्फोट किस सामग्री से किया गया और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किए गए हैं। टीआई बोले- पूछताछ कर जल्द कार्रवाई करेंगे बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

दृष्टिबाधितों के लिए बड़ी पहल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रेल पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा में बचाव पर ब्रेल लिपि में प्रकाशित पुस्तक का किया लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नि:शक्तजन के लिए आग, हीटवेब (लू) और आकाशीय बिजली से बचाव के संबंध में ब्रेललिपि में प्रकाशित पुस्तक का गुरूवार को मंत्रालय में लोकार्पण किया। पुस्तक का मुद्रण आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से कराया गया है। केरल और असम के बाद नि:शक्तजन के लिए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में इस तरह की पहल मध्यप्रदेश द्वारा की गई है। दृष्टिबाधित भाई-बहनों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर उपस्थित थी।  

4 साल बाद मिला इंसाफ, महंगी पानी की बोतल बेचने पर होटल रेडिसन पर उपभोक्ता फोरम सख्त

भोपाल 60 रुपए की पानी की बोतल पर 175 रुपए वसूलने वाले भोपाल के एक बड़े होटल पर उपभोक्ता आयोग का फैसला आया है। आयोग ने माना कि होटल एमआरपी से ज्यादा कीमत ले सकता है, लेकिन उसी राशि पर अलग से जीएसटी वसूलना गलत है। होटल को उपभोक्ता से अतिरिक्त लिए गए 10.80 रुपए लौटाने, 5 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 3 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर होटल को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। पानी की बोतल की कीमत देखकर आपत्ति जताई मामला अप्रैल 2022 का है। रायसेन रोड निवासी हुकुम सिंह ठाकुर अपने चार साथियों के साथ होटल रेडिसन में बुफे डिनर के लिए गए थे। भोजन के दौरान उन्होंने मिनरल वॉटर की एक बोतल ली। बोतल पर एमआरपी 60 रुपए अंकित थी, लेकिन बिल में इसके 175 रुपए जोड़े गए। जब बिल आया तो कुल राशि 6809.88 रुपए थी। पानी की बोतल की कीमत देखकर हुकुम सिंह ने आपत्ति जताई, लेकिन होटल प्रबंधन ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने जून 2026 में फैसला सुनाया। होटल प्रबंधन बोला- MRP से ज्यादा कीमत लेना जायज होटल प्रबंधन ने आयोग के सामने तर्क दिया कि होटल और रेस्टोरेंट में बेची जाने वाली वस्तुएं सिर्फ उत्पाद नहीं होतीं। उनके साथ एयर कंडीशनिंग, बैठने की सुविधा, लाउंज, संगीत, सर्विस और अन्य आतिथ्य सेवाएं भी दी जाती हैं। होटल का कहना था कि इसलिए मेन्यू कार्ड में दर्ज कीमतें लागू होती हैं। बोतल पर अंकित एमआरपी रिटेल दुकानों के लिए होती है, होटल में परोसी जाने वाली वस्तुओं पर नहीं। होटल ने यह भी कहा कि मेन्यू में पहले से स्पष्ट था कि जीएसटी अलग से लिया जाएगा। आयोग ने कहा: कीमत सही, लेकिन टैक्स वसूली में गलती जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए माना कि होटल में एमआरपी से ज्यादा कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है और इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता। हालांकि आयोग ने कहा कि 175 रुपए की कीमत में ही जीएसटी शामिल माना जाएगा। ऐसे में होटल द्वारा उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी के रूप में अतिरिक्त 10.80 रुपए वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी है। शिकायतकर्ता बोले- स्टाफ ने बदसलूकी भी की शिकायतकर्ता हुकुम सिंह ठाकुर का कहना है कि कीमत पर आपत्ति जताने पर होटल स्टाफ ने उनके साथ बहस की और अभद्र व्यवहार भी किया। इसी के बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना है कि आयोग ने अतिरिक्त जीएसटी वसूली को गलत माना, लेकिन एमआरपी से अधिक कीमत वसूले जाने के मुद्दे पर उन्हें आंशिक राहत ही मिली। वकील बोले- मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है परिवादी (शिकायत) पक्ष के वकील शशिकांत वर्मा ने कहा कि मामला सिर्फ 10.80 रुपए का नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। उनके अनुसार होटल और रेस्टोरेंट अक्सर सुविधाओं के नाम पर ऊंची कीमतें वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग का फैसला उपभोक्ताओं को यह संदेश देता है कि अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय मिल सकता है। एमआरपी (MRP) को लेकर आयोग ने 2 केस का हवाला दिया फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया (सिविल अपील नं. 21790/2017, निर्णय दिनांक 12.12.2017) इसके अलावा आयोग ने एक और फैसले ITC Ltd vs K.C. Khanna (अपील नं. A/2013/2201, निर्णय दिनांक 04.09.2023) का जिक्र किया गया है। इन फैसलों में माना गया कि होटल, रेस्टोरेंट, एयरलाइन और रेलवे जैसे संस्थागत उपभोक्ता पैकेज्ड वस्तुएं खरीदकर अपनी सेवाओं के साथ ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। इसलिए उन पर सामान्य रिटेल एमआरपी नियम उसी तरह लागू नहीं होते जैसे दुकानों पर होते हैं। इसी आधार पर आयोग ने माना कि होटल द्वारा एमआरपी से अधिक कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है।

9 दिन की देरी के बाद सक्रिय हुआ मानसून, 46 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा समेत 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पिछले 24 घंटों में हुई अच्छी बारिश और दक्षिण-पश्चिम से आने वाली नमी युक्त हवाओं के आधार पर यह घोषणा की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की संभावना है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, सिंगरौली, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा मौसम विभाग के अनुसार आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा। प्रदेश के बाकी हिस्सों को अगले 2 से 3 दिन में मानसून कवर कर लेगा। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। सीधी में लू चल सकती है, जबकि नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस-भरी गर्मी रहेगी। इन जिलों में आ चुका मानसून आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी, डिंडौरी में मानसून के आने की घोषणा हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश में छा जाएगा। यह सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में मानसून पहुंचेगा। 9 दिन लेट हो गया मानसून एमपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है, लेकिन इस बार यह 9 दिन लेट यानी, 24 जून को प्रदेश में आया। मानसून आ गया है? इसका आंकलन कैसे होता है? यह मौसम वैज्ञानिक अरुण कुमार से जाना। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटे में 75 मिमी यानी, 3 इंच बारिश हो गई। सीमा से जुड़े जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में पर्याप्त बारिश हुई और दक्षिण-पश्चिम से नमी वाली मानसूनी हवाएं भी आईं। इन्हीं के अध्ययन से मानसून की एंट्री की अधिकारिक घोषणा की जाती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून मौसम विभाग ने अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। नौ दिन की देरी से हुई एंट्री मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार यह 24 जून को पहुंचा। यानी मानसून निर्धारित समय से करीब नौ दिन देरी से आया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि वर्षा की मात्रा, नमी वाली हवाओं की दिशा और उनके प्रभाव क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटों के दौरान 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज होने के साथ दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय मानसूनी गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। बारिश का कोटा अभी भी आधा अधूरा मानसून के देर से आने का असर शुरुआती सीजन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 1 जून से 24 जून तक औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।  इस साल कम बरसात की आशंका भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 47 जिलों में बारिश का स्तर औसत से नीचे रहने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान करीब 37.3 इंच वर्षा होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 से 32 इंच के बीच रहने की संभावना जताई गई है। केवल सात जिलों में सामान्य से अधिक बारिश अब तक के आंकड़ों के अनुसार भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, धार, खरगोन, रायसेन, सीहोर समेत 48 जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले तीन दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।  विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि 15 जून के बजाय 24 जून को पहुंचा, यानी करीब 9 दिन की देरी से। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि लगातार वर्षा, हवा की दिशा, नमी और अन्य मौसमीय संकेतकों का विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है। खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी हालांकि इस बार मानसून के बावजूद बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश की जल स्थिति और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।  

आज होगी DPC बैठक, 9 SPS अधिकारियों को IPS बनाने पर चयन समिति लगाएगी मुहर

भोपाल  मध्य प्रदेश के 9 राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आईपीएस अवार्ड करने गुरुवार को डीपीसी मीटिंग होगी। गृह विभाग के प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग ने इस तारीख को मंजूरी दी थी जिसके बाद आज यह बैठक होने वाली है। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और संघ लोक सेवा आयोग।  आईपीएस अवार्ड के लिए गृह विभाग की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग से आगे चल रही है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की डीपीसी के लिए अभी तक सामान्य प्रशासन विभाग प्रस्ताव नहीं भेज पाया है। दूसरी ओर राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की प्रस्तावित डीपीसी की बैठक में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए जिन अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा उनमें 1997 बैच के सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येन्द्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम शामिल हैं। इनकी पदोन्नति अटक सकती है इसमें से अमृत मीणा की जाति प्रमाण पत्र और राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी अटक सकती है और इनका लिफाफा बंद हो सकता है। अंतिम दौर में सीताराम ससत्या के नाम को लेकर भी शिकायत के चलते डीपीसी में उनका नाम कटने के कयास लगाए जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा का कमाल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐतिहासिक उपलब्धि

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई भोपाल भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया। देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है। प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।  

NEP-2020 को लेकर मंत्री परमार का बड़ा बयान, बोले- शोध और नवाचार में महाविद्यालयों की भूमिका अहम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण : मंत्री परमार मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल की शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध की सशक्त संस्कृति विकसित होने से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्राप्त होगी तथा देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री परमार बुधवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन कर अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि शोध पत्रिकाएं एवं जर्नल ज्ञान के सृजन, संरक्षण एवं प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे प्रकाशनों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध कार्यों को व्यापक मंच प्रदान करने का अवसर मिलता है तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को रोजगारपरक, शोधोन्मुख एवं समाजोपयोगी बनाना है। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में ऐसे प्रयास प्रदेश की उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा "रोजगारपरक शिक्षा के विविध आयाम" विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक करने तथा शिक्षण संस्थानों, शोध एवं उद्योग जगत के मध्य समन्वय स्थापित करना था। वेबिनार में देशभर के विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता रही तथा 54 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें समीक्षित एवं संकलित कर शोध जर्नल के रूप में प्रकाशित किया गया। इस अवसर पर शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी, समन्वयक डॉ. अलका प्रधान, डॉ. आर. एस. रघुवंशी, शोध एवं प्रकाशन समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रभान माकोड़े, डॉ. उमाशंकर पटेल, डॉ. नीतू शर्मा तथा डॉ. एल.एन. गौड़ सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।  

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस पर 27 जून को होगा ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश’ समिट

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 27 जून को सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल 2000 प्रतिभागी-विभागों की प्रगति की प्रदर्शनी और 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर 'सशक्त उ‌द्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' शनिवार 27 जून  को रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम विभाग द्वारा किया जा रहा है। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन समिट में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव भूमि आवंटन, भूमिपूजन, लोकार्पण तथा एमएसएमई, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार लाभार्थियों को चेक प्रदान करेंगे। समिट में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उ‌द्घाटन करेंगे। प्रदर्शनी में लगभग 50 स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्टअप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि सम्मिलित रहेंगे, जो प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेंगे। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पी.एफ.आर.डी.ए) भी समिट में भाग लेंगे। मुख्य सत्र में प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्‌बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्‌योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्‌योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्ययोजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के समर्थन के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिनमें आरएजेडओआरपीएवाय (आरजीपीएक्स प्रा. लि.). प्लग एण्ड प्ले इंडिया प्रा. लि. तथा बीआईसीसीआई (बैकवर्ड क्लासेज़ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सम्मिलित है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। समिट में राज्य के उद्‌यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उ‌द्यमी, स्टार्टअप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता को एक ही सशक्त मंच दिया गया है। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्ययोजना प्रदर्शित होगी। एमओयू का आदान-प्रदान, राज्य में एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम होंगे।  3 विषयगत सत्र भी होंगे समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ' नये बाजार, नई उडान' (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र 'पूंजी तक पहुँच' (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म, आरएजेडओआरपीएवाय एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड' (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ‌द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम दिवस" के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का दसवां वर्ष है।

मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान: शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम से सजा प्रेरक आयोजन

मेधावी प्रतिभाओं का अभिनंदन : शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम का बना प्रेरक आयोजन भोपाल  प्रतिभा जब सम्मान पाती है तो वह केवल व्यक्ति का उत्साह नहीं बढ़ाती, बल्कि समाज के भविष्य को दिशा देती है। इसी भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शहर के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उत्सव बन गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व कमिश्नर शहडोल संभाग डॉ.राजीव शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि संस्थान के डायरेक्टर श्री मनीष सिन्हा, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी, संयुक्त सचिव अजय सिंह तथा मीडिया टुडे के डायरेक्टर अनुज यादव उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा को केवल अंक प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का विचारक, नीति निर्माता और समाज का नेतृत्वकर्ता होगा। इसलिए युवाओं में ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी उतना ही आवश्यक है। डॉ.जोशी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश प्रेस क्लब द्वारा समाजहित, जनजागरण, शिक्षा प्रोत्साहन एवं सकारात्मक सामाजिक चेतना के लिए देशभर में संचालित विविध अभियानों और आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का दायित्व भी निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अध्ययन के साथ मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति रही। मधुर सैन्य धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय भाव से ओतप्रोत कर दिया और उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा अतिथियों में उत्साह का संचार किया। इस अवसर पर महर्षि संस्थान द्वारा ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (भावातीत ध्यान) की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक शांति, एकाग्रता और आंतरिक चेतना का विकास आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। संस्थान के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के महत्व से भी अवगत कराया। अजय सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग और परिवार व शिक्षकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने की इस अभिनव पहल के लिए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान की सराहना की तथा इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम का संचालन महर्षि संस्थान के  उद्घोषक प्रियम पटेरिया ने किया। अंत में राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक चिंतन की भूमिका को रेखांकित करते हुए समारोह का समापन हुआ। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जब प्रतिभा को सम्मान, शिक्षा को मूल्य और युवाओं को सही दिशा मिलती है, तब एक सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार होती है।