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बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित

अनूपपुर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत परिवहन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बालिकाओं और महिलाओं के लिए निःशुल्क पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें विधिवत ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रीति रमेश, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी, जिला परिवहन अधिकारी  सुरेंद्र गौतम, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग मती मंजूषा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर और संकल्प महाविद्यालय अनूपपुर की छात्राओं ने भी शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी ने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ वाहन चलाने के लिए सक्षम बनाना है। इससे महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी और वे शिक्षा, रोजगार और अन्य गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगी। शिविर के दौरान बालिकाओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी सक्षम बनाती है। शिविर में 114 बालिकाओं/महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए।

कठिन समय में सुरक्षा और सम्मान की गारंटी — पुलिस मुख्यालय और भारतीय स्टेट बैंक की संयुक्त पहल

भोपाल . मध्यप्रदेश पुलिस की कल्याण शाखा द्वारा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के आर्थिक कल्याण के उद्देश्य से लागू की गई पुलिस वेतन पैकेज योजना का लाभ अब प्रदेश के अनेक परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम भारतीय स्टेट बैंक , दमोह मुख्य शाखा द्वारा पुलिस वेतन पैकेज योजना के तहत स्वर्गीय आरक्षक श्री प्रदीप रैकवार के आकस्मिक निधन पर उनके नामिनी को 1 करोड़ रूपए की दुर्घटना बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया। स्वर्गीय श्री प्रदीप रैकवार थाना रनेह, जिला दमोह में पदस्थ थे,जिनका कुछ माह पूर्व एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। मध्यप्रदेश पुलिस और एसबीआई के बीच संपन्न हुए एमओयू के तहत सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।

दुर्गम शेडो एरिया में पुलिस की कार्यवाही

भोपाल. प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही सख्त एवं निरंतर कार्यवाहियों के क्रम में खरगोन पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। ऑपरेशन “प्रहार” के अंतर्गत खरगोन पुलिस द्वारा चौकी हेलापडावा, थाना चैनपुर क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से 5900 गांजे के पौधे, कुल वजन 2979 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 49 लाख 4 हजार 200रूपए(लगभग एक करोड़ उनचास लाख चार हजार दो सौ रुपये) का अवैध मादक पदार्थ जप्त किया है।यह कार्रवाई दुर्गम एवं शेडो एरिया (नो मोबाइल नेटवर्क जोन) में की गई, जहाँ पुलिस टीम को कई घंटों तक कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण)  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज खरगोन  सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  बिट्टू सहगल के मार्गदर्शन में की गई। दिनांक 18 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर चौकी हेलापडावा थाना चैनपुरपुलिस ने ग्राम सेन्द्रीयाघाटीगुवाडा स्थित खेत से कुल 5500 गांजे के पौधे, कुल वजन 2811 किलोग्राम, अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 55 हजार रूपए का जप्त किए। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने ग्राम तिखलीबैडीपीडीजामली स्थित खेत से कुल 400 गांजे के पौधे, कुल वजन 168 किलो 840 ग्राम, अनुमानित कीमत 8 लाख 49 हजार 200रूपए काजप्त किया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध पूर्ण गंभीरता, रणनीतिक योजना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।    

“भारतीय कौशल” को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से "कौशल" का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना "स्वावलंबन" के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा।  परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।  परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की।  परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी।  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है। समारोह में मंत्री  परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ज्ञातव्य है कि "स्वावलंबन" परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है। इस अवसर पर संचालक क्रिस्प  अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी)  अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।  

प्यार का झांसा, फिर खौफनाक हमला—चाकू टूटने तक वार करता रहा पीयूष

इंदौर इंदौर में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पीयूष ने जिस तरह से प्रेमिका की जान ली, उसने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने घटनास्थल का रीक्रिएशन किया है। इसमें नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीयूष ने सरप्राइज गिफ्ट के बहाने उसे बुलाया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। सीने पर चाकू टूटने तक वार करता रहा। 'गिफ्ट' के बहाने बांधे हाथ-पैर और फिर कर दी हत्या पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीयूष ने वारदात वाले दिन छात्रा को कमरे में बुलाया था। वहां उसने छात्रा से कहा कि वह उसे एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है। इसी 'गिफ्ट' का झांसा देकर उसने छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी और कमरे में पहले से मौजूद रस्सी और टेप की मदद से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा ने खुद को बंधा हुआ पाया और विरोध किया, तो पीयूष अपनी असलियत पर उतर आया। उसने छात्रा का मुंह कपड़े से बंद कर दिया और उसके सीने पर बैठकर तब तक गला घोंटा और बेहोश कर दिया। हत्या के बाद दरिंदगी, लाश के पास बैठकर पी शराब पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या करने के बाद भी वह नहीं रुका। उसने पक्का करने के लिए छात्रा के सीने पर चाकू से जोरदार वार किया। प्रहार इतना तेज था कि चाकू का ब्लेड टूटकर शरीर में ही फंस गया। इसके बाद आरोपी कमरे से बाहर गया, शराब खरीदी और वापस आकर शव के पास बैठकर शराब पी। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शव के साथ दुष्कर्म भी किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़कर फरार हो गया। जांच में बड़े खुलासे पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। हत्या में इस्तेमाल टूटा हुआ चाकू, रस्सी, चिपकाने वाला टेप और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा के मोबाइल चैट्स को लेकर उस पर शक करता था। इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। छात्रा के लापता होने के बाद 13 फरवरी को उसका शव किराए के कमरे से मिला था। आरोपी पीयूष वारदात के बाद मुंबई भाग गया था, जिसे पुलिस ने 14 फरवरी को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और मामले की आगे की जांच जारी है। शक ने छात्रा की जान ले ली पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मोबाइल चैट्स को लेकर उपजा शक एक बड़ी वजह हो सकता है। पीयूष ने छात्रा के सहपाठियों के साथ हुई बातचीत को पढ़ लिया था। घटना वाले दिन छात्रा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है, जिसके बाद उसके पिता ने उसे कलेक्ट्रेट के पास छोड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी छोटी बहन को बताया कि वह पीयूष के साथ एक बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कुछ दिनों बाद किराए के एक कमरे से उसका शव बरामद हुआ।

ईमेल से मचा हड़कंप: पीपुल्स विवि में बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

भोपाल  राजधानी के करोंद क्षेत्र स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय को गुरुवार सुबह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरा संदेश विश्वविद्यालय के डीन को भेजा गया, जिसमें सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और छात्रों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल में साइनाइड युक्त बम लगाए जाने का दावा भी किया गया था। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया और एहतियातन पूरे परिसर को खाली करा लिया। क्लास रूम, ओपीडी और प्रशासनिक भवनों से छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची भोपाल पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। निर्धारित समय तक न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार ई-मेल की तकनीकी जांच जारी है। मेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सर्वर लोकेशन क्या है, इसकी पड़ताल साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत हो रहा है, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। धमकी की खबर फैलते ही परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों में चिंता देखी गई। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

सियासी तूफान: CM दिल्ली रवाना, BJP विधायक दल की बैठक के बाद होने वाला बड़ा फैसला

भोपाल  राजधानी भोपाल में आज सियासी गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और दिनभर कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दिन के अंत में वे भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है। सीएम का आज का पूरा शेड्यूल सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। दोपहर 12:30 बजे वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 2:00 बजे एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति तय है। दोपहर 3:30 बजे वे पुनः विधानसभा पहुंचकर कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक आयोजित होगी। रात 9:20 बजे सीएम भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सदन में गूंजेंगे तीखे मुद्दे विधानसभा में आज पानी की किल्लत और वित्तीय अनियमितताओं पर जोरदार बहस के आसार हैं। भाजपा विधायक नर्मदा जल योजना की अव्यवस्था का मुद्दा उठाएंगे, वहीं कांग्रेस विधायक फूड मार्को कॉलेज में फीस बढ़ोतरी का मामला सदन में रख सकते हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा नई आबकारी नीति पर बयान दे सकते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चर्चा जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, आज सदन में करीब 80 याचिकाएं पेश की जा सकती हैं। कई वरिष्ठ मंत्री विभागीय जवाब और दस्तावेज भी प्रस्तुत करेंगे। शाम की बैठक पर टिकी नजरें शाम 6:30 बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में आगामी दिनों के लिए सदन की रणनीति तय की जाएगी और विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रूपरेखा बनाई जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली दौरे के दौरान वे संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। भोपाल से दिल्ली तक आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अब नजरें सदन की कार्यवाही और शाम की रणनीतिक बैठक पर टिकी हैं।

विकास का डबल इनाम: जबलपुर में 34 नई सड़कें, 1,000 करोड़ की निवेश राशि जारी

जबलपुर   देश शासन के बजट में जबलपुर को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई सौगाते मिली हैं। सड़कों का निर्माण होगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 34 सड़कों का निर्माण यातायात को सुगम सुगम बनाने का काम करेगा। जिले में पर्यटन की बेहतर संभावनाएं लंबे समय से हैं। कोई बड़ा पैकेज तो नहीं दिया लेकिन भेड़ाघाट में दूसरे रोपवे का प्रावधान कहीं न कहीं पर्यटकों को आकर्षित करेगा। उद्यानिकी क्षेत्र में जबलपुर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सब्जियों के साथ ही औषधियों की खेती में किसान रुचि ले रहे हैं। ऐसे में उद्यानिकी विद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र के लिए मददगार बनेगा। उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों को बड़ी ग्रांट मिलेगी। सरकार दूध के उत्पादन पर फोकस कर रही है। इसके लिए जिले में सहकारी समितियो की संख्या बढ़ाने के लिए भी मदद मिलेगी। कक्षा आठवीं तक के बच्चों को अब ट्रेट्रा पैक में दूध मिलेगा। इसका लाभ जिले के सवा लाख विद्यार्थियों को होगा। जिले में किसानों को सोलर पंप का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार जैविक खेती का रकबा बढ़ाने का फायदा भी जबलपुर को मिलेगा।  मिलेगा फायदा 399 करोड़ रुपए से होगा जिले की नहरों का उन्नयन: बरगी बांध की दायीं और बायीं तट नजर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हाल में सगड़ा-झपनी में नहर फूटने से बड़े क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हो गई। राज्य सरकार ने दोनों नहरों की मरम्मत व उन्नयन के लिए बजट में 399 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। बहोरीबंद माइनर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत 100 करोड़ रुपये राशि का प्रावधान किया है। किसानों को बिल से राहत: बजट में कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्र के लिए बड़ा बजट दिया गया है। जिले में ढाई लाख किसान हैं। ज्यादा के पास बिजली से चलने वाले पंप हैं। एक लाख किसानों को सोलर पम्प देने की योजना बनाई गई है। इससे उन्हें बिजली बिल से राहत मिलेगी। वर्तमान में दो लाख हेक्टेयर में खेती होती है। किसानों को बिजली बिल के कारण काफी परेशानी बिल के कारण काफी परेशानी होती है। ई-बसों की जल्द मिलेगी सौगात: नगर को शीघ्र ई बसों की सौगात मिलेगी। बजट में इसकी जानकारी दी गई। पहले लॉट में 40 बस की सौगात मिल सकती है। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी। वर्तमान में नगर में सिटी बस की संख्या घटकर 50 के लगभग रह गई है। हर रूट में यात्रियों को ई बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। चौंसठयोगिनी मंदिर तक बनेगा रोपवे भेड़ाघाट के चौसठयोगिनी मंदिर में पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए रोपवे का निर्माण होगा। राज्य सरकार ने बजट में रोपवे निर्माण की योजना का संकेत दिया है। चौसठयोगिनी मंदिर तक पहुंचने के लिए 108 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। बड़ी संख्या में पर्यटक, विशेषकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से असमर्थ लोग, सीढ़ियां नहीं चढ़ पाने के कारण मंदिर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में रोपवे बनने से पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। यह भेड़ाघाट क्षेत्र में बनने वाला दूसरा रोपवे होगा। अभी धुआंधार से न्यू भेड़ाघाट छोर तक रोपवे पहले से संचालित है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक सफर करते हैं। भेड़ाघाट की ऊंचाई पर स्थित चौसठयोगिनी मंदिर परिसर में बाबा वैद्यनाथ महादेव विराजमान है। यह मंदिर करीब 870 वर्ष पुराना बताया जाता है और इसे कलचुरी काल की अद्वितीय कृति माना जाता है। इतिहासकार राजकुमार गुप्ता के अनुसार, मंदिर में सात चक्र भेदन और नाड़ी शोधन से जुड़ी योगनियां गर्भगृह बनने से लगभग 200 वर्ष पहले ही स्थापित हो चुकी थीं। लेबर चौक-अहिंसा चौक के बीच 17 करोड़ से हाईटेक रोड जिले में सड़क नेटवर्क को विस्तार देने के लिए सरकार ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की घोषणा की है। यह योजना निजी भागीदारी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निर्धारित अवधि तक रखरखाव सुनिश्चित करेगी ताकि टिकाऊ और आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार हो सके। इसमें जिले के लिए 382 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से जिले में 34 नई सड़को का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। इनमें शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की सड़कें शामिल है। इससे यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें मेहता पेट्रोल पम्प से अहिंसा चौक के बीच तीन किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिस पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

हाईकोर्ट ने रद्द किया आवमानना का केस, भोपाल कमिश्नर संस्कृति जैन को मिली राहत

जबलपुर   मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने बुधवार को नगर निगम भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई निरस्त कर दी। एकलपीठ ने उन्हें अवमानना में दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई निर्धारित की थी। जिसके खिलाफ महिला आईएएस अधिकारी ने अपील दायर की थी। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद एकलपीठ के आदेश को निरस्त करते हुए महिला आईएएस अधिकारी के पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किए। बिल्डिंग अनुमति कर दी थी निरस्त गौरतलब है कि नगर निगम भोपाल के द्वारा मर्लिन बिल्डकॉन प्रा लि. कि श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में स्थित उसकी 3520 वर्ग फीट में बिल्डिंग की अनुमति 28 अगस्त 2025 को निरस्त कर दी गयी थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका के लंबित रहने के दौरान नगर निगम ने विगत 18 जनवरी को बिल्डिंग का एक हिस्सा तोड़ दिया था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने नगर निगम की कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत पारित दिशा-निर्देश के विपरीत पाते हुए मनमानी कार्यवाही किए जाने पर नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन को तलब किया था। कमिश्नर हुईं थी उपस्थित याचिका की सुनवाई के दौरान 5 फरवरी को नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित हुईं। सुनवाई पहले के चरण में नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित होकर बिना शर्त माफी मांगते हुए हलफनामा प्रस्तुत करने की बात कही थी। दूसरे चरण में हुई सुनवाई के दौरान हलफनामा पेश नहीं किया गया। एकलपीठ ने मौखिक माफी स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता की तोड़ी गयी बिल्डिंग को बहाल करने के संबंध में जानकारी मांगी। नियम अनुसार हुई कार्रवाई एकलपीठ को बताया गया कि नियम अनुसार बिल्डिंग को तोड़ा गया है, उसे बहाल नहीं किया जा सकता है। एकलपीठ ने सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत जारी की गयी गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर अवमानना का दोषी करार देते हुए 6 फरवरी को सजा के लिए सुनवाई निर्धारित की गयी थी। नगर निगम ने दायर की अपील भोपाल नगर निगम की तरफ से एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की गयी थी। अपील के सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने 6 फरवरी को महिला आईएएस अधिकारी संस्कृति ने अपीलकर्ता बनने की इजाजत प्रदान एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। उनकी तरफ से तर्क दिया गया कि गया कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971 के सेक्शन 10 के तहत हाई कोर्ट को सिर्फ अपने आदेश या अपने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन के लिए अवमानना कार्यवाही कर सकता है। हाईकोर्ट के पास अपने से बड़ी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं है। अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार तभी है, जब न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन हुआ हो। मर्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की पूरी याचिका में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि नगर निगम ने उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश या निर्देश का उल्लंघन किया है। पूर्व में अपील की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। बुधवार को अपील की सुनवाई करते हुए उक्त आदेश के साथ युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद अपील का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किए।  

महिला मरीज पर होटल में घिनौना हमला, रिटायर्ड डॉक्टर ने अपने कमरे में रोक कर वारदात की तैयारी, फिर किया रेप

भोपाल   ग्वालियर के 65 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर पर 30 वर्षीय महिला ने संगीन आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर भोपाल ले आए। इसके बाद एमपी नगर के जोन-2 स्थित होटल में रेप किया है। महिला स्किन की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर ने कहा था कि इलाज के लिए भोपाल चलना पड़ेगा, वही पर इसके स्पेलिस्ट हैं। दवाइयों मिला दी नींद की गोली महिला का आरोप है कि इलाज के नाम पर लाकर रिटायर्ड डॉक्टर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गया। यहां उसकी दवाइयों में नींद की गोली मिला दी। इस दौरान वह चाहकर भी विरोध नहीं कर सकी। रिटायर्ड डॉक्टर ने इसी का फायदा उठाया और रेप किया। महिला की शिकायत पर एमपी नगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाउस वाइफ है महिला दरअसल, पीड़ित 30 वर्षीय महिला हाउस वाइफ है। आरोपी डॉक्टर का नाम अमरीश सेंगर है। महिला चर्मरोग से पीड़ित थी। वह डॉक्टर के पास इलाज कराने गई थी। अमरीश पहले सरकारी अस्पताल में कार्यरत रहे हैं। रिटायर्ड होने के बाद वह क्लिनिक चलाते हैं। महिला की बीमारी में कोई सुधार नहीं हो रहा था और स्किन की बीमारी और फैलने लगी। चर्म रोग का इलाज चल रहा था भोपाल में एक होटल में रुके और खाने में नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। डॉक्टर अमरीश सेंगर से पिछले 7 महीने से महिला का चर्म रोग का इलाज चल रहा था। पीड़िता ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है। पुलिस डॉक्टर की तलाश और मामले की जांच में जुटी है। स्पेशलिस्ट दिखाने की बात कहकर आया भोपाल इसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला से कहा कि उसे भोपाल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह लेने होगी। उसने दावा किया कि वहां कुछ टेस्ट होंगे जो ग्वालियर में नहीं हो सकते हैं। होटल में कोई दूसरा कमरा नहीं आरोपी डॉक्टर 14 फरवरी को महिला को लेकर भोपाल आया। इस दौरान एमपी नगर स्थित होटल में लाया। महिला ने डॉक्टर से कहा कि मुझे अलग कमरा चाहिए। इस पर डॉक्टर ने कहा कि इस होटल में कोई दूसरा कमरा खाली नहीं है। 14 फरवरी की रात ही आरोपी ने होटल में उसके साथ रेप किया है। पुलिस महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, डॉक्टर की तलाश की जा रही है। घटना के बाद महिला ने अपने पति को सारी बात बताई थी। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई है।