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मुख्यमंत्री सुभाष स्कूल में प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में हुए शामिल

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएम  विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता  मती कोकिला सेन,   बद्री प्रसाद तिवारी,   बृजमोहन आचार्य,   देवकृष्ण व्यास,   किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया।  मती कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह   बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री   उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था। कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया। हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान  राम,  कृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है। कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री  सिंह स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है। स्कूल शिक्षा मंत्री   सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली … Read more

सीएम मोहन यादव बोले: इंडिया-यूरोपियन यूनियन डील से आम वस्तुओं की कीमतों में राहत

भोपाल  भारत ने यूरोपियन यूनियन के ट्रेड डील की है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ वार का जवाब माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस डील पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत व यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि इसका मध्यप्रदेश सहित देश के सभी राज्यों को भी लाभ होगा, अनेक वस्तुएं सस्ती होंगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। सीएम मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। राज्यों को भी भरपूर लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में ये विचार व्यक्त किए। भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है।

गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें। मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।  

एनसीपी नेता अजित पवार की मौत, राजनीतिक गलियारों में छाया मातम, नेताओं ने कही संवेदनाएं

भोपाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में आज सवेरे पौने नौ बजे हुए प्लेन क्रेश में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। उपमुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है। सीएम यादव ने जताया दुख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर दिए अपने संदेश में कहा- महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वे जमीन से जुड़े नेता थे। उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जताया दुख कमलनाथ ने अपने संदेश में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। दिग्विजय सिंह ने भी जताया दुख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी अजीत पवार के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अजित दादा के विमान हादसे में दुखद निधन की खबर सुनकर अत्यंत व्यथित हूं। सुनेत्रा जी और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं और इनमें कार्यरत कामगारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। श्रीमती गौर ने बुधवार को सेफ्टी काउंसलिंग मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित अवार्ड समारोह में अपने संबोधन के दौरान ये बात कही।  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक उद्योग और प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्रीज में सुरक्षित कार्य वातावरण न केवल श्रमिकों की जान बचाता है, बल्कि उत्पादन क्षमता और विकास को भी मजबूती देता है। सुरक्षा को बाधा के रूप में देखने की मानसिकता बदलनी होगी, क्योंकि यह किसी भी उद्योग की सतत प्रगति का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है और औद्योगिक संस्थानों को आधुनिक सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी चाहिए। सुरक्षित उद्योग ही मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में सेफ्टी काउंसलिंग के सचिव श्री एस. ए. पिल्लई, श्री एस. एन. डागा, श्री प्रफुल्ल कोहड़े, श्री के. एन. महापात्र समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिश्तों को समझ की नई दिशा: भोपाल में शुरू हुआ ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल सेंटर

भोपाल. मजबूत परिवार, सशक्त समाज की दिशा में निर्णायक पहल महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के मार्गदर्शन में विवाह-पूर्व संवाद को संस्थागत स्वरूप देने वाली देश की पहली संरचित पहल ‘तेरे मेरे सपने’ के अंतर्गत प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर (PMCC) का शुभारंभ भोपाल में किया। इस अवसर पर उन्होंने शक्ति सदन का भी शुभारंभ किया। मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि जब “तेरे” और “मेरे” सपने मिलकर “हमारे” सपने बनते हैं, तभी एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार होते हैं और मजबूत परिवार सोच-समझकर बनाए गए रिश्तों से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिदृश्य में विवाह से पहले संवाद, समझ और भावनात्मक तैयारी अत्यंत आवश्यक हो गई है। ‘तेरे मेरे सपने’ पहल युवाओं को विवाह से पूर्व आपसी अपेक्षाओं, मूल्यों, जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा करने का सुरक्षित एवं मार्गदर्शित मंच प्रदान करती है। मंत्री  भूरिया ने कहा कि संवाद की कमी, अवास्तविक अपेक्षाएँ और भूमिका स्पष्टता के अभाव में कई वैवाहिक रिश्ते तनाव, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा तक पहुँच जाते हैं। ऐसे में प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर न केवल विवादों की रोकथाम में सहायक होंगे, बल्कि सम्मान, सहमति और समानता पर आधारित रिश्तों को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्भया फाउंडेशन द्वारा संचालित यह परियोजना महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करती है। विवाह से पहले स्पष्टता और संवाद घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों की संभावनाओं को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं। मंत्री  भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया राहटकर के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल का चयन किया गया।अभियान से जुड़ी डॉ. प्रतिभा राजगोपाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण अनुभव से इस पहल को व्यावहारिक और सशक्त दिशा मिलेगी। उन्होंने समाज के अध्यक्षों, धर्मगुरुओं, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे विवाह को केवल सामाजिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समझदारी और साझेदारी का निर्णय बनाएं तथा विवाह से पूर्व संवाद को स्वीकार करें। मंत्री   भूरिया ने निर्भया फाउंडेशन की पूरी टीम को इस संवेदनशील और दूरदर्शी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो समाज को सुरक्षित, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘तेरे मेरे सपने’ पहल के अंतर्गत अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को संवाद कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय योजना, लैंगिक समानता और पारिवारिक जिम्मेदारियों से संबंधित परामर्श प्रदान किया जा रहा है।   भूरिया ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को जिन्हें पीएमसीसी का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है उन्हें प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। तेरे मेरे सपने’ – PMCCs की विशेषताएँ यह भारत की पहली संरचित पहल है, जो युवाओं को विवाह पूर्व संवाद, भावनात्मक शिक्षा और आपसी समझ प्रदान करती है। विवाह पूर्व परामर्श सत्र करके अपेक्षाएँ, मतभेद प्रबंधन, वित्तीय योजना, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक भूमिकाओं पर मार्गदर्शन दिया जाता है। इंटरैक्टिव गतिविधियाँ के माध्यम से मनोवैज्ञानिक टूल्स और अभ्यासों के जरिए भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को बढ़ाया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेजों, विवाह पंजीकरण कार्यालयों और समुदायों के माध्यम से संवाद कौशल को प्रोत्साहित किया जाता है। आगे की राह उल्लेखनीय है कि अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग का लक्ष्य है कि भविष्य में देश के प्रत्येक ज़िले में ऐसा केंद्र स्थापित किया जाए। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों के मामले अधिक हैं।  

अजित पवार के विमान हादसे में ग्वालियर की पायलट शांभवी पाठक, मैसेज कर दी थी दादी को

ग्वालियर  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। अजित पवार जिस चार्टर्ड प्लेन में सवार थे, उस प्लेन को ग्वालियर की रहने वाली शांभवी पाठक उड़ा रही थी। शांभवी पाठक ग्वालियर की रहने वाली थी। उनका जन्म ग्वालियर में ही हुआ और उनका बचपन भी वहीं बीता। उनकी दादी मीरा पाठक को शांभवी ने मुंबई से सुबह 6:36 पर मैसेज भेजा और उसमें लिखा था गुड मॉर्निंग दद्दा… इसके बाद शांभवी अपनी फ्लाइट पर पहुंच गईं और 8:46 बजे प्लेन क्रैश हो गया। ग्वालियर में फिलहाल शांभवी की दादी मीरा पाठक रहती हैं। पायलट शांभवी के घर पर उनकी कुछ बचपन की तस्वीरें हैं और फाइटर प्लेन से उन्हें बेहद लगाव था, क्योंकि उनके पिता भी इंडियन एयरफोर्स में रहे हैं। अगस्त में ग्वालियर आई थी शांभवी शांभवी पाठक के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। दादी मीरा पाठक ने बताया कि वह ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में जन्मी और यहीं एयर फोर्स स्कूल में पढ़ाई लिखाई हुई और उसके बाद वह दिल्ली चली गई। अगस्त के महीने में शांभवी पाठक ग्वालियर आई थी। शांभवी पाठक के बारे में दादी ने बताया कि वह बेहद हंसमुख थी और हमेशा मुझसे बात करती रहती थी।  पड़ोसी पहुंचे घर वहीं शांभवी पाठक की सूचना मिलते ही उनके पड़ोसी भी उनकी दादी के पास पहुंच गए। पड़ोसी महिलाओं ने बताया कि वह बहुत चंचल स्वभाव की थी और वह जब ग्वालियर आई थी तो उनसे मिलना जुलना होता था और खूब बातें करती थी। आज उसकी निधन की सूचना मिलने से गम का माहौल है। 

भागीरथपुरा की जल आपदा: दूषित पानी से 30वीं मौत दर्ज, शहर में हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इससे पहले मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।बुधवार को उनके स्वजन और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। समझाइश के बाद वे लोग अंत्येष्ठि के लिए माने और शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवना हुए। लक्ष्मी रजक जैन (निवासी)दूध वाली गली) दूषित पानी से फैले संक्रमण की शिकार हुईं। विडंबना यह रही कि उनके पति स्वर्गीय डॉ. के.डी. रजक ने जीवनभर मरीजों का इलाज किया, लेकिन उनके ही परिवार को यह त्रासदी झेलनी पड़ी। परिजनों के अनुसार रविवार को लक्ष्मी रजक को अचानक घबराहट और पेट में तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश गुप्ता ने बताया कि जांच में लक्ष्मी रजक की किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया था। संक्रमण तेजी से फैल चुका था और अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि उनके पति का निधन भी महज 17 माह पहले हुआ था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इसी दिन भागीरथपुरा निवासी 62 वर्षीय पूर्व पहलवान खूबचंद बंधोनिया की भी उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवरेज मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसकी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को पटखनी देने वाले खूबचंद दूषित पानी के संक्रमण से जंग हार गए। दो मरीज वेंटिलेटर पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस बीमारी का कहर भले ही अब काफी हद तक कम चुका है, लेकिन क्षेत्र के लोग अब भी परेशान है। भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 4,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से लगभग 450 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में पानी की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।    

लव और भागकर शादी करने वालों के लिए रतलाम में नया आदेश, 6 पर प्रशासन ने किया एक्शन

 रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक गांव में प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों और उनके परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी होने से सनसनी फैल गई. अब इस अजीब फरमान का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने छह ग्रामीणों के खिलाफ शांति बनाए रखने के लिए कानूनी कार्रवाई की. प्रशासन ने साफ किया है कि कानून से ऊपर कोई सामाजिक तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. घर से भागकर प्रेम विवाह करने पर बायकॉट यह मामला रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित पांचेवा गांव का है. यहां 23 जनवरी को गांव के कुछ लोगों ने ऐलान किया कि जो युवक-युवतियां घर से भागकर प्रेम विवाह करेंगे, उनका और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों की मदद करने वालों को भी इसी सजा का सामना करना पड़ेगा. हुक्का पानी भी किया जाएगा बंद इस फरमान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति गांव के लोगों के सामने यह घोषणा करता नजर आ रहा है. वीडियो में कहा गया कि प्रेम विवाह करने वालों को किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा, उन्हें रोजगार नहीं दिया जाएगा और यहां तक कि दूध व अन्य दैनिक जरूरतों की आपूर्ति भी बंद कर दी जाएगी. वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया. रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर गांव के छह लोगों को ‘बाउंड ओवर’ किया गया है, यानी उन्हें कानूनन शांति बनाए रखने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए पाबंद किया गया है. न्याय विभाग के सहयोग से गांव में संवाद कार्यक्रम एसपी अमित कुमार ने यह भी बताया कि पांचेवा गांव के एक पीड़ित परिवार की शिकायत को संबंधित थाना अधिकारियों को भेज दिया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस और जिला प्रशासन अब सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से गांव में संवाद कार्यक्रम चला रहे हैं, ताकि लोगों को कानून, संविधान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बारे में जागरूक किया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी. 

हीरो आरक्षक नीतू रावत: ट्रेन में कठिन हालात में गर्भवती की जान बचाई, सम्मान से किया गया सम्मानित

डबरा ग्वालियर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ग्वालियर विकास समिति द्वारा आयोजित 47वां अभिनंदन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह न केवल सम्मान का मंच बना, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की एक जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत की। इस समारोह में रेलवे सुरक्षा बल डबरा में पदस्थ आरक्षक नीतू रावत को उनके असाधारण साहस और मानवीय कार्य के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया। नीतू रावत ने ट्रेन में सफर के दौरान अत्यधिक प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला की जान बचाकर यह साबित कर दिया कि मातृशक्ति केवल वर्दी में नहीं, बल्कि करुणा और साहस में भी सर्वोपरि होती है। उनके इस कार्य ने न केवल एक मां और नवजात के जीवन को सुरक्षित किया, बल्कि समाज को संवेदनशीलता और सेवा का सशक्त संदेश भी दिया। कार्यक्रम का आयोजन निजी होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक अमित सांघी रहे। अध्यक्षता जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार आचार्य ने की। सम्मान स्वरूप नीतू रावत को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, मोतियों की माला एवं पौधा भेंट किया गया। संस्था द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया गया कि ट्रेन में आपात स्थिति के दौरान नीतू रावत ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को बीच ट्रैक पर रुकवाया और गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर जननी और नवजात शिशु दोनों का जीवन बचाया। मंचासीन अतिथियों ने कहा कि जिस गरिमा के साथ नीतू रावत ने अपना कर्तव्य निभाया, वह समाज और पुलिस बल दोनों के लिए प्रेरणास्रोत है।