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पंचमढ़ी नगर के नजूल क्षेत्र को पंचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति

नर्मदापुरम जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति जनजातीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और राजस्व विभाग की योजनाओं के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास लिए 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अुनसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रूपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।  

युवाओं के भविष्य को संवारने की पहल, विद्यार्थियों को मिल रहा बहुआयामी प्रशिक्षण

भोपाल.  प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल विकास का दिया जा रहा प्रशिक्षण प्रदेश के शासकीय स्‍कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को स्‍कूल जीवन से ही भविष्‍य के अवसर प्राप्‍त हो, इसके लि‍ए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक 5 दिवसीय करियर मेला एवं करियर काउंसलिंग अभि‍यान चलाया जा रहा है, जिसकी मंगलवार से शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान, लोक शिक्षण संचानालय मध्यप्रदेश द्वारा यूनिसेफ एवं म.प्र. राज्‍य ओपन बोर्ड/ओपन स्कूल के सहयोग से किया जा रहा है। विद्यार्थियों को सही कैरियर चयन एवं उनके उज्ज्वल भविष्य निर्माण की दिशा में विभाग की यह पहल एक महत्वपूर्ण पहल है। पांच दिवसीय कैरियर मेलों और काउंसलिंग सत्रों में विद्यार्थियों को करियर के विविध विकल्पों की जानकारी के साथ ही शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं कौशल आधारित मार्गदर्शन दि‍या जाएगा। उन्हें जीवन कौशल, करियर योजना एवं भविष्य की तैयारी के लिए सक्षम विभाग द्वारा सक्षम बनाया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्‍न शासकीय सेवाओं एवं उच्च शिक्षा के अवसरों से भी परिचित कराया जा रहा है। विभाग की इस पहल से लगभग 21 लाख विद्यार्थियों के लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में ओपन स्कूल के माध्यम से यूट्यूब लाइव सत्र एवं वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं, जिन्हें विद्यालय स्तर पर टीवी/प्रोजेक्टर/मोबाइल/टैब से विद्यार्थियों को दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध करियर काउंसलर विद्यालयों में जाकर काउंसलिंग सत्र आयोजित कर रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में नोडल शिक्षक एवं तकनीकी नोडल शिक्षक की नियुक्ति भी की गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू)

राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक बिजली, प्राणों की समान है महत्वपूर्ण 60 हजार करोड़ रूपए लागत के यह समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का बनेंगे आधार अनूपपुर में स्थापित होंगे नए पॉवर हाउस टोरेंट, अदाणी और हिन्दुस्थान थर्मल ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के साथ किया अनुबंध भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के श्री जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के श्री एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के श्री रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश के साथ बदल रहा मध्यप्रदेश भी

भोपाल . दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर होने पर सोहागपुर वासियों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। पिछले 11 वर्षों के कालखंड में संपूर्ण देश के साथ हमारा प्रदेश भी बदल रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल में अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री  मोदी ने बुंदेलखंड से केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के कई जिलों के किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रगति में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में नर्मदापुरम जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे सोहागपुर और पिपरिया क्षेत्र के किसानों एवं स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों को अनुपम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक  विजयपाल सिंह ने क्षेत्रवासियों को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। सोहागपुर से आए पार्टी पदाधिकारी, स्थानीयजन एवं विस्थापित जनजातीय परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। विरासत भी और विकास भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट अब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है और इसके सुखद परिणाम अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे निकट भविष्य में सोहागपुर-पिपरिया और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित कर हमने क्षेत्र के गौरव राजा भभूत सिंह का स्मरण किया। इसी प्रकार इंदौर, खजुराहो, ग्वालियर जैसे स्थानों पर भी कैबिनेट बैठकों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोहागपुर विधानसभा के 63 गांवों को मिलेगा पर्याप्त जल विधायक  विजयपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधा से लैस हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता से किया अपना वादा निभाया और आज कैबिनेट ने क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए लगभग 226 करोड़ रुपए लागत की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंने कहा कि तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना से बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 गांवों की 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वहीं, तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना से 6000 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। परियोजना से सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। दोनों परियोजनाओं से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाला जनजातीय समुदाय सर्वाधिक लाभान्वित होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल के साथ सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। अभिनंदन समारोह में नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद  दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया,  राजेंद्र सिंह,  महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

खाड़ा गांव में हाथियों का कहर: घर ध्वस्त, दो गायों की मौत

शहडोल, मध्यप्रदेश में अनूपपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खाड़ा गांव में सोमवार को छत्तीसगढ़ से आए तीन हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने बलराम केवट के मकान पर हमला कर उसमें रखा अनाज खा लिया, वहीं बगीचे में बंधी दो गायों को कुचलकर मार डाला।  घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया और नुकसान का सर्वे किया गया। वनकर्मियों ने हाथियों की लोकेशन के आधार पर गांव में मुनादी कराते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया तथा उन्हें पक्के मकानों में रहने और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर हटाने की अपील की।  

नकली दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बना युवक, भोपाल कोर्ट का सख्त फैसला—तीन साल की जेल

भोपाल जिला कोर्ट ने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट हासिल करने वाले एक डाक्टर को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। 23वें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने आरोपित सुनील सोनकर को जालसाजी का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।यह मामला वर्ष 2010 की पीएमटी परीक्षा से जुड़ा है। आरोपित सुनील सोनकर ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। मध्यप्रदेश राज्य कोटे की सीट का अनुचित लाभ उठाने के उद्देश्य से आरोपित ने कूटरचित (फर्जी) मूल निवासी प्रमाण पत्र तैयार करवाया और उसे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पेश किया।   एसटीएफ ने धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर एसटीएफ थाना भोपाल ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना (धारा 420, 467, 468 और 471) के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अकील खान और सुधाविजय सिंह भदौरिया ने की। अभियोजन द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपित ने एक योग्य उम्मीदवार का हक मारकर फर्जी तरीके से सीट हासिल की थी। साक्ष्यों से सहमत होते हुए अदालत ने आरोपित को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध ठहराते हुए सजा का ऐलान किया।

सांसद नवीन जैन द्वारा केन्द्रीय कारागार सागर के हथकर्घा केन्द्र का अवलोकन

सागर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित जैन धर्म के सर्वोच्च्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस के अवसर कार्यक्रम के क्रम में मध्य प्रदेश के जिला सागर के केंद्रीय कारागार पहुंच कर सांसद नवीन जैन ने आचार्य श्री की प्रेरणा से शुभारम्भ हुआ विद्यासागर जी महाराज हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन कर मौजूद कैदियों से वार्ता की। आचार्य श्री की प्रेरणा से लगभग 150 से अधिक विभिन्न स्थानों पर हथकरघा के माध्यम से व्यक्ति स्वावलंबी हो रहे हैं और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर रहें हैं। यह हथकरघा के माध्यम पूर्ण रूप से अहिंसक वस्त्र होने के साथ साथ त्वचा रोग से भी बचाव के साथ स्वदेशी भावना की सिद्धि होती है। इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन,जिला कारागार अधीक्षक मनोज मिश्रा जी,हरिओम जी,रेखा दीदी जी,नीलम दीदी जी, मुकेश जैन जी ढाना,सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।।

पीएससी एवं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित करें समीक्षा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

औपचारिकताओं की प्राथमिकता से करें पूर्ति चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों और उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा कर दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। बैठक में चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय मैनपावर भर्ती से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा की पीएससी एवं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाये। समस्त औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति की जाये। बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों पर प्राथमिकता से पूर्ति के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए वर्तमान में उपलब्ध मॉडलों की विस्तृत समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ की जाय। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर पदस्थापना अनिवार्य है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी तथा मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। बताया गया कि अग्रेषित 1377 विशेषज्ञ भर्ती प्रक्रिया में 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक एवं प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की कार्यवाही की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को अग्रेषित करने के निर्देश दिए ताकि मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर एवं रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो और शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम हो। सीएम केयर्स योजना के क्रियान्वयन के लिए की जा रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रि-परिषद की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए कि बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों में विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी-सत्र से संचालन प्रस्तावित है, इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ति चरण में हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक और सहायक मैनपावर भर्ती का कार्य भी समय से पूर्ण करें, जिससे एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूर्ण की जा सके। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल, संचालक स्वास्थ्य श्री दिनेश श्रीवास्तव, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार, संचालक श्रीमती मल्लिका निगम नागर, संचालक वित्त (एनएचएम) श्री वीरभद्र शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उद्यमिता की उड़ान: ‘स्टार्टअप आइडिया टू स्केल’ थीम पर एमएसएमई झांकी ने खींचा ध्यान

भोपाल . एमएसएमई की "स्टार्टअप आइडिया टू स्केल” थीम पर आधारित झांकी बनी आकर्षण का केंद्र गणतंत्र दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह में लाल परेड मैदान पर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा “Startup – Idea to Scale” थीम पर आधारित झांकी का प्रदर्शन किया गया। झांकी दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के प्रथम दृश्य में यूनिकॉर्न (Unicorn) को प्रदर्शित किया गया, जो राज्य में स्टार्टअप्स की वैश्विक सफलता, नवाचार आधारित उद्यमिता एवं सतत (Sustainable) विकास का प्रतीक है। यह दृश्य मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाता है। झांकी में आगे आधुनिक इलेक्ट्रिक परिवहन, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, मेगा इनक्यूबेशन/इनोवेशन सेंटर, हेल्थ-टेक, शिक्षा एवं कौशल विकास में एआर/वीआर तकनीक तथा स्टार्टअप्स की विकास यात्रा को IDEA → PROTOTYPE → GTM (Go-To-Market) → SCALE चरणों के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया गया। अंतिम दृश्य में आधुनिक बुलेट ट्रेन के माध्यम से तेज, सतत एवं भविष्य उन्मुख औद्योगिक विकास का प्रतीकात्मक चित्रण किया गया। यह सम्पूर्ण झांकी आयुक्त उद्योग  दिलीप कुमार के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तैयार एवं प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य का सशक्त संदेश दिया गया।  

उपभोक्ताओं को मिले गुणवत्तापूर्ण बिजली : ऊर्जा मंत्री तोमर

बिजली की ट्रिपिंग कम से कम हो समाधान योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी भोपाल किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को सतत् एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ट्रिपिंग की समस्या कम से कम होनी चाहिए। समाधान योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात मंगलवार को विभागीय योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा के दौरान कही। मंत्री श्री तोमर ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं से बात कर विद्युत आपूर्ति और समाधान योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मेंटेनेंस में कोताही नहीं बरतें। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में कितना बिजली बिल बकाया है, कितना वसूली योग्य है और कितना वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बड़े डिफॉल्टरों के विरूद्ध पहले कार्रवाई करें। मंत्री श्री तोमर ने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली दें और साथ ही अच्छी वसूली भी करें। गलत बिजली बिलों को सुधारने की कार्यवाही प्राथमिकता से करें। कार्यों पर लापरवाही पर नोटिस जारी करें। समाधान योजना में अभी तक जमा हुए 745 करोड़ 92 लाख रूपये समाधान योजना में अभी तक 745 करोड़ 92 लाख रूपये उपभोक्तओं द्वारा जमा कराएं जा चुके है। इन उपभोक्ताओं के 301 करोड़ 40 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत 150 करोड़ 22 लाख, मध्य क्षेत्र में 469 करोड़ 47 लाख और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में 126 करोड़ 23 लाख रूपये जमा हुए हैं। बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री ऋषि गर्ग एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के चीफ इंजीनियर और एसई उपस्थित थे।