samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश में एक नई तहसील का गठन, शासन ने किया ऐलान

 ग्वालियर  मध्यप्रदेश को एक नई तहसील मिली है। मध्यप्रदेश शासन ने ग्वालियर जिले की पिछोर को उप तहसील से तहसील बनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही मौजूदा नायब तहसीलदार पूजा यादव को पिछोर की तहसीलदार बनाया गया है। बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व में मध्य प्रदेश शासन के तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद यहां पदस्थ नायब तहसीलदार को पूजा यादव को ही तहसीलदार नियुक्त किया गया है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद पिछोर नगर वासियों में हर्ष का माहौल है। 1965 में पिछोर तहसील हुआ करता था लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दिया गया तब पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिल गया है। अब पिछोर क्षेत्र के अलावा बिलौआ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा तक नहीं जाना पड़ेगा । तहसील का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। लोगों की काफी समय से रही ये मांग अब जाकर पूरी हुई है। पिछोर के तहसील बनने से लोगों को कई तरह से फायदा होगा और उनके कई काम यहीं हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व गृहमंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। अब सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि  सन 1965 में पिछोर तहसील ही हुआ करती थी, लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दे दिया गया और पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिला है। इस फैसले के बाद  पिछोरवासियों में काफी खुशी है। ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा का रुख नहीं करना पड़ेगा और इसके साथ ही दूसरी कई समस्याओं से भी निजात मिलेगी जो तहसील स्तर की होती हैं । बिलौआ क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा। यहां मौजूदा नायब तहसीलदार को ही बना दिया गया तहसीलदार वहीं  यहां पदस्थ नायब तहसीलदार पूजा यादव को ही पिछोर का तहसीलदार बना दिया गया है। वहीं पिछोर के तहसील बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में  तहसीलों की संख्या भी 9 हो गई हैं। राजस्व संबंधी समस्या के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान पिछोर के उप तहसील से तहसील बनने से अब पिछोर के साथ ही बिलौआ क्षेत्र के रहवासियों को राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा और पिछोर में ही उनकी समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। क्योंकि अब पिछोर में तहसीलदार के साथ चार नायब तहसीलदार भी बैठेंगे। पिछोर के बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में 9 तहसील हो गई हैं। इनमें ग्वालियर, डबरा, भितरवार, चीनोर, घाटीगांव, तानसेन, मोरार और पिछोर शामिल हैं। सिटी सेंटर पिछोर की पहली तहसीलदार बनने पर पूजा यादव का गुलमेर खान ,अर्जुन यादव, दीपक पटसारिया रहीश खान, राम जानकी, राजेश पंडा, प्रमोद पांडे, प्रमोद यादव, कल्लू खान आदि ने स्वागत किया ।

मकर संक्रांति पर MP के मौसम का मिजाज बदला, जानिए अपने शहर में कैसी है ठंड और धूप

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस बार ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बना हुआ है। वहीं आज मकर संक्रांति के दिन ठंड से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिला।जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाया रहा। राहत की बात यह है कि आज प्रदेश के किसी भी जिले में कोल्ड डे या शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। ग्वालियर-बुंदेलखंड में सर्द हवाएं जारी जिससे शीतलहर की चेतावनी नहीं होने के बावजूद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पतंगबाज बेझिझक उड़ा सकेंगे अपनी पतंगे बुधावर के मौसम के इस मिजाज को देखते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी के शौकीन लोगों के लिए हालात अनुकूल रहने वाले हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार बुधवार को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटों की बात करें तो मध्य प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया. राजधानी भोपाल में भी न्यूनतम तापमान लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है, जिससे लोगों को रात के समय जबरदस्त ठंड का सामना करना पड़ा. दिन में भी शीत लहर का असर साफ नजर आया और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे बनाए रखा. उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंड का दायरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में न तो कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और न ही कहीं कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। ऐसे में लोग मकर संक्रांति का पर्व बिना किसी मौसम संबंधी परेशानी के उत्साहपूर्वक मना सकेंगे। खास तौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मकर संक्रांति पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। साफ मौसम और तेज धूप की मौजूदगी में पतंग उड़ाने में किसी तरह की बाधा आने की संभावना नहीं है। ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। इस कारण यहां के शहरों में सबसे ज्यादा ठंड है। सोमवार-मंगलवार की रात में ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी सबसे ठंडे रहे। ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में पारा 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर कोहरे का असर भी देखने को मिला। इस वजह से ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों लेट रही। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला-राजगढ़ में 6.4 डिग्री और रीवा में पारा 6.5 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में भी उत्तरी हिस्सा ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री, श्योपुर में 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़-उमरिया में 24 डिग्री, मलाजखंड में 23 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं से आज मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार आज मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। सुबह के समय ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जबकि अन्य जिलों में हल्का कोहरा देखने को मिला। बुधवार को भी शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई है, हालांकि उत्तरी हिस्सों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। करौंदी-नौगांव सबसे ठंडा मंगलवार को प्रदेश के पांच सबसे ठंडे शहरों में करौंदी और छतरपुर का नौगांव  पहले स्थान पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद चित्रकूट में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री और खजुराहो में 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो मुरैना में सबसे कम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में 19.8 डिग्री, चित्रकूट में 20.4 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री और पृथ्वीपुर में 21.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। कल से नया सिस्टम, एमपी में 2-3 दिन बाद असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से 2 से 3 दिन बाद एमपी के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने के आसार है। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर … Read more

कुबेरेश्वरधाम में मकर संक्रांति पर विशेष आयोजन, 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं से बनेगा शिव भोग

सीहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम पर मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी गहन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो प्रकृति, कृषि और आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में बांधता है। कुबेरेश्वरधाम में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है, जो सूर्य के उत्तरायण होने की इस शुभ बेला में भगवान शिव की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित करती है। 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं का विशेष भोग मकर संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष कुबेरेश्वरधाम में लगभग 5100 तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। तिल और गुड़ का विशेष महत्व इस पर्व से जुड़ा हुआ है, जो स्वास्थ्य, मधुरता और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। आधुनिक भोजनशाला में इन लड्डुओं के निर्माण की तैयारियां पूरे विधि-विधान और शुद्धता के साथ की जा रही हैं। भोग अर्पित होने के पश्चात इन्हें श्रद्धालुओं में प्रसादी के रूप में वितरित किया जाएगा, जिससे हर भक्त इस पावन पुण्य का सहभागी बन सके। हजारों श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रसादी व्यवस्था धाम पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई है। तिल-गुड़ के लड्डुओं के साथ-साथ खिचड़ी, नुक्ती, मिठाई और नमकीन भी वितरित की जाएगी। मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही कारण है कि इस पर्व पर खिचड़ी का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। कुबेरेश्वरधाम में यह परंपरा पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से निभाई जाती है। सेवा कार्यों में जुटे मंदिर पदाधिकारी मंगलवार को मंदिर व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं समिति के वरिष्ठ सदस्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। सेवा को ही साधना मानकर कार्य कर रहे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बनता है। पूरा वातावरण “सेवा ही शिव है” की भावना से ओतप्रोत दिखाई देता है। मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और नई फसल की कटाई का प्रतीक है। यही कारण है कि यह त्योहार केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। कुबेरेश्वरधाम पर इस दिन आस्था के साथ-साथ लोक परंपराओं का भी सुंदर संगम देखने को मिलता है। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों की रूपरेखा मकर संक्रांति के आयोजन के साथ ही विठलेश सेवा समिति द्वारा आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार किया। कुबेरेश्वरधाम निरंतर धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां मनाए जाने वाले पर्व न केवल श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति जगाते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  

भोपाल स्लॉटर हाउस कांड पर बड़ा एक्शन, 11 कर्मचारी सस्पेंड, ठेका मालिक को ब्लैक लिस्ट किया गया

भोपाल  गोवध मामले में नगर निगम के 32 करोड़ से बने स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। निगम शहर में पशु स्लॉटरिंग का इंतजाम नहीं करेगा। शहर के बाहर व्यवस्था करने की जिम्मेदारी प्रशासन के पाले में डाल दी। स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटाई करने वाली लाइव स्टॉक प्रालि कंपनी व मालिक असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया है। निगम ने 11 कर्मियों को सस्पेंड किया है।   भोपाल नगर निगम की परिषद बैठक में जोरदार हंगामा हुआ. नगर निगम के स्लॉटर हाउस से गोमांस की सप्लाई के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बैठक में कड़ा विरोध जताया. इस मामले को लेकर परिषद में कांग्रेस पार्षद दल के सदस्य भी आक्रामक रहे और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का घेराव किया. वहीं मामले से दुखी 2 भाजपा पार्षद परिषद की बैठक छोड़कर चले गए. एक घंटे देरी से शुरू हुई बैठक बता दें की गोमांस को लेकर पहले से ही हंगामा होना तय था. कांग्रेस पार्षदों ने पहले ही इसकी तैयारी कर ली थी. वहीं भाजपा के पार्षदों ने भी इस मामले में परिषद को घेरने की तैयारी की ली. एक दिन पहले गोमांस वाले मुद्दे को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने भी नगर निगम कार्यालय का घेराव किया था. महापौर और परिषद पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का भी दवाब था. ऐसे में सबसे पहले स्लॉटर हाउस में पदस्थ वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कराया गया. इसके आदेश संभागायुक्त संजीव कुमार सिंह ने जारी किए. निलंबन का लेटर जारी होने के बाद करीब एक घंटे देरी से परिषद की बैठक शुरू हुई और सत्तापक्ष ने डॉक्टर के निलंबन की जानकारी दी. 11 नगर निगम के कर्मचारी होंगे निलंबित परिषद बैठक शुरू होते ही दोनों पक्षो के पार्षद ने गोमांस मामले में उच्च स्तरीय कमेटी और आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग की. इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने सदन को कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे. निगम अध्यक्ष ने आयुक्त को निर्देश दिया कि इस मामले में स्लाटर हाउस में कार्यरत नगर निगम के सभी 11 कर्मचारियों को निलंबित किया जाए. इसके साथ ही स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टॉक को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में यह एजेंसी नगर निगम के किसी भी टेंडर में पार्टिसिपेट ना कर सके, यह भी सुनिश्चित किया जाए. शासन स्तर पर होगी उच्च स्तरीय जांच कांग्रेस पार्षद दल के सदस्यों ने कहा कि उन्हें नगर निगम की जांच कमेटी पर भरोसा नहीं है. इसलिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई जाए. यदि नगर निगम के अधिकारी ही जांच कमेटी में शामिल होंगे तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी. इसके बाद नगर निगम अध्यक्ष ने कहा कि परिषद की ओर से व्यवस्था दी जा रही है कि इस मामले की जांच नगर निगम के बाहर के शासन स्तर के अधिकारी करेंगे, इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा. भाजपा पार्षद का इस्तीफ़ा, अध्यक्ष ने किया अस्वीकार नगर निगम परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और महापौर व एमआईसी के इस्तीफे की मांग की. भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव भी विरोध में जैकेट पर कागज चस्पा कर पहुंचे. भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों समेत कई सदस्यों ने विरोध जताया. इस दौरान भावुक होकर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने परिषद से इस्तीफ़ा देने की चेतावनी दी. उनका कहना था कि जब तक गोमांस के मामले में शामिल सभी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती वह परिषद में वापस नहीं आएंगे. हलाकि बाद में भाजपा पार्षद उन्हें परिषद में लेकर आए और निगम अध्यक्ष ने उनका इस्तीफ़ा अस्वीकार कर दिया. परिषद से बहिर्गमन के दौरान भार्गव के साथ भाजपा पार्षद नीरज सिंह भी साथ रहे. महापौर ने कहा- एमआईसी ने नहीं दी गोवंश काटने की अनुमति महापौर मालती राय ने कहा कि स्लॉटर हाउस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. विपक्ष द्वारा 2024 में एमआईसी के अनुमोदन पर भवन निर्माण और अनुमति को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय न तो महापौर परिषद थी और न ही यह प्रक्रिया उनके कार्यकाल में शुरू हुई. महापौर परिषद ने स्लॉटर हाउस में गोवंश काटने की अनुमति नहीं दी थी. पीपीपी मोड पर बने टेंडर, प्रक्रिया, अधिकारियों की भूमिका और निगरानी से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. भाजपा पार्षद ने दिया इस्तीफा भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव, सुरेंद्र वाडीका, पप्पू विलासराव घाटगे ने एमआइसी पर मनमानी के आरोप लगाए। कहा, संगठन गोरक्षा मुद्दे पर राजनीति करता है, पर हमारी ही सरकार गो-रक्षा नहीं कर सकी। पार्षद देवेंद्र ने पद से इस्तीफा दिया और चले गए। अध्यक्ष ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। यह है मामला जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस से भैंस के मांस की आड़ में गोमांस सप्लाई किया जा रहा था। दिसंबर में पुलिस ने मुंबई भेजे जा रहे मांस की बड़ी खेप से सैंपल लिए तो गोमांस की पुष्टि हुई। इसके बाद स्लॉटर हाउस की ठेका कंपनी लाइव स्टॉक और मालिक कुरैशी पर कार्रवाई हुई। इन पर हुई कार्रवाई अब्दुल खान, रहमान खान, मोहम्मद खान, फरीद खान, राजा खान, सलीम, वसीम खान, युसूफ खान, अब्दुल हकीम, मो. रफीक।

टक्कर के बाद आग की भयंकर लपटों में घिरी शुक्ला ब्रदर्स बस, इंदौर में यात्रियों ने बचाई जान

इंदौर इंदौर के पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह विधायक गोलू शुक्ला की बस में अचानक आग लग गई। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। विधायक गोलू शुक्ला के परिवार की ट्रेवर्ल्स एजेंसी की बस ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। वह गंभीर रुप से घायल हुआ है। इसके बाद भीड़ ने बस को आग के हवाले कर दिया।  जानकारी के मुताबिक एक्टिवा से जा रहे संतोष को बस ने टक्कर मारी और गाड़ी बस के नीचे आ गई। इस घटना में संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया। बस ने पीछे से संतोष की गाड़ी को टक्कर मारी थी, इस दौरान वह बस के नीचे फंस गया था। स्थानीय लोगों ने बस के नीचे से युवक को निकालकर अस्पताल भेजा। घटना के बाद बस में से अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते वह आग का गोला बन गई। जानकारी के मुताबिक बस सांवेर से इंदौर आ रही थी। पुलिस दो पहलुओं पर कर रही जांच बस द्वारा एक्टिवा सवार को टक्कर मारने और उसमें आग लगने के मामले में पुलिस दो पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि बस में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी या फिर किसी में बस में जानबूझकर आग लगाई। तुकोगंज पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा राजकुमार ब्रिज के पास हुआ। घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन तब तक आग बस में फैल चुकी थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने बस में लगी आग को बुझाया। जानकारी के मुताबिक बस इंदौर-उज्जैन रूट की बताई जा रही है। बस में बैठे यात्री घटना के बाद से डर गए थे, इसके बाद वे अन्य साधनों से अपने स्थान के लिए रवाना हुए। पुलिस अब बस को सड़क से हटाकर यातायात सुधारने में जुट गई है। फायर ब्रिगेड के एसआई शोभाराम मालवीय के मुताबिक, एक टैंक पानी डालकर आग पर काबू पा लिया गया है। ड्राइवर अभी मौके पर नहीं मिला है। संभवतः बस को बाहर निकालने के दौरान ही उसमें शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसमें ड्राइवर तुरंत गाड़ी से उतरकर बाहर आ गया। तुकोगंज टीआई जितेंद्र यादव के मुताबिक, एक बाइक को बस ने टक्कर मारी थी, इसके बाद बस में आग लगी। बाइक सवार को ज्यादा चोट नहीं आई है। उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल भेजा गया है।

मकर संक्रांति पर शिप्रा-नर्मदा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामघाट पर हुआ दान

नर्मदापुरम / उज्जैन/जबलपुर/खंडवा/खरगोन उज्जैन में मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से श्रद्धालु स्नान के लिए शिप्रा नदी के रामघाट सहित दत्त अखाड़ा घाट और अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं। रामघाट पर सुबह से ही ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए।  मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार  को उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को तिल के तेल से स्नान कराया गया. वही पुण्य सलिला शिप्रा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं ने घाटों का रुख करना शुरू कर दिया. कड़ी ठंड के बावजूद रामघाट और शिप्रा के अन्य घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई. स्नान के बाद भक्तों ने दान-पुण्य किया और महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया.  घाटों पर होने वाली भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों पर सतत निगरानी कर रही हैं। आला अधिकारियों के मुताबिक होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर मौजूद हैं, जो श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी देती रहीं। इस बार 14-15 जनवरी को दो दिन संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज घरों में तिल और गुड़ की मिठास रहेगी, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर कई जगह पतंग महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। दोपहर 3:05 बजे मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत पंडित जी के  अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:05 बजे सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेगा। यानी दोपहर 3:05 बजे से सूर्य की मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत होगी। दान-पुण्य के लिहाज इसका प्रभाव 15 जनवरी को माना जाएगा। क्योंकि धर्मशास्त्रों के अनुसार यदि सूर्य की संक्रांति दोपहर में या उसके बाद होती है, तो उसका पर्व काल अगले दिन मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथों उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव का उद्घाटन, पाँच दिन चलेगा उत्सव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय 'श्रीमहाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। 5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ 'शिवोऽहम्' की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' 'शिवा' थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत 'शिव केंद्रित नृत्य नाटिका' से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा। त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली 'कला यात्रा' शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे। 15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय 'शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में' रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ “खेलो एमपी यूथ गेम्स” की घोषणा की

प्रदेश के खिला‍ड़ियों को समग्र सुविधाएँ करायेंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ "खेलो एमपी यूथ गेम्स" की घोषणा की वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर-शो के साथ बोट क्लब पर हुई रंगारंग शुरूआत देश में पहली बार खेल विभाग और खेल संघों के संयुक्त समन्वय से होंगे गेम्स शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोहा मुख्यमंत्री ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, जर्सी, थीम सांग और शुभंकर का किया अनावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की भव्य लांचिंग ओलम्पिक खेलों की तरह हुई है। आगाज़ ऐसा हुआ है तो अंजाम भी बहुत सुखद ही होगा। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के लिये कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को लाखों नहीं, करोड़ों तक की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के बोट क्लब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां किसी वैश्विक आयोजन का नजारा दिख रहा है। उन्होंने आयोजक खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और उनके विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल से किया गया कार्य इसी तरह छटा बिखेरता है। समारोह में वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर-शो, भव्य आतिशबाजी, शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की प्रस्तुति के साथ खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह इसलिए भी प्रशंसनीय आयोजन है क्योंकि यहां व्यापक जन भागीदारी दिखाई दे रही है। इससे खिलाड़ी उत्साहित और प्रोत्साहित होंगे। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के स्लोगन "मध्यप्रदेश की जय-सबकी विजय'' की सराहना की। खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता सजीव रूप में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी खेलों में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पिट्टू जैसे खेलों को शामिल कर नवाचार किया गया है। साथ ही ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को निखारने के लिये विकासखण्ड, जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई हैं। इसमें डेढ़ लाख खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। मेरी सभी खिला‍ड़ियों से आशा है कि जो भी काम करो, दिल से करो, तो परिणाम सुखद ही प्राप्त होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर खेल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। वहीं हमारे खेल प्रेमी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों का लगातार उन्नयन हो रहा है। कार्यक्रम में "खेलो एम. पी यूथ गेम्स" के लोगो, थीम सांग, टीशर्ट और शुभंकर (मैस्कॉट) लाँच किया गया। प्रतियोगिता 31 जनवरी तक होगी। यूथ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को लगभग 4 करोड़ रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 31 हजार रूपये, द्वितीय 21 हजार एवं तृतीय पुरस्कार 11 हजार रूपये रहेगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय के लिये खेल विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उद्घाटन समारोह में खेल प्रेमियों को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया। राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, उन्हीं क्षेत्रों में संबंधित खेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की सदस्यों दी प्रोत्साहन राशि समारोह के दौरान ब्लाइंड वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप 2025 की विश्व विजेता भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येवले एवं सुषमा पटेल को प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए दिए गए। इसमें से 10 लाख रूपए नगद एवं 15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दिए गए। इसके साथ ही महिला खिलाड़ियों के कोचेस को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चित्रों को वॉटर प्रोजेक्शन के माध्यम से देखकर दर्शक अभिभूत हुए। बड़े तालाब पर कतारबद्ध रोशनी के साथ खड़े शिकारों ने दर्शकों का मन मोहा। लोक कलाकारों के सामूहिक नृत्य से समारोह की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में मंत्री कुंवर विजय शाह, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजी कैलाश मकवाना, हितानंद शर्मा और खेल संचालक राकेश कुमार गुप्ता मौजूद थे। प्रदेश के 313 विकासखंडों की होगी सहभागिता राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया के अंतर्गत जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता होगी। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभाग- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम एवं शहडोल की टीमें भाग लेंगी। तीन चरणों में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसमें हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखम्ब, कुश्ती, जूडो, शतरंज, वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 10 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसमें फुटबॉल, व्हालीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकसी, कबड्डी शामिल हैं। आर्चरी, ताईक्वांडो, क्याकिंग- कैनोईंग, रोईंग, फैंसिंग, शूटिंग, थ्रो बॉल की प्रतियोगिताएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी।  

सिवनी ने धान खरीदी में पारदर्शिता में सफलता हासिल की, भोपाल टीम ने किया सत्यापित

लखनादौन  खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत सिवनी जिले में संचालित धान उपार्जन व्यवस्था अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। धान खरीदी की पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और सुचारु संचालन का आकलन करने भोपाल से आई विशेष जांच टीम ने जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। भोपाल मुख्यालय से आर.बी. एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की जांच एवं निरीक्षण टीम ने लखनादौन, धूमा, धनोरा और सिवनी सहित प्रमुख धान उपार्जन केंद्रों का भौतिक निरीक्षण किया। टीम ने समिति प्रबंधकों, वेयरहाउस प्रभारियों और स्व-सहायता समूह प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष संवाद कर जमीनी हकीकत की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिले में धान की खरीदी शासन द्वारा निर्धारित FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानकों के अनुरूप की जा रही है। गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए केवल मानक गुणवत्ता का धान ही संग्रहित किया जा रहा है। जांच टीम ने यह भी पुष्टि की कि सर्वेयरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न की गई है। चयन में योग्यता और दक्षता को प्राथमिकता दी गई, जिससे किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या सिफारिश की संभावना नहीं रही। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों पर सुधारात्मक प्रबंध भी सुनिश्चित किए गए हैं। यदि धान गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो किसानों को लौटना नहीं पड़ता। केंद्रों पर पंखे और छरने (सिव्स) उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसान मौके पर ही धान की सफाई कर सकें। इससे उपार्जन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विवाद-रहित बनी है। आर.बी. एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्रा. लि. के फील्ड ऑफिसर रजनीश कुमार कौरव ने कहा ‘धान उपार्जन में पारदर्शिता और गुणवत्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिवनी जिले में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं और सभी अधिकारी शासन निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।’ 

हर्षा रिछारिया का बड़ा बयान: धर्म का रास्ता छोड़ा, कहा– ‘मैं हर बार अग्निपरीक्षा नहीं दूंगी’

भोपाल  महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग से अलग होने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को जारी एक भावुक वीडियो में हर्षा ने कहा कि बीते एक साल में उन्हें लगातार विरोध, चरित्र हनन और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने अब अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने का फैसला लिया है। हर्षा रिछारिया फिलहाल प्रयागराज माघ मेले में हैं और इस बार अपने भाई दीपक के साथ वहां पहुंची हैं। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प समाप्त कर देंगी। हर्षा ने कहा कि उन्होंने न कोई गलत काम किया, न अनैतिक आचरण अपनाया, इसके बावजूद बार-बार उन्हें रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमाने के आरोप पूरी तरह गलत हैं, बल्कि आज वह खुद कर्ज में डूबी हुई हैं। उन्होंने बताया कि धर्म के रास्ते पर आने से पहले वह एंकरिंग और मॉडलिंग के क्षेत्र में सफल करियर कर रही थीं, देश-विदेश में काम कर रही थीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थीं। लेकिन पिछले एक साल में विरोध और विवादों के कारण उनके पास सिर्फ उधारी रह गई। हर्षा रिछारिया ने भावुक होते हुए कहा कि किसी महिला के चरित्र पर सवाल उठाना हमारे समाज में बेहद आसान है। उन्होंने साफ कहा, 'मैं सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूं।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई युवती या बहन उनसे धर्म के रास्ते पर चलने की सलाह मांगेगी, तो वह यही कहेंगी कि अपने परिवार के साथ रहें और घर के मंदिर में पूजा करें, किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। गौरतलब है कि हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के दौरान साध्वी के रूप में नजर आने के बाद सुर्खियों में आई थीं। उनके इस रूप को लेकर संत समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया और उन्हें महाकुंभ बीच में ही छोड़ना पड़ा था।