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इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा, 11 को भागीरथपुरा कांड के खिलाफ लापरवाही नहीं, सुनियोजित हत्या का विरोध

इंदौर  भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में कांग्रेस 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकालेगी। इसके साथ ही हर वार्ड में इन मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस घटना के लिए कांग्रेस ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री तथा क्षेत्र के विधायक कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है। इस प्रदर्शन को लेकर शहर के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, पार्षद और प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था। सभी नेताओं से कहा कि भागीरथपुरा के मुद्दे को लेकर आंदोलन किस तरह से किया जाना चाहिए इस बारे में आप अपने सुझाव दें। सभी नेताओं के द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर यह फैसला लिया गया है कि 11 जनवरी को कांग्रेस के द्वारा भागीरथपुरा के 17 मृतकों के परिवार को न्याय दिलाने के लिए न्याय यात्रा निकाली जाएगी। पटवारी ने विजयवर्गीय को घटनाओं का सरगना बताया शनिवार को भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं को रोकने के मामले में पटवारी ने विजयवर्गीय को सभी घटनाओं का सरगना बताया। वहीं कांग्रेस ने 11 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए न्याय यात्रा निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा तक जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी बड़े कांग्रेस नेता और सभी विधायक शामिल होंगे। यह न्याय यात्रा बड़ा गणपति चौराहा से शुरू होगी और राजवाड़ा पर अहिल्या प्रतिमा पर आकर समाप्त होगी। इस यात्रा के माध्यम से इन सभी मृत व्यक्तियों के परिवार जनों के लिए न्याय मांगा जाएगा। भागीरथपुरा के मामले में हुई मौत कोई साधारण मौत या लापरवाही न होकर एक सुनियोजित हत्या है। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पटवारी ने कहा कि हम हर वार्ड में इन मृतकों को श्रद्धांजलि देंगे   गांधी भवन में आयोजित की गई बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा इंदौर की प्रभारी नियुक्त की गई उषा नायडू, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा, प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे। बैठक में कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तय की रविवार को गांधी भवन में आयोजित बैठक में कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तय की। इस बैठक की अध्यक्षता पटवारी ने की, जिसमें राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी की इंदौर प्रभारी उषा नायडू, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। पटवारी ने पुलिस के रवैये की आलोचना की पटवारी ने इंदौर में कांग्रेसियों को रोकने की कोशिश और पुलिस के रवैये की आलोचना की। उन्होंने पदाधिकारियों से सुझाव मांगे कि आंदोलन को कैसे संचालित किया जाए। छह जनवरी को शहर के सभी 85 वार्डों में प्रमुख चौराहों पर कांग्रेस मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। सात जनवरी को महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगी।   

समाधान योजना में लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री तोमर

किसानों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें मंत्री ने की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा भोपाल समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्री श्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। समाधान योजना में अव्वल आने पर मिलेंगे 50 हजार ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जायेगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रूपये और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जायेगी। 2 लाख से अधिक के बकायादारों से सीई,एसई बात करें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें। अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपये समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपये जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपये मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा। सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जायें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है। इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 नवाचारों का किया शुभारंभ

ऊर्जा मंत्री ने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी किया उद्घाटन भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से बिजली उपभोक्ताओं, पेंशनधारकों एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिये पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तीन नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। मंत्री श्री तोमर ने नालंदा अभिलेख कक्ष, क्यूआर फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ और पेंशन मित्र पुस्तिका का विमोचन किया। नालंदा अभिलेख कक्ष (रिकॉर्ड रूम) मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा आधुनिक एवं कम्प्यूटरिकृत रिकॉर्ड रूम तैयार किया गया है। रिकॉर्ड को नमी, धूप, शीलन, दीमक और जीर्ण-शीर्ण होने से बचाने के लिये उच्च गुणवत्ता के प्लास्टिक बॉक्स में रखा गया है। रिकॉर्ड का वर्गीकरण करते हुए विभागवार अलग-अलग रैक्स में इंडेक्सिंग की गई जिससे कम्प्यूटर में आसानी से सर्च किया जा सकता है। दूसरी ओर मुख्यालय में पुराना रखा हुआ रिकॉर्ड अब एक ही छत की नीचे होगा और सभी कार्यालयों के कॉरिडोर और स्टोर रूम साफ-सुथरे और व्यवस्थित होंगे। रिकॉर्ड रूम में कैमरे और फायर सेफ्टी यंत्र लगाये गये हैं। रिकॉर्ड रूम में मानव संसाधन विभाग की 7000, कार्य विभाग के 6000, क्रय एवं भण्डार के 4500, वाणिज्य विभाग के 6000, वित्त विभाग के 3000 एवं अन्य विभागों के लगभग 6000 इस प्रकार कुल लगभग 32,000 से अधिक फाईलों का संधारण किया गया है। रिकॉर्ड रूम बनाने से महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, आदेश, नक्शे आदि सुरक्षित रहेंगे हैं। आग, नमी, दीमक, चोरी एवं क्षति से संरक्षण संभव हो सकेगा। क्यू आर फीडबैक प्रणाली मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के तकनीकी नवाचार क्यूआर फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया है। इसे कंपनी के सभी कार्यालयों जैसे वितरण केंद्र, सब-स्टेशन, उप संभाग, संभाग, लेखा कार्यालय, वृत्त, क्षेत्रीय कार्यालय, कॉर्पोरेट कार्यालय के परिसर में उपभोक्ताओं के सुलभ स्थान जैसे मेन गेट, सूचना पटल, कॉरिडोर, उपभोक्ता काउंटर एवं अधिकारियों/ कर्मचारियों के केबिन के बाहर चस्पा किया जायेगा। इसमें उपभोक्ता क्यू आर कोड को स्कैन करके मात्र 1 से 2 मिनट में अधिकारियों/ कर्मचारियों के व्यवहार, उनकी कार्य प्रणाली और कार्यालयीन स्वच्छता के बारे में अपने अनुभव और सुझाव सीधे प्रबंधन तक पहुँचा सकेंगे। यह प्रणाली शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सकारात्मक सुझावों और अनुभवों के आधार पर समग्र सेवा-गुणवत्ता एवं व्यवस्था में सुधार लाने का साधन बनेगी। 'पेंशन मित्र' पुस्तिका मंत्री श्री तोमर ने कहा कि 'पेंशन मित्र' पुस्तिका कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। यह पुस्तिका पेंशन संबंधी नियमों, आदेशों और प्रक्रियाओं को सरल, सहज और एकीकृत रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे पेंशनधारकों को भटकना न पड़े और उन्हें अपने अधिकारों की स्पष्ट जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। साथ ही पेंशन मित्र पुस्तिका का एआई आधारित डिजिटल चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया है, जिसमें पेंशनधारक पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, भत्ते एवं अन्य लाभ से संबंधित कोई भी सवाल पूछेंगे तो जरूरत के मुताबिक अनुकूल उत्तर तुरंत मिलेगा, जो उनके प्रकरणों के निराकरण में सुविधाजनक होगा। सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट मंत्री श्री तोमर ने कहा कि म. प्र. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमि., जबलपुर द्वारा सिंथेटिक टेनिस कोर्ट का उद्घाटन किया गया है, जो टेनिस खेलने वाले खिलाडियों के लिए वरदान साबित होगा, साथ ही इससे नये खिलाड़ी भी खेलने के लिए प्रेरित होंगे। पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रयासों एवं सभी नवाचारों के लिये ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी तथा उनकी टीम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  

अंबेडकर कामधेनु योजना एवं स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 का प्रभावी रूप से संचालन सुनिश्चित करें : राज्यमंत्री

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने सोमवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 के क्रियान्वयन को लेकर भी गहन चर्चा की। राज्यीमंत्री श्री पटेल ने योजना एवं नीति के प्रभावी संचालन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

देश के दिल से जुड़ें, मध्यप्रदेश है अनंत संभावनाओं का केंद्र हम निवेशकों के लिए तैयार कर रहे हैं आदर्श वातावरण अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार है निवेशकों के साथ जयपुर में हुआ राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है।  समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है। सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। … Read more

खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है : मालती राय

महापौर श्रीमती राय ने 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का किया उद्घाटन 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलने वाली स्पर्धा में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी ले रहे भाग, दिखाएंगे हुनर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा स्पार्धा का आयोजन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल जिले में 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सोमवार को महापौर श्रीमती मालती राय ने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है। भोपाल आए वि‍भिन्न राज्यों के खिलाड़ियों से मेरा आग्रह है कि वे प्रतियोगिता के साथ-साथ भोपाल शहर का भ्रमण भी करें। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल की पहचान झीलों की नगरी के रूप में है। खिलाड़ी बोट क्लब में जाकर शिकारा भ्रमण का आनंद लें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने भोपाल आए सभी खिलाड़ियों का स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया। इससे पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपने-अपने दल के साथ परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। 32 राज्यों के 1051 प्रतिभागी ले रहे भाग पर्धा में उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, केरल, झारखंड, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, गोवा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश सहित देश के 32 राज्यों के 880 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 433 बालक एवं 447 बालिका खिलाड़ी शामिल हैं। साथ ही 171 कोच भी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 1051 प्रतिभागी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। तीन जगहों पर हो रही स्पर्धा 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग स्पगर्धा का आयोजन 3 जगहों पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, बिसनखेड़ी में पीप एवं पिस्ट्ल साइड, बाल भवन श्यामला हिल्सा में ओपन साइड एवं सरस्वती शि‍शु मंदि‍र शारदा विहार में केरवा डेम रोड में ओपन साइड स्पर्धा शामिल है।

वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये चलेगा ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II

प्रदेश में 10 जनवरी से 15 फरवरी तक वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II अभियान चलाया जायेगा भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाडे ने वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये 10 जनवरी से 15 फरवरी तक ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II चलाये जाने के आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश में वाइल्ड ट्रैप-II में कार्यवाही करने के लिये प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 63 सामान्य वन मण्डल एवं 11 परियोजना मण्डलों ने वन्य-जीवों के अवैध शिकार के शिकारियों तथा मांस के शौकीन व्यक्तियों द्वारा अपनाये जाने वाले फंदा, विद्युत करंट, स्नेयर ट्रैप, खटका जैसे साधन से शिकार करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन वाइलड लाइफ-II चलाया जायेगा। श्री अंबाडे ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैक-II में प्रदेश के प्रत्येक वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में एक उप वन मण्डल स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये, जो ऑपरेशन से संबंधित निर्धारित प्रारूप में जानकारी एक सप्ताह में ऑनलाइन दर्ज करेगा। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप- II की अवधि एक माह 5 दिवस की होगी। सम्पूर्ण वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में सघन गश्ती दिन और रात्रि में सप्ताह में न्यूनतम 3 दिवस परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ 2 दिवस वन मण्डलाधिकारी, उप वन मण्डलाधिकारी और एक दिवस क्षेत्र संचालक, मुख्य वन संरक्षक अनिवार्य रूप से करेंगे। इनमें सभी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। गश्ती के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों एवं शिकारी, घुमक्कड़ समुदाय के डेरों की चेकिंग, सर्चिंग की जाये। सर्चिंग के दौरान निकटतम डॉग स्क्वाड दस्ता भी साथ रखे जायें और मेटल डिटेक्टर उपकरण का भी उपयोग किया जाये। गश्ती के दौरान वन राजस्व सीमा से लगे वन क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र की बागड़/फैंसिंग में सर्चिंग की कार्यवाही की जाये। प्रदेश में वर्तमान में 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड एवं एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड कार्यरत हैं। इनकी सहायता से वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र से जाने वाली विद्युत लाइन के नीचे या उसके समीप गश्ती की जाये तथा आवश्यकता अनुसार स्थानीय विद्युत विभाग के अमले को भी साथ में रखा जाये। शिकार के लिये लगाये गये फंदे, फैलाये गये विद्युत करंट वायर, वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र पर पाये जाने पर प्रकरण में आये साक्ष्यों के आधार पर विधिवत जप्ती कर अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। संबंधित ग्रामों में वन्य-प्राणी के अवैध शिकार को रोकने के लिये प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही ग्राम, नगर में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी लेकर उसे वन परिक्षेत्र में संधारित आरोपी निगरानी पंजी में दर्ज किया जाये। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II के अंतर्गत वन मण्डल/टाइगर रिजर्व/वन विकास मण्डल में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा प्रतिदिन वन मण्डलाधिकारी या सक्षम अधिकारी करेंगे। प्रत्येक सप्ताह संबंधित मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक द्वारा मॉनीटरिंग की जायेगी। प्रत्येक 7 दिवस में की गई कार्यवाही की जानकारी मुख्यालय को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये।  

ई-केबिनेट एप्लीकेशन : मंत्री एवं भारसाधक सचिवों को मिलेंगे टैबलेट

 भोपाल राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करते हुए मंत्रि-परिषद की 6 जनवरी को आयोजित होने वाली बैठक में समस्त मंत्रीगण एवं भारसाधक सचिव को टेबलेट प्रदाय किए जा रहे हैं। बैठक में मंत्रि-परिषद सदस्य एवं भारसाधक सचिव को ई-केबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में प्रस्तुतीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकें। प्रारंभिक चरण में कुछ मंत्रि-परिषद् बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल-दोनों फार्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके उपरांत यह पूर्णतः डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। ई-केबिनेट एप्लीकेशन एक आधुनिक तकनीक, कागज रहित , सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिससे मंत्रीगण कभी भी कहीं भी अपनी सुविधा अनुसार मंत्रि-परिषद् की कार्यसूची देख सकेंगे। ई-केबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की भी बचत होगी। साथ ही ई-केबनेट एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन भी देखा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1960 से अभी तक के सभी मंत्रि-परिषद् निर्णयों को डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अग्रेषित विषयों पर प्राथमिकता से करें कार्यवाही : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित उन प्रस्तावों की समीक्षा की, जिन्हें अभिमत के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अग्रेषित किया गया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला से चर्चा कर संबंधित प्रकरणों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विषयों पर त्वरित रूप से अग्रिम कार्यवाही की जा सके।  

चाय के साथ कप भी! कलेक्टर की पहल से बदलेगा चाय पीने का अंदाज़

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में प्रशासन एक नई पहल करने जा रहा है। यह पहल प्रकृति को बचाने के पक्ष में होने जा रही है। दरअसल प्लास्टिक से पार पाने के लिए दमोह प्रशासन इस  दिशा में कदम उठाने जा रहा है। दमोह जिले में पहली बार सरकारी कार्यक्रमों में डिस्पोजल प्लास्टिक कप की जगह बिस्किट से बने खाने योग्य एडिबल कप प्रयोग में लाएं जाएंगे। इन एडिबल कपों कपो की खास बात ये होगी कि यह बिस्किट से बने होगें और इनको खाया भी जा सकता है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग दरअसल ये पहल दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग पर हो रही है। सुधीर कोचर ने इसके बारे में बताते हुए कहा कि वो  जब भोपाल मीट में शामिल होने गए थे, वहां पर उन्होंने  इन एडिबल कपों का प्रयोग होते देखा था और वहीं से ये आइडिया उनके मन में आया है। कोचर ने कहा कि  ये कप इसलिए भी उन्हें अच्छे लगे क्योंकि अगर इनका चलन सरकारी कार्यक्रमों में शुरु होता है तो कम से कम प्लास्टिक कपों को तो बंद किया जा सकता है। प्रशासनिक बैठकों में होगा प्रयोग शुरु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने ज्यादा जानकारी देते हुए कहा कि  ने प्रशासनिक बैठकों, कार्यालयों में एडिबल कपों का उपयोग होने से बडे स्तर पर लाभ होगा। ये कप मजबूत बिस्किट से बनाए गए हैं, जिनमें कोई गर्म चीज डालने से भी सुरक्षित रूप से परोसा जा सकता हैं। यहीं नहीं गर्म पेय का  उपयोग करने के बाद इनको  खाया जा सकेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि  कचरे की समस्या भी खत्म हो जाएगी। सुधीर कोचर ने कहा कि पर्यटन विकास विभाग ने आइएस मीट में ऐसे एडबिल कपों का उपयोग किया गया था ,इसके  बाद ही लिए प्लान तैयार किया है। इसके लिए एडबिल कप को बनाने के लिए स्वं सहायता समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी।