samacharsecretary.com

जहर के ‘तड़के’ ने उजाड़ा परिवार, पन्ना में अंधविश्वास के चलते 5 लोगों की हालत गंभीर

पन्ना बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। झाड़फूंक काम नहीं आई खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।   डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है। रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए।   

विश्व ध्यान दिवस पर मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक सहभागिता

2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सामूहिक ध्यान से जुड़े भोपाल  विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं अनुकरणीय सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यान सत्र के शुभारंभ अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र में प्रदेश के सभी जिलों के थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि प्रत्येक थाने में पुलिस समन्वयक निर्धारित किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10:00 बजे से 11:15 बजे तक रिलैक्सेशन, गाइडेड ध्यान एवं आत्मावलोकन सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शांतिवनम, हैदराबाद से किया गया। विश्व स्तर पर आयोजित इस ध्यान सत्र में लगभग एक करोड़ लोगों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस के 2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी जिला, थाना एवं बीट स्तर तक ज़ूम माध्यम से जुड़े। यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए न केवल एक अभूतपूर्व सहभागिता रही, बल्कि पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ। साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी पुलिस थानों में साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्था के मध्य फरवरी 2025 में हुए एमओयू के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। थाना, यातायात, महिला थाना, अजाक, अपराध शाखा सहित सभी इकाइयों में प्रत्येक रविवार को नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के प्रणेता एवं वैश्विक आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस में साप्ताहिक ध्यान को सुदृढ़ करने की दिशा में 1200 रिलैक्सेशन एवं मेडिटेशन सेंटर्स को पुलिस थानों एवं पुलिस लाइनों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई। ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र 21 दिसंबर को शुभारंभ के अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रातः 9:30 बजे से सत्रबद्ध रूप से मार्गदर्शन, ध्यान प्रक्रिया की सरल विधियां, रिलैक्सेशन अभ्यास, कान्हा शांतिवनम से लाइव ध्यान सत्र, माननीय मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस मुख्यालय से उप पुलिस महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर (PSO To DGP) द्वारा ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने ध्यान को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ध्यान किस प्रकार पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता एवं तनाव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होता है। वैश्विक निःशुल्क ऑनलाइन ध्यान सत्र विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आज रात्रि 8:00 बजे, हार्टफुलनेस के ग्लोबल गाइड पूज्य श्री दाजी द्वारा 20 मिनट का निःशुल्क वैश्विक ऑनलाइन ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक एवं पुलिसकर्मियों सहभागिता करेंगे। मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। ध्यान एवं आत्मावलोकन से पुलिसकर्मियों में कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता में वृद्धि होती है, जो प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आधारशिला है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था के दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने बल के मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक सशक्तिकरण के लिए भी सतत प्रयासरत है।  

120 चिकित्सकों-वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को दिया निःशुल्क परामर्श

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के पांचवें दिन रविवार को कॉन्फ्रेन्स हॉल में केता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं उनके क्षेत्रों में संग्रहित लघु वनोपजों जैसे- आंवला, अमलतास फली, भृंगराज, पचांग, मुई आंवला, हर्रा कचरिया, भिलावा, गिलोय, बायबडंग, नागरमोथा, गोरखमुण्डी, हिंगोट, देवदाली, बेलगूदा, पलाश गोंद, कटसरैया इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी दी गई। वन मेले में अब तक 1 करोड़ रूपये से अधिक के हर्बल औषधियों और वन उत्पादों की बिकी हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पांचवें दिन आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने बताया कि वनोपज सहकारी समितियों और वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों द्वारा दि गई जानकारी के आधार पर लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र उच्च गुणवत्ता की औषधियों के क्रय का अनुबंध किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, प्रबंधक लघु वनोपज संघ श्रीमती नेहा श्रीवास्तव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती गीतांजली जे. उपस्थित रहीं । अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की लोकप्रियता अब चरम पर पहुंच गई है। राजधानी के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिये यह मेला और यहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति रुझान स्पष्ट झलक रहा है। विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित शहद, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियों की अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है। प्रदर्शनी की भव्यता एवं इनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्ता युक्त नवीन उत्पादों व उत्पादों की नवीन पैकिंग देखकर इन्हें खरीदने में आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। रविवार को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिवरों में जांच एवं उपचार के लिये आयुर्वेद चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों से परामर्श के लिये बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। मेला प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी सराहना की जा रही है। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया। निःशुल्क ओ.पी.डी. आने वाले दिनों में भी मेला अवधि में जारी रहेगी। रविवार को वन मेले में शालेय विद्यार्थियों के एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 विद्यालयों के 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर बाद सैलानियों न कठपुतली शो, पंजाबी भांगडा, ऑर्केस्ट्रा का आनन्द लिया और शाम 7.00 बजे से सुप्रसिद्ध प्ल बैंक सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की मनोरंजन से भरपूर म्यूजिकल प्रस्तुति हुई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये। सोमवार 22 दिसम्बर के कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पूर्वान्ह 10.30 से 3.00 बजे तक विद्यार्थियों की इन्स्ट्रुमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति और अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति होगी। अपरान्ह 3.00 से 5.00 बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सकों, पारम्परिक वैद्यों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा आयोजित की जायेगी। अपरान्ह 4.30 से 6.30 बजे तक बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, चित्रांशु म्युजिक ऑर्केस्ट्रा और सायं 7.00 से 10.00 बजे तक विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।  

मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान आधारित पुलिसिंग की नई दिशा

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा को प्रथम ‘हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं संवेदनशील पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए दूरदर्शी प्रयासों के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा को हार्टफुलनेस संस्था द्वारा ‘प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह घोषणा हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में आयोजित भव्य समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में की गई। डीजीपी श्री मकवाणा का मानना है कि एक सशक्त एवं प्रभावी पुलिस बल की नींव सशक्त और संतुलित मन पर आधारित होती है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने न केवल दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की, बल्कि ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे व्यापक सामाजिक अभियानों को भी प्रभावी रूप से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इन प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसिंग में सकारात्मक परिवर्तन पुलिसकर्मियों के बढ़ते कार्यभार, तनावपूर्ण परिस्थितियों एवं मानसिक दबाव को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को अपनाया गया। इस पहल को सुदृढ़ करने के लिए फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्था के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया। बेहतर निर्णय क्षमता और बदलती छवि डीजीपी श्री मकवाणा ने ध्यान और रिलैक्सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शांत जल में गहराई तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है, उसी प्रकार स्थिर और संतुलित मस्तिष्क ही सही और समयबद्ध निर्णय लेने में सक्षम होता है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 800 हार्टफुलनेस प्रशिक्षक सक्रिय हैं तथा पुलिस विभाग अपने इन-हाउस प्रशिक्षक भी तैयार कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है तथा समाज में पुलिस के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। यह तकनीक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनने की दिशा में पहल मानसिक शांति, अनुशासन और संवेदनशीलता आधारित यह प्रयोग संभवतः देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें इतने बड़े स्तर पर किसी पुलिस बल द्वारा ध्यान को संस्थागत रूप से अपनाया गया है। यह पहल भविष्य में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है। आईजी प्रशासन श्री रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिस बल के तनाव को कम कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को सशक्त करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में नवआरक्षकों को नियमित रूप से मेडिटेशन कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कार्य के प्रति उनकी अभिवृत्ति में सुधार एवं सामान्य तनाव स्तर में कमी देखी जा रही है।  

एक कार ने रोक दी शुगर मिल की रफ्तार, गेट जाम होने से किसानों में मचा हड़कंप

नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित करेली शुगर मिल में रविवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एक अज्ञात कार खड़ी होने के कारण पूरा आवागमन ठप हो गया। इस छोटी सी लापरवाही ने एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिससे मिल परिसर के अंदर सैकड़ों किसान और उनकी खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कैद होकर रह गईं। एक कार ने रोका सैकड़ों ट्रैक्टरों का रास्ता मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी कार मिल के ठीक मुख्य गेट के सामने खड़ी करके चला गया। सुबह जब तुलाई के बाद खाली ट्रैक्टरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला। बताया जा रहा है कि कार का स्टीयरिंग लॉक होने के कारण उसे धक्का मारकर हटाना भी संभव नहीं हो सका। इसके कारण मिल के भीतर से बाहर आने वाली ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई और परिसर में 'डेडलॉक' की स्थिति बन गई।   किसानों का फूटा गुस्सा, तनावपूर्ण हुए हालात पिछले कई दिनों से तुलाई में हो रही देरी से जूझ रहे किसानों का धैर्य इस घटना के बाद जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। किसानों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को भी मिल के बाहर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। मिल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट पर वाहन खड़ा कर चला गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फैक्ट्री बंद होने की कगार पर मिल प्रबंधन मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के जर्नल मैनीजर अवस्थी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य द्वार जल्द खाली नहीं कराया गया और ट्रॉलियों की निकासी शुरू नहीं हुई, तो गन्ने की आवक रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री का संचालन बंद करना पड़ सकता है, जिससे मिल और किसान दोनों का बड़ा नुकसान होगा। प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग इस दौरान मिल परिसर में हंगामा भी वहां खड़े लोगों ने किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है ताकि क्रेन की मदद से उक्त कार को हटाया जा सके और यातायात बहाल हो सके। किसानों ने मांग की है कि मिल प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह में हुए शामिल भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है और आने वाली पीढ़ी को ऐसा रीवा सौंपना है जहाँ अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की उपलब्धता हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा में सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और जन सहयोग की भावना से समर्पित यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष और भी आकर्षक होता जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक राजन वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी लोगों के प्रति सद्भाव व विश्वसनीयता का ही परिणाम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आप सभी के सहयोग से मुझे जो ताकत मिली है उसका मैं पूरा सदुपयोग करते हुए सबकी आशाओं और अपेक्षाओं में खरा उतरने की कोशिश करता हूं, जिससे रीवा को एक पहचान मिल सके और रीवा देश का उत्कृष्ट जिला बने। उन्होंने कहा कि आगामी 25 दिसम्बर को अटल पार्क में गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अटल जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के सभी लोग साक्षी बनें और अटल जी के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करें। श्री शुक्ल ने कहा कि 22 दिसम्बर से रीवा-इंदौर की नियमित वायु सेवा आरंभ हो रही है जिससे रीवा के विकास को नए पंख लगेंगे और रीवा के लोग देश व विदेश की यात्रा रीवा से ही टिकट कराकर कर सकेंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सागर जिले में सभी जर्जर स्कूल एवं अन्य भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है

अब तक 300 से अधिक जर्जर भवन गिराए गए भोपाल  सागर ज़िले में जर्जर स्कूल एवं अन्य भवनों को गिराकर नए भवन बनाने की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने विगत दिवस स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल भवन सहित अन्य भवन क्षतिग्रस्त जर्जर नहीं हो इसके लिए तत्काल कार्रवाई कर दो दिवस में क्षतिग्रस्त भवनों को गिराया जाए। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश के बाद जिले के सभी जर्जर स्कूल भवन एवं अन्य भवन को गिराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की गई। एक दिन में लगभग 50 से अधिक स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराया गया। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उस भवन में स्कूल संचालित नहीं होना चाहिए। जिले के शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में हो, उसे तत्काल गिरा दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी घटना होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन, मकान मालिक दोषी होंगे। सभी स्कूल के प्राचार्य, भवन गिराने के बाद इसका प्रमाण पत्र संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसे सूचीबद्ध कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर के निर्देश पर सागर, रहली, खुरई, राहतगढ, माल्थोन, देवरी में स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी नगर निगम के द्वारा अनेक जर्जर भवनों को जो कि चिन्हित किए गए थे, उनको गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सभी नगरीय निकायों में भी यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है।  

रीवा में खौफनाक वारदात: मां और दादा के संबंधों ने छीना विवेक, पोते ने अंजाम दी हत्या

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मुख्य वजह ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे। अपने दादा और मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर नाती (पोता) इस कदर आगबबूला हुआ कि उसने अपने ही दादा की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अवैध संबंधों के चलते हुआ विवाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि उसके चचेरे दादा और उसकी मां के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। आरोपी के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसकी पत्नी के अपने चाचा ससुर के साथ संबंध थे। पीड़ित पति ने अपने चाचा को पहले भी घर आने-जाने से मना किया था, लेकिन वह पति की शराब की लत का फायदा उठाकर घर आता था और पत्नी के साथ अनैतिक कृत्य करता था।   आपत्तिजनक स्थिति में देख खोया आपा घटना वाले दिन यानी शनिवार को ससुर और बहू ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद जब आरोपी बेटा घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां और दादा को कमरे के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में पाया। यह देखकर वह अपना आपा खो बैठा और आवेश में आकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान गंभीर चोटें आने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में इस मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने भी अपनी गलती स्वीकार की और उसे पछतावा था, लेकिन कानूनन हत्या का दोषी उसका पुत्र पाया गया। न्यायालय में पेशी और जेल रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र के बदरांव इलाके की है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

स्व. अटलजी के विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों एवं दूरदर्शी नेतृत्व से मिलती है प्रेरणा : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित भोपाल उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया। उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। … Read more

पर्यटकों की भारी डिमांड: पचमढ़ी में सर्दियों से पहले होटल 60% तक फुल, सफारी किराए में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर बढ़ने जा रही है। चार दिन बाद विंटर वेकेशन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी पचमढ़ी का रुख करेंगे। इसी के साथ 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक पचमढ़ी में पीक सीजन घोषित किया गया है। पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए प्रति पर्यटन स्थल पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। वहीं होटलों के कमरों के किराए में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।   12 से 14 दिन की एडवांस बुकिंग, होटल 60% तक फुल पचमढ़ी में अगले 12 से 14 दिनों के लिए एडवांस बुकिंग चल रही है। कई होटल पहले ही 60 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। होटल संचालकों के अनुसार, इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान किराया बढ़ा रहेगा। पचमढ़ी में करीब 100 छोटे-बड़े होटल हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर कमरों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती। टैक्सी किराए में बढ़ोतरी एक टैक्सी संचालक ने बताया कि पीक सीजन के दौरान जिस भी पर्यटन स्थल के लिए तय किराया है, उस पर एक हजार रुपए अतिरिक्त देना होगा। बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। नए साल के लिए 60% से ज्यादा बुकिंग नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में खासा उत्साह है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार-रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पिपरिया एसडीओपी को सौंपी है। पचमढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं। इस दौरान कैमरों से निगरानी की जाएगी। पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी लगातार गश्त करेगा।   ये हैं पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल, जो लुभाते हैं पर्यटकों का दिल पांडव गुफाएं: मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया। कृतिक झरने: बी-फॉल, रजत प्रपात (करीब 350 फीट ऊंचा) और अप्सरा विहार। धूपगढ़: पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु, जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल: चौरागढ़ और जटाशंकर प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ती है।