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बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त, 12 कमांडरों ने AK-47 समेत हथियार सौंपे

बालाघाट  मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है। अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा। एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं। प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है। 29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है. 29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें. इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.” उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था. रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

सशस्त्र सेना झंडा दिवस: राज्यपाल पटेल को लगाया गया ध्वज, लोकभवन में कार्यक्रम आयोजित

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल  पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।               

डॉ मोहन यादव ने उपभोक्ता संरक्षण और खाद्य आपूर्ति विभाग का किया मूल्यांकन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा प्रारंभ मुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा पीडीएस अंतर्गत संपन्न ईकेवायसी प्रक्रिया को सराहा, विभाग को बधाई दी भोपाल  * प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्का खाद्यन्न वितरण। * पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी। * ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क  खाद्यन्न का वितरण। * केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की। * लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।  * शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।  * इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।  * पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना। * मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।  * उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।  * वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।  * खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान। * मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग  के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं। * गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है। * सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।

ग्वालियर :खोए मोबाइल की उम्मीदें जगाईं पुलिस ने, 736 मोबाइल 1.82 करोड़ की कीमत में लौटाए

ग्वालियर  साल के आखिरी महीने में ग्वालियर पुलिस ने 736 ऐसे लोगों को ऐसा तोहफा दिया, जो हमेशा इस वर्ष की याद दिलाएगा। इन लोगों के गुम हुए मोबाइल पुलिस ने खोज निकाले। इसमें नई तकनीक ने भी पुलिस का साथ दिया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिल सके। जिनके मोबाइल गुम हुए थे, उन्होंने तो वापस मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन जब यह मोबाइल दोबारा इनके हाथ में पहुंचा तो मायूस चेहरों पर मुस्कान लौट आई। किसी ने किस्तों पर मोबाइल खरीदा था तो किसी के पिता, भाई, पति ने उपहार में मोबाइल दिया था। किसी के मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था, जो सुरक्षित मिला। पुलिस का दावा है कि बरामद हुए 736 मोबाइलों की कीमत 1.82 करोड़ रुपये है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार, साइबर सेल प्रभारी रजनी सिंह रघुवंशी और इनकी टीम ने कड़ी मेहनत की। देश के अलग-अलग राज्यों तक यह मोबाइल पहुंच गए थे, लेकिन जैसे ही मोबाइल चालू हुए तो पुलिस ने संपर्क किया। इसके बाद यह मोबाइल पुलिस तक पहुंचे। रविवार को इन लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाया गया और मोबाइल लौटाए गए। एसएसपी का कहना है कि मोबाइल ढूंढने में अच्छा काम करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। इन कंपनियों के थे मोबाइल एपल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेड-मी, रियलमी, पोको, लावा, गूगल, मोटोरोला, वनप्लस सहित अन्य कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। संचार साथी एप अगर कोई मोबाइल खो जाए तो अपने घर के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में संचार साथी एप डाउनलोड करें या संचार साथी पोर्टल के जरिये मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट कर सकते हैं। सीईआईआर पोर्टल दूरसंचार विभाग के ही सेंट्रल इलेक्ट्रानिक आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल पर जाकर रिपोर्ट करें, लेकिन इसमें पुलिस रिपोर्ट की अनिवार्यता है, जबकि पुलिस थानों में शिकायत लेने से ही इंकार कर दिया जाता है। यह जरूर संभाल कर रखें     मोबाइल का बिल।     मोबाइल के आईएमईआई नंबर। ये बोले लोग : किस्त पर लिया था मोबाइल     मेरे पति प्लम्बर का काम करते हैं। किस्त पर दो माह पहले ही मोबाइल लिया था। यह मोबाइल गिर गया था। आज वापस मिल गया, हम तो उम्मीद खो चुके थे, यह मोबाइल वापस मिलेगा। – लता कुशवाह। मोबाइल गिर गया था     मैं दिव्यांग हूं। सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर मोबाइल खरीदा था। यह मोबाइल गिर गया। अब वापस मिल गया। पुलिस को धन्यवाद देता हूं। – विनोद सिकरवार। मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया     मैं जीआरएमसी से एमबीबीएस कर रही हूं। इंदौर से ग्वालियर आ रही थी। तभी बस में मोबाइल गिर गया था। मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा था। मोबाइल तो मिला ही, डेटा भी मिल गया। – पायल सोलंकी।  

धर्मेंद्र प्रधान का संदेश: गुलदस्तों की बजाय बच्चों को सेब और पोषण दें, 500 रुपये में खुशियाँ बाँटिए

 भोपाल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिक्षा की जन-आंदोलन की बात करते हुए मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों के पोषण को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया और मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों को सख्त नसीहत भी दी.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण का अभियान चलाया है, लेकिन यह केवल सरकारी मिशन नहीं हो सकता. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे गुलदस्ते पर खर्च होने वाले 500 या 1000 रुपए को भी फल या पोषण सामग्री पर खर्च करें.  प्रधान ने कहा, ''मुझे स्वागत के दौरान गुलदस्ता भेंट किया जाता है, जिसकी कीमत कम से कम 500 रुपए होती और वह महज 20 सेकंड के लिए ही होता है. फोटो खिंचवाने के लिए गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं, जबकि इतने पैसों में 2 किलो सेब आ जाएंगे.'' उन्होंने गुजरात का उदाहरण दिया कि वहां गुलदस्तों की जगह फलों की टोकरी देने की पहल शुरू की गई. केंद्रीय मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के बच्चों की पोषण स्थिति पर चिंता व्यक्त की.  बच्चों के पोषण की बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने मंच पर मौजूद बीजेपी विधायकों रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी को टोकते हुए एक रचनात्मक सुझाव दिया. कहा, ''ये हमारे मित्र रामेश्वर शर्मा बडे़-बडे़ भंडारे करते हैं. हमारे हिंदू नेता हैं. मैं उनसे निवेदन करता हूं कि इस बार रामेश्वर जी की विधानसभा में कम से कम हफ्ते में एक बार एक बच्चे को एक पीस अंजीर, दो काजू और एक बेसन का लड्‌डू मिल जाए. शायद उसके न्यूट्रिशनल इंपैक्ट से कोई अब्दुल कलाम निकल सकता है. ये तो समाज का दायित्व है. प्रधानमंत्री जी ने पोषण का अभियान चलाया है लेकिन ये सरकारी मिशन नहीं हो सकता. सरकार तो कर ही रही है.'' धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों में से 50 लाख बच्चे ऐसे होंगे जिन्होंने 5वीं क्लास तक सेब (Apple) नहीं देखा होगा. देखे होंगे तो बाजार में देखे होंगे, खाने का उनको सौभाग्य नहीं है. अंजीर तो उनकी जिंदगी में शायद 10वीं के बाद आया तो आया, नहीं तो नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि अनेक बच्चों को एक गिलास दूध जब चाहिए तब नहीं मिलता है.''

भोपाल में 3 दिन से शीतलहर, इंदौर में कड़ाके की ठंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है। इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)     पचमढ़ी – 5.4°C     उमरिया – 6.1°C     राजगढ़ – 6.6°C     रीवा – 6.8°C     मलाजखंड – 7.1°C     मंडला – 7.4°C     खजुराहो – 7.8°C     नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C     छिंदवाड़ा – 8.4°C     रायसेन – 8.6°C     बैतूल – 8.7°C     सतना – 9.3°C     सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C  

खजुराहो से दो दिन की सरकार, बैठकें और समीक्षा के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा। सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक     नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।     इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

मध्य प्रदेश को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, 235 करोड़ की लागत से बनेंगे 7 फ्लाईओवर

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे पर मौजूद 7 जानलेवा ब्लैक स्पॉट अब जल्द ही खत्म हो जाएंगे। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को समाप्त करने के लिए 235 करोड़ रुपए की लागत से सात फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्वालियर और शिवपुरी जिले में ये सात फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं जिनमें से दो का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से जारी है, जबकि बाकी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है। फ्लाईओवर बनने के बाद आसान और सुरक्षित होगा सफर इन 7 फ्लाईओवर के निर्माण के बाद ग्वालियर और शिवपुरी के करैरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पर मौजूद सभी ब्लैक स्पॉट समाप्त हो जाएंगे। इससे न केवल यातायात सुरक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि माल व यात्रियों के परिवहन की गति बढ़ाने और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी। इन सात फ्लाईओवर में से चार ग्वालियर जिले में हैं, जबकि तीन शिवपुरी के करैरा विधानसभा में मंजूर हुए हैं।   सभी 7 फ्लाईओवर का विस्तृत विवरण     सिकरोड़ा तिराहा (ग्वालियर बाईपास): एनएच-44 पर 1873 मीटर लंबाई वाले इस सेक्शन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, इसकी कुल लागत 32.98 करोड़ रुपये है।     तीला रोड कॉलेज तिराहा (करैरा, शिवपुरी-झांसी सेक्शन): एनएच-27 पर 3085 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत 29.88 करोड़ रुपए है।     बिलाऔ तिराहा (ग्वालियर-झांसी सेक्शन): 900 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 33.54 करोड़ प्रस्तावित हैं, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     कल्याणी चौराहा: यहां 940 मीटर लंबाई की सर्विस रोड 33.76 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।     अर्रू तिराहा: 940 मीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 39.28 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही काम शुरू होगा।     सिलरपुर तिराहा (एनएच-27): 1600 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 40.03 करोड़ रुपए में किया जाना है, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।     मुंगवाली तिराहा (करैरा, एनएच-27): 760 मीटर लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य 25.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर 8 दिसंबर तक आमंत्रित किए गए हैं।

सीएम डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी एक साथ 19 पर्यटक ले सकेंगे अब जंगल सफारी का आनंद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा 10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी । नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।  

सरकार का बड़ा ऐलान: लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोतरी, तय हुई 1750 रुपये ट्रांसफर की तारीख

दमोह  मध्यप्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द मोहन सरकार लाड़ली बहनों को मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी होने जा रही है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद सिंह लोधी ने दमोह जिले के मनगढ़ में तालाब निर्माण के भूमि पूजन के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी। जल्द लाड़ली बहनों को मिलेंगे 3 हजार मंत्री धर्मेंद लोधी ने कहा कि 'रघुकुल रीत सदा चली, आई प्राण जाए पर वचन न जाई। आप लोग कहते हैं कि सरकार कहती थी की लाड़ली बहनों को 3 हजार दिए जाएंगे, लेकिन कब देंगे? तो मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा सरकार झूठ नहीं बोलती है। हम जल्द ही राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपए करेंगे। जानें कब मिलेंगे 1750 रुपए आगे मंत्री ने कहा कि अभी सहायता राशि 1500 रुपए है, अगली दीपावली में 1750 रुपए करेंगे। उसके बाद 2027 वाली दिवाली में 2000 रुपए और साल 2028 की दिवाली पर सीधा 1000 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। इस तरह से महिलाओं को कुल 3 हजार रुपए की राशि का जो वादा है पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार अपने वादों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गलतियां माफ करें जनता धर्मेंद लोधी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि काम करते हैं तो गलतियां भी हो जाती हैं, लेकिन क्षमा बड़न को चाहिए को चाहिए छोटन के उत्पात, आप जनता जनार्दन आप छोटी गलती को क्षमा कर दें, लेकिन एक गलती के कारण हमारी सारी अच्छाइयों को न भुला दें। आपके आठ काम हो जाते हैं दो काम नहीं होते तो आप उन आठ कामों की चर्चा नहीं करते। जो दो काम नहीं होते उनकी चर्चा ज्यादा होती है।