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धर्मेंद्र के निधन से शोक, CM मोहन व सिंधिया ने व्यक्त किया दुख—भावुक संदेश हुए वायरल

भोपाल  बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के निधन पर CM मोहन का रिएक्शन सामने आया है। सीएम ने ट्वीट कर कहा- भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेन्द्र जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। सिनेमा जगत को समृद्ध करने में उनका अद्वितीय योगदान और अभिनय सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा- भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता एवं बीकानेर से लोकसभा सांसद रहे धर्मेंद्र जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। धर्मेंद्र जी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, सादगी, और समर्पण से न केवल पर्दे पर किरदारों को जिया, बल्कि करोड़ों दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उनका जाना भारतीय फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है पर उनका व्यक्तित्व, उनका स्नेह और उनका जीवंत अंदाज़ हमेशा अमर रहेगा। शोक की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके परिवार, प्रशंसकों और समस्त फिल्म जगत के साथ हैं।

बुंदेलखंड के लिए बड़ी खबर, CM ने दी लॉन्च नदी परियोजना की मंजूरी, केन–बेतवा लिंक बनेगा गेम चेंजर

 बण्डा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वह अपने खेतों को किसी भी स्थिति में बेचने का प्रयास नहीं करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर 40 लाख रुपये में से 10 लाख तक का अनुदान देने का कार्य मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सागर जिले के बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकापर्ण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्व सुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। गीता जयंती मनाई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने 50.65 करोड़ रुपये के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। लांच नदी परियोजना को स्वीकृति मुख्यमंत्री ने सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं, मुख्यमंत्री ने शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्व सुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस बनाने, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा की। सीएम के साथ इस कार्यक्रम में एमपी के मंत्री लखन पटेल दशरथ लोधी दमोह सांसद राहुल लोधी सहित सागर जिले के भाजपा विधायक गण एवं विशाल जनसमूह उपस्थित रहा। 

धूल के कणों में भारी वृद्धि, 98% शहरों में बढ़ा प्रदूषण; MP की हवा बनी दम घोंटू

भोपाल  दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट बना हुआ है. दिल्ली में एक्यूआई 400 के पास दर्ज हो रहा है लेकिन वायु प्रदूषण के मामले में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई शहर दिल्ली के रास्ते पर चल रहे हैं. प्रदेश के कई शहरों में पॉल्यूशन का स्तर लगातार बढ़ रहा है.मध्य प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम के ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 98 प्रतिशत शहरों में पीएम 2.5, यानी धूल के बारीक कणों का स्तर बढ़ा हुआ है।  प्रदेश में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले सालों में शहरी क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में कम हुई पेड़ों की संख्या, मौसम में बदलाव और कई दूसरे कारणों से वायु की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. ग्वालियर में भी स्थिति चिंताजनक ग्वालियर में भी स्थिति चिंताजनक है। महाराज वाड़ा में 308, डीडी नगर में 309 और सिटी सेंटर में 243 AQI मिला। इनमें से महाराज वाड़ा और डीडी नगर की हवा बेहद खराब श्रेणी में रही, जबकि सिटी सेंटर कुछ कम प्रदूषित, लेकिन पुअर कैटेगरी में रहा। इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर अलग स्थिति देखने को मिली। छोटी ग्वालटोली में 304 AQI वेरी पुअर रहा, जबकि एयरपोर्ट पर 155, रेसीडेंसी एरिया में 103 और खंडवा रोड के आसपास 155 के आसपास AQI मॉडरेट मिला। कोहरा और सर्दी में इसलिए बढ़ता है प्रदूषण पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि ठंड के सीजन में आम तौर पर एक्यूआई बढ़ता ही है। ठंड में वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैस एक्सपेंड नहीं हो पातीं व वायुमंडल में ठहरी रहती हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, गैस व धूल के कण वायुमंडल में देर तक ठहरते हैं। इससे AQI बढ़ता है। इसी के साथ अधिक कोहरे की वजह से भी कई बार वायुमंडल में मौजूद हानिकारक गैस डिजॉल्व नहीं हो पाती हैं। कैसी है प्रदेश के शहरों की हवा? भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है. मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक राजधानी भोपाल का एक्यूआई इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है. भोपाल के पर्यावरण परिसर में हवा की गुणवत्ता वैरी पुअर कैटेगिरी की रिकॉर्ड की गई. यहां एक्यूआई का स्तर 304 पहुंच गया. इसी तरह भोपाल के कलेक्टोरेट एरिया में एक्यूआई 321 रिकॉर्ड किया गया, जबकि इससे भी ज्यादा खराब स्थिति भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की रही, यहां एक्यूआई का स्तर 347 तक पहुंच गया. यहां की स्थिति प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से भी खराब है. ग्वालियर ग्वालियर में भी वायु की गुणवत्ता वैरी पुअर कैटेगिरी की स्थिति में पहुंच गई. ग्वालियर के महाराज बाड़ा में एक्यूआई का स्तर 310 पहुंच गया. वहीं ग्वालियर डीडी नगर में इसका स्तर 310 आंका गया. इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहीं जाने वाली इंदौर के छोटी ग्वालटोली में भी एक्यूआई का स्तर 300 पार पहुंच गया. जबलपुर जबलपुर की आबोहवा अपेक्षाकृत बेहतर है. यहां वायु की गुणवत्ता दूसरे बड़े शहरों के मुकाबले अच्छी है. जबलपुर में एक्यूआई का स्तर 243 रिकॉर्ड किया गया, हालांकि यह पुवर कैटेगिरी है. सागर सागर में भी वायु प्रदूषण पुअर कैटेगिरी में पहुंच गया है. सागर के कलेक्टोरेट क्षेत्र में एक्यूआई 311 पहुंच गया है, जबकि सागर के दीनदयाल नगर में एक्यूआई 147 रहा. सिंगरौली प्रदेश में वायु प्रदूषण के मामले में सबसे ज्यादा खराब स्थिति सिंगरौली में रिकॉर्ड की गई है. सिंगरौली में एक्यूआई का स्तर 356 पहुंच गया है. प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सेक्टर 2 में एक्यूआई का स्तर 338 और मंडीदीप में 321 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया. प्रदेश के इन क्षेत्रों की हवा अच्छी प्रदेश में वायु प्रदूषण के मामले में सबसे बेहतर स्थिति दमोह की आंकी गई. यहां एक्यूआई का स्तर 41 रहा और हवा में पीएम 10 का स्तर सिर्फ 40.48 रहा. दमोह में वायु की गुणवत्ता की कैटेगिरी गुड रही. इंदौर के रीजनल पार्क और पोलोग्राउंड में वायु प्रदूषण का स्तर ठीक रहा. खरगोन नगर पालिका में भी पॉल्यूशन का स्तर अच्छा आंका गया. पर्यावरण विशेषज्ञ सुभाष सी. पांडे के अनुसार     सर्दियों में देर रात और सुबह हवा का दबाव कम होने से प्रदूषक नीचे जम जाते हैं।     इससे सुबह की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित होती है।     यह स्थिति फेफड़ों के रोगियों, हार्ट पेशंट, 5 साल से छोटे बच्चों और 60+ उम्र के लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।     उन्होंने सलाह दी कि मॉर्निंग वॉक हलकी धूप निकलने के बाद ही करें, क्योंकि उस समय हवा में प्रदूषक ऊपर उठने लगते हैं। जहां हवा साफ मिली, उसका कारण विशेषज्ञों का कहना है कि दमोह, खरगोन, रीजनल पार्क जैसे इलाकों में एक्यूआई Good या Satisfactory इसलिए मिला, क्योंकि इन स्थानों पर उद्योग और ट्रैफिक कम है। हवा तेज चलने से प्रदूषक जल्दी फैल जाते हैं। तेज हवा प्रदूषकों को जमीन से ऊपर ले जाती है, इसलिए ऐसी जगहों की हवा अपेक्षाकृत जल्दी साफ हो जाती है।

बढ़े हुए आठ कोचों के साथ सोमवार सुबह इंदौर–नागपुर वंदे भारत ट्रेन हुई प्रस्थान

इंदौर  इंदौर से नागपुर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन सोमवार सुबह बढ़े हुए आठ कोच के साथ रवाना हुई। अब यह ट्रेन सोलह नियमित कोच के साथ रोज चलेगी। पहले दिन यात्री संख्या ज्यादा नहीं रही, लेकिन आने वाले दिनों में बुकिंग होने पर यात्री संख्या और बढ़ सकती है। अब इस ट्रेन की यात्री क्षमता 1124 हो गई है। पहले ट्रेन में 526 सीटें थीं। सुबह इंदौर से ट्रेन 6.10 बजे रवाना हुई। इसमें अतिरिक्त कोच लगे थे। यह ट्रेन उज्जैन में 6.50 बजे रुकी। यहां दो मिनट के स्टाॅप के बाद ट्रेन भोपाल के लिए रवाना हुई। ट्रेन सुबह भोपाल पर सवा 9 बजे रुकी। यहां से भी बड़ी संख्या में नागपुर जाने के लिए ट्रेन में यात्री सवार हुए। दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे ने बढ़ाए है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो गई। एक सप्ताह पहले इस ट्रेन के लिए नए रैक इंदौर आ चुके थे। जिन्हें सोमवार सुबह ट्रेन से जोड़ा गया। पहले यह कोच दिल्ली-पटना ट्रेन के लिए भेजे गए थे। रविवार तक इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चल रही थी। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। पहले वंदे भारत ट्रेन इंदौर से भोपाल के बीच चलती थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार नागपुर तक के लिए कर दिया। सोमवार रात को यह ट्रेन फिर इंदौर लौटेगी।

मंत्री सारंग का दावा: CM के निर्देशों पर प्रदेश में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था सशक्त

भोपाल  राजधानी भोपाल में सरेराह लाठी-डंडों से हमले की लगातार घटनाओं के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। रविवार शाम चार इमली इलाके में तीन बदमाशों द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल होने के साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रों से भी ऐसे ही वीडियो सामने आए थे। विपक्ष ने इसे लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और पुलिस हर मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है। अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। बता दें कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोनिया ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरी भाजपा सरकार सो रही हैं। गृह विभाग सो रहा है। भोपाल क्राइम कैपिटल बनता जा रहा है। शहर में गुंडे बदमाशों का आंतक जारी है।  मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना  इसी दौरान राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर उठाए गए सवालों पर भी सारंग ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “यदि किसी को चुनाव आयोग की किसी प्रक्रिया से आपत्ति है तो उसे आयोग के पास जाकर शिकायत करनी चाहिए। यह देश लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलता है। चुनाव, मतदाता सूची और प्रक्रियाएँ रूटीन का हिस्सा हैं। बिना तथ्यों के ट्वीट कर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना सही नहीं है। सारंग ने आगे कहा कि करोड़ों वोटरों और लाखों कर्मचारियों की मेहनत से चुनाव प्रक्रिया चलती है। ऐसे में बेबुनियाद बयानबाजी से वे हतोत्साहित होते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “राहुल गांधी सिर्फ संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्हें थोड़ी गंभीरता और परिपक्वता लानी चाहिए।  

भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।  तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—     नौगांव (छतरपुर): 8.2°C     मंदसौर: 8.6°C     नरसिंहपुर: 8.6°C     शाजापुर: 8.8°C     राजगढ़: 9°C भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया। बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।     इंदौर: 11.7°C     ग्वालियर: 12.1°C     जबलपुर: 12.2°C     उज्जैन: 12.5°C अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी। पूर्वानुमान —     इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं     रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत     विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है     दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना   मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है। कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं     ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, पचमढ़ी में नहीं मिल रही जमीन; हेलीपैड 40 किमी दूर होगा

पचमढ़ी  पीएमश्री हेली सेवा इको सेंसटिव जोन (eco-sensitive zone) को पेंच फंसने के बाद सैलानियों का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाने नर्मदापुरम जिला प्रशासन को भूमि नहीं नहीं मिल रही है। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल प्रभावित है। पचमढ़ी के लिए पिपरिया के ग्राम सिमरा में समतल भूमि देखी है लेकिन पचमढ़ी से इसकी दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसपर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।  पिपरिया तहसीलदार वैभव बैरागी ने बताया कि ग्राम सिमारा की समतल भूमि पर हेलीपैड बनाया जा सकता है। सोमवार को इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद तकनीकी परीक्षण होने के बाद निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई होगी। ग्राम सिमारा से पचमढ़ी जाने के लिए सैलानियों को लगभग 40 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। लगभग सवा घंटे की इस यात्रा में सैलानियों को मटकुली से पचमढ़ी के बीच के 26 किलो मीटर के घाटी सेक्शन को भी पार करना होगा। सिमरा में हेलीपैड बनाने का अंतिम निर्माण होना बाकी है। इस कारण हेलीपैड बनने तक पचमढ़ी हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहेगी। ग्राम रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मई आने वाले पर्यटकों का हेलीकॉप्टर कहां उतरेगा। इसको लेकर भी असामंजस बना हुआ है। मढ़ई के करीब ग्राम रैनीपानी में हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने भूमि का निरीक्षण किया गया है। इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच कोई सैलानी हेलीकॉप्टर से मढ़ई आएगा तो उसका हेलीकॉप्टर को सोहागपुर में बने हेलीपैड पर उतारा जाएगा।  एजेंसी को काम शुरू करने को कहा है हेलीपैड बनाने के लिए कहीं भी जगह फाइनल नहीं हुई है। पचमढ़ी के लिए सिमारा में समतल भूमि देखी है। सोहागपुर के लिए भी रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण किया है। अंतिम निर्माण होने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। – हिमांशु जैन, सीईओ, जिला पंचायत, नर्मदापुरम

मप्र निर्वाचन आयोग ने बदले नगरपालिका चुनाव नियम, उम्मीदवारों के लिए नई पारदर्शिता जरूरी

भोपाल  लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह अब नगरीय निकायों के चुनाव में पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों को भी नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना होगा। उन्हें शपथ-पत्र में खुद पर दर्ज आपराधिक प्रकरण और उनकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। इसके साथ चुनावी खर्च का ब्यौरा भी राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा। उनके खर्च की अधिकतम सीमा नगरीय विकास विभाग आयोग से परामर्श करने के बाद तय करेगा। प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। इस बीच कोई उपचुनाव हुआ तो उसमें भी नए नियम लागू होंगे। रद्द किया जाएगा नामांकन मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम में बदलाव के संबंध में ये नियम बनाए हैं। इनकी अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा, महापौर, पार्षद, नगर पालिका परिषद, नगर परिषद के अध्यक्ष-पार्षद पद का उम्मीदवार नामांकन के साथ शपथ-पत्र देगा। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों, दायित्यों, शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी देनी होगी। ऐसा न होने नामांकन रद्द किया जाएगा। शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां -राज्य निर्वाचन आयोग के तय शपथपत्र के प्रारूप में महापौर, नपा अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को बताना होगा कि दो साल या अधिक सजा वाले कितने आपराधिक केस दर्ज हैं। थाना, एफआइआर व जिले का ब्योरा भी देना होगा। -स्वयं, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी, टैक्स, लोन आदि की जानकारी देनी होगी। आय के साधन बताने होंगे। संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति, शेयर और कंपनियों में किए निवेश, कर्ज की जानकारी देनी होगी।

चार दिन के महोत्सव में ओरछा में फोर व्हीलर प्रवेश बंद, चार जगह बनाई गई पार्किंग

ओरछा मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव की धूम है। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने का सिलसिला जारी है। ऐसे में प्रशासन ने अव्यवस्थाओं से बचने के लिए ट्रैफिक प्लान जारी किया है। प्रशासन ने तीन दिन के महोत्सव को लेकर 24 से 26 नवंबर तक ओरछा में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस दौरान ओरछा में ट्रक, बस, डंपर सहित अन्य बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने चारों दिशाओं में वाहन पार्किंग की व्यवस्था की है। नगर में किसी भी वाहन का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा में 24 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाले श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरा प्लान तैयार किया है। साथ ही, कलेक्टर जमुना भिड़े ने आदेश जारी कर ओरछा से निकलने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। ऐसे में झांसी से पृथ्वीपुर, टीकमगढ़ की ओर ओरछा से आने वाले सभी वाहनों को अब निवाड़ी होकर आना होगा। वहीं, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर की ओर से झांसी की ओर जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से होकर जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए ऐसी रहेगी पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने जाम की स्थिति से बचने के लिए वाहनों के आने की दिशा के अनुसार अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। ऐसे में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालु इस प्लान के अनुसार ही ओरछ में प्रवेश करने के पूर्व अपने वाहनों को पार्क कर असुविधा से बच सकते है। पार्किंग व्यवस्था अपनी दिशा देखें -झांसी, निवाड़ी और तिगेला की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टरों को आजाद पार्क में पार्क किया जाएगा। -कार और जीप राजमंदिर होटल और थाना पार्किंग में रखे जाएंगे। -ललितपुर और बबीना की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टर गुदरई दरवाजा और हेलीपैड में पार्क होंगे। -कार और जीप लक्ष्मी मंदिर पार्किंग में रखे जाएंगे। -टीकमगढ़ और पृथ्वीपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन सेंचुरी पार्किंग में रखने की व्यवस्था बनाई गई है। -दो पहिया वाहन गणेश दरवाजा या केशव भवन के पास पार्क करने की सुविधा मिलेगी।

MP के मंदसौर जिले में बदलाव, टीआई की पोस्टिंग पर लगी नई सीमा: 6 महीने

मंदसौर  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा। पहला जिला बनेगा मंदसौर! अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी। इस सिस्टम के बाद— कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।” अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई— तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए। रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी? थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा  जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम