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दिवाली से पहले बड़ा अलर्ट: धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों को लेकर दिया खास बयान

छतरपुर छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली पर पटाखे चलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दिवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान देने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने रहा है कि दीवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान ना दिया जाए क्योंकि हम बकरीद और ताजिए पर ज्ञान नहीं देते। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, दिवाली को लेकर हमारा दूसरे मजहब के लोगों से अपील है कि पटाखों को लेकर अपना ज्ञान ना पेलें। क्योंकि ना तो हम आपकी बकरीद पर ज्ञान पेलते हैं और ना ताजिए पर। तो आप होली-दीवाली पर हमें ज्ञान ना दें। ये बात उन्होंने मुंबई में सिद्धि विनायक गणेश मंदिर के दर्शन करने के दौरान दिया। उन्होंने आगे कहा, यहां के दो अभिनेता है, उनसे भी हम यही बात कहेंगे कि दिवाली है, पटाखे कम चलाने चाहिए, ये बात सही है। प्रदूषण होता है, ये बात सही है, लेकिन केवल दिवाली पर अपना ज्ञान ना दें, ये हमारी प्रार्थना है क्योंकि हम तो पटाखे फोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा की घोषणा भी की। इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, आई लव मोहम्मद बुरा नहीं है लेकिन आई लव महादेव भी बुरा नहीं है। हालांकि सर तन से जुदा जैसे बयान बिल्कुल गलत हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के आगरा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार को कहा कि हिंदुओं को एक करने, हिंदू राष्ट्र बनाने और यमुना को बचाने के लिए पैदल यात्रा की जायेगी । बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इस यात्रा का आयोजन ब्रज क्षेत्र में सात से 16 नंवबर के बीच किया जायेगा। यमुना की शुद्धि के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के मुख्य मंत्रियों से कहेंगे । यमुना मईया को निर्मल कर दो ताकि जल ठाकुर जी को चढ़ने लगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसका ना आदि है और न अंत है वहीं सनातन है। तीन हजार साल पहले पृथ्वी पर सिर्फ सनातनी रहते थे। जितने भी मजहब के लोग रहते हैं और अगर अपने पूर्वज को खंगालें तो सनातनी निकलेंगे। असली मुसलमान दूसरे देशों में हैं यहां तो सभी कन्वर्टेड हैं।

मध्यप्रदेश: सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक धरोहरों की अद्वितीय भूमि — अपर मुख्य सचिव शुक्ला

मध्यप्रदेश सांस्कृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म पर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने राउंडटेबल चर्चा में साझा किए विचार भोपाल मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में “एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म” विषय पर राउंडटेबल चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन  चेतन वोहरा ने किया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के हृदय में स्थित है और देश के सभी प्रमुख महानगरों से सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग से सुगमता से जुड़ा हुआ है। यहाँ अत्याधुनिक सम्मेलन केंद्रों, लक्ज़री होटलों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है, जो इसे वेडिंग एवं एमआईसीई इवेंट्स के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों के साथ मिलकर राज्य को ग्लोबल लेवल पर एक सस्टेनेबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए तत्पर है। प्रमुख सचिव  शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करेगी और आवश्यकतानुसार सहयोग करेगी जिससे यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सके। उपसंचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग), मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम  विवेक जुड ने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में खजुराहो, मांडू, ओरछा, महेश्वर, भोपाल, पचमढ़ी और पेंच जैसे स्थानों को अंतर्राष्ट्रीय मानक के एमआईसीई और डेस्टिनेशन वेडिंग स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग एवं एमआईसीई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वेडिंग कनेक्शन्स एवं एएचए, जयपुर  अमित हूडा ने राजस्थान के सफल अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में इस सेक्टर के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। सु एकता सैगल लुल्ला (ईएसएल इवेंट्स) ने सुझाव दिया कि राज्य में और अधिक ऐसे स्थलों को विकसित किया जाए जो विशिष्ट पहचान रखते हों, जिससे मध्यप्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन सके। सु ईशा अग्रवाल (वेडिंग चैप्टर्स) ने कहा कि इस क्षेत्र में आतिथ्य सेवाओं और स्वागत-संवेदना की बड़ी भूमिका होती है, अतः होटल व्यवसायियों के साथ परामर्श कर विवाह सीजन में दरों का समुचित निर्धारण करने की दिशा में पहल की जानी चाहिए।  विक्रमजीत शर्मा (ले फ्लोरेंस वेडिंग) ने कहा कि एक “वन स्टॉप अप्रूवल सिस्टम” विकसित करना आवश्यक है जिससे बड़े आयोजनों के लिए त्वरित अनुमति मिल सके और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजकों का विश्वास बढ़े। सु श्रुति सिंह (वेडिंग एवं ट्रैवल जर्नलिस्ट) ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं के साथ इन्हें आधुनिक प्रचार माध्यमों पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता है।  राजीव मल्होत्रा (सीईओ, लोटस एग्ज़िबिशन्स) ने राज्य में ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय क्षमताओं के अनुरूप आयोजन सुविधाओं को प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में वृद्धि हो सके।  सूरज धवन (डायरेक्टर, फाल्कन एग्ज़िबिशन्स) ने बताया कि भारत विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते एग्ज़िबिशन मार्केट्स में से एक है, जो लगभग 40 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, अतः यह मध्यप्रदेश के लिए सही समय और सही अवसर है कि वह इस उभरते क्षेत्र का लाभ उठाए। इस अवसर पर ताज, मैरियट सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख होटलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर वेडिंग एवं एमआईसीई टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई और साझा रणनीति विकसित करने पर सहमति दी।  

सरकारी नौकरी में अनुकंपा पर MP हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय, जानें क्यों अब एक से ज्यादा परिवारिक लाभ नहीं

ग्वालियर मध्य प्रदेश में ग्वालियर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की युगल पीठ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए दायर एक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। अनुकंपा नियुक्ति पर अपील खारिज बहोड़ापुर निवासी रंजीत सिंह के पिता जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत थे। 14 मई 2022 को उनका निधन हो गया था। रंजीत सिंह ने 26 मई 2022 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। रंजीत का आवेदन 21 जुलाई को यह कहकर अस्वीकृत कर दिया गया कि उनके दोनों भाई पहले से नौकरी में थे; एक सरकारी सेवा में और दूसरा आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में। बाद में, रंजीत के एक भाई ने अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। इस आधार पर रंजीत ने फिर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार भी आवेदन खारिज कर दिया गया।   नहीं मिलेगा अनुकंपा का लाभ न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल नीति के दायरे में आने वाले मामलों में ही दी जा सकती है। यह तत्काल आर्थिक संकट से राहत देने का एक उपाय है, न कि कोई अधिकार। न्यायालय ने जोर दिया कि मृतक के निधन के समय रंजीत के दोनों भाई सेवा में थे, इसलिए नियुक्ति से इनकार करना नीति के अनुरूप था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में भाई द्वारा त्यागपत्र देने से अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दोबारा उत्पन्न नहीं होता।

राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री पटेल ने विजेताओं को किया सम्मानित

भोपाल  भारतीय ट्रायथलॉन संघ द्वारा प्रकाश तरण पुष्कर भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर एक्वाथलान प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राजधानी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। राजधानी भोपाल में 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 23 राज्यों के 184 बालक एवं बालिकाओं, 46 कोच मैनेजर एवं 50 तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के पहले दिन मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी मनवा पावले ने मध्यप्रदेश को पहला कांस्य पदक दिलाया। मनवा पावले मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में कैप्टन मनोज झा से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एक्वाथलोन सब जूनियर बॉयज मणिपुर के धनंजय मिताई ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के वरुण राज डोंगल ने रजत तथा कर्नाटक के शिवराम मधीरा ने कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की ईश्वरी कालमेघ ने स्वर्ण, ऋतुजाचार्य ने रजत और मध्यप्रदेश की मनवा पावले ने कांस्य पदक अर्जित किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन जूनियर ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में मणिपुर के तलैबा ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के अश्विन एस ने रजत और हरियाणा के अमन चाहर ने कांस्य पदक प्राप्त किया। इसी तरह बालिका वर्ग में तमिलनाडु की कीर्ति ने स्वर्ण पदक, मध्यप्रदेश की कनक धारीवाल ने रजत तथा महाराष्ट्र की गौरी जगताप ने कांस्य पदक अर्जित किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राजेंद्र आगल वरिष्ठ पत्रकार, राकेश गुप्ता कार्यकारिणी सदस्य एशियन ट्रायथलॉन फेडरेशन, नितिन गुप्ता महासचिव भारतीय ट्रायथलान संघ, राजेश चौबे सचिव मध्यप्रदेश तैराकी संघ, अध्यक्ष मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन संघ, मप्र कांत तिवारी ट्रायथलान संघ के सचिव तथा प्रतियोगित आयोजन सचिव जे.पी. सक्सेना, चंद्रशेखर अवस्थी आर.डी. झा, उमाशंकर व्यास, हरीश शुक्ला, अशोक सिंह, एस.एन. पंडित, सुधीर नेमा, मनोज करैया प्रशांत रजक, चित्रेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का संचालन पीयूष शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन सह सचिव मध्यप्रदेश ओ.पी. अवस्थी ने किया।  

महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं

सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान से उन्हें सशक्त और सबल बनाया है महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने देवरीकलां में हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित किया भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान चलाकर बालिका और महिलाओं को सशक्त व सबल बनाया है। आज महिलाएं स्वसहायता समूह से जुड़कर रोजगार स्थापित कर महिने में 15 हजार रुपये से 17 हजार रुपये तक की आमदनी कमा रही है। राज्यपाल  पटेल रविवार को नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत देवरीकलां में आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल मंगुभाई ने कहा कि आज महिलाएं पुरूषों से भी अधिक परिश्रम कर रही हैं। स्वसहायता समूह के माध्यम से अपना रोजगार स्थापित कर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सरकार के द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर , सशक्त बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना प्रारंभ की गई है। प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों का शिक्षा स्तर बढ़ा है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाफल के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ  देश में करोड़ों नागरिक गरीबी रेखा की सूची से बाहर आए हैं, जिसका श्रेय केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जाता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश बनेगा। सरकार विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत के संकल्प को भी पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। नागरिकों को 5 लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों का भी लगातार उपचार किया जा रहा है। उन्हें पोषण आहार किट और दवाईयां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिकल सेल की बीमारी को जड़ से समाप्त करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच परीक्षण कर सिकल सेल बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। जिससे उनका सफल उपचार किया जा सके। उन्होंने बताया कि सिकल सेल बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाईयां भी दी जा रही है ।उनका डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिक अपने बच्चों या आसपास के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ में ले जाकर पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल बीमारी को प्रदेश से समाप्त करने का अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत सिकल सेल बीमारी से पीड़ित मरीजों की पहचान करना और उनका उपचार तथा पीड़ित परिवार की मदद करना शामिल है। उन्होंने बालिकाओं के संरक्षण में मनाए जाने वाले बालिका दिवस के बारे में भी बताया कि बालिका दिवस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को प्रदेश के नागरिकों की अत्यधिक चिंता है। यही वजह है कि वह प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर नागरिकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। आप प्रदेश के दूरस्थ ग्रामों का भ्रमण करते हैं।धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी करते हैं। हम सभी को सतत  मार्गदर्शन भी देते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी किया। उन्होंने 2120 स्वसहायता समूहों को 32 करोड़ 30 लाख रुपये का चैक प्रदानकिया। आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम में टीबी फूड बास्केट, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, स्वाइल्थ हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कार्यक्रम का बड़ादेव का पूजन कर  शुभारंभ किया।कार्यक्रम मेंआयोजित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत नवजात से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई।   

एमपी मेट्रो भर्ती 2025: इस डिग्री वालों को मिलेगा बड़ा मौका, सैलरी और योग्यता देखें यहां

भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने सहायक प्रबंधक पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती डिपुटेशन, कांट्रैक्ट और री-एम्प्लॉयमेंट के आधार पर की जाएगी। योग्य और अनुभवी उम्मीदवार 28 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। योग्यता और अनुभव इस पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से मास कम्यूनिकेशन, जर्नलिज्म, पब्लिसिटी, पब्लिक रिलेशन या पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक डिग्री अनिवार्य है। इसके अलावा, इन विषयों में पोस्टग्रेजुएट डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर निकली नौकरी… सहायक प्रबंधक का मुख्य कार्य जनसंपर्क, मीडिया संबंध और सार्वजनिक जानकारी से जुड़ा होगा। पद पर कार्य करने वाले उम्मीदवार मेट्रो परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार और मीडिया रिपोर्टिंग, प्रेस कांफ्रेंस तथा अन्य जनसंपर्क गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ MPMRCL के संबंधित विभाग में 28 अक्टूबर, 2025 तक भेज सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया और शैक्षिक योग्यताओं से संबंधित जानकारी के लिए उम्मीदवार MPMRCL की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। कब तक कर सकेंगे आवेदन आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2025 है। इस तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे समय रहते अपना आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।  

भविष्य की राजनीति: MP के विधायक होंगे डिजिटल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे जुड़े

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायकों को सरकार हाई टेक बनाएगी। सभी को कार्यालय में वीडियो कॉफ्रेसिंग की सुविधा दी जाएगी। इससे अधिकारी उनके संपर्क में रहेंगे। इस व्यवस्था को बनाने के लिए बजट में साढ़े 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 के बजट में ई-विधायक ऑफिस नाम से योजना प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी। इसमें प्रत्येक विधायक को पांच लाख रुपये देने का प्रविधान रखा गया है। यद्यपि, आधा वर्ष बीतने के बाद इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विधायकों के कार्यालय भी हाई टेक बनाए जाएंगे दरअसल, विधानसभा सचिवालय ई-विधान परियोजना पर काम कर रहा है। इसमें विधायकों को एक-एक लैपटॉप दिए जाने हैं। इसकी निविदा जारी हो चुकी है। संभावना है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ई-विधान व्यवस्था लागू हो जाए। इसके साथ ही विधायकों के कार्यालय भी हाई टेक बनाए जाएंगे। इससे उन्हें न केवल अपने विधायी कार्य करने में आसानी होगी, बल्कि वीडियो कॉफ्रेंस भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने हाल ही में दोहराई थी प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉफ्रेंस में भी यह बात दोहराई और कहा कि हम जल्द ही विधायकों के कार्यालयों को हाई टेक करने जा रहे हैं। इससे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की न केवल अद्यतन जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे बल्कि समीक्षा भी कर सकेंगे।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम में परिवहन विभाग की सेवाएं

भोपाल  प्रदेश के समस्त जिलों में नवीन गैर परिवहन मोटरयानों और नवीन वाहनों का पंजीयन वाहन-4 पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रदेश के नागरिक प्रदेश के किसी भी जिले में मोटरयान का क्रय करने के बाद अपने मूल निवास या प्रदेश के किसी भी जिले का पंजीयन नंबर मोटरयान क्रय से संबंधित जिले में ही प्राप्त कर सकेंगे। नागरिकों को अपने मोटरयानों के पंजीयन के लिये भौतिक रूप से परिवहन कार्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। वे मोटरयान क्रय करते समय संबंधित ऑटोमोबाइल डीलर के माध्यम से यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। नागरिक अपने प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में अपने मोटरयानों पर अति सुरक्षा पंजीयन पट्टिका (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) लगवा सकेंगे। भारत सीरीज (बीएच सीरीज) से संबंधित पंजीयन नंबर गैर परिवहन मोटरयानों के लिये ऑनलाइन ही प्राप्त किये जा सकते हैं। पंजीयन नंबरों के लिये केन्द्र सरकार के अंतर्गत कार्यरत समस्त लोक सेवा एवं ऐसे समस्त निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिनके 4 या अधिक राज्यों में स्थापित कार्यालय या संस्थान हैं। आधुनिकतम मोटरयान मॉडल के व्यावसायिक रूप से बाजार में प्रचलन में आने के पूर्व ही उसके मूल्य एवं समस्त तकनीकी विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित होने से राज्य में इनके पंजीयन के समय किसी भी प्रकार का कर अपवंचन नहीं हो सकेगा। प्रदेश में गैर परिवहन वाहनों और परिवहन वाहनों का पंजीयन निरंतर "वाहन-4" पोर्टल पर किया जा रहा है। राज्य में वाहन-4 पोर्टल पर परिवहन कार्यालयों का डाटा पोर्ट, डीलर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, होमोलोगेशन की प्रक्रिया, फैंसी नंबर जनरेट करने की प्रक्रिया और टेक्सेशन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में परिवहन विभाग की 31 सेवाओं को शामिल किया गया है। आरटीओ द्वारा नियुक्त अधिकारी तथा जिला कलेक्टर और संभागायुक्त को क्रमश: प्रथम अपीली अधिकारी, द्वितीय अपीली अधिकारी अधिसूचित किया गया है। नागरिकों से जुड़ी चयनित 31 सेवाओं के निराकरण के लिये एक निश्चित समय अवधि तय की गई है। जिन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है, इनमें प्रमुख रूप से लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस, वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र, वाहन का पंजीयन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना, डुप्लीकेट वाहन पंजीयन कार्ड, मृत्यु के बाद स्वामित्व का हस्तांतरण, ड्राइविंग लाइसेंस में अन्य श्रेणियों का वाहन जोड़ा जाना और लाइसेंस में पता परिवर्तन जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। 

हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति, लेकिन अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधा नहीं

भोपाल भारत में मानसिक स्वास्थ्य का संकट अब एक 'इमरजेंसी चुनौती' बन चुका है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर तीन मिनट में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। चिंताजनक यह है कि इनमें से अधिकांश लोगों को कभी कोई मानसिक उपचार नहीं मिला। गांधी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि सोनी इसे एक मूक महामारी बताती हैं। डॉ. सोनी का मत है कि मानसिक स्वास्थ्य संकट समय नहीं देखता। हमें ऐसी व्यवस्था चाहिए, जहां रात के दो बजे भी किसी संकटग्रस्त व्यक्ति को तत्काल मदद मिल सके।   शरीर चीखता है, मन चुप रह जाता है डॉ. सोनी के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य की आपातकालीन स्थितियां उतनी ही खतरनाक हैं, जितना अचानक हार्ट अटैक आना। वे कहती हैं कि फर्क बस इतना है कि शरीर चीखता है और मन चुप रह जाता है। मानसिक स्वास्थ्य इमरजेंसी तब आती है, जब किसी व्यक्ति के विचार, व्यवहार या भावनाएं अचानक खुद के या दूसरों के लिए खतरा बन जाती हैं। जैसे बार-बार आत्मघाती विचार आना, पैनिक अटैक या हिंसक व्यवहार। यह वह नाजुक दौर होता है, जहां उपचार में एक मिनट की देरी भी जिंदगी छीन सकती है। हर जिले में 24 घंटे मदद जरूरी इस मूक महामारी को रोकने के लिए व्यापक बदलाव आवश्यक हैं। डॉ. सोनी ने हर जिले में सुधार की राह सुझाई है। यह आवश्यक है कि हर जिला अस्पताल में 24 घंटे सातों दिन साइकेट्रिक इमरजेंसी यूनिट स्थापित हो। साथ ही डाक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स को संकट प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। टेली-साइकेट्री सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक विशेषज्ञ मदद पहुंचे। इसके अतिरिक्त स्कूलों और कालेजों में मेंटल हेल्थ फर्स्ट एड ट्रेनिंग शुरू करना समय की मांग है, जिससे हर व्यक्ति अपने आसपास के संकट को पहचान कर तुरंत सहायता प्रदान कर सके। इमरजेंसी रेफरल की त्रासदी वर्तमान में देश के बहुत कम अस्पतालों में 24 घंटे सातों दिन साइकेट्रिक इमरजेंसी यूनिट उपलब्ध है। जब कोलार के एक बैंक अधिकारी ने नींद की गोलियां खा लीं या शाहपुरा की 24 वर्षीय छात्रा परीक्षा से पहले पैनिक अटैक के कारण बेहोश हो गईं, तो दोनों मामलों में शुरुआती इलाज के बाद उन्हें मानसिक रोग विभाग में रेफर किया गया। यही रेफरल और सही इमरजेंसी सुविधा का अभाव कीमती समय नष्ट कर देता है। जिला और छोटे शहरों में प्रशिक्षित मनोरोग चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके कारण परिवार को ही संकट संभालना पड़ता है, और यही देरी अक्सर जिंदगी छीन लेती है।

मानदेय ठप! MP में तकनीकी गड़बड़ी के कारण अतिथि शिक्षक परेशान

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को हमारे शिक्षक एप से ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य है। हालांकि इसमें अतिथि शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी में आगे हैं। मध्य प्रदेश के 80 फीसद अतिथि शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। इसके बावजूद भी तीन माह से अतिथि शिक्षकों को मानदेय नहीं मिला। इसका कारण यह है कि ऑनलाइन हाजिरी में आ रही तकनीकी समस्या आ रही है। इसका खामियाजा अतिथि शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। विगत तीन माह से इन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण अतिथि शिक्षक स्कूल में समय पर उपस्थित नहीं लगा पा रहे हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश है कि ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर ही अतिथि शिक्षकों को माह में उपस्थिति का ऑनलाइन बिल जनरेट होगा।   ई-अटेंडेंस नहीं लगा पाए अब ई-उपस्थिति नहीं होने से पोर्टल पर मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अतिथि शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहें हैं, इसका उपस्थित पंजी में विधिवत हस्ताक्षर हैं, लेकिन नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगा पाए। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अतिथि शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि अतिथि शिक्षकों को विगत तीन माह के मानदेय का भुगतान उपस्थिति पंजी के आधार पर किया जाए। जिससे अतिथि शिक्षक दीपावली का त्योहार मना सके और अन्य आर्थिक समस्याओं से निजात पा सके।