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चार साल में पूरी करेंगे 3500 KM की नर्मदा यात्रा, हाथ से चलकर करेंगे साधना

डिंडौरी  मां नर्मदा की असाधारण परिक्रमा धर्मपुरी महाराज ने अमरकंटक से दशहरा पर्व के दिन से शुरू की है। धर्मपुरी महाराज की परिक्रमा इसलिए असाधारण है क्योंकि सभी लोग पैर से चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं, जबकि धर्मपुरी महाराज हाथों के बल से चलकर 3500 किलोमीटर की परिक्रमा करने का संकल्प लिया है। मां नर्मदा के यूं तो भक्त निराले हैं। अलग-अलग तरीके से कठिन साधना करने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन ऊबड खाबड भरे मार्ग में इस तरह की साधना चर्चा की विषय बनी हुई है। बताया गया कि यह कठिन परिक्रमा लगभग चार वर्ष में पूरी होगी। महाराज जी अभी तक लगभग 30 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं। वे एक दिन में लगभग तीन किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके साथ उनके शिष्य भी परिक्रमा में साथ चल रहे हैं। डिंडौरी जिले के करंजिया विकासखंड निवासी में महाराजश्री ने हाथ के सहारे परिक्रमा शुरू कर दी है।   परिक्रमा को बताया तपस्या के साथ समर्पण गौरतलब है कि मां नर्मदा की हजारों लोग पैदल परिक्रमा करते हैं, तो कुछ दंडवत होकर भी इस कठिन यात्रा को पूरा करते हैं। कुछ लोग वाहनों से भी परिक्रमा करते हैं, लेकिन धरमपुरी महाराज हाथों के बल चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करने के बड़े संकल्प में जुटे हुए हैं। आस्था का ऐसा अद्भुत और दुर्लभ नजारा शायद ही लोगों ने कभी देखा होगा। धर्मपुरी महाराज ने अपना यह संकल्प अमरकंटक से शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि तपस्या के साथ समर्पण भी है। अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में उन्होंने बताया कि वे अपने शरीर की सीमाओं को पार कर अध्यात्म के शिखर पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अपने जीवनकाल में उन्होंने कई संत देखे हैं, लेकिन इस तरह की परिक्रमा का संकल्प करके परिक्रमा पथ पर हाथों के बल चलते पहली बार किसी संत को देखा है। गौरतलब है कि डिंडौरी से अमरकंटक मुख्य मार्ग में टू-लेन सडक का कार्य चल रहा है। ऐसे में ऊबड खाबड़ मार्ग से गुजरना सभी के लिए चुनौती बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीराम ने संबंधों को जाति, वर्ग या रूप से नहीं, हृदय की शुद्धता से जोड़ा

महर्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की है आत्मा  सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की सच्ची शक्ति सफाईकर्मियों का कल्याण हमारी जिम्मेदारी, सरकार है आपके साथ मानस भवन में मनाया गया महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के चरित्र 'रामायण' के रूप में मानवता को अनुपम उपहार दिया है। महार्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की आत्मा है। उनकी रामायण में समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीता-जागता संदेश है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन के माध्यम से दिखाया कि ईश्वर की दृष्टि में सब समान हैं। भगवान श्रीराम ने निषादराज को मित्र बनाया, शबरी माता के झूठे बेर प्रेम से खाए, श्री हनुमान और वानर सेना को परिवार की तरह गले लगाया और धर्म युद्ध में सबको साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आचरण हमें सिखाता है कि सच्ची समरसता वही है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाए। उनका जीवन इसी भावना का मूर्त रूप है। भगवान श्रीराम के चरित्र को शब्दों में पिरोने वाले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि अजर-अमर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के अवसर पर भोपाल के मानस भवन में ‘समरसता सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि समाज के सतत् विकास की पहली जरूरत सामाजिक समरसता है, जो साहचर्य और भाईचारे की भावना से जन्म लेती है। समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जब समाज आपसी सौहार्द, प्रेम और अपनत्व की भावना से मिल-जुलकर चलता है, तभी कोई राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सच्ची समरसता वहीं है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति को अनादिकाल से अविरल करने में महर्षि वाल्मीकि जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने रामायण जैसी अमर कृति के माध्यम से न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का चित्रण किया, बल्कि उस समय की सामाजिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को भी प्रतिबिंबित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का उलटा नाम निरंतर जपते-जपते वाल्मीकि महर्षि हो गए। डाकू रत्नाकर से ज्ञानी वाल्मीकि बनने तक की उनकी संघर्ष यात्रा तपस्या और आत्मसुधार की मिसाल है। महर्षि वाल्मीकि ने केवल श्रीराम का चरित्र नहीं लिखा, बल्कि उन्होंने मानवता का लेखन किया। रामायण सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, सेवा, समरसता और करुणा का उत्तम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पिता-पुत्र संबंधों से लेकर अनुसूईया माता, शबरी माता, निषादराज, हनुमान, बाली-सुग्रीव जैसे चरित्रों के माध्यम से समाज में करुणा, निष्ठा, सेवा, सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता का संदेश मंत्र दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि और उनकी रामायण आज एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। रामायण ने न केवल राम कथा को अमर किया, बल्कि भारतीय संस्कृति के आदर्शों को भी अमरत्व प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता भारतीयों के लिए कोई बाध्यता नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा में, हमारे संस्कारों में और हमारे जीवनधारा में रक्त की तरह प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि हम सुधरेंगे तो जग सुधरेगा, हमारे साधु-संतों, ऋषि-मुनियों, महर्षि-मनीषियों ने यही सिखाया है। यही वाक्य समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि समाजजनों ने सभी सफाईकर्मियों को नियमित करने सहित समाज विकास से जुड़ी अन्य मांगें प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सफाईकर्मियों और स्वच्छता मित्रों का समग्र कल्याण हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि वाल्मीकि समाज के बच्चे पढ़-लिखकर उद्योगपति, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और बड़े अधिकारी बनें। सरकार इन्हें हर जरूरी प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घड़ी आपके साथ है, वाल्मीकि समाज के विकास और कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम उज्जैन श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पवित्र ग्रंथ ‘रामायण’ की रचना की, जिसके माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन को जन-जन तक पहुँचाया। भगवान श्रीराम ने केवट को गले लगाकर और शबरी के झूठे बेर खाकर सामाजिक समरसता का उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छ भारत मिशन’ इसका जीवंत प्रमाण है, जिसमें उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक समरसता के इस भाव को निरंतर गति प्रदान कर रहे हैं। वे समाज के हर वर्ग की छोटी से छोटी समस्या का समाधान पूर्ण पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कर रहे हैं, जो सामाजिक एकता और समरसता भाव को और भी सुदृढ़ करता है। सम्मेलन के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अखिल भारतीय वाल्मीकि सनातन धर्मसभा एवं मध्यप्रदेश वाल्मीकि एकता संघ द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र, रामायण एवं अभिनंदन पत्र भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन के मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि समाज के नागरिकों के साथ सहभोज भी किया। स्वागत उद्बोधन में श्री सुनील वाल्मीकि ने आयोजन की रूपरेखा के बारे में बताया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- तमिलनाडु की दवा कंपनी में हुई लापरवाही पर दोषियों पर होगी कठोर कार्यवाही

कफ सिरप निर्माताओं की करें सघन जांच मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर डीईजी और ईजी परीक्षण जनरल मोनोग्राफ में शामिल दवा निर्माण में रसायनों की अनिवार्य जांच होगी सुनिश्चित औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का मसौदा शीघ्र होगा तैयार खाद्य एवं औषधि प्रशासन व्यवस्था की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन व्यवस्था की वृहद समीक्षा की। उन्होंने छिंदवाड़ा की दुखद घटना पर की जा रही कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु शासन एवं प्रशासन से सतत संपर्क में रहकर दोषियों सख्त कार्यवाही चिन्हांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है जिसमें मध्यप्रदेश ने अपने अनमोल चिराग़ों को खोया है। इस घटना में लिप्त निजी कंपनी के कर्मचारियों के साथ-साथ ऐसे अधिकारी जिन्होंने जांच में कोताही बरती है, उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि घटना में तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को स्पष्ट करते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका का स्पष्ट चिन्हांकन कर तमिलनाडु शासन को पत्राचार कर अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कठोर कार्यवाही नितांत आवश्यक है जिससे दोषियों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित हो। साथ ही अन्य ड्रग मैन्युफैक्चरर सजग हों और नियमों का पालन सुनिश्चित हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यापक पैमाने पर अभियान चलाकर सीडीएससीओ के साथ संयुक्त रूप से मध्यप्रदेश के कफ सिरप निर्माताओं की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि औषधियों की गुणवत्ता, विक्रय व्यवस्था और कोडीन आधारित दवाओं के दुरुपयोग के नियंत्रण के लिए नियमों का सख्त पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की संयुक्त जांच में कोल्ड्रिफ़ सिरप, रिलाइफ़ सिरप और रिस्पीफ़्रेश टीआर सिरप की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। इन उत्पादों की बिक्री, स्टॉक और जब्ती संबंधी कार्यवाही की दैनिक मॉनिटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने डायथाइलीन ग्लाइकोल और इथिलीन ग्लाइकोल के परीक्षण को इंडियन फार्माकोपिया के जनरल मोनोग्राफ में शामिल कर लिया है, जिससे दवा निर्माण में इन रसायनों की अनिवार्य जांच सुनिश्चित होगी। कोडीन आधारित औषधियों की बिक्री पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब सी एंड एफ एजेंसी से होलसेलर को अधिकतम 1000 बॉटल्स और होलसेलर से रिटेलर को अधिकतम 50 बॉटल्स प्रति माह से अधिक बिक्री की सूचना औषधि निरीक्षक को देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कोडीन युक्त दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही की जा सकेगी। शेड्यूल औषधियों की बिक्री केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शेड्यूल औषधियों की बिक्री केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही की जाए। बिना फार्मासिस्ट के बिक्री पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करें। सभी दवा विक्रेता बिक्री रजिस्टर में चिकित्सक का नाम, पर्चे की तिथि, रोगी का विवरण और अन्य प्रावधानों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना, दुरुपयोग पर रोक लगाना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का मसौदा शीघ्र करें तैयार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि औषधि गुणवत्ता नियंत्रण आधारभूत संरचनाओं, लैब और मैनपावर को सशक्त किया जाये जिससे शीघ्र टेस्टिंग सुनिश्चित की जा सके। राज्य में औषधि निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ड्रग मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन योजना के मसौदे को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। इस योजना में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन और सभी प्रयोगशालाओं में माइक्रोबायोलॉजी व स्टरलिटी लैब स्थापित की जाएंगी। प्रयोगशालाओं में अत्याधुनिक उपकरण जैसे एचपीएलसी, जीएलसी, जीसीएमएसएम, एलसीएमएस, आईआर, यूवी, डिसॉलूशन टेस्टर और डिज़िंटीग्रेशन टेस्टर लगाए जाएंगे। सभी प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता की कार्यवाही भी जाएगी। संपूर्ण राज्य में डेटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपलिंग असिस्टेंट, एनालिस्ट, केमिस्ट, लैब असिस्टेंट आदि नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही कानूनी एवं प्रोजेक्ट प्रबंधन इकाई और एन्फोर्समेंट सेल की स्थापना की जाएगी, जिससे प्रवर्तन, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी। फील्ड स्तर पर पोर्टेबल हैंडहेल्ड डिवाइसेस से औषधियों की गुणवत्ता की त्वरित जांच सुनिश्चित होगी, जबकि नियमित प्रशिक्षण और ई-लर्निंग प्रोग्राम से अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि होगी।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इंदौर राजवाड़ा बाजार से खरीदे मिट्टी के दीपक

स्वदेशी को अपनाने की कही बात भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने स्वेदशी उत्पादों की खरीदी को बढ़ावा देने, स्वदेशी को उपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वेदशी ही उत्तम रास्ता है। उन्होंने प्रतीक रूप में इंदौर राजवाड़ा बाजार से मिट्टी के दीपक खरीदे। उन्होंने फुटपाथ पर दीपकों की दुकान सजाए महिला दुकानदार से दीपक खरीदे। देश भर में दीपावली की धूम है, दुकानें सज गयी है घरों में साफ़-सफ़ाई शुरू हो चुकी है और घरों को सजाने का सामान भी हर दुकान पर सजने लगा है। ऑनलाइन शॉपिंग करने के साथ फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित करें। इसी असमानता को दूर करने और अपनों से जुड़ने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा "आत्मनिर्भर भारत" के स्वदेशी अपनाओ का नारा दिया गया है। इस अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला और शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी संकल्प को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प हर नागरिक को पूरा करना होगा।  

अन्नदाताओं ने भव्य रैली निकालकर अहिल्या माता की नगरी को किया धन्य

भावांतर योजना से किसानों के जीवन में आयेगी खुशहाली हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर भावांतर योजना के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार देपालपुर, इंदौर और उज्जैन में किसानों के साथ जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल भोपाल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए लागू की गई भावांतर योजना के लिए इंदौर जिले के देपालपुर और उज्जैन के किसानों ने रविवार को भव्य ट्रैक्टर रैली निकालकर राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। ट्रैक्टर रैली में हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इंदौर के सुपर कॉरिडोर में एकत्रित हुए, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों के हित में लिये गये निर्णय के लिये आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्योपुर जिले से किसान रैली में वर्चुअली शामिल हुए और किसानों के स्नेहपूर्ण आभार प्रदर्शन के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भावांतर योजना के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिले। बाजार में यदि दाम घटते भी हैं तो सरकार किसानों की आय में कोई कमी नहीं आने देगी। किसानों के चेहरे पर लौटती मुस्कान हमारे प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। भावांतर योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा का है कवच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज इंदौर में चारों तरफ ट्रैक्टर नजर आ रहे है। अन्नदाताओं ने भव्य रैली निकालकर माता अहिल्या की नगरी को धन्य कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। सिंचाई, बीज, खाद, भंडारण और विपणन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे कृषि एक लाभकारी व्यवसाय बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना केवल एक भुगतान व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का कवच है। किसानों को उनकी मेहनत और हक का दिलाया जायेगा पूरा पैसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सोयाबीन के एमएसपी दर में 500 रूपये की वृद्धि कर 5328 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिये पूरे प्रदेश में लगभग 1700 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। इसमें अब तक 5 लाख से अधिक किसानों ने अपनी फसल का पंजीयन कराया है। अकेले इंदौर जिले में ही अब तक 35 हजार से अधिक किसानों ने सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर रखी गई है। किसानों को फसल बेचने के 15 दिवस के भीतर राशि वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी किसानों को उनकी मेहनत और हक का पूरा पैसा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि प्रदेश के किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और खुश हैं। किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। किसान भावांतर योजना में अपनी सोयाबीन फसल के लिये करायें पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पंजीयन से लेकर फसल बेचने तक किसानों के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि मंडियों में उपस्थित रहकर किसानों के लिये सभी व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक सोयाबीन फसल के लिये अपना पंजीयन करायें। उन्होंने जैविक खेती के लिए भी पंजीयन कराने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है और यह योजना उनकी मेहनत का पूरा मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। इंदौर में आयोजित ट्रेक्टर रैली कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायकगण श्री मनोज पटेल, श्री मधु वर्मा, श्री गोलू शुक्ला, सुश्री उषा ठाकुर, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में कृषक मौजूद रहे। देपालपुर में स्थानीय विधायक श्री मनोज पटेल के नेतृत्व में ट्रेक्टर रैली प्रारंभ हुई और इंदौर पहुंची। भावांतर योजना पर किसानों ने जताया हर्ष ट्रेक्टर रैली में शामिल किसानों ने बताया कि भावांतर योजना से उन्हें फसलों के घटते बाजार मूल्य से बड़ी राहत मिली है। योजना के माध्यम से उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त होगा और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भावांतर योजना से अब वे फसलों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं हैं। मंडी में बिक्री के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली भावांतर राशि उनकी आर्थिक स्थिति को मज़बूती प्रदान करेगी। हातोद के किसान श्री महेश चौधरी, श्री भारत ठाकुर और श्री धर्मेन्द्र भदौरिया ने कहा कि भावांतर योजना ने हमें बाजार की अनिश्चितता से राहत दी है। पहले उपज का दाम गिरने पर बहुत नुकसान होता था, लेकिन अब सरकार के इस कदम से हमें न्यूनतम लाभकारी मूल्य मिल रहा है। इससे खेती में भरोसा बढ़ा है।” हम इस योजना के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शुक्रगुजार है। देपालपुर के ग्राम बरोदापंथ के किसान श्री संदीप पटेल और श्री रतन पटेल ने कहा कि “पहले हमें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब भावांतर की वजह से हमें उचित भाव मिलना सुनिश्चित हुआ है, इससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हम मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं।  

रक्षा में बड़ा कदम: खमरिया फैक्ट्री तैयार कर रही अत्याधुनिक बम, 2280 करोड़ का लक्ष्य तय

जबलपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के लिए सबसे आधुनिक बम के तीन नए वर्जन पर कार्य कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता के बाद एल-70 के प्रमुख एम्युनेशन के साथ यह नए वर्जन की श्रृंखला जुड़ गई है। बता दें कि बीएमपी-2 सीरीज में अनेक खूबियों के साथ इसको और शक्तिशाली बनाया गया है। निर्माणी को 2280 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य हासिल हुआ है। जिसमें 900 करोड़ रुपये का कार्य पूरा हो चुका है। मार्च तक लक्ष्य पूरा है। निर्माणी को पिछले साल 1800 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य मिला था और सफल लक्ष्य के साथ पूरे आयुध निर्माणियों में अव्वल रही। यह एक रिकॉर्ड है।   महत्वपूर्ण है कि ओएफके अपने शानदार रक्षा उत्पादन के लिए देश की सभी 41 आयुध निर्माणी में अव्वल बनी हुई है। एमआइएल की यह इकाई भी पूरे ग्रुप में आगे है। पिछले सत्र में रिकॉर्ड उत्पादन के बाद इस बार में वह कीर्तिमान बनाने की अग्रसर है। जिसमें भारतीय वायुसेना के लिए अनेक प्रमुख उत्पादों की श्रृंखला पर कार्य चल रहा है। आपरेशन सिंदूर में ओएफके में बने उत्पादों ने शानदार छाप छोड़ी थी। एल-70 की सफलता में उसके बने एम्युनेशन काफी सफल साबित हुए और दुश्मन पर प्रहार करने में आगे बने रहे। रशियन विशेषज्ञ कार्य में दे रहे सहयोग इसी के साथ रशिया के मैंगो बम प्रोजेक्ट पर भी टीम कार्य कर रही है। यह प्रोजेक्ट दोनों देशाें के साझा सहयोग से आगे बढ़ रहा है। रूस के विशेषज्ञ का इन दिनों निर्माणी में डेरा है। वे इस प्रोजेक्ट से संबंधित विशेष प्रशिक्षण के लिए यहां आए हुए हैं और निर्माणी की तकनीकी टीम को प्रशिक्षण देने के साथ इसके प्रमुख बिंदुओं से अवगत कराने का प्रयास भी कर रही है। पिकोरा बम का उत्पादन रूका सूत्रों के अनुसार इस बीच रशिया निर्मित पिकोरा बम की री-फीलिंग का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। पिछले साल इस बम की रि-फीलिंग के दौरान दो कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई थी। फिलहाल उच्च स्तरीय जांच का काम चल रहा है। जिसकी प्रक्रिया लंबी है, जिसके बाद इसके उत्पादन पर कोई अंतिम निर्णय संभव है।

सर्दी ने जताई दस्तक: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में मौसम हुआ बहुत ठंडा

भोपाल दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश के सुदूर पूर्व-दक्षिण जिलों से भी वापस लौट रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में बादल छंटते ही ठंड ने धावा बोल दिया है। शनिवार को राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह मैदानी क्षेत्र में देश का सबसे ठंडा स्थान रहा। यह हिमाचल, मेघालय, सिक्किम के कुछ शहरों से भी ठंडा था। इंदौर में 15 डिग्री और धार में 15.6 डिग्री न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी कम रहे। प्रदेश के 22 जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। शनिवार को खजुराहो में सबसे अधिक गर्मी (33.4 डिग्री) रिकार्ड हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों से मानसून वापस जा चुका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। वहां से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।   मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि दो-तीन दिन में मध्य प्रदेश के पूरे रीवा, शहडोल संभाग एवं जबलपुर संभाग के शेष क्षेत्रों से भी मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वर्तमान में चक्रवाती तूफान शक्ति का अवशेष कम दबाव के क्षेत्र के रूप में पश्चिम-मध्य अरब सागर पर बना हुआ है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। वातावरण से नमी कम होने के कारण बादल भी छंट गए हैं। आसमान साफ रहने के साथ ही उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में हल्की ठंडक बढ़ गई है। तीन-चार दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं। इस दौरान रात के तापमान में कुछ और भी गिरावट हो सकती है। यहां समझिए कितना ठंडा था राजगढ़     राजगढ़ – 13.5     सुंदरनगर (हिमाचल) – 13.9     यारकोड (तमिल नाडू) – 14     नाहन (हिमाचल) – 14.3     शिलांग (मेघालय) – 14.5     पेक्योंगे (सिक्किम) – 14.9     इंदौर – 15     धार – 15.6     मंडी (हिमाचल) – 15.6     कानपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 (स्रोत – मौसम विज्ञान विभाग, आंकड़े डिग्री सेल्सियस में।)

युवा कांग्रेस में बदलाव: नया प्रदेश अध्यक्ष 15 नवंबर से पहले घोषित होगा

भोपाल मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव में 14 लाख से अधिक नए सदस्य बनने का दावा किया जा रहा था, पर आवेदनों की जांच में पांच लाख 16 हजार आवेदन रद्द हो गए हैं। इनमें अधिकतर मामले ऐसे हैं जिनमें एक ही नाम और पहचान पत्र से एक से अधिक आवेदन हुए थे। इसके अतिरिक्त फोटो व अन्य जानकारी निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं होने के कारण आवेदन रद किए गए हैं। 15 नवंबर से पहले प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा 3.56 लाख सदस्यों के आवेदनों को रोक कर रखा गया है, यदि वे त्रुटियां सुधार लेते हैं, तो ही सदस्यता मान्य की जाएगा। त्रुटि सुधारने के लिए 17 अक्टूबर तक अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के ऐप पर दस्तावेज अपलोड करने होंगे। संगठन पदाधिकारी का कहना है कि 15 नवंबर से पहले प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। बता दें कि पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आवेदनों की जांच की गई और सही आवेदनों पर सदस्यता दी गई है।   सदस्यता के साथ ही ऑनलाइन वोटिंग प्रदेश में चुनाव प्रभारी मुकुल गुप्ता ने बताया कि सदस्यता के लिए 14,74, 374 आवेदन आए थे, जिनमें 5,16,155 मापदंड के अनुरूप नहीं होने के कारण निरस्त कर दिए गए। कुल मान्य सदस्यता के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा और ब्लाक अध्यक्ष के लिए हुए मतों की गिनती की जाएगी। संगठन ने इस बार सदस्यता के साथ ही ऑनलाइन वोटिंग कराई है।

ज्वैलरी दुकान में भीख मांगने वाला था मास्टरमाइंड, न देने पर किया शॉकिंग चोरी

भोपाल चौक बाजार की एक ज्वैलरी दुकान में शुक्रवार दोपहर एक शातिर चोर ने फिल्मी अंदाज में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपित ने खुद को मूक-बधिर बताकर भीख मांगी, वहीं जब भीख नहीं मिली तो कुछ देर बाद वह काउंटर पर रखा चांदी के जेवरों से भरा पार्सल चुरा लिया। चोरी की यह घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पार्सल में थे करीब 1.25 लाख रुपये कीमत के चांदी के जेवर चोरी गए पार्सल में करीब 1.25 लाख रुपये कीमत के चांदी के जेवर थे। पुलिस के अनुसार 50 वर्षीय नरेश वासवानी निवासी बैरागढ़ की इब्राहिमपुरा रोड पर रिद्धि सिद्धि नाम से ज्वैलरी दुकान है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे डिलीवरी बॉय पार्सल देकर गया था। तभी एक युवक दुकान में आया और इशारों में भीख मांगने लगा। जब महिला ने उसे बाहर जाने को कहा, तो उसने चतुराई से काउंटर पर रखा पेपर पार्सल के ऊपर रख दिया और उसे पेपर में छिपाकर बाहर निकल गया।   सीसीटीवी फुटेज की वजह से वारदात का पता चला कुछ देर बाद पार्सल गायब दिखा तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पूरी वारदात सामने आ गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपित पहले से दुकान के आसपास रेकी कर चुका था। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फुटेज के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

मध्यप्रदेश टैलेंट की नर्सरी : अभिनेता गजराज राव

फिल्म की स्क्रिप्ट में आवश्यक सभी एलिमेंट मध्यप्रदेश में : निर्देशक श्री विशाल फुरिया मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकार बहुत मेहनती और अच्छे : सुश्री मोनिशा आडवाणी मध्यप्रदेश के कलाकारों के साथ काम करना फिल्म निर्माताओं का सौभाग्य : लेखक और गायक श्री किरकिरे मध्यप्रदेश में शूटिंग करना जैसे बचपन जीने जैसा : अभिनेता श्री परिहार "द फ्यूचर ऑफ फिल्म सेक्टर इन मध्यप्रदेश : फ्रॉम रील टू रियल ग्रोथ" पर हुआ पैनल डिस्कशन मध्यप्रदेश को वैश्विक फिल्म हब बनाने पर मंथन, ट्रैवल मार्ट में विशेषज्ञों ने रखा भविष्य का खाका भोपाल  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति और गृह एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने आप में फिल्म सिटी है। यहां की हर लोकेशन मनभावन और शानदार है जो फिल्म की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में "द फ्यूचर ऑफ फिल्म सेक्टर इन मध्यप्रदेश : फ्रॉम रील टू रियल ग्रोथ" पर हुए पैनल डिस्कशन में अपने विचार रख रहे थे। अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश फिल्मांकन के लिए सुरक्षित और अपने आप में शांतिप्रिय राज्य है। यहां की प्रमुख विशेषता लाइन प्रोड्यूसर है। जिन्होंने निर्माताओं और निर्देशकों के लिए फिल्मांकन आसान बना दिया है।  अपर प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश अब फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। इसके तीन मुख्य कारण है। फिल्म फ्रेंडली पॉलिसी, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और शानदार लोकेशंस। फिल्म पर्यटन नीति में स्थानीय संस्कृति, महिलाओं पर केंद्रित, प्रदेश की स्थानीय भाषाओं में फिल्म, स्थानीय कलाकारों को फिल्म में लेने पर आकर्षक अनुदान दिया जा रहा है। पारदर्शी और त्वरित सिंगल विंडो सिस्टम ने फिल्मांकन को आसान बनाया है। इससे कही अधिक तो यहां के शूटिंग फ्रेंडली लोग है जिन्होंने फिल्मांकन को घर जैसा माहौल दिया है।  मध्यप्रदेश टैलेंट की नर्सरी – प्रसिद्ध अभिनेता श्री गजराज राव प्रसिद्ध अभिनेता श्री गजराज राव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के अधिकारी मोटिवेटेड और ऊर्जावान है। सभी अपने कार्यों को लेकर समर्पित है। इसका सीधा असर प्रदेश में आसान शूटिंग के रूप में देखने को मिलता है। स्थानीय लोगों का प्रेमपूर्वक व्यवहार ने इसे और अधिक सुविधाजनक बना दिया है। मध्यप्रदेश में साहित्य और रंगमंच का पुराना इतिहास रहा है। मध्यप्रदेश को टैलेंट की नर्सरी कहा जा सकता है। बॉम्बे से सहयोगी कलाकार लाने की जरूरत नहीं पड़ती है। मध्यप्रदेश में स्थानीय स्तर पर ही योग्य कलाकार मौजूद है। इसे फिल्म निर्माताओं का काम सरल हो जाता है।  मध्यप्रदेश में आना मायके में आना जैसा लगता है-प्रसिद्ध अभिनेत्री सुश्री सुनीता राजवर प्रसिद्ध अभिनेत्री सुश्री सुनीता राजवर ने कहा कि गुल्लक और पंचायत में काम करते करते वह मध्यप्रदेश की ही हो गई है। यहां की मिट्टी और आबोहवा में घर जैसा लगता है। मध्यप्रदेश में आना मायके में आना जैसा लगता है। एक्टर, प्रोड्यूसर, लेखक और निर्माता को अपने से बांध लेने की खूबसूरती मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से उनका फिल्म का सफर शुरू हुआ है, वह हमेशा प्रदेश की मिट्टी की ऋणी रहेंगीं। मध्यप्रदेश के कलाकार किसी भी मायने में मुंबई के कलाकार से कम नहीं है बल्कि उनसे आगे ही है और जायेगे। फिल्म की स्क्रिप्ट में आवश्यक सभी एलिमेंट मध्यप्रदेश में- निर्देशक श्री विशाल फुरिया निर्देशक श्री विशाल फुरिया ने कहा कि 2016 और 2017 में सावधान इंडिया के कुछ एपिसोड शूट करने आया था। शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों के व्यवहार ने दिल जीत लिया। फिर उन्होंने मुंबई वापस आकर अपने साथियों को मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के अनुभवों को बताया और मध्यप्रदेश में शूटिंग के लिए प्रेरित किया। एक स्क्रिप्ट में जितने एलिमेंट चाहिए वह सब मध्यप्रदेश में है।  मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकार बहुत मेहनती और अच्छे-सुश्री मोनिशा आडवाणी एम्मे एंटरटेनमेंट की सुश्री मोनिशा आडवाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। यहां के लाइन प्रोड्यूसर ने यहां अच्छा काम किया है, मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकार बहुत मेहनती और अच्छे है। फिल्मांकन का अनुभव अच्छा रहता है, घर जैसा माहौल मिलता है साथ ही मध्यप्रदेश शासन के सहयोगी वातावरण और फिल्म पर्यटन नीति के आकर्षक सब्सिडी इसके प्लस प्वाइंट हैं। इस तरह से न सिर्फ देश के बल्कि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता और निर्देशक भी मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हों रहे है।  मध्यप्रदेश के कलाकारों के साथ काम करना फिल्म निर्माताओं का सौभाग्य- लेखक और गायक श्री किरकिरे  लेखक, गायक, संगीतकार एवं अभिनेता श्री स्वानंद किरकिरे कहा की भोपाल कलाकारों का शहर है। यह यहां के कलाकारों का नहीं बल्कि फिल्म निर्माताओं का सौभाग्य है कि हम मध्यप्रदेश आकर यहां के कलाकारों के साथ काम करते है। यहां की सांस्कृतिक धरोहर बहुत समृद्ध है। मध्यप्रदेश की माटी की अपनी कहानियां है, जिसे दुनिया के सामने लाने के प्रयास के लिए पर्यटन विभाग के प्रयासों के लिए साधुवाद दिया।