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छिंदवाड़ा भेजे गए कफ सिरप के बाद कार्रवाई, जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस रद्द

जबलपुर  एमपी के छिंदवाड़ा-बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते  जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यहां से ही कोल्ड्रिफ सिरप छिंदवाड़ा भेजा गया था।    जबलपुर के कटारिया फार्मास्यूटिकल ऑफिस से ही छिंदवाड़ा का बड़ा लॉट कोल्ड्रिफ सिरप का भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जिसपर खाद्य एवं औषधि विभाग ने लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने कंपनी और उसके डीलर के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो दिन पहले ही खाद्य एवं औषधि विभाग ने जांच के दौरान पाया था कि नोदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस-गोदाम में जहां पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, उसकी अनुमति नहीं थी। इतना ही नहीं कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक ने दुकान का लाइसेंस और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन गोदाम से जुड़े उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।  जबकि यहीं पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था। जिला प्रशासन के साथ मिलकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस और गोदाम को फिलहाल सील कर दिया है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत और भी कमियां टीम को मिली हैं।  जिनके आधार पर फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉलन पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है। जबकि नियम के अनुसार रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में और भी कमियां टीम को मिली हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है, जबकि नियम के मुताबिक रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया, जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। तमिलनाडु की श्री सन फार्मा के द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से अभी तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। खाद एवं औषधि प्रशासन ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची, जो की स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी और जिससे कई मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। कोल्ड्रिफ सिरप महाकौशल में सिर्फ जबलपुर से होते हुए छिंदवाड़ा जाती थी, जो कि संदेहास्पद है। खाद एवं औषधि विभाग के साथ प्रशासन इसका कारण भी स्पष्ट करने में जुटी हुई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल द्वारा ही छिंदवाड़ा में तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप की सप्लाई की गई थी, जिसके पीने से मासूम बच्चों की मौत हो गई। जांच के दौरान कटारिया फार्मास्युटिकल्स द्वारा दुकान का लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, लेकिन उस गोदाम से जुड़ा कोई दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं किया, जहां दवाओं का स्टॉक किया गया। जांच के दौरान मौके पर रेफ्रिजरेटर नहीं मिला। इसके अलावा फर्म संचालक द्वारा सेल-पर्चेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। औषधि निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि फर्म को नोटिस का जवाब देने के लिए एक दिन का वक्त दिया गया था लेकिन उन्होंने तय समय अवधि में नोटिस का जवाब नहीं दिया जिसके तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत को लेकर हमारी टीम लगातार जांच कर रही है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक को चेन्नई से गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस उन लोगों तक भी पहुंच रही है, जो इस कफ सिरप की मिलावट में शामिल थे। अब तक कई अधिकारियों को निलंबित और गिरफ्तार किया जा चुका है। आईजी ने बताया कि अब तक हुई जांच की रिपोर्ट की समीक्षा की गई है, जिसमें जिनकी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

उदित गायकी केस: पुलिस की मारपीट का वीडियो वायरल, भोपाल में फूट रहा गुस्सा

भोपाल  इंजीनियर उदित गायकी की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की बर्बरता की इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार रात को 22 वर्षीय उदित गायकी इंद्रपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ कार में म्यूजिक बजाकर पार्टी कर रहा था। इसकी सूचना जब रात्रि गश्त कर रहे पिपलानी थाने के आरक्षक सौरभ और संतोष को मिली तो वे युवकों के पास पहुंचे। पुलिस को देखकर उदित घबरा गया और भागने लगा, तब सौरभ ने उसे पकड़ा और डंडे से बेरहमी से उसकी पिटाई की।वह उदित के पांव के पंजों को अपने जूते से दबाता है। इतना ही नहीं, जूते की नोक उदित के पैर पर रगड़ देता है। वहीं, दूसरा पुलिसकर्मी इस दौरान उदित के दोस्तों से बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, उदित के पिता का कहना है कि उनके बेटे को रायफल की बट से पीटा गया। जिसके निशान उसके शरीर पर थे। सीसीटीवी में कैद हुई पुलिस की बर्बरता साथ ही संतोष बंदूक लेकर उसके पास खड़ा रहा। पुलिस की यह बर्बरता गली में लगे सीसीटीवी में भी कैद हुई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उदित की कार में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। उधर मृतक की पीएम रिपोर्ट में अग्नाशय में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद आरक्षकों के विरुद्ध शुक्रवार रात को हत्या का केस दर्ज किया गया। शनिवार को आरोपितों को गिरफ्तार किया और शनिवार को उन्हें जेल भेजा गया। आरोपित आरक्षक सौरभ आर्य मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। वह गोविंदपुरा पुलिस लाइन में रहता था। वह वर्ष 2018 के बैच का पुलिसकर्मी है। सौरभ लंबे समय से पिपलानी थाने में पदस्थ था। वहीं आरक्षक संतोष बामनिया ने 2021 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह जहांगीराबाद में जेल रोड स्थित मैसूर सैयद कालोनी में रहता था।. FIR में कई खामियां, आरोपियों को बचाने का प्रयास उदित के पिता राजकुमार गायकी ने भी दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- मेरा इकलौता बेटा चला गया। पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें एफआईआर में कई खामियां दिख रही हैं। हम इस एफआईआर से संतुष्ट नहीं हैं। भोपाल पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं शासन से मांग करता हूं कि केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। जिससे जांच में किसी तरह की बाधा न हो। मेरे बेटे को न्याय मिल सके। आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होना चाहिए। मेरा बेटा नहीं, मेरी जिंदगी चली गई है। मेरे सारे सपने चले गए हैं। मैंने अपने पूरे जीवन की कमाई उस पर लगाई। उससे मुझे बहुत उम्मीदें थीं। सीबीआई जांच की मांग मृतक उदित के मामा सुभाष गवांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्याय सम्मत एफआईआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में जांच को प्रभावित भी किया जा सकता है। इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उदित को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि एफआईआर में रिश्वत मांगने और मारपीट का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए था। मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा राजकुमार गायकी ने कहा- उदित को इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया? सरकार इस पर संज्ञान ले और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है। इन पुलिस वालों को भी मौत की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपने साथियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वे मिलकर केस कमजोर करना चाहते हैं। मैं फिर कहता हूं कि मेरे बेटे को न्याय देना है तो आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। ऐसी सजा से ही नजीर बनेगी कि आगे कोई पुलिसवाला किसी की भी जान लेने में सौ बार सोचेगा। मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया है, उसके सिर में डंडे मारे, उसके जिस्म पर कई जगह रायफल की बट से पीटने के निशान मिले हैं। बेटे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट है, मैंने स्वयं यह निशान देखे हैं। मेरा दिल फट जाता है, जब यह मंजर को याद करता हूं। क्या यहां जंगल राज है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि आरोपियों को फांसी दिलाओ। ताऊ बोले- आरोपियों का पक्ष FIR में क्यों? उदित के ताऊ केके गायकी ने कहा- मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। एफआईआर में डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने की बात नहीं लिखी है। एफआईआर में घटना को मेंशन किया जाना चाहिए, न कि आरोपियों का साथ दिया जाना चाहिए। इससे पहले तो मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मार डालने के उद्देश्य से ही जानवरों की तरह उदित को पीटा गया। एक पुलिसकर्मी ने उसके हाथ पकड़े, दूसरे ने उसे बेरहमी से पीटा है। मार डालने के उद्देश्य से ही उसे पीटा गया है। शॉर्ट पीएम में पेनक्रियाज डैमेज होने की बात स्पष्ट है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह साफ नहीं किया कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के कारण पेनक्रियाज डैमेज हुआ है। रही बात दोस्तों के बयानों की तो वे बच्चे हैं, उन्हें कुछ भी बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है। पुलिस ने दबाव डालकर बयान दिलाए हालांकि, उदित के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उदित के दोस्तों से इस तरह के बयान दर्ज कराए हैं। दोस्तों के हवाले से लिखे घटनाक्रम में जान बूझकर मारपीट और अभद्रता की बात उल्लेख नहीं कराई गई, जिससे आरोपी पुलिसकर्मियों को आगे राहत मिल सके।  

अंबेडकर मूर्ति विवाद के बाद सख्ती: ग्वालियर में धारा 163, 50 को नोटिस, सोशल मीडिया से 260 पोस्ट हटाईं

ग्वालियर  शहर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकीलों के दो गुटों के साथ-साथ अब आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई है। एडवोकेट अनिल मिश्रा की टिप्पणी के बाद दलित समाज संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या है पूरा विवाद यह विवाद 17 मई 2025 से शुरू हुआ था, जब हाईकोर्ट परिसर में मूर्ति लगाने को लेकर वकीलों के एक पक्ष और दूसरे पक्ष में मतभेद हो गया था। उस समय माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मूर्ति को दूसरी जगह रखवा दिया था। तब से यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। वकीलों का एक पक्ष मूर्ति लगाने के लिए अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। अब यह लड़ाई हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई है, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों को देखते हुए पुलिस 24 घंटे नजर रख रही है और अब तक 160 से अधिक पोस्ट हटा चुकी है और 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दे चुकी है, फिर भी विवाद थम नहीं रहा। पुलिस की सायबर टीम भी रख रही नजर शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर 15 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है। जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। 15 अक्टूबर को बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट अपलोड करने वालों पर सायबर टीम की नजर है। सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, व्यवसाय करें। प्रशासन सुरक्षा के लिए तत्पर है। इस बैठक में शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। बिना अनुमति आयोजन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने शांति समिति सदस्यों से कहा कि वे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को फोन करके समझाएं, ताकि कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। ध्यान दें कि कहीं पर भी बिना अनुमति के कोई आयोजन न होने पाए। यदि हो तो सख्त कार्रवाई करें। शहर की तरह गांव में भी चौकसी की जाए। जन प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए। राजनीति चमका रहे लोग सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों से साफ है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए जातिवाद की लड़ाई छेड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को आगरा में ओबीसी और एससी समाज द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है, वहीं सामान्य वर्ग के लोग भी शक्ति प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। 15 अक्टूबर को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। होटलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है। पुलिस की भी पूरी तैयारी किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल भी की है, ताकि असामाजिक तत्वों को संदेश दिया जा सके कि ग्वालियर पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी सभी समाजों के प्रमुख लोगों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 तारीख को किसी बड़े मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद धारा 163 लागू की गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी।

MSME सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, ₹200 करोड़ अनुदान और भूमि आवंटन पत्र वितरित होंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। 200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे। एमओयू साइन होगा सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

दिवाली से पहले बड़ा अलर्ट: धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों को लेकर दिया खास बयान

छतरपुर छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली पर पटाखे चलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दिवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान देने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने रहा है कि दीवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान ना दिया जाए क्योंकि हम बकरीद और ताजिए पर ज्ञान नहीं देते। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, दिवाली को लेकर हमारा दूसरे मजहब के लोगों से अपील है कि पटाखों को लेकर अपना ज्ञान ना पेलें। क्योंकि ना तो हम आपकी बकरीद पर ज्ञान पेलते हैं और ना ताजिए पर। तो आप होली-दीवाली पर हमें ज्ञान ना दें। ये बात उन्होंने मुंबई में सिद्धि विनायक गणेश मंदिर के दर्शन करने के दौरान दिया। उन्होंने आगे कहा, यहां के दो अभिनेता है, उनसे भी हम यही बात कहेंगे कि दिवाली है, पटाखे कम चलाने चाहिए, ये बात सही है। प्रदूषण होता है, ये बात सही है, लेकिन केवल दिवाली पर अपना ज्ञान ना दें, ये हमारी प्रार्थना है क्योंकि हम तो पटाखे फोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा की घोषणा भी की। इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, आई लव मोहम्मद बुरा नहीं है लेकिन आई लव महादेव भी बुरा नहीं है। हालांकि सर तन से जुदा जैसे बयान बिल्कुल गलत हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के आगरा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार को कहा कि हिंदुओं को एक करने, हिंदू राष्ट्र बनाने और यमुना को बचाने के लिए पैदल यात्रा की जायेगी । बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इस यात्रा का आयोजन ब्रज क्षेत्र में सात से 16 नंवबर के बीच किया जायेगा। यमुना की शुद्धि के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के मुख्य मंत्रियों से कहेंगे । यमुना मईया को निर्मल कर दो ताकि जल ठाकुर जी को चढ़ने लगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसका ना आदि है और न अंत है वहीं सनातन है। तीन हजार साल पहले पृथ्वी पर सिर्फ सनातनी रहते थे। जितने भी मजहब के लोग रहते हैं और अगर अपने पूर्वज को खंगालें तो सनातनी निकलेंगे। असली मुसलमान दूसरे देशों में हैं यहां तो सभी कन्वर्टेड हैं।

मध्यप्रदेश: सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक धरोहरों की अद्वितीय भूमि — अपर मुख्य सचिव शुक्ला

मध्यप्रदेश सांस्कृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म पर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने राउंडटेबल चर्चा में साझा किए विचार भोपाल मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में “एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म” विषय पर राउंडटेबल चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन  चेतन वोहरा ने किया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के हृदय में स्थित है और देश के सभी प्रमुख महानगरों से सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग से सुगमता से जुड़ा हुआ है। यहाँ अत्याधुनिक सम्मेलन केंद्रों, लक्ज़री होटलों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है, जो इसे वेडिंग एवं एमआईसीई इवेंट्स के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों के साथ मिलकर राज्य को ग्लोबल लेवल पर एक सस्टेनेबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए तत्पर है। प्रमुख सचिव  शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करेगी और आवश्यकतानुसार सहयोग करेगी जिससे यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सके। उपसंचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग), मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम  विवेक जुड ने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में खजुराहो, मांडू, ओरछा, महेश्वर, भोपाल, पचमढ़ी और पेंच जैसे स्थानों को अंतर्राष्ट्रीय मानक के एमआईसीई और डेस्टिनेशन वेडिंग स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग एवं एमआईसीई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वेडिंग कनेक्शन्स एवं एएचए, जयपुर  अमित हूडा ने राजस्थान के सफल अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में इस सेक्टर के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। सु एकता सैगल लुल्ला (ईएसएल इवेंट्स) ने सुझाव दिया कि राज्य में और अधिक ऐसे स्थलों को विकसित किया जाए जो विशिष्ट पहचान रखते हों, जिससे मध्यप्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन सके। सु ईशा अग्रवाल (वेडिंग चैप्टर्स) ने कहा कि इस क्षेत्र में आतिथ्य सेवाओं और स्वागत-संवेदना की बड़ी भूमिका होती है, अतः होटल व्यवसायियों के साथ परामर्श कर विवाह सीजन में दरों का समुचित निर्धारण करने की दिशा में पहल की जानी चाहिए।  विक्रमजीत शर्मा (ले फ्लोरेंस वेडिंग) ने कहा कि एक “वन स्टॉप अप्रूवल सिस्टम” विकसित करना आवश्यक है जिससे बड़े आयोजनों के लिए त्वरित अनुमति मिल सके और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजकों का विश्वास बढ़े। सु श्रुति सिंह (वेडिंग एवं ट्रैवल जर्नलिस्ट) ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं के साथ इन्हें आधुनिक प्रचार माध्यमों पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता है।  राजीव मल्होत्रा (सीईओ, लोटस एग्ज़िबिशन्स) ने राज्य में ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय क्षमताओं के अनुरूप आयोजन सुविधाओं को प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में वृद्धि हो सके।  सूरज धवन (डायरेक्टर, फाल्कन एग्ज़िबिशन्स) ने बताया कि भारत विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते एग्ज़िबिशन मार्केट्स में से एक है, जो लगभग 40 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, अतः यह मध्यप्रदेश के लिए सही समय और सही अवसर है कि वह इस उभरते क्षेत्र का लाभ उठाए। इस अवसर पर ताज, मैरियट सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख होटलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर वेडिंग एवं एमआईसीई टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई और साझा रणनीति विकसित करने पर सहमति दी।  

सरकारी नौकरी में अनुकंपा पर MP हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय, जानें क्यों अब एक से ज्यादा परिवारिक लाभ नहीं

ग्वालियर मध्य प्रदेश में ग्वालियर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की युगल पीठ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए दायर एक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। अनुकंपा नियुक्ति पर अपील खारिज बहोड़ापुर निवासी रंजीत सिंह के पिता जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत थे। 14 मई 2022 को उनका निधन हो गया था। रंजीत सिंह ने 26 मई 2022 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। रंजीत का आवेदन 21 जुलाई को यह कहकर अस्वीकृत कर दिया गया कि उनके दोनों भाई पहले से नौकरी में थे; एक सरकारी सेवा में और दूसरा आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में। बाद में, रंजीत के एक भाई ने अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। इस आधार पर रंजीत ने फिर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार भी आवेदन खारिज कर दिया गया।   नहीं मिलेगा अनुकंपा का लाभ न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल नीति के दायरे में आने वाले मामलों में ही दी जा सकती है। यह तत्काल आर्थिक संकट से राहत देने का एक उपाय है, न कि कोई अधिकार। न्यायालय ने जोर दिया कि मृतक के निधन के समय रंजीत के दोनों भाई सेवा में थे, इसलिए नियुक्ति से इनकार करना नीति के अनुरूप था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में भाई द्वारा त्यागपत्र देने से अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दोबारा उत्पन्न नहीं होता।

राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री पटेल ने विजेताओं को किया सम्मानित

भोपाल  भारतीय ट्रायथलॉन संघ द्वारा प्रकाश तरण पुष्कर भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर एक्वाथलान प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राजधानी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। राजधानी भोपाल में 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 23 राज्यों के 184 बालक एवं बालिकाओं, 46 कोच मैनेजर एवं 50 तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के पहले दिन मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी मनवा पावले ने मध्यप्रदेश को पहला कांस्य पदक दिलाया। मनवा पावले मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में कैप्टन मनोज झा से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एक्वाथलोन सब जूनियर बॉयज मणिपुर के धनंजय मिताई ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के वरुण राज डोंगल ने रजत तथा कर्नाटक के शिवराम मधीरा ने कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की ईश्वरी कालमेघ ने स्वर्ण, ऋतुजाचार्य ने रजत और मध्यप्रदेश की मनवा पावले ने कांस्य पदक अर्जित किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन जूनियर ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में मणिपुर के तलैबा ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के अश्विन एस ने रजत और हरियाणा के अमन चाहर ने कांस्य पदक प्राप्त किया। इसी तरह बालिका वर्ग में तमिलनाडु की कीर्ति ने स्वर्ण पदक, मध्यप्रदेश की कनक धारीवाल ने रजत तथा महाराष्ट्र की गौरी जगताप ने कांस्य पदक अर्जित किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राजेंद्र आगल वरिष्ठ पत्रकार, राकेश गुप्ता कार्यकारिणी सदस्य एशियन ट्रायथलॉन फेडरेशन, नितिन गुप्ता महासचिव भारतीय ट्रायथलान संघ, राजेश चौबे सचिव मध्यप्रदेश तैराकी संघ, अध्यक्ष मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन संघ, मप्र कांत तिवारी ट्रायथलान संघ के सचिव तथा प्रतियोगित आयोजन सचिव जे.पी. सक्सेना, चंद्रशेखर अवस्थी आर.डी. झा, उमाशंकर व्यास, हरीश शुक्ला, अशोक सिंह, एस.एन. पंडित, सुधीर नेमा, मनोज करैया प्रशांत रजक, चित्रेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का संचालन पीयूष शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन सह सचिव मध्यप्रदेश ओ.पी. अवस्थी ने किया।  

महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं

सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान से उन्हें सशक्त और सबल बनाया है महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने देवरीकलां में हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित किया भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान चलाकर बालिका और महिलाओं को सशक्त व सबल बनाया है। आज महिलाएं स्वसहायता समूह से जुड़कर रोजगार स्थापित कर महिने में 15 हजार रुपये से 17 हजार रुपये तक की आमदनी कमा रही है। राज्यपाल  पटेल रविवार को नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत देवरीकलां में आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल मंगुभाई ने कहा कि आज महिलाएं पुरूषों से भी अधिक परिश्रम कर रही हैं। स्वसहायता समूह के माध्यम से अपना रोजगार स्थापित कर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सरकार के द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर , सशक्त बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना प्रारंभ की गई है। प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों का शिक्षा स्तर बढ़ा है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाफल के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ  देश में करोड़ों नागरिक गरीबी रेखा की सूची से बाहर आए हैं, जिसका श्रेय केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जाता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश बनेगा। सरकार विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत के संकल्प को भी पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। नागरिकों को 5 लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों का भी लगातार उपचार किया जा रहा है। उन्हें पोषण आहार किट और दवाईयां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिकल सेल की बीमारी को जड़ से समाप्त करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच परीक्षण कर सिकल सेल बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। जिससे उनका सफल उपचार किया जा सके। उन्होंने बताया कि सिकल सेल बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाईयां भी दी जा रही है ।उनका डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिक अपने बच्चों या आसपास के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ में ले जाकर पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल बीमारी को प्रदेश से समाप्त करने का अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत सिकल सेल बीमारी से पीड़ित मरीजों की पहचान करना और उनका उपचार तथा पीड़ित परिवार की मदद करना शामिल है। उन्होंने बालिकाओं के संरक्षण में मनाए जाने वाले बालिका दिवस के बारे में भी बताया कि बालिका दिवस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को प्रदेश के नागरिकों की अत्यधिक चिंता है। यही वजह है कि वह प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर नागरिकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। आप प्रदेश के दूरस्थ ग्रामों का भ्रमण करते हैं।धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी करते हैं। हम सभी को सतत  मार्गदर्शन भी देते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी किया। उन्होंने 2120 स्वसहायता समूहों को 32 करोड़ 30 लाख रुपये का चैक प्रदानकिया। आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम में टीबी फूड बास्केट, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, स्वाइल्थ हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कार्यक्रम का बड़ादेव का पूजन कर  शुभारंभ किया।कार्यक्रम मेंआयोजित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत नवजात से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई।