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कमलनाथ सरकार क्यों गिराई? सिंधिया का बड़ा बयान, जनता के सामने खोले पुराने राज

शिवपुरी  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  लाड़ली बहना योजना महिला सम्मेलन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कमलनाथ की सरकार गिराने को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में महिलाओं को बोझ समझा जाता था, उनके हित में कभी नहीं सोचा गया। अगर मैंने सरकार नहीं गिराई होती, तो आज मातृशक्ति को ये लाभ नहीं मिल पाता। सिंधिया ने यह बयान शिवपुरी जिले के पिछोर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि आज मातृशक्ति देश का भविष्य बन गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव तक महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में मंच पर जब पुरुष जनप्रतिनिधि बैठे नजर आए, तो सिंधिया ने सभी को मंच से उतरने को कहा और महिलाओं को मंच पर बैठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी महिला जनप्रतिनिधि हों, वहीं कार्य करें — उनके पति या परिवार के अन्य सदस्य नहीं।  सिंधिया ने इस दौरान अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 106वीं जयंती पर उन्हें नमन किया और कहा कि उन्होंने नारी सशक्तिकरण का देशव्यापी आंदोलन चलाया था। इसके अलावा उन्होंने क्रांति देवी नाम की महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि “उन्होंने मात्र ₹1000 के निवेश से लाखों की कमाई शुरू कर दी है, यही है सच्चा सशक्तिकरण।” इस कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव और शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 

मोहन सरकार का दिवाली गिफ्ट संभव! मप्र में बढ़ सकता है डीए-डीआर, केंद्र से 3% पीछे

भोपाल  केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारी भी सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दीपावली से पहले समान लाभ देने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के पहले बोनस और फेस्टिवल एडवांस में बढ़ोतरी की घोषणा की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ खुशियां मना सकें। 3% डीए-डीआर और बोनस की मांग मध्यप्रदेश के कर्मचारियों ने दीपावली से पहले 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (डीए-डीआर) देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बोनस और फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी मांग की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि त्योहारी सीजन में खर्च बढ़ जाता है, इसलिए सरकार को समय रहते राहत प्रदान करनी चाहिए।तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा- दीपावली पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को बोनस के साथ 3% डीए और डीआर देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। प्रदेश में मिल रहा 55% डीए, केंद्र में बढ़कर हुआ 58% वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए अब 3% बढ़कर 58% हो गया है। राज्य के कर्मचारियों का डीए जुलाई 2025 से ड्यू है, जिसे अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों में नाराजगी है, क्योंकि उन्हें हमेशा केंद्र के बाद देरी से डीए वृद्धि मिलती है। 29 साल से बंद है बोनस कर्मचारी संगठनों ने याद दिलाया कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है। उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में दिया जाता था। केंद्र सरकार और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस देती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में यह सुविधा वर्षों से बंद है।कर्मचारी संगठनों ने कहा- सरकार कहती है कि राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना उनकी ‘कथनी और करनी’ में फर्क दिखाता है। 10 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स होंगे प्रभावित तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दीपावली से पहले महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की है। प्रदेश के कर्मचारियों को मिल रहा 55% डीए वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 58% डीए प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के कर्मचारियों का जुलाई 2025 से डीए ड्यू है। 29 साल से बंद बोनस देने की मांग कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है, जबकि उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में मिलता था। केंद्र और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस दे रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। यह फिर से शुरू किया जाना चाहिए। संगठनों ने कहा कि सरकार एक ओर दावा करती है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना “कथनी और करनी में अंतर” दर्शाता है। कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से पहले कर्मचारियों को राहत देने का फैसला लेकर त्योहार की खुशियां दो गुनी करेंगे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दीपावली के पहले 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के बाद अब राज्य के कर्मचारी भी मोहन सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहा है कि एमपी में काम कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देकर बोनस दिया जाए ताकि कर्मचारी त्यौहार खुशियों के साथ मना सकें। इसके साथ ही फेस्टिवल एडवांस भी बढ़ी हुई राशि के साथ देने की मांग की जा रही है। उधर माना जा रहा है कि जल्दी ही राज्य सरकार भी कर्मचारियों के लिए डीए देने का ऐलान कर सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिस प्रकार से केंद्र एवं रेलवे द्वारा दीपावली के अवसर पर बोनस एवं 3% महंगाई भत्ता, महंगाई राहत एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को प्रदान कर दी गई है उसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार भी दीपावली के त्योहार पर कर्मचारियों को आर्थिक रूप से खुशियां दे। प्रदेश में वर्ष 1996 से बोनस बंद है। वर्ष 1996 तक 1079 रुपए बोनस के रूप में कर्मचारियों को प्राप्त होते थे। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आज भी अपने कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है वहीं मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को बोनस से वंचित कर दिया गया है। संगठनों के अनुसार एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा कहा जाता है कि केंद्र के समान कर्मचारियों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी वहीं बोनस न देना कथनी और करनी में अंतर बताता है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्चा बढ़ जाता है। इसकी भरपाई के लिए सरकार को बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए जिसका फायदा प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। इसी तरह कर्मचारी नेता जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दिवाली के पहले महंगाई भत्ते की किस्त देने की मांग की है। जुलाई 2025 से 3% महंगाई भत्ता बढ़ाने पर इतना मिलेगा लाभ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी -1395 से 1620 तृतीय श्रेणी कर्मचारी -1755 से 4419 द्वितीय श्रेणी अधिकारी – 5049 से 6048 प्रथम श्रेणी अधिकारी -7191 से 12690 तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ने पर महीने का इतना हो जाएगा वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वेतन मान – 55 %भत्ता – 58% भत्ता 15500-– 24025 24490 16100— 16985—25438 … Read more

भवन स्वीकृति के बदले रिश्वत मांग रहा था ASI, लोकायुक्त ने पकड़ा रंगे हाथ

शहडोल  जिले के धनपुरी नगरपालिका में सोमवार को लोकायुक्त रीवा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) इंद्र बहादुर सिंह उर्फ आईबी सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एएसआई 3 हजार रुपए की रिश्वत वार्ड नंबर 2 के निवासी योगेंद्र वर्मा से भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए ले रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पूरे नगरपालिका परिसर में हड़कंप मच गया। भवन स्वीकृति के नाम पर मांगी थी 10 हजार की रिश्वत जानकारी के अनुसार, पीड़ित योगेंद्र वर्मा ने अपने घर के निर्माण के लिए नगरपालिका से अनुमति के लिए आवेदन किया था। इस दौरान एएसआई इंद्र बहादुर सिंह ने उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। काफी मोलभाव के बाद राशि 5 हजार रुपए तय हुई, जिसमें से 2 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके थे। शेष 3 हजार रुपए की दूसरी किस्त देने के समय ही लोकायुक्त ने जाल बिछाया और एएसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 15 सदस्यीय टीम ने दी दबिश लोकायुक्त रीवा की 15 सदस्यीय विशेष टीम ने शुक्रवार को धनपुरी नगरपालिका कार्यालय में दबिश दी। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद की और आरोपी एएसआई को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, कई लोग कार्यालय से भाग निकले। नपा का स्थाई कर्मचारी भी शामिल सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में एएसआई के साथ नगरपालिका का स्थायी कर्मचारी रज्जन चौधरी भी शामिल था। लोकायुक्त टीम ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है ताकि रिश्वतखोरी के नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। नगरपालिका में मचा हड़कंप लोकायुक्त की इस अचानक कार्रवाई से नगरपालिका में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी मौके से गायब हो गए, वहीं कुछ ने दस्तावेज़ों को छिपाने का प्रयास किया। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि धनपुरी नगरपालिका में लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी चल रही थी। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती थी।  

किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्य की नई तस्वीर वायरल, आरएसएस गणवेश में आने पर चर्चा तेज

भोपाल  एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस रहे रोहित आर्य हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान बेबाकी वाले अंदाज से छाए रहते थे। कोर्ट रूम में भी दलीलों पर वह खरी-खरी बात करते थे। रिटायरमेंट के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब उनकी एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह आरएसएस की ड्रेस पहने हुए हैं। क्या है मामला दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भोपाल स्थित तात्या टोपे स्टेडियम में पथ संचलन का आयोजन किया गया है। इसमें संघ से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रोहित आर्य मौजूद थे। जस्टिस रोहित आर्य कार्यक्रम में आरएसएस के गणवेश में थे। उन्हें मंच पर जगह मिली थी। स्वंयसेवकों को इस मौके पर उन्होंने संबोधित किया है। 2024 में हुए थे रिटायर जस्टिस रोहित आर्य साल 2024 में हाईकोर्ट जज से रिटायर हुए थे। रिटायर होने के कुछ महीने बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी ने उन्हें वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संयोजक भी बनाया था। इसके बाद से जस्टिस रोहित आर्य लगातार पार्टी में सक्रिय हैं। अब आरएसएस के कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि बने हैं। वह सुसज्जित गणवेश में स्वंयसेवकों के बीच आए थे। इस दौरान राष्ट्र की एकता का उन्होंने संदेश दिया है। हाईकोर्ट में रहने के दौरान इनके कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग खूब वायरल होती थी। कई बार अधिकारियों को भी इन्होंने जोरदार फटकार लगाई थी।

सुबह 4 बजे रतलाम में बड़ी कार्रवाई, एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों पर चला बुलडोजर

रतलाम  सोमवार तड़के 4 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन का बुलडोजर एक ढाबे पर गरजा. यह कार्रवाई नामली थाना क्षेत्र के बड़ौदा गांव के पास फोरलेन और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे पर बने ढाबे हुई है. यहां अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुबह 4:00 बजे शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 8:00 तक चली. इस दौरान 2 ढाबों को प्रशासन की टीम ने जमींदोज किया है. हालांकि, प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को ढाबा संचालक और ग्रामीणों ने गलत बताया है. प्रशासन के ऊपर निजी जमीन पर बने ढाबे को जमींदोज करने का आरोप लगाया है. अवैध ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर लेबड़ नयागांव फोरलेन पर जावरा से नामली के मध्य कई अवैध ढाबे संचालित हो रहे थे. इन ढाबों में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे थे. मिली शिकायतों के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई सोमवार की सुबह 4 बजे की गई है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने इन ढाबों को जमींदोज कर दिया गया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा है. प्रशासन की मनसा पर उठ रहे सवाल हालांकि, कथित अतिक्रमण के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं. ढाबा संचालकों का कहना है कि "ढाबे का निर्माण नियमानुसार निजी जमीन पर किया गया था. किसी प्रकार की अवैध गतिविधि यहां संचालित नहीं हो रही थी." बड़ौदा के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा ने बताया कि "प्रशासन राजनीति से प्रेरित होकर अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. ऐसी क्या मजबूरी है कि पुलिस और प्रशासन रात के अंधेरे में कार्रवाई करने यहां पहुंचा. हमें सूचना तक नहीं दी गई." रात के अंधेरे में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पास हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुबह 4:00 बजे की गई. इसके लिए आसपास के पुलिस थानों का फोर्स लेकर एडिशनल एसपी, रतलाम सीएसपी, एसडीओपी और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रतलाम ग्रामीण एसडीम विवेक सोनकर ने बताया कि "लंबे समय से हाईवे के किनारे अतिक्रमण कर ढाबे बनाए जाने और अवैध गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिल रही थी. जिस पर सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है." नामली थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी इस कार्रवाई को लेकर ढाबा संचालकों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने इसे पुलिस की दादागिरी बताया है. साथ ही विरोध दर्ज करवाया है. बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने नामली थाने पर पहुंचे हैं. उधर सुबह-सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ गया है.

धान की उन्नत किस्म का जायजा, शिवराज सिंह बोले–बदलिए खेती का तरीका, मिलेगा बेहतर मुनाफा

विदिशा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान विदिशा के ग्राम बामनखेडा पहुंचे. यहां आयोजित 'धान कृषकों से आयोजित संवाद कार्यक्रम' को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ''खेती का पैटर्न बदलकर कैसे लाभ में परिवर्तित करें इसके लिए अच्छे खाद, बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी जरूरी है.'' उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि, ''मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं ताकि अनावश्यक खाद से खेती जमीन को बचाया जा सके.'' बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 व 1886 लगाई केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, ''आईआईआर (भारतीय कृषि अनुसंधान) दिल्ली से पहली बार बासमती धान की किस्म पीबी 1885 व 1886 प्रायोगिक तौर पर खेतों में लगाई है. पहले मैं स्वंय प्रयोग करूंगा इसके बाद किसानों को अभिप्रेरित करूंगा. इस किस्म में दवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा प्रमाणित बासमती के इस बीज का उत्पादन अन्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देता है और पानी भी कम लगता है. एकीकृत कृषि यूनिट का मकसद है कि हम खेती के साथ-साथ अन्य उत्पाद जैसे फल सब्जी और गौपालन से खेती को मुनाफे में परिवर्तित करें." 'अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ''किसानों के छोटे-छोटे ग्रुपों में इस प्रकार के आयोजन कर उन्हें सुगमता से जानकारी देना और प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.'' कार्यक्रम में हरियाणा पानीपत के कृषक प्रीतम सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किए गए नवाचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कृषि की भाषा सीखने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए.'' शिवराज सिंह ने लिया खेतों का जायजा बामनखेडा के प्रगतिशील कृषक बृजेश दुबे ने बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 एवं 1886 अपने खेतो में लगाई है. शिवराज सिंह ने उन खेतों में पहुंचकर धान का जायजा लिया. कृषक प्रीतम सिंह ने धान वैरायटी के अंतरों पर भी गहन प्रकाश डाला. निरीक्षण भ्रमण के दौरान विदिशा विधायक मुकेश टण्डन, नटेरन जनपद पंचायत के सदस्य अंशुल शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्राम वामनखेडा में धान फसल पर आयोजित संगोष्ठि कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से कम लागत पर अधिक उत्पादन कैसे लें इसको लेकर संबोधित किया. वहीं किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान मौके पर किया गया. अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह रविवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के प्रवास पर रहे. इस दौरान विविध कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए. विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में तथा नवीन व्यापार आध्या इंटरप्राइजेस के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए है. विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया. अपना घर आश्रम कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान  विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम को स्थापित हुए 2 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मिलित हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, ''विदिशा शहर और जिला समाज सेवियों से भरा पड़ा है. विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है. अपना घर आश्रम भी उसी में से एक है. मैंने आज के कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध जन समाज सेवियों के साथ भी चर्चा करने का विचार किया था जो समय अभाव के कारण अभी रद्द किया गया है, आगामी दिनों में इसे किया जाएगा.'' लोगों को बर्बाद कर रहा नशा नशे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि, ''नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं. गंजबासौदा जैसे शहर में सफेद पाउडर का चलन मन को बेचैन कर देता है. यह काम सरकारी नहीं है और यह काम सरकार कर भी नहीं सकती. इसलिए समाज को ही करना पड़ेगा. इसलिए विदिशा में प्रबुद्ध जनों समाजसेवियों की कमी नहीं है, हम विदिशा को आदर्श बना सकते हैं.''

MP में ठंड का असर तेज़, तापमान में गिरावट और अगले 4 दिनों तक बारिश की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की वापसी हो गई है। इस वापसी ने मौसम में ठंडक को बढ़ा दिया है। इस बारे में मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां राते ठंडी रहेगी। लौटकर आए मानसून और लुढ़कते हुए पारे की वजह से कई शहरों में सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है। ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर में रातें ठंडी बनी रहेगी। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। पूर्वी हिस्स में बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लोकल सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से बारिश का अनुमान जताया है। विभाग द्वारा देखे जानकारी के मुताबिक अगले 4 दिन तक हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी बालाघाट पांढुर्णा छिंदवाड़ा से मानसून अभी लौटा नहीं है। यहां हल्की-फुल्की बारिश का द्वारा लगातार जारी है। तापमान हुआ सामान्य से कम मध्य प्रदेश के कई शहर ऐसे हैं, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम देखने को मिल रहा है। दरअसल उत्तरी हवाओं के चलते यहां की रातें ठंडी बनी हुई है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और ग्वालियर शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी की वजह से हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ठंडक को बढ़ा रही है। राजधान भोपाल में ठंडक बीती रात राजधानी भोपाल में काफी ठंड देखने को मिली। बीती रात यहां का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से हर ही साइड दवाओं की वजह से प्रदेश में ये असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी जो हमेशा सबसे ठंडा रहता है यहां पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। दरअसल हिमाचल की सर्द हवाएं 20 दिन पहले ही प्रदेश में एंट्री कर चुकी है  जिसकी वजह से मौसम में ठंडक घुल गई है। अलग-अलग शहरों के तापमान की बात करें तो खजुराहो में 32.8 डिग्री ग्वालियर में 32.1 डिग्री उज्जैन सतना गुना में 31.7 डिग्री नर्मदापुरम दमोह में 31.2 डिग्री अधिकतम तापमान देखने को मिला। इंदौर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस नौगांव में 15.3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में 14.4 डिग्री सेल्सियस धार्मिक 15.5 डिग्री सेल्सियस भोपाल खंडवा रतलाम उज्जैन में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

भोपाल ट्रैफिक अलर्ट: दिवाली पर कई रास्ते बंद, बदली गई पार्किंग व्यवस्था, जानिए पूरी गाइडलाइन

 भोपाल  आने वाली 21 अक्टूबर को देशभर में हर्षोल्लास से दिवाली का त्योहार मनाया जाना है। त्योहारी खरीदारी के चलते इन दिनों बाजारों और मार्गों पर भीड़ का अधिक दबाव है। इसी के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों में स्थाई बदलाव किए हैं। ये बदलाव आज से प्रभावी किए गए हैं, जो 21 अक्टूबर यानी दिवाली की रात तक 8 दिन प्रभावी रहेंगे। इसमें मुख्य रूप से शहर के जुमेराती, चौक बाजार, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बैरागढ़ आदि प्रमुख बाजारों में आमजन का आवागमन सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा विभिन्न बाजारों में निर्धारित समयावधि के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव के साथ पार्किंग व्यवस्था को बढ़ाया गया है। भोपाल चौक बाजार सोमवार यानी आज से 21 अक्टूबर यानी दीपावली के दिन इस त्योहारी सीजन में आंतरिक बाजार क्षेत्र (जनकपुरी, जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास चौराहा, हनुमानगंज, आजाद मार्केट) में भोपाल शहर के अलावा अन्य आसपास के शहरों के साथ साथ देहात से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं। इसी के चलते भीड़ की स्थिति में पुराना शहर क्षेत्रांर्गत मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवर्तित मार्ग व्यवस्था की गई है, जो इस प्रकार है- 1-यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर कोई भी लोडिंग वाहन/ऑटो रिक्शा/चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 2-करोंद, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद से आने वाले चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार में प्रवेश नहीं करेंगे। 3-भोपाल टॉकीज चौराहे से लेकर बाल विहार ग्राउंड तक पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस तरफ से बाजार में प्रवेश करने वाले यहां वाहन खड़े कर सकते हैं। 4-भारत टॉकीज के छावनी मार्ग या इतवारा मार्ग से बाजार में आने वाले सभी दो-पहिया वाहन सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्क करने की व्यवस्था है। 5-संगम टॉकीज की ओर से सब्जी मंडी होकर आने वाले चार-पहिया/तीन-पहिया वाहन सब्जी मंडी प्रांगण में पार्क कर सकते हैं। 6-लखेरापुरा, रंजन पेन कार्नर, इतवारा, मारवाड़ी रोड, इब्राहिमपुरा से कोई भी चार-पहिया, तीन-पहिया वाहन चौक बाजार से नहीं गुजर सकेंगे। ये वाहन सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग और सदर मंजिल के पास स्थित पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। 7-चौक बाजार में भीड़ की स्थिति में दो-पहिया वाहन भी सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क होंगे। 10 नंबर मार्केट वहीं, तय अवधि के लिए 10 नंबर मार्केट जाने वाले रास्ते को वन-वे किया गया है। इसमें वाहन वंदे मातरम् चौराहे से 10 नंबर मार्केट की तरफ जाते हुए 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की तरफ जाएंगे। वहीं, साढ़े 10 नंबर स्टॉप से वाहन 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की ओर जाएंगे। नेशनल अस्पताल से 10 नंबर मार्केट और 10 नंबर मार्केट से वंदे मातरम् चौराहे की तरफ वाहन ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। न्यू मार्केट न्यू मार्केट में टीटी नगर थाना चौराहे के पास स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में पर्याप्त पार्किंग स्थान है। यहां आने वाले अपने वाहन पार्क करेंगे। यातायात का दबाव बढ़ने पर रंगमहल चौराहे से थाना चौराहे और टीटी क्रॉस तिराहे से थाना चौराहे तक वाहनों का आवागमन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा। एमपी नगर बाजार एमपी नगर जोन-एक में स्थित मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क किये जा सकेंगे। बैरागढ़ बाजार बैरागढ़ में चंचल चौराहे के पास मल्टी लेवल पार्किंग में व्यापारी अपने वाहन पार्क करेंगे। नए ब्रिज निर्माण के कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं, जहां ग्राहक कुछ समय के लिए वाहन पार्क कर सकेंगे।