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गोविंदगढ़ किला पर दंपती के साथ दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार, रीवा में सनसनी

रीवा   रीवा जिले में करीब एक साल पहले न्यू कपल के साथ हुई दरिंदगी जैसी ही खौफनाक घटना फिर हुई. इस बार ये घटना गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में हुई. यहां भी बदमाशों ने हैवानियत की हदें पार की. गोविंदगढ़ किला घूमने गए पति-पत्नि को बदमाशों ने पहले तो उनके साथ बेरहमी मारपीट की और फिर दोनों को खंभे से बांधकर बंधक बनाया. इसके बाद दोबारा लोहे के पाइप से पीटा. कपल के कपडे़ फाड़कर महिला के साथ अश्लील हरकतें की. कपल को लूटकर बंधा हुआ मौके से बदमाश फरार हो गए. गोविंदगढ़ किला घूमने गया था कपल ये भयावह घटना 24 सितंबर  शाम तकरीबन 5 बजे की है. गोविंदगढ़ निवासी कपल घूमने के लिए गोविंदगढ़ किला पहुंचे. इसी दौरान पति-पत्नि तालाब किनारे जाकर बैठ गए. अचानक दो बदमाश वहां आ धमके और बदसलूकी करने लगे. ये देखकर महिला के पति ने परिजनों को फोन करके सूचना दी. इसके बाद बदमाशों ने दंपती के मोबाइल फोन छीन लिए और फिर मारपीट शुरू कर दी. खंभे से बांधकर पीटा, पति-पत्नी के कपड़े फाड़े दोनों बदमाश यहीं नहीं रुके. पति-पत्नी को खंडहर में ले गए और बंधक बना लिया. दोनों को अलग-अलग खंभों से रस्सी से बांध दिया. बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए दोबारा लोहे के पाइप से पति-पत्नी की जमकर पिटाई की और महिला के कपडे फाड़ दिए. उसके साथ ही अश्लील हरकतें भी की. बदमाश अपने मंसूबों मे कमयाब हो पाते, इससे पहले ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस के आने भनक लगते ही बदमाशों ने पति-पत्नी से पर्स और नगदी छीनी और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए. बदमाशों के घेरते ही युवक ने परिजनों को किया कॉल चूंकि बदमाशों द्वारा घेरते ही महिला के पति ने परिजनों को फोन करके सारा वाकया बता दिया. इसके बाद जब अचानक पति-पत्नी के फोन बंद हुए तो परिजनों को बड़ी अनहोनी होने की आशंका हुई. परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी. इस पर थाना प्रभारी अरविन्द राठौर पुलिस टीम के साथ गोविंदगढ़ किला पहुंचे. पुलिस ने पति-पत्नी को बंधन से मुक्त कराया. गंभीर रूप से घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद पुलिस बदमाशो की तलाश मे जुट गई. घटना के 24 घंटे के अंदर दोनों बदमाश गिरफ्तार एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया "पति-पत्नी की शिकायत पर गोविंदगढ़ थाने मे मामला दर्ज किया गया. दंपती को के सथ दो बदमाशों ने मारपीट कर रस्सी के जरिए खंभे से बांधा. महिला के साथ छेड़खानी की गई है. अलग -अलग टीम गठित कर बदमाशों की तलाश शुरू की गई. घटना के अगले दिन गुरुवार को थाना क्षेत्र मे दबिश देते हुए कुछ संदेहियों को पकड़कर पुलिस की टीम ने पूछताछ की तो दो आरोपियों ने वारदात करना कबूल लिया." दंपती से लूटे गए मोबाइल, नगदी बरामद एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया "इस वारदात के दो आरोपी शिव कुमार मिश्रा और महेन्द्र कुमार लोनिया को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से लूटे हुए 3 मोबाइल फोन, पर्स, और नगदी बरामद की गई है. इसके आलावा लोहे वारदात मे मारपीट के लिए इस्तेमाल की गई लोहे की पाइप भी बरामद किए गए है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही, जो भी तथ्य निकलेंगे उसके आधार पर आगे के कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ 309[6], 74 BNS 351 [3]के तहत अपराध दर्ज किया गया है." एक साल पहले गुढ़ थाना क्षेत्र में भी हुई थी दरिंदगी रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में 22 अक्टूबर 2024 में भी ऐसी ही दरिंदगी की वारदात सामने आई थी. सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. दरिंदों ने ऐसी घिनौनी वारदात की थी, जिसे सुनकर लोग अंदर तक कांप गए. इस वारदात के 6 माह बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आठों दरिंदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. मामले के अनुसार पति और पत्नी एक-दूसरे की फोटो खींच रहे थे कि इसी दौरान समीप मे ही शराब पार्टी कर रहे बदमाशों की नजर दंपती पर पड़ी. शराब के नशे मे धुत दरिंदों ने पति-पत्नि के साथ मारपीट शुरू कर दी. पति का मोबाइल छीना और उसे बंधक बना लिया. इसके बाद पति के सामने ही नवविवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म किया. 

‘साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया’ प्रदर्शनी, नई दिल्ली में बाग प्रिंट बना आकर्षण का केन्द्र

भोपाल दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा नई दिल्ली में प्रतिष्ठित ‘साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया’ प्रदर्शनी में कला और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। इस भव्य प्रदर्शनी में देशभर के चुनिंदा और श्रेष्ठ शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ भारत की विविधता और समृद्ध हस्तकला परंपरा को एक ही छत के नीचे देखने का अवसर मिल रहा है। मध्यप्रदेश का बाग प्रिंट आयोजन का विशेष आकर्षण बना हुआ है। प्रदर्शनी 27 सितम्बर तक चलेगी। प्रदर्शनी के दूसरे दिन बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद सुश्री कंगना रनौत ने मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पकार श्री मोहम्मद आरिफ खत्री की कलाकृतियों की जमकर तारीफ़ की और विस्तार से बाग प्रिंट की तकनीक और प्राकृतिक रंगों के महत्व पर बातचीत की। श्री खत्री ने सुश्री रनौत को मध्यप्रदेश बाग प्रिंट कला के उद्गम स्थल बाग गांव आने का आमंत्रिण दिया। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ियाँ इस धरोहर को संभालती आई हैं और आज भी यह गाँव कला की जीवंत पाठशाला है। प्रदर्शनी में उपस्थित जानी-मानी क्राफ्ट रिवाइवलिस्ट मंजीरी नेरोला, कामियानी जलन और दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा राय ने भी बाग प्रिंट साड़ियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का बाग प्रिंट सुंदर संगम हैं, जिनमें प्राकृतिक रंगों की चमक और हस्तकला की शान झलकती है। गौरतलब है कि श्री खत्री को उनके नवाचार और बाग प्रिंट को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। कला-प्रेमियों और दर्शकों के लिए यह प्रदर्शनी केवल साड़ियों का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के विविध रंगों का उत्सव है।

स्वदेशी उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को उप नगर ग्वालियर के घासमंडी से कपूर बाबा तक के बाजार में कारोबार करने वाले छोटे-मझौले कारोबारियों से संवाद करते हुए स्वदेशी अपनाने तथा जीएसटी की नई दरों के बारे में चर्चा की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लाभों और कर प्रणाली में हाल ही में लागू की गई नई दरों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने चुनरी तथा अन्य किराने की सामग्री भी खरीदी। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वदेशी अपनाओ अभियान को व्यापक सफलता मिलेगी और देश, राज्य तथा ग्वालियर शहर की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” का मंत्र अपनाकर “मेक इन इंडिया” उत्पादों को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का आग्रह किया। रक्तदान शिविर में हुए शामिल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर संत रविदास मंडल द्वारा कोणार्क हॉस्पिटल, शिंदे की छावनी, ग्वालियर में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल जीवन बचाने का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और मानवता की सेवा है। उन्होंने आव्हान किया कि हम सभी इस नेक पहल में आगे आएं और इस जीवनदायिनी सेवा का हिस्सा बनें।  

मध्यप्रदेश को रेलवे में बड़ी सौगात: 2500 करोड़ की लागत से तैयार हो रही तीसरी लाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में रेलवे ढांचे को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इटारसी–आमला सेक्शन (Itarsi–Amla Third Line) पर तीसरी रेल लाइन का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। करीब 130 किलोमीटर लंबे इस रूट पर मिट्टी का बेस तैयार होने के बाद अब अन्य निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। हालांकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी की वजह से नर्मदापुरम और बैतूल जिले में यह प्रोजेक्ट लेट से शुरू हो पाया। किसानों की जमीन अधिग्रहित तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए बैतूल जिले के 3 तहसीलों के लगभग 40 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 290 किसानों की 16 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन पूरी तरह तैयार होने के बाद इस रूट पर ट्रेन संचालन और सुगम हो जाएगा। घाट सेक्शन बना चुनौती यह पूरा रेल मार्ग घाट सेक्शन से होकर गुजरता है। ऐसे में अभी ट्रेनों के संचालन में कई दिक्कतें आती हैं। इसी कारण परियोजना में चार स्थानों पर सुरंग भी बनाई जाएगी, जिनकी कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर होगी। प्रोजेक्ट का दायरा इटारसी से नागपुर तक 267 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरे ट्रैक पर 27 रेलवे स्टेशन और 361 पुल-पुलिया शामिल होंगे। पीपलढ़ाना और मरामझिरी इलाके में अंडरपास का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। क्यों जरूरी है तीसरी लाइन? अभी नागपुर–इटारसी सेक्शन में केवल दो लाइनें हैं। इन पर एक साथ यात्री और मालगाड़ियां चलाई जाती हैं। कई बार यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने के लिए मालगाड़ियों को घंटों तक रोकना पड़ता है। तीसरी लाइन के बाद दोनों तरह की ट्रेनों का संचालन बिना बाधा के हो सकेगा और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। लागत और प्रगति पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 2525 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। भोपाल–इटारसी सेक्शन पर तीसरी लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इटारसी–नागपुर सेक्शन पर समानांतर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही भी ज्यादा प्रभावी ढंग से हो पाएगी।

तन, मन, धन और सबसे ऊपर वन : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

सेवा पखवाड़े के तहत शाहपुरा मण्डल में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया पौधरोपण प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम से एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भोपाल के शाहपुरा मण्डल में सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित एक पेड़ मां के नाम पौधरोपण में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिस पार्क में हम पौधरोपण कर रहे हैं, इस पार्क में हमें टेंट लगाने की कोई जरूरत महसूस नहीं हो रही हैं, क्योंकि इस परिसर के चारों ओर बड़े-बड़े वृक्ष लगे हैं। यदि यह वृक्ष नहीं होते तो यहां टेंट लगाना हमारी मजबूरी होती। वृक्षों की घनी छाया के नीचे हम बैठकर चर्चा कर रहे हैं, यह पौधरोपण की ताकत है। इसीलिए कहा गया है कि तन, मन, धन और सबसे ऊपर वन। उन्होंने आहवान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम से एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूरबर तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने शाहपुरा मण्डल स्थित पार्क में पौधरोपण किया। पौधरोपण कर स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान एक पेड़ मां के नाम पर पौधारोपण पर आज पूरा देश बड़े ही उत्साह के साथ पेड़ लगा रहा है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी अपनाने का जो अभियान चल रहा है, इसका लक्ष्य है कि एक दिन भारत विश्व गुरू बने। सेवा पखवाड़ा के तहत जितने भी अभियान चल रहे हैं उन सभी अभियानों को हम सभी को मिलकर सफल बनाना है। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिक एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगल क्लिक से 29 सितंबर को करेंगे फीस प्रतिपूर्ति

20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को अंतरित की जायेगी 489 करोड़ रुपये की राशि 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की होगी प्रतिपूर्ति भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। फीस अंतरण का कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक श्रीमती हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश में लगभग 8.50 लाख बच्चे अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इन बच्चों की निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क शिक्षण व्‍यवस्‍था के तहत राज्‍य सरकार द्वारा अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की फीस प्रतिपूर्ति की गयी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है

पराक्रमी सेना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भाव, बोले – हमें हमारी सेना पर गर्व है मुख्यमंत्री ने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का किया पूजन रेजांग-ला युद्ध के वीर योद्धाओं को दी गई श्रद्धांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है। धर्म की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने पांडवों का सारथी बनना स्वीकार किया। उन्होंने धर्म स्थापना के लिए अपना सर्वस्व दे दिया। हमारे सैनिकों ने रेजांग-ला युद्ध में जीत हासिल कर दुश्मनों से देश की रक्षा की। हमारे सैनिकों का शौर्य भारी पड़ा हमें हमारी पराक्रमी सेना पर बेहद गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेजांग-ला युद्ध में अपने प्राणों को बलिदान कर चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अटल पथ पर रेजांग-ला युद्ध में अमर बलिदानियों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रह थे। उन्होंने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का पूजन किया और यात्रा के आयोजकों को सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर ऐसे पुनीत कार्य में सहयोगी है, जिससे आमजनों में देश प्रेम की भावना का संचार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा 5 हजार साल पुराना गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित  योगेंद्र सिंह यादव ने मात्र 19 साल की उम्र में दर्जनों गोलियां लगने के बाद भी टाइगर हिल्स की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यादव समाज के पराक्रम और शौर्य पर अगर कोई फिल्म बनाई जा रही है, तो राज्य सरकार फिल्म निर्माता को सब्सिडी देकर उसे प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही  संतोष यादव और महिला लोको पायलट सु सुलेखा यादव जैसी अनेक हस्तियों ने भी यादव समाज का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता  योगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे लिए यह यात्रा गौरव का विषय है। इस कलश यात्रा का उद्देश्य भारतीय समाज को एकजुट करना और युवाओं में शहीदों के शौर्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। यह समाज को ऊपर उठाने की यात्रा है। मुझे गर्व है कि भारत माता की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यादव समाज ने अनेक वीर सैनिक दिए, जिन्होंने मां भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हम उनकी संतानें हैं, जिन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। यादव कुल राष्ट्र पर मर मिटने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उल्लेखनीय है कि रेजांग-ला के युद्ध में भारतीय सेना के 120 सैनिकों ने लगभग 3 हजार चीनी सैनिकों को मार गिराया था। ये सभी 120 सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे। कार्यक्रम में विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री  अखंड प्रताप सिंह यादव, पूर्व मंत्री मती ललिता यादव, ओबीसी महासभा के  जगदीश यादव, अधिवक्ता  राजेंद्र यादव, भोपाल यात्रा प्रभारी  शेर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन उपस्थित थे। कलश यात्रा 14 राज्यों से होती हुई मध्यप्रदेश पहुंची है। यात्रा का 18 नवम्बर 2025 को दिल्ली में समापन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कलश यात्रा में प्रमुख भूमिका निभाने वाले  किरण यादव,  राम सेन,  मनोज,  बलवीर यादव और  पुष्पेन्द्र यादव को सम्मानित किया। 

30 सितंबर को उज्जैन में नगर पूजा: सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही अनोखी परंपरा

उज्जैन  शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 30 सितंबर को नगर की सुख समृद्धि के लिए मदिरा की धार से पूजा होगी। चौबीस खंभा माता मंदिर में सुबह 8 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अधिकारी व कोटवारों का दल ढोल ढमाकों के साथ 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। महाअष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में भी रियासत के समय पूजन का क्रम जारी रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शासन की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है। इस बार तिथि वृद्धि के कारण 30 सितंबर को महाअष्टमी मनाई जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शासकीय दल अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। 27 किमी लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगेगी पूजा के दौरान शहर में 27 किलो मीटर लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाएगी। इसके साथ पुरी, भजिए, भीगे हुए गेहूं व चने की घुघरी सहित नैवेद्य की अन्य वस्तुएं अर्पण की जाएगी। मान्यता है इससे नगर में मौजूद अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है और वें प्रसन्न होकर नगरवासियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शक्तिपीठ हरसिद्धि में दोपहर 12 बजे होगी पूजामहाअष्टमी पर शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर में दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा सपत्नीक माता हरसिद्धि का पूजन करेंगे। हरसिद्धि मंदिर में सात्विक पूजा होती है, यहां माता को मदिरा का भोग नहीं लगाया जाता है। इसलिए कलेक्टर यहां अलग से पूजा अर्चना करने आते हैं। गढ़कालिका में रात 12 बजे होगी महाआरती नगर के प्राचीन देवी मंदिरों में शुमार श्री गढ़कालिका माता मंदिर में महाअष्टमी पर रात 12 बजे महाआरती होगी। माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शारदीय नवरात्र की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन होगा। नगर पूजा में यह खास     27 किलो मीटर लंबा नगर पूजा मार्ग     40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में होगी पूजा     12 घंटे का समय लगेगा नगर पूजा में     25 से अधिक बोतल मदिरा का उपयोग होगा  

फर्जी शिकायत कर ब्लैकमेल करने वालों की खैर नहीं, सीएम हेल्पलाइन में बनेगी निगरानी फाइल

भोपाल  सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले लोगों में फेक शिकायतर्ताओं की बढ़ रही तादाद को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने ऐसे झूठे और भ्रामक शिकायतकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए एक्शन लिया है. एक पत्र जारी कर कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले सभी फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है. भोपाल कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वाले लोगों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर से ऐसे फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है और उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। सीएम हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे हैं फेक कॉल रिपोर्ट के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर लगातार फेक कॉल आ रहे हैं, जिससे जरूरतमंद की उचित समय में मदद मिलना मुश्किल हो जाता है, जबकि आदतन झूठी शिकायत दर्ज कराने और ब्लैकमेल करने बेवजह कॉल कर सरकारी साधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे परेशान होकर कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है. वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय से साफ कहा गया है कि अब ऐसे फर्जी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी जिलों के कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने इलाके में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं. हर जिले से ऐसे शिकायतकर्ताओं की लिस्ट तैयार कर सरकार को भेजनी होगी. ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. सरकार का कहना है कि ये कदम शिकायत प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी है.  झूठे व ब्लैकमेलर शिकायकर्ता पर होगी कार्रवाई  सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टर को जारी एक पत्र में कहा कि वो सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वालों की लिस्ट तैयार करें और जानकारी मुहैया कराएं. माना जा रहा है कि कलेक्टर ने उक्त पत्र फर्जी और ब्लैकमेलिंग वाली शिकायतों से परेशान होकर जारी किया है. फर्जी कॉलर्स के मोबाइल की मांगी गई जानकारी  जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज झूठी एवं आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं.निर्देश दिया गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत झूठी/आदतन शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की जाए, जिसमें  नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व संबंधित टिप्पणियाँ शामिल हों. शिकायतों की संख्या बढ़ी बीते कुछ महीनों से हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन इनमें कई मामले फर्जी भी निकल रहे हैं. कुछ लोग अपनी निजी मांगों को पूरा करवाने के लिए अफसरों को धमकाते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आ रही है बल्कि असली शिकायतों पर ध्यान देना भी मुश्किल हो गया है. अब सरकार ने तय किया है कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा. इससे सिस्टम मजबूत होगा सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, कलेक्टरों को हर शिकायत की गहराई से जांच करनी होगी और यह भी देखना होगा कि शिकायत कितनी सही है. साथ ही हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत की गुणवत्ता पर नजर रखनी होगी. उम्मीद है कि इस कदम से जनता को भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सही तरीके से सुनी जाएगी और झूठे शिकायतकर्ता अब कानून के शिकंजे में आएंगे. इससे सिस्टम और मजबूत होगा और असली जरूरतमंदों को जल्दी राहत मिल सकेगी.

प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।