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मोहन सरकार ने श्रमिक सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता, विशेष ध्यान दिया गया

भोपाल  श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। श्रमिकों की सुरक्षा कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये कारखाना अधिनियम,1948 तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण अधिनियम,1996 और इनके अंतर्गत बनाए गए नियमों का पालन करना प्रत्येक नियोजक, कारखाना अधिभोगी और प्रबंधक का कानूनी दायित्व है। सभी कारखानों के प्रबंधन व निर्माण कार्य नियोजकों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वेच्छा से पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करें। संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मती नमिता तिवारी ने बताया है कि श्रमिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कारखानों या निर्माण स्थलों के निरीक्षणों में पाए गए गंभीर उल्लंघनों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। ज्ञात्व्य है कि सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करने पर नियमों में जुर्माना या कारावास या दोनों तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। औधोगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के सभी अधिकारियों को समस्त लम्बित वैधानिक प्रकरणों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है। इनके त्वरित निराकरण से उत्पन्न निरोधक प्रभाव निर्माण स्थल और कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। श्रम विभाग ने उद्योग जगत व नियोजकों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि उत्पादन और प्रगति के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण भी सुनिश्चित हो सके।  

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार: आयुक्त भोंडवे का बयान

नगर की सड़कों से विकास को मिलेगी रफ्तार- आयुक्त भोंडवे सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला भोपाल आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है और इसके लिये जरूरी है कि सड़के गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों से जुड़े हुए इंजीनियरों की जवाबदारी है कि वे सड़कों के निर्माण और संधारण पर पूरा ध्यान रखें। आयुक्त श्री भोंडवे शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाब काफी है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये जरूरी है कि सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाये। कार्यशाला में बताया गया कि नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ रूपये के काम होंगे। इसी के साथ केन्द्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि कार्यों का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। सड़के हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं, जो नगरीय निकायों के समस्त क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती हैं। नगरीय क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता सीधे तौर पर हमारी कार्य कुशलता को दर्शाती है। नगरीय निकायों के यंत्री अपने कार्य क्षेत्र में पूर्ण योगदान दे रहे हैं किंतु टेक्नोलॉजी में आ रहे परिवर्तन के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। कार्यशाला का उद्देश्य भी यही है। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने पर प्रस्‍तुतिकरण दिया गया। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया। इनमें RODIC के श्री आरएस महालहा और श्री एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस, आईआईटी इंदौर, रूडकी, MORTH, CRRI के विषय विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना के बारे जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश के 600 यंत्रियों का क्षमतावर्धन किया गया।  

विवादों में घिरे मुरैना के सबलगढ़ SDM अरविंद माहौर को CM ने सस्पेंड किया

 मुरैना विवाद में घिरे मुरैना के सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर पर बड़ा एक्शन हुआ है। एसडीएम अरविंद माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार और नियमविरुद्ध 6 पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में सीएम मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन 6 पटवारियों के ट्रांसफर आदेश जारी करने वाले स्थानांतरित एसडीएम पर सीएम ने सख्त एक्शन लिया है। एक्स पर जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने लिखा कि, 'सबलगढ़ (मुरैना) के एसडीएम अरविन्द माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार एवं नियमविरुद्ध पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों के संज्ञान में आने के पश्चात् एसडीएम को तत्काल निलंबित(Morena Subalgarh SDM suspended) करने के निर्देश दिये हैं। इस प्रकरण में कमिश्नर चंबल को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए भी गए हैं। जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।' ये है पूरा मामला विवाद में घिरे सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर का कारनामा सामने आया। कलेक्टर अंकित अस्थाना के आदेश के बाद स्थानांतरित किए गए एसडीएम रात 8 बजे अपने ऑफिस पहुंचे और उन्होंने आनन-फानन में 6 पटवारियों के ट्रांसफर कर दिए। जिनमें कुछ पटवारी ऐसे हैं, जिनके स्थानांतरण कुछ समय पहले ही कलेक्टर ने किए थे लेकिन वे अपनी मनचाही जगह पर जाना चाहते थे। उल्लेखनीय है कि हाथठेला लगाने वाले एक युवक के महिला परिजन के प्रताड़ित करने की शिकायत आने पर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने मंगलवार की शाम 6 बजे उनका ट्रांसफर मुरैना कर दिया और उनकी जगह मेघा तिवारी को नया एसडीएम बनाने का आदेश जारी किया था। इन पटवारियों के किए स्थानांतरण एसडीएम अरविंद माहौर ने हलका नंबर-54 सबलगढ़ में पदस्थ पटवारी राधा शर्मा को हलका नंबर-5 बाबड़ीपुरा, हलका नंबर-53 सुनहरा में पदस्थ अली हसन को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी, पटवारी हरिओम मीणा को हलका नंबर-34 रामपहाड़ी से हटाकर हलका नंबर-53 सुनहरा, पटवारी मुकेश माथुर को हलका नंबर-27 जमुनीपुरा से हटाकर हलका नंबर-54 सबलगढ़, पटवारी सोनम कुशवाह को हलका नंबर-10 जाटौली से हटाकर हलका नंबर-66 बामसौली, प्रिंस गर्ग को हलका नंबर-बामसौली से हटाकर हलका नंबर-10 जाटौली में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।

मंत्री सारंग ने स्वदेशी जागरण अभियान में की सहभागिता

प्रधानमंत्री  मोदी के आहवान पर दुकानदारों ने शुरू किया स्वदेशी जागरण अभियान मंत्री सारंग ने स्वदेशी जागरण अभियान में की सहभागिता दुकानदारों ने विदेशी सामग्री के स्वदेशी विकल्प की भी लगाई सूची भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “स्वदेशी अपनाओ” के आहवान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में नरेला विधानसभा में अनूठी पहल शुरू हुई है। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 58 स्थित गौतम नगर मार्केट के स्थानीय दुकानदारों के आग्रह पर सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने “स्वदेशी अभियान” में सहभागिता की। मंत्री  सारंग की मौजूदगी में दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर “हमारे यहां स्वदेशी सामान मिलता है” के स्टीकर लगाए साथ ही ग्राहकों को स्वदेशी सामान खरीदने के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं भी स्वदेशी सामान की खरीदारी कर यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का यह आहवान आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करने वाला है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान देंगे, बल्कि स्थानीय उद्यमों और श्रमिकों को भी नई ताकत प्रदान करेंगे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री  मोदी का संदेश उन्हें नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे। वातावरण में उत्साह और स्वदेशी के समर्थन का जोश स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। दुकानदारों और ग्राहकों ने एक स्वर से संकल्प लिया कि वे अब स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उल्लेखनीय है कि नरेला विधानसभा में दुकानदारों ने विदेशी उत्पादों के स्थान पर उपलब्ध स्वदेशी विकल्पों की सूची भी प्रदर्शित की, जिससे ग्राहकों को जागरूक किया जा सके। दुकानदार स्वयं भी ग्राहकों को प्रेरित कर रहे हैं कि विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी सामान खरीदें।  

नरवाई जलाने से रोकने के लिए कृषि मंत्री ने किसानों को कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी

फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान भाई नरवाई से जुड़े सभी कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाएँ नियंत्रित हो सकें। उन्होंने भोपाल में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को नियंत्रित कर वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने से फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है। प्रदेश में किसानों को समझाईश देकर उत्पादन लागत कम कर आय बढ़ाने का कार्य चल रहा है। फसल अवशेषों का समुचित उपयोग कर कृषकों की अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कार्यशाला में कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि  निशांत वरबडे, कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर  अरविंद शुक्ला, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड मती एस. सरस्वती, निदेशक सीफेट लुधियाना डॉ. नचीकेत कोतवालीवाले, निदेशक सीआईएई भोपाल डॉ. सीआर मेहता, देश एवं प्रदेश से आए वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण, नरवाई प्रबंधन से जुड़े यंत्रों के निर्माता बंधु सहित किसान भाई-बहन उपस्थित थे।  

कटनी को 230 करोड़ की सौगात, CM मोहन यादव बोले- कनकपुरी बनेगा नया जिला

जबलपुर / कटनी  एमपी के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 18 सितंबर को कटनी जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने जिले के बड़वारा में सांदीपनि विद्यालय सहित करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा उन्होंने कटनी में सिंचाई सुविधाओं के विकास, जलाशय की मरम्मत की भी घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की गंगा बह रही है। इस बदलते दौर में दुनिया के मंचों पर पीएम मोदी का सम्मान हर देशवासी का सम्मान है। देश तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर आदिवासी अंचल धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास कर प्रदेशवासियों को अनुपम सौगात दी। इससे 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। लगभग 3 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सीएम डॉ यादव ने कहा कि इसी कड़ी में आज कटनी के आदिवासी क्षेत्र को 234 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन का एक-एक दिन देशवासियों की सेवा को समर्पित कर दिया है। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर तक देशभर में सेवा पखवाड़ा चल रहा है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने लिए थोड़ा समय निकालें और स्वास्थ्य शिविरों में अपनी जांच कराएं। यहां महंगी से महंगी जांच, दवाएं और इलाज मुफ्त होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना है। प्रधानमंत्री मोदी गरीबों की परेशानी को अच्छी तरह समझते हैं। राजा श्रीराम के शासन में गरीबों को फ्री राशन बांटा जाता था। वैसे ही आज प्रधानमंत्री मोदी देश के 85 करोड़ जरूरतमंद लोगों को कोरोना काल से राशन उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने गरीबों के लिए पक्के मकान बनवाए, एलपीजी कनेक्शन दिए और शौचालय बनवाए। यह सरकार के गरीब और महिला कल्याण का उदाहरण है। उद्योगों के लिए हर तरह के प्रयास कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले दिनों माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से कटनी जिले में 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया है। यहां व्यापार-व्यवसाय की संभावनाएं बन रही है। इससे गरीब, युवा और किसानों की जिंदगी बदलेगी। कटनी में कोयला, लाइमस्टोन और क्रिटिकल मिनरल्स के भंडार हैं। अब तो यहां सोना भी मिलने वाला है। कटनी कनकपुरी बनेगा। पन्ना में हीरा तो पहले ही मिल रहा है। यह पूरा क्षेत्र विकास की नई इबारत लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने पीपीपी मॉडल पर प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए स्वीकृति दी है। इनमें से एक कटनी में बनेगा। शीघ्र ही जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी। सीएम यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय में स्वच्छता के लिए किया श्रमदान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता अभियान के तहत गुरूवार को रानी दुर्गावती चिकित्सालय जबलपुर में साफ-सफाई के लिए झाडू लगाकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय के स्टाफ एवं शासकीय कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन समय के पूर्व रोस्टरवार स्वच्छता के लिए श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे सेवा पर्व के दौरान स्वच्छता के लिये श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभागीय कमिश्नर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सफाई अभियान का नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी श्रमदान के लिये प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय हैकि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रोगों की नि:शुल्क जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य, शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। सांदीपनि स्कूलों को देख प्राइवेट संस्थान दंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी में 2 सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण कर विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के भवन और सुविधाएं देखकर तो प्राइवेट स्कूल वाले भी दंग रह जाते हैं। देश के किसी राज्य में इतने अच्छे स्कूल नहीं बने, जैसे सांदीपनि विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कल्पना तक मुश्किल होता था। बड़वारा में दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की तरह स्कूल बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सांदीपनि आश्रम से शुरू हुई भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का अनुसरण करें। स्वदेशी को करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी करने वाले कसम खा लें। अब ऑनलाइन के चक्कर में नहीं पड़ना है। छोटे दुकानदार और व्यापारियों को प्रोत्साहन दें। भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। देश का पैसा देश में रहे, इसके लिए नवरात्रि, दशहरा, दीपावली की खरीदारी में स्वदेशी को अपनाएं। बदलते दौर में भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाना है। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें नवदुर्गा के समान हैं। राज्य सरकार लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद हर महीने 1500 रुपए राशि देगी। इस राशि को धीरे-धीरे 3000 तक किया जाएगा। सरकार टॉपर बच्चों को स्कूटी और बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने पर लैपटॉप दे रही है। गोंडवाना राजा हिंदू देवताओं की पूजा करते थे सीएम डॉ. यादव ने कहा कि शहीद शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सामने अंग्रेजों ने शर्त रखी थी कि वह हिंदू धर्म छोड़ दें और उनका धर्म अपना लें, लेकिन उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा। बल्कि जान देना कबूल कर लिया। आदिवासी हिंदू हैं, कुछ लोगों ने उन्हें लालच दिया कि हम आपको पेंशन दिलवाएंगे। हिंदू धर्म छोड़ना पड़ेगा, पूजा-पाठ छोड़ना होगा पर ये लोग ऐसी मिट्टी की बने हैं, जो भूखे मरने को तैयार हैं पर हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासी के … Read more

सोशल मीडिया सेंसेशन बना ट्रैफिक कॉप रंजीत, अब वायरल चैट के चलते हुआ लाइन अटैच

इंदौर अपने खास अंदाज में शहर का ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक महिला से सोशल मीडिया चैट के चक्कर में इंदौर पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. वायरल चैट के मुताबिक ट्रैफिक कॉप रंजीत का कसूर ये था कि उन्होंने अपनी एक फॉलोअर को इंदौर आने का ऑफर दिया था. कथित तौर पर रंजीत ने अपनी फॉलोअर को एयर टिकट भेजने और होटल में रुकवाने का भी ऑफर दिया था. यह ऑफर महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने रंजीत सिंह के साथ हुई अपनी चैट वायरल कर दी. डांसिंग कॉप ने इसे बताया बदनाम करने की साजिश महिला द्वारा चैट वायरल किए जाने के बाद रंजीत ने अपने बचाव में कहा कि युवती उसे बदनाम करने के लिए उन मैसेज का दुरुपयोग कर ही है. रंजीत ने बताया कि वह कई साल पुराने चैट हैं. इस मामले में दोनों के वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने ट्रैफिक कॉप रंजीत को लाइन अटैच कर दिया है लेकिन महिला अब भी रंजीत को बख्शने को तैयार नहीं है. महिला ने फिर वीडियो जारी कर रंजीत को चेतावनी दी है. ट्रैफिक जागरुकता और डांसिंग स्टाइल के लिए फेमस हैं रंजीत गौरतलब है इंदौर के ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह अपनी अनोखी स्टाइल में ट्रैफिक ड्यूटी निभाने और डांस मूव्स के लिए फेमस हैं. वे अपने अनोखे अंदाज के जरिए ट्रैफिक जागरुकता फैलाने के कारण इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. इस बीच एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप से रंजीत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए यह तक आरोप लगाया दिया कि रंजीत ने उसे होटल में मिलने के लिए एप्रोच किया था. पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन अटैच रंजीत का कहना है कि महिला द्वारा जिन संदेशों का जिक्र किया जा रहा है, वे कई साल पुराने हैं और उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वीडियो और आरोप झूठे हैं व उनका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है. दोनों पक्षों के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से रंजीत सिंह को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इधर संबंधित महिला ने गुरुवार को फिर अपनी ओर से वीडियो जारी करते हुए रंजीत के आरोपों का जमकर खंडन किया. महिला ने इसके साथ ही रंजीत के पुराने मैसेज भी सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी है. वहीं, इंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडौतिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, '' सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और समाचार माध्यमों से मिला जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को अमर्यादित व्यवहार के लिए लाइन अटैच किया गया है.''  

समीर कुलकर्णी का बड़ा बयान: हिंदुओं से कांग्रेस को वोट न देने की अपील

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर आए मालेगांव ब्लास्ट मामले में दोष मुक्त किए गए समीर कुलकर्णी ने हिंदुओं से अपील की है कि कोई भी हिंदू आखिरी सांस तक कांग्रेस को वोट न दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुसंख्यक हिंदू मतों को बटोरकर सालों तक सत्ता का लाभ लिया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, शिवराज पाटिल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मिलकर यह साजिश रची थी। मेरी जिंदगी के जो 17 साल बर्बाद हुए वह वापस नहीं आ सकते, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से संवैधानिक दायरे में रहकर धर्म की रक्षा करने वालों की जिंदगी मेरी जैसी न हो, इसलिए कांग्रेस को वोट न दें। गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में समीर कुलकर्णी, प्रज्ञा ठाकुर सहित सात आरोपी बनाए गए थे। बम विस्फोट को भगवा आतंकवाद का नाम देकर साध्वी प्रज्ञा सिंह, कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई थी, दो महीने पहले 31 जुलाई को इन आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया था। पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अपील दायर की गई थी। अपील में दावा किया गया कि दोषपूर्ण जांच या जांच में कुछ खामियां आरोपियों को बरी करने का आधार नहीं हो सकतीं। इसके साथ ही दलील दी गई कि विस्फोट की साजिश गुप्त रूप से रची गई थी, इसलिए इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि एनआईए की स्पेशल कोर्ट का 31 जुलाई को सात आरोपियों को बरी करने का आदेश गलत और कानूनी रूप से अनुचित था और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों ने एनआईए कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। परिवारों की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले पर छह हफ्ते बाद सुनवाई होगी। मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी रहे समीर कुलकर्णी आज भोपाल आएंगे। वे भोपाल के अयोध्या बाईपास स्थित होटल यशोदा मैरिज गार्डन में आयोजित सनातन संबोधन कार्यक्रम में भाग लेंगे। सनातन संबोधन में समीर कुलकर्णी के अलावा राष्ट्रीय वक्ता छाया गौतम (मथुरा), विशाल ताम्रकार (छत्तीसगढ़) और कृष्णा गुर्जर (हरियाणा) भी सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4 बजे यह सभा आयोजित की गई है।

गरबा में गैर-हिंदू युवाओं की एंट्री पर सख्त रामेश्वर शर्मा, कहा – अगर आना है तो माता-पिता को भी लाएं साथ

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की 'सनातनी क्रांति' शुरू हो गई है. गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बेन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक तक सामने आ गए है. हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके. दरअसल, प्रदेश में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'धर्म जिहाद' की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन और भाजपा के विधायक 'गरबा जिहाद' रोकने की बात कर रहे हैं. नवरात्रि के पहले ही गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है. हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ''गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, अगर आना है तो अपनी मां को अपनी अम्मी, बहन, मौसी, अब्बा और चच्चा को लेकर आओ. देवी का प्रसाद खाओ. आशीर्वाद लो और हिंदू धर्म स्वीकार करो.'' नवरात्रि का पर्व आने वाला है. 22 सितंबर से यह पर्व शुरू होगा. हिंदू मां दुर्गा के 9 रूपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि पर गरबे का बड़ा महत्व होता है. जगह-जगह गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन राजधानी भोपाल में इसपर एक अलग ही तरह का विवाद छिड़ा हुआ है. गरबे में भाईजान की एंट्री को लेकर एक तरफ हिंदू संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी गैर-हिंदू गरबे में दिखाई दिया, तो उसे बजरंग दल की शैली में जवाब दिया जाएगा. वहीं भाजपा नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सनातन का पर्व है. मां शक्ति की उपासना की जाती है. इस्लाम को मानने वाले मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. वे लोग हमारे त्योहारों में आते ही क्यों हैं और अगर आना हैं, तो सनातन अपना लो, जनेऊ धारण करो. इतना ही नहीं, भाजपा विधायक ने आगे कहा कि चार-पांच पीढ़ी ऊपर देखेंगे, तो इनके पूर्वज भी सनातनी ही निकलेंगे. 'मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है?' वहीं, 'भाईजान' की एंट्री पर पाबंदी लगाने के बयानों के बाद कांग्रेस के मुस्लिम विधायक भी सामने आए. भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ''मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है? उसे नहीं जाना चाहिए. बाकी बीजेपी को हर त्योहार से पहले विवाद खड़ा करने की आदत है.  नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में गरबा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेताओं ने गरबा पंडालों में दूसरे धर्म के लोगों पर बैन लगाने की मांग की है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने पंडालों में भाईजान की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही, तो इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि आयोजक गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आईडी चेक करें. विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नवरात्रि पर घर वापसी अभियान चला रहे हैं. हम तो अब सनातन का प्रचार-प्रसार तेजी से बढ़ा रहे हैं. गरबे में कोई भी आए, आपत्ति नहीं है. जो लोग ईसाई, मुसलमान बन गए हैं, अगर वे सनातन धर्म में वापसी करते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है. अकेले लड़के क्यों आ रहे हैं, अपनी बहन, अब्बा-अम्मी को भी लेकर आएं. वे आएं, उन्हें गंगाजल पिलवाएंगे. जय श्रीराम, जय गुरुनानक के नारे लगवाएंगे. दुर्गा जी की आरती करवाएंगे. तिलक लगाएंगे. कब तक दूर-दूर रहेंगे, आ जाएं सभी लोग, सनातन में उनका स्वागत है. वहीं गरबा को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी नेता त्योहारों से पहले जान-बूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं. भाजपा के लोग माहौल खराब करने के लिए बयानबाजी करते हैं. जब मुस्लिम गरबे में जाता ही नहीं है, उसका गरबे से कोई लेना-देना ही नहीं है, नवरात्रि मनाता ही नहीं है, तो फिर क्यों हम धर्म परिवर्तन कर लें. बीजेपी अभियान चलाए, परिचय पत्र चेक करें, आधार चेक करें. सरकार आपकी है, कानून आपका है, अगर कोई जान-बूझकर ऐसा करता है और गरबा कार्यक्रम में घुसता है, तो उसपर कार्रवाई कीजिए. माहौल बनाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जाती है. हमारा गरबे से कोई लेना-देना नहीं है. मुस्लिम समाज को कोई समिति आमंत्रण नहीं भेजती है. मुस्लिमों को भी गरबे में नहीं जाना चाहिए. जबा मना है, तो नहीं जाना चाहिए. बताते चलें कि खंडवा में इस बार नवरात्रि पर गरबा कार्यक्रमों में न फिल्मी गाने बजेंगे और न ही महिलाएं बैकलेस ड्रेस पहन सकती हैं. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर भी बैन लगाया गया है. आयोजक खुद सुरक्षा इंतजाम करेंगे. संस्कृति, देशभक्ति और नारी शक्ति पर फोकस रहेगा. हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर सनातन धर्म के त्योहारों का मजाक बना, तो जिसकी करनी होगी, वही भुगतेगा.  

मध्य प्रदेश में मानसून एक्टिव! भोपाल से इंदौर तक आज होगी बारिश, चार दिन तक बना रहेगा मौसम का मिजाज

भोपाल  मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी बिहार और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मराठवाड़ा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है।अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश में वर्षा हो रही है। अगले 4 दिन तक हल्की बरसात का दौर जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  एक बार फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, गुरुवार को दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में रही। इस वजह से कुछ जिलों में बारिश का दौर चला। शुक्रवार को सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। जिससे तेज बारिश का दौर थम सकता है। इधर मानसून की वापसी भी होने लगी है। आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। गुरुवार को भी कई जिलों से मानसून लौट गया। यदि वापसी ही यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्य प्रदेश में अब तक 43.2 इंच बारिश दर्ज मध्यप्रदेश में अब तक औसत 43.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।