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वाहन मालिक ध्यान दें! 15 साल पुराने वाहन स्क्रैप करने की नीति लागू

ग्वालियर एमपी के ग्वालियर शहर में 15 साल से पुराने वाहनों को हटाने के लिए एक स्क्रैप सेंटर खोला गया है। वह भी शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर बिलौआ में। लोगों को 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने से क्या फायदे हैं इसकी जानकारी नहीं है। जिसके कारण लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। देश में स्क्रैप पॉलिसी लागू करने के पीछे उद्देश्य प्रदूषण फैला रहे वाहनों को हटाना था। प्रदेश में पहले चरण में सरकारी वाहनों को हटाने की शुरुआत हुई है, इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले के कलेक्टर से 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की जानकारी मांगी गई है। ग्वालियर में करीब 125 वाहनों की सूची तैयार हुई जिन वाहनों को स्क्रैप किया जाना है।   न रजिस्ट्रेशन कराया, न रिन्यू कराया ग्वालियर शहर में करीब 8 लाख दो पहिया और चार पहिया वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इनमें से करीब एक लाख वाहन ऐसे हैं, जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। इन वाहनों ने न रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराया है और न ही फिटनेस। यदि आपके वाहन को 15 साल पूरे हो गए हैं तो उसको पांच साल के लिए और पंजीयन कराया जा सकता है। इसके लिए आपकोबीमा कराना होगा। यदि पंजीयन समाप्त होने के एक महीने में दोबारा पंजीयन नहीं कराते हैं तो पेनल्टी देना होगी। हर महीने दो पहिया वाहन पर 100 रुपए जुर्माना लगेगा। इसलिए ऐसे वाहन चालक जिनके रजिस्ट्रेशन 15 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं वे पेनल्टी शुल्क के कारण भी पंजीयन नहीं करा रहे हैं।   बिलौआ में स्क्रैप सेंटर खुला है वहां जाकर लोग 15 साल से ज्यादा पुराने वाहन स्क्रैप करा सकते हैं। स्कैप के बाद जो सर्टिफिकेट मिलेगा उससे नए वाहन खरीदने पर लाभ मिलेगा। ग्वालियर पहले चरण में सरकारी वाहन जो 15 साल से ज्यादा पुराने है उनको स्क्रैप कराना है। इसकी सूची बनाकर कलेक्टर को दी जा सकती है।- विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ ग्वालियर कैसे कराएं वाहन स्क्रैप फिटनेस टेस्ट करवाएं: अगर आपकी कार 15 से 20 साल तक पुरानी हो गई है, तो पहले उसे फिटनेस टेस्ट के लिए आरटीओ या किसी ऑथराइज्ड टेस्टिंग सेंटर लेकर जाएं। स्क्रैप सर्टिफिकेट लें: अगर आपकी कार फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है या फिर आप अपनी कार को स्वेच्छा से स्क्रैप कराना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर में गाड़ी जमा करें। इसके बाद वहां से आप को एक व्हीकल स्क्रैप सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आरसी कैंसिलेशन: आपकी पुरानी कार के लिए स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद उसे अपने आरटीओ के यहां लेकर जाकर जमा करें, ताकि गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को रद्द किया जा सके। टैक्स में मिलेगी छूट अब आप अपनी पुरानी कार के स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके नई गाड़ी खरीदते हैं तो डिस्काउंट, टैक्स छूट आदि का लाभ मिल सकेगा।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी और शाहगंज नगर परिषद के पुरस्कारों के लिए नामित होने पर दी बधाई

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा घोषित वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों में मध्य प्रदेश ने इस वर्ष भी अपनी विजय पताका फहराई है। प्रदेश के 8 शहरों को इस राष्ट्रीय आयोजन में सम्मानित किया जाएगा। विशेषकर बुधनी और शाहगंज नगर परिषद को पुरस्कारों को लिए नामित किया गया है। इस उपलब्धि पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता ही सेवा है…। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत’ का सपना जन-जन का संकल्प बन चुका है।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि हाल ही में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में बुधनी और शाहगंज को राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया है। बुधनी नगर परिषद को सुपर स्वच्छ लीग सिटी की नई श्रेणी में कन्सीसटेंट परफार्मर के रूप में नामित किया गया है। यह उपलब्धि सतत प्रयास, जनभागीदारी और समर्पित प्रशासन का प्रमाण है। साथ ही, शाहगंज नगर परिषद को प्रेसिडेंशियल अवार्ड की प्रतिष्ठित श्रेणी में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल नगर निकाय की प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग का भी उत्सव है। इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। आशा है कि आप आने वाले वर्षों में भी इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार को वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें मध्य प्रदेश के आठ शहरों को आगामी 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में स्वच्छता लीग सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, देश और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। मध्य प्रदेश के 8 शहरों में सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी हैं। इस श्रेणी में सिर्फ वे शहर शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने पिछले तीन सालों में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो और उत्तरोत्तर प्रगति की संभावनाएं सृजित की हों। इसी प्रकार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले शहरों में भोपाल, देवास और शाहगंज शामिल हैं। इसके अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिये सम्मानित किया जाएगा। कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और ओडीएफ/ वॉटर प्लस के परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। वहीं, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रतिदिन पौधरोपण करने के संकल्प के क्रम में रविवार को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्यजनों के साथ पौधरोपण किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि पेड़ लगाने का मतलब जीवन लगाना है, सांसें रोपना है, क्योंकि यही पेड़ हमें प्राणवायु देकर जीवन देते हैं। यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि असाधारण कार्य है। इसलिए मैं भी हर रोज पौधे लगाता हूं। उन्होंने कहा कि हमें यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित रखना है, तो पेड़ जरूरी है। पेड़ हमारे पर्यावरण को बचाते हैं और स्वस्थ पर्यावरण ही मानव जीवन को बचाएगा। मैं अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा को इस वृक्षारोपण के पुनीत कार्य के लिए हृदय से बधाई व धन्यवाद देता हूं। आइये, हम सब भी प्रत्येक विशिष्ट एवं शुभ अवसरों पर पौधरोपण का संकल्प लें और धरती को हरा-भरा बनाएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में अभूतपूर्व स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने माना आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दुबई पहुंचे। डॉ. यादव का भारतीय समुदाय के नागरिकों और उद्योगपतियों ने गर्मजोशी से अभूतपूर्व स्वागत किया। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मालवा क्षेत्र के पुराने साथी भी मिले, जिनसे मिलकर वे भावुक हो गए। ताज होटल में भारतीय समुदाय ने पलक-पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आत्मीय और सरल व्यवहार ने सभी मेजबानों का दिल छू लिया। आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “दुबई में भारतीयों ने अपनी मेहनत, संस्कृति और संस्कारों से विशेष पहचान बनाई है। यूएई प्रवास के दौरान दुबई स्थित ताज होटल में भारतीय भाई-बहनों और युवाओं से भेंट कर हृदय आनंदित है। सभी की आत्मीयता के लिए हार्दिक आभार!” उन्होंने अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। यात्रा का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है। यह दौरा प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आर्थिक विकास को गति देगा यह दौरा मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और सांस्कृतिक प्रचार के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ भी पहुंचाएगी। यह यात्रा राज्य को औद्योगिक और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।  

14 जुलाई 2025 को प्रदेश के आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों पर आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरों का आयोजन

भोपाल जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने के उदेश्‍य से आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), संजीवनी क्लीनिक्स एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है जिनके माध्‍यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराई जा रही है। इन आयुष्‍मान अरोग्‍य मंदिरों पर 14 जुलाई को आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरो का आयोजन किया जा रहा है।  इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्‍यक्ति तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का लक्ष्य है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्‍यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, षिषुओं, किषोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवष्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन षिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर के आयोजनो के संबंध में 7 जुलाई को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। इनके सफल आयोजन की जिम्मेवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। शिविर की सघन निगरानी हेतु इन दिशा निर्देशों की सूचना कलेक्टर्स एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में वर्ष 2018 से अबतक लगभग साढ़े बारह हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 9663 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 1320 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 796 आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 557 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। इन संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 2,06,36,313 स्वास्थ्य परीक्षण किये गये। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।

श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल पहली बारिश में धराशायी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

रीवा मध्य प्रदेश  के रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश में नवनिर्मित एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशायी हो गई. इस एयरपोर्ट के निर्माण में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 15 फरवरी 2023 को शिलान्यास के बाद एयरपोर्ट लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हुआ था. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अक्टूबर 24 को वर्चुअल लोकार्पण भी किया था. इस एयरपोर्ट को बनाने में करीब पांच गांवों की 323 एकड़ जमीन को 99 साल की खातिर भारतीय विमान प्राधिकरण को दिया गया है. राज्य में भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने लाइसेंस दिया है. यह जिला मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर बना है. बताया जा रहा है कि मूलाधार बारिश की वजह से एयरपोर्ट एरिया की जमीन अचानक धंस गई. जिससे दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया.    एयरपोर्ट में रनवे की कुल लंबाई 2300 मीटर है. एयरपोर्ट से दो फ्लाइट का संचालन हो रहा है. पहली फ्लाइट भोपाल वाया खजुराहो होते हुए रीवा पहुंचती है. इसके बाद यह सिंगरौली को रवाना होती है. वहीं दूसरी फ्लाइट रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल से कनेक्ट है. अभी 19 सीटर विमान का ही संचालन होता है. हालांकि, इसे बढ़ाकर 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए योजना है. इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से रीवा को बड़ी सौगात देते हुए वर्चुअली एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था. अथॉरिटी के अनुसार रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वहीं, इसको लेकर एयरपोर्ट अथार्टी के मैनेजर नवनीत चौधरी का बयान आया है. चौधरी ने बताया कि ज्यादा पानी गिरने से आसपास के इलाके का पानी बाउंड्री वॉल से टकराया. जिससे बाउंड्री पानी के दबाव को नहीं रोक पाई. रनवे पूरी तरह से ठीक है. उसे कोई क्षति नहीं हुई है. फ्लाइट बराबर उड़ रही है. नवनीत की दलील है कि बाउंड्री हवा के वेग और लोगों को रोकने के लिए बनाई जाती है. पानी को रोकने के लिए नहीं यह पर्याप्त नहीं है. अब इस बाउंड्री को नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा.

GST संरचना से जूझ रहा दवा व्यापार, इनपुट पर टैक्स कटौती की मांग

इंदौर दवाओं के निर्माण के लिए जो कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, उस पर (टैक्स) की दर ज्यादा है जबकि तैयार दवाओं की बिक्री पर जीएसटी की दर कम है। दवा निर्माताओं के संगठन ने मांग उठाई है कि कच्चे माल और दवा के बीच जीएसटी के अलग-अलग रेट का भेद खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही दवा बनाने के मटैरियल और तैयार दवा दोनों पर जीएसटी की दर घटाकर पांच प्रतिशत के स्लैब में लाना चाहिए। यह मांग ठीक ऐसे समय उठाई गई है जब आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। इसमें जीएसटी की स्लैब व अन्य प्रविधानों में आठ वर्षों में सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद है। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन मप्र ने सरकार को पत्र लिखकर दवाओं के कच्चे माल और तैयार दवाओं दोनों पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत करने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में पत्र लिखा है और मांग की है कि प्रदेश की ओर से जीएसटी काउंसिल को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव जयप्रकाश मूलचंदानी कहते हैं कि वर्तमान में दवा बनाने के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है।   ब्रिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है इस मटैरियल से जो दवा तैयार होती है, उसकी बिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। टैक्स की दर का यह अंतर व्यापार में व्यावहारिक परेशानी पैदा कर रहा है। टैक्स के रूप में दवा कारोबारियों का छह प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास जमा रहता है। जबकि निर्माण लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं के लिए दवाएं महंगी हो जाती हैं। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि दवाओं और कच्चे माल दोनों पर ही जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जानी चाहिए। इनवर्टेड ड्यूटी के अलग नियम कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार जीएसटी कर प्रणाली में कई वस्तुओं में कच्चे माल पर अधिक व तैयार उत्पाद पर कम टैक्स लागू है। इसके लिए एक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू होता है। इसमें सरकार ने प्रविधान किया है कि कच्चे माल पर अधिक टैक्स देकर तैयार माल कम टैक्स पर बेचा जाता है तो जो टैक्स का अंतर होता है, उसका रिफंड दिया जाए। व्यापारी को अधिकार होता है कि वह रिफंड हासिल करे। दवाओं के मामले में भी रिफंड का यह नियम लागू है। हालांकि रिफंड लेने के लिए कागजी कार्रवाई तो करना ही होगी। काउंसिल व्यापारियों को राहत देने के लिए कागजी कार्रवाई का बोझ कम कर प्रक्रिया को आसान बना सकती है।

कालीसिंध नदी में समाई कार, इंदौर-बैतूल मार्ग पर हादसे में दो की जान गई

देवास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में शामिल मोखापीपल्या क्षेत्र में कालीसिंध नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल पर रविवार को हादसा हो गया। पुल पर सामने से ट्रक आने के दौरान खातेगांव की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। कार गिरती देख मौके पर मौजूद ग्रामीण नदी में कूदे, कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। कार के कांच तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया और बागली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच करके दो को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर कर दिया गया।   ओपी और आनंद की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार में उच्या तेवन निवासी चंडीगढ़, आनंदराज निवासी इंदौर, ओपी निवासी अमृतसर, इलैयाराजा निवासी जयपुर सवार थे। इसमें ओपी और आनंद की मौत हुई है। बागली एसडीओपी सृष्टि भार्गव ने बताया किसी कारण से कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी थी, सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर नहीं हुई है। बचाव कार्य में कई ग्रामीण कांच लगने से हुए घायल हादसे के बाद मोखापीपल्या के सरपंच जितेंद्र सिंह, अर्जनुसिंह पुत्र बने सिंह दरबार, अर्जुन सिंह पुत्र विक्रमसिंह, सूरज सिंह पुत्र गुलाब सिंह, राजपाल पुत्र अनार सिंह आदि नदी में उतरे थे, कांच तोड़ने के दौरान कई ग्रामीणों हाथ-पैर में कांच से चोट लग गई। ग्रामीणों के अनुसार जहां पर कार गिरी वहां पर करीब 8-10 फीट पानी था। पुल संकरा, हादसों का लंबा इतिहास ग्रामीणों के अनुसार मोखापीपल्या में कालीसिंध नदी पर बना पुल अंग्रेजों के समय का है। यहां हादसे होना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम व अन्य दिनों में भी वाहन पलटकर नदी में गिरते रहते हैं। यदि पुल पर कोई वाहन खराब हो जाता है, तो कई किमी का लंबा जाम भी लग जाता है।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का श्री तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।  बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।  

विदिशा में लापरवाही पर भड़के शिवराज, चेताया- केंद्र से दल बुलाया तो सबकी खैर नहीं

विदिशा जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।   मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़‍ियां उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।