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त्योहारों में राहत! रीवा-महू स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा, देखें ट्रेन टाइमिंग्स

इंदौर  यात्रियों की सुविधा और त्योहारी सीजन में अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने रीवा-महू (डा. अंबेडकर नगर) के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल पाँच-पाँच फेरे लगाएगी। रीवा-महू स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 25 अक्टूबर तक रीवा से हर शनिवार रात 10:20 बजे रवाना होगी और रविवार दोपहर 3:05 बजे महू पहुँचेगी। रास्ते में यह ट्रेन रतलाम मंडल के सीहोर सुबह 10:05, शुजालपुर 11:05, मक्सी 11:50, देवास 1:21 और इंदौर 2:15 बजे पहुँचेगी। वापसी में महू-रीवा स्पेशल 28 सितंबर से 26 अक्टूबर तक प्रत्येक रविवार रात 9:20 बजे महू से रवाना होगी और सोमवार तड़के 1:30 बजे रीवा पहुँचेगी। वापसी यात्रा के दौरान यह ट्रेन इंदौर 9:45 बजे, देवास 10:30 बजे, मक्सी 11:30 बजे, शुजालपुर रात 12:25 बजे और सीहोर सुबह 1:12 बजे ठहरेगी। यहां होगा ठहराव दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का ठहराव सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर स्टेशनों पर रहेगा। यह स्पेशल ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेगी।  

मध्यप्रदेश पुलिस में हड़कंप: 15 जिलों के SP बदले, 24 घंटे में 50 अधिकारियों का तबादला

भोपाल  मध्य प्रदेश में सोमवार की देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली। गृह विभाग ने दूसरी लिस्ट जारी करते हुए 30 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें 13 जिलों के एसपी को बदला गया है। इसके पहले सोमवार की शाम को जारी हुई लिस्ट में 20 आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। इसमें 2 एसपी भी शामिल थे। इस तरह कुल 50 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किय गया है। इस तबादले में इस बार एक और चौंकाने वाला फैसला रहा। नौकरशाहों के ट्रांसफर में जिस तरह मुख्य सचिव अनुराग जैन की खास भूमिका रहती है। उसी तरह इस बार सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर एमपी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को भी महत्व दिया गया है। सीएम ने डीजीपी कैलाश मकवाना की सहमति से तबादला आदेश जारी किया है। देर रात गृह विभाग ने जारी किए आदेश गृह विभाग ने आधी रात के बाद 30 आइपीएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए। शाम को जारी 20 अफसरों के आदेश के बाद यह दूसरी सूची जारी हुई। इसमें 15 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए। इससे पूर्व शाम के आदेश में भी दो एसपी बदले थे। मोहन सरकार ने देर रात गृह विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। बताया जा रहा है कि यह प्रशासनिक सर्जरी लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सूत्रों की मानें तो अभी कुछ और जिलों में भी फेरबदल संभावित है। पीएम मोदी के दौरे से 9 दिन पहले इस बदलाव ने कड़ी प्रशासनिक जमावट के संकेत दिए हैं। इन जिलों के एसपी बदले गए इंदौर पुलिस उपायुक्त में पदस्थ हंसराज सिंह को सतना जिले का एसपी बनाया गया है। बालाघाट 36वीं बटालियन के कमांडेंट अवधेश प्रताप सिंह को मैहर जिले का एसपी बनाया गया है। ग्वालियर 13वीं बटालियन के कमांडेंट शैलेंद्र सिंह चौहान को रीवा जिले का एसपी बनाया। एसपी रेल इंदौर के संतोष कोरी को सीधी जिले का एसपी बनाया गया। निवेदिता नायडू, एसपी उमरिया को पन्ना जिले का एसपी बनाया गया। सुधीर कुमार अग्रवाल, एसपी मैहर को श्योपुर जिले का एसपी बनाया। रवीन्द्र वर्मा, एसपी सीधी को खरगोन जिले का एसपी बनाया। शशांक, पुलिस उपायुक्त भोपाल को हरदा जिले का एसपी शिवदयाल 14वीं बटालियन ग्वालियर को झाबुआ जिले का एसपी बनाया। घुवंश कुमार सिंह 5वीं बटालियन मुरैना को आलीराजपुर जिले का एसपी बनाया। विजय भागवानी, एआईजी पीएचक्यू को उमरिया जिले का एसपी बनाया। सांईं कृष्ण एस थोटा, एसपी पन्ना को नर्मदापुरम जिले का एसपी बनाया। आईपीएस वीरेंद्र जैन, एसपी श्योपुर को बैतूल जिले का एसपी बनाया। आईपीएस संतोष कोरी को एसपी रेल इंदौर से सीधी जिले का एसपी बनाया गया। इंदौर भोपाल के डेप्युटी कमिश्नर में भी बदलाव सतना में एसपी रहे अशुतोष को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-1) बनाया गया है रीवा के एसपी विवेक सिंह को भोपाल जोन-2 का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। हरदा एसपी अभिनव चौकसे को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन- 3 ) बनाया गया है। भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रियाद इकबाल को एससपी रेडियो नियुक्त किया गया है। भोपाल 23वीं बटालियन कमाडेंट कुमार प्रतीक को इंदौर पुलिस उपायुक्त ( जोन-2) नियुक्त किया गया है। लंबे समय से था तबादले का इंतजार एमपी पुलिस विभाग में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार किया जा रहा था। सोमवार की रात जारी हुई लिस्ट से यह इंतजार खत्म हो गया। प्रदेश में काफी समय बाद 50 अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी की गई है। इसमें मंत्री विजय शाह के मामले की एसआईटी के सदस्य कल्याण चक्रवर्ती तीन माह में डीआईजी रेंज छिंदवाड़ा से पुलिस हेकक्वार्टर वापस बुला लिया गया है। वह 2010 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले सोमवार शाम को गृह विभाग से जारी आदेश में 20 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए। इस लिस्ट में डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अशोकनगर और धार जिले के एसपी बदले गए हैं। अशोकनगर में राजीव कुमार मिश्रा और धार में मयंक अवस्थी नए पुलिस अधीक्षक होंगे। छतरपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर ग्रामीण, भोपाल ग्रामीण, रतलाम और सागर रेंज में नए डीआईजी पदस्थ किए गए हैं। इसके साथ ही इंदौर और भोपाल में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) को भी बदला गया है। विजय कुमार खत्री को डीआईजी छतरपुर रेंज, विनीत कुमार जैन को डीआईजी बालाघाट, मनोज कुमार सिंह को डीआईजी इंदौर ग्रामीण, राकेश कुमार सिंह को डीआईजी छिंदवाड़ा, राजेश सिंह को डीआईजी भोपाल ग्रामीण और शशीन्द्र चौहान को डीआईजी सागर रेंज पदस्थ किया गया है। छतरपुर डीआईजी ललित शाक्यवार और सागर डीआईजी सुनील कुमार पांडे को पीएचक्यू में पदस्थ किया गया है। बालाघाट डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव को मानव अधिकार आयोग भेजा गया है। भोपाल ग्रामीण डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी को डीआईजी एसएएफ मध्य क्षेत्र बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह डीआईजी रतलाम की पदस्थापना लोकायुक्त संगठन में डीआईजी के तौर पर की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) नगरीय पुलिस इंदौर मनोज कुमार श्रीवास्तव को डीआईजी पुलिस रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर इंदौर भेजा गया है। मोनिका शुक्ला डीआईजी रेल, पीएचक्यू को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल बनाया गया है। निमिष अग्रवाल डीआईजी इंदौर ग्रामीण को डीआईजी रतलाम रेंज, डी कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा को डीआईजी पीएचक्यू, हेमंत चौहान डीआईजी एससीआरबी पीएचक्यू को डीआईजी रीवा रेंज बनाया गया है।

भोपाल में गणपति जुलूस पर हिंसा, जनता ने पुलिस थाने के बाहर किया प्रदर्शन

भोपाल  भोपाल में गणपति प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे माहौल बिगड़ गया. यह घटना नगर से डीआईजी बंगला की तरफ जा रहे जुलूस के दौरान हुई. पथराव से नाराज लोगों ने पत्थरबाजी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गौतम नगर थाने का घेराव कियाइस दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर पत्थर फेंक (Stones thrown) दिया. पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. घटना से गुस्साए लोग सीधे गौतम नगर थाने पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा होकर आरोपियों की पहचान और तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे. माहौल बिगड़ता देख थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई. पत्थरबाजी के बाद विसर्जन जुलूस को रोक दिया गया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. प्रतिमा विसर्जन का उत्सव तनाव में बदल गया और कई लोग थाने के बाहर डटे रहे. हिंदूवादी संगठनों की भूमिका घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए. वे बड़ी संख्या में गौतम नगर थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए. उनका कहना था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. जुलूस पर पत्थर फेंकने वाले की पहचान की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा. पथराव के बाद गणेश झांकी के लोग और गुस्साए कार्यकर्ता डीआईजी बंगले चौराहे पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए धरना शुरू कर दिया था. इस दौरान सड़क पर  भारी जाम लगा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू उत्‍सव समिति सहित अन्‍य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और यहां तनाव की स्थिति बन गई. घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात करना पड़ा. गौतम नगर थाने के सामने भी भारी भीड़ रही. लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. रासुका की कार्रवाई हो, हमारी आस्था पर हमला  हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि प्रशासन से पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था पर हमला है. आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए.” तिवारी ने दावा किया कि साहिल नाम का युवक इसमें शामिल है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि जुलूस को लेकर हमने आरपीएफ की मांग की थी. पुलिस को पहले ही बताया था कि यह इलाका संवेदनशील है और यहां कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए. पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी होगी धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर पहुंचे डीआईजी रियाज इकबाल ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में सभी झांकियों को विसर्जन स्थल तक भेजा गया. इलाके में तनाव, पुलिस ने चौकसी बढ़ाई  घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने हालात पर कड़ी नजर रखी है. सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. भोपाल में विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें. माहौल तनावपूर्ण, सुरक्षा कड़ी पत्थरबाजी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है ताकि कोई भी स्थिति बेकाबू न हो.

2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व, CM डॉ. यादव ने कहा- जनता की सेवा ही सच्चा धर्म

नागरिकों की सेवा ही हमारा धर्म, 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा सेवा पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सेवा पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में आगामी 17 सितम्बर से सेवा पर्व मनाया जाएगा। सेवा पर्व का समापन 2 अक्टूबर गांधी जयंती को होगा। इस दौरान प्रदेश में नागरिक सेवाओं और सुविधाओं की बेहतरी और इन्हें सहज रूप से नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सेवा पर्व के रूप में मनाकर नागरिकों तक सेवाओं के सुगम प्रदाय की व्यवस्था करेगी। इस दौरान जिलों में भी सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्व के दौरान सरकार सुशासन का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए शासकीय सेवाओं की रिस्पॉन्सिबल डिलेवरी सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक, राजनैतिक एवं धार्मिक संगठन सभी अपनी भागीदारी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि वे आपसी तालमेल से सेवा पर्व का आयोजन करें और समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए जनसामान्य को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि इस अभियान की थीम 'स्वच्छोत्सव' है। अभियान का केन्द्रीय विषय 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा' है, इसलिए पूरे अभियान के दौरान रक्तदान शिविर लगाने सहित स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा अभियान (सेवा पर्व) के संदर्भ में की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनता से जुड़े 7 प्रमुख विभागों की महती जिम्मेदारी है। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े को जन-जन का अभियान बनाने के लिए सभी तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण अभियान के दौरान वे स्वयं जिलों के भ्रमण में रहेंगे और हेलीकॉप्टर से किसी भी जिले में औचक रूप से उतरकर वहां हो रहे सेवा पर्व कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा ही हमारा मूल धर्म है। प्रदेश में सुशासन हमारा संकल्प है। इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 17 सितम्बर से हम अपने इस संकल्प को पर्व के रूप में मनाएंगे। सेवा पर्व को जन-जन का अभियान मनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सेवाओं और सुविधाओं का त्वरित प्रदाय ही सेवा पर्व का परम लक्ष्य है। दो अक्टूबर (गांधी जयंती) को इस पर्व का समापन समारोहपूर्वक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पर्व के दौरान 17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसी दौरान स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे। एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी। पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा‍कि सेवा पखवाड़ा आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलाना है। इस दौरान रोजगार आधारित कामों का प्रचार-प्रसार किया जाए और समाज के सभी वर्गों के लोगों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व के दौरान ही 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। इसलिए इन पर्वों के दौरान भी सेवा पखवाड़ा अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसानों के हित में सरकार द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में भी बताया जाए। किसानों को खाद वितरण, आपदा राहत वितरण की जानकारी दी जाए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा। साथ ही आदि सेवा पर्व भी मनाया जाएगा। आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जनजातीय बहुल गांव के लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में गांव के विकास के बारे में चर्चा-परिचर्चा करेंगे। गांव की विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केन्द्र बनाए जाएंगे। इन सेवा केन्द्रों को जनसमस्या/जनशिकायत निवारण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दो अक्टूबर को ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर विकास योजना का अनुमोदन किया जाएगा। बैठक में उपस्थित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संपूर्ण सेवा पखवाड़ा अभियान के दौरान उनके विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों एवं सेवा कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

MP के 16 स्टेट अफसर को मिला IAS का प्रतिष्ठित सम्मान, सरकार ने किया नोटिफिकेशन जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 16 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन मिला है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में खाली हुए IAS पदों के विरुद्ध यह अवार्ड जारी किया। वर्ष 2023 और 2024 के प्रत्येक आठ-आठ अफसरों को इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 16 अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने वर्ष 2023 और 2024 में उपलब्ध IAS पदों के लिए यह निर्णय लिया है। इसका  नोटिफिकेशन सोमवार को जारी किया गया। वर्ष 2023 के आठ और 2024 के आठ अधिकारियों को आईएएस अवॉर्ड हुआ है। हालांकि इस आदेश के साथ ही यह भी शर्त जोड़ी गई है कि यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश सरकार बनाम कमल नागर और अन्य संबंधित प्रकरणों में जबलपुर हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।  वर्ष 2023 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में नारायण प्रसाद, नामदेव, डॉक्टर कैलाश बुंदेला,  नंदा भलावे कुशरे, अनिल कुमार डामोर, सविता झानिया,  सारिका भूरिया, कमल सोलंकी, जितेंद्र सिंह चौहान शामिल है। वहीं, वर्ष 2024 के IAS अवार्ड प्राप्त अधिकारियों में संतोष कुमार टिगोर, निशा डामर, राकेश कुशरे, शैली कनाश, रोहन सक्सेना, कविता बतुला, सपना अनुराग जैन औरआशीष कुमार पाठक है।   

IAS ट्रांसफर लिस्ट जारी: आशीष सिंह बने उज्जैन के नए कमिश्नर, इंदौर-जबलपुर समेत 5 जिलों के कलेक्टर बदले

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार (8 सितंबर) की देर रात प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल किया है. रात में एमपी के 14 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया गया. नए ड्यूटी पर तैनात हुए अफसरों की लिस्ट भी जारी हो गई है. इससे कुछ ही घंटे पहले 20 IPS अफसरों के तबादले किए गए थे.  सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, 5 जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं. इनमें इंदौर, जबलपुर, कटनी, बड़वानी और आगर मालवा शामिल हैं. जबलपुर के कलेक्टर अब बने जनसंपर्क आयुक्त सबसे अहम बदलाव जनसंपर्क विभाग में हुआ है. जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को हटा दिया गया है. उनकी जगह जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया है. किसे कहां मिली जिम्मेदारी? डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को इंदौर संभागा का आयुक्त बनाया गया है. दीपक सिंह मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सह सचिव बने हैं. अभिषेक सिंह एमपी शासन गृह विभाग के सचिव नियुक्त किए गए हैं. वहीं, आशीष सिंह को उज्जैन संभाग के सह आयुक्त पद की जिम्मेदारी मिली है. इसके अलावा, अतिरिक्त प्रभार के तौर पर उन्हें सिंहस्थ मेला के लिए उज्जैन मेला अधिकारी बनाया गया है. दीपक कुमार सक्सेना को एमपी जनसंपर्क का सह आयुक्त नियुक् किया गया है. एमरी माध्यम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है. नए कलेक्टरों की नियुक्ति शिवम वर्मा इंदौर के नए कलेक्टर बने हैं. राघवेंद्र सिंह को जबलपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. दिलीप यादव इंगौर नगर पालिक निगम के आयुक्त बनाए गए हैं. साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड इंदौर का अतिरिक्त प्रभार मिला है. आशीष तिवारी को कटनी के कलेक्टर पद की जिम्मेदारी मिली है. जयति सिंह बड़वानी कलेक्टर पद पर नियुक्त हुई हैं. प्रीति यादव आगर मालवा की कलेक्टर बनी हैं. डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर बनाया गया है. रामप्रकाश अहिरवार को जबलपुर नगर पालिक निगम का आयुक्त बनाया गया है. इन 5 जिलों में कलेक्टर बदले इंदौर – शिवम वर्मा को कलेक्टर बनाया गया है। वर्मा अभी इंदौर नगर निगम में कमिश्नर हैं। जबलपुर – राघवेन्द्र सिंह को कलेक्टर बनाया गया हैं। राघवेंद्र सिंह अभी आगर-मालवा जिले के कलेक्टर हैं। कटनी – आशीष तिवारी को कलेक्टर बनाया गया हैं। तिवारी अभी मुख्य सचिव कार्यालय में उपसचिव हैं। बड़वानी – जयति सिंह को कलेक्टर बनाया गया हैं। जयति अभी उज्जैन जिला पंचायत की सीईओ हैं। आगर-मालवा – प्रीति यादव को कलेक्टर बनाया गया हैं। प्रीति अभी जबलपुर नगर निगम में कमिश्रर हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

विश्व ईवी दिवस 9 सितम्बर मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का होगा गठन- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है मध्यप्रदेश में- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जलवायु परविर्तन से लड़ने के वैश्विक जनादेश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण लक्ष्यों को हासिल करना मध्यप्रदेश की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ईवी दिवस पर लोगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जनसहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में तेजी लाने के लिए सबसे प्रभावी समाधान हैं। मध्यप्रदेश में जल्दी ही इलेक्ट्रिक वाहन संवर्धन बोर्ड का गठन किया जायेगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुददों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में आदर्श राज्य बनाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा। चार्जिंग और स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने में तेजी लाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन दिया जायेगा। ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम होंगे शुरू प्रदेश में ईवी उदयोग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कालेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जायेगा। मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि 2070 तक भारत को अपने शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करे और स्वयं को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाले राज्यों में पहला स्थान हासिल करे। प्रदेश में वायु गुणवत्ता  के सुधार एवं पेट्रोल, डीजल वाहनों पर निर्भरता को कम करने तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग अधोसंरचना के निर्माण के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मध्य्प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीरकल नीति-2025 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत 02 पहिया, 03 पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकृत के लिए क्रमश: 40%, 80%, 15% एवं 40% का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टे्शन जैसे:- स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रूपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए 2 करोड़ रूपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिये 5 लाख रूपये तक और 02 पहिया, 03 पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रूपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थांन भोपाल द्वारा 9 सितंबर को विश्व ईवी दिवस पर लोगों में जागरूकता लाने ईवी कार्यशाला विद्युत 25 और इलेक्ट्रि‍क आटो एक्सपो का आयोजन मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल में किया जा रहा है। ईवी उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। ईवी सेगमेंट को बढ़ता देख आम लोगों में उत्साह है कि भविष्य में मध्यप्रदेश ईवी मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा। मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता है। यहां सभी प्रकार की सहयोगी अधोसंरचनाएं मौजूद हैं। निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी जरूरी है, जिसमें बैटरी निर्माण सुविधाएं, असेंबली प्लांट और सप्लाई चैन नेटवर्क शामिल हैं। मध्यप्रदेश में इसकी भरपूर सभावनाएं हैं। भारत में लिथियम खनन का काफी विकास हुआ है। देश के भीतर लिथियम की उपलब्धता से मौजूदा हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। भारत में हाल ही में खोजे गए लिथियम के भंडार से आयात पर निर्भरता में कमी आने के साथ-साथ पूरे ईवी सप्लाई चैन को मजबूती मिलने की संभावना है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को होगा। ईवी का उपयोग न केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और उपयोग  की लागत को कम करता है बल्कि वितरण दक्षता भी बेहतर बनाता है। प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण के लिए ईवी को अपनाना प्रासंगिक है। मध्यप्रदेश में इसके रूझान दिख रहे हैं। समुदायों और ग्राहकों में जागरूकता बढ़ रही है। भारत दुनिया में दो पहिये वाले वाहनों का सबसे बड़ा निर्माता हैं। विद्युत वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर का मिश्रण है और मध्यप्रदेश का इन दोनों में अच्छा प्रदर्शन है। मध्यप्रदेश में प्रतिभा, अच्छा वातावरण और सरकार के समर्थन से इलेक्ट्रिक वाहन हब बनने को तैयार हो रहा है।  

श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद

CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान: श्रमिक परिवारों को मिलेंगे 175 करोड़ रुपये, सीधे खातों में जाएगी सहायता राशि श्रमिक परिवारों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरित करेंगे 175 करोड़ की आर्थिक मदद अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में लाभान्वित होंगे हितग्राही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 सितम्बर को मंत्रालय भोपाल में संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में 175 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित रहेंगे। संबल योजना के अंतर्गत प्रारम्भ से अब तक 7 लाख 60 हजार 866 प्रकरणों में 7046 करोड़ रूपये से अधिक के हितलाभ वितरित किये जा चुके है। संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। अनुग्रह सहायता के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये और अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये, श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा का सम्पूंर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन प्रारंभ भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के सभी लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएँ भी संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक नि:शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है।  

उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यावरण की स्वच्छता के लिए समाज और सरकार करें साझा प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर के निर्माण में लाएं गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ और समृद्ध बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना की तैयारी मुख्यमंत्री ने की पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यावरण की शुचिता बनाये रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण से ही प्रदेश के हर नागरिक का जीवन स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य और सहयोग के साथ कारगर कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल एवं वायु की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन दो विशेष घटकों की शुद्धता पर ही संपूर्ण पर्यावरण की स्वच्छता निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यावरण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में जू कम रेस्क्यू सेंटर की स्थापना होनी है। इस कार्य में गति लाएं और जल्द से जल्द इस कार्य को अंजाम दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की शुद्धता से ही हम सबका जीवन सुरक्षित रह सकता है और यह संदेश समाज तक भी पूरी जिम्मेदारी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की बेहतरी केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। समाज और सरकार के साझा प्रयास ही पर्यावरण को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाब में डल झील की तरह शिकारे चलाने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एक वृहद विषय है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य आधारित कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर के अलावा जबलपुर, रीवा, सागर एवं खजुराहो में भी हीट कंट्रोल के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि प्रदेश में अमरकंटक, पचमढ़ी और पन्ना पहले से ही यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित हैं। इसके अलावा अब कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी यूनेस्को बायोस्फियर रिजर्व घोषित कराने के लिए समुचित कार्यवाही की जाए। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण अशोक वर्णवाल ने भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेट ऑफ द आर्ट के सहयोग से बॉयो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना करने की विभागीय योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संभवत: देश का पहला बॉयो डायवर्सिटी पार्क होगा। यह अहम जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे देश का मॉडल बॉयो डायवर्सिटी पार्क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल शहर को जैव विविधता के संरक्षण के मामले में एक नई पहचान देने वाले इस नवाचार के लिए सभी कार्यवाहियां तेजी से पूरी की जाएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि बड़े तालाब में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मानसून अवधि के बाद की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषण फैलाने वाले अर्थात् लाल श्रेणी के उद्योगों की संख्या घट गई है, इससे पर्यावरण और बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत प्रदेश के पहले से शामिल 7 शहरों के अलावा 3 नए शहरों मंडीदीप, सिंगरौली और पीथमपुर को भी इस प्रोग्राम में शामिल करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में विभाग द्वारा यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का सुरक्षित रूप से भस्मीकरण कराया गया। रियल टाइम क्रॉप बर्निंग मॉनीटरिंग के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कर इसका डाटा पब्लिक पोर्टल पर प्रसारित किया गया। प्रदेश के सभी जिलों के लिए राज्य पर्यावरण योजना एवं जिला पर्यावरण योजना का अपडेट पोर्टल उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदूषणकारी उद्योगों एवं संक्रामक कचरे (बॉयो मेडिकल वेस्ट) के समुचित निपटान के लिए हर माह एक सप्ताह में विशेष अभियान चलाया जाएगा, गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों पर कार्यवाही भी की जाएगी। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण वर्णवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के अंतर्गत जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से प्रदेश की 5 रामसर साइट क्रमश: भोज वेटलैण्ड भोपाल, सिरपुर, यशवंत सागर इंदौर, तवा जलाशय नर्मदापुरम एवं साख्य सागर शिवपुरी में उपलब्ध सभी जैव विविधताओं का सर्वे कर विधिवत दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरित मध्यप्रदेश मिशन के तहत विभाग अगले तीन माह में एक मिशन डाक्यूमेंट तैयार कर शासन को प्रस्तुत करेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन में पर्यावरण विभाग के साथ-साथ वन एवं कृषि विभाग को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में करीब 247 नदियां हैं, इन सभी नदियों का भी दस्तावेजीकरण कराया जाए। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा भी है और आनंद भी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री का धार प्रवास प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री के आगमन एवं भैसोला में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निवाड़ का खरगोन, बड़वानी सबसे बड़ा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बड़े इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। हम सब प्रदेशवासी मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के आत्मीय एवं भव्य स्वागत के लिए तैयारी करें। यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन अवसर पर मध्यप्रदेश में उपस्थिति हम सबके प्रेरणा भी और आनंद का अवसर भी है, उनकी उपस्थिति में हमें उत्साह देती है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पीएम मित्रा पार्क को देश का मॉडल पार्क बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 17 सितंबर को ग्राम भैसोला, बदनावर जिला धार में आगमन सहित वहां आयोजित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री स्वस्थ नगरी, सशक्त परिवार अभियान का करेंगे शुभारंभ बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को लांच करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी "एक बगिया मां के नाम" अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी देकर कहा कि सभी अधिकारी आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दें। आयोजन स्थल पर कैम्प करें और वहीं से आपसी समन्वय एवं सहयोग से व्यवस्थाओं को अंजाम दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिले आवश्यक तैयारी कर लें। महिला प्रतिभागियों को आयोजन स्थल तक पहुंचने में कोई कठिनाई न होने पाए। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की समन्वित तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए 11 विभाग अपनी गतिविधियां प्रारंभ कर चुके हैं। कार्यक्रम स्थल का लेआउट सहित मीडिया प्लान भी तैयार कर लिया गया है। बैठक में कलेक्टर धार ने पीपीटी प्रेजेन्टेशन के जरिए अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल ग्राम भैसोला तक पक्की एप्रोच रोड तैयार की जा रही है। चारों दिशाओं से प्रतिभागियों का आगमन होगा, इसलिए परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।