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बालाघाट हादसा: बस अनियंत्रित होकर पलटी, चार की हालत गंभीर

बालाघाट बुधवार शाम भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगलुपारा उदघाटी के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 20 से अधिक यात्रियों को चोटें आई हैं, जबकि चार लोग गंभीर हैं। घटना की सूचना मिलते ही घायलों को राहत देने जिला अस्पताल से आठ एंबुलेंस को घटना स्थल भेजा गया। खबर लिखे जाने तक घायलों को बारी-बारी से जिला अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक तौर पर जानकारी सामने आई है कि ब्रेक फेल होने के कारण ये हादसा हुआ है। गांगुलपारा के पास अनियंत्रित होकर बस बीच सड़क पर पलट गई, जिसमें कुछ यात्री दब गए। हालांकि, कुछ यात्रियों ने बताया कि उकवा के बाद से बस में तकनीकी गड़बड़ी महसूस हो रही थी। बार-बार बस के गेयर फंस रहे थे, लेकिन चालक-परिचालक ने ध्यान नहीं दिया। बस के नीचे दबे यात्रियों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।   इसमें चार लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया कि सालेटेकरी से बालाघाट के बीच चलने वाली निजी एसआरटी बस क्रमांक- एमपी 50 पी 0599 रोज की तरह सालेटेकरी से यात्रियों को लेकर बालाघाट की ओर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में 30 से 35 यात्री सवार थे। बालाघाट वार्ड क्रमांक-22 में रहने वाले बस के चालक किशोरी बोहरे (52) को भी मामूली चोट आई है। उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे किशोरी ने बताया कि गांगुलपारा के पास अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। उसने बस की रफ्तार पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन ढलान में रफ्तार अधिक हो गई और बस बेकाबू होकर पलट गई। बस के कंडक्टर अरबाज के पैर में गंभीर चोट है। किशोरी ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षाें से बस चला रहे हैं, लेकिन उनके साथ पहले कभी हादसा नहीं हुआ। इस हादसे में अरविंद पिता छोटू रावत (32), रवि पिता सूरजलाल डोंगरे (40) सालेटेका, अरविंद (35) निवासी वारासिवनी, अहमद खान, अरबाज (26) निवासी बहेला को गंभीर चोट आई है, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना पर नायब तहसीदार मंजुला महोबिया, कोतवाली पुलिस के अधिकारी और बल जिला अस्पताल में मौजूद रहा।

CM मोहन यादव की सख्त चेतावनी: कलेक्टरों को लगाई फटकार, कहा- जिम्मेदारी निभाओ

भोपाल मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टरों को फटकार लगाई। कहा कि इस बार पिछले साल से अधिक खाद उपलब्ध हुआ है। फिर भी समस्या खड़ी हो रही है। वितरण व्यवस्था का प्रबंधन करने का दायित्व कलेक्टरों का है। यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो इसका मतलब यह हुआ कि जिला चलाना नहीं आता है। यदि जिला नहीं चला पा रहा है तो बता दें, हम दूसरी व्यवस्था करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दमोह और जबलपुर में किए गए नवाचार को देखें, जब वे कर सकते हैं तो फिर बाकी जिले क्यों नहीं। सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है और उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।   कई जिलों में परेशान हो रहे किसान रीवा, पन्ना, अशोक नगर सहित कई जिलों में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। ऐसे ही प्रदर्शन के दौरान रीवा में पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था। इन स्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को समीक्षा की, जिसमें सभी कलेक्टर वर्चुअली जुड़े। इस दौरान उन्होंने अव्यवस्था की सूचनाओं पर नाराजगी जताई। कलेक्टरों को निर्देश-खाद की उपलब्धता की समीक्षा करें उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, ताकि किसानों को वास्तविक स्थिति पता रहे। खाद वितरण केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और निगरानी करें। अतिरिक्त विक्रय केंद्र की आवश्यकता है, तो तत्काल आरंभ करें। 53 एफआईआर और 88 लाईसेंस निरस्त बैठक में बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए 53 एफआईआर दर्ज की गईं। 88 लाइसेंस निरस्त और 102 निलंबित किए गए। 406 विक्रय प्रतिबंधित किए गए। 43 हजार टन अधिक यूरिया दिया बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद की कमी नहीं है। मक्का का क्षेत्र बढ़ने के बावजूद दो सितंबर तक 15 लाख 46 हजार टन यूरिया विक्रय किया जा चुका है। यह पिछले साल 15.3 लाख टन था। इस प्रकार देखें तो 43 हजार टन अधिक यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है। यही स्थिति डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी को लेकर है। पिछले साल अब तक 29.14 लाख टन खाद बेचा गया था, जो इस बार 30.20 लाख टन हो चुका है। 1.82 लाख टन यूरिया, 1.74 लाख टन डीएपी, 2.19 लाख टन एनपीके और 3.84 लाख टन एसएसपी भंडारित है। दमोह और जबलपुर की व्यवस्था बनी माडल-बैठक में दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि खाद वितरण व्यवस्था में हमने किसान संगठनों को सहभागी बनाया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केंद्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि किसानों को टोकन फोन काल पर दिए जा रहे हैं। खाद वितरण केंद्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए हैं और नंबर प्रदर्शित होने पर खाद दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिले की परिस्थितियों को देखते हुए इस माडल पर विचार करने के निर्देश दिए।

सिमी से जुड़ाव की आशंका: खंडवा में दो युवक दबोचे गए, हथियार मिले

खंडवा शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियों में लिप्त होने की शंका में पुलिस ने बीती रात दो युवकों को पकड़ा था। यह कार्रवाई महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ; एटीएसद्ध से मिले इनपुट पर की गई है। पकड़े गए जलील पुत्र मोहम्मद खिलजी और एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच व पूछताछ की गई। इस दौरान जलील के पास से एक देशी पिस्टल और मैग्जिन जब्त होने पर उसके विरूद्ध आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। जलिल खिलजी के पिता अकील खिलजी प्रतिबंधित संगठन सिमी का सक्रिय पदाधिकारी था। वर्ष 2011,2012 और 2015 में आरोपित के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा,विस्फाेटक एक्ट और मारपीट के प्रकरण दर्ज है। देश में सिमी का स्लीपर सेल फिर सक्रिय होने से देश भर की जांच ऐजेंसियां इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। खंडवा सिमी का पहले गढ़ रहने से आईबी,एनआईए और विभिन्न प्रदेशों की एटीएस की पैनी नजर खंडवा की गतिविधियों पर है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी खंडवा में सक्रिय है। मंगलवार तड़के शहर के पंधाना रोड क्षेत्र की गुलमोहर कालोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पुलिस की टीम ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि दो को अपने साथ ले गई थी। चर्चा है कि यह कार्रवाई महाराष्ट्र एटीएस ने काेतवाली पुलिस के सात से आठ जवानों के साथ मिल कर की गई। घटना के बाद स्थानीय पुलिस कोई जानकारी देने और एटीएस द्वारा कार्रवाई की सूचना नहीं होने की बात कहने से युवक के स्वजनों में हडकंप मच गया। जलील के पास से एक पिस्टल और मैग्जिन बरामद होने पर कोतवाली पुलिस द्वारा आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज उसे बुधवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि आरोपित का अपराधिक रिकार्ड है। युएपीए एक्ट में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। आरोपित के भाई और पिता के विरूद्ध भी महाराष्ट्र में गंभीर अपराध होने से वहां की एटीएस द्वारा भी पूछताछ की गई है। युवकों की धरपकड़ के बाद पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं मिलने पर हिरासत में लिए गए एक अन्य युवक जुनेद चौहान के पिता खलील पुत्र मोहम्मद इस्माइल चौहान निवासी कहारवाड़ी ने नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 58 अंतर्गत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खंडवा के न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की थी। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटनाए कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने जुनेद को छो़ड दिया।

युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत होगा निर्माण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो. एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।  

वंचित और गरीबों के लिए मददगार बनें, राज्यपाल पटेल ने दी प्रेरक सलाह

अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से केन्द्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है। राज्यपाल पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कैरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के वेंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर के MY अस्पताल में चूहों का कहर, दूसरे नवजात की भी हुई मृत्यु

इंदौर  इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के NICU में चूहों के काटने से दोनों बच्‍चो की मौत हो गई है. ये दोनों बच्‍चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. अब इस पूरे मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. MY हॉस्पिटल में हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है. नोटिस भेज कर MY हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन से इस पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रबंधन से साफ पूछा कि आखिर नवजात बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चों को चूहों ने कैसे कुतरा? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन-कौन है? चूहे पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड (NICU) तक कैसे पहुंच गए? 3 दिन के नवजात बच्चे की मौत रैट बाइट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. 3 दिन के नवजात बच्ची की मौत पर मानवाधिकार भी सख्त है. अब अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले को लेकर 1 महीने में अपना जवाब देना होगा. सुरक्षा पर उठे सवाल अस्पताल सूत्रों की मानें तो NICU में लंबे समय से चूहे घूम रहे थे, लेकिन किसी ने रोकथाम नहीं की. रविवार को एक नवजात के हाथ पर चोट आई और सोमवार को दूसरी घटना हुई. दोनों मामलों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फौरन पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा के लिए कदम उठाए. मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही HOD और एमवाय अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया गया है और पांच डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मरीजों के परिजन वार्ड में खाने-पीने का सामान ले आते हैं, जिससे चूहों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले लगभग पांच सालों में अस्पताल में कोई बड़ा पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ था. इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन को नोटिस दिया है। मामला सामने ने पर दो नर्सिंग अधिकारियों ने डीन ने निलंबित कर दिया था। इससे नर्सिंग स्टाॅफ में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में ठीक से सफाई न होने से चूहे अस्पताल में घूमते है। चूहों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए पेस्ट कंट्रोल कंपनी का स्टाॅफ भी तैनात रहता है। यदि वह ठीक से काम करें तो चूहे अस्पताल में नजर नहीं आएंगे। परिसर में बना रखे है चूहों ने बिल एमवाय अस्पताल के परिसर में चूहों के सैकड़ों बिल है। कई चूहे तो आधा एक किलो के है। वे अस्पताल के वार्डों में नहीं बल्कि आईसीयू, एनआईसीयू में भी नजर आते है। कई बार वायर भी काट देते है। उधर एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों के कुतरने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए है। उन्हें जल्दी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उधर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर कहा है कि अस्पताल में चूहों के मानव अंगों को कुतरने का मामला नया नहीं है। कई बार घटनाएं छुपाई जाती है। भाजपा के 22 साल का असली चेहरा इस तरह की घटनाएं है। प्लेग के समय चलाया था अभियान 30 साल पहले सूरत में प्लेग फैलने के मामला सामने आया था तो इंदौर के एमवाय अस्पताल को भी चूहों से मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। पेस्ट कंट्रोल कंपनियों ने हजारों की संख्या में चूहों का सफाया किया था, लेकिन अब फिर चूहों की बढ़ती संख्या परेशानी की वजह बन गई है।

शाही खानदानों का झगड़ा सुलझा, कात्यायनी को तलाक में मिलेंगे 2.25 करोड़ रुपए

ग्वालियर  2019 में शुरु हुआ सिंधिया राजघराने की कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने के अर्जुन काक का विवाद अब खत्म हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अर्जुन, कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देंगे और आंग्रे परिवार से मिले सारे गिफ्ट वापस करेंगे। यह झगड़ा 7 साल पहले शुरू हुआ था, जब अर्जुन ने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कात्यायनी ने दहेज के लिए परेशान करने का मामला दर्ज कराया था। कौन हैं कात्यायनी और अर्जुन कात्यायनी आंग्रे, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार आंग्रे की पोती हैं। अर्जुन काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्जुन काक को 30 नवंबर 2025 तक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया है। अर्जुन ने 25 अगस्त को 1 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दे दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार से मिले सभी गिफ्ट वापस करेंगे। लेकिन अर्जुन की ओर से दिए गए गिफ्ट कात्यायनी के पास ही रहेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संबंध नहीं रहेगा। 2018 में हुई थी शादी कात्यायनी और अर्जुन की शादी 2018 में हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं। उनकी मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। इसलिए यह शादी बहुत खास मानी जा रही थी। शादी 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में हुई थी। 2019 में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत अर्जुन काक ने 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। अर्जुन ने हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी शादी के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने माना कि सर्टिफिकेट गलत तरीके से जारी किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया। 2021 में कात्यायनी ने दर्ज कराया केस 2021 में कात्यायनी ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन और उसके परिवार वाले रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट मांग रहे थे। हाई कोर्ट ने कहा कि कात्यायनी शादी के कुछ महीने बाद ही तलाक मांग रही हैं। 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रही हैं। ऐसा लगता है कि अर्जुन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का जवाब देने के लिए दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। 2023 में भी की गई थी मामला सुलझाने की कोशिश अगस्त 2023 में भी इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं रही। कोर्ट ने कहा था कि कात्यायनी और अर्जुन के बीच विवाद को सुलझाने के रास्ते खत्म हो गए हैं। हाई कोर्ट ने मध्यस्थता का मौका खत्म करते हुए मामले को सक्षम बेंच में भेजने का आदेश दिया था। मध्यस्थता के दौरान अर्जुन हर महीने 1.5 लाख रुपये देने को तैयार थे। लेकिन कात्यायनी ने 36 करोड़ रुपये और संपत्ति में हिस्सा मांगा था। इसलिए सुलह नहीं हो पाई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं डोल ग्यारस पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मोक्षदायिनी जलझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेश के कल्याण एवं लोकमंगल के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीहरि सभी पर अनवरत सुख-समृद्धि की वर्षा करते रहें और जीवन में आरोग्यता प्रदान करें, यही मंगलकामना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आध्यात्मिक गुरु श्री जग्गी वासुदेव को दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से जग्गी वासुदेव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म विभूषण' से सम्मानित श्री जग्गी वासुदेव का दिव्य मार्गदर्शन समाज को आध्यात्मिक जागृति, सेवा और समरसता की प्रेरणा देता है।  

जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े। किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें। उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई। उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।