samacharsecretary.com

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति से बढ़कर संस्कार और विचार का प्रतीक: सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर बिरला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ा, जिससे गांवों में खुशहाली आई तथा गांव तक पहुंच आसान हुई। उन्होंने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती है। वाजपेयी और चौधरी चरण सिंह ने किसानों और मजदूरों के लिए काम किया। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, एक युग, एक विचार और एक संस्कार थे। वे तार्किक दृष्टिकोण के धनी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी वाजपेयी के सानिध्य में रहकर करीब से जानने का मौका मिला। मां भारती को लेकर उनकी भावनाओं में राष्ट्रप्रेम और विचारक की दृष्टि समाहित थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राष्ट्र और हमारे विचारों को मजबूत करने में श्री वाजपेयी ने बड़ा काम किया है। आज भारतीय जनता पार्टी देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा राजनैतिक दल बन चुका है। यह उन्हीं की देन है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ प्रेमचंद बैरवा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और श्रोतागण उपस्थित रहे।  

कमीशन मांगने का मामला गरमाया, तीनों विधायक 6 जनवरी को विधानसभा में होंगे पेश

जयपुर एमएलए फंड में कमीशन मांगने वाले तीनों विधायकों को विधानसभा की सदाचार कमेटी ने एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। सदाचार कमेटी ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर 6 जनवरी को फिर पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा,हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनिता जाटव और बयाना से निर्दलीय ऋतु बनावत को एक ही दिन पूछताछ के लिए बुलाया है।  मई में रिश्वत लेते एसीबी में पकड़े गए बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को भी सदाचार कमेटी ने नोटिस जारी कर 7 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। पटेल के केस की जांच करने वाले एसीबी के जांच अधिकारी को भी बुलाया है। 19 दिसंबर को भी की थी  पूछताछ   तीनों विधायकों को सदाचार कमेटी ने 19 दिसंबर को भी विधानसभा तलब करके वन टू वन पूछताछ की थी। तीनों विधायकों से कमेटी ने कमीशन मांगने से जुड़े सवाल किए थे। तीनों विधायक उस दिन बेगुनाही के सबूत नहीं दे पाए थे। उस वक्त तीनों ने बेगुनाही के सबूज पेश करने के लिए समय मांगा था। रेवंतराम डांगा ने 15 दिन, अनीता ने 7 दिन और ऋतु ने 10 दिन का समय मांगा था, जिसे कमेटी ने मंजूर कर लिया था।  अब तीनों विधायकों को अलग-अलग दिन पूछताछ के लिए बुलाने की जगह एक ही दिन 6 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। कमेटी के सभापति बोले- स्टिंग का वीडियो एफएसएल जांच के लिए भी भेज सकते हैं सदाचार कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा ने कहा कि कमेटी की बैठकें लगातार चल रही है।  इन मामलों में  जितने अच्छे तरीके से अनुसंधान हो सकता है, तथ्यात्मक रिपोर्ट आ सकती है उसके बारे में निरंतर कमेटी काम कर रही है। आज भी बैठक हुई है। कल भी बैठक की थी। कल हमने तीनों विधायकों को नोटिस जारी करने का फैसला किया और तीनों को 6 जनवरी को तलब किया है। वर्मा ने कहा कि  तीनों विधायकों ने अलग अलग समय मांगा था। उसके हिसाब से वक्त देते हुए कमेटी ने नोटिस जारी कर पूरे सबूतों, दस्तावेजों और आॅडियो वीडियो के साथ तैयारी से आने को कहा है। विधायकों के पास जो रिपोर्ट्स और लिखित में जो देना चाहते हों, जो वीडियो या अन्य चीज पेश करना चाहते हैं वे दे सकते हैं। जरूरत पड़ी तो स्टिंग का वीडियो एफएसएल जांच के लिए भी भेज सकते हैं वर्मा ने कहा कि स्टिंग करने वाले पत्रकार से हमें वीडियो मिला है। विधायक अगर यह दावा करते हैं कि वीडियो में उनकी आवाज नहीं है या काट छांट है तो हम जरूरत पड़ने पर स्टिंग के वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भी भेज सकते हैं। अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ।  तीनों विधायकों  की बची हुई रिपोर्ट आने के बाद समिति सभी तथ्यों का अध्ययन करेगी, इसके बाद ही आगे फैसला करेगी। बजट सत्र से पहले रिपोर्ट तैयार कर सकती है समिति विधानसभा का बजट सत्र जनवरी के आखिर में शुरू होगा। सदाचार कमेटी बजट सत्र तक  कमीशन मांगने वाले विधायकों और बीएपी विधायक रिश्वत मामले में  रिपोर्ट तैयार कर सकती है। 6 जनवरी को तीनों विधायकों से पूछताछ के बाद कमेटी अगर संतुष्ट नहीं होती है तो उन्हें फिर नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी।

लिंग चयन पर रोक को लेकर गंभीर पहल, PCPNDT एक्ट पर हुई विशेष कार्यशाला

जयपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आरसीएच) मीरा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को आरएएस क्लब सभागार में पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे। संयुक्त सचिव ने राजस्थान में पीसीपीएनडीटी के प्रभावी की क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे प्रयासों को सराहा और कहा की यहां के अनुभव अन्य राज्यों में भी शेयर किए जाने चाहिए। उन्होंने "लडका-लड़की बराबर है, तो पूछना क्यों" स्लोगन पर आधारित अभियान के साथ ही जागरूकता अभियान को और भी प्रभावी तरीके से किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा आजकल ऑनलाइन वेबसाइटस पर बेबी ब्वॉय पैदा करने हेतु उपलब्ध विभिन्न प्रकार के वीडियो या अन्य तरह के कंटेंट जैसे पूजा करवाना आदि वाली 1000 वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया है। लेकिन अभी भी यह एक बड़ी चुनौती है, जिसका सामना करने के लिए राज्यों को भी पहल करनी होगी। राज्य ऐसी वेबसाइट्स को आईडेंटिफाई कर सहयोग पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक करवाने की कार्रवाई करें।  संयुक्त सचिव ने कहा की सोनोग्राफी मशीनों के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल के लिए एक टाइम फ्रेम तैयार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय के साथ आमजन में बेटी बेटा एक समान की धारणा को बदलने के लिए और भी अपडेट होकर प्रयास किया जाना चाहिए। अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एचएचएम डॉ. अमित यादव ने प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत किया जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने समुदाय में जागरूकता पैदा करने के लिए नवाचार किए जाने पर आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नागौर में बालिका वाटिका नवाचार का उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य जिलों में भी ऐसे नवाचार किए जाएं।  केंद्रीय उपयुक्त पीसीपीएनडीटी डॉक्टर पद्मिनी कश्यप ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के वर्तमान परिपेक्ष्य, मॉनिटरिंग हेतु प्रमुख इंडीकेटर और मुख्य चुनौतियां विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत किया जा रहे प्रयासों का परिणाम एसआरएस के आंकड़ों में देखने को मिल रहा है। एसआरएस वर्ष 2021-23 के आंकड़ों के अनुसार अभी राजस्थान में लिंगानुपात 921 है। पीसीपीएनडीटी एवं जेंडर स्पेशलिस्ट इफात हमीद ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों एवं इनसे  जुड़े प्रमुख न्यायिक  फैसलों और प्रोसीजर के बारे में विस्तार से अवगत कराया। परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी राकेश कुमार मीणा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीसीपीएनडीटी हेमंत कुमार ने प्रदेश में पीबीआई थाना और डिकाय ऑपरेशन के बारे में विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में ओएसडी संतोष गोयल सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।  

राजस्थान पंचायत चुनाव अपडेट: बढ़ा चुनावी खर्च, तांगा-ऊंट और बैलगाड़ी से प्रचार नहीं होगा

जयपुर  पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करते हुए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों और लाउडस्पीकरों के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में प्रत्याशी बड़े वाहन या पशु-चालित गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के साथ-साथ तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे पशु-चालित वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरपंच के लिए खर्च सीमा 1 लाख, अन्य के लिए ये… पंचायती राज चुनावों में सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। शहरी निकाय चुनावों में नगर निगम पार्षदों की खर्च सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षदों की 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये और नगर पालिका पार्षदों की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। 15 दिन में पेश करना होगा खर्च का रिकॉर्ड प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है। वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। जिला परिषद और नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम तीन, पंचायत समिति और नगर परिषद प्रत्याशी दो, जबकि सरपंच और नगर पालिका प्रत्याशी केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेंगे। वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। इसके अलावा, चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही, वह भी मजिस्ट्रेट की अनुमति से किया जा सकेगा। चुनावी रैलियों के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

सरस राजसखी मेले में दिखा भारत–एक सूत्रधार, परंपरा और तकनीक ने रचा नया रंग

जयपुर भारत को एक सूत्र में पिरोने की भावना को साकार करती “भारत – एक सूत्रधार” की थीम पर आधारित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला-2025 इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प, वस्त्र, व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भारतीय विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं। मेले के दौरान एनआईएफ ग्लोबल जयपुर, कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट एवं राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटल सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से आत्मविश्वास, ग्रूमिंग तथा डिजिटल टूल्स के महत्व को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। नाट्य दृश्यों के जरिए यह संदेश दिया गया कि कॉन्फिडेंट कम्युनिकेशन और प्रभावी प्रेज़ेंटेशन से ग्राहक जुड़ाव बेहतर होता है, वहीं ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम और कैशलेस लेन-देन आज के डिजिटल युग में व्यवसाय की आवश्यकता बन चुके हैं। इसके साथ ही वाट्सअप, वाट्सअप बिजनेस और इंस्टाग्राम  जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से घर बैठे व्यवसाय विस्तार, ऑर्डर मैनेजमेंट, डिलीवरी तथा उत्पाद प्रचार के तरीकों को भी प्रस्तुत किया गया। एनआईएफ ग्लोबल जयपुर और कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा मंचित इस नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और इसे डिजिटल साक्षरता एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। मेले में टेक्सटाइल सेक्शन में खास तौर पर महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से आए पारंपरिक वस्त्र अपनी विशिष्ट पहचान और आकर्षक बनावट के कारण खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधान, बारीक हस्तनिर्मित डिज़ाइन, पारंपरिक कढ़ाई और क्षेत्रीय कला की झलक ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य और मधुर मांड गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य- जजिया और जाट-जतिन- की जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। दर्शकगण तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए और पूरा परिसर उत्सवधर्मी वातावरण में डूब गया।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा और जमाव बिंदु के करीब तापमान, शेखावाटी में अलर्ट

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में सक्रिय शीत लहर के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी अंचल में ठंड सबसे ज्यादा असरदार रही, जहां सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। बुधवार सुबह सीकर और आसपास के क्षेत्रों में ओस जमने की स्थिति बनी, जबकि कई जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज? मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही शीतलहर का दायरा बढ़ने और रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। कमजोर उत्तरी हवाओं और कोहरे के कारण कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर भी दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कोहरे और शीतलहर को देखते हुए नागरिकों को सुबह-शाम सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में विकास का नया अध्याय: नागौर किसान सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान

नागौर/जयपुर   केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कार्य कर रही है। हमारी मंशा है कि किसानों का फसल उत्पादन बढ़े तथा उनकी लागत में कमी आए। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें, जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके। शिवराज सिंह चौहान राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेड़ता में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत दो वर्षों में राजस्थान में विकास का नया अध्याय रचा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के किसानों को दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी कर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी राजस्थान के किसानों को लाभान्वित किया गया है। अब किसानों को अगर क्लेम देने में बीमा कंपनियां देर करेंगी तो ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए मूंग 3 लाख 5 हजार 750 मीट्रिक टन, मूंगफली 5 लाख 54 हजार 750 मीट्रिक टन तथा सोयाबीन की 2 लाख 65 हजार 750 मीट्रिक टन की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद को मंजूरी दी गई है। विकसित भारत – जी राम जी से मजदूर एवं किसानों का होगा कल्याण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत – जी राम जी योजना एक बेहतरीन योजना है, जो देश के गांवों का कायाकल्प करेगी। इससे मजदूर एवं किसानों का कल्याण होगा। योजना के तहत अब मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना का अब प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे गांव विकसित, गरीबीमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही सीड एक्ट एवं पेस्टीसाइड एक्ट लाने वाली है जिससे नकली पेस्टीसाइड एवं महंगे बीज देने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है तथा शीघ्र ही वंचित गरीबों को मकान देने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। तेज धूप, ठंड, बारिश में भी किसानों का काम कभी नहीं रुकता-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान हमारे राष्ट्र के असली निर्माता हैं। जब पूरा देश सोता है तब अन्नदाता अपने खेतों में जागते हैं। चिलचिलाती धूप हो या कड़कड़ाती ठंड, बारिश हो या आंधी तूफान, किसानों का काम कभी नहीं रुकता। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक किसान रहे हैं इसलिए वे खेती में आ रही समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। हमारी सरकार किसानों को आगे बढ़ाने एवं उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह एवं अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं। स्व. वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी योजना से देश में लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर गांवों को सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर किया कार्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य कर रही है। पानी की प्राथमिकता को समझते हुए हमने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, गंगनहर की मरम्मत जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। साथ ही, कुसुम-ए एवं कुसुम-सी में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के साथ धोखा हुआ तथा पेपरलीक जैसे प्रकरण हुए। हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। अब तक 92 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, शीघ्र ही 20 हजार नियुक्तियां दी जाएंगी तथा 1 लाख 53 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हमारी सरकार युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। हम चाहते हैं कि युवा रोजगार प्रदाता भी बने तथा हम शीघ्र ही युवा पॉलिसी भी लाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश-प्रदेश में किसान बढ़ रहा आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश में हमारा किसान आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा किसान हितैषी निर्णयों से उनका सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार गरीब, युवा, किसान और महिला समेत प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने नागौर जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2 हजार 900 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की है तथा 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में लखपति दीदी, वृद्धजन पेंशन योजना जैसी अनेक योजनाओं से जिले को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है तथा इसमें किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी, 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली जैसे अनेक किसान हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टीसाइड्स बनाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत चालू वित्त वर्ष के पहले बैच में 3 हजार 200 किलोमीटर से अधिक की 1,216 सड़कों एवं एक पुल के लिए 2 हजार 89 करोड़ रुपये के कार्यों का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण योजनाओं के तहत 35 हजार 800 किसानों को 187.60 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की। … Read more

स्कूलों को चेतावनी: बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के लिए मजबूर न करें

श्री गंगानगर श्रीगंगानगर जिले के निजी स्कूलों में क्रिसमस के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक वधवा ने सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को आदेश जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत पर आधारित है। मंच के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की थी कि स्कूलों में बच्चों को जबरन सांता क्लॉज नहीं बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर मुख्य रूप से सनातन हिंदू-सिख बहुल क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों से स्कूलों में क्रिसमस पर बच्चों को जबरन सांता क्लॉज बनाना एक प्रथा बन गई है। मंच ने स्कूलों में भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी मांग की। अटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इसलिए सभी स्कूलों को इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव और श्रेष्ठ बलिदान की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। एडीईओ अशोक वधवा ने स्पष्ट किया कि यदि अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सांता क्लॉज बनाया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "एक तरफ बाल दिवस मनाया जा रहा है, दूसरी तरफ क्रिसमस। शिकायतें आई हैं कि निजी स्कूलों में दबाव डालकर बच्चों को सांता बनाया जा रहा है। सहमति से ठीक है, लेकिन जबरन नहीं।"

एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर संगरिया में बवाल, किसानों की टोल प्लाजा पर नाकेबंदी

हनुमानगढ़ हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चले लंबे विवाद के बाद अब संगरिया क्षेत्र में प्रस्तावित बायो एथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। सोमवार शाम सादुलशहर के खैरूवाला टोल प्लाजा पर सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और फैक्ट्री को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संगरिया उपखंड अधिकारी जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल, थानाधिकारी अमरसिंह और चौकी प्रभारी ताराचंद गोदारा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शाम को प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता हुई, जिसमें सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से मुद्दे पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा गया। स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: किसान संघर्ष समिति के सदस्य परमिंदर खीचड़ ने कहा कि जिस तरह टिब्बी के राठीखेड़ा क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद हुआ, उसी तर्ज पर अब सादुलशहर सीमा क्षेत्र में भी एथेनॉल फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का कहना है कि संगरिया के बुगलावाली के पास प्रस्तावित फैक्ट्री से पानी और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। यदि सरकार ने फैक्ट्री नहीं हटाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह फैक्ट्री टिब्बी वाली से अलग: प्रबंधन विवाद के बीच फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि किसान टिब्बी के घटनाक्रम को आधार बनाकर विरोध कर रहे हैं, जबकि यह प्लांट उससे पूरी तरह अलग है। प्रस्तावित स्थान बारानी भूमि पर स्थित है, जहां नहर का पानी नहीं पहुंचता। यहां का भूमिगत पानी लगभग 17 हजार टीडीएस वाला खारा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही सिंचाई के लिए उपयोगी। प्रबंधन ने कहा कि किसानों की आशंकाओं को आपसी चर्चा के माध्यम से दूर किया जा सकता है। 235 करोड़ की लागत से लगेगी फैक्ट्री जानकारी के अनुसार संगरिया–अबोहर मार्ग पर गांव सिंहपुरा के चक 27 एएमपी में 42 बीघा जमीन पर भारत बायोएथनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री प्रस्तावित है। जमीन पर चारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। इस फैक्ट्री में प्रतिदिन 200 केएलडीपी बायो एथेनॉल उत्पादन प्रस्तावित है, जबकि कुछ सूत्रों के अनुसार इसकी उत्पादन क्षमता 74 केएलडीपी प्रतिदिन बताई जा रही है। टिब्बी में जारी विवाद के बाद संगरिया में शुरू हुआ यह विरोध क्षेत्र में एथेनॉल प्लांट्स को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। किसान स्वास्थ्य, जल स्रोतों और खेती की सुरक्षा को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं।  

सादुलशहर में पुलिस पर हमले के बाद बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय लुटेरा गैंग पकड़ाया

श्रीगंगानगर श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की एक बड़ी वारदात को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित अंतरराज्यीय गैंग के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से न केवल लूट की कोशिश विफल हुई, बल्कि सभी बदमाशों को दबोच लिया गया। डीवाईएसपी भूपेंद्र सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार रात सादुलशहर में सिविल ड्रेस में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को लूटने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने उन्हें आम नागरिक समझकर निशाना बनाया, लेकिन पुलिसकर्मियों की सतर्कता से उनकी योजना नाकाम हो गई। बदमाशों ने मौके पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की और वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया। सादुलशहर थाना पुलिस ने तत्काल अलर्ट जारी कर क्षेत्र में तलाश अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) टीम को बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और अंततः चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। गिरोह का तरीका बेहद शातिराना है। गैंग की महिला सदस्य पहले सुनसान इलाके में अकेली खड़ी होकर लिफ्ट मांगती है। जैसे ही कोई वाहन चालक रुकता है, पहले से घात लगाए उसके साथी मौके पर पहुंचकर लूटपाट करते हैं और फरार हो जाते हैं। इसी पैटर्न पर पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी खुलासा होगा। इस सफल कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की मुस्तैदी और सक्रियता की सराहना की जा रही है।