samacharsecretary.com

थाने पर पथराव केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 और आरोपी गिरफ्तार

अलवर अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर सड़कों पर रौब झाड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन अलवर के गोविंदगढ़ में यही शौक अब कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गया है. पिछले बुधवार को एक बाइक जप्त होने से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते थाने पर पथराव और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट तक पहुंच गया. इस घटना के बाद पुलिस ने जो एक्शन लिया उसने कोर्ट का सख्त रुख इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने सनी सिंह, दीपक सिंह, दलजीत सिंह और गुरदीप सिंह नाम के चार और आरोपियों को धर दबोचा है. इन चारों को जब अनुसूचित जाति-जनजाति विशेष न्यायालय (SC/ST Court) में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें सीधा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया. सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि वर्दी का सम्मान न करते हुए पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला भी किया. जेल की सलाखों के पीछे अब तक 12 चेहरे गोविंदगढ़ थाने पर हुए इस हमले में शामिल चेहरों की पहचान पुलिस वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कर रही है. अब तक की कार्रवाई में कुल 12 बालिग आरोपी जेल की हवा खा रहे हैं, जबकि इस उपद्रव में शामिल एक नाबालिग को भी कानून के दायरे में लेते हुए किशोर न्यायालय बोर्ड के सामने पेश किया गया है. पुलिस का यह कड़ा रवैया उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो भीड़ का हिस्सा बनकर कानून तोड़ने की हिम्मत करते हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. एक छोटी सी गलती कैसे बन गई बड़ी आफत यह पूरा मामला महज एक मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक को जप्त करने से शुरू हुआ था. उस वक्त भीड़ के आवेश में आकर थाने पर पत्थर फेंकना और पुलिसकर्मियों से उलझना इन युवकों के भविष्य पर भारी पड़ गया है. लोक अभियोजक योगेंद्र खटाना के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भी कोर्ट ने जमानत न देकर सीधे जेल भेज दिया था.

फरीदकोट जेल से चल रहा था अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट, मास्टरमाइंड सोनू निकला

  बीकानेर बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद कुख्यात तस्कर सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू निकला है. सोनू ने जेल के अंदर से ही पाकिस्तानी तस्करों के साथ संपर्क साधा और ड्रोन के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार हथियार मंगवाने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था. आरोपी मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र का रहने वाला है. तकनीकी खराबी ने फेल की पाकिस्तानी साजिश यह मामला इसी साल फरवरी का है, जब खाजूवाला के 24 KND इलाके के एक सरसों के खेत में पाकिस्तानी ड्रोन गिरा मिला था. जांच में सामने आया कि तस्करों ने हथियारों की डिलीवरी के लिए नहर के पटड़े का रूट तय किया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन खेत में जा गिरा. ड्रोन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने 5 चाइनीज पिस्टल और 325 कारतूस बरामद किए थे. ड्रोन गिरने के कारण तस्करों की प्लानिंग फेल हो गई और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. स्थानीय कनेक्शन की तलाश कर रही पुलिस सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त जांच में बॉर्डर पार से चलने वाले इस बड़े स्मगलिंग नेटवर्क की परतें अब खुल रही हैं. सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू से पूछताछ के आधार पर उन लोगों को नामजद किया गया है, जो बॉर्डर पर ड्रोन की डिलीवरी लेने पहुंचने वाले थे. पुलिस अब उन स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी है, जो इस नेटवर्क को जमीनी स्तर पर सपोर्ट कर रहे थे. एजेंसियों का मानना है कि इस खुलासे से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य तस्करों पर भी शिकंजा कसेगा.

राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना, कुएं में गिरने के बावजूद नवजात को नहीं आई खरोंच

तिजारा कहते हैं कि जिसकी रक्षा खुद ईश्वर करे, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. राजस्थान के खैरथल तिजारा  जिले के तिजारा कस्बे में मंगलवार सुबह कुछ ऐसा ही कुछ देखने को मिला. यहां एक कलयुगी मां ने अपनी ही चंद घंटों की मासूम बच्ची को पालपुर रोड स्थित एक 60 फीट गहरे कुएं में मरने के लिए फेंक दिया. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद मासूम बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई. रस्सी के सहारे नीचे उतरकर युवक ने किया रेस्क्यू सुबह जब कुएं के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनी, तो वे ठिठक गए. जब कुएं में झांका गया तो नीचे एक नवजात बच्ची सुरक्षित नजर आई. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि इतने गहरे और अंधेरे कुएं में गिरने के बाद भी बच्ची सही-सलामत है. ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और गांव का एक जांबाज युवक रस्सी के सहारे नीचे उतरा. उसने बच्ची को अपनी गोद में लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लाया. बाहर आते ही जब बच्ची का शरीर देखा गया, तो वह पूरी तरह सुरक्षित थी. डॉक्टर भी हैरान, अब अलवर में हो रही देखभाल बच्ची को तुरंत तिजारा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की. बीसीएमओ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि बच्ची का जन्म करीब 24 घंटे पहले हुआ लग रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि प्राथमिक जांच में बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले. हालांकि, एहतियात के तौर पर और बेहतर निगरानी के लिए उसे अलवर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुलिस कर रही 'कलयुगी मां' की तलाश इस घटना ने जहां एक तरफ लोगों को हैरान कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ लोगों में इस कृत्य को लेकर भारी गुस्सा है. तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की टीमें इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और स्वास्थ्य केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव का डेटा जुटाया जा रहा है ताकि इस मासूम को मौत के मुंह में धकेलने वालों तक पहुंचा जा सके.

NEET पेपर लीक विवाद पर गरमाई सियासत, सीकर में जांच जारी, विपक्ष ने CBI जांच की मांग की

जयपुर NEET परीक्षा की गड़बडी को लेकर खबर सुर्खियों में है. NEET परीक्षा में गेस पेपर से हूबहू सवाल मिलने का मुद्दा गरमाया हुआ है. मामले में पुलिस जांच में जुटी है. सीकर जिले में NEET पेपर को लेकर धांधली की खबर के बाद विपक्ष ने इसकी जांच CBI से कराने की मांग कर रहा है. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने दावा किया है कि  भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा स्थापित सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है और पिछली सरकार के समय जिस तरह से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ था उसे दोबारा स्थापित किया गया है. जयपुर में बिरला सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौर में राजस्थान का माहौल अलग था लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने का वादा किया था और अब तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. उन्होंने अजमेर जिले के कड़ैल गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के समय में वहां 13 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और RAS भर्ती परीक्षा का टॉपर भी इसी गांव से निकला है. मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं की मेहनत और सरकार की पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का परिणाम बताया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है ताकि राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विश्वास का माहौल मजबूत हो सके.

सरकार के तर्कों पर अदालत ने जताई कड़ी नाराजगी

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव टालने के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. राज्य सरकार ने बीते दिनों हाईकोर्ट में दलील देते हुए समय मांगा था. हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच दलीलों से सहमत नहीं दिखी. बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को फटकार भी लगाई. हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है और उसे पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है. फिर दी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की दलील सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन को लेकर हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसले आने से देरी हुई. जबकि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने के कारण आरक्षण तय नहीं हो पाया. बेंच ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा, "आदेश निकायों को लेकर था तो पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए? ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह हमारे सामने नहीं है." कोर्ट ने सरकार के तर्क किए खारिज कोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी है. जून में हीटवेव चलती है और जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है. ऐसे में चुनाव कराना मुश्किल होगा. लेकिन बेंच ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के बाद अदालत ने जजमेंट रिजर्व रख लिया है. 18 मई को अवमानना याचिका दायर हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. वहीं, परिसीमन पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की डेडलाइन दी गई थी. अब सरकार और चुनाव आयोग ने समय मांगा है. जबकि इस मुद्दे पर अवमानना याचिका भी दायर है, जिस पर 18 मई को सुनवाई होगी.

27 हजार पदों वाली भर्ती में नया मोड़, संशोधित रिजल्ट के आधार पर नियुक्ति के निर्देश

जयपुर राजस्थान हाई कोर्ट ने श‍िक्षक भर्ती 2022 परीक्षा में एक बड़ा और अहम फैसला दिया है. हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षा में अधिक अंक लाने वाले सभी अभ्यर्थियों को नौकरी देने के निर्देश दिए हैं. जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया. याचिकाकर्ताओ की ओर से अधिवक्ता आनंद शर्मा ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट को बताया कि भर्ती परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी होने के बाद जिन अभ्यर्थियों के अंक बढ़े, उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई. कम अंक वाले नौकरी कर रहे हैं. कोर्ट ने दलील सुनने के बाद सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए. यह फैसला लेवल-2 भर्ती को लेकर हुआ है. 27 हजार पदों पर निकाली थी भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से दिसंबर 2022 में लेवल-1 और लेवल-2 के लिए अध्यापक भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी की गई थी. कर्मचारी चयन बोर्ड ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 27 हजार पदों पर विभिन्न विषयों में भर्ती निकाली थी, इसके बाद 2023 में भर्ती परीक्षा का आयोजन करवाया गया. भर्ती परीक्षा के बाद 18 मार्च 2024 को प्रथम उत्तर कुंजी जारी की. 9 जून 2024 को अंतिम सूची जारी हुई अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण कर 9 जून 2024 को अंतिम सूची जारी कर परिणाम घोषित कर दिया. इसके बाद अभ्‍यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त पुस्तकों, लेखकों और शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों के आधार पर उनके जवाब सही है, लेकिन चयन बोर्ड ने उन्हें सही नहीं माना. इसके बाद भर्ती परीक्षा का रिवाइज्ड रिजल्ट जारी किया गया था.

अजमेर कड़ेल में मुख्यमंत्री का ग्रामीणों के साथ आत्मीय मिलन और सुबह की सैर

अजमेर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अजमेर जिले के कड़ेल गांव में सोमवार सुबह की सैर के साथ एक बार फिर आमजन के बीच पहुंचकर जन संवाद और जनविश्वास का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। रविवार रात को ग्राम चौपाल में ग्रामीणों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण करते नजर आए। ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को सहज और सरल भाव से गांव के बीच उपस्थित पाया। मुख्यमंत्री ने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, युवाओं, फल एवं सब्जी विक्रेताओं और सफाईकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री को अपने बीच सहज रूप में पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली साथ ही, उन्हें चॉकलेट वितरित की। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के प्राचीन शेषनाग भगवान मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थय की कामना की। मंदिर परिसर में भी उन्होंने श्रद्धालुओं से भी संवाद किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से गुलाब, आंवला, लेसवा, जामुन और प्याज सहित स्थानीय कृषि उत्पादों एवं पारंपरिक खेती की पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों और जल संरक्षण आधारित प्रयासों से उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। ग्रामीणों की मांग पर मौके पर ही संवेदनशील निर्णय- ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने गांव के प्राथमिक स्वास्थय केंद्र को सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही, परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बस संचालन सुनिश्चित करने तथा बालिका विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गांव में लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को विशेष शिविर आयोजित कर राजस्व वादों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ पी चाय, सुने अभाव अभियोग- ग्राम भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर चाय पी तथा गांव के विकास, खेती-किसानी, शिक्षा और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री की सहजता ने ग्रामीणों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

ओबीसी आयोग रिपोर्ट और संसाधन कमी का हवाला, पंचायत चुनाव टालने पर अर्जी पर बहस

जयपुर पंचायत-निकाय चुनाव के मामले में हाईकोर्ट सोमवार (11 मई) को सुनवाई करेगा. राज्य सरकार की ओर से 6 महीने के लिए चुनाव टालने को लेकर दलील दी जा चुकी है. सरकार ने कोर्ट में आवेदन दाखिल करते हुए था कि मौजूदा परिस्थितियों में दिसंबर से पहले चुनाव कराना संभव नहीं है. इस तर्क के साथ समय बढ़ाने की अर्जी दायर की गई थी. वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग भी भजनलाल सरकार के तर्क के पक्ष में है. दिसंबर तक कई परिषद का कार्यकाल होगा खत्म सरकार की ओर से कहा गया कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. उस अवधि के बाद चुनाव कराना ज्यादा उचित होगा. सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था. साथ ही  प्रार्थना पत्र में स्कूल स्टाफ, ईवीएम और अन्य संसाधनों की उपलब्धता के भी तर्क जोड़े गए. 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिए थे निर्देश पिछले कई महीनों से पंचायत-निकाय चुनाव के मामले में कानूनी दांव-पेंच जारी है. हाईकोर्ट ने पहले सरकार को 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. उस वक्त भी सरकार ने समय सीमा के भीतर चुनाव कराने में असमर्थता जताई थी. एक बार फिर चुनाव टालने की अर्जी दायर होने के बाद आज की सुनवाई अहम होगी.  

एसीबी ने थाईलैंड से लौटते ही संजय बड़ाया को पकड़ा, जयपुर लाकर होगी पूछताछ

जयपुर जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया गया है. एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जानकारी के मुताबिक, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था, वहां से लौट रहा था. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को सूचना दी. रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया. घोटाले में दलाल की भूमिका में था संजय संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है. एसीबी के मुताबिक, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है. जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया. कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई. इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बना करोड़पति संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है. उसे ईडी ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी. साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया. जमीन हड़पने का भी है आरोप ईडी की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई. इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया. इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया. फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए.

लू से जनजीवन प्रभावित, जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात, अगले दिनों में 48 डिग्री तक तापमान की आशंका

जैसलमेर देशभर में सबसे गर्म राजस्थान का रेगिस्तान बुरी तरह तप रहा है. जैसलमेर भी भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है. तापमान 46 डिग्री के पार होने के साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. गर्मी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि मोबाइल फोन भी गर्मी के चलते ओवरहीट होकर बंद हो रहे है. शहर के चौराहों पर जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो मोबाइल तक बंद होते नजर आए. मुश्किल यही खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले 4 दिनों के भीतर पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है.   50 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास…! भीषण गर्मी के बीच दोपहर में जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आते है. लोगों का कहना है कि तापमान 46 से 47 डिग्री तापमान पहुंच गया है, लेकिन एहसास 50 डिग्री जैसा हो रहा है. गर्मी से बचने के जतन विफल हो गए है. अगले 96 घंटे जैसलमेर में लू की चेतावनी के साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसका शाम 7-8 बजे तक रहता है. लगातार बढ़ती गर्मी और तीखी धूप से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य विभाग की अपील जान लीजिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को अलर्ट जारी करते हुए पशुओं को छांव में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और दोपहर में चराई से बचाने की अपील की है.