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तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा का शुभारंभ, स्वर्णनगरी में बढ़ी कनेक्टिविटी

 जैसलमेर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर को रेलवे की ओर से बड़ी दोहरी सौगात मिली है. जिसमें एक है कि स्वर्णनगरी में रेलवे स्टेशन पर करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का उद्घाटन किया गया है और साथ ही जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा की भी शुरुआत हुई है. जैसलमेर में ही होगा ट्रेनों का रखरखाव अब तक तकनीकी रखरखाव और सफाई के लिए ट्रेनों को अन्य बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब जैसलमेर में ही अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' के शुरू होने से ट्रेनों का रखरखाव, तकनीकी जांच और सफाई जैसलमेर में ही संभव हो सकेगी. इससे न केवल ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी. अहमदाबाद तक अब सीधी रेल सेवा इसके अलावा जैसलमेर को अहमदाबाद से जोड़ने वाली नई रेल सेवा का भी शुभारंभ किया गया है. स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी ने हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया. कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने वर्चुअली हिस्सा लिया. इस नई रेल सेवा से सीमावर्ती जिले के लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. अब गुजरात आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा. इस सौगात से जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है. विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि यह सुविधा हर तबके के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

‘एक पौधा मां के नाम’ से प्रेरित राजस्थान: 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य फिर दोहराया गया

जोधपुर  राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा शुक्रवार दोपहर जोधपुर दौरे (Sanjay Sharma Jodhpur Visit) पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. मीडिया से बातचीत करते हुए वन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 'एक पौधा मां के नाम' अभियान का आह्वान पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहा है. इसी प्रेरणा से मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 50 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया है. 'इस साल भी लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे' उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वन विभाग, अन्य सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ के सहयोग से 11 करोड़ 55 लाख पौधों का रोपण किया गया. इस साल भी 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है और पूरा विश्वास है कि सरकार आमजन के सहयोग से इस लक्ष्य को भी पार करेगी. प्रदेश में विकसित होंगे चंदन के जंगल वन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से राजस्थान के 4 जिलों में 'चंदन वन' विकसित किए जाएंगे. इन स्थानों पर 11-11 हजार चंदन के पौधों का रोपण कर उनका संरक्षण किया जाएगा. विलुप्ति की कगार से बाहर आया गोडावण इस दौरान वन मंत्री ने राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण के संरक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि गोडावण विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन अब सरकार, वन विभाग, वैज्ञानिकों, एनजीओ और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से इसकी संख्या बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विश्व में पाए जाने वाले लगभग 150 गोडावण में से करीब 120 राजस्थान में पाए जाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी गोडावण संरक्षण का उल्लेख किया था, जिससे संरक्षण कार्यों को नई ऊर्जा मिली. 21 मई को मनाया गया पहला 'राज्य गोडावण दिवस' मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2025 में 21 मई को पूरे राजस्थान में 'राज्य गोडावण दिवस' मनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत जैसलमेर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 130 गोडावण प्राकृतिक आवास में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि सम और रामदेवरा स्थित ब्रीडिंग सेंटरों में 87 गोडावणों का संरक्षण किया जा रहा है. आने वाले समय में इन ब्रीडिंग सेंटरों में गोडावणों की संख्या 100 के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: बूंदी बनेगा पर्यटन और व्यापार का नया केंद्र

बूंदी बूंदी को अब सिर्फ पुरानी यादों या इतिहास के एक प्रतीक के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा. इसी सोच के साथ शहर की सूरत बदलने और इसे हर क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है. यह मेगा प्लान आने वाले सालों में बूंदी की तकदीर और तस्वीर दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देगा, जिससे यहां की लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म को एक नया पंख मिलेगा. कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बदलेगी किस्मत इस भारी-भरकम प्लान में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नया और आधुनिक रेलवे स्टेशन और आने वाला कोटा-बूंदी एयरपोर्ट इस इलाके के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. इन सब बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से बूंदी देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा. जब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा, तो सीधे तौर पर यहां का बिजनेस बढ़ेगा और दुनिया भर में बूंदी की एक नई व मजबूत पहचान बनेगी. वैसे भी तालेड़ा इलाके में पहले ही हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस आ चुका है, जो इस बात का बड़ा सबूत है. संसदीय क्षेत्र के बून्दी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही “बून्दी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ बून्दी में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है कि बून्दी ऐतिहासिक विरासत के साथ… रात में रोशनी से जगमगाएंगी ऐतिहासिक बावड़ियां-किले इस पूरे प्लान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें बूंदी की पुरानी पहचान और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा. शहर के पुराने दरवाजों, ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ियों, छतरियों, किले की दीवारों और दूसरी पुरानी धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नया रूप दिया जाएगा. शाम और रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए इन सभी पुरानी इमारतों पर शानदार फसाड लाइटिंग की जाएगी और पैदल घूमने के लिए हेरिटेज वॉकवे बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि शाम ढलते ही बूंदी रोशनी से नहाई हुई एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल हेरिटेज सिटी की तरह दिखाई देगी. अंडरग्राउंड बिजली लाइन, चौपाटी और भूमिगत पार्किंग की सौगात पुरानी पहचान को संभालने के साथ-साथ आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली सुविधाओं को भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है. इसके लिए शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा. सड़कों पर फैले बिजली के नंगे तारों के जंजाल को हमेशा के लिए खत्म करके सारी लाइनें अंडरग्राउंड डाली जाएंगी. गंदे पानी के निकास के लिए पूरे ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके अलावा लोगों के घूमने-फिरने और सुकून के पल बिताने के लिए नए सुंदर पार्क और एक शानदार चौपाटी बनाई जाएगी. शहर को रोज-रोज के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए छुड़ाने के लिए जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल्स का तोहफा इस महाप्लान में युवाओं के भविष्य को भी उतनी ही तरजीह दी गई है. स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को देश और दुनिया के बड़े मंचों पर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए बूंदी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्कुल नई और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजाया जाएगा, ताकि वे इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इसके साथ ही, युवाओं और महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई बड़े तोहफे जमीन पर उतारे जा रहे हैं. इनमें एक यूथ हॉस्टल, कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग रहने के हॉस्टल्स, बूंदी-दलेलपुरा सड़क का काम और एक नया व आधुनिक आयुष अस्पताल शामिल हैं. 'बूंदी विकास मंथन' में रखी गई इन बड़े कामों की नींव शहर की सूरत बदलने वाले इस पूरे 500 करोड़ रुपये के ब्लूप्रिंट और रूपरेखा को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनता के सामने रखा. अपने बूंदी दौरे के दौरान ओम बिरला टाउन हॉल में आयोजित 'बूंदी विकास मंथन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इन सभी नए हॉस्टल्स, सड़कों और आयुष अस्पताल जैसे जरूरी कामों की शुरुआत और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने शहर के समझदार लोगों, जनप्रतिनिधियों और अलग-अलग समाज के लोगों से बूंदी के भविष्य को लेकर उनके मन की बात और सुझाव भी जाने. इस बड़े मौके पर स्थानीय विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सरोज अग्रवाल और जिला कलेक्टर हरफूल यादव सहित शहर के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे.

भाजयुमो संगठन में बड़ा फेरबदल: प्रदेशभर के जिलों और वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

जयपुर राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने लिस्ट 63 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की. इसमें 7 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1-1 कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी संयोजक, प्रशिक्षण प्रभारी और 20 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं. कार्यकारिणी में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. लंबे वक्त से इस पर मंथन जारी थी, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को भी इंतजार था.   निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम संगठन ने आगामी राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा है. माना जा रहा है कि निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी लिस्ट पर अंतिम मुहर लगी है. जितेन्द्र सिंह राठौड़, दीनदयाल गुर्जर, राकेश कटारिया, शिवराज सिंह, राकेश पंवार, सुदर्शन गौतम, आशीष कुल्हरी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ऋषिकेश मीणा, लोकेन्द्र सिंह, आदित्य पुजारी को महामंत्री बनाया गया है. हर्ष शर्मा कार्यालय प्रभारी, 9 प्रदेश मंत्री नियुक्त प्रदेश मंत्री पद पर धीरज शर्मा, रघुनाथ बिश्नोई, राहुल लेघा, रमेश गुर्जर, कृष्णपाल सिंह चूंडावत, दिनेश राणा, दिव्यांश भारद्वाज, वीके कुशवाह और आदित्य सिंघानिया को नियुक्त किया गया है. जिज्ञासु जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष और राहुल देवड़ा को सह कोषाध्यक्ष बनाया है.  भरतपुर के हर्ष शर्मा को कार्यालय प्रभारी, अमित कुमावत और आशीष शर्मा को भी कार्यालय सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. मीडिया प्रभारी हर्षित को बनाया गया है. मन की बात और ट्रेनिंग के लिए भी दिया जिम्मा खास बात यह है कि कार्यकारिणी में प्रशिक्षण, नीति एवं शोध, मन की बात जैसे कई कार्यक्रमों के प्रभारी भी बनाए गए हैं. सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, सोशल मीडिया कैंपेन और युवा संपर्क कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.    

चुनाव होंगे समय पर या दिसंबर तक टलेंगे? राजस्थान हाईकोर्ट आज करेगा साफ

 जयपुर राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय (नगर पालिका/नगर निगम) के चुनाव समय पर होंगे या दिसंबर तक के लिए टल जाएंगे, इस पर आज तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है. राज्य सरकार और इलेक्शन कमिशन के चुनाव टालने वाले प्रार्थना पत्र पर राजस्थान हाईकोर्ट आज (22 मई) अपना बड़ा फैसला सुना सकता है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले में बीते 11 मई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित (Reserve) रख लिया था, जो आज कोर्ट रूम में सुनाया जा सकता है. क्या है पूरा मामला और सरकार क्यों मांग रही है समय? दरअसल, हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को एक साथ 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सख्त आदेश दिए थे कि 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पंचायत और निकाय चुनाव करा लिए जाएं. हालांकि, भजनलाल सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर इस समय-सीमा में चुनाव कराने को व्यावहारिक रूप से असंभव बताया और दिसंबर 2026 तक का समय मांग लिया. सरकार ने चुनाव टालने के पीछे कोर्ट के सामने प्रशासनिक और व्यावहारिक दलीलों की पूरी लिस्ट रखी थी:- सरकार का तर्क है कि मई-जून में राजस्थान में भयंकर लू (Heatwave) चलती है, जबकि जुलाई से सितंबर तक भारी बारिश और कृषि कार्यों में ग्रामीण मतदाता व्यस्त रहते हैं.  शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब 68 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनेंगे, जिनके लिए 3.4 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, जो फिलहाल संभव नहीं है. महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन पर दो अलग-अलग फैसलों और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने के कारण आरक्षण तय करने में देरी हुई. 11 मई की सुनवाई में कोर्ट ने लगाई थी कड़ी फटकार पिछली सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सरकार की इन दलीलों पर सख्त नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था- 'सरकार का रवैया ठीक नहीं है और उन्हें चुनाव की तैयारियों के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है.' जब सरकार ने मौसम और ओबीसी आयोग का हवाला दिया, तो बेंच ने साफ कहा कि आदेश निकायों को लेकर था, तो फिर पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए? और ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह कोर्ट के सामने विषय नहीं है. कोर्ट ने सरकार के 'गर्मी-बरसात' वाले तर्कों को स्वीकार न करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 'जनता परेशान, सिस्टम बेहाल: विपक्ष हमलावर दूसरी तरफ, पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले में एक अवमानना याचिका (Contempt Petition) भी दायर की है, जिस पर जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच में अगली सुनवाई 26 मई को होनी है. संयम लोढ़ा ने कहा, 'राजस्थान की जनता को उनके वोट देने के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है. चुनाव न होने से पंचायतों और निकायों में भारी अव्यवस्था है, स्थानीय स्तर पर विकास के सारे काम पूरी तरह ठप हैं। लोग परेशान हैं और पूरा सिस्टम बेहाल है.' आज के फैसले पर टिकी सबकी नजरें यदि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच आज सरकार के प्रार्थना पत्र को खारिज कर देती है, तो सरकार और राज्य चुनाव आयोग को तुरंत चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ना होगा. वहीं, यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो प्रदेश में स्थानीय सरकार के गठन के लिए जनता को दिसंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा.

डॉक्टरों की हड़ताल खत्म: सरकार-IMA बैठक में बनी सहमति, नई SOP 10 दिन में

जयपुर राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आम मरीजों के लिए गुरुवार की सुबह राहत की खबर लेकर आई है. पिछले कई दिनों से चल रहा मेडिकल गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) राजस्थान और अन्य चिकित्सा संगठनों ने राज्य सरकार के साथ हुई एक हाई-लेवल बैठक के बाद राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के बहिष्कार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. इस फैसले के बाद प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में आरजीएचएस (RGHS) के तहत मिलने वाली मुफ्त इलाज और ऑपरेशन की सुविधाएं दोबारा शुरू हो गई हैं. स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में बनी बात बुधवार देर शाम डॉक्टरों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ के साथ सचिवालय में लंबी बैठक की. बैठक में डॉक्टरों ने आरजीएचएस स्कीम के नियमों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और अस्पतालों के करोड़ों रुपये के पेंडिंग पेमेंट्स का मुद्दा उठाया. डॉक्टरों की दलीलों को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और अफसरों को दो-टूक निर्देश जारी किए. 10 दिन में बदलेंगे नियम, जारी होगी नई SOP आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और सचिव डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि सरकार का रुख बेहद सकारात्मक रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने आरजीएचएस प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि डॉक्टरों द्वारा सौंपे गए सुझावों को शामिल करते हुए अगले 10 दिनों के भीतर योजना की नई और संशोधित गाइडलाइन जारी की जाए. इसके अलावा, नियमों को आसान बनाने और क्लेम की कड़ियों को पारदर्शी रखने के लिए एक जॉइंट कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आरजीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. अस्पतालों को मिलेगा बकाया पैसा, प्राइवेट एम्बुलेंस पर कड़ाई बैठक में सरकार ने डॉक्टरों को लिखित आश्वासन दिया है कि निजी अस्पतालों का जितना भी जायज बकाया पैसा अटका हुआ है, उसे जल्द से जल्द बजट जारी करके क्लियर किया जाएगा. साथ ही, भविष्य के पेमेंट्स के लिए एक तय टाइमलाइन बनाई जाएगी ताकि अस्पतालों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें. सरकार के इस ठोस कदम के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने का ऐलान कर दिया. अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पतालों से बिना इलाज के खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा.

राजस्थान-महाराष्ट्र पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन, 4 करोड़ से ज्यादा के लैपटॉप बरामद

 जयपुर एक राज्य में चोरी करना और दूसरे राज्य में जाकर छिप जाना, अपराधियों का यह पुराना पैंतरा इस बार काम नहीं आया. महाराष्ट्र के नागपुर में हुई करोड़ों रुपये के लैपटॉप की एक बहुत बड़ी चोरी का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया. राजस्थान की डीग पुलिस और महाराष्ट्र की नागपुर पुलिस ने मिलकर एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया, जिसके तहत न सिर्फ चोरी के मुख्य मास्टरमाइंड को दबोचा गया, बल्कि उसके पास से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के नए लैपटॉप भी बरामद कर लिए गए. आखिर कैसे हुआ इस बड़ी चोरी का खुलासा? यह पूरा मामला नागपुर के पारशिवनी इलाके का है, जहां मोटोरोला कंपनी के नए-नए लैपटॉप की एक बड़ी खेप चोरी हो गई थी. नागपुर पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाने पहुंची. यहां के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपनी स्पेशल डीएसटी (DST) टीम और पहाड़ी थाना पुलिस को काम पर लगा दिया. इसी बीच पुलिस कांस्टेबल सहाबुद्दीन को एक पक्की खबर मिली कि चोरी का मुख्य आरोपी इसी इलाके में छिपा हुआ है. इस सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और नागपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस के हाथ क्या-क्या लगा? चोरों ने नागपुर से कुल 5 करोड़ 72 लाख रुपये की कीमत के 641 लैपटॉप उड़ाए थे. पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की और उसकी बताई जगह पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 करोड़ 14 लाख रुपये से भी ज्यादा की कीमत के 464 बिल्कुल नए मोटोरोला लैपटॉप बरामद कर लिए. इसके साथ ही, चोरी की इस पूरी वारदात को अंजाम देने में जिस मारुति बलेनो कार का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया है. कौन है यह शातिर आरोपी? पकड़े गए मुख्य आरोपी का नाम अजरूद्दीन उर्फ हजरूद्दीन है, जिसकी उम्र 28 साल है और वह डीग जिले के ही खल्लूका गांव का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक अजरूद्दीन कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह काफी शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का इंसान है. उसके खिलाफ पहले भी इस तरह की बड़ी चोरियों के दो मामले दर्ज हो चुके हैं. फिलहाल, चोरी के बचे हुए 176 लैपटॉप को ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगातार भाग-दौड़ कर रही हैं. साथ ही, इस वारदात में अजरूद्दीन का साथ देने वाले उसके दूसरे साथियों को पकड़ने के लिए भी जगह-जगह दबिश दी जा रही है. क्या है ऑपरेशन सहयोग? इस पूरी कामयाबी के पीछे डीग पुलिस का 'ऑपरेशन सहयोग' है. यह एसपी डीग द्वारा चलाया जा रहा एक खास अभियान है, जिसका मकसद बेहद सीधा और साफ है- अगर किसी दूसरे जिले या दूसरे राज्य की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए डीग आती है, तो यहां की लोकल पुलिस बिना किसी देरी के उनकी पूरी मदद करेगी. इसी शानदार तालमेल की वजह से नागपुर पुलिस को इतनी बड़ी सफलता मिल पाई है. अब इस पकड़े गए शातिर चोर और बरामद किए गए करोड़ों के लैपटॉप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस के हवाले किया जा रहा है.

चुड़ादा गांव में चौपाल के बाद सीएम ने खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बातें

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही अंदाज देखने को मिला. ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांव निवासी गट्टूलाल यादव के घर भोजन करने पहुंचे. परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में खाना खाया. भोजन में दाल-चावल के साथ मिक्स वेज परोसी गई, जिसमें आलू, ग्वार फली और मटर शामिल थी. इसके अलावा भोजन के साथ आमरस भी परोसा गया. खाट पर बैठकर ग्रामीणों से की बात मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ बैठकर भोजन किया. भोजन के बाद वे घर के बाहर खाट पर बैठ गए और आसपास मौजूद ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की. इस दौरान उन्होंने गांव की स्थिति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और परिवारों की आजीविका के बारे में जानकारी ली.  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ और गांव की जरूरतों पर भी चर्चा की. जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील इससे पहले मुख्यमंत्री ने चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि किसान लाभ की खेती अपनाएं, आय बढ़ाएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें. मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों से पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है. "बिजली-पानी की उपलब्धता पर हो रहा काम" मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली और पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी और गंगनहर सुदृढ़ीकरण सहित माही, देवास और सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य है. पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुसार, प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही.  मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया   मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों, पशुपालकों और युवा उद्यमियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए. इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.