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राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल बजा, 3314 पंचायतों में 22 अक्टूबर को होगा मतदान

जयपुर  राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण सरकार के सियासी हलचल बढ़ जाएगी। गुरुवार यानी आज से जहां 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समिति व 3314 ग्राम पंचायतों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहीं 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी। राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे। मतदान दलों को नहीं लाने पडेंगे गद़्दे-तकिया, पांच दिन रुकेंगे मतदानकर्मी राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा। मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।

युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने पर जोर, राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में बोले सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और ऋषियों की अनमोल धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे नशे की लत को छोड़ें और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए विकसित भारत-विकसित राजस्थान के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री मंगलवार को अलंकार पीजी कॉलेज में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों और वैश्विक कूटनीति की बदौलत संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। आज योग, ध्यान और प्राणायाम विश्व के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। यह ज्ञान परंपरा मानव कल्याण का वैश्विक माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि एकाग्रता को बढ़ाने में, निर्णय क्षमता को मजबूत करने और जीवन में सकारात्मकता लाने में योग की अहम भूमिका है। आज जब पूरी दुनिया बदलती जीवनशैली और अनेक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग स्वस्थ मन और तन के लिए सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम है। अटल ज्ञान केन्द्र में ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। इनकी ऊर्जा से ही हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार गांव में अटल ज्ञान केन्द्र खोल रही है। जिन्हें ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, हर पंचायत में खेल मैदान भी विकसित किए जा रहे हैं। 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां, निजी क्षेत्र में 5 लाख युवाओं को रोजगार उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। सवा लाख पदों के लिए भर्ती कलैंडर जारी किया जा चुका है। निजी क्षेत्र में हमने 5 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं, युवाओं के विदेश में नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए जयपुर में पांच देशों की भाषा का सेंटर भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में पेपरलीक की घटनाएं होती रहती थी। वहीं, हमारे कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे मेहनत करें, परीक्षा की तैयारी करें, राज्य सरकार उनके सपनों को नहीं टूटने देगी। ओलम्पिक की तैयारी के लिए राजस्थान टॉप्स योजना लागू उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की है। खेलों के बेहतर बुनियादी ढांचे और युवा प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है ताकि हमारा प्रदेश खेल के मैदान में देश-दुनिया में अग्रणी बने। प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलम्पिक खेलों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राजस्थान टॉप्स योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ 12 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योगासन चैम्पियनशिप के विजेता पश्चिम बंगाल, द्वितीय स्थान पर रहे हरियाणा और तृतीय स्थान पर रहे महाराष्ट्र को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान राजस्थान की टीम ने संगीतमय योगासन की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सांसद राव राजेंद्र सिंह, अलंकार पीजी कॉलेज के चेयरमैन लालचंद कटारिया, पद्मश्री गुलाबो सपेरा, एशियन योग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न योग फेडरेशन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में देशभर से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।

RIICO ने खोले औद्योगिक प्लॉट के रास्ते, भीलवाड़ा में 300+ भूखंडों का आवंटन शुरू

भीलवाड़ा  जिले में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने प्रत्यक्ष भूखंड आवंटन के 14वें चरण का आगाज कर दिया है। योजना के तहत जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 289 औद्योगिक भूखंड और नवीन टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में 14 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए है। राइजिंग राजस्थान के तहत ईएमडी की अंतिम तिथि तक एमओयू करने वाले निवेशक भी इस योजना में भूखंड पाने के पात्र होंगे। योजना के तहत जिले की विभिन्न तहसीलों में औद्योगिक भूखंडों की योजना बनाई है। इसमें और वेयरहाउस इकाइयों के लिए शाहपुरा के फतेहपुरा-समेलिया में 195 औद्योगिक और 2 वेयरहाउस भूखंड। मांडलगढ़ के करणपुरा में 37 भूखंड। जहाजपुर के पंडेर में 17 व पीपलूंद में 6 भूखंड। मांडल के धुवालां में 10 भूखंड। करेड़ा के किडीमाल में 7 भूखंड। अंटाली के उखलिया में 3 भूखंड शामिल हैं। हुरड़ा तहसील के नवीन औद्योगिक क्षेत्र टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में उपलब्ध 14 भूखंडों के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी 2025 के तहत आने वाले उद्योग एवं टेक्सटाइल संबंधित इकाइयां आवेदन कर सकती है। रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एसके. नेनावटी ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली सहित फतेहपुरा-समेलिया, पंडेर, पीपलूंद, धुवालां और किडीमाल को 'फ्लेक्सिबल लीज पॉलिसी के दायरे में रखा गया है। इसके तहत निवेशकों को भारी राहत देते हुए आरक्षित दर के मात्र 60 प्रतिशत मूल्य पर 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। आवंटन और भुगतान के नियम अंतिम तिथिः निवेशकों को रीको के ऑनलाइन पोर्टल पर कुल देय प्रीमियम की 5 प्रतिशत अमानत राशि 12 अक्टूबर सायं 6 बजे तक जमा करानी होगी। ई-लॉटरीः यदि किसी भूखंड पर एक ही आवेदन आता है तो उसका सीधा आवंटन कर दिया जाएगा, जबकि एक से अधिक दावेदार होने पर फैसला ई-लॉटरी से होगा। 25 प्रतिशत पर मिलेगा कब्जाः सुविधा के लिए 25 प्रतिशत राशि जमा उद्यमियों की कब्जा और कराते ही भूखंड का आवंटन पत्र सौंप दिया जाएगा। किश्तों की सुविधाः शेष 75 प्रतिशत राशि या तो 120 दिनों के भीतर ब्याज रहित जमा कराई जा सकती है, या फिर 8.50 प्रतिशत ब्याज के साथ 19 त्रैमासिक किश्तों में चुकाने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। योजना में भूखंड देखने और ऑनलाइन आवेदन करने के इच्छुक निवेशक रीको की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  

पुलिस की गश्त से लेकर निगरानी तक सब होगा स्मार्ट, राजस्थान के 9 जिलों में नई बीट व्यवस्था शुरू

जयपुर राजस्थान में बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह, जनोन्मुखी एवं तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य सोमवार को पुलिस मुख्यालय, जयपुर में महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों के अनुरूप बीट स्तर की पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए तैयार एक वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और BPR&D के महानिदेशक आलोक मित्तल की मौजूदगी में राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक (अपराध) दीपक भार्गव और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, BPR&D, डॉ. किरण कंग सिद्धू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है : आलोक मित्तल एमओयू पर हस्ताक्षर के पश्चात BPR&D के महानिदेशक आलोक मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है। बीट पुलिसिंग की महत्ता को महसूस करते हुए डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों में एक वर्षीय एक्शन प्लान तैयार करने के माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों की अनुपालना में गोवा के बाद राजस्थान पुलिस का यह दूसरा एमओयू है। उन्होंने कहा कि एमओयू के तहत BPR&D द्वारा राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इस प्रकार के एमओयू से एक-दूसरे के राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज से सीखने को मिलेगा। उन्होंने राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर कॉन्सेप्ट की भी सराहना की। धरातल पर दिखेगा बदलाव : राजीव कुमार शर्मा इससे पहले महानिदेशक पुलिस, राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में बीट पुलिसिंग को पुलिस एवं आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग के परंपरागत कार्यों से हटकर अब तकनीक के सहयोग से धरातल पर बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। उन्होंने चंडीगढ़ की बीट बुक प्रैक्टिस की सराहना की और इसे अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह एमओयू बीट पुलिसिंग को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह, जनसहभागी, सूचना आधारित एवं तकनीक-सक्षम बनाने के साथ-साथ अपराध की रोकथाम, पुलिस-जन संवाद और स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने नवीन विधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान के प्रयासों के बारे में बताया और इसी प्रकार की उपलब्धियों के लिए टीम राजस्थान पुलिस को तैयार रहने की बात कही। राजस्थान की बीट पुलिसिंग पर हुआ प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम की शुरुआत में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने डीजी BPR&D आलोक मित्तल तथा डीआईजी डॉ. किरण कंग सिद्धू का डीआईजी राशि डोगरा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था, संजय अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए राजस्थान पुलिस की बेस्ट प्रैक्टिसेज के बारे में जानकारी दी। उप महानिरीक्षक पुलिस, क्राइम ब्रांच, दीपक भार्गव ने राजस्थान में वर्तमान बीट पुलिसिंग व्यवस्था एवं इसकी कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसके पश्चात उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, BPR&D की डॉ. किरण कंग सिद्धू ने बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए BPR&D की ओर से तैयार कार्ययोजना एवं सहयोग के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। नौ जिलों का प्रथम चरण में चयन एमओयू के तहत कार्ययोजना के प्रथम चरण में प्रत्येक रेंज से एक-एक, कुल नौ जिलों का चयन करते हुए नवीन बीट प्रणाली को लागू किया गया है। इसमें सीकर, जयपुर उत्तर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, कोटा शहर, डूंगरपुर, चूरू, जैसलमेर एवं जोधपुर पश्चिम को शामिल किया गया है। प्रथम चरण के अनुभवों, उपलब्धियों एवं अच्छे नवाचारों के आधार पर इसके बाद प्रदेशभर के शेष जिलों में नवीन बीट प्रणाली लागू की जाएगी। इस पहल के तहत बीट संरचना को जनसंख्या, अपराध की स्थिति, भौगोलिक परिस्थितियों तथा शहरी-ग्रामीण स्वरूप के आधार पर युक्तिसंगत बनाया जाएगा। बीट स्तर पर हॉटस्पॉट, संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान करते हुए जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे। सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय सूचना तंत्र होगा मजबूत बीट पुलिसिंग को जनसहभागिता से जोड़ते हुए कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG), पुलिस मित्र एवं अन्य सामुदायिक माध्यमों को मजबूत किया जाएगा। 'नो योर बीट ऑफिसर' जैसी पहल के माध्यम से पुलिस एवं आमजन के बीच नियमित संवाद को संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों के साथ लक्षित संवाद पर भी विशेष जोर रहेगा। बीट बुक, विलेज क्राइम नोट बुक, डिजिटल बीट प्रोफाइल एवं अपराध/हॉटस्पॉट मैपिंग के माध्यम से स्थानीय सूचनाओं के कानूनसम्मत संग्रह, सत्यापन एवं उपयोग की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। राजकॉप ई-बीट बुक को किया जाएगा और सशक्त बीट पुलिसिंग में तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए राजकॉप ई-बीट बुक की क्षमताओं को और विकसित किया जाएगा। जीपीएस, जियो-टैगिंग, क्यूआर आधारित सुविधाएं, डिजिटल दस्तावेजीकरण एवं डैशबोर्ड जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं का आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाएगा। इससे बीट स्तर की गतिविधियों की निगरानी, सूचना का अद्यतन एवं पर्यवेक्षण अधिक प्रभावी हो सकेगा। केपीआई आधारित होगी बीट पुलिसिंग की समीक्षा कार्ययोजना के तहत की-परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI) के आधार पर बीट पुलिसिंग की प्रभावशीलता की समीक्षा की जाएगी। बीट, पुलिस थाना, जिला/कमिश्नरेट एवं राज्य स्तर पर संरचित रिपोर्टिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी तथा अच्छे कार्यों एवं नवाचारों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष जोर बीट अधिकारियों एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रारंभिक एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण, ट्रेनर्स की ट्रेनिंग तथा कैस्केड ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में नामित किया गया है। अकादमी द्वारा सॉफ्ट स्किल्स एवं ट्रेनर्स की ट्रेनिंग से संबंधित प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। BPR&D देगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन, राजस्थान पुलिस करेगी परिचालन क्रियान्वयन एमओयू के तहत BPR&D द्वारा सामान्य क्रियान्वयन ढांचा, प्रशिक्षण सामग्री, मॉडल प्रारूप, समीक्षा उपकरण एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बीट पुलिसिंग की मैदानी एवं परिचालन व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर आवश्यक आदेश, मानव संसाधन, लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण व्यवस्था, तकनीक एवं अन्य परियोजना संबंधी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी राजस्थान पुलिस की रहेगी। इस मौके पर महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था, संजय अग्रवाल, महानिदेशक पुलिस, यातायात, मालिनी अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम … Read more

आसाराम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 3 अगस्त के पैरोल आदेश की पालना के दिए निर्देश

जोधपुर  नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से पैरोल के मामले में बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करते हुए आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने सरकार से इस आदेश की अनुपालना रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष हुई। आसाराम की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि कोर्ट ने अगस्त में 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें रिहा नहीं किया। 3 अगस्त के आदेश की पालना के निर्देश सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, आदेश के बावजूद पैरोल लागू नहीं की गई। इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करने के निर्देश दिए। गुजरात कोर्ट का दिया गया हवाला राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने दलील दी कि आसाराम को गुजरात के गांधीनगर की अदालत भी एक अन्य मामले में दोषी ठहरा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात हाईकोर्ट ने उस मामले में आसाराम की पैरोल याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं बता सकी, जिससे 3 अगस्त 2026 के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त या निलंबित माना जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा आपातकालीन पैरोल खारिज किए जाने के आदेश का राजस्थान हाईकोर्ट के पहले के आदेश पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नहीं दी चुनौती सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार के अधिवक्ता से यह भी पूछा कि क्या 3 अगस्त के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर नहीं किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में 3 अगस्त को जारी आदेश की पालना की जानी चाहिए।2018 में सुनाई गई थी उम्रकैद आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें समय-समय पर अस्पताल जाने की अनुमति भी मिलती रही है। गांधीनगर का अलग मामला इसके अलावा सूरत की दो बहनों से जुड़े यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में गांधीनगर की अदालत ने जनवरी 2023 में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी मामले का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में पैरोल को लेकर अपनी दलील रखी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।  

राजस्थान सरकार की बड़ी बैठक, बजट घोषणाओं और केंद्र की योजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने का प्लान

जयपुर  मुख्य सचिव  वी. निवास ने सरकारी व्यय की गुणवत्ता सुधारने और बजट राशि के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को गति देने पर जोर दिया। मंगलवार को शासन सचिवालय में वित्त व्यय विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने नीति आयोग की राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक संबंधी रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यय को तर्कसंगत बनाने के प्रयास और मजबूत किए जाएं। उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता वाले कार्यों में किया जाए, ताकि योजनाओं का बेहतर लाभ आमजन तक पहुंचे। मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं के प्रस्ताव वित्त विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी संबंधित विभागों के शासन सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। प्रस्ताव शीघ्र भिजवाए जाएं और प्रगति से अवगत कराया जाए। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की लंबित केंद्रीय सहायता और आगामी किस्तों की स्वीकृति के लिए संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रमुख शासन सचिवों को केंद्रीय मंत्रालयों से प्रभावी समन्वय करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन, विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए धनराशि प्राप्त करने के प्रयास तेज करने को कहा। इन योजनाओं से संबंधित राज्य स्तरीय समितियों की बैठकें भी समय पर आयोजित करने के निर्देश दिए।  निवास ने आर्थिक विकास को गति देने वाली प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रमुख परियोजनाओं को चिह्नित कर राज उन्नति पर सूचीबद्ध करने तथा उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, विद्युत अनुदान और कर्मचारी हितलाभों से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने पेंशन भुगतान से जुड़ी समस्याओं और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लंबित भुगतान के मामलों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को वित्त विभाग के साथ समन्वय और स्पष्ट संवाद रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव, वित्त  वैभव गालरिया ने बताया कि योजनाओं के बजट के उपयोग में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर, 2026 तक राज्य निधि और केंद्रीय सहायता सहित योजनाओं के कुल बजट का 41.16 प्रतिशत उपयोग किया गया है। शासन सचिव, वित्त (व्यय) डॉ. टीना सोनी एवं विशिष्ट शासन सचिव, वित्त (बजट) मती शिवांगी स्वर्णकार ने बजट घोषणाओं पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और वित्तीय स्वीकृतियों की स्थिति प्रस्तुत की। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रीय सहायता की स्वीकृति तथा आगामी किस्तें प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी भी दी गयी। प्रस्तुतीकरण में राज्य की आय, योजनाओं एवं सेवाओं पर व्यय, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय और वेतन-पेंशन सहित प्रमुख व्यय मदों का विवरण रखा गया। बैठक में संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-1) डॉ. भारती दीक्षित सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

राजस्थान के इन इलाकों में बरसेंगे बादल, बीकानेर-जोधपुर संभाग के लिए मौसम विभाग का अपडेट

जयपुर राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर में गर्मी बढ़ गई है। गर्मी के दौर के बीच मौसम विभाग ने फिर बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अक्टूबर को प्रदेश के बीकानेर और जोधपुर संभाग में हल्की बरसात की संभावना है। इससे पहले राजस्थान में पारे में वृद्धि देखी जा रही है। सोमवार 5 अक्टूबर को भी प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए गए। अभी अधिकतम तापमान आगामी दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस और बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। हालांकि कुछ स्थानों पर रात का यानि न्यूनतम तापमान सामान्य या उसके आस-पास रहने से रात के समय हल्की ठंडक का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। बात करें अधिकतम तापमान की तो राजस्थान में 5 अक्टूबर को 8 स्थानों का अधिकतम तापमान 38 डिग्री से भी ऊपर दर्ज किया गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर का 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से भी 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। वहीं चूरू का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बीकानेर 38.8, वनस्थली 38.6, जैसलमेर 38.5, फलोदी 38.4, बाड़मेर 38.1 और कोटा का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं फतेहपुर का 37.7, लूणकरनसर और अलवर का 37.6, जोधपुर शहर का 37.5, चित्तौड़गढ़ और संगरिया का 37.4, जयपुर और झुंझुनूं का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजस्थान के हिल स्टेशन माउंटआबू का भी अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। माउंट आबू का रहा सबसे कम न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम ही नहीं न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि देखी जा रही है। 5 अक्टूबर को प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान फलोदी का 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। श्रीगंगानगर का 25.8, जोधपुर शहर और जालौर का 25.2, जयपुर का 25.1 और बीकानेर का 25 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस माउंटआबू का और इसके बाद 17.6 डिग्री सेल्सियस डबोक का रहा मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर का अपडेट मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार आज से राज्य में मौसम ड्राई रहेगा और धूप रहेगी। हालांकि तापमान में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। दिन में अधिकांश शहरों का तापमान 30 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 25 डिग्री के बीच दर्ज होने की संभावना है।

तीन जिलों में सिंचाई व्यवस्था बदलेगी, इंदिरा गांधी नहर के खालों पर खर्च होंगे 790 करोड़ रुपये

बीकानेर  इंदिरा गांधी नहर परियोजना (इंगानप) के प्रथम चरण के किसानों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। बीकानेर, श्रीगंगानगर सहित हनुमानगढ़ जिले में करीब 60 साल पहले बने खाले अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे टेल-एंड के किसानों को सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा था। अब इन खालों का पुनर्निर्माण शुरू हो गया है। राजस्थान सरकार ने इसके लिए 790 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। जल संसाधन विभाग उत्तर हनुमानगढ़ मुख्य अभियन्ता अरुण कुमार सिडाना ने इस कार्य के लिए 7 पैकेज बनाए हैं और 7 कार्यों को स्वीकृति दी गई है। हनुमानगढ़ जल संसाधन उत्तर मुख्य अभियन्ता सिडाना का दावा है कि काम पूरा होने के बाद 1 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इंदिरा गांधी नहर परियोजना में खालों का निर्माण आज से लगभग छह दशक पहले हुआ था। लगातार उपयोग और रखरखाव के अभाव में खाले डैमेज हो गए हैं। कई जगह फील्ड लाइनें टूट गई हैं, कई जगह खालों में गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। इससे पानी खेत तक पहुंचने से पहले ही रिस जाता है, वाटर लॉसेस बढ़ गया है। किसान पिछले कई सालों से इसकी शिकायत कर रहे थे।जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ की ओर से इस समस्या को लेकर राज्य सरकार को अवगत करवाया गया था। किसानों की पीड़ा और बढ़ते वाटर लॉसेस को देखते हुए सरकार ने यह बजट जारी किया है। फील्ड लाइनिंग की बदौलत अब पानी की बर्बादी रुकेगी और अंतिम छोर के किसान को भी उसके शेयर का पूरा पानी मिलेगा। एनडीबी प्रोजेक्ट से पहले ही मिली थी राहत इससे पहले न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की सहायता से राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना के तहत बड़ी राहत मिली थी। 3291.63 करोड़ की इस परियोजना के तहत हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर व बीकानेर जिलों में इंदिरा गांधी फीडर व मुख्य नहर की 179.53 किमी और वितरण तंत्र (छोटी नहरों) की 2498.69 किमी लंबाई में रिलाइनिंग का काम जुलाई 2026 में पूरा हो चुका है। इससे पानी की बचत हुई है और शेयर के अनुसार पानी मिलने लगा है। 13 जिलों की जीवनरेखा है आईजीपीएन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम व द्वितीय चरण में कुल 16.17 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। यह नहर सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों – हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, चूरू, जोधपुर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बालोतरा व बाड़मेर में लगभग 2 करोड़ आबादी के लिए पेयजल की जीवनरेखा है।साथ ही सूरतगढ़, रामगढ़, गिरल, गुढ़ा, बरसिंगसर तथा राजवेस्ट की थर्मल और गैस आधारित ऊर्जा परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन के लिए भी इसी नहर से जल उपलब्ध होता है। नए खाले बनने से इस सिस्टम को मजबूती मिलेगी और किसानों की दशकों पुरानी समस्या खत्म होगी

पाल रोड पर अचानक भड़की भीषण आग, ट्रक से फैली लपटों ने चार बसों को लिया चपेट में

 जोधपुर खेजड़ली से गुड़ा विश्नोइयां की तरफ जा रहे चारे से भरे ट्रक के बिजली के तारों की चपेट में आने से सोमवार रात आग लग गई। ट्रक में चारा भरा होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चारे से भरा था ट्रक जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब साढ़े बजे चारे से भरा ट्रक गुजर रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार ट्रक के संपर्क में आ गए। शॉर्ट सर्किट के बाद चारे में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया काफी मशक्कत के बाद बुझी आग हादसे की सूचना मिलते ही विवेक विहार थाना पुलिस और चेतक भी मौके पर पहुंच गए। आग की स्थिति को देखते हुए बासनी से दो दमकलें भी बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई। ग्रामीणों की सजगता और समय पर पहुंची पुलिस व दमकल टीम की तत्परता से आग को ज्यादा फैलने से रोक लिया गया। इससे ट्रक में भरा काफी चारा भी बचा लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और बिजली के तारों के संपर्क में आने से आग लगने की प्रारंभिक बात सामने आई है। पाल रोड पर खड़ी बसों में भीषण आग, चार बसें जलकर खाक जोधपुर में पाल रोड स्थित गांगाणा में एक कारखाने में खड़ी बसों में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग की चपेट में आने से कारखाने में खड़ी चार बसें जल गईं। आग लगने की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। कारखाना कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ बसों को समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सूचना पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।

नवरात्रि में जयपुर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगी मजबूत, पूरी 94 ई-बसें उतरेंगी सड़कों पर

 जयपुर राजधानी जयपुर में नवरात्रि से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने जा रही है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की सभी 94 ई-बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल शहर में 44 ई-बसें ही संचालित हो रही हैं, जबकि 50 बसें संचालन शुरू होने का इंतजार कर रही थीं। इन 50 अतिरिक्त ई-बसों के सड़क पर उतरने से त्योहारी सीजन में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी। दरअसल, जयपुर में जेसीटीएसएल के बेड़े में अब तक 94 ई-बसें शामिल हो चुकी हैं। इनमें से 44 बसों का संचालन पहले ही शुरू कर दिया गया था। वहीं, शेष 50 बसों का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण संचालन अटका हुआ था। अब इन सभी 50 बसों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी पूरी हो गई है। त्योहारों में बढ़ेगी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नवरात्रि के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। इस दौरान जयपुर के बाजारों और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में 50 अतिरिक्त ई-बसों के संचालन से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा। खासकर प्रमुख रूटों पर बसों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। आरटीओ रजिस्ट्रेशन के कारण अटका था संचालन जेसीटीएसएल की 50 ई-बसें आरटीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सड़कों पर नहीं उतर पा रही थीं। इस वजह से फिलहाल 44 ई-बसों से ही संचालन किया जा रहा था। अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 94 ई-बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। श्राद्ध पक्ष के कारण फिलहाल नहीं शुरू हुआ संचालन 50 नई ई-बसों का संचालन फिलहाल श्राद्ध पक्ष के कारण शुरू नहीं किया गया है। अब नवरात्रि के पहले दिन से इन सभी 50 बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारने की तैयारी है। इसके बाद जयपुर में जेसीटीएसएल के बेड़े में शामिल सभी 94 ई-बसें यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी। इससे त्योहारी सीजन में शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में बसों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।