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देश में पहली बार! राजस्थान की ‘मां योजना’ से अब दूसरे राज्यों में भी फ्री कैशलेस इलाज

जयपुर राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA योजना) के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत की है। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के पात्र लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत देना है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी से अस्पतालों में पहचान, इलाज और भुगतान की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के निवासी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आरजीएचएस और सीजीएचएस योजना से जुड़े लोग इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे, यानी सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पतालों में इलाज संभव आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद देशभर के 31 हजार से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में राजस्थान के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के अंतर्गत 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज कैशलेस उपलब्ध होगा। योजना की मुख्य विशेषताएं -अन्य राज्यों में कैशलेस इलाज की सुविधा -25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार -प्रति परिवार 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम इन वर्गों को प्रीमियम सरकार जमा करवाएगी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सामान्य परिवारों को 850 रुपये का अंशदान जमा करना होता है, लेकिन कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवार, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित परिवार, संविदा कर्मी, लघु एवं सीमांत किसान, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

निःशुल्क कानूनी सहायता से मजबूत हुआ न्याय तंत्र, आमजन का विश्वास बढ़ा: मदन राठौड़

जयपुर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरणों की पारदर्शी और जवाबदेशी व्यवस्था से देश के आमजन में न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत हुआ है। मोदी सरकार के नेतृत्व में देशभर में निःशुल्क विधिक सहायता को एक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा सभी राज्यों से मासिक गतिविधि रिपोर्ट प्राप्त कर नियमित समीक्षा की जाती है, जबकि वार्षिक रिपोर्ट संसद के समक्ष रखी जाती है। इसके अतिरिक्त संसदीय स्थायी समिति और विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय बैठकों के माध्यम से भी विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। राठौड़ के सवाल पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ मिला है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राजस्थान में 20,290 लोगों को, 2024-25 में 22,216 लोगों को और 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 16,584 लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि न्याय केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जन तक वास्तविक रूप में पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए देशभर में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों, श्रमिकों, आपदा पीड़ितों और दिव्यांगजनों के लिए शिविरों के साथ-साथ सरल भाषा में बुकलेट और पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। ग्रामीण भारत में न्याय जागरूकता को मजबूत करने के लिए नालसा की ‘जागृति’ योजना भी शुरू की गई है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “सबको न्याय” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए विधिक सेवा प्रणाली को नई मजबूती दी है।  

कोहरे की चादर में लिपटा राजस्थान, 20 मीटर से कम दिख रही सड़कें

जयपुर राजस्थान इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अगले तीन दिनों के लिए बेहद घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है। कोहरे के चलते प्रदेश में कई जगह सड़क हादसे भी हो रहे हैं। राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घना कोहरा देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रविवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, डीग, धौलपुर व खैरथल-तिजारा बेहद घना कोहरा रहा। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते इन इलाकों में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अलवर और करौली प्रदेश के सबसे ठंडे शहर रहे। अलवर में अधिकतम तापमान 17 डिग्री और करौली में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करौली में दिन के तापमान में 7 डिग्री, जबकि अलवर में 5.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। दौसा, श्रीगंगानगर, कोटा, पिलानी, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर समेत लगभग सभी शहरों में तापमान 1 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। कोहरे के कारण कई शहरों में ‘ठंडा दिन’ दर्ज किया गया। दौसा में अधिकतम तापमान 23.3, सिरोही में 22.8, बारां में 23.7, गंगानगर में 21.1, पिलानी में 21.9 और कोटा में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहने से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ी हैं। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है और सुबह-शाम की सर्दी कुछ कम हुई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा। सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में 7 और चित्तौड़गढ़ में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल से बढ़ेगी सर्दी, कोहरा रहेगा जारी मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 23 दिसंबर से उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। साथ ही उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

विकास रथ यात्रा के साथ रामगंजमंडी में सुशासन पखवाड़ा, मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर किया समाधान

रामगंजमंडी (कोटा) राजस्थान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन पखवाड़े के तहत खैराबाद मंडल में आज सोमवार को विकास रथ यात्रा शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री तथा रामगंज मंडी के विधायक स्थानीय विधायक मदन दिलावर के नेतृत्व में निकाली गई | यात्रा की शुरुआत सुबह 9:30 बजे ग्राम सालेड़ा कलां से हुई | यात्रा में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री जी ने आपके बीच भेजा है| यह जानने के लिए भेजा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आपको मिल रहा है कि नहीं? मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश की भजनलाल शर्मा की भाजपा सरकार और देश में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार आपके लिए क्या नहीं कर रही है | आपके जनकल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है| राजस्थान में जब किसी के घर लाडो पैदा होती है तो उसे डेढ़ लाख रुपए का संकल्प पत्र दिया जाता है| पैदा होते ही ₹4000 बेटी की मां को मिलते हैं और उसके बाद स्कूल में एडमिशन लेने से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने पर अलग-अलग सा चरणों में भजनलाल जी लाडो को डेढ़ लाख रुपये भेजते हैं| इतना ही नहीं बच्ची को घर से स्कूल जाने के लिए साइकिल मुफ्त देते हैं| पढ़ने के लिए लैपटॉप देते हैं| स्कूल के बाद जब बेटी कॉलेज जाती है तो उसकी स्कूटी देते हैं| अब बताओ कोई सरकार इतना करती है क्या?  बच्चे स्कूल में दाखिला लेते हैं तो उन्हें किताबें फ्री,स्कूल की ड्रेस फ्री, खाना फ्री,यानी स्कूल में पढ़ने वाले अपने बच्चों को सब कुछ फ्री| यह सब फ्री चीज आपको भजनलाल शर्मा भेज रहे हैं| शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार की योजनाओं के बाद अपने विधायक विकास कोष से क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का पूरा लेखा जोखा भी ग्रामीणों को समक्ष पढ़कर सुनाया| इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में सड़क पर कीचड़ होने की बात कही तो मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत सड़क को ठीक कर पानी की निकासी दुरुस्त करने के लिए अपने विधायक कोष से ₹3 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए| इससे पूर्व सभा स्थल पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को साफा बंधवाकर तथा तलवार भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया| यात्रा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ यात्रा प्रभारी पूर्व मंडल अध्यक्ष राम रतन शर्मा, यात्रा के सह प्रभारी रमन सिंह, कोटा जिले के उप जिला प्रमुख कृष्ण गोपाल अहीर, खैराबाद पंचायत समिति की उप प्रधान श्रीमती स्वाति मीणा,खैराबाद के खंड विकास अधिकारी समय सिंह मीणा सहित तमाम अधिकारी भजन प्रतिदिन यात्रा में शामिल है| इसके बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का काफिला रथ यात्रा के साथ अगले गांव के लिए आगे बढ़ गया| सैलेड कल के बाद मंत्री दिलावर की रथ यात्रा बुद्ध खान होते हुए ढाकिया गांव पहुंची जहां सभा स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का जोरदार स्वागत किया| आज सोमवार को यात्रा सालेड़ा कलां से शुरू होकर बुधखान, ढाकिया,सारसनखेड़ी, सोहनपुरा,दुढ़कली, तंबोलिया,रिछड़िया, भीमपुरा होते हुए बुरनखेड़ी पहुंचकर संपन्न होगी| रथ यात्रा मार्ग में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर जहां राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 2 वर्ष के विकास कार्यों का बखान कर रहे हैं वहीं अपने द्वारा क्षेत्र में कराए गए कार्यों को भी बता रहे हैं| साथ ही लोगों से सुझाव और समस्याएं लेकर उनका समाधान भी तुरंत मौके पर ही कर रहे हैं| मदन दिलावर लगातार यात्रा में पूरे समय उपस्थित रहकर लोगों से मिलकर उनके अभाव अभियोग सुन रहे हैं और समाधान कर रहे हैं| दिलावर की यात्रा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है और वह रथ यात्रा का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत कर रहे हैं|

एमपी के पेंच से राजस्थान पहुंची बाघिन, वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सफल ट्रांसलोकेशन

बूंदी/ सिवनी रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पिछले एक महीने से चल रही इंतजार की घड़ियां रविवार को समाप्त होने को हैं। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से ट्रांसलोकेट की गई बाघिन पीएन 224 आज रात तक बूंदी पहुंच सकती है। हवाई मार्ग से इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन का राजस्थान में यह पहला मामला है। इस ट्रांसलोकेशन में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई है और मामले को देखते हुए बूंदी रामगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में पिछले 24 दिनों से वन विभाग को चकमा दे रही बाघिन को आखिरकार रविवार को पकड़ लिया गया और भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया। यह इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन का एक महत्वपूर्ण और सफल अभियान रहा। अधिकारियों के अनुसार बाघिन को रविवार सुबह से दोपहर तक कई बार हाथियों की मदद से घेरा गया। इसके बाद विशेषज्ञों ने उसे सावधानीपूर्वक ट्रैंकुलाइज किया। बेहोश करने के बाद बाघिन को रेस्क्यू वाहन में डालकर मध्य प्रदेश में सिवनी जिले के सुकतरा एयरस्ट्रिप लाया गया, जहां से शाम करीब 6 बजे MI-17 हेलीकॉप्टर द्वारा राजस्थान के लिए रवाना किया गया। हेलीकॉप्टर में बाघिन के साथ पिंजरा और विशेषज्ञों की पूरी टीम मौजूद थी। इस टीम में पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा, सहायक निदेशक गुरलीन कौर, रुखड़ रेंज के रेंजर लोकेश पवार, वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन ट्रस्ट के पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख, राजस्थान वन विभाग के अधिकारी और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे, ताकि बाघिन की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रात होने के कारण हेलीकॉप्टर को सीधे बूंदी नहीं उतारा गया। जयपुर में लैंडिंग के बाद बाघिन को सड़क मार्ग से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व लाया जा रहा है। पूरे अभियान में उच्च स्तरीय अधिकारियों की सतत निगरानी रही। बूंदी रामगढ़ टाइगर रिजर्व के एसीएफ नवीन नारायणी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सभी टीमों को अलर्ट पर रखा गया था और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। यह इंटर-स्टेट ट्रांसलोकेशन बाघों की प्रजनन दर बढ़ाने और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में मदद करेगा। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि नई बाघिन का रामगढ़ में बसना स्थानीय प्रजातियों के बीच सामंजस्य बनाए रखेगा और जैव विविधता को मजबूती प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक शुभ रंजन सेन ने बताया कि बाघिन पीएन 224 को पहले से आईडेंटिफाई कर उसे एक बार रेडियो कॉलर लगा दिया था, पर वह निकल भी गया था। ऐसे में दोबारा आज उसे दुबारा मिलने के बाद ट्रेंकुलाइज किया गया है। इस बाघिन की उम्र करीब ढाई-तीन साल के आसपास है।

भक्तों की सुविधा के लिए खाटू श्याम मंदिर रहेगा पूरे दिन खुला, VIP लाइन नहीं

जयपुर   विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में दिनों दिन भक्तों की संख्या जा रही है. नए साल के स्वागत के लिए अभी से ही श्याम भक्तों में उत्साह देखा जा रहा को है. इस बार बाबा के दरबार में पिछली बार से भी अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. इस बार 31 दिसंबर को एकादशी व नववर्ष साथ होने से भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है. पिछले चार-पांच वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में नए साल पर भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नए साल का जश्न मनाने के लिए जहां कुछ लोग होटल, बार और डिस्को का रुख करते हैं, वहीं श्याम प्रेमी बाबा श्याम के दर्शन को अपनी प्राथमिकता मानते हैं. अधिकांश श्याम भक्त नए साल की पहली सुबह बाबा श्याम के दर्शन कर अपने साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्याम भक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है., श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, बिजली और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है. साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्याम प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. कस्बे में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को बड़ी संख्या में श्याम भक्त दर्शन के लिए आएंगे. पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान मंदिर कमेटी की ओर से एकादशी व नववर्ष की तैयारियां की जा रही है. भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें, इसके लिए मंदिर कमेटी तत्पर है. पानी, मेडिकल कैंप, रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड सभी की माकूल व्यवस्था रहेगी. वहीं, थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि नववर्ष व एकादशी पर सांवलपुरा रोड, दांता रोड, सीतारामपुरा तथा 52 बीघा में पार्किंग की जाएगी. वहीं पुलिस जाब्ता दो फेज में मंगवाया जाएगा. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. VIP दर्शन रहेंगे बंद, 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा  नववर्ष पर भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा. इसके अलावा VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा इस दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले ही छूट पाएंगे. इसके अलावा मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जाएगा. दर्जनों कारीगर मंदिर की सजावट का कार्य करेंगे. नए साल पर भीड़ को देखते हुए 24 घंटे अंदर खुला रहेगा. एकादशी होने के कारण नव वर्ष पर मासिक मेले का भी आयोजन होगा.

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

अरावली पर संकट के खिलाफ हुंकार: ग्रामीणों का पहाड़ियों पर चढ़कर आक्रोश, जानिए पूरी मांग सूची

अलवर राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व पर मंडराते संकट को देखते हुए अब ग्रामीण सड़कों से लेकर पहाड़ियों तक लामबंद होने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट की हालिया गाइडलाइन के बाद, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली श्रृंखला से बाहर मानने की चर्चा है, बानसूर क्षेत्र में विरोध की आग तेज हो गई है। रविवार को बिलाली क्षेत्र में सैंकड़ों ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर चढ़कर प्रशासन और न्यायपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पहाड़ियों की चोटियों पर तिरंगा और तख्तियां लेकर अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अरावली उनके लिए केवल पत्थर के पहाड़ नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा करने वाली एक प्राकृतिक दीवार है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना गया, तो भू-माफिया और अवैध खनन करने वाले लोग इसे पूरी तरह नष्ट कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गुर्जर ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर चिंताजनक रूप से नीचे जा रहा है। अरावली की ये पहाड़ियां वर्षा जल को रोकने और जमीन को रिचार्ज करने का मुख्य स्रोत हैं। यदि इन्हें अरावली के दायरे से बाहर कर खनन की अनुमति दी गई, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएंगी। अरावली हमारी प्राकृतिक धरोहर और आन-बान-शान का प्रतीक है, जिसे किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जाएगा। सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें ग्रामीणों का आरोप है कि नई गाइडलाइन से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भारी धक्का लगेगा। इससे न केवल वन्यजीवों का आवास छीन जाएगा, बल्कि मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि सरकार और न्यायपालिका जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अरावली की सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें। चेतावनी: ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल बानसूर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश स्तर पर बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।  

शिक्षकों के कंधों पर विकसित भारत और विकसित राजस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी: भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं है, बल्कि वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर राष्ट्र के भविष्य को रोशन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। यह नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देगी। शर्मा शनिवार को बांसवाड़ा के लियो इंटरनेशनल संस्थान में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वो दहाड़ेगा। गरीब और वंचित समाज की प्रगति का एकमात्र जरिया शिक्षा ही है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो बौद्धिक विकास के साथ ही आत्मिक और नैतिक विकास भी करे। शिक्षित के साथ संस्कारवान भी बनाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सुनिश्चित करती है कि भाषा किसी विद्यार्थी की प्रगति में बाधा नहीं बने और प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में मिले। विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर तार्किक सोच पैदा हो। वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थी केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि दक्ष नागरिक बनें। विद्यार्थी किन्हीं परिस्थितियों में पढ़ाई छोड़ने के बाद उसे पुनः प्रारंभ कर सकें। उन्होंने कहा कि इस नीति को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकगणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक हमारे समाज के पथ प्रदर्शक, आने वाली पीढ़ियों का गढ़ते हैं भविष्य – शर्मा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल अक्षर या पुस्तक ज्ञान देने तक ही सीमित नहीं है, इनकी भूमिका बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है। इसीलिए शिक्षक को भविष्य निर्माता और राष्ट्र निर्माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। शिक्षक दीपक के समान समाज को आलोकित करता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है। जब-जब समाज में परिवर्तन आया है, उसका नेतृत्व शिक्षक ने किया है। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने एक साधारण बालक चंद्रगुप्त को सम्राट बनाया क्योंकि उनके पास शिक्षा और दृष्टिकोण की शक्ति थी। चाणक्य ने कहा कि प्रलय और निर्माण शिक्षक की गोद में पलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ की नींव को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों का राजकीय निधि कोष का शुल्क माफ – मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण क्षेत्र में पिछले दो साल में अनेक अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में युवाओं के लिए परीक्षाओं की तैयारी करवाने की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में 36 राजकीय कन्या महाविद्यालयों में अध्ययन सुविधा प्रारंभ की गई है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिया जाने वाला शुल्क माफ किया गया है। 41 जिला मुख्यालयों पर महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ – शर्मा ने कहा कि 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। 177 नए राजकीय महाविद्यालयों के भवन बनाए गए हैं। 17 महाविद्यालयों को यूजी से पीजी में क्रमोन्नत किया है। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 संभाग मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीसीए कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ किया गया है। 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित – मुख्यमंत्री ने कहा कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी एवं देवनारायण स्कूटी योजना के तहत 39 हजार 586 स्कूटियों का वितरण किया गया है। 65 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। विद्यार्थियों को मानसिक अवसाद से बचाने एवं मानसिक संबल प्रदान करने के लिए राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एंड रेग्यूलेशन बिल) 2025 पारित किया है। राज्य में 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि- शर्मा ने कहा कि 500 पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली हैं। 714 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। 142 पीएम श्री विद्यालयों में ओ-लैब स्थापित की गई हैं। राजकीय विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 1 से 8 तक के समस्त बालक-बालिकाओं एवं कक्षा 9 से 12 की बालिकाओं को यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि प्रति विद्यार्थी डीबीटी की जा रही है। अब तक 41 लाख 25 हजार विद्यार्थियों को 330 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 45 हजार 489 विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां दी गई हैं। 10 लाख 51 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं। शैक्षिक सम्मेलन चिंतन का सशक्त मंच – मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षकों के बीच विचार-विमर्श के साथ ही चिंतन का भी एक सशक्त मंच है। यहां से जो विचार निकलेंगे, वे हमारी शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने में सहायक होंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करें जहां विद्यार्थी न केवल परीक्षा उत्तीर्ण करें, बल्कि एक स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त नागरिक बनकर निकलें।  

न्यायिक प्रक्रिया को नई रफ्तार: आर्बिट्रेशन सुनवाई के लिए अत्याधुनिक अकॉर्ड हब शुरू

जयपुर पिंकसिटी जयपुर में शनिवार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित आर्बिटेशन सेंटर अकॉर्ड हब का शुभारंभ हो गया । मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस अतुल कुमार जैन ने फीता काटकर इस सेंटर का शुभारंभ किया । इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच सी गणेशिया , उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन देवेंद्र मोहन माथुर, सीनियर एडवोकेट संदीप पाठक, सुधांशु कासलीवाल, प्रतीक कासलीवाल, सुकृति कासलीवाल, प्रमुख शासन सचिव माइंस टी रविकांत, पूर्व एसीएस जेसी मोहंती, , पूर्व चीफ इंजीनियर पीडल्ब्यूडी शिवलहरी, पूर्व चीफ इंजीनियर उमेश ढींगरा समेत हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और अधिवक्तागण मौजूद रहे । इस मौके पर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपनी शुभकानाएं प्रेषित की । टोंक रोड पर लालकोठी स्थित कैलाश टावर में इस आर्बिटेशन सेंटर को बनाने वाली कंपनी अकॉर्ड हब के सीईओ चित्रित गुप्ता ने अतिथियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि यह देश का पहला विधिक रूप से नियोजित, उद्देश्यपरक एवं पूर्णतः सुसज्जित ADR केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र आधुनिक कानूनी आवश्यकताओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा भारतीय न्यायिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। अकॉर्ड हब, मध्यस्थता, सुलह एवं सुलह-समझौता सेवाओं के लिए एक पूर्णतः डिजिटल, सुव्यवस्थित एवं उपयोगकर्ता केंद्रित मंच प्रदान करता है। यह केंद्र एक सशक्त एवं सहज डिजिटल वेबसाइट www.accordhub.in द्वारा संचालित है. जहाँ फिगर टच पर 24×7 ऑनलाइन बुकिंग, कक्षों की उपलब्धता, व्यक्तिगत एवं समूह उपयोग की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध है।यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। चित्रित गुप्ता ने बताया कि आर्बिटेशन सेंटर में स्थित "बृहस्पति कक्ष एवं कौटिल्य कक्ष" सप्ताह के सभी सातों दिन 24×7 उपलब्ध हैं तथा इन्हें अत्यंत रियायती दरों पर उपयोग के लिए प्रदान किया जा रहा है। ये कक्ष आधुनिक तकनीक, गोपनीयता, ध्वनि नियंत्रण तथा सौम्य वातावरण से युक्त हैं, जिससे निष्पक्ष, निर्वाध एवं प्रभावी कार्यवाही संभव हो सके। यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अकॉर्ड हब का स्थान जयपुर के न्यायिक केंद्र क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सुविधाजनक है। यह केंद्र राजस्थान उच्च न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय और उच्च न्यायालय अधिवक्ता आवास एवं चैंबरों से पैदल दूरी यानि वॉकिंग डिस्टेंस पर स्थित है। जिला न्यायालय परिसर से भी काफी नजदीक स्थित है। यह क्षेत्र सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन से भली-भाँति जुड़ा हुआ है, जिससे अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, पक्षकारों एवं संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए यह अत्यंत सुगम बनता है। चित्रित गुप्ता ने बताया कि अकॉर्ड हब में सपूर्ण डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाई गई है, जिससे गोपनीयता, डेटा सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। कागजी कार्यवाही पर निर्भरता कम करते हुए डिजिटल अभिलेखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।