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जल संरक्षण पर बड़ा कार्यक्रम: आज मंत्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य में होगा ‘वाटरशेड महोत्सव’

जयपुर संभाग स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का आयोजन आज महाराणा प्रताप सभागार दुर्गापुरा, जयुपर में आयोजित होगा। अतिरिक्त मुख्य अभियंता (पदेन परियोजना प्रबंधक), वाटरशेड सेल कम डेटा सेंटर, श्री दिनेश कुमार ने बताया कि संसदीय कार्य एवं विधि न्याय मंत्री श्री जोगाराम पटेल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जयपुर संभाग में संचालित 29 परियोजनाओं के लाभार्थियों को योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ परियोजना क्षेत्रों के कृषक भी सहभागिता करेंगे।

प्रवासी राजस्थानी प्रदेश के विकास में बड़े साझेदार, राज्य में हर क्षेत्र में संभावनाएं मौजूद

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, चिकित्सा सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, प्रदेश की भौगोलिक विविधता एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इस विकास यात्रा को और मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की इस प्रगति में बड़े साझेदार बने हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हम सभी के सहयोग से राजस्थान को देशभर में अग्रणी राज्य बनाकर विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सूरत, लंदन, दुबई, सिंगापुर, कंपाला, टोक्यो, दोहा, म्यूनिख, न्यूयॉर्क , भुवनेश्वर, नैरोबी, कोलकाता एवं दिल्ली चैप्टर्स के सदस्यों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी चैप्टर्स के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनके द्वारा राज्य में किए जाने वाले निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों की राज्य में निवेश के लिए हर संभव मदद की जाए। साथ ही, सिंगल विंडो क्लीयरेंस के माध्यम से उनके निवेश प्रस्तावों पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। प्रवासी राजस्थानियों के हित में लगातार कार्य कर रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रवासी राजस्थानियों का अपनी मिट्टी से जुड़ाव बना रहे, इसके लिए हमारी सरकार ने प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस पर ऐतिहासिक आयोजन किया। प्रवासियों के कल्याण तथा उनके हितों के लिए ‘राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामलात विभाग’ का गठन किया गया है। साथ ही, प्रवासी राजस्थानी नीति भी लाॅन्च की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों के जुड़ाव को और मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए चैप्टर्स की घोषणा की गई है। जिससे इन चैप्टर्स की कुल संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा ईज आॅफ डूइंग बिजनेस के लिए प्राथमिकता से कार्य किया गया है। साथ ही, निवेशकों के लिए ‘राजनिवेश’ पोर्टल भी महत्वपूर्ण है, जिसके माध्यम से निवेशक मिनटों में ई-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर अपने प्रोजेक्ट की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए उत्सुक – प्रवासी राजस्थानी इस दौरान देश-विदेश से आए विभिन्न चैप्टर्स के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस के अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से दुनियाभर में बसे प्रवासी राजस्थानियों को एक मंच पर आने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं और वे इस निवेश को और बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं, जिससे प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके। संवाद के दौरान प्रवासी राजस्थानियों ने हाॅस्पिटैलिटी एवं ट्यूरिज्म सेक्टर, वैलनेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लिटरेसी, आईटी, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग फाॅर विमेंस, फिल्म शूटिंग, फाॅरेन लैंग्वेज, स्किल डेवलपमेंट, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, मेडिसिन एवं हैल्थ इक्विपमेंट, मल्टी स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल सहित विभिन्न सेक्टर्स में निवेश करने की मंशा जताई। अधिकारियों द्वारा इस संबंध में निवेशकों को निवेश संबंधी प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी दी गई।  इस दौरान सभी चैप्टर्स द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संवाद में 13 एनआरआर चैप्टर्स के सदस्यों सहित जाम्बिया, घाना व न्यूजीलैंड के प्रवासी राजस्थानियों ने भी हिस्सा लिया। 

बाघ अभ्यारण्यों से ही जंगल बचे रहे हैं, बाघों के साथ जल, जंगल और ज़मीन बचाने के हों प्रयास- राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि बप्पा रावल के नाम पर ही रावल पिंडी बना हुआ है। वह मेवाड़ के ऐसे पराक्रमी योद्धा थे जिन्होंने अरब से आए मीर कासिम को ईरान तक खदेड़ा। उन्होंने राजस्थान को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि यहां सर्वाधिक बाघ अभ्यारण्य होने के साथ ही, प्रकृति संरक्षण परंपराएं भी जीवंत हैं। उन्होंने बाघों के साथ जल, जंगल और ज़मीन बचाने के लिए भी सबको मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। श्री बागडे गुरुवार को जवाहर कला केंद्र में जयपुर टाइगर फेस्टिवल के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाघ उत्सव में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और वन, वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि बाघों के होने से ही पारिस्थितिकी संतुलन बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मनुष्य आबादी के साथ ही बाघों के प्राकृतिक आवास तेजी से संकुचित हो रहे हैं। उन्होंने बाघ संरक्षण के लिए जागरूकता का प्रसार किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने  कहा कि बाघ अंब्रेला स्पेसिस है। वह रहेगा तभी जंगल और जंगली जीव सुरक्षित रह सकते हैं। इसी से पर्यावरण संरक्षण बना रहेगा। उन्होंने कहा कि देश में बाघ अभ्यारण्य बनने से ही जंगल बचे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान भक्ति और शक्ति का ही प्रदेश नहीं है, गौ पालन का भी सबसे बड़ा स्थान है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है। गौ पूजा, गौशाला स्थापना में राजस्थान अग्रणी है। उन्होंने बाघ को विश्व का बहुत सुंदर और शक्तिशाली जीव बताते हुए कहा कि विश्व के 75 प्रतिशत बाघों की संख्या अकेले हमारे देश में हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के रणथम्भौर नेशनल पार्क, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व व सरिस्का टाइगर रिजर्व को अच्छी श्रेणी का टाइगर रिजर्व माना गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में कुल 160 बाघ हैं, जिनमें 144 जंगली और 16 कैप्टिविटी में हैं। रणथंभौर में सबसे ज़्यादा 71 बाघ हैं। राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छ जल, भूमि उर्वरता में सुधार आदि के साथ ही जैव विविधता का संरक्षण बाघों की आबादी पर ही निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण के साथ पर्यटन का विकास भी इस तरह से हो कि वन्य जीवों को किसी तरह की हानि नहीं पहुंचे। उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए जन चेतना का प्रसार करने का आह्वान किया।

अम्बेडकर DBT वाउचर स्कीम: अंतिम तारीख 31 दिसंबर, जल्दी करें ऑनलाइन आवेदन

जयपुर राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। विभाग के उपनिदेशक श्री जितेंद्र सेठी ने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में नियमित रूप से अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इच्छुक विद्यार्थी अपनी SSO ID के माध्यम से sso.rajasthan.gov.in और sjms.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिससे विद्यार्थी सरलता से निर्धारित अवधि में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

शिक्षा मंत्री ने जोधपुर के हर्बल गार्डन में किया पौधरोपण

जयपुर जोधपुर जिला प्रभारी एवं शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जोधपुर के माता का थान चौराहा के पास स्थित हर्बल गार्डन में जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि औषधीय पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, नागरिकों एवं युवा वर्ग से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

राजस्थान में शीतलहर का असर बढ़ा, पारा 3° तक गिरा, 12 दिसंबर से मिलेगी मामूली राहत

जयपुर  राजस्थान में ठंड लगातार कहर बरपा रही है। बुधवार को राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। माउंट आबू, नागौर और फतेहपुर प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहाँ पारा क्रमशः 3°, 3.3° और 3.4° सेल्सियस तक पहुंच गया। शेखावाटी और मारवाड़ इलाके में सुबह-शाम हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। 20 से ज्यादा शहरों का तापमान 10° सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड हुआ। सीकर में न्यूनतम तापमान 5°, लूणकरणसर में 5.1°, दौसा 5.7°, जालौर 5.9°, और करौली में 6.6° सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर में बुधवार सुबह हल्की धुंध छाई रही, जबकि सीकर में आसमान साफ रहा और हल्के बादल दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को भी ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। हालांकि, 12 दिसंबर से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं कमजोर पड़ेंगी। इसके चलते न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी और लोगों को कड़ाके की ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। ठंड बढ़ने के बीच दिन में निकली तेज धूप ने कुछ राहत जरूर दी। बुधवार को अधिकतम तापमान कई शहरों में 25° से ऊपर रहा और बाड़मेर में दिन का तापमान 32.6° सेल्सियस तक पहुंच गया।

इथेनॉल फैक्ट्री पर किसानों का विरोध, राजस्थान में पथराव और आगजनी के बाद भारी पुलिस बल तैनात

हनुमानगढ़  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. महापंचायत के बाद सैकड़ों किसानों ने फैक्ट्री परिसर की ओर कूच किया, दीवार तोड़ी और वहां खड़ी 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इसमें 10 कारें, कई बाइक, पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन जलकर राख हो गई. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है. बवाल के बाद 7 किसानों को डिटेन किया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और एसपी ने असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. घटना बुधवार शाम की है जब टिब्बी क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई. किसान लंबे समय से ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की 450 करोड़ रुपये की लागत वाली अनाज आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि फैक्ट्री से प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित होगा और फसलें प्रभावित होंगी. महापंचायत शांतिपूर्ण रही, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ गए. ट्रैक्टरों से दीवार तोड़ने के बाद पथराव शुरू हो गया. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. देर रात जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव का बयान सामने आया. दीवार तोड़े जाने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और किसानों तथा पुलिसकर्मियों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से हुई धक्का-मुक्की और पथराव में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पुनिया भी इसमें चोटिल हुए और उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति बिगड़ने पर आक्रोशित किसानों ने पुलिस और प्रशासन के वाहनों में आग लगा दी। हिंसा बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने टिब्बी और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। साथ ही आगामी आदेश तक स्कूलों और दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इलाके में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हनुमानगढ़ के एसपी हरि शंकर ने बताया, "इथेनॉल प्लांट के खिलाफ महापंचायत की गई थी। कुछ लोगों ने फैक्ट्री की तरफ कूच किया और वहां तोड़फोड़ की। झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है।"

वैष्णोदेवी से खाटूश्याम जा रहे श्रद्धालुओं की बस की ट्रक से टक्कर, 4 मरे, 28 घायल

 सीकर जयपुर-बीकानेर नेशनल हाइवे पर मंगलवार देर रात वो मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। फतेहपुर के पास रात 10:40 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्लीपर बस को ऐसी टक्कर मारी कि बस के परखच्चे चारों ओर फैल गए। जोरदार धमाका होते ही खिड़कियों से उड़ती कांच की बौछार और मेटल के तीखे टुकड़ों ने यात्रियों को चीरकर रख दिया। चीखों और कराहों से पूरा हाईवे गूंज उठा। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे—सभी गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते हुए वे खाटूश्यामजी जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में सड़क पर मौत उनका इंतजार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीकानेर की ओर से आ रही बस अपनी लेन में थी, जबकि झुंझुनूं से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सीधे बस के केबिन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। पहले हिस्से में बैठे यात्री और बस स्टाफ बुरी तरह दब गए। कई घायलों के शरीर में कांच और मेटल के बड़े-बड़े टुकड़े धँस गए। हादसे का शोर सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, लेकिन उन्हें सिर्फ मलबा, खून और चीखें नजर आ रही थीं। हादसे के तुरंत बाद तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई—मयंक, बस ड्राइवर कमलेश और एक अज्ञात यात्री। कंडक्टर मितेश को गंभीर हाल में सीकर से जयपुर रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बस में सवार 28 लोग घायल हुए। इनमें 15 को गंभीर हालत में सीकर भेजा गया। सबसे ज्यादा गंभीर—अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन, आशीष पुत्र रामलाल। इसके अलावा निलेश, सुहानी, कर्मल बेन, जमवंत, सुदा बेन, अर्जुन, अमित, शीला बेन को भी सीकर रेफर किया गया। इनमें 2-3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। 13 अन्य घायलों का फतेहपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। एंबुलेंस ड्राइवर भीम सिंह बताते हैं रात 10:30 बजे कॉल आया। पहुंचा तो लोग बस के अंदर फंसे हुए थे। चारों तरफ खून था। किसी की चीख, किसी की सिसकी… समझ नहीं आ रहा था किसे पहले निकालें। तुरंत आसपास की सभी 108 एंबुलेंस को बुलाया। स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। ये नज़ारा जिंदगी भर याद रहेगा।” बस के आगे का हिस्सा इस कदर दब चुका था कि यात्रियों को गैस कटर से निकालना पड़ा। कई घायल खून से लथपथ सड़क पर पड़े कराह रहे थे। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया हादसा बहुत भयानक था। 3 लोगों की मौके पर मौत हुई थी। बाद में गंभीर घायलों में एक और ने दम तोड़ा। 15 घायलों को सीकर रेफर किया गया है।

सांस्कृतिक मिलन का महाकुंभ: प्रवासी राजस्थानी दिवस पर जुड़ेगी वैश्विक राजस्थानियों की ताकत

जयपुर  एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की होगी ग्राउंड ब्रेकिंग जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे। 8,700 से अधिक लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। 10 दिसम्बर को जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी। साथ ही, प्रवासी राजस्थानी नीति के साथ ही निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी नीतियों का अनावरण भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। साथ ही, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा सहित कई उद्योगपति भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रवासियों का सम्मान, सेक्टोरल सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे इस एक दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन सत्र के साथ होगी। इसके बाद प्रवासी राजस्थानी संवाद और उद्योग, ऊर्जा, जल, खान, शिक्षा, पर्यटन तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सेक्टोरल सेशन होंगे। इन विशेष सत्रों में विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रवासी राजस्थानी सम्मान भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखेगी। 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे कार्यक्रम में सभी 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसमें 12 अंतरराष्ट्रीय चैप्टर हैं, जिसमें म्यूनिख (जर्मनी), नैरोबी (केन्या), दुबई (यूएई), सिंगापुर (सिंगापुर), दोहा (कतर), टोक्यो (जापान), रियाद (सऊदी अरब), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), कंपाला (युगांडा), काठमांडू (नेपाल), लंदन (यूके), न्यूयॉर्क (यूएसए) शामिल हैं। साथ ही, 14 चैप्टर घरेलू हैं, जिसमें दिल्ली, रांची, गुवाहाटी, पुणे, भुवनेश्वर, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता और कोयम्बटूर शामिल हैं। लगातर धरातल पर उतरता निवेश, 10 से अधिक नई नीतियां लॉन्च होंगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान में कुल 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे, उनमें से 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। 10 दिसम्बर को एक लाख रुपये निवेश समझौतों की ग्राउंड ब्रेकिंग के साथ ही यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। साथ ही, प्रदेश को बेहतरीन निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में लिए जा रहे नीतिगत फैसलों के क्रम 10 से अधिक नई नीतियों का भी अनावरण किया जाएगा। इसमें प्रवासी राजस्थानी नीति भी शामिल है। विकास यात्रा का प्रगति पथ कार्यक्रम स्थल पर प्रवासियों और उद्योगपतियों को राजस्थान के विकास से अवगत कराने के लिए प्रगति पथ थीम पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पैनल और वीडियो फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से अवगत कराना है ताकि वे ‘बढ़ता राजस्थान- हमारा राजस्थान’ भाव के साथ अच्छी यादें लेकर लौटें। प्रवासियों से संवाद-सहयोग के लिए अहम निर्णय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। सभी प्रवासियों को एक मंच पर लाने के लिए राजस्थानी दिवस की घोषणा, उनके हितों की रक्षा के लिए नए विभाग का गठन, नई प्रवासी राजस्थानी नीति जैसे निर्णय शामिल हैं। प्रवासी राजस्थानियों के परिवारजन के लिए प्रदेश के हर जिले में सिंगल प्वॉइंट कॉन्टेक्ट बनाया गया है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसम्बर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है। इसकी पूर्व गतिविधियों के रूप में हैदराबाद, सूरत एवं कोलकाता में प्री मीट का आयोजन किया जा चुका है। साथ ही, पर्यटन प्री मीट का भी आयोजन किया गया है।

हिंदुस्तान जिंक की बड़ी पहल: राजस्थान तेजी से उभर रहा है ‘क्रिटिकल मिनरल्स हब’

जयपुर हिंदुस्तान जिंक, जो वेदांता ग्रुप की कंपनी है, राजस्थान में तेजी से विकास और रोजगार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। कंपनी राज्य में पाँच खदानें और तीन स्मेल्टर चलाती है, जिससे राजस्थान देश का महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स केंद्र बनता जा रहा है। पिछले 10 सालों में हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार को ₹35,865 करोड़ दिए हैं। सिर्फ वित्त वर्ष 2025 में ही कंपनी का योगदान ₹5,145 करोड़ रहा, यानी हर दिन लगभग ₹10 करोड़ राज्य की आर्थिक प्रणाली में जुड़ रहा है। कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी वैल्यू बना रही है और पिछले दस वर्षों में कुल ₹1,52,992 करोड़ का योगदान दिया है। अपनी नई रणनीति HZL 2.0 के तहत कंपनी सिर्फ जिंक और चांदी ही नहीं, बल्कि कई तरह के महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन पर काम कर रही है। 2002 से कंपनी का उत्पादन काफी बढ़ा है—जिंक उत्पादन 2 लाख टन से बढ़कर 1 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है। चांदी का उत्पादन भी 20 गुना बढ़ा है, जो सोलर और क्लीन एनर्जी के लिए बहुत जरूरी है। कंपनी को लगातार तीसरे साल दुनिया की सबसे सस्टेनेबल माइनिंग कंपनी का सम्मान मिला है और यह ICMM की सदस्य बनने वाली पहली भारतीय कंपनी है। सामाजिक विकास में भी कंपनी सक्रिय है। 2016 से अब तक कंपनी ने ₹1,750 करोड़ समुदाय विकास में लगाए हैं, जिससे 2.3 मिलियन लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और खेलों के जरिए मदद मिली है। कंपनी ने हाल ही में 23 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स को भी अपनी टीम में शामिल किया है। आने वाले समय में रामपुरा-आगुचा में 250 KTPA मेटल्स कॉम्प्लेक्स और देश के पहले 10 MTPA टेलिंग रीप्रोसेसिंग प्लांट जैसे बड़े निवेश होने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से राजस्थान का औद्योगिक और आर्थिक विकास और तेज होने की उम्मीद है।