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अवैध प्रवासियों पर सरकार से सवाल जवाब: सचिन पायलट ने SIR मुद्दे पर कसा तंज

टोंक कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने SIR (मतदाता सूची सुधार अभियान) और कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग ने सभी फॉर्म 4 दिसंबर से पहले भरने की समयसीमा तय की है। पायलट ने कहा, “वे चाहते हैं कि SIR यहीं जल्दी पूरी हो जाए, जैसे बिहार में किया गया। लेकिन हम इसमें सावधानीपूर्वक कार्रवाई कर रहे हैं। मैंने हमेशा देखा है कि भाजपा के नेता, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री कहते रहे हैं कि अवैध प्रवासियों को बाहर निकालना जरूरी है। अगर कोई अवैध रूप से देश में रह रहा है, तो उसे देश से बाहर निकाला जाए। लेकिन मुझे बताइए, पिछले 11 वर्षो में भारतीय सरकार ने कितने अवैध प्रवासियों को देश से निकाला?” सचिन पायलट ने आगे कहा, “चुनाव आते हैं और प्रवासियों का नाम लेते हैं, लेकिन आखिर में किसके वोट काटने की कोशिश हो रही है? गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासी। संविधान ने इन लोगों को अधिकार दिए हैं, और अगर उनके नाम हटाए जाते हैं, तो लोकतंत्र में इससे बड़ा पाप और क्या होगा। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मेहनत करनी चाहिए कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर नागरिक, जिसे वोट का अधिकार है, उससे कोई वंचित न हो। यह देश में पहली बार SIR नहीं हो रहा है। कई BLO (बुनियादी स्तर के अधिकारी) मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि काम निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।” कर्नाटक में मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रहे विवाद पर पायलट ने कहा, “जो आप देख रहे हैं और सुन रहे हैं, मामला कुछ और है। दोनों, राज्य अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने सरकार बनाने के लिए मेहनत की। वे इसे साथ में चला रहे हैं और साथ में इसे दोबारा सफल बनाएंगे।” सचिन पायलट ने यह भी जोर देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

बाड़मेर ने एसआईआर डिजिटाईजेशन में मारी बाजी, टीना डाबी ने साझा किया सफलता सूत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत शत प्रतिशत डिजिटाईजेशन पूर्ण कर बाड़मेर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है। जिले में शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि 97 प्रतिशत मैपिंग कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बाड़मेर जिले के समस्त मतदाताओं ओर जिले की निर्वाचन टीम को बधाई दी। इधर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बाड़मेर निर्वाचन टीम को बधाई दी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि पोलिंग बूथ पर 100 प्रतिशत कार्य पूरा करने में बाड़मेर जिला अव्वल है। बाड़मेर में अब तक कुल 1407 पोलिंग स्टेशनों पर शत प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही बालोतरा के 751 और चूरू के 668 पोलिंग स्टेशनों पर 100 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बाड़मेर, गुड़ामालानी, चौहटन एवं बायतु विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन तथा त्रुटिरहित बनाना है ,ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बाड़मेर जिले ने मतदाताओं के सौ फीसदी डिजिटाईजेशन का कार्य सबसे पहले पूरा कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  जिला निर्वाचन अधिकारी डाबी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण राज्य और केंद्र निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में इन बीएलओ ने जिस सत्यनिष्ठा और तत्परता का परिचय दिया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि इन कार्मिकों की ओर से स्थापित कार्य-संस्कृति अन्य समस्त कार्मिकों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।  

बाबरी विध्वंस दिवस पर ‘शौर्य दिवस’ मनाने का निर्देश वापस, मंत्री ने अचानक क्यों रोका आदेश?

जयपुर राजस्थान शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6 दिसंबर को 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाने का एक आदेश जारी किया था। 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी की तारीख है। यह आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर दिया गया था। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 6 दिसंबर को छात्रों और कर्मचारियों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रवाद, वीरता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। इन कार्यक्रमों में राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, और योग शामिल थे। हालांकि आदेश जारी होने के 12 घंटे के अंदर अब इसे रद्द कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश वापस लेने का कारण यह बताया कि राज्य के स्कूलों में 5 और 6 दिसंबर के आसपास परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण परीक्षा अवधि के दौरान कोई अतिरिक्त गतिविधि या कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए, 'शौर्य दिवस' के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।  

दिल्ली-NCR जैसे हालात राजस्थान में भी, हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज

जयपुर प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और हालात अब खतरनाक श्रेणी में पहुंच गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर स्तर पर दर्ज किया गया। भिवाड़ी में AQI 369 दर्ज किया गया, जो हवा में अत्यधिक प्रदूषण का संकेत है। राजधानी जयपुर में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक मोड़ पर पहुंचकर 233 तक दर्ज हुई। वहीं श्रीगंगानगर, नागौर, जालौर और कोटा जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में रहे। राजस्थान के प्रमुख शहरों का AQI इस प्रकार रहा : टोंक- 227, भिवाड़ी- 369 कोटा- 271 डूंगरपुर- 254 जयपुर- 233 जालौर- 237 नागौर- 222 चुरू- 225 बीकानेर- 226 झुंझुनूं- 221 जोधपुर- 217 राजसमंद- 213 झालावाड़- 205 पाली- 204 उदयपुर- 202 गंगानगर- 191 मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और हवाओं की रफ्तार कम होने से प्रदूषण फैलने के बजाय नीचे ही जमा हो रहा है। इसलिए फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में श्वास संबंधी बीमारियों, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर जैसी परिस्थिति राजस्थान में भी बनने का खतरा दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित जगहों से दूर रखें, घर में एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें। राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

सिम लिमिट और डिजिटल सेफ्टी पर राजस्थान हाई कोर्ट सख्त: 3 से ज्यादा सिम नहीं मिलेंगे, बच्चों के फोन और नेट बैंकिंग पर भी निर्देश

जोधपुर साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराध के मामले इन दिनों बढ़ते जा रहे हैं। साइबर अपराध इन दिनों देश की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। सारबर ठगी और अपराधों पर नियंत्रण के लिए राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। अपने इस फैसले में राजस्थान हाई कोर्ट ने कई निर्देश दिए हैं। जैसे कि किसी व्यक्ति के नाम पर 3 से अधिक सिम जारी नहीं करना, बच्चों के सोशल-मीडिया इस्तेमाल करने के गाइडलाइन आदि। बता दें कि राजस्थान के जोधपुर हाई कोर्ट ने 84 साल के एक बुजुर्ग दंपती से 2 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ये सभी निर्रेश जारी किए हैं। साथ ही कोर्ट ने आरोपियों की याचिका भी खारिज कर दी है। जोधपुर हाई कोर्ट के जस्टिस रवि चिरानिया ने सरकार, पुलिस और बैंकों के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। इंटरनेट और मोबाइल चलाने को लेकर गाइडलाइन बनाने के निर्देश जोधपुर हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया। जिसमें कहा कि वे भारतीय साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की तर्ज पर राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना करें। 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्कूल में मोबाइल, ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया के इस्तेमाल लेकर एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने किसी भी व्यक्ति के नाम पर 3 से अधिक सिम कार्ड जारी नहीं करने का आदेश दिया।     जोधपुर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि (I4C) की तर्ज पर राजस्थान में (R4C) की स्थापना की जाए।     गृह विभाग और कार्मिक विभाग को मिलकर DG साइबर के अधीन स्पेशल IT इंस्पेक्टर की भर्ती की जाएगी।     ये इंस्पेक्टर सिर्फ साइबर मामलों की जांच करेंगे। साथ ही इनका दूसरे विभाग में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।     कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी बैंक और फिनटेक कंपनियां ‘म्यूल अकाउंट’ और संदिग्ध ट्रांजैक्शन पकड़ने के लिए RBI की ओर से डवलप किए गए ‘Mule Hunter’ जैसे AI टूल्स का उपयोग अवश्य करें। इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई को नियंत्रित करने के निर्देश इसके साथ ही हाई कोर्ट ने इंटरनेट बैंकिंग को लेकर भी आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा जिन खाताधारकों का सालाना ट्रांजैक्शन 50 हजार रुपए से कम है या जिनकी डिजिटल साक्षरता कम है, ऐसे ग्राहकों की इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई लीमिट को नियंत्रित किया जाए।  

रोजगार के नए अवसर: दिया कुमारी ने घुमंतु समुदाय को सौंपे आर्थिक संसाधन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के जयसिंहपुर खोर क्षेत्र में घुमंतु जाति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित “घुमंतु जाति रोजगार मेले ” में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने घुमंतु समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक रोजगार संसाधनों का वितरण किया और सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि घुमंतु समाज को रोजगार के माध्यम से अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलना बेहद खुशी की बात है।  उन्होंने कहा, “मैं आपके परिवार की सदस्य हूँ और आपके लिए जो भी संभव होगा, हमेशा पूरा प्रयास करूंगी। आने वाले बजट में भी ऐसी अनेक योजनाएँ लाने का प्रयास रहेगा जिससे समाज के लोगों को अधिक लाभ मिल सके।” उपमुख्यमंत्री ने भामाशाहों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भी आह्वान किया कि वे घुमंतु परिवारों के सहयोग के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर संकल्प लें कि एक-दूसरे का सहयोग करके समाज को विकसित और सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब और वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपना दायित्व निभाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस मेले को समाज के प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भर, सशक्त और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज प्रदान किए गए संसाधन घुमंतू समाज के लोगों के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।

सरकार ने जारी किया तबादला सूची: 26 अतिरिक्त SP बदले, पूर्व आदेश वापस

जयपुर जिलों में थानेदारों के तबादलों की सूचियां आने के बाद अब प्रदेश स्तर पर भी पुलिस महकमें में  देर रात बड़े स्तर पर बदलाव हुए हैं। शुक्रवार रात को 26 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, झालावाड़, अजमेर, करौली, दौसा, अलवर, डूंगरपुर सहित कई जिलों और रेंजों में तबादले किए गए हैं। महिला अपराध अनुसंधान सैल, लीव रिजर्व, अपराध एवं सतर्कता, डिस्कॉम और प्रोटोकॉल समेत कई पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही, पूर्व में किए गए कई तबादलों को भी निरस्त किया गया है। इसमें शामिल हैं: संदीप सारस्वत (ACB से ASP, संगठित अपराध, जयपुर पुलिस आयुक्तालय), कीर्ति सिंह (लीव रिजर्व, पुलिस मुख्यालय से विभागीय जांच प्रकोष्ठ), किशोर सिंह (सिरोही से बाड़मेर), विजय कुमार सांखला (अजमेर रेंज अपराध एवं सतर्कता से केकड़ी, अजमेर), और डॉ. लालचंद कायल (लीव रिजर्व विजिलेंस जयपुर से खैरथल-तिजारा) के ट्रांसफर।

जमीन विवाद में गोलियों की तड़तड़ाहट! अलवर में महिला की मौत, कई घायल

अलवर अलवर जिले के नोगावा थाना क्षेत्र के मुबारिकपुर के रायसिख बॉस में जमीन विवाद को लेकर बड़ा झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान एक पक्ष के लोगों ने खुलेआम फायरिंग की। इस फायरिंग में गोली लगने से चरण सिंह की पत्नी दीपो बाई के जबड़े में गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में कुल छह लोग घायल हुए हैं। इनमें से पांच लोगों को नोगावा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसे गंभीर हालत में रेफर किया गया, लेकिन यह घायल अलवर के किस अस्पताल में ले जाया गया है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। इस मामले में मृतक महिला दीपो बाई के बेटे कुलदीप सिंह ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन बीघा जमीन को लेकर जंगीर सिंह और उसके पक्ष के लोग लगातार धमकी दे रहे थे। आज सुबह करीब 20-25 लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और हमला कर दिया। ये सभी लोग लाठी-डंडों और बंदूकों से लैस थे और उन्होंने इन हथियारों का खुलकर उपयोग किया। इसी दौरान जंगीर सिंह ने बंदूक से फायर किया, जिससे दीपो बाई के जबड़े में गोली लग गई। घटना के बाद पूरे गांव में भारी तनाव फैल गया। तनाव की स्थिति को देखते हुए नोगावा, बगड़ तिराहा, रामगढ़ एमआईए और लक्ष्मणगढ़ थानों की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। उधर, पुलिस ने मृतक महिला दीपो बाई का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

क्रिसमस गिफ्ट से पहले धड़कनें तेज, कार्तिक-अनन्या का soulful टाइटल ट्रैक लॉन्च

जयपुर अभिनेता कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक बार फिर सुर्खियों में है। धर्मा प्रोडक्शन और नमः पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बहुचर्चित टाइटल ट्रैक जयपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लॉन्च किया गया। इस मौके पर फिल्म की मुख्य जोड़ी कार्तिक और अनन्या ने अपनी बेहतरीन मौजूदगी से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इवेंट के दौरान दोनों कलाकारों ने मीडिया से खुलकर बातचीत की और फिल्म की कहानी, शूटिंग लोकेशन्स, किरदारों और अपने अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की। फिल्म के निर्देशक समीर विद्वंस ने इसे युवाओं के लिए एक ताज़ा और भावनात्मक प्रेम कहानी बताते हुए कहा कि इसमें हँसी, रोमांस और संवेदनशीलता का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जिसे लेकर प्रशंसकों में पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता दिखाई दे रही है। नए रिलीज हुए टाइटल ट्रैक में कार्तिक आर्यन के दमदार डांस मूव्स और अनन्या पांडे के साथ उनकी खूबसूरत ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहती है। गाने की संगीत रचना लोकप्रिय संगीतकार जोड़ी विशाल–शेखर ने की है, जबकि इसके बोल अंविता दत्त ने लिखे हैं। मधुर धुन और आकर्षक बीट्स इस गाने को फिल्म का प्रमुख आकर्षण बनाते हैं। फिल्म के मुख्य अभिनेता कार्तिक आर्यन ने कहा, “यह फिल्म मेरे दिल के बेहद करीब है। मेरा किरदार कई तरह की भावनाओं से होकर गुजरता है, जिसे निभाना मेरे लिए एक नया अनुभव रहा। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे इस बार एक अलग अंदाज़ में देखेंगे।” वहीं, अभिनेत्री अनन्या पांडे ने कहा, “इस फिल्म की कहानी बेहद दिल छू लेने वाली है। हर किरदार की अपनी भावनात्मक यात्रा है और मुझे यकीन है कि दर्शक खुद को इससे जोड़ पाएंगे।” रंग–बिरंगे लोकेशन्स, खूबसूरत विजुअल्स, कानों में बस जाने वाला संगीत और हल्के–फुल्के संवाद इस फिल्म को एक फील-गुड एंटरटेनर बनाने का वादा करते हैं। क्रिसमस के मौके पर दर्शकों को प्यार, हँसी और मनोरंजन से भरी एक खूबसूरत कहानी का शानदार उपहार मिलने वाला है।

शिवजी को नोटिस भेजने की भूल भारी पड़ी, CMO ने JDA अधिकारी को किया सस्पेंड

जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से भगवान शिव के नाम नोटिस जारी करने की अजीबोगरीब कार्रवाई पर अब सरकार सख्त हो गई है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, तो तुरंत कड़ा कदम उठाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस प्रकरण को राजकाज में गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार पूनियां को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। प्रशासन ने साफ कहा है कि अधिकारी का यह कृत्य कर्तव्य विमुखता के साथ-साथ स्वैच्छाचारिता का भी प्रतीक है, जो किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। सरकारी महकमों में दस्तावेज़ी औपचारिकताओं के बीच भले ही कई बार चूकें होती हों, लेकिन इस तरह भगवान के नाम नोटिस जारी होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। यही वजह है कि इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की गई।