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‘उदयपुर फाइल्स’ पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, कहा- सरकार जल्द तय करे रिलीज पर रुख

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की जिहादियों द्वारा जघन्य हत्या किए जाने के मामले पर बनी फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ नहीं हो सका है। इस मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसने फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से गठित पैनल को इस मामले में तेजी से फैसला लेने को कहा है। अदालत ने कहा कि कमेटी को तेजी से निर्णय लेना चाहिए कि आखिर फिल्म पर उसका क्या फैसला है। बेंच ने कहा कि यह फैसला लेना हमारा अधिकार नहीं है कि कौन सी फिल्म रिलीज होनी चाहिए और कौन सी नहीं। यह अधिकार सरकार के पास है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच ने फिल्म के खिलाफ आपत्तियों पर सुनवाई कर रही केंद्र की समिति से कन्हैया लाल हत्या मामले के आरोपियों का पक्ष भी सुनने को कहा। बेंच ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर पैनल का गठन हुआ है। सरकार पैनल की ओर से फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद आगे बढ़ सकती है। बेंच ने कहा, 'हम इस फैसले को फिलहाल रोकते हैं। हमें देखना होगा कि केंद्र सरकार उच्च न्यायालय में क्या कहती है। यदि सरकार कहती है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है तो फिर देखेंगे। यदि कुछ चीजें काटने की बात कही जाती है तो वह भी देखना होगा। हां, यदि केंद्र सरकार फैसला ही न ले तो अलग मामला है।' अदालत ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि इस मामले में एक कमेटी का गठन हुआ है और हमें एक से दो दिन इंतजार करना होगा। जजों ने कहा कि इस मामले में गठित कमेटी को तुरंत फैसला लेना चाहिए। बेंच ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में बेंच की ओर से जल्दी ही फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही हम अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय करते हैं।' अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मूवी के कॉन्टेंट को लेकर कुछ नहीं कहा है। उसने सिर्फ याचियों से इतना कहा है कि वे इस मामले में केंद्र सरकार से संपर्क करें।  

अपहरण कर युवक को बनाया बंधक, वीडियो भेजकर फिरौती मांगी; चार आरोपी पकड़े गए

अलवर अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया। अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया। पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है। थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है। एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

लूणी नदी में पानी की आवक तेज़, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

बाड़मेर मानसून की अच्छी बारिश के बाद मारवाड़ की जीवनदायिनी लूणी नदी में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला प्रशासन ने लूणी नदी की रपटों से निश्चित दूरी बनाए रखने और नदी बहाव क्षेत्र में नहाने से परहेज करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। दरअसल जिले के समदड़ी क्षेत्र में लूणी नदी में बरसात के पानी की आवक हुई है। इससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। अगले एक-दो दिन में बालोतरा तक लूणी का पानी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पानी की आवक के बाद प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही लूणी नदी पर बनी सभी रपटों पर वाहनों और पैदल आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें इन स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे पानी के तेज बहाव में प्रवेश न करें और न ही सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारों या रपटों के करीब जाएं। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव अप्रत्याशित हो सकता है और ऐसे में कोई भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों और विशेषकर बच्चों से नदी किनारे न जाने का आग्रह किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लूणी नदी में पानी की आवक किसानों और पर्यावरण के लिए एक शुभ संकेत है, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी अत्यंत आवश्यक है।  

ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश: भंवरी की कुबूलनामे से हिली पुलिस, जानें क्या उगला सच

जालौर चितलवाना पुलिस ने बाड़मेर निवासी इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर भंवरी उर्फ भाविका चौधरी को 152 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसे यह मादक पदार्थ चंदनी देवी नामक महिला से मिलता था और हर बार सप्लाई के बदले उसे करीब 10 हजार रुपये मिलते थे। भाविका चौधरी का पति गुजरात में काम करता है, इसी कारण उसका गुजरात आना-जाना बना रहता था ताकि किसी को शक न हो। बाड़मेर पुलिस को भंवरी के ड्रग तस्करी नेटवर्क की जानकारी पहले से थी। पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने नजर रखनी शुरू की और इस बार भंवरी रोडवेज बस के जरिए ड्रग्स लेकर गुजरात जा रही थी। बस के जालौर सीमा में प्रवेश करने पर चितलवाना पुलिस को सूचना दी गई और नाकाबंदी कर उसे पकड़ा गया। चितलवाना थाने में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। सरवाना थानाधिकारी सूरजभान सिंह के अनुसार, भंवरी को अदालत में पेश कर 18 जुलाई तक 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल उससे तस्करी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि यह उसका पहला प्रयास था या उसने पहले भी ड्रग्स की सप्लाई की है। इनफ्लुएंसर होने के बावजूद भंवरी ने जल्दी पैसा कमाने के लिए तस्करी का रास्ता चुना, जो अब उसे भारी पड़ गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में ड्रग तस्करी के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।  

हनीट्रैप का जाल: कारोबारी से 90 लाख की वसूली, ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज

जयपुर जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने प्रेमजाल और शादी का झांसा देकर एक कारोबारी से करीब 90 लाख रुपए ठग लिए और जब कारोबारी ने पैसे देने से मना किया तो युवती ने उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित कारोबारी ने अब युवती के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 2017 में हुई थी मुलाकात महेश नगर थाने के अनुसार 42 वर्षीय पीड़ित बिजनेसमैन सांगानेर इलाके का रहने वाला है और महेश नगर में स्थित एक कंपनी का डायरेक्टर है। साल 2017 में उसकी कंपनी में एक युवती ने समर इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया था। इसी दौरान युवती ने सोशल मीडिया के जरिए कारोबारी से संपर्क साधने की कोशिश की। जब कारोबारी ने युवती की बातचीत में रुचि नहीं दिखाई तो उसने एक चाल चली और उसकी पत्नी से दोस्ती कर ली। इसके बाद युवती का कारोबारी के घर आना-जाना शुरू हो गया और वह धीरे-धीरे उसके करीब आ गई। प्रेमजाल और शादी का झांसा पुलिस रिपोर्ट के अनुसार युवती ने कारोबारी को प्रेमजाल में फंसाकर उससे शादी करने की बात कही। इस भरोसे को बनाकर वह कारोबारी से समय-समय पर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगने लगी। कभी पारिवारिक परेशानी, कभी इलाज, तो कभी किसी अन्य जरूरत का हवाला देकर उसने कई बार मोटी रकम ली। कुछ ही साल में युवती ने झूठ बोलकर करीब 90 लाख रुपए कारोबारी से वसूल लिए। कारोबारी को पहले लगा कि वह उसकी मदद कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे डिमांड बढ़ती गई, उसे शक हुआ। जब कारोबारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो युवती ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने कारोबारी को धमकी दी कि अगर उसने और पैसे नहीं दिए तो वह उसके खिलाफ रेप का झूठा मामला दर्ज करवा देगी। पुलिस को दी गई शिकायत में कारोबारी ने बताया कि युवती ने उसे बदनाम करने और जेल भिजवाने की धमकी दी। इसके साथ ही 50 लाख रुपए और मांगे गए। डर और बदनामी के चलते कारोबारी लंबे समय तक चुप रहा लेकिन जब युवती की डिमांड और दबाव लगातार बढ़ते गए, तो आखिरकार उसने पुलिस की शरण ली। हनीट्रैप का शिकार हुआ कारोबारी पुलिस को संदेह है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी और युवती ने सुनियोजित तरीके से कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाया। इस पूरे घटनाक्रम में युवती ने न केवल मानसिक दबाव बनाया बल्कि उसकी निजी जिंदगी को भी प्रभावित किया। महेश नगर थाना पुलिस ने युवती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन और चैट रिकॉर्ड्स की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या युवती ने पहले भी किसी और को इसी तरीके से निशाना बनाया है या यह मामला केवल एक बार की ब्लैकमेलिंग का है।

स्थापना दिवस पर CM की दो टूक – भ्रष्टाचार पर कठोर रवैया अपनाए पुलिस, किसी का दबाव न झेले

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार एक ऐसी बुराई है जो योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से रोकती है और समाज में असमानता बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त राजस्थान के संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। पुलिस बिना किसी के दबाव में आए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे प्रदेश की 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए हर समय उपलब्ध हैं। भजनलाल शर्मा मंगलवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 68वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन आवश्यक है। ऐसे में एसीबी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ने, गबन, आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग आदि के मामलों को उजागर करने जैसे सभी क्षेत्रों में एसीबी ने अपनी दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। अपने ही एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करना यह साबित करता है कि एसीबी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कानून व्यवस्था को किया जा रहा और अधिक सुदृढ़ भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। हमने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया। पुलिस में 10 हजार पदों पर भर्ती, नए 8 जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की स्वीकृति, 3 महिला पुलिस बटालियनों की स्थापना जैसे निर्णय सरकार द्वारा लिए गए हैं। साथ ही, पुलिस के रेस्पोन्स टाइम को बेहतर करने के लिए 22 इंटरसेप्टर, 750 मोटर साइकिल तथा पुलिस मोबाइल यूनिट को 500 पुलिस मोबाइल यूनिट वाहन उपलब्ध कराकर 500 कालिका पेट्रोलिंग टीम का गठन भी किया है। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए उठाए अनेक कदम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस आधुनिकीकरण व संबंधित आधारभूत संरचना के लिए पुलिस मॉडर्नाइजेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का गठन, सरदार पटेल सेंटर फोर साइबर कंट्रोल रूम की स्थापना, पुलिस दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र को राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी के रूप में क्रमोन्नत करने जैसे कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वर्दी भत्ते व मैस भत्ते में बढ़ोतरी, राजस्थान रोडवेज की एक्सप्रेस व सेमी डीलक्स बसों में निशुल्क यात्रा, लांगरी पदों का सृजन तथा उनके मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि जैसे निर्णय लेकर विभाग को सक्षम किया जा रहा है। भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ हो रही कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान हमारी सरकार ने भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत हमने पूर्व अनुमोदन प्रदान करने की प्रक्रिया तेज की है। हाल ही में राज्य सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई, अभियोजन स्वीकृति एवं 17-ए के विचाराधीन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अनाधिकृत अनुपस्थिति के गंभीर मामलों में सेवारत अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने जैसे कठोर निर्णय भी लिए गए हैं। भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध एसीबी के प्रकरणों में त्वरित एवं कठोर कार्यवाही के साथ साथ उनकी पेंशन रोकने जैसी विभागीय कार्यवाही भी प्रभावी रूप से की जा रही है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि रिश्वत लेना अपराध है और इस अपराध को रोकने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी भ्रष्टाचार होता दिखे, तो बिना किसी डर के सूचित करें। जनता की भागीदारी ही इस लड़ाई को और मजबूत बनाएगी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता एवं शुचिता के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने सुशासन स्थापित करने के लिए तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया है। ई-फाइलिंग, नियम व प्रक्रियाओं का सरलीकरण, आउटरीच प्रोग्राम जैसे नवाचारों से सिस्टम में जवाबदेहिता को बढ़ावा मिला है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को बिना दबाव के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भ्रष्टाचार निदेशक ब्यूरो स्मिता श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

मौसम विभाग ने बताया- कई जगहों पर भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी

जयपुर मानसून के जोर पकड़ने से राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी कई जगहों पर भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह तक पिछले 24 घंटे की अवधि में राजस्थान के अधिकांश स्थानों पर मेघगर्जन/वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश हुई। इसने बताया कि सर्वाधिक बारिश 183.0 मिलीमीटर बिजोलिया (भीलवाड़ा) में दर्ज हुई। इसी तरह भैंसरोडगढ़ (चित्तौड़गढ़) में 174 मिलीमीटर, मकराना (नागौर) में 136 मिलीमीटर, निवाई (टोंक) में 127 मिलीमीटर, मंडाना (कोटा) में 117.0 मिलीमीटर व सांभर (जयपुर) में 102 मिलीमीटर बारिश हुई। विभाग के अनुसार आज 15 जुलाई को कोटा, अजमेर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसी तरह 16 जुलाई को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में भारी बारिश व कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में 17 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में 18 जुलाई से कमी होगी। लगातार अच्छी व भारी बारिश से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई शहरों व कस्बों में निचले इलाकों में पानी भर गया। वर्षाजनित हादसों से कई जगह जानमाल की हानि के समाचार हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड-बोमादडा रेलखंड के बीच जलभराव के कारण साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलगाड़ी मंगलवार को रद्द कर दी गई।  

भयानक एक्सीडेंट में तीन नर्सिंग छात्राओं की जान गई, तेज रफ्तार कार बनी मौत की वजह

बीकानेर शहर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें तीन नर्सिंग छात्रों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा जोधपुर बाईपास रोड पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान 21 वर्षीय खुमानाराम, 24 वर्षीय अरविंद और एक अन्य युवक के रूप में हुई है, जो बीकानेर के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में अध्ययनरत थे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों की ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को मोर्चरी भिजवाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का मुख्य कारण माना है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कार चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन नर्सिंग छात्रों की असमय मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं कॉलेज में भी शोक की लहर दौड़ गई है।  

श्रद्धा और समर्पण की मिसाल: कांवड़िये पहुंचे अजमेर, गांववासियों ने घूघरा में किया अभिनंदन

घूघरा घूघरा गांव में अजमेर के नाका मदार क्षेत्र से निकली कांवड़ यात्रा का आज भव्य स्वागत किया गया। हरिद्वार से एक जुलाई को रवाना हुए श्रद्धालु करीब 60 किलो गंगाजल लेकर आज अजमेर पहुंचे। आज सावन में पहले सोमवार पर हरिद्वार से लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। घूघरा पहुंचते ही गांववासियों ने कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का फूल मालाओं से स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। यात्रा के स्वागत में ग्रामीणों ने जलपान की व्यवस्था भी की, जिससे श्रद्धालुओं ने यात्रा की थकान को कुछ हद तक कम किया। श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से पैदल चलकर यह कठिन यात्रा तय की। पूरे रास्ते 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्वागत समारोह के दौरान गांव के समाजसेवी सत्यनारायण भंसाली, संजय भट्ट, सरपंच देवकरण गुर्जर, प्रकाश सैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस धार्मिक यात्रा में विशेष रूप से कुनाल, यश, विशाल, योगेश, चीकू, गौतम, मोनिल और सूरज का उल्लेख किया गया, जिन्होंने पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यात्रा को पूर्ण किया। कांवड़ यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सहयोग और सद्भावना का भी प्रतीक बन चुकी है। श्रद्धालुओं की भक्ति और ग्रामीणों की सेवा भावना यह दर्शाती है कि भारत की धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों के हृदय में गहराई से बसी हुई हैं। गांववासियों ने सभी कांवड़ियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

झांतल का विश्वनाथ धाम: आस्था की गहराइयों में डूबा एक दिव्य तीर्थ

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के झांतल गांव में स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर श्रावण मास के चलते इन दिनों शिवभक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तालाब के बीच खंभों पर बने इस भव्य मंदिर में भगवान विश्वनाथ साल के छह महीने जल के बीच विराजमान रहते हैं। सावन के इस पावन महीने में श्रद्धालुओं का मंदिर में दिनभर आना-जाना बना रहता है और जलाभिषेक तथा दुग्धाभिषेक की धूम मची रहती है। वर्ष भर में सावन के अंतिम सोमवार, शिवरात्रि व वैशाख शुक्ल पंचमी यहां तीन बड़े कार्यक्रम होते हैं। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। बनेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर की शाहपुरा और बनेड़ा मुख्यालय से दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। झांतल गांव बल्दरखा ग्राम पंचायत में आता है, जहां करीब 350 घरों की बस्ती है और सभी समाज के लोग यहां निवास करते हैं। सभी परिवारों में मंदिर के प्रति विशेष आस्था देखने को मिलती है। मन्दिर निर्माण में एक मुस्लिम कारीगर के होने और मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में उसकी भागीदारी तय होने से अब यह सांप्रदायिक सद्भाव का केंद्र बन गया है। झांतल विश्वनाथ महादेव मंदिर की स्थापना 22 अप्रैल 1996 को हुई थी। इसका निर्माण दो वर्ष तक चला। मंदिर का संचालन मोहनलाल शर्मा के नेतृत्व में गठित आठ सदस्यों वाले ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। यहां पहले एक छतरी बनाई गई थी, जिसमें अब राधा-कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं। उसके सामने दूसरी छतरी में मां सिद्धेश्वरी देवी की प्रतिष्ठा की गई है। इन दोनों छतरियों के मध्य आंगन छोड़ते हुए शिवलिंग के रूप में भगवान विश्वनाथ महादेव अपने पूरे परिवार सहित प्रतिष्ठित किए गए हैं। विशेष बात यह है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 210 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा खंभों पर बना पुल बनाया गया है। यह पुल श्रद्धालुओं को तालाब के बीच स्थित मंदिर तक पहुंचाता है। वहीं मंदिर भी तालाब में खंभों पर खड़ा किया गया है। तालाब की भराव क्षमता 13 फीट है। बरसात के दिनों में यह तालाब पूरा भर जाता है और आसपास की लगभग 600 बीघा भूमि की सिंचाई भी इसी तालाब से होती है। श्रावण मास के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन होता है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हर सोमवार और हरियाली अमावस्या के दिन यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के मनोरम दृश्य और तालाब के बीच बने मंदिर की छटा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी मोहनलाल शर्मा ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में तालाब 90 प्रतिशत तक भर जाता है और मंदिर का आधा हिस्सा जलमग्न रहता है। सावन के इस महीने में श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं ताकि वे सुरक्षित और सुगम रूप से मंदिर पहुंच सकें। शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सफाई, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के भी खास इंतजाम किए जाते हैं। आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में और अधिक विकास कार्य किए जाने की योजना है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था, प्रसाद वितरण केंद्र और पार्किंग सुविधा शामिल है। झांतल विश्वनाथ महादेव मंदिर के प्रति लोगों की आस्था और आकर्षण देखकर यह स्पष्ट है कि यह मंदिर भीलवाड़ा जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के प्रमुख शिवालयों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। श्रावण मास के इस पावन अवसर पर मंदिर में उमड़ती भीड़ और गूंजते जयकारे इस बात के साक्षी हैं कि भगवान विश्वनाथ की महिमा आज भी जीवित है और लोगों के दिलों में गहराई से बसी हुई है।