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इतिहास में नया अध्याय: दरगाह में खादिमों के लिए शुरू हुई लाइसेंस प्रक्रिया

अजमेर अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की विश्वप्रसिद्ध दरगाह में जल्द ही केवल लाइसेंसधारी खादिम ही जायरीन को जियारत करा सकेंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर दरगाह कमेटी ने 75 वर्षों में पहली बार खादिमों के लाइसेंस की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। सोमवार को दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने इसका आधिकारिक विज्ञापन जारी किया। इसके लिए 5 जनवरी 2026 तक आवेदन जमा करवाए जा सकेंगे। नाजिम ने बताया कि यह प्रक्रिया केवल दरगाह ख्वाजा साहब से संबद्ध खादिम समुदाय सैयद जादगान एवं शेख जादगान के लिए लागू की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों, केंद्र व राज्य सरकारों के निर्देशों, जिला प्रशासन की रिपोर्टों तथा दरगाह सुरक्षा अंकेक्षण की सिफारिशों के अनुपालन में लाइसेंस प्रणाली लागू की जा रही है। दरगाह ख्वाजा साहब अधिनियम 1955 की धारा 11(एफ) में खादिमों के कर्तव्यों, पहचान, मानक प्रक्रियाओं, सुविधाओं और जायरीन के हित सुनिश्चित करने के विशेष प्रावधान हैं, जिनके अनुसार इस पूरी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। दरगाह कमेटी ने पात्र खादिमों से आवेदन आमंत्रित कर दिए हैं। आवेदन-पत्र, नियम और शर्तें कमेटी की वेबसाइट gharibnawaz.minorityaffairs.gov.in से डाउनलोड की जा सकती हैं। इच्छुक आवेदक नाजिम कार्यालय से भी आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों और स्वप्रमाणित प्रतियों को 5 जनवरी 2026 तक कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। यह पहली बार है जब खादिमों को लाइसेंस देने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। दरगाह कमेटी के गठन के बाद से अब तक तीन एडमिनिस्ट्रेटर और 37 नाजिम अपने-अपने कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, लेकिन इस दौरान किसी ने भी लाइसेंस प्रक्रिया को लागू नहीं किया। कमेटी के पहले एडमिनिस्ट्रेटर अब्दुल रऊफ सिद्दीकी 9 जनवरी 1954 को नियुक्त हुए थे। उनके बाद अनीस मुज्तबा जुबैरी और आले मोहम्मद शाह यूपीएससी 1956 तक एडमिनिस्ट्रेटर रहे। बाद में एडमिनिस्ट्रेटर की जगह नाजिम का पद सृजित किया गया और 1 मार्च 1956 को आले मोहम्मद शाह को ही पहला नाजिम नियुक्त किया गया। मार्च 1956 से मार्च 2025 तक 37 नाजिम दरगाह कमेटी का कार्यभार संभाल चुके हैं, जबकि 28 अध्यक्ष भी अपनी सेवा दे चुके हैं। अंतिम सदर सैयद शाहिद हुसैन रिजवी 4 जून 2023 तक पद पर रहे। कई कार्यकालों में खादिमों को लाइसेंस देने की चर्चा और प्रस्ताव बने, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब वर्तमान नाजिम, बीएसएफ से रिटायर्ड मोहम्मद बिलाल खान के प्रयासों से यह ऐतिहासिक कदम संभव हो पाया है। लाइसेंस के मुद्दे पर दरगाह नाजिम ने दो बार खादिमों के साथ बैठक बुलाने की कोशिश की। 24 और 27 नवंबर को आयोजित बैठकों में एक भी खादिम उपस्थित नहीं हुआ। दूसरी ओर, खादिम मोहल्ले में अंजुमन सदर की अध्यक्षता में खादिम समुदाय ने अलग बैठक की और मुद्दे पर चर्चा की। नए बदलाव के बाद दरगाह में जियारत व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम जायरीन की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में दरगाह प्रशासन का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

बड़ा खुलासा: राजस्थान में जब्त अवैध विस्फोटक, गंभीर खतरे से टला बड़ा हादसा

राजसमंद  दिल्ली में हुए कार बम धमाके के बाद अलर्ट मोड पर चल रही राजस्थान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है. राजस्थान के श्रीनाथजी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध विस्फोटक सामग्री से भरी एक पिकअप को जब्त किया है. इस पिकअप में इतना विस्फोटक भरा हुआ था कि अगर उसमें ब्लास्ट हो जाता तो वह करीब 10 किलामीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले सकता था. यहां विस्फोटक कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था कि इसकी जांच पड़ताल की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भारी मात्रा में जब्त किया गया यह विस्फोटक आमेट क्षेत्र से नाथद्वारा की तरफ ले जाया जा रहा था. इसकी सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक से भरी पिकअप को जब्त कर लिया. पिकअप में भारी मात्रा में भरी विस्फोटक सामग्री को देखकर पुलिस सन्न रह गई. उसने तत्काल पिकअप को जब्त कर आलाधिकारियों को सूचना दी. भारी मात्रा में विस्फोटक की जब्ती से अधिकारी भी अलर्ट मोड पर आ गए और मौके के लिए रवाना हो गए. लंबे चौड़े एरिया में मचा सकता था तबाही पुलिस अधिकारियों की मानें तो पिकअप के अंदर इतनी मात्रा विस्फोटक भरा था कि अगर उसमें ब्लास्ट होता तो लगभग 10 किलोमीटर तक लंबे चौड़े इलाके में तबाही मच सकती थी. पुलिस टीम मौके पर जब्त किए विस्फोटक की काउंटिंग करने में जुटी है. पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच पड़ताल में जुटे हैं कि विस्फोटक सामग्री की नेचर कितनी खतरनाक है. इसे कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था? इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसके पीछे किसका हाथ है? पुलिस इन सभी पहलुओं की गंभीरता जांच कर रही है. पुलिस पिकअप चालक से हुई पूछताछ में जो नाम सामने आए हैं उन्हें ढूंढने में लगी है. राजस्थान में पकड़ा गया था TTP से जुड़ा मौलवी उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बीते दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने चार संदिग्ध मौलवियों को भी पकड़ा था. उनमें एक मौलवी ओसामा उमर का संबंध आंतकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ पाया गया था. उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा अलर्ट पर आ गई थी. हालांकि राजस्थान के कई इलाकों में अवैध रूप से पत्थरों के खनन के लिए घातक विस्फोटक का ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह विस्फोटक किस उद्देश्य के लिए ले जाया जा रहा था इसका खुलासा होना बाकी है.

थार रेगिस्तान में खुला सोने का खजाना, बाड़मेर करेगा चीन का खेल खत्म; देश की टेक्नोलॉजी और डिफेंस को बड़ा बल

बाड़मेर  पश्चिम राजस्थान का बाड़मेर अब सिर्फ थार नहीं बल्कि दुनिया की नई ‘ऊर्जा राजधानी’ बनकर उभर रहा है. सिवाना की धरती में नियोबियम जैसे रेयर अर्थ खनिजों का ऐसा खजाना मिला है, जिसका घनत्व दुनिया के औसत से 100 गुना ज्यादा बताया जा रहा है. इलेक्ट्रिक कार, रॉकेट साइंस, हाई-टेक डिफेंस सिस्टम और परमाणु ऊर्जा में इस्तेमाल होने वाले रेयर अर्थ की खोज की जा रही है. चीन जिस रेयर अर्थ मेटल पर दुनिया को सालों से बांधे बैठा है, अब वही धागा बाड़मेर के हाथ में है. सिवाना की चट्टानों में नियोबियम का ऐसा विशाल भंडार मिला है, जिसे भू वैज्ञानिक ‘भविष्य की तकनीक की रीढ़’ मानते हैं. इलेक्ट्रिक कारों से लेकर मिसाइल, रॉकेट और परमाणु ऊर्जा तक हाई-टेक उद्योग में इस्तेमाल होने वाली यह धातु अब चीन के बजाय भारत की धरती से निकलेगी. 100 गुना अधिक घनत्व वाले रेयर अर्थ का खुलासा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की शुरुआती रिपोर्टों ने सिवाना की चट्टानों में नियोबियम और अन्य रेयर अर्थ तत्वों के उच्च घनत्व का खुलासा हुआ है. सिवाना की पहाड़ियों में मिले रेयर अर्थ दुनिया के औसत घनत्व से 100 गुना तक अधिक पाया गया है. अब बाड़मेर न सिर्फ चीन की बढ़त तोड़ देगा बल्कि वैश्विक तकनीकी बाज़ार में भारत को नई ताकत भी देगा. इसके लिए सिवाना के भाटीखेड़ा में एक ब्लॉक का ऑक्शन भी किया जा रहा है. सिवाना में यहां है रेयर अर्थ का भंडार सिवाना के कमठाई, दांता, लंगेरा, राखी, थापन, भाटीखेड़ा, फूलन व डण्डाली में रेयर अर्थ के बड़े भण्डार मिले है. सिवाना के चारों तरफ एक गड्ढेनुमा रचना है, जिसमें ग्रेनाइट और रॉयलाइट व एल्केलाइन आग्नेय चट्टानें हैं. इसे सिवाना रिंग्स कॉम्पलेक्स और मालानी रॉक्स के नाम से भी जाना जाता है. रेगिस्तान में मिले हैं यह रेयर अर्थ बाड़मेर के सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में गैलेनियम, रूबीडियम, इप्रीयम, थोरियम, यूरेनियम, सीरियम, टिलूरियम, यूरेनियम सहित करीब 15 प्रकार के खनिज हैं जो भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक लेंथोनोइट ग्रुप के हैं. इसका उपयोग सुपर कंडक्टर, हाई प्लग्स, मैग्नेट, इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसिंग, ऑयल रिफाइनरी में केटिलिस्ट, हाईब्रिड कार कंपोनेंट एवं बैटरी के लिए किया जाता है.  कैंसर दवा, बैटरी, लेजर, एरोस्पेस के लिए भी यह उपयोगी है. चीन को मात देंने के लिए मौजूद है रेयर अर्थ के भंडार सिवाना की पहाड़ियों में करीब 900 अरब से अधिक का खजाना छुपा हुआ है. इससे करीब 6 हजार मेट्रिक टन उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है. बाड़मेर के वरिष्ठ भू वैज्ञानिक सी.पी. दाधीच के मुताबिक सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में भाटीखेड़ा ब्लॉक को ऑक्शन किया जाएगा. यहां चीन को मात देने के लिए विशाल रेयर अर्थ के भंडार मौजूद है.

ट्रैक पर इंसानियत: लोको पायलट ने गिद्धों को बचाने कम की ट्रेन की रफ्तार

जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी जिसने रेलवे के लोको पायलट की मानवता और वन्यजीव प्रेम की मिसाल कायम कर दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई जोधपुर-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रेन की रफ्तार इसलिए धीमी कर दी, क्योंकि रेलवे ट्रैक के ठीक किनारे दुर्लभ भारतीय गिद्धों का एक बड़ा झुंड मृत मवेशी को अपना निवाला बना रहा था। गिद्धों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने न सिर्फ ट्रेन धीमी की, बल्कि लगातार हॉर्न बजाकर उन्हें सुरक्षित उड़ान भरने का मौका दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद देशभर के पर्यावरण प्रेमी, पक्षी विशेषज्ञ और आम लोग लोको पायलट की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दरसअल शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे लाठी स्टेशन से कुछ किलोमीटर आगे पोकरण-जोधपुर रेलखंड पर यह घटना हुई। पटरियों के बिल्कुल पास एक मृत गाय पड़ी थी। मृत गाय पर करीब 50-60 भारतीय गिद्ध जमा थे जो अपना भोजन कर रहे थे। गिद्धों की प्रजाति पहले से ही लुप्तप्राय घोषित है और राजस्थान का थार मरुस्थल इनके अंतिम गढ़ों में से एक है। अचानक तेज रफ्तार ट्रेन देखकर गिद्ध भयभीत हो सकते थे और कई की जान जा सकती थी। लेकिन ट्रेन के लोको पायलट ने दूर से ही स्थिति को भांप लिया। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति कम की और लंबे-लंबे हॉर्न बजाने शुरू कर दिए। हॉर्न की तेज आवाज सुनकर गिद्ध एक-एक कर आकाश में उड़ने लगे। करीब दो-तीन मिनट तक हॉर्न बजता रहा और जब सारे गिद्ध सुरक्षित उड़कर दूर चले गए, तब जाकर ड्राइवर ने ट्रेन आगे बढ़ाई। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों ने पूरा दृश्य अपने मोबाइल में कैद कर लिया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गिद्ध शांतिपूर्वक उड़ रहे हैं और ट्रेन रुकी हुई है। लाठी की इस घटना ने न सिर्फ एक लोको पायलट की संवेदनशीलता को सलाम किया है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के लिए हमें कितने छोटे-छोटे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

राजस्थान पुलिस का बड़ा अलर्ट: साइबर अटैक से बचने के ये कदम अपनाएं

जयपुर साइबर अपराधियों ने राजस्थान में अब अपने ठगी के तरीके और ज्यादा घातक और खतरनाक बना लिए हैं। हू-ब-हू असली बैंक या शॉपिंग वेबसाइटों की तरह दिखने वाली वेबसाइट बनाकर ये लोगों के खाते साफ कर रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने इन खतरों से लोगों को सावधान करने के लिए अलर्ट जारी किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठग अब हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली (क्लोन) वेबसाइटों का उपयोग कर रहे हैं। इन नकली लिंक्स को सोशल मीडिया, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से भेजकर लोगों को असुरक्षित वेबपेज पर ले जाया जाता है, जहाँ उनकी निजी जानकारी और बैंक विवरण चोरी कर लिए जाते हैं, जिससे बैंक खातों या यूपीआई लिंक से धनराशि निकाल ली जाती है। वेबसाइट सुरक्षा की जांच: चार ज़रूरी कदम एडीजी सिंह ने आमजन को संभावित साइबर अपराध से सचेत रहने के लिए निम्नलिखित चार प्रमुख सुरक्षा सुझाव दिए हैं: 1. स्पेलिंग की बारीकी से जांच अनिवार्य: किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले डोमेन नेम की स्पेलिंग को बहुत ध्यान से देखें। साइबर अपराधी अक्सर एक या दो अक्षरों का हेरफेर कर असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाते हैं। 2. HTTPS और लॉक आइकन अवश्य देखें: सुरक्षित वेबसाइटों की पहचान उनके URL की शुरुआत में दिखने वाले HTTPS और एड्रेस बार में मौजूद ताले (लॉक) के आइकन से होती है। यदि ये सुरक्षा संकेत मौजूद नहीं हैं, तो उस पर अपना कोई भी वित्तीय या निजी विवरण दर्ज न करें। 3. गूगल सेफ ब्राउज़िंग (Google Safe Browsing) का करें उपयोग: किसी भी संदिग्ध लिंक की सुरक्षा जांचने के लिए https://transparencyreport.google.com/safe-browsing/search पर जा सकते हैं। इस पोर्टल पर लिंक पेस्ट करें और सुनिश्चित करें कि यह 'असुरक्षित', 'मालवेयर' या 'फिशिंग' तो नहीं दिखा रहा है। 4. गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें: अपनी निजी जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण किसी भी व्यक्ति या अज्ञात वेबसाइट से साझा न करें। रिपोर्टिंग और शिकायत के लिए हेल्पलाइन एडीजी सिंह ने बताया कि यदि फिर भी कोई घटना होती है तो संचार साथी के चक्षु पोर्टल https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर तुरंत रिपोर्ट करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो इसकी सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन/साइबर पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर दे। इसके अतिरिक्त सहायता के लिए साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर संपर्क किया जा सकता है।

वन्यजीवन में नई उम्मीद: रणथंभौर में बाघिन T-2307 ने दिए तीन शावक

सवाई माधोपुर प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर खुशी की खबर सामने आई है। रणथंभौर में शावकों की किलकारी गूंजी है। बाघिन टी-2307 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इस बात की पुष्टि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथंभौर की कुंडेरा रेंज में गश्त के दौरान कुछ दिन पूर्व वनकर्मियों ने बाघिन टी-2307 को अपने तीन शावकों के साथ देखा था। हालांकि उस समय फोटो या वीडियो नहीं लिया जा सका था, इसलिए आधिकारिक पुष्टि संभव नहीं हो पाई थी। अब विभागीय फोटो ट्रैप कैमरे में बाघिन टी-2307 अपने तीनों शावकों के साथ कैद हुई है, जिसके बाद इसकी औपचारिक पुष्टि कर दी गई। वन विभाग के अनुसार बाघिन टी-2307 की उम्र लगभग 4 वर्ष है। यह बाघिन टी-111 एवं बाघ टी-121 की बेटी है। यह उसका पहला लिटर है। फिलहाल बाघिन की टेरिटरी कुंडेरा रेंज के बावड़ी तिराहा, बैरदा एवं लाहपुर सेल एरिया में है। शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने क्षेत्र में मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग बढ़ा दी है।

संगीत सोम ने मौलाना मदनी के विवादित बयान पर जताया गुस्सा, बोले- ‘सनातनी दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा’

 मेरठ  यूपी के मेरठ में बीजेपी के पूर्व विधायक और फायर ब्रांड नेता संगीत सिंह सोम ने मौलाना मदनी द्वारा दिए गए जिहाद वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो बीमार मौलाना हैं. उनकी मानसिकता बीमार है. संगीत सोम ने आरोप लगाते हुए कहा कि मदनी एक ऐसे संस्थान से आते हैं जहां से हमेशा आतंकी निकलते हैं, वह अपनी मानसिकता नहीं बदल सकते.  सोम ने कहा- 'ये लोग संविधान की बात करते हैं लेकिन पत्नी रखेंगे चार. बात संविधान की करेंगे और संविधान को ही अपने तरीके से मोड़ना चाहते हैं. देश में जब-जब आतंक होता है, उसको सही ठहराते हैं. मैं सलाह देना चाहता हूं कि कहीं ऐसा ना हो कि देश के सनातनी सड़कों पर उतर आएं और तुम जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारना शुरू कर दें. यहां से पाकिस्तान तक दौड़ाकर ले जाएं और वहीं तुम्हारे घर में घुसा के आएं.' संगीत सोम ने आगे कहा कि इनकी समझ में अभी आ नहीं रहा है, मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं, होश में आ जाओ. वैसे… इनके बारे में टिप्पणी करना बेकार है. ये किसी तरीके से संविधान को नहीं मानते और ये अपनी इस मानसिकता से बाहर भी नहीं आना चाहते हैं.  मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर भड़के संगीत सोम दरअसल, मदनी ने कहा था कि 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा'. इसपर संगीत सोम ने कहा कि ये लोग देश का संविधान अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं और जहां संविधान की बात आती है, वहां शरिया कानून की बात करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चार बीवी और 21 बच्चे रखने की बात आती है, तब संविधान याद नहीं आता, लेकिन जिहाद को सही ठहराना चाहते हैं. सोम ने कहा, "पूरी दुनिया में अगर मुस्लिम कहीं सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग "खाते भारत की हैं और गाते पाकिस्तान की हैं." सोम ने सीधे तौर पर कहा कि आतंकी मदरसों से निकलते हैं, खासकर देवबंद से, और देश में मदरसे बंद होने चाहिए. संगीत सोम ने चेतावनी दी कि अगर मौलाना नहीं सुधरे, तो "यहां का सनातनी सड़कों पर उतर के इनको दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा और दौड़ा-दौड़ा के पाकिस्तान तक छोड़कर आएगा." उन्होंने घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर भेजने की भी बात कही. मदनी का बयान- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक कार्यक्रम में न्यायपालिका के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'बाबरी मस्जिद और तलाक जैसे मामलों के फैसलों से ऐसा लगता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा था कि अदालतों के कई ऐसे फैसले सामने आए हैं, जिनमें संविधान में दिए गए अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है.

अवैध प्रवासियों पर सरकार से सवाल जवाब: सचिन पायलट ने SIR मुद्दे पर कसा तंज

टोंक कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने SIR (मतदाता सूची सुधार अभियान) और कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग ने सभी फॉर्म 4 दिसंबर से पहले भरने की समयसीमा तय की है। पायलट ने कहा, “वे चाहते हैं कि SIR यहीं जल्दी पूरी हो जाए, जैसे बिहार में किया गया। लेकिन हम इसमें सावधानीपूर्वक कार्रवाई कर रहे हैं। मैंने हमेशा देखा है कि भाजपा के नेता, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री कहते रहे हैं कि अवैध प्रवासियों को बाहर निकालना जरूरी है। अगर कोई अवैध रूप से देश में रह रहा है, तो उसे देश से बाहर निकाला जाए। लेकिन मुझे बताइए, पिछले 11 वर्षो में भारतीय सरकार ने कितने अवैध प्रवासियों को देश से निकाला?” सचिन पायलट ने आगे कहा, “चुनाव आते हैं और प्रवासियों का नाम लेते हैं, लेकिन आखिर में किसके वोट काटने की कोशिश हो रही है? गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासी। संविधान ने इन लोगों को अधिकार दिए हैं, और अगर उनके नाम हटाए जाते हैं, तो लोकतंत्र में इससे बड़ा पाप और क्या होगा। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मेहनत करनी चाहिए कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर नागरिक, जिसे वोट का अधिकार है, उससे कोई वंचित न हो। यह देश में पहली बार SIR नहीं हो रहा है। कई BLO (बुनियादी स्तर के अधिकारी) मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि काम निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।” कर्नाटक में मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रहे विवाद पर पायलट ने कहा, “जो आप देख रहे हैं और सुन रहे हैं, मामला कुछ और है। दोनों, राज्य अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने सरकार बनाने के लिए मेहनत की। वे इसे साथ में चला रहे हैं और साथ में इसे दोबारा सफल बनाएंगे।” सचिन पायलट ने यह भी जोर देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

बाड़मेर ने एसआईआर डिजिटाईजेशन में मारी बाजी, टीना डाबी ने साझा किया सफलता सूत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत शत प्रतिशत डिजिटाईजेशन पूर्ण कर बाड़मेर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है। जिले में शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि 97 प्रतिशत मैपिंग कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बाड़मेर जिले के समस्त मतदाताओं ओर जिले की निर्वाचन टीम को बधाई दी। इधर बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बाड़मेर निर्वाचन टीम को बधाई दी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि पोलिंग बूथ पर 100 प्रतिशत कार्य पूरा करने में बाड़मेर जिला अव्वल है। बाड़मेर में अब तक कुल 1407 पोलिंग स्टेशनों पर शत प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही बालोतरा के 751 और चूरू के 668 पोलिंग स्टेशनों पर 100 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बाड़मेर, गुड़ामालानी, चौहटन एवं बायतु विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन तथा त्रुटिरहित बनाना है ,ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बाड़मेर जिले ने मतदाताओं के सौ फीसदी डिजिटाईजेशन का कार्य सबसे पहले पूरा कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  जिला निर्वाचन अधिकारी डाबी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण राज्य और केंद्र निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में इन बीएलओ ने जिस सत्यनिष्ठा और तत्परता का परिचय दिया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि इन कार्मिकों की ओर से स्थापित कार्य-संस्कृति अन्य समस्त कार्मिकों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।  

बाबरी विध्वंस दिवस पर ‘शौर्य दिवस’ मनाने का निर्देश वापस, मंत्री ने अचानक क्यों रोका आदेश?

जयपुर राजस्थान शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6 दिसंबर को 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाने का एक आदेश जारी किया था। 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी की तारीख है। यह आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर दिया गया था। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 6 दिसंबर को छात्रों और कर्मचारियों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रवाद, वीरता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। इन कार्यक्रमों में राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, और योग शामिल थे। हालांकि आदेश जारी होने के 12 घंटे के अंदर अब इसे रद्द कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश वापस लेने का कारण यह बताया कि राज्य के स्कूलों में 5 और 6 दिसंबर के आसपास परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण परीक्षा अवधि के दौरान कोई अतिरिक्त गतिविधि या कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए, 'शौर्य दिवस' के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।