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अंता उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री! केजरीवाल ने नरेश मीणा का साथ दिया

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही सीधी जंग त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। नरेश मीणा ने कुछ दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर केजरीवाल और आप से समर्थन की अपील की थी। मीणा ने लिखा था, “नए और निष्पक्ष राजनीतिक बदलाव के लिए मैं अंता उपचुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ रहा हूं। कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर मैं आप पार्टी से समर्थन की अपेक्षा करता हूं।” इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा — “नरेश जी, आम आदमी पार्टी आपके साथ पूरी तरह खड़ी है।” इसके बाद AAP ने औपचारिक रूप से मीणा को समर्थन देने की घोषणा कर दी। AAP के राजस्थान सह-प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी और कांग्रेस ने दशकों से राजस्थान को लूटा है। अब जनता को नया विकल्प चाहिए। पूरे प्रदेश के AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि नरेश मीणा के समर्थन में जुटें।” उन्होंने बताया कि अंता उपचुनाव के लिए 31 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी और संभावना है कि केजरीवाल खुद भी चुनाव प्रचार के लिए अंता आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम राजस्थान में AAP के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। 2023 विधानसभा चुनाव में अंता से AAP को मात्र 0.76% वोट (1334 वोट) मिले थे, लेकिन केजरीवाल का समर्थन अब मीणा को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट वोट दिला सकता है। अंता उपचुनाव में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच है। चुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

पीलीभीत के जावेद की बहादुरी: जलती बस से बच्चों को बाहर निकाल बचाई कई जानें

पीलीभीत हाईटेंशन लाइन के तार बहुत नीचे थे। हम लोगों ने मना किया लेकिन चालक नहीं माना। कंडक्टर नीचे उतरा और हाथ से इशारा करने लगा। चालक ने तारों के नीचे से जैसे ही बस निकाली हादसा हो गया। पहले टायर जले तो हम लोगों गेट और खिड़की से निकले। बाद में बच्चों को खिड़की से नीचे फेंक कर बचाया… जयपुर बस हादसे की आंखों देखी सुनाकर पीलीभीत जिले के गांव शेरपुर कला के मोहल्ला नौगंवा निवासी जावेद का गला भर आया। राजस्थान के जयपुर से करीब 50 किमी दूर मनोरथपुर इलाके में मंगलवार को निजी स्लीपर बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। इससे उसमें करंट उतर गया और आग गई। इस हादसे में नौगंवा निवासी नसीम और उनकी बेटी शहनूर की मौत हो गई थी। 10 अन्य मजदूर झुलस गए थे। ये सभी मजदूर सोमवार की शाम पीलीभीत के पूरनपुर से रवाना हुए थे। इस बस में जावेद, चांद बाबू समेत कई मजदूर सवार थे। बुधवार तड़के जावेद, चांद बाबू व अन्य मजदूर गांव लौट आए। मृतकों के शव भी पहुंच गए, जिससे गांव में कोहराम मच गया। जावेद ने बताया कि तारों के नीचे से बस निकलने में खतरा था। सभी लोगों ने मना किया लेकिन चालक नहीं माना। कंडक्टर को नीचे उतार दिया और वो हाथ हिलाकर इशारा करने लगा। बस में सिलिंडर और अन्य सामान लाद कर ले जाने को भी चालक ने ही कहा था। बस में सवार थे ये लोग शेरपुर कलां के मोहल्ला नौगवां निवासी नसीम, उसकी पत्नी नाजमा, पुत्र राजा, पुत्री शबनम, शहनूर, पुत्र फैजान, अजहर, मोहल्ला के ही रहीस, उनकी पत्नी आरफा, पुत्र दानिश, एहसान, हनीस, रहमान, जलालुद्दीन की पत्नी जैबुनिशा, पुत्र सलीम, समीर, नाजिम, पुत्री नजरी, पंजाशाह गौटिया से जावेद, बाबू आदि निजी बस से रवाना हुए थे। मृतक नसीम की पुत्री दरख्शां ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भाई राजा से फोन पर जयपुर पहुंचने की जानकारी मिली। तब उसने कुछ ही देर में ईंट भट्ठे पर पहुंचने की बात कही थी। इसके करीब आधा घंटे बाद फोन कर उसने पिता और बहन की हादसे में मौत की जानकारी दी। इसके बाद उसके भाई और अन्य किसी का मोबाइल नहीं लगा। गांव पंजाशाह गौटिया के मुनव्वर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे रिश्तेदार जयपुर गए आफन से मोबाइल पर बात की। तब बस में आग लगने की जानकारी हुई। उन्होंने बताया कि हादसे में गौटिया के अल्ताफ, चंदा बेगम सहित तीन लोगों के झुलस कर गंभीर घायल होने की बात पता चली है।  दूसरी बार जयपुर गया था नसीम का परिवार नसीम की मां सुराजन ने बताया कि उसका पुत्र पहले भी परिवार के साथ जयपुर में मजदूरी पर ईंट थोपने को गया था। करीब छह महीने वहां रहकर मजदूरी की और वापस आ गया था। पुत्र का परिवार अब दूसरी बार जयपुर मजदूरी करने गया था। गांव और आसपास के कई परिवार भी काम करने जयपुर व अन्य स्थानों को जाते रहे हैं। संवाद सिलिंडरों की आग ने धारण किया विकराल रूप शेरपुर कलां निवासी नसीम की मां सुराजन और रहीस की मां रहबुरनिशां ने बताया कि उन दोनों के परिजन सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे जयपुर जाने को घर से निकले थे। कई महीने रुक कर मजदूरी करने को परिजन अपने साथ अन्य घरेलू सामान के साथ खाना बनाने आदि को गैस सिलिंडर भी ले गए थे। बस में आग लगने से सिलिंडर भी धू-धूकर जलने की जानकारी हुई है।  

चुनावी मोर्चा मजबूत करने में जुटी कांग्रेस, SIR पर घमासान के बीच 51 हजार बीएलए की तैनाती

जयपुर राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के ऐलान के साथ ही सियासी आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो चुका है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि SIR के बहाने बीजेपी वोट चोरी करना चाहती है। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही वोट चोर बता दिया। कांग्रेस के आरोप इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस ने SIR में लोगों से फॉर्म भरवाने के लिए अब तक 51 हजार बीएलए बना दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन में बन जाएंगे हर बूथ पर कांग्रेस पार्टी का बीएलए रहेगा और 200 की 200 विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की निगरानी हेतु ऑब्जर्वर लगाए जाएंगे और  यह सभी ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा की बेईमानी को रोकेंगे। भाजपा सरकार कब तक चुनाव टालेगी सरकार को पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव तो करवाने ही पड़ेंगे और उस वक्त जनता के समक्ष भाजपा की पोल खुल जाएगी, उनका झूठा आवरण उतर जाएगा आखिर कब तक भाजपा ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से सरकार चलाएगी। बीजेपी का पलटवार इधर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा  कि हर बार 18 वर्ष के नव जवान का नाम जोड़ा जाता है और जो मृतक है, उसका नाम काटा जाता है. और आपने तो कई बार वोट चोरी की है. बाबा साहब आंबेडर को किसने हराया, आप लोगों ने हराया. किस प्रकार से आप लोगों ने लिस्ट तैयार की. ये हिंदुस्तान कोई धर्मशाला नहीं है कि आपने बांग्लादेश और रोहिंग्या के लोगों को वोटर बना दिया, चुनाव जीतने के लिए. वे लोग यहां की जमीन को सुरक्षित रखने वाले नहीं हैं। निर्वाचन विभाग की तैयारियां- 70% मतदाताओं की जियो-मैपिंग पूरी राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता आंकड़ों का अपडेट जारी किया गया है। 27 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश में कुल 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 570 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 2002 और 2025 की मतदाता सूचियों की भौगोलिक मैचिंग (Geo-Mapping) का कार्य 70.55% पूरा हो चुका है। वहीं, BLO ऐप के माध्यम से किए गए सर्वे में पाया गया कि 79.32% मतदाताओं की आयु 40 वर्ष से अधिक है, जबकि 22.22% मतदाताओं की उम्र 40 वर्ष से कम है। निर्वाचन विभाग ने बताया कि यह डेटा राज्यभर में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और सत्यापित करने का कार्य तेजी से जारी है।

बारिश बनी सर्दी की दस्तक: राजस्थान के 11 जिलों में यलो अलर्ट, ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी

जयपुर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातों के असर से राजस्थान में बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी राज्य के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को कई जिलों में 1 से 5 इंच तक बारिश दर्ज हुई, जिससे नदियां, बांध और झीलें लबालब हो गईं। ऐसा पहली बार देखने को मिला जब अक्टूबर में बांधों के गेट खोलने पड़े हों। बारिश के साथ दिनभर बादल छाए रहने  से मौसम में ठंडक घुल गई। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभागों में दोपहर बाद हल्की शीतलहर चलने लगी। अचानक बढ़ी सर्दी के असर के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। भीलवाड़ा में मंगलवार को सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज हुआ। यहां अधिकतम तापमान सिर्फ 19.6 डिग्री सेल्सियस, जो प्रदेश के कई शहरों के रात के तापमान से भी कम रहा। वहीं सिरोही में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। यहां न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से 12 डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है।  बूंदी के नैनवा में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई, जबकि भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बारां में 3-4 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। भारी बरसात से बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ी, जिसके बाद एक गेट खोलकर निकासी की गई। उदयपुर की झीलों का जलस्तर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी और 2 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। रात के तापमान में गिरावट के चलते सर्दी में और इजाफा होगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान  (तापमान 28 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) शहर अधिकतम न्यूनतम अजमेर 21 17.2 भीलवाड़ा 19.6 18.2 बनस्थली (टोंक) 25.2 17.2 अलवर 24.2 18.8 जयपुर 21.8 18.4 पिलानी 26.2 18 सीकर 23.5 18.7 कोटा 20.7 19 चित्तौड़गढ़ 20.3 18.3 उदयपुर 20.2 18.2 बाड़मेर 32.2 20.2 जैसलमेर 31.9 17.8 जोधपुर 27.8 20.3 बीकानेर 30 20.4 चूरू 27.6 19.1 श्रीगंगानगर 30.5 19.3 नागौर 26.6 16.9 डूंगरपुर 22.1 20 जालोर 27.7 20.8 सिरोही 20.4 15.3 करौली 20.8 19.4 दौसा 22.5 18.7 प्रतापगढ़ 20.8 19.9 झुंझुनूं 25.7 19.7

लगातार बारिश से चित्तौड़गढ़ में बाढ़ जैसे हालात, घोसुण्डा बांध के दरवाजे खोले गए

चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ जिले में रविवार देर रात से शुरू हुई बरसात का दौर मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। लगातार हो रही बारिश ने मावठ का अहसास करा दिया है। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में हुई जोरदार बारिश से खेतों में पानी भर गया, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 48 घंटे से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की भारी आवक हुई है। घोसुण्डा बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं, जिससे बेड़च नदी में तेज बहाव हो गया है। वहीं गंभीरी नदी में भी पानी की आवक बढ़ गई है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में गंगरार में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बड़ीसादड़ी में 105 मिमी, डूंगला में 88 मिमी, वागन बांध पर 100 मिमी, गंभीरी बांध पर 92 मिमी, बस्सी बांध पर 89 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 68 मिमी, कपासन में 58 मिमी और भूपालसागर में 61 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस बरसात से जिले के कई तालाबों में पानी की आवक तेज हो गई है। खास बात यह है कि मानसून में सूखे पड़े तालाब अब छलकने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी मावठ की बरसात से मौसम में ठंडक घुल गई है और तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। लोग छातों और रेनकोट में नजर आए, जबकि कई जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत लेते दिखे। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मेघ गर्जना की संभावना भी जताई है। किसानों को दोहरा नुकसान, अफीम की फसल पर खतरा लगातार दो दिन से हो रही बेमौसम बरसात ने खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर डाला है। मवेशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जिले की प्रमुख नगदी फसल अफीम पर भी इसका विपरीत असर देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई किसानों ने दिवाली के आसपास बुवाई कर दी थी, जो अब बारिश से खराब हो गई है। अब बुवाई के लिए कम से कम पखवाड़ेभर का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। खेतों में पानी भर जाने से अफीम की फसल देरी से तैयार होगी। कृषि उप निदेशक शंकरलाल जाट ने बताया कि इस बरसात का किसानों पर अच्छा और बुरा दोनों असर पड़ेगा। जिन क्षेत्रों में गेहूं, चना और सरसों की बुवाई हो चुकी है, वहां सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन जहां बुवाई बाकी है, वहां किसानों को कुछ दिन इंतजार करना होगा। बेगूं क्षेत्र में फसलों को नुकसान, औसत से अधिक बारिश बेगूं क्षेत्र में बेमौसम बरसात ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खरीफ और रबी दोनों फसलों पर असर पड़ा है। खरीफ की फसलें खलिहान में पड़ी होने से भीगकर खराब हो गईं, जबकि रबी की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराया है। अब तक बेगूं क्षेत्र में 1091 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो औसत से 300 मिमी अधिक है। कपासन में छलका गुलाब सागर, खुश हुए ग्रामीण कपासन क्षेत्र में मानसून के दौरान कम वर्षा से तालाब खाली पड़े थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने आंदोलन तक किया था। लेकिन इस मावठ की बारिश से अब गुलाब सागर तालाब छलक गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। राजेश्वर तालाब में भी पानी की भारी आवक हुई है और दोवनी पुलिया पर पानी बहने लगा है। बरसात से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

जोधपुर हाईकोर्ट से आसाराम को जमानत मंजूर, बीमारी का हवाला देकर मिली राहत

जोधपुर जोधपुर हाईकोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। आसाराम बापू को जोधपुर हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके उपचार के लिए दायर की गई नियमित जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। यह राहत स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसाराम को इलाज के लिए जमानत देने का फैसला सुनाया। देवदत्त और यशपाल ने रखा था कोर्ट के सामने पक्ष यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट से मिली छह माह की अंतरिम जमानत के बाद  अब आसाराम को छह माह जेल में नहीं रहना पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, अधिवक्ता यशपा लसिंह राजपुरोहित ने आसाराम का पक्ष कोर्ट के समक्ष रखा था। उन्होंने अपनी दलील में  कहा था कि उपचार के लिए आसाराम को जेल से बाहर रहना जरूरी है। ऐसे में बिना कस्टडी के जमानत मिलने से आसाराम के उपचार में राहत मिलेगी। कोर्ट ने आसाराम की बीमारी अवस्था व पिछले 12 साल से जेल में होने पर ये राहत प्रदान की है। समर्थकों में खुशी की लहर सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट का विस्तृत आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आसाराम लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते नियमित जमानत की मांग की थी। हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आसाराम को राहत मिलने से समर्थकों में खुशी की लहर है।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने राज्यपाल बागडे से की मुलाकात

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने राजभवन पहुंचकर मुलाकात की। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी। राज्यपाल श्री बागडे से बाद में उन्होंने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद भी किया।

राज्यपाल से उपमुख्यमंत्री की शिष्टाचार भेंट

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को राज्य की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने राजभवन पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल श्री बागडे से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी।

मौसम विभाग का अलर्ट: राजस्थान के 17 जिले भीगेंगे, 7 में भारी बारिश का खतरा

जयपुर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान का मौसम बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका सबसे अधिक असर सोमवार और मंगलवार को देखने को मिलेगा, जिसके चलते कई इलाकों में तेज से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को उदयपुर और कोटा संभाग के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है और आज यह चक्रवात का रूप ले लेगा। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकराएगा। इसके अलावा, मध्य-पूर्वी अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम की वजह से भारत के कई राज्यों में नमी (मॉइश्चर) की आपूर्ति बढ़ी है, जिसका असर राजस्थान तक पहुंच रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा। बारिश का हाल पिछले 24 घंटों में सिस्टम के असर से कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कई जिलों और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ के मनोहरथाना में 16 मिमी, रायपुर में 1 मिमी, जबकि उदयपुर जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।  बूंदी, चित्तोड़गढ़, डूंगरपुर, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में आज अति भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग की तात्कालिक चेतावनी जयपुर मौसम केंद्र ने आज सुबह साढ़े छह बजे यह अलर्ट जारी किया है। इसमें कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, टोंक, बारां, अजमेर, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, करौली, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, जालौर, दौसा, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, पाली, सिरोही जिले और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा / आकाशीय बिजली / तेज सतही हवा (अधिकतम हवा की गति 20-30 kmph) की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। रविवार को बादलों और कम धूप के कारण उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारां, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे कम अधिकतम तापमान डूंगरपुर में 27.7°C दर्ज किया गया।  

सड़क हादसा: ओसियां में बस और कार की भिड़ंत से मचा हाहाकार, एक की मौत, कई घायल

जोधपुर जिले के ओसियां क्षेत्र में आज सवेरे चाडी गांव मार्ग पर पंडित जी की ढाणी के पास बस और कार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई और अनियंत्रित बस सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि हुई है। वहीं 25 से 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रैफर किया गया है। दुर्घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल पर जेसीबी और एंबुलेंस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस चाडी गांव से जोधपुर की ओर आ रही थी। टक्कर कैसे हुई इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस चालक और प्रत्यक्षदर्शियों से दुर्घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।