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रेलवे ने जारी की चेतावनी: यात्रा के दौरान यह गलती की तो हो सकता है बड़ा नुकसान

गुड़गांव अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हो तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा न हो कि सफर करने के दौरान आपकी एक छोटी सी गलती से आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़े। ऐसा ही एक मामला राजकीय रेलवे पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से महेंद्रगढ़ के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि वह 26 अक्टूबर को बीकानेर एक्सप्रेस (22472) में दिल्ली से महेंद्रगढ़ जाने के लिए सवार हुआ था। वह अपने दोस्त से फोन पर बात करने लगा और बात करते हुए वह ट्रेन के गेट पर आकर खड़ा हो गया। जब ट्रेन गुड़गांव से रेवाड़ी जाने के लिए चली तो रेलवे लाइन के पास कुछ युवक खड़े हुए थे जिन्होंने एक रस्सी में कुछ भारी सामान बांधा हुआ था।   उन्होंने यह रस्सी उनके हाथ पर मारी जिसके कारण उनका मोबाइल नीचे रेलवे लाइन पर गिर गया। ट्रेन की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह न तो ट्रेन से उतर सके और न ही किसी से मदद ले सके। ऐसे में वह युवक मोबाइल लेकर फरार हो गए। महेंद्रगढ़ पहुंचते ही उन्होंने जीआरपी को अपनी शिकायत दी। जीआरपी महेंद्रगढ़ ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर गुड़गांव जीआरपी को भेज दी। जीआरपी गुड़गांव के अधिकारियों ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   

बच्चों की सुरक्षा पर बाल आयोग सख्त, बिना रजिस्ट्रेशन प्ले स्कूल चलाने वालों पर होगी कार्रवाई

यमुनानगर  हरियाणा में निजी रूप से प्ले स्कूल चलाने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जो इसका पंजीकरण नहीं करवाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इसको लेकर प्ले स्कूल संचालकों को जागरूक किया जा रहा है, उसके बाद उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्ले स्कूल संचालकों के साथ की बैठक जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल कुमार और श्याम शुक्ला आज यमुनानगर पहुंचे। यहां उन्होंने प्ले स्कूल संचालकों से स्कूलों के पंजीकरण और बच्चों की सुरक्षा विषयों को लेकर बैठक ली। आयोग के सदस्य अनिल कुमार ने कहा कि जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और निजी संस्थानों व एजेंसियों की गतिविधियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली है। उन्होंने कहा कि इन प्ले स्कूलों में कोई भी स्टाफ होगा उसकी पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक होगी, उसका रिकॉर्ड आधार कार्ड रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण सभी खंड शिक्षा अधिकारी  जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से करें। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: आयोग आयोग के सदस्य ने कहा ने कि अगर किसी विद्यालय के साथ कहीं पर भी बच्चों के शोषण से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई के लिए जिला बाल कल्याण समिति को सूचित करें। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है, उसी को पूरा करने के लिए आयोग तत्परता से कार्य कर रहा है। आयोग ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  अभिभावकों से की खास अपील आयोग के सदस्य ने अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने से पहले प्ले स्कूल की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। प्ले स्कूल पंजीकरण अनिवार्य: आयोग सदस्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि प्ले स्कूल पंजीकरण का कार्य नियम अनुसार करवा बाल कल्याण समिति जिला बाल संरक्षण इकाई इसके लिए पूरा सहयोग कर रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मिक्षा रंगा ने सभी प्राइवेट प्ले स्कूल संचालकों से जल्द पंजीकरण करवाना और सुनिश्चित करने के लिए कहा कि बिना पंजीकरण के चल रहे प्ले स्कूलों को नियमानुसार बंद करवा दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

जल्द बढ़ेगा हरियाणा का नक्शा! नए जिले की घोषणा इन तारीखों में संभव

चंडीगढ़  हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार नए जिले बनाने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी 1 नवंबर 2025 यानी हरियाणा दिवस पर सरकार 23वें जिले की घोषणा कर सकती है।  10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन जानकारी के अनुसार, सरकार के पास 10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन हैं, जिनमें असंघ, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना प्रमुख हैं। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सबसे पहले गोहाना, हांसी या डबवाली में से किसी एक को जिला घोषित किया जा सकता है। बाकी प्रस्तावों पर फैसला जनगणना के बाद लिया जाएगा। अब तक पुनर्गठन उप-समिति को 73 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के सुझाव शामिल हैं। प्रस्ताव के अनुसार, किसी नए जिले के गठन के लिए 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी, और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अनिवार्य है। समिति ने इन प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए हैं।   इन निर्णयों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। हाल ही में आयोजित 5वीं बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की थी, जिसमें शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा के जिलों का इतिहास हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था, तब राज्य में केवल 7 जिले थे , जिसमें अंबाला, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल और रोहतक है। बाद में समय-समय पर अन्य जिले बनाए गए… 1972: भिवानी, सोनीपत 1973: कुरुक्षेत्र 1975: सिरसा 1979: फरीदाबाद 1989: यमुनानगर, कैथल, रेवाड़ी, पानीपत 1995: पंचकूला 1996: फतेहाबाद 1997: झज्जर 2005: नूंह 2008: पलवल 2016: चरखी दादरी  

हरियाणा के करनाल में छठ मनाने गया व्यक्ति यमुना में डूबा, पुलिस और SDRF टीम खोज में जुटी

करनाल जिले में छठ पर्व के दौरान व्यक्ति पश्चिमी यमुना नहर में डूब गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों ने नहर में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि अभी तक व्यक्ति नहीं मिला है।  जानकारी के अनुसार छठ पर्व को लेकर आज सुबह चढ़ते सूर्य देव को अर्घ्य देने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति नहर में नहा रहा था। उसी समय वह नहर में गिर गया और डूब गया। नहर में डूबे व्यक्ति की पहचान संतोष यादव के तौर पर हुई है और वह सदर बाजार का रहने वाला है। वहीं, संतोष यादव की बेटी ने बताया कि हमने उन्हें बचाने के लिए आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन सभी लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि हमने अपने पापा को नहर में नहाते हुए देखा और आवाज भी लगाई थी, लेकिन अब उनके बारे में कुछ भी पता नहीं लग पाया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच अधिकारी महावीर ने बताया कि संतोष यादव नाम के एक व्यक्ति नहर में डूबने की सूचना मिली थी। गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च अभियान चलाया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है।

बड़ा फेरबदल: हरियाणा के 9 IAS अफसरों के पदस्थापन, श्यामल मिश्रा को मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए। 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को नई दिल्ली स्थित ट्रेड फेयर अथॉरिटी ऑफ हरियाणा का मुख्य प्रशासक (Chief Administrator) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। मिश्रा इससे पहले उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, 2006 बैच के आईएएस अधिकारी जे. गणेशन को फरीदाबाद और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA और GMDA) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है। साथ ही, उन्हें हाउसिंग फॉर ऑल हरियाणा के डायरेक्टर, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के CEO के रूप में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने और विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के उद्देश्य से किया गया है। फरीदाबाद-गुरुग्राम क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की कई परियोजनाएँ फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जिन पर अब जे. गणेशन की अगुवाई में काम तेज होने की उम्मीद है। बाकी सात आईएएस अधिकारियों को भी विभिन्न विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार प्रशासनिक स्तर पर और भी बदलाव कर सकती है, ताकि 2026 के विकास लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

चार दिवसीय छठ पर्व का समापन: श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी सुख-समृद्धि की कामना

पिहोवा  आस्था, श्रद्धा और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का आज भव्य समापन हुआ। मंगलवार तड़के पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय व्रत विधिवत रूप से संपन्न हो गया। सुबह करीब चार बजे से ही श्रद्धालु सरस्वती सरोवर की ओर बढ़ने लगे। कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए तट तक पहुंचे। महिलाओं ने सरस्वती सरोवर में पवित्र स्नान कर दीपदान किया और जल में खड़े होकर सूर्य नारायण की आराधना की। इस दौरान सरस्वती तट पर जलते हजारों दीपों की लौ से दृश्य अत्यंत मनोहारी हो उठा।   पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों की गूंज रही, वहीं नन्हे बच्चों ने नृत्य कर मां छठी के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गीतों के साथ सूर्यदेव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सरपंच विकल चौबे ने बताया कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व संपन्न हुआ। पूजा के उपरांत श्रद्धालु घर लौटकर मां छठी का प्रसाद — फल, मिठाई और ठेकुआ अपने परिजनों व पड़ोसियों में वितरित करेंगे। सरस्वती तीर्थ का पूरा परिसर दीपों, गीतों और श्रद्धा की रोशनी से आलोकित हो उठा — जो आस्था, शुद्धता और सूर्योपासना का प्रतीक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

पुरस्कार विजेता भैंसे ‘युवराज’ का निधन, देहाती मेले का था सितारा

कुरुक्षेत्र हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के कर्मवीर सिंह के फेमस भैंसे ‘युवराज’ का आज निधन हो गया। ये भैंसा मुर्रा नस्ल का था। इस भैंसे ने अपने जीवनकाल में पशु मेलों में असंख्य पुरस्कार जीते थे। यही नहीं, जहां भी युवराज जाता, उसे देखने के लिए लोगों का तांता लग जाता था। भैंसे ‘युवराज’ का राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के परिसर में आदमकद स्टैच्यू भी मौजूद है। बता दें भैंसा युवराज लगभग 1500 किलो वजन, 9 फीट लंबा और 6 फीट ऊंचा था। अपने सीमन से उसने करीब 2 लाख कटड़े और कटड़ी पैदा किए। वहीं, इस भैंसे की सालाना कमाई लगभग 80 लाख रुपए बताई जाती थी। कई बार इसे खरीदने के प्रस्ताव आए, लेकिन मालिक कर्मवीर सिंह ने हमेशा इनकार किया।  कर्मवीर सिंह के अनुसार, मुर्रा नस्ल के इस झोटा पर हर महीने करीब 1 लाख रुपये का खर्च आता था। युवराज को रोजाना 20 लीटर दूध, 10 किलो फल, 10 किलो दाना, 6 किलो मटर और हरा चारा खिलाया जाता था। शाम को इसे 6 किलोमीटर की सैर कराई जाती थी और रोजाना तेल से मालिश की जाती थी, ताकि उसका शरीर चमकदार और मजबूत बना रहे।

पंचायत समिति चेयरमैन पर कुर्सी चोरी का गंभीर आरोप, CCTV फुटेज में ठेकेदार संग करते दिखे उपाध्यक्ष ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई

महेंद्रगढ़  नारनौल में पंचायत समिति के चेयरमैन पर उसके कार्यालय से उपाध्यक्ष की कुर्सी चोरी करने के आरोप लगाने का मामला सामने आया है। उधर चेयरमैन ने आरोपों को गलत बताया है, उनका कहना है कि वे कुर्सी को रिपेयर के लिए ले गए थे। अब यह मामला पुलिस तक पहुंच गया है, जिसकी पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस शिकायत में पूनम ने बताया कि बीते 24 अक्तूबर को उनके पति प्रवीण कुमार खंड कार्यालय नारनौल में अपने किसी कार्य के लिए गए थे। उनके पति ने उसे बताया कि एक बड़ी कुर्सी जो उपाध्यक्ष की है, वह गायब है।  उसने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस दौरान उनके पति ने सीसीटीवी कैमरा देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव व जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि चेयरमैन पंकज यादव व अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी चोरी नहीं की है और कुर्सी टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे। कर्मचारियों को नहीं जानकारी जिसके बाद उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब मेरे पति ने सीसीटीवी देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव और जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में उठाकर ले गए। पंचायत की संपत्ति पंचायत समिति के कार्यालय की कोई भी वस्तु किसी व्यक्ति विशष की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। इस प्रकार का कार्य पंचायत समिति और सरकार की संपत्ति का नुकसान है। इस प्रकार का कार्य चोरी की श्रेणी में आता है। मामला दर्ज करने की मांग पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि आप चेयरमैन पंकज यादव और अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। चेयरमैन बोले- रिपेयर के लिए लेकर गए कुर्सी इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी नहीं चुराई है। यह कार्यालय की कुर्सी थी, जो टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे।

मनोहर लाल खट्टर का आगाह: हर देश के नियमों का पालन करें, अवैध रास्ते से विदेश न जाएं

रोहतक  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अमेरिका से डिपोर्ट में हुए हरियाणा के 50 लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने युवाओं से अपील की थी कि डंकी रूट से विदेश ना जाएं। हमारी सरकार युवाओं को विदेश में भेजने के लिए प्लेस्टमेंट करवाती है। विधिवत तरीके से विदेश में जाएं। हर देश अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा भारत ने भी अवैध रूप से  यहां रह रहे बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया था।  बता दें कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 50 हरियाणवियों को भारत निर्वासित किया गया है। इनमें सबसे अधिक करनाल के 16 व कैथल के 14 युवक हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला के पांच-पांच, यमुनानगर के चार, जींद के तीन, रोहतक व पानीपत का एक-एक युवक शामिल है।  अमेरिका के एक विशेष विमान में ये सभी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उतरे। सूचना पाकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची हरियाणा की स्थानीय पुलिस को उनके-उनके जिले के निवासी लोगों को सौंपा गया। पहले भी 604 लोग हो चुके हैं डिपोर्ट इसी साल जनवरी से लेकर जुलाई तक हरियाणा के 604 युवाओं को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार तीन नवंबर को एक और जत्थे के आने की संभावना है। उसमें आने वाले हरियाणा के लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन पुलिस कर रही है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध प्रवासियों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। वीजा के नियमों को भी सख्त किया गया है। 

चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी की राजनीति में एंट्री, पोती कुदरत ने हिसार में पिता की सद्भावना यात्रा में लिया हिस्सा

हिसार हरियाणा के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी को राजनीति में लॉन्च करने की तैयारी है। बीरेंद्र सिंह की 24 वर्षीय पोती कुदरत पिता पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा में हिसार के उकलाना में शामिल हुईं।  कुदरत ने कहा-" मैं अपने पिता को सपोर्ट करने के लिए सद्भावना यात्रा में शामिल हुई। मेरा और छोटे भाई समरवीर (19) का फोकस अभी सिर्फ पढ़ाई पर है।" राजनीति में आने के सवाल पर हंसते हुए कुदरत ने कहा- मैं समय-समय पर अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उचाना और हिसार में आती रही हूं। विधानसभा चुनाव में उचाना में पापा के लिए प्रचार किया। इससे पहले हिसार लोकसभा चुनाव में प्रचार करने आई। कुदरत के दादा बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और करीब 5 दशक से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। बीरेंद्र के पिता नेकी राम भी संयुक्त पंजाब में नरवाना से विधायक बनकर प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री रहे। उनसे पहले बीरेंद्र के नाना छोटू राम ने तो अंग्रेजों के जमाने में साल 1920 में जमींदारा लीग बनाई थी। पिता बृजेंद्र सिंह हिसार से रह चुके सांसद बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह 2019 में भाजपा के टिकट पर हिसार से सांसद बने थे। हिसार से रिकॉर्ड वोटों से वह जीते, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव आते-आते उनका भाजपा से मोह भंग हो गया। किसान आंदोलन, अग्निवीर और महिला पहलवानों के यौन शोषण जैसे मुद्दों पर उनकी भाजपा से ठन गई। अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदल लिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस से उनको लोकसभा का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद अक्टूबर 2024 में परिवार की पसंदीदा सीट उचाना कलां से कांग्रेस का टिकट मिला। हालांकि भाजपा के देवेंद्र अत्री से सिर्फ 32 वोट से हार गए। उन्होंने बैलेट वोटों की दोबारा गिनती के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई हुई है। बीरेंद्र सिंह और पत्नी प्रेमलता पहली बार उचाना से ही लड़े उचाना विधानसभा सीट की हरियाणा की राजनीति में अलग ही पहचान है। यहां से चुने विधायकों ने हरियाणा की राजनीति को प्रभावित किया है। बृजेंद्र सिंह अब हरियाणा की राजनीति में बड़ा रोल अदा करना चाहते हैं। चौधरी बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रेमलता विधानसभा का पहला चुनाव यहीं से लड़े और राजनीति में मुकाम हासिल किया। बीरेंद्र सिंह 5 बार उचाना से जीतकर हरियाणा विधानसभा में विधायक बने (1977-82, 1982-84, 1991-96, 1996-2000 और 2005-09) और 3 बार हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने 3 बार सांसद का चुनाव जीता। बीरेंद्र सिंह ने अपना पहला चुनाव 1972 में लड़ा और 1972 से 1977 तक वे ब्लॉक समिति उचाना के चेयरमैन रहे। उन्होंने 1977 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर उचाना कलां निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और देश में कांग्रेस विरोधी लहर के बावजूद, एक बड़े अंतर से सीट जीती। वहीं पत्नी प्रेमलता ने बीजेपी से 2014 में चुनाव लड़ा और दुष्यंत चौटाला को हराकर विधायक बनीं। हरियाणा में सद्भावना यात्रा निकाल रहे बृजेंद्र सिंह पूर्व IAS अफसर बृजेंद्र सिंह सद्भावना यात्रा के माध्यम से खुद को हरियाणा की राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पिछले दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओवरसीज विभाग का सह संयोजक बनाया। बृजेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदार भी थे। हिसार से सांसद रह चुके बृजेंद्र सिंह खुद को प्रदेशस्तरीय नेता के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ अपने माता-पिता के समर्थकों को भी लामबंद करना चाहते हैं। 6 महीनों में सभी 90 हलकों में जाने का कार्यक्रम है। अब तक 10 हलके कवर किए हैं। आपस में रिश्ते में भाई होने के बावजूद चौधरी बीरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा में हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से बृजेंद्र सिंह की कोशिश अफसर की छवि से बाहर निकलकर जमीनी नेता दिखाने की है।