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दिल्ली-एनसीआर की हवा हुई खतरनाक, AQI 421 तक पहुंचा, खाप ने किसानों के खिलाफ केस पर उठाए सवाल

जींद दिवाली की रौनक अभी ठंडी भी न हुई थी कि जींद की हवा जहरीली हो चुकी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार शाम तक शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 421 तक पहुँच गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में है। यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जबकि रेवाड़ी के धारूहेड़ा में AQI 412 दर्ज किया गया।  विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों का धुआँ और हवा में ठहराव मुख्य कारण हैं। हरियाणा के 22 शहरों में AQI 'खराब' से 'गंभीर' स्तर पर पहुँच गया, जिससे ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू हो गया। निर्माण कार्य सीमित हो गए हैं और प्रदूषण स्रोतों पर निगरानी तेज कर दी गई है। बिना लाइसेंस के 4 करोड़ के जले पटाखें  दिवाली से पहले जींद जिले में अवैध पटाखों की बिक्री चरम पर थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बिना लाइसेंस के बिना लाइसेंस के 4 करोड़ के पटाखें जले हैं, जो मुख्य रूप से पड़ोसी राज्यों से लाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद 'ग्रीन पटाखों' की सीमित अनुमति का उल्लंघन हुआ। जिला प्रशासन ने कई दुकानों पर छापेमारी की, लेकिन अवैध व्यापारियों ने सड़कों और फुटपाथों पर बिक्री जारी रखी। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ा, बल्कि आगजनी का खतरा भी मंडराया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें सामान जब्ती और जुर्माना शामिल है। किसानों पर पराली जलाने के 3 मुकदमे  जींद जिले में फसल अवशेष जलाने के 3 मामले सामने आए हैं। सफीदों सदर थाना पुलिस ने मुआना गांव के साहब सिंह के खिलाफ 19 अक्तूबर को फसल अवशेष जलाने का मामला कृषि अधिकारी अमित वर्मा की शिकायत पर दर्ज किया है। जींद सदर थाना पुलिस ने बड़ौदी गांव के रविंद्र के खिलाफ 20 अक्तूबर को फसल अवशेष जलाने का मामला कृषि विभाग में सहायक तकनीकी प्रबंधक ऋषि पाल की शिकायत पर दर्ज किया है जबकि नरवाना सदर थाना पुलिस ने दनौदा कलां गांव के किसान पवन के खिलाफ 11 अक्तूबर को फसल अवशेष जलाने का मामला दर्ज किया है। माजरा खाप का तीखा प्रहार: 'सरकार किसानों को बदनाम कर रही, पटाखों पर क्यों चुप? 'इस कार्रवाई पर माजरा खाप के प्रेस प्रवक्ता ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "सरकार किसानों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। जब सरकार पटाखे जलाने की इजाजत दे सकती है, तो किसानों को भी पराली जलाने की इजाजत देनी चाहिए।" प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि सैटेलाइट से किसानों की जलती पराली तो दिखाई देती है, लेकिन कंपनियों का धुआँ या दिवाली के पटाखों का धुआँ ट्रैक करने के लिए कोई सैटेलाइट क्यों नहीं? "अब कोई किसान पराली नहीं जलाता, लेकिन सरकार केवल किसानों को निशाना बना रही है।"  क्या कहते हैं विशेषज्ञ? वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखों से PM2.5 का स्तर 675 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुँच गया, जो 2021 के बाद सबसे अधिक है।  पराली जलाने का योगदान 20-30% है, जबकि वाहन उत्सर्जन और उद्योग 50% से अधिक। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्यों को चेतावनी दी है कि किसानों पर सख्ती के साथ वैकल्पिक प्रबंधन (जैसे सुपर एसएमएस मशीन) को बढ़ावा दें। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मास्क पहनें, बाहर कम निकलें और प्रदूषण स्रोतों से दूर रहें। अगले 48 घंटों में हवा की स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहें।  

भव्य स्वागत: असम से गुड़गांव आए शहीदी नगर के कीर्तन ने बांधा लोगों का ध्यान

गुड़गांव सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत के अवसर पर असम के डुबरी साहिब गुरुद्वारे से महान शहीदी नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। यह नगर कीर्तन देश के विभिन्न राज्यों से होता हुआ करीब एक महीने का सफर तय करते हुए देर रात गुड़गांव पहुंचा। नगर कीर्तन के गुड़गांव पहुंचने पर सिख संगत ने नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया। नगर कीर्तन के भव्य स्वागत के लिए गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सिविल लाइन्स की तरफ से विशेष व्यवस्था राजीव चौक पर की गई। यहां संगत ने शबद कीर्तन करते हुए नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु का आर्शीवाद प्राप्त किया। गुड़गांव में कार्यक्रम के आयोजक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा कमेटी के प्रबंधक शेरदिल सिद्धू ने कहा कि यह हमारा साैभाग्य है कि स्वयं गुरु हमें दर्शन देने के लिए गुड़गांव आए हैं। नगर कीर्तन में गुरु तेग बहादुर जी के शस्त्र भी लाए गए थे जिनके दर्शन का सौभाग्य पूरी संगत को प्राप्त हुआ।   इस अवसर पर सिख संगत ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने जो देश के लिए बलिदान दिया है उसे कोई भी भुला नहीं सकता। इस बार गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को 350 साल हो गए हैं और यह शहीदी दिवस इस बार पूरे संसार में एक मिसाल के तौर पर मनाया जा रहा है। आज महान शहीदी नगर कीर्तन के गुड़गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। आपको बता दें कि नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पिछले कई दिनों से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिविल लाइन्स की तरफ से तैयारी की जा रही थी। नगर कीर्तन के राजस्थान की सीमा से गुड़गांव की सीमा में प्रवेश करते ही गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से खास व्यवस्था की गई। पायलट गाड़ी के जरिए नगर कीर्तन को गुड़गांव के राजीव चौक तक लाया गया जहां संगत ने गुरु तेग बहादुर जी के शस्त्रों के दर्शन करने के साथ ही आर्शीवाद प्राप्त किया। नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारों ने की। इसके बाद नगर कीर्तन को द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन के पास तक संगत विदा करके आई जिसके बाद दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा दिल्ली ले जाया गया। यहां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली में ही ठहराव होगा और इसके बाद यह नगर कीर्तन आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हो जाएगा। 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत दिवस के अवसर पर यह नगर कीर्तन आनंदपुर साहिब में सम्पन्न हो जाएगा।  

सेना हवलदार के साथ धोखाधड़ी, युवती ने वादा कर ठगे 1.64 लाख रुपये

गुड़गांव आईएमटी मानेसर एरिया में जालसाज युवती ने कमाई का प्रलोभन देकर सेना के हवलदार से 1,64,300 रुपये की ठगी कर ली। हवलदार को पेड प्रमोशन, पार्ट टाइम नौकरी और टास्क पूरा करके मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। रुपये ट्रांसफर कराने के बाद उनको ग्रुप व मोबाइल नंबर पर ब्लॉक कर दिया गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और मामले की छानबीन कर रही है।   पुलिस को दी शिकायत में पटौदी के बास पदमका निवासी वासुदेव ने बताया कि वह भारतीय सेना में हवलदार पद पर राजस्थान के जैसलमेर में ड्यूटी पर तैनात है। छह अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर आर्या शर्मा नाम की युवती का मैसेज आया था। जिसमें पार्ट टाइम जॉब के लिए कहा गया तो वासुदेव ने मना कर दिया। इसके बाद युवती ने वासुदेव को बताया कि वे भारतीय कल्चर को यूट्यूब व शॉपिंग साइट के माध्यम से सब्सक्राइब करके देश-विदेश में प्रोमोट करना चाहते हैं। वासुदेव जालसाज युवती के झांसे में आया गया और पार्ट टाइम नौकरी के लिए हां कर दी। इसके बाद आर्या शर्मा ने वासुदेव को व्हाट्सएप पर टेलीग्राम अकाउंट को लिंक व वर्किंग कोड भेजा और ट्रेडिंग शुरू कराई गई। इसके बाद जालसाजों ने वासुदेव को टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जोड़ा और उनको यूट्यूब व शॉपिंग साइट डाली गई वीडियो को सब्सक्राइब व लाइक करके स्क्रीन शॉट भेजने के लिए कहा। जब वासुदेव ने वीडियो के स्क्रीन शॉट भेजे को पेड प्रमोशन के माध्यम से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कहा। वह जालसाज युवती की बातों में आ गया और उसने पांच बार में कुल 1,64,300 रुपये ट्रांसफर उसके बताए गए अकाउंट में भेज दिए। जब वासुदेव ने अपनी राशि व मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो वह नहीं निकाल सका। जालसाजों ने वासुदेव के मोबाइल नंबर को ब्लॉक करने के साथ ही उसे ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

पंजाब के पूर्व डीजीपी के बेटे की मौत: हरियाणा सरकार ने सीबीआई जांच की मांग की

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की कथित हत्या के मामले में हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को केंद्र सरकार को एक फॉर्मल रेफरेंस दिया गया, जिसमें इस हाई-प्रोफाइल केस में केंद्रीय जांच एजेंसी के दखल की मांग की गई। अकील अख्तर ने एक कथित वीडियो में आरोप लगाया था कि उनके पिता मुस्तफा का उनकी पत्नी (अकील) के साथ अवैध संबंध हैं। हालांकि, एक अन्य वीडियो में अकील ने तबीयत का हवाला देते हुए आरोपों को वापस ले लिया था। हालांकि, जांच एजेंसी को तब सौंपी जाएगी जब केंद्र सरकार इस खास केस के लिए दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को हरियाणा तक बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लेगी। इससे पहले, सामने आया था कि पंजाब के पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) मोहम्मद मुस्तफा के अगले हफ्ते, शायद सोमवार, 27 अक्टूबर को चल रही पुलिस जांच में शामिल होने की उम्मीद है। मीडिया से फोन पर बात करते हुए, मुस्तफा ने कन्फर्म किया कि उनका परिवार जांच में सहयोग करेगा। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जुड़े पंचकूला के एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा कि मुस्तफा को बुधवार को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें इन्वेस्टिगेटर के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 35 साल के अकील अख्तर 16 अक्टूबर की रात को सेक्टर 4, MDC, पंचकूला में अपने घर पर बेहोश पाए गए थे और उनके परिवार वाले उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले गए थे। अस्पताल में उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। चूंकि शुरू में किसी गड़बड़ी का शक नहीं था, इसलिए बॉडी को मॉर्चरी में रखा गया और अगले दिन सहारनपुर में अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। 17 अक्टूबर को अकील की एक डायरी की तस्वीर सामने आई थी, जिसमें लिखा था- “अगर मेरी मौत हो जाती है, तो इस डायरी में मेरा मरने से पहले का बयान है। और मुझे एल्युमिनियम फॉस्फाइड पॉइजनिंग के लिए चेक किया जाना चाहिए।” जब डायरी के बारे में पूछा गया, तो मुस्तफा ने कहा कि यह परिवार के पास है। उन्होंने कहा, “अगर वे कहेंगे तो हम इसे पुलिस को सौंप देंगे।” शुरुआती जांच में अकील के दाहिने हाथ पर कोहनी के पास सिरिंज का निशान मिला। पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सूत्रों ने बताया कि यह मामला दवा के ओवरडोज के बजाय पॉइजनिंग का लग रहा है। मलेरकोटला के रहने वाले और AAP के पूर्व सहयोगी शमशुद्दीन चौधरी की शिकायत के बाद, 20 अक्टूबर को मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी और बहू (अकील की पत्नी) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 61 के तहत FIR दर्ज की गई। चौधरी ने पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस बीच, परिवार गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कोर्ट जा सकता है।

कुरुक्षेत्र की सड़कों पर उमड़ेगी भीड़, पीएम मोदी 25 नवंबर को करेंगे जनसभा

चंडीगढ़  हरियाणा की राजनीति में अब एक बार फिर बड़ा मंच सजने जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे की तारीख तय हो गई है। पीएम 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे, जहाँ वे राज्य में विकास की कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा बल्कि भाजपा के लिए जनसमर्थन की नब्ज़ टटोलने का भी मौका बनेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में राज्य सरकार ने अपनी पहली वर्षगांठ पर एक भव्य जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर को सोनीपत में होना था और प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। लेकिन ठीक कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही आईपीएस अधिकारी पूरण कुमार की आत्महत्या के बाद राज्य का माहौल संवेदनशील हो गया। विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया, और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। इस बदलते माहौल को देखते हुए सरकार ने कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया। अब जब हालात सामान्य हो चुके हैं, तो प्रधानमंत्री का दौरा नए सिरे से तय किया गया है — और मंच कुरुक्षेत्र को चुना गया है, जो हरियाणा की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।   मोदी करेंगे कई परियोजनाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान हरियाणा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें कृषि, सड़क, शिक्षा, और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरियाणा के लिए नई औद्योगिक नीतियाँ और किसानों से जुड़ी योजनाएँ पेश कर सकती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय या इसके आसपास किसी बड़े ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। यह रैली न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत के कई इलाकों में भाजपा के लिए राजनीतिक संदेश देने का काम करेगी। नायब सैनी सरकार के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ नायब सिंह सैनी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की कमान एक साल पहले संभाली थी। उनका पहला कार्यकाल बहुत छोटा था। जब मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफ़ा दिया था और पिछले साल 12 मार्च को नायब सैनी ने पहली बार सीएम पद की शपथ ली थी। तब से लेकर अब तक सैनी सरकार ने राज्य में कई लोककल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं हैं। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की है। गत रोज़ ही गन्ने के दाम में वृद्धि की है और पंचायतों के लिए ग्राम सभा चाय-नाश्ता योजना, और युवाओं के लिए रोजगार मिशन जैसी पहलें शुरू की है। सरकार इस रैली को अपने ‘एक वर्ष के रिपोर्ट कार्ड’ के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी से इसे राज्य सरकार के प्रदर्शन पर केंद्र की मुहर माना जा रहा है।   राजनीतिक मायने भी गहरे राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि नरेंद्र मोदी का यह दौरा हरियाणा में भाजपा की जन-संपर्क रणनीति को मजबूत करेगा। आने वाले महीनों में स्थानीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच यह रैली एक राजनीतिक संकेत भी होगी कि भाजपा नेतृत्व राज्य की कमान को लेकर एकजुट है। इसके अलावा, नायब सैनी का ओबीसी समुदाय से संबंध और प्रधानमंत्री मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संदेश — दोनों मिलकर इस रैली को सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समर्थन की दृष्टि से अहम बनाते हैं। रैली की तैयारियां तेज राज्य सरकार और भाजपा संगठन ने कुरुक्षेत्र में रैली की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुमान है कि इस आयोजन में लाखों की भीड़ जुटाई जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल ली है। मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। रैली स्थल के आसपास विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए मंच तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा हरियाणा के विकास और राजनीति—दोनों के लिए ‘दिशा तय करने वाला क्षण’ साबित होगा। जनता को बड़ी उम्मीदें जनता की नजर इस बात पर होगी कि प्रधानमंत्री किन योजनाओं की सौगात देते हैं और हरियाणा को आने वाले वर्षों में कौन-सी नई परियोजनाएँ मिलती हैं। किसान, युवा और उद्योग जगत — सभी इस रैली से उम्मीद लगाए बैठे हैं। हरियाणा की धरती पर मोदी की यह यात्रा न केवल सरकार की पहली वर्षगांठ का उत्सव बनेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि ‘विकास की रफ्तार अब रुकेगी नहीं।’

अंबाला स्टेशन पर छठ पूजा स्पेशल सर्विस: यात्रियों के लिए इंतजाम पूरी तरह तैयार

अंबाला  छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला रेल प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अंबाला रेल मंडल ने विशेष रूप से अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।रेल मंडल प्रबंधक विनोद भाटिया ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि त्योहार के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रेन को तीन मिनट तक का अतिरिक्त ठहराव दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें धूप या अन्य असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर 150 अतिरिक्त बेंच भी लगाई गई हैं ताकि यात्रियों को बैठने में परेशानी न हो। डीआरएम भाटिया ने बताया कि छठ पर्व पर घर लौट रहे यात्रियों की सुविधा के लिए तीन स्पेशल ट्रेनें चंडीगढ़ से चलायी गई हैं, जो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को आसानी से गंतव्य तक पहुंचाएंगी। इनमें चंडीगढ़–कटिहार और चंडीगढ़–पटना के बीच विशेष ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा पटियाला से भी आज शाम एक विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर मंडल से भी कुछ विशेष गाड़ियां चलाई गई हैं, जिनकी सूची अंबाला रेल मंडल को प्राप्त हो चुकी है। इन ट्रेनों में भी यात्री आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। रेल प्रबंधक ने यात्रियों से अपील की कि वे भीड़ के दौरान अफरा-तफरी न मचाएं और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि “अंबाला रेल मंडल कई दिनों से छठ पर्व की तैयारियों में जुटा हुआ था और अब सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।” रेल प्रशासन ने कहा कि वह यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार और सतर्क है।

सोन पापड़ी विवाद: दिवाली पर गुस्साए कर्मचारियों ने फैक्ट्री में ही किया हंगामा

चंडीगढ़  दिवाली के मौके पर मिलने वाले बोनस का इंतजार कर्मचारी पूरे साल करते हैं। ऐसे में जब हाल ही में जब एक कंपनी के कर्मचारियों को मन माफिक बोनस नहीं मिला, तो उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जहां कंपनी की ओर से दिवाली के मौके पर सोन पापड़ी मिलने पर कर्मचारी बुरी तरह भड़क गए। कर्मचारियों ने विरोध जताने के लिए सोन पापड़ी के सारे डब्बे के फैक्ट्री के गेट पर फेंक डाले। कथित तौर पर यह वीडियो हरियाणा के सोनीपत की एक फैक्ट्री का है। वायरल क्लिप में कई कर्मचारियों को फैक्ट्री के गेट के बाहर सोन पापड़ी के डिब्बे फेंकते हुए देखा जा सकता है। लाइव हिन्दुस्तान वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस क्लिप में एक स्थानीय समाचार चैनल पर प्रसारित की जा रही एक रिपोर्ट में एंकर ने बताया कि वर्कर्स को दिवाली पर बोनस देने का वादा किया गया था। हालांकि दिवाली से कुछ दिन पहले, उन्हें नकद बोनस या गिफ्ट वाउचर की जगह उन्हें सोन पापड़ी के डिब्बे थमा दिए गए, जिससे कर्मचारियों का गुस्सा फुट पड़ा। वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर 6 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो पर लोगों की मजेदार प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। जहां कुछ लोगों ने कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति जताई है, वहीं कुछ लोग खाने की बर्बादी और अपमान के के लिए उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “एक ही दिन होता है जब कर्मचारी उपहार का इंतजार करते हैं। ऐसी चिंदीचोरी नहीं करनी चाहिए।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “शर्म आनी चाहिए ऐसे मालिकों को क्योंकि वर्कर पूरे साल जीते तोड़ मेहनत करके काम करके देता है और दिवाली पर उम्मीद करता है एक अच्छी सी गिफ्ट जरूर देगा।” कुछ लोग तो बोनस देने के लिए कानून बनाने की मांग भी करने लगे। हालांकि कुछ लोगों ने कर्मचारियों के बर्ताव का कड़ा विरोध किया। एक यूजर ने लिखा, “दुखद! ऐसा रवैया नहीं होना चाहिए। यह सिर्फ एक दिखावा है, दिवाली पर कुछ पाने का हक नहीं। जो भी उपहार मिले उसे विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए। अगर बोनस देना हो तो उस पर औपचारिक रूप से चर्चा की जा सकती है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम करने के बदले वेतन दिया जाता है। बोनस बंधन नहीं है, ये खुशी बांटने की बात है। जरुरी नहीं कि बोनस में पैसे ही दिया जाए। चलाकर देखिये पता चलेगा कितना मुश्किल है, सभी कंपनियां करोड़ो अरबों नहीं कमाती। १४ साल में मुझे कभी एक रुपया बोनस नहीं मिला,मुझे कोई शिकायत भी नहीं थी।”

हरियाणा के नए जिलों का गठन तय करने वाली अहम तारीख सामने आई, जानें पूरी डिटेल

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बड़े फैसले की तैयारी में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार को 11 नए जिलों, 14 नए उपमंडलों, 4 नई तहसीलों और 27 उप-तहसीलों के गठन से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह सभी प्रस्ताव प्रशासनिक पुनर्गठन उप-समिति की 5वीं बैठक में प्रस्तुत किए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर सदस्य शामिल हुए। बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और विशेष सचिव कमलेश कुमार भादू भी उपस्थित रहे। प्रस्तावित नए जिले:     असंध (जिला करनाल)     नारायणगढ़ (जिला अंबाला)     मानेसर (जिला गुरुग्राम)     पटौदी (जिला गुरुग्राम)     पिहोवा (जिला कैथल)     हांसी (जिला हिसार)     बरवाला (जिला हिसार)     सफीदों (जिला जींद)     गोहाना (जिला सोनीपत)     डबवाली (जिला सिरसा) गौरतलब है कि डबवाली और हांसी को पहले ही पुलिस जिला घोषित किया जा चुका है।   प्रस्ताव की संवेदनशील समय-सीमा राज्य सरकार को इन प्रस्तावों पर निर्णय 31 दिसंबर 2025 से पहले लेना होगा। भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना से पूर्व किसी भी प्रशासनिक सीमा में बदलाव की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है। यदि इस समय-सीमा में निर्णय नहीं लिया गया, तो फिर अगला अवसर जून 2027 के बाद ही मिल सकेगा, जब अगली जनगणना प्रक्रिया पूरी होगी। नए जिले बनाने के मानदंड: गांवों की संख्या: 125 से 200 जनसंख्या: 4 लाख से अधिक क्षेत्रफल: 80,000 हेक्टेयर से अधिक इन्हीं मानकों के आधार पर उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के गठन के लिए भी मापदंड तय किए गए हैं। अगला कदम: मुख्यमंत्री की मंजूरी बैठक में लिए गए सभी प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। यदि मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलती है, तो हरियाणा में जल्द ही बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

AC बसों के जरिए हरियाणा के 5 धार्मिक स्थल सिर्फ एक क्लिक दूर, जानिए पूरी जानकारी

रोहतक हरियाणा रोडवेज ने रोहतक से पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए 5 एयर कंडीशंड (AC) बसों का शुभारंभ किया है। इन बसों के माध्यम से श्रद्धालु रोजाना आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा कर सकेंगे। बसों का उद्घाटन मेयर रामअवतार वाल्मीकि, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, डीसी सचिन गुप्ता और रोडवेज के जनरल मैनेजर (GM) विपिन कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया। मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने इस अवसर पर कहा कि सरकार लगातार जनकल्याण के लिए नई परियोजनाओं को शुरू कर रही है। इस कड़ी में रोहतक डिपो से पांच नई AC बसें धार्मिक स्थलों के लिए शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के लिए इन बसों का किराया सामान्य बसों से मात्र 50 रुपए अधिक रखा गया है, जिससे यह यात्रियों के बजट में फिट बैठती हैं। 5 धार्मिक स्थलों के लिए सेवा उपलब्ध रोडवेज GM विपिन कुमार ने बताया कि ये AC बसें वृंदावन, मेहंदीपुर, बालाजी, हरिद्वार और हल्द्वानी के लिए प्रतिदिन रवाना होंगी और अगले दिन वापसी करेंगी। रोहतक से वृंदावन का किराया 357 रुपए तय किया गया है, जो सामान्य बस किराए का लगभग डेढ़ गुना है। बसें दोपहर 12:10 बजे रोहतक से रवाना होंगी, जबकि वृंदावन से सुबह 5 बजे वापसी होगी।   छठ पूजा के लिए विशेष इंतजाम विपिन कुमार ने कहा कि छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बस सेवा और कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। सिटी बसों को भी बढ़ती मांग के अनुसार सड़कों पर उतारा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि वृंदावन और हरिद्वार रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण इन रूटों पर AC बसें लंबी दूरी पर चलाई जाएंगी। इस पहल से धार्मिक स्थलों की यात्रा और भी सुगम और सुरक्षित बनेगी, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।  

28 हजार कुकों की मजबूरी: गैस और राशन उधार लेकर चल रही स्कूलों की मिड डे मील रसोई

चंडीगढ़ प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को मिड डे मील (एमडीएम) खिलाने वाले तकरीबन 28,400 कुक आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूलों की रसोई में पक रहा राशन भी उधार पर आ रहा है। राज्य सरकार की ओर से दो माह अगस्त व सितंबर और केंद्र सरकार की ओर से पांच माह का मानदेय जारी नहीं हुआ है। प्रदेश के 14,200 सरकारी स्कूलों में तकरीबन 28,400 कुक मिड डे मौल में तैनात हैं। प्रति कुक 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है जिसमें एक हजार रुपये केंद्र और छह हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से जारी होते हैं। बजट जारी न होने से राशन और गैस सिलेंडर का इंतजाम भी उधार पर करना पड़ रहा है। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा के प्रधान जय भगवान ने कहा कि 2004 से अब तक एमडीएम स्कीम की दोनों मदों मानदेय और कुकिंग कॉस्ट की राशि कभी भी समय पर नहीं मिली है। इसमें कई बार तो 3 से 6 महीने तक की देरी हो जाती है। ऐसे में बाजार से उधार सामान लेना पड़ता है जिससे दुकानदार अपनी मनमर्जी के रेट वसूलते हैं। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने इस मुद्दे पर अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। रोहतक में राज्यस्तरीय बैठक में राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अध्यक्षता और महासचिव रामपाल के संचालन में यह प्रस्ताव पारित हुआ कि अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो जल्द ही राज्यव्यापी विरोध अभियान शुरू किया जाएगा। एमडीएम में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की तरफ से बजट मिलता है। कई बार दोनों ओर से बजट अलग-अलग समय पर आता है। इस तरह की समस्या जिन स्कूलों में आ रही है उन्हें दफ्तर में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत के आधार पर मामले की जांच करवाई जाएगी। विनीत गर्ग, एसीएस, स्कूल शिक्षा विभाग