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न्यायिक सेवा में बड़ा बदलाव: अनुभवी वकीलों को ही मिलेगा जज बनने का मौका

चंडीगढ़.  हरियाणा सरकार ने न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा संशोधन करते हुए हरियाणा उच्च न्यायिक सेवा (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। ये नियम 27 मार्च 2026 से प्रभावी हो गए हैं। संशोधित नियमों के तहत अव न्यायिक सेवा में पदों को भरने के लिए प्रमोशन, सीमित प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती का स्पष्ट ढांचा तय किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार 50 प्रतिशत पद मेरिट-कम-सीनियरिटी के आधार पर प्रमोशन से भरे जाएंगे जबकि 25 प्रतिशत पद सीमित प्रतियोगी परीक्षा और 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। सीमित प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति के लिए न्यूनतम सात वर्ष का अनुभव और 35 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है।  सीधी भर्ती के लिए वकीलों के लिए भी कड़े मानदंड तय किए गए हैं। अभ्यर्थी को कम से कम तीन वर्षों तक आयकर दाता होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वार्षिक न्यूनतम आय पांच लाख रुपये और प्रत्येक वर्ष कम से कम 50 मामलों की पैरवी का प्रमाण देना होगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इन शर्तों में आंशिक छूट दी गई है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रोस्टर सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत हर चार पदों पर क्रमशः प्रमोशन, प्रमोशन, परीक्षा और सीधी भर्ती का पैटर्न अपनाया जाएगा। सरकार ने वरिष्ठता निर्धारण के नियम भी स्पष्ट किए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी होने पर किसी प्रकार का विवाद न हो।

गैस किल्लत और ओवररेटिंग से मिलेगी मुक्त,गुरुग्राम DC ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, तुरंत होगी कार्रवाई

गुरुग्राम डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. LPG की कालाबाजारी को लेकर बना कंट्रोल रूम गुरुग्राम में एलपीजी गैस को लेकर आने वाली शिकायतों पर अब तुरंत कार्रवाई होगी. जिला प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए लघु सचिवालय में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है. इसके साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि लोगों को गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े. डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं. प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी हालत में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी और गैस की सप्लाई पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी. अब 24 घंटे दर्ज कर सकते हैं शिकायत शिकायतों के समाधान को और मजबूत बनाने के लिए लघु सचिवालय के एनआईसी रूम में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां लोग गैस सिलेंडर की कमी, सप्लाई में देरी, ज्यादा कीमत वसूली या अवैध भंडारण जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो और लोगों को जल्दी राहत मिले. फोन नंबर जारी, तुरंत होगी कार्रवाई डीसी ने बताया कि कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 0124-2868930 पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा. अगर किसी जगह कालाबाजारी या अवैध स्टॉक की जानकारी मिलती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत जांच कर सख्त कार्रवाई करेंगे. लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं गड़बड़ी दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें. एलपीजी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना 6 टीमें फील्ड में सक्रिय कर दी गई हैं. ये टीमें गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण कर रही हैं. इससे किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत पकड़कर कार्रवाई की जा रही है. गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं डीसी अजय कुमार ने साफ किया कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. फिलहाल 58 गैस एजेंसियों के पास कुल 15,311 सिलेंडर मौजूद हैं और सप्लाई पूरी तरह सुचारू है. विभाग रोजाना निगरानी कर रहा है, ताकि आगे भी किसी तरह की कमी न आए. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गुरुग्राम में एलपीजी को लेकर कोई संकट नहीं है. लोगों को सिर्फ सतर्क रहने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत देने की जरूरत है, ताकि सिस्टम साफ और मजबूत बना रहे.  

HPSC में सुधार का असर: मुकेश आहूजा की सेवा अवधि बढ़ी 3 महीने

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने आई.ए.एस. अधिकारी मुकेश आहूजा को 31 मार्च को सेवानिवृत्ति के दिन 3 महीने का सेवा विस्तार दिया है। अब वह 30 जून तक सरकार में सेवाएं देंगे। आहूजा के पास हरियाणा मार्कीटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक और हरियाणा लोक सेवा आयोग में सचिव पद का कार्यभार है जो यथावत रहेगा। आहूजा की गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है और उनके समय में हरियाणा लोक सेवा आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में पारदर्शिता दिखाई दी। चर्चा है कि 3 महीने बाद भी सरकार उन्हें किसी अहम पद पर जिम्मेदारी दे सकती है। आईपीएस गंगाराम पूनिया हुए रिलीव आईपीएस अधिकारी गंगाराम पूनिया को हरियाणा सरकार ने रिलीव कर दिया है। अब वह इसी सप्ताह सी.बी. आई. में अपनी ज्वाइनिंग देंगे। गंगाराम पुनिया पिछले कई महीनों से ए.सी.बी. में एस.पी. पद पर तैनात थे। वरिष्ठ आईएएस आशिमा बरार को मिली नई जिम्मेदारी हरियाणा सरकार ने बिजली (ऊर्जा) विभाग में लंबे इंतजार के बाद स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व बहाल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशिमा बरार को कमिश्नर एवं सचिव के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब विभाग पिछले करीब 37 दिनों से नियमित मुखिया के बिना कार्य कर रहा था। फरवरी माह में राज्य सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पद से रिलीव कर उनकी सेवाएं केंद्र सरकार को सौंप दी थीं। केंद्र में उन्हें दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि में एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर नियुक्ति मिली है। मिश्रा के जाने के बाद ऊर्जा विभाग का कामकाज लिंक ऑफिसर के भरोसे चल रहा था। लिंक ऑफिसर के पास पहले से ही अन्य विभागों का जिम्मा होने के कारण ऊर्जा विभाग के दैनिक कार्यों पर पूरा फोकस नहीं रह पाना स्वाभाविक था। ऐसे में फाइलों का लंबित होना और निर्णय प्रक्रिया में देरी होना भी चर्चा का विषय बना रहा। अब तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई अहम फाइलें लंबित रहीं, जिन पर अब तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। नई नियुक्त कमिश्नर एवं सचिव आशिमा बरार को एक सक्षम और अनुभवी अधिकारी माना जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न अहम विभागों में उन्होंने काम किया है, जिससे उन्हें प्रशासनिक समन्वय और निर्णय क्षमता का व्यापक अनुभव है। बिजली विभाग जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े क्षेत्र में यह अनुभव काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

नाइट शिफ्ट में महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती, 48 घंटे का वर्किंग वीक और आधे घंटे का ब्रेक अनिवार्य, श्रम विभाग ने जारी किए नए नियम

 चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के कार्य घंटे और सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। श्रम विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार किसी भी कर्मचारी से प्रतिदिन 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकेगा। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान नए नियमों में महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाओं से काम लेने के लिए संस्थानों को अलग से अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति ऑनलाइन और सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर दी जाएगी। आराम के समय सहित किसी भी कर्मचारी की कुल कार्य अवधि 12 घंटे प्रतिदिन से अधिक नहीं होगी। साथ ही, हर 6 घंटे के काम के बाद कम से कम आधे घंटे का विश्राम देना अनिवार्य किया गया है। ओवरटाइम का करना होगा दोगुना भुगतान यदि किसी कर्मचारी से ओवरटाइम करवाया जाता है तो उसे सामान्य वेतन के मुकाबले दोगुना भुगतान करना होगा। इसके अलावा सभी श्रम कानूनों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों को खोलने और बंद करने के तय समय तथा साप्ताहिक अवकाश (क्लोज डे) की अनिवार्यता से छूट दे दी है। अब ऑनलाइन पंजीकरण और सेल्फ सर्टिफिकेशन वाले संस्थान अपनी सुविधा अनुसार कार्य समय निर्धारित कर सकेंगे। हालांकि कर्मचारियों के कार्य घंटे और अन्य श्रम कानून पहले की तरह लागू रहेंगे।  

150 करोड़ का गबन और ACB की बड़ी कार्रवाई, कोटक महिंद्रा बैंक ने सरेंडर की मूल राशि, जांच में खुले कई राज

पंचकूला कोटक महिंद्रा बैंक के उप-उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के 150 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले में नाम आने के बाद बैंक ने पंचकुला नगर निगम को 127 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। यह राशि उसी फंड से संबंधित है, जिसे कथित धोखाधड़ी में गबन कर लिया गया था पंचकूला नगर निगम घोटाला: ACB की कार्रवाई के बाद कोटक बैंक ने लौटाए ₹127 करोड़ कोटक महिंद्रा बैंक के उप-उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के 150 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले में नाम आने के बाद बैंक ने पंचकुला नगर निगम को 127 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। यह राशि उसी फंड से संबंधित है, जिसे कथित धोखाधड़ी में गबन कर लिया गया था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (SV & ACB) द्वारा पंचकुला की एक अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बैंक के पुष्पेंद्र सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुष्पेंद्र सिंह वर्तमान में फरार चल रहे हैं। उन्होंने पंचकुला के सेक्टर-11 स्थित उसी शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे, जहां यह घोटाला हुआ था। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव ने जांच एजेंसी को बताया कि वह पुष्पेंद्र सिंह की गिरफ्तारी में सहयोग कर सकता है, क्योंकि वह उनके विभिन्न ठिकानों की जानकारी रखता है। राघव ने यह भी दावा किया कि वह घोटाले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देने में सक्षम है। वहीं जांच एजेंसी के अनुसार, जब राघव को उनके कार्यालय ले जाया गया, तब पंचकुला नगर निगम के अधिकारियों ने उसे उसी व्यक्ति के रूप में पहचाना, जो उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों से संबंधित गलत जानकारी वाले ईमेल भेजा करता था। उनकी शिकायत पर राघव को 25 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था।  बैंक द्वारा 127 करोड़ रुपये लौटाये  शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैंक ने केवल मूलधन राशि ही वापस की है, जबकि नगर निगम को हुए वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि पंचकुला नगर निगम की सावधि जमा (FD) और संबंधित बैंक खातों के मिलान की प्रक्रिया के दौरान कुछ विसंगतियां पाई गई हैं, जो बैंक और नगर निगम दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। इनकी जांच वर्तमान में चल रही है। सरकारी संस्थानों के साथ बैंक के लंबे समय से चले आ रहे अच्छे संबंधों को देखते हुए, जांच पूरी होने तक बैंक ने नगर निगम के पास 127 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। एफआईआर के अनुसार, पंचकुला नगर निगम ने बैंक की सेक्टर-11 शाखा में 145.03 करोड़ रुपये की 16 सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) रखी हुई थीं, जिनकी परिपक्वता राशि 158.02 करोड़ रुपये बताई गई थी। इनमें से 11 फिक्स्ड डिपॉजिट 16 फरवरी को परिपक्व हुईं, जिनकी कुल राशि 59.58 करोड़ रुपये थी। जब नगर निगम ने बैंक से संपर्क किया, तो बैंक अधिकारियों द्वारा दिए गए बयान न तो आपस में मेल खाते थे और न ही नगर निगम के रिकॉर्ड से। इसके अलावा, बैंक में नगर निगम के दो अतिरिक्त खाते भी पाए गए, जो स्थानीय निकाय के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। इस मामले में दिलीप कुमार राघव को आज अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस और जांच एजेंसी फरार आरोपी पुष्पेंद्र सिंह की तलाश में तेजी से छापेमारी कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

जमीन खरीदना हुआ सपना, करनाल के गांवों में 75 और शहरों में 60 प्रतिशत तक बढ़े दाम, रजिस्ट्री पोर्टल पर संशय

 करनाल  जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े कलेक्टर रेट में न्यूनतम 10 से लेकर 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। पहली अप्रैल से इसे लागू किया जा रहा है लेकिन अव्यवस्था के कारण 31 मार्च को देर रात तक भी पूरी सूची रजिस्ट्री पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सकी। ऐसे में बुधवार को रजिस्ट्री होने पर संशय है। यदि नए रेट पोर्टल पर चढ़ाने का काम पूरा नहीं हुआ तो रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी। यदि किसी क्षेत्र का रेट चढ़ चुका है और उससे संबंधित रजिस्ट्री आई तो वह की जाएगी। प्रशासन की ओर से 66 पेजों की प्रस्तावित सूची तैयार की गई थी, जिस पर लोगों से आपत्तियां भी गुप्त तरीके से मांगी गई थी। इस पर कई लोगों ने आपत्ति भी दर्ज कराई है। जिसमें संशोधन के बाद नए रेटों को तय करके लागू करने का प्रशासन ने निर्णय लिया है। नई सूची में शहर से लेकर गांवों तक जमीन के रेट में बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि पुराने शहर के कॉमर्शियल क्षेत्रों में 60 प्रतिशत तक वृद्धि है जबकि आसपास के गांवों की कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है। भले ही 75 प्रतिशत बढ़ा, फिर भी महंगे क्षेत्रों में नहीं शहर में कई क्षेत्रों में जमीन के दाम 50 से 75 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं रोचक बात यह है कि फिर भी ऐसे क्षेत्र सबसे महंगे क्षेत्रों में नहीं होंगे। यहां सामान्य रेट काफी कम था। सूची के अनुसार जिले के कई गांवों में कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसमें कैलाश, गांगर, चुरनी, बलड़ी, मरगैन, शेखपुरा और संगोहा जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों में खेती योग्य जमीन के नए रेट लागू होने पर जमीन की खरीद-फरोख्त काफी महंगी हो जाएगी। इसके अलावा कैलाश गांव में दो एकड़ से पीछे की भूमि के रेट में भी 75 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गई है। श्रद्धानंद कॉलोनी कुंजपुरा में आवासीय कॉलोनी के रेट में भी 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वर्जन नए कलेक्टर रेट को फाइनल करने के लिए सूची गई हुई है। साथ ही इसे पोर्टल पर भी अपडेट किया जा रहा है। यह काम पूरा होने के बाद नए रेट पर रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी। – मनीश यादव, जिला राजस्व अधिकारी

जमीन की कीमतों में भारी उछाल, कहीं 70 तो कहीं 100 प्रतिशत बढ़े दाम, आम आदमी की जेब ढीली

अंबाला नारायणगढ़ में विभिन्न गांवों में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक भूमि की कीमतों में औसतन 10 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। अकबरपुर गांव में कृषि (चाही) भूमि की सामान्य दर 31,62,500 रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर 35,00,000 रुपये कर दी गई है। वहीं, अहमदपुर में चाही भूमि का रेट 48.40 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये प्रति एकड़ हो गया है। डेरा इलाके में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली है। यहां चाही भूमि का रेट 30.25 लाख से सीधे 38 लाख रुपये प्रति एकड़ पहुंच गया है, जो लगभग 25.6 प्रतिशत की वृद्धि है। शहर और उससे सटे इलाकों में घर बनाना अब जेब पर भारी पड़ेगा। गनोली में आवासीय भूमि के रेट में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 3,630 रुपये से बढ़कर 4,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो गई है। व्यावसायिक संपत्तियों के मामले में भी गनोली में भारी उछाल आया है, जहां रेट 9,680 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये प्रति वर्ग गज हो गया है। साहा में कृषि भूमि पर बंपर बढ़ोतरी साहा तहसील के विभिन्न गांवों में जमीन की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। नई दरों में कृषि योग्य भूमि से लेकर आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में बढ़ोतरी की गई है। विशेष रूप से तेपला और नगला जैसे गांवों में कृषि भूमि के दाम दोगुने तक हो गए हैं। कैंट से सटे तेपला में कृषि भूमि के वर्ष 2025 में जो रेट 43,68,000 रुपये प्रति एकड़ थे। इसे बढ़ाकर 2026 के लिए 87,36,000 रुपये कर दिया गया है। नगला गांव में कृषि भूमि के रेट 34,32,000 रुपये से बढ़कर 68,64,000 रुपये प्रति एकड़ पर पहुंच गया है। साथ ही, यहां आवासीय संपत्तियों में भी 70 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार दिनारपुर, खानपुर, छपरा में 70 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। अकबरपुर में 10, केसरी में 30, घसीटपुर और चुड़ियाला में कृषि भूमि पर 30 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। बराड़ा में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा बराड़ा में कृषि भूमि से लेकर रिहायशी और कमर्शियल संपत्तियों के दामों में 5 से 12 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है। अंबाला-जगाधरी रोड पर सड़क के दोनों तरफ 200 मीटर तक की जमीन का रेट 80 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। दोसड़का से बराड़ा मार्ग पर 150 मीटर की गहराई तक जमीन का भाव 75 लाख रुपये प्रति एकड़ होगा। बराड़ा से अधोया चौक पर भी सड़क किनारे की जमीन 75 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रजिस्टर्ड होगी। तहसील के गांवों में लिंक रोड के किनारे 100 मीटर तक की भूमि का रेट 45 लाख रुपये प्रति एकड़ रेट किए गए हैं। बराड़ा शहर में कृषि भूमि पर 6 प्रतिशत, रिहायशी पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। उगाला में कामर्शियल पर 10 प्रतिशत प्रति वर्ग गज बढ़ोतरी रहेगी। मुलाना में 10 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी मुलाना में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। मुलाना के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इजाफा हुआ है। मुलाना में सामान्य आवासीय संपत्ति की दर जो वर्तमान में 4392.3 रुपये प्रति वर्ग गज है, उसे बढ़ाकर 4900 रुपये कर दिया है। खेतीबाड़ी वाली जमीनों के रेट में भी वृद्धि है। मुलाना में कृषि (सिंचित) भूमि का रेट 33.45 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर अब 36.81 लाख रुपये हो गए हैं। वहीं बरानी भूमि की दरें भी 18.63 लाख रुपये से बढ़ाकर 20.50 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।  

जमीनी स्तर पर तैयार होंगे भविष्य के चैंपियन, अंबाला की खेल नर्सरियों में चयनित खिलाड़ियों ने संभाला मोर्चा

अंबाला  नए सत्र 2026 के तहत बुधवार से जिले में 26 खेल नर्सरियां विधिवत रूप से शुरू होने जा रही हैं। दो दिनों तक चले ट्रायलों के बाद चयनित हुए 650 खिलाड़ी अब खेल के मैदानों में पसीना बहाएंगे व कोचों की देखरेख में प्रतिभा को निखारेंगे। नए सत्र की इन नर्सरियों के लिए हाल ही में दो दिवसीय ट्रायल आयोजित किए गए थे। मंगलवार को जिले में वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, ताइक्वांडो और वुशू जैसे खेलों के ट्रायलों में युवा खिलाड़ियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ी हर एक खेल नर्सरी के लिए 25-25 बेहतरीन खिलाड़ियों का चुनाव किया गया है जिससे जिलाभर में 650 खिलाड़ियों की पौध तैयार की जाएगी। जिला खेल अधिकारी राम स्वरूप ने बताया कि खेल विभाग के पास इस सत्र के लिए 111 आवेदन आए थे जिनमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र शामिल थे। खेल नर्सरियों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। इन नर्सरियों में खिलाड़ियों को डाइट मनी और किट के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

बधाई के अधिकार को लेकर दादरी और नारनौल के मंगलामुखी गुटों में विवाद, तीन लोग हुए घायल

महेंद्रगढ़ हरियाणा में महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में बधाई मांगने को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए. कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए. इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ भी कर दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. हरियाणा में महेंद्रगढ़ शहर के 11 हट्टा बाजार में दादरी और नारनौल के मंगलामुखी किन्नर गुटों में हिंसक झड़प हो गई. इस विवाद में दादरी से आए 3 किन्नरों को चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. लोगों का कहना है कि दादरी से मंगलामुखी किन्नर महेंद्रगढ़ शहर पहुंचे थे. इसकी खबर नारनौल के मंगलामुखी किन्नर समाज को मिली. इसके बाद नारनौल के किन्नर भी मौके पर आ गए. दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. झड़प के दौरान दादरी नंबर की एक गाड़ी और नारनौल नंबर की दूसरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया. बाद में दोनों पक्ष शहर पुलिस थाने पहुंचे. शहरवासियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच यह विवाद क्षेत्र में बधाई के अधिकार को लेकर है. दादरी क्षेत्र से एक नया गुट महेंद्रगढ़ में सक्रिय हो गया है और इलाके पर अपना अधिकार जता रहा है, जिसका स्थानीय गुट विरोध कर रहा है. लोगों ने लगाए जबरन वसूली के आरोप शहरवासियों का कहना है कि कुछ किन्नर समूह अब लोगों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है. उनका कहना है कि पहले किन्नर परंपरागत रूप से मांगलिक अवसरों पर आशीर्वाद देते थे और स्वेच्छा से मिलने वाली भेंट से अपना जीवन यापन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. इस मामले को लेकर शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में दादरी से आए गुट की गतिविधियों पर रोक लगाने तथा जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. संगठनों ने प्रशासन से शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को राहत दिलाने की अपील की है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए फरीदाबाद के यात्रियों को अभी करना होगा इंतजार, एक साल में तैयार होगा नया रास्ता

फरीदाबाद फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल यात्रियों को लंबा और समय लेने वाला सफर तय करना पड़ रहा है. ग्रीन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी भले ही 35 मिनट में सिमट जाएगी, लेकिन अभी इसके पूरा होने में करीब एक साल बाकी है. ग्रीन एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद आसान होगा रास्ता नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण शुरू हो चुका है, लेकिन फरीदाबाद के लोगों के लिए वहां तक पहुंचना अभी भी आसान नहीं है. बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सेक्टर-65 से एयरपोर्ट तक ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण जारी है, जिसे पूरा होने में अभी करीब एक साल का समय लगेगा. करीब 31 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन एक्सप्रेसवे का 24 किमी हिस्सा फरीदाबाद और 7 किमी हिस्सा ग्रेटर नोएडा में आता है. जून 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा अभी बाकी है. शुरुआत में इसकी लागत 1600 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन हरियाणा सरकार की आपत्ति के बाद 11 किमी हिस्से को एलिवेटेड बनाने का फैसला लिया गया. दरअसल, एक्सप्रेसवे के कारण नए सेक्टर दो हिस्सों में बंटने का खतरा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया. इसके बाद परियोजना की लागत बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गई. फिलहाल फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए तीन मुख्य रास्ते हैं. पहला, यमुना पर बने पुराने पुल का रास्ता, जहां गांवों की संकरी गलियों से गुजरते हुए करीब 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है और लगभग 2 घंटे लगते हैं. दूसरा रास्ता कालिंदी कुंज के जरिए है, जहां दूरी करीब 85 किमी हो जाती है और कैब का किराया 1250 से 1400 रुपये तक आता है. तीसरा विकल्प पलवल का है, जहां करीब 70 किमी की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे लगते हैं और कैब का किराया करीब 1300 रुपये है. अभी तक हरियाणा रोडवेज की ओर से फरीदाबाद से एयरपोर्ट के लिए कोई सीधी बस सेवा शुरू नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि फरीदाबाद से अलीगढ़ के लिए कुछ बसें संचालित होती हैं. ग्रीन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से एयरपोर्ट की दूरी महज 35 मिनट में तय की जा सकेगी. तब तक के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा फरीदाबाद के यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बना हुआ है, जहां करीब 42 किमी की दूरी डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकती है.