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निजी बैंकों में सरकारी पैसे का निवेश पड़ा भारी, अब 3 दिन में देनी होगी पाई-पाई की जानकारी

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट व कोटक महेंद्रा बैंक में सरकारी राशि के गबन के केस सामने आने के बाद हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को उनके बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से संबंधित जानकारी तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित प्रारूप में जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी विभाग, निगम व बोर्ड अपनी जानकारी पहले संबंधित विभाग को भेजेंगे, वहीं से इसका संकलन कर आगे भेजा जाएगा। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हरियाणा सरकार के कई विभागों का पैसा निजी बैंकों में पड़ा था जिसे बैंक कर्मियों ने मिलीभगत कर रियल एस्टेट व ज्वेलरी में निवेश कर दिया। इससे सबक लेते हुए अब हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। हालांकि वित्त विभाग ने साल 2025 में भी निर्देश दिए थे। इन निर्देशों में सभी विभागों को अपने बैंक खातों और एफडी का आंतरिक ऑडिट कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसके बावजूद कई विभागों से अधूरी जानकारी मिली या निर्धारित फॉर्मेट में डेटा प्रस्तुत नहीं किया गया। कुछ मामलों में फील्ड कार्यालयों ने सीधे वित्त विभाग को जानकारी भेज दी जबकि विभागीय स्तर पर इसके संकलन कर भेजा जाना था। वित्त विभाग ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों के खिलाफ है और इससे डेटा की सटीकता भी प्रभावित होती है। तय फार्मेट में पांच तक भेजनी है जानकारी सभी विभागों को 20 मार्च 2026 तक की जानकारी 5 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने इसके लिए सभी विभागों को एक प्रारूप भेजा है। जारी प्रारूप में बैंक खाता संख्या, खाता खोलने की तिथि, बैंक और शाखा का नाम, बैलेंस, खाते का प्रकार व वित्त विभाग की अनुमति से खाता खोला गया या नहीं जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। एफडी के लिए जमा राशि, ब्याज दर, परिपक्वता तिथि और अन्य विवरण देने होंगे।  

किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध: अमित अग्रवाल का बयान

चंडीगढ़  हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।  बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार   अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने 'अन्नदाता' को 'उद्यमी' बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई। 

अवैध निर्माण पर सख्ती: पानीपत में कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, बिल्डर भी रडार पर

पानीपत. नगर निगम पानीपत ने बुधवार को अवैध कॉलोनियों और कब्जाधारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। यह कार्रवाई हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत पूर्व में जारी नोटिसों की अनदेखी के बाद की गई। जिलाधीश द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित नांदल की निगरानी में निगम टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माण ध्वस्त किए। बरसत रोड स्थित भैंसवाल मोड़ पर निगम भूमि पर अवैध रूप से बने करीब 15 खोखे और एक डेयरी को तोड़ा गया। इसके अलावा सरदार के डेरा के पास करीब तीन एकड़ में विकसित अवैध कॉलोनी में सड़कों और नींव को ध्वस्त किया गया। विजय नगर क्षेत्र में करीब 2 एकड़ में विकसित हो रही कॉलोनी सहित आसपास की लगभग 16 एकड़ में फैली दो अवैध कॉलोनियों में भी सड़कों व नींव पर कार्रवाई की गई। उझा रोड स्थित बीबीएम एन्कलेव, उझा गेट के पास तथा इंडो फार्म के नजदीक भी अवैध निर्माणों को हटाया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ धारा 350-सी के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जाएगी। दो से तीन बार नोटिस दिए – शहर में 32 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है, जिन्हें पहले ही दो से तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्लाट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। –डॉ. पंकज यादव, आयुक्त नगर निगम पानीपत

साइबर सिटी में अध्यात्म और आधुनिक संगीत का संगम, 550 कलाकारों की टोली ने हनुमान भजन से बांधा समां

गुरुग्राम तेज रफ्तार जिंदगी… कॉरपोरेट कल्चर… और उसी के बीच भक्ति का एक नया अंदाज. जहां आमतौर पर गिटार और ड्रम पर फिल्मी गाने सुनाई देते हैं, वहीं अब उन्हीं धुनों पर हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है. गुरुग्राम में युवाओं ने अध्यात्म और आधुनिक संगीत का ऐसा संगम तैयार किया है, जो न सिर्फ सुकून देता है, बल्कि अपनी जड़ों से जोड़ने का भी काम कर रहा है. साइबर सिटी गुरुग्राम, जहां जिंदगी तेज रफ्तार और आधुनिकता से भरी है, वहीं अब एक नया आध्यात्मिक रंग भी उभरता नजर आ रहा है. शहर के ‘आर्टिस्ट चौक’ पर युवा पारंपरिक भक्ति को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर एक अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं. यहां गिटार और काजोन (ड्रम) जैसे आधुनिक वाद्ययंत्रों की धुन पर हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है, जो लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है. हनुमान जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में युवाओं की इस टोली ने अपने अनोखे अंदाज से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. भक्ति और संगीत के इस संगम ने न सिर्फ माहौल को आध्यात्मिक बनाया, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स को अपनी ओर खींच लिया. इस पहल की शुरुआत करीब तीन साल पहले एक छोटे से भजन सत्र से हुई थी. आयोजकों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह एक बड़ा अभियान बन गया. आज इस मंच से करीब 550 कलाकार जुड़े हुए हैं, जो हर मंगलवार को एक साथ जुटकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. इस समूह की खास बात यह है कि इसमें शामिल युवा देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक… गुरुग्राम में नौकरी के सिलसिले में आए ये युवा कला और अध्यात्म के जरिए एक साझा मंच पर जुड़े हैं. हनुमान जयंती के मौके पर आयोजकों ने एक घंटे का विशेष कार्यक्रम रखा है, जिसमें राम भजन और हनुमान भजनों के बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा. इसके साथ ही सुबह भंडारे और दोपहर में ‘स्पिरिचुअल जैमिंग’ का भी आयोजन होगा. आयोजकों का कहना है कि यहां आने वाले युवाओं का उत्साह और उनकी सकारात्मक ऊर्जा इस पहल की सबसे बड़ी ताकत है. आधुनिक संगीत के साथ भक्ति का यह मेल युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक नया और प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है.  

युवाओं के लिए राहत: अग्निवीर भर्ती आवेदन की डेडलाइन बढ़ाई गई

अंबाला. हरियाणा के छह जिलों व चंडीगढ़ के युवाओं और हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल और चंडीगढ़ के युवाओं को अग्निवार बनने का एक और मौका मिला है। किसी कारणवश अब तक जो अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए भारतीय सेना ने ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दी है। अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर और पंचकूला सहित चंडीगढ़ के पुरुष अभ्यर्थियों के साथ हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल और चंडीगढ़ की महिला अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर खास महत्व रखता है। अगर किसी अभ्यर्थी को पंजीकरण में परेशानी पर भर्ती कार्यालय (मुख्यालय), अंबाला में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक संपर्क कर सकता है। कब करें अप्लाई – अगर किसी भी उम्मीदवार को पंजीकरण करने में परेशानी होती है, तो वह भर्ती कार्यालय (मुख्यालय), अंबाला में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक संपर्क कर सकता है. वहीं अग्निवीर भर्ती के लिए अब उम्मीदवार 10 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकता है. अप्लाई करने की ये लास्ट डेट है. कैसे करें आवेदन –  उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा.  इसके बाद होम पेज पर संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा  इसके बाद उम्मीदवार अपने आपको रजिस्टर करें रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करने के बाद उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र को भरेंगे आवेदन पत्र को भरने के बाद उसे सबमिट कर दें  फॉर्म को सबमिट करने के बाद पुष्टिकरण पेज डाउनलोड कर लें आखिरी में उम्मीदवार एक प्रिंट आउट ले लें

गैस की कालाबाजारी, फरीदाबाद में 4 हजार रुपये तक पहुंचा सिलेंडर का दाम

फरीदाबाद केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद शहर में अब तक पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी तेल) की बिक्री शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की किल्लत झेल रहे लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि सरकारी फैसले का जमीनी स्तर पर कोई असर नजर नहीं आ रहा और जिम्मेदार अधिकारी ऊपर से आदेश नहीं आने का हवाला देकर स्थिति स्पष्ट करने से बच रहे हैं, जिससे लोग काफी परेशान है। शहर करीब 80 पेट्रोल पंप है। केंद्र सरकार के नए आदेश अनुसार केरोसीन तेल का वितरण पुराने पेट्रोल पंपों के माध्यम से किया जाना है, जहां पहले से केरोसीन तेल भंडारण के इंतजाम हैं। पेट्रोप पंप एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार शहर में ऐसे दो पेट्रोल पंप हैं, जिन पर केरोसीन बिक्री की व्यवस्था शुरू की जानी थी, लेकिन अभी तक यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। ऐसे में मजदूर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग वैकल्पिक ईंधन के लिए परेशान हैं।छोटे सिलेंडरों को लेकर मजदूरों की परेशानी बढ़ीशहर में रसोई गैस की कमी का सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। गैस एजेंसियों पर आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिनकी आय सीमित है और जो महंगे सिलेंडर खरीदने में सक्षम नहीं हैं। कई इलाकों में मजदूर पांच किलो के छोटे सिलेंडर ब्लैक में भरवाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। संजय कॉलोनी निवासी रवि सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां किराये पर रहते हैं और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। पहले किसी प्रकार पांच किलो का छोटा सिलेंडर भरवा कर काम चल जाता है और 100 रुपये किलो गैस भरी जाती थी। पांच किलो गैस 10 से 15 दिन चल जाती थी। अब गैस भरने वालों ने प्रति किलो 250 से 300 रुपये दाम कर दिए है। उन्हें मजबूरी में यह विकल्प अपनाना पड़ रहा है। यदि पेट्रोल पंपों पर केरोसीन की बिक्री शुरू हो जाती, तो उनके जैसे अनेक लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।ब्लैक में घरेलू सिलेंडर तीन से चार हजार में बिक रहाशहर में प्रशासन की छापेमारी कार्रवाई के बावजूद गैस की कालाबारी जोरशोर से जारी है। सूत्रों के अनुसार गैस सिलेंडरों की कालाबाजी कर धंधा खूब फल-फूल रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि ब्लैक में एक सिलेंडर तीन हजार से चार हजार रुपये का मिल रहा है।अधिकांश मजदूरों के पास नहीं है गैस कनेक्शनशहर के एनआईटी, नहर पार और बल्लभगढ़ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर रहते हैं, जो आसपास के निर्माण कार्यों में लगे हैं। इनमें से अधिकांश के पास घरेलू रसोई गैस कनेक्शन तक नहीं है। ऐसे लोग अब तक छोटे सिलेंडरों या वैकल्पिक साधनों के जरिए काम चला रहे थे, लेकिन गैस की कमी और सख्ती बढ़ने से उनकी परेशानी और गहरा गई है। मजदूरों का कहना है कि अगर सस्ती दर पर केरोसीन उपलब्ध हो जाए, तो उनकी रसोई फिर से सुचारु हो सकती है।पेट्रोल पंपों पर केरोसीन बिक्री को लेकर मुख्यालय से अभी तक कोई स्पष्ट आदेश या दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलते ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।-कविता सिंह परिहार, नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति

किसानों के लिए नई बिजली कंपन,हरियाणा में 7 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, भंडारण के लिए ₹550 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब किसानों को बिजली पर करोड़ों रुपए की सब्सिडी मिलेगी। किसानों को इसी वित्तीय वर्ष में 138.2 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली दी जाएगी। किसानों को यह बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दी जाएगी। खास बात यह है कि सरकार की ओर से 10686.64 मिलियन यूनिट बिजली दी जाएगी और कुल 7870.32 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार से गेहूं भंडारण के लिए भी किसानों को बड़ी सहायता दी जाएगी। जूट बैग खरीद से किसानों को सुरक्षित भंडारण का लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से 550 करोड़ रुपए की लागत से जूट एवं अन्य स्टोरेज बैग खरीद को मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में किसानों को कृषि के लिए बिजली का जल्दी कनैक्शन व निर्बाध बिजली देने के लिए हरियाणा एग्री डिस्कॉम नाम से तीसरी बिजली कंपनी बनाई जाएगी। यह कंपनी 5084 कृषि फीडरों के अंतर्गत आने वाले करीब 7 लाख 12 हजार किसानों को सेवाएं देगी। किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में ग्रामीण हॉट मंडियां स्थापित की जाएंगी। सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में मशरूम, स्ट्राबेरी, चीकू की खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सिरसा में एक्वा केंद्र बनेगा तो ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की ओर से पशुपालन को बढ़ावा देने के मकसद से 10 करोड़ की लागत से 100 पशुओं वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित किए जाएंगे। दूध प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ही रेवाड़ी एवं अंबाला में 300-300 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले 2 नए मिल्क प्लांट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार व फरीदाबाद में 100 करोड़ रुपए की लागत से मछली मंडियां एवं करनाल में 50 करोड़ रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण स्थापित की जाएगी। इन योजनाओं से बदला किसानों का जीवन स्तर : हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार की ओर से लागू की गई कई योजनाओं से किसानों का जीवन स्तर बदला है। विशेष बात यह है कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को धान की बजाय दूसरी वैकल्पिक फसल बोने पर 8 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। पिछले खरीफ सीजन में इस योजना के चलते ही धान के रकबे में 70 हजार एकड़ की कमी दर्ज की गई। अब किसान व्यापक पैमाने पर बागवानी एवं सब्जियों की खेती के अलावा प्राकृतिक खेती भी करने लगे हैं। सरकार की ओर से बागवानी एवं प्राकृतिक खेती पर अनुदान भी दिया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प पर दिया जा रहा है अनुदान उल्लेखनीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार की ओर से किसानों को सोलर पम्प लगाने पर भी 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की खेती की लागत कम हुई है तो बिजली की भी बचत होने लगी है। सरकार की ओर से सफेदा एवं पॉपुलर लगाने पर भी 7 हजार रुपए प्रति एकड़ राशि किसानों को दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत साल 2016-17 में हरियाणा के 2 लाख 20 हजार किसानों को 296 करोड़ रुपए का क्लेम दिया गया जबकि साल 2017-18 में कुल 13 लाख किसानों को इस योजना के तहत कवर किया गया और करीब 3 लाख 24 हजार किसानों को 895 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। इसी प्रकार से 2018-19 में 14 लाख किसानों को योजना में शामिल करते हुए करीब 20 लाख हैक्टेयर रकबा कवर किया गया और 941.60 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। साल 2019-20 में करीब 927 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। ऐसे ही 2020-21 में 880 करोड़, 2021-22 में 720 करोड़ रुपए, 2022-23 में 930 करोड़, 2023-24 में 770 एवं 2024-25 में 890 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है सरकार : नायब सैनी मुख्यमंत्री नायब सैनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में कृषि क्षेत्र की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार भी किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। प्रदेश में किसानों की 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। किसानों को पशुपालन से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री सैनी का कहना है कि सरकार का पशुपालकों की आय को बढ़ाना, जोखिम घाटे को कम करना और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना प्राथमिकता है। सरकार की ओर से सोनीपत में आधुनिक फल मंडी बनाई गई है। बागवानी व सब्जियों के अलावा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रॉपर्टी खरीदना अब पड़ेगा महंगा: राज्य में नए कलेक्टर रेट लागू

झज्जर. नया वित्त वर्ष शुरू होते ही जिले में जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं। बुधवार को पहले दिन नए रेट पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित रहा। लोग दिनभर सरल केंद्रों के चक्कर काटते रहे, लेकिन केवल वही रजिस्ट्रियां हो पाईं जिनमें स्टांप ड्यूटी की छूट थी या जो खून के रिश्तों के आधार पर होनी थीं। अब जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह सांगवान ने पुष्टि की कि बुधवार शाम को मुख्यालय की ओर से नए कलेक्टर रेट की सूचना प्राप्त हो गई है और इसे सिस्टम पर अपलोड कर दिया गया है। वीरवार सुबह से जो भी लोग रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें बढ़े हुए कलेक्टर रेट के अनुसार ही स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। क्षेत्रवास दाम बढ़ने से जमीन खरीदना आम जनता के लिए महंगा हो जाएगा। इधर, सरल केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, शाम तक तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वीरवार से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, पहले दिन की देरी के कारण कई खरीदार और विक्रेता निराश होकर लौट गए। तहसीलों की स्थिति और टोकन का ब्योरा दोपहर 2 बजे तक तीन प्रमुख तहसीलों में कुल 28 टोकन काटे, जिनमें 9 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं। झज्जर व बहादुरगढ़: दोनों तहसीलों में 11-11 टोकन कटे, जिनमें से 4-4 रजिस्ट्रियां हुईं। बादली: यहां पर 6 टोकन कटे, जिनमें से केवल एक रजिस्ट्री हो पाई। साल्हावास, बेरी और मातनहेल तहसीलों में दोपहर बाद तक कोई नया टोकन नहीं कटा, क्योंकि लोग नए रेट लागू होने का इंतजार कर रहे थे।

हिसार समेत पूरे NCR में अप्रैल में दिखेगा मानसून जैसा हाल, मौसम विभाग ने जारी की बारिश और आंधी की चेतावनी

हिसार मार्च महीने के आखिरी दिन ओलावृष्टि-बारिश के बाद बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। ओलावृष्टि के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट रही। अप्रैल में भी लगातार 7 से 8 पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होंगे। इस वजह से तापमान सामान्य या इससे कम ही रहेगा। 2 अप्रैल की रात से नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि अप्रैल में भी मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे। अप्रैल महीने में कुल 7-8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। पहले पखवाड़े में लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। 2-3 अप्रैल ,दूसरा 7-8 अप्रैल को फिर बाद 11-12 अप्रैल से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बार बार मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आंधी चलने के साथ साथ बारिश हो सकती है जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य और सामान्य से नीचे बने रहेंगे। दूसरे पखवाड़े में 1-2 पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। गुजरात और राजस्थान पर एक प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित होने की वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तीसरे सप्ताह में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र कमजोर पड़ने लगेगा और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रैल माह के अंतिम 10 दिनों के दौरान एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान बारिश और तेज गति से हवा चल सकती है। बिजली गिरने से किशोर की मौत गांव कंवलगढ़ में मंगलवार शाम को बिजली गिरने से किशोर दिलबाज (15) की मौत हो गई। मृतक के चाचा करमजीत ने बताया कि उनका घर खेत में ढाणी के तौर पर बने हुए हैं। बारिश के चलते दिलबाज पॉलिथीन से घर की छत को ढक रहा था। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ दिलबाज पर बिजली गिर गई। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के चाचा करमजीत के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।  

कंबोडिया-फिलीपींस से जुड़ा है ठगी का जाल,गुरुग्राम पुलिस ने 5 गुर्गों को दबोचा, भारी मात्रा में हाई-टेक गैजेट्स बरामद

 गुरुग्राम गुरुग्राम पुलिस ने कंबोडिया-फिलीपींस से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 5 गिरफ्तार हुए. आरोपी 'सिम बॉक्स' से कॉल डायवर्ट कर 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगी करते थे. गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह नेटवर्क कंबोडिया और फिलीपींस से संचालित हो रहा था. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 5 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. शातिर आरोपी 'सिम बॉक्स' (SIM Box) के जरिए कॉल डायवर्ट कर लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाते थे और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे. गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी ईस्ट (DCP East) गौरव राजपुरोहित ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में बैठे अपने विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में थे. ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक उपकरण और अवैध मशीनें नेपाल-बिहार रूट के जरिए तस्करी कर भारत लाई जाती थीं. इस नेटवर्क के जरिए भारत में हजारों फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए थे. SIT की छापेमारी में मिला भारी जखीरा मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) ने गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर समेत कई ठिकानों पर अचानक छापेमारी की. इस रेड के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इंटरनेट के जरिए कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल करने में होता था. बरामद किए गए उपकरण:     15 सिम बॉक्स     504 फर्जी सिम कार्ड     7 वाई-फाई राउटर     29 वाई-फाई स्विच     7 TAPO कैमरे और 30 बैटरियां ये 5 शातिर आरोपी हुए गिरफ्तार पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:     राहुल कुमार (निवासी: कासगंज)     यश अमृत सिंह डुगर (निवासी: अहमदाबाद)     भाविका भगचंदानी (निवासी: कच्छ)     लितेश     सागर डीसीपी गौरव राजपुरोहित के अनुसार, फिलहाल गुरुग्राम पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सके.