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हरियाणा के झज्जर के मुक्केबाजों ने किया कमाल, एशियन चैंपियनशिप के लिए बनाई जगह

झज्जर. खेलों की धरती झज्जर के लिए एक बार फिर गर्व का क्षण आया है। पटियाला में 28 मई से 1 जून तक आयोजित अंडर-23 राष्ट्रीय चयन ट्रायल में झज्जर जिले के चार प्रतिभाशाली मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की है। ये सभी खिलाड़ी आगामी 3 जुलाई से 16 जुलाई तक जकार्ता (इंडोनेशिया) में आयोजित होने वाली एशियन अंडर-23 बाक्सिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। कोच हितेश देशवाल ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों में सागर जाखड़ (60 किग्रा), हितेश गुलिया (70 किग्रा), हेमंत सांगवान (90 किग्रा) तथा महिला वर्ग में प्राची धनखड़ (57 किग्रा) शामिल हैं। ये सभी मुक्केबाज इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में ये खिलाड़ी झज्जर के महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम में कोच हितेश देशवाल की देखरेख में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय कोच और परिजनों को दिया। इस उपलब्धि पर खेल प्रेमी शमशेर जाखड़, योगेंद्र धनखड़, सत्यवान गुलिया, विनोद सांगवान, हरियाणा मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष मेजर सतपाल संधू व महासचिव ओमबीर हुड्डा ने खिलाड़ियों तथा कोच को बधाई दी और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं।

चेक गणराज्य में दम दिखाएंगे भारतीय बॉक्सर, ग्लासगो गेम्स से पहले होगा प्रदर्शन का आकलन

भिवानी. भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए जून का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। कामनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय मुक्केबाज अपनी तैयारियों को परखने के लिए चेक गणराज्य में होने वाली प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम मुक्केबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यह टूर्नामेंट 16 से 21 जून तक आयोजित किया जाएगा और इसे पुरुष एवं महिला एलीट मुक्केबाजों के लिए गोल्ड-श्रेणी का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट माना जा रहा है। भारतीय टीम में वे मुक्केबाज शामिल होंगे जिनका चयन कामनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और संभावित टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मानसिक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा होगी। महिला और पुरुषों की भारतीय टीम में नौ मुक्केबाज हरियाणा से हैं। टीम 13 या 14 जून को चेक गणराज्य के लिए दिल्ली से उड़ान भरेगी। वरिष्ठ कोच ने क्या बताया? द्रौणाचार्य अवार्डी और भारतीय खेल प्राधिकरण भिवानी से वरिष्ठ कोच महावीर सिंह बताते हैं उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और दुनिया के कई शीर्ष मुक्केबाज यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और कोचिंग स्टाफ इस प्रतियोगिता को कामनवेल्थ गेम्स से पहले सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय तैयारी मंच के रूप में देख रहे हैं। यहां खिलाड़ियों को यूरोप और अन्य महाद्वीपों के मजबूत मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कमजोरियों और मजबूत पक्षों का आकलन किया जा सकेगा। द्रौणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह कहते हैं इस वर्ष कामनवेल्थ गेम्स का आयोजन स्काटलैंड के शहर ग्लासगो में 23 जुलाई से दो अगस्त तक होगा। ऐसे में उस्ती नाद लाबेम में होने वाला प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजों के आत्मविश्वास, विश्व रैंकिंग और अंतिम टीम रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद भारतीय दल के कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्थिति का अंतिम आकलन इसी टूर्नामेंट के आधार पर करेगा, ताकि ग्लास्गो में भारत अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतर सके। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले चेक गणराज्य में होने वाली प्रतियोगिता अहम है। इसमें खिलाड़ी खुद को साबित करेंगे। वे पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरेंगे। हमारे सभी मुक्केबाज ऊर्जा से सराबोर हैं और अपने बेस्ट परिणाम देते हुए खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। ये मुक्केबाज खेलने जाएंगे चेक गणराज्य मुक्केबाज    गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग जादूमणी     मणिपुर     55 सचिन सिवाच जूनियर     भिवानी (हरियाणा)     60 आदित्य     उत्तर प्रदेश (UP)     65 सुमित कुंडू     जींद (हरियाणा)     70 अंकुश     हिसार (हरियाणा)     80 कपिल     उत्तराखंड     90 नरेंद्र बेड़वाल     हिसार (हरियाणा)     90+ (प्लस) कॉमनवेल्थ में ये महिला मुक्केबाज खेलेंगी मुक्केबाज     गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग साक्षी ढांडा     भिवानी (हरियाणा)     51 kg प्रीति पंवार     भिवानी (हरियाणा)     54 kg जैस्मीन लंबोरिया     भिवानी (हरियाणा)     57 kg प्रिया घणघस     भिवानी (हरियाणा)     60 kg प्रवीण हुड्डा     रोहतक (हरियाणा)     65 kg अरूंधती चौधरी     राजस्थान     70 kg लवलीना बोरोगोहेन     असम     75 kg

बदल रहा हरियाणा! कम हुए बाल विवाह, महिलाएं तेजी से जुड़ रहीं डिजिटल दुनिया से

रोहतक. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6, 2023-24) की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश की सामाजिक तस्वीर में कई बड़े बदलावों को उजागर किया है। जहां एक ओर महिलाओं की शिक्षा, इंटरनेट उपयोग और आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं परिवार नियोजन के तरीकों में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि अब हर चार में से लगभग तीन महिलाएं इंटरनेट का इस्तेमाल कर चुकी हैं। यह आंकड़ा 2019-21 में केवल 48.4 प्रतिशत था। यानी तीन साल में महिलाओं की डिजिटल पहुंच में करीब 26 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि हरियाणा बदलाव के दौर से गुजर रहा है और आने वाले वर्षों में इन संकेतकों पर सरकार की नीतियों का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा। रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश अब केवल कृषि और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं ने पिछले तीन वर्षों में ऐसी डिजिटल छलांग लगाई है, जिसने राज्य की सामाजिक तस्वीर बदल दी है। 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 74 प्रतिशत महिलाएं अब इंटरनेट उपयोग कर रही हैं। मोबाइल फोन का स्वयं इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की डिजिटल पहुंच तेजी से बढ़ी है। एनएफएचएस-5 में जहां यह आंकड़ा 50.4 प्रतिशत था, वहीं अब बढ़कर 64.9 प्रतिशत हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन, आनलाइन सेवाओं और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग ने महिलाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाया है। शिक्षा में भी दिखा बड़ा सुधार शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रगति दर्ज की है। 10 या उससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 49.5 से बढ़कर 55.2 हो गया है। पुरुषों में यह आंकड़ा 62.2 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत तक पहुंचा है। महिलाओं के स्कूल जाने की दर में भी सुधार देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और डिजिटल पहुंच में बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में रोजगार और सामाजिक भागीदारी को और मजबूत करेगी। आर्थिक रूप से मजबूत हुई महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण के मोर्चे पर भी महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है। पिछले 12 महीनों में नकद भुगतान के साथ कार्य करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 18.8 से बढ़कर 25.1 हो गया है। वहीं स्वयं उपयोग करने वाले बैंक खातों वाली महिलाओं की संख्या 73.6 प्रतिशत से बढ़कर 85.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। घर या जमीन में महिलाओं की हिस्सेदारी भी 11.8 प्रतिशत से बढ़कर 14.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। कम हो रही बाल विवाह की समस्या हरियाणा में बाल विवाह के मामलों में भी गिरावट दर्ज हुई है। रिपोर्ट में परिवार और समाज से जुड़े संकेतकों में भी बदलाव दिखाई देता है। 18 वर्ष से पहले विवाह करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 12.5 से घटकर 11.9 प्रतिशत रह गया है। वहीं 21 वर्ष से पहले विवाह करने वाले पुरुषों का प्रतिशत 16 से घटकर 13.3 प्रतिशत हो गया है। इससे स्पष्ट है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर धीरे-धीरे नियंत्रण हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी 87.5 प्रतिशत से बढ़कर 91.1 प्रतिशत हो गई है। घर की खरीदारी, स्वास्थ्य और पारिवारिक निर्णयों में महिलाओं की भूमिका पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियां उल्लेखनीय रही हैं। गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 60.9 से बढ़कर 79 प्रतिशत हो गया है। परिवार नियोजन के क्षेत्र में भी नया रुझान देखने को मिला है। महिला नसबंदी का प्रतिशत घटकर 28.5 रह गया है, जबकि पारंपरिक गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि परिवार नियोजन के प्रति लोगों की पसंद और व्यवहार में बदलाव आ रहा है। बदलते हरियाणा की नई तस्वीर एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में बदलाव सिर्फ सड़कों, भवनों या उद्योगों तक सीमित नहीं है। डिजिटल तकनीक, शिक्षा और आर्थिक अवसरों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। राज्य की नई पहचान अब डिजिटल महिला शक्ति के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट हरियाणा में सामाजिक और तकनीकी बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश करती है। महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल पहुंच और आर्थिक भागीदारी में सुधार राज्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन पोषण और परिवार नियोजन से जुड़े क्षेत्रों में अभी भी गंभीर प्रयासों की जरूरत बनी है।

जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया। भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद-223 के तहत यह नियुक्ति की है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो गया था, जिसके चलते जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के दायित्व सौंपे गए हैं। अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तब तक प्रभावी रहेगी जब तक हाई कोर्ट को नियमित मुख्य न्यायाधीश नहीं मिल जाता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा का न्यायिक और विधिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ी मल कालेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। 8 मई 1993 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराने के बाद उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में वकालत की। अपने वकालती करियर के दौरान उन्होंने नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन तथा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन सहित कई सार्वजनिक और वैधानिक संस्थाओं का पक्ष रखा। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी महत्वपूर्ण मामलों में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में पेश होते रहे। वर्ष 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया गया। जस्टिस मिश्रा ने 3 फरवरी 2014 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी और 1 फरवरी 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने। 21 जुलाई 2025 को उनका तबादला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में हुआ था। न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में रहते हुए उनकी पीठ ने चर्चित निठारी सीरियल किलिंग मामले में अहम निर्णय सुनाया था। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में उन्होंने अवैध खनन के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश पारित किए और सेवा तथा संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय निर्णय दिए। जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में चार जज हो गए जिनका संबध पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जिस्टस ए जी मसीह व जस्टिस अरुण पल्ली , पंजाब एवं हरियाणा हाई के कोटे से सुप्रीम कोर्ट में है जबकि जस्टिस शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ रहते हुए मध्य प्रदेश कोटे से सुप्रीम कोर्ट पंहुचे है।

11 फर्जी एंट्री का दावा, विभागीय दस्तावेजों में गड़बड़ी से बढ़ा होमगार्ड घोटाले का मामला

चंडीगढ़ होमगार्ड वेलफेयर एवं भर्ती घोटाले की जांच में गृह रक्षी विभाग (होमगार्ड) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि विभागीय रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर कुछ स्वयंसेवकों (होमगार्ड) का दोबारा नामांकन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितता की ओर संकेत किया गया है। हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी जांच प्रभावित होने का हवाला देते हुए आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य मुख्यालय ने अगस्त 2021 में 13 लोगों को दोबारा होमगार्ड के रूप में नामांकित करने की मंजूरी दी थी। बाद में रिकॉर्ड की जांच के दौरान पाया गया कि इनमें से 11 लोगों के नाम फर्जी तरीके से लॉन्ग रोल रजिस्टर में दर्ज किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सेंटर कमांडर स्तर पर रिकॉर्ड में फ्लूड लगाकर और बाद में प्रविष्टियां कर हेराफेरी की गई। जांच टीम ने 18 और 19 अक्तूबर 2021 को संबंधित कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि जिन 11 लोगों के नाम दर्ज किए गए थे, उनके व्यक्तिगत नामांकन फॉर्म, सेवा रिकॉर्ड, ड्यूटी कॉल-आउट रजिस्टर, भुगतान प्राप्ति रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं थे। इतना ही नहीं, राज्य मुख्यालय को भेजी गई उनकी सेवा अवधि संबंधी रिपोर्ट भी संदिग्ध पाई गई। जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने के साथ राज्य मुख्यालय को इन 11 लोगों की पुनर्नियुक्ति मंजूरी रद्द करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी रिपोर्ट भेजने और सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। रविवार को दर्ज मिली भर्ती की तारीख रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। कुछ होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की तारीख रविवार के दिन दर्ज मिली, जबकि कुछ की सेवा मुक्ति सरकारी अवकाश के दिन दर्शाई गई है। जांच अधिकारियों ने इसे रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी और सुनियोजित फर्जीवाड़े का संकेत माना है। उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी जांच की आंच एसीबी ने होमगार्ड विभाग के अज्ञात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। शिकायत के अनुसार अनियमितताओं का यह मामला वर्ष 2010 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जांच की आंच विभाग के उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी और इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होगी।  

तेज आंधी से हरियाणा में भारी तबाही, बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित

बहल/चंडीगढ़. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने वीरवार देर शाम आए बहल क्षेत्र में भारी तबाही मचाते हुए बिजली वितरण व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। जहां एक ओर मौसम में आए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं ने बिजली विभाग के ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित रहा और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली वितरण निगम की बहल सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक 340 बिजली के खंभे टूटकर या गिरकर क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जबकि कृषि सिंचाई के लिए लगाए गए 50 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर भी धराशाई हो गए। इससे कृषि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर भी व्यापक असर पड़ा है। बहल सब डिवीजन के सहायक महाप्रबंधक ऋषभ कुमार ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। ऋषभ कुमार ने कहा कि अधिकांश गांवों में घरेलू बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, कृषि और सिंचाई से संबंधित बिजली लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभाग के फील्ड कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं और जल्द ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

स्कॉर्पियो में मिले चार शवों के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, परिवार ही निकला हत्यारा

अजमेर  राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो कार में चार लोगों के जले हुए शव मिलने का मामला एक बड़े पारिवारिक हत्याकांड के रूप में सामने आया है पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि इस वारदात को मृतक पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर अंजाम दिया था। दूसरी शादी के बाद परिवार में बढ़ा तनाव पुलिस ने मृतक की पहली पत्नी सुनीता चौधरी, उनकी बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना की जड़ में लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद था। जांच में पता चला कि रामसिंह चौधरी ने वर्ष 2005 में सुनीता चौधरी से विवाह किया था, जिससे उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बाद में वर्ष 2019 में उन्होंने सुरज्ञान नामक महिला से दूसरा विवाह कर लिया। दूसरी शादी के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया और घर में अक्सर विवाद होने लगे। बेटे ने बताई हत्या की वजह पुलिस पूछताछ में नाबालिग बेटे ने बताया कि उसका पिता शराब पीकर अक्सर उसकी मां, बहन और उसके साथ मारपीट करता था। आरोपी के अनुसार, उसकी मां को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, जिससे उसके मन में पिता के प्रति गहरा गुस्सा पैदा हो गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले से हत्या की योजना बना रखी थी। उसने ऑनलाइन एक चाकू मंगवाया था। 27 मई को घर में फिर विवाद हुआ और उसी रात जब रामसिंह सो गए तो बेटे ने कथित रूप से उनका गला काट दिया। पुलिस ने क्या बताया? पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान दूसरी पत्नी सुरज्ञान ने आरोपी को देख लिया था। इसके बाद उसने सुरज्ञान पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर वहां पहुंचीं दादी पूसी देवी और रिश्ते की बहन महिमा पर भी हमला किया गया, जिससे चारों की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने पूरे मामले को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, चारों शवों को स्कॉर्पियो में रखा गया और ट्रैक्टर से निकाले गए डीजल की मदद से वाहन में आग लगा दी गई। फोरेंसिक जांच में खुले कई राज इसके बाद आरोपियों ने घर लौटकर खून के निशान मिटाने के लिए फर्श और दीवारों को पानी और केमिकल से साफ करने का प्रयास किया। पुलिस को शुरुआत में बताया गया कि परिवार अस्पताल जा रहा था और शॉर्ट सर्किट के कारण कार में आग लग गई। हालांकि फोरेंसिक जांच में कई ऐसे सबूत मिले जिन्होंने इस कहानी को झूठा साबित कर दिया। कार की पिछली सीटें मुड़ी हुई मिलीं, एक शव वाहन से बाहर मिला, घर में खून के निशान पाए गए, ट्रैक्टर से डीजल निकाले जाने के प्रमाण मिले और घटनास्थल की स्थिति भी हादसे की कहानी से मेल नहीं खाती थी। पहले भी की थी हत्या की कोशिश पुलिस पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार अपने पिता की हत्या की कोशिश कर चुका था। उसने कथित रूप से खाने में जहर मिलाने और पहाड़ी से धक्का देने की योजना भी बनाई थी, लेकिन सफल नहीं हो पाया। आखिरकार उसने ऑनलाइन मंगाए गए चाकू का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।

तेज तूफान से बहल क्षेत्र में बड़ा नुकसान, 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर गिरे

बहल  तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने वीरवार देर शाम आए बहल क्षेत्र में भारी तबाही मचाते हुए बिजली वितरण व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। जहां एक ओर मौसम में आए बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं ने बिजली विभाग के ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित रहा और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली वितरण निगम की बहल सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में तेज आंधी के कारण बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक 340 बिजली के खंभे टूटकर या गिरकर क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जबकि कृषि सिंचाई के लिए लगाए गए 50 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर भी धराशाई हो गए। इससे कृषि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर भी व्यापक असर पड़ा है। बहल सब डिवीजन के सहायक महाप्रबंधक ऋषभ कुमार ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। ऋषभ कुमार ने कहा कि अधिकांश गांवों में घरेलू बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, कृषि और सिंचाई से संबंधित बिजली लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभाग के फील्ड कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं और जल्द ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सैनी का एक्शन: निर्माण में कमी मिलने पर बड़ी कार्रवाई

 करनाल  जिला परिषद की 34 करोड़ रुपये की पांच मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में कमी पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के दो कार्यकारी अभियंताओं (एक्सईएन) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निलंबित कर दिया। इनमें पंचायती राज विभाग के तत्कालीन व वर्तमान में कैथल में तैनात परमिंद्र सिंह और करनाल में तैनात नारायण दत्त शर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में जांच बैठाई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से जांच टीम मौके पर पहुंची और बिल्डिंग का मुआयना किया। बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी कमी संबंधी तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थीं। तस्वीरों में पिल्लरों टेढ़े दिखाई देने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तुरंत संज्ञान लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा और एक्सईएन परमिंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा की निगरानी में चल रहा था। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस पांच मंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण के बीच ही बिल्डिंग के ढांचे पर सवाल उठ गए और बड़ी कार्रवाई हो गई। चंडीगढ़ से करनाल पहुंची जांच टीम मामला सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चंडीगढ़ से करनाल पहुंचे और निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और क्वालिटी कंट्रोल विंग की रिपोर्ट को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बारे में कार्यकारी अभियंताओं का दावा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उनका कहना है कि भवन पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा खींची गई तस्वीरों का एंगिल सही नहीं था, जिसके कारण पिल्लर व बीम टेढ़े दिखाई दिए।

चंडीगढ़िया मोहल्ले में पुलिस की छापेमारी, 5.71 लाख रुपये बरामद

सिरसा  सीआईए ऐलनाबाद पुलिस टीम ने शहर के चंडीगढ़िया मोहल्ला क्षेत्र में एक मकान पर दबिश देकर बड़े स्तर पर चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से मकान मालिक सहित 25 लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लाख 71 हजार 105 रुपये की नकद राशि तथा ताश के पत्ते बरामद किए हैं। पुलिस प्रवक्ता एएसआई राजपाल ने बताया कि सीआईए ऐलनाबाद की पुलिस टीम बीती रात गश्त के दौरान आइटीआइ चौक क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चंडीगढ़िया मोहल्ला निवासी दीपक उर्फ काका अपने घर में कई लोगों को इकट्ठा कर बड़े स्तर पर जुआ खिलवा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए मकान पर दबिश दी। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी को मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपितों के कब्जे से 5 लाख 71 हजार 105 रुपये की नकदी और ताश के पत्ते बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान हिसार निवासी महेंद्र, ललित कुमार, बलजिंद्र, चंद्रगोपाल, सुनील, अनिल, शसन, मुकेश, सुरेंद्र, राकेश, राजेश, कालांवाली निवासी गुरदित्ता तथा सिरसा निवासी पवन कुमार, मनोज कुमार, अमन, प्रिंस, सज्जन कुमार, दीपक, योगेश और सौरभ चावला सहित अन्य के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ थाना शहर सिरसा में जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।