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नशामुक्त हरियाणा की मुहिम तेज, पंचकूला में पुलिस-युवा संवाद और जागरूकता अभियान

पंचकूला. हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी।

88.97 किलो अफीम मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता, महकमे में हड़कंप

 सिरसा  डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

नशा तस्करी मामले में पुलिसकर्मी पर शिकंजा, 89 किलो अफीम केस में ASI गिरफ्तार

फतेहाबाद/सिरसा. डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था।  बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

नगर निगम की बड़ी पहल, ड्रेन और नालों की सफाई पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च

पानीपत  आगामी दिनों में मानसून को देखते हुए नगर निगम पानीपत और जिला प्रशासन ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम ने वार्ड-1 से 26 तक बरसात के दौरान जमा होने वाले पानी की निकासी के लिए डीजल इंजन और माउंटेड पंप उपलब्ध कराने, उनके संचालन और रखरखाव के लिए 55.28 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न क्षेत्रों में पंप लगाकर जलभराव वाले स्थानों से पानी निकाला जाएगा। नगर निगम ने ऐसे 20 से अधिक स्थान चिन्हित किए हैं। इसके अलावा निगम ने मानसून से पहले शहर की प्रमुख ड्रेनों, नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई का विशेष अभियान चलाया है। ड्रेन नंबर-1, नोहरा ड्रेन तथा अन्य बड़े नालों से सिल्ट और कचरा निकालने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से सफाई कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख ड्रेनों की सफाई पूरी कर ली जाए ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो। इन 3 पाइंट पर ध्यान देने की बड़ी जरूरत है 1. ड्रेन-1 व नालों की सफाई : शहर की जीवन रेखा ड्रेन-1 को माना जाता है। इसकी सफाई अब तक शुरू नहीं हुई है। जगह-जगह कचरा भरा पड़ा है। हालांकि इसकी सफाई समेत अन्य के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी किया है, लेकिन सफाई का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। 2. मुख्य सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत आधे से ज्यादा शहर की सीवर निकासी संजय चौक से बबैल नाका और यहां से सेक्टर-29 पार्ट-2 से होते हुए मुख्य लाइन पर निर्भर है। इसकी सफाई और मरम्मत का काम अभी चल रहा है। बरसतों से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो शहर में जलभराव होगा। 3. संवेदनशील इलाकों में निर्माणाधीन नालों के कार्य नगर निगम कमिश्नर डा. पंकज ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें भी आयोजित की हैं। जिनमें जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। हाइवे और शहर के संवेदनशील इलाकों में निर्माणाधीन नालों के कार्य को भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। इन कामों में ढील रही तो बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। – निगम और प्रशसान के बेहतर काम करने के दावे नगर निगम और जिला प्रशासन ने आगामी मानसून सीजन में शहर को जलभराव की गंभीर समस्या से बचाने के लिए इस बार व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू करने का दावा किया हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है मुख्य फोकस ड्रेनों की सफाई, नेशनल हाइवे के अधूरे नालों की कनेक्टिविटी और वैज्ञानिक तरीके से गाद के निस्तारण पर है।  प्रशासन द्वारा की गई मुख्य तैयारियां 1. प्रमुख ड्रेनों और नालों की सफाई : नगर निगम ने मानसून से पहले शहर की जीवन रेखा माने जाने वाले प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए 1.5 करोड़ का बजट आवंटित कर टेंडर जारी किए हैं। इसके तहत ड्रेन नंबर-1, ड्रेन नंबर-2 और नोहरा ड्रेन की जेसीबी मशीनों और विशेष उपकरणों से युद्ध स्तर पर सफाई कराई जाएगी। 2. वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण : इस बार के टेंडर में प्रशासन ने एक विशेष और नया प्रावधान जोड़ा है। ड्रेनों से निकाले जाने वाले कचरे और सिल्ट को सड़कों के किनारे छोड़ने के बजाय स्वच्छ भारत मिशन के नियमों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित 550 प्रति टन की दर से कचरा उठान की व्यवस्था की गई है। निकाले गए कचरे को तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए शहर से दूर भैंसवाल रोड की तरफ डंप किया जा रहा है ताकि बारिश में यह गाद दोबारा बहकर नालों में न चली जाए। 3. एनएचएआई के साथ समन्वय और हाइवे वाटरलॉगिंग पर फोकस शहर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे जीटी रोड पर जलभराव एक बड़ी समस्या रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम कमिश्नर डा. पंकज यादव ने एनएचएआई को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हाइवे के साथ बन रहे सभी निर्माणाधीन और अधूरे नालों का काम मानसून से पहले अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। – प्रशासनिक स्तर पर निगरानी व नोडल अधिकारी : मेयर नगर निगम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में उतरकर ड्रेन सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील और निचले इलाकों की सूची तैयार कर वहां अतिरिक्त मोबाइल पंप और डीजल जनरेटर सेट तैनात करने की योजना बनाई गई है। – कोमल सैनी, मेयर नगर निगम।  

झज्जर के दुजाना में STF की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में मारा गया बदमाश इंद्रपाल

झज्जर. क्षेत्र के दुजाना गांव के खेतों में रविवार की रात स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में माए गए बदमाश इंद्रपाल का पोस्टमार्टम मधुबन से फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम पहुंचने के बाद ही कराया जाएगा।फिलहाल, रोहतक जिले के कसरेंटी गांव निवासी मृतक इंद्रपाल के रिश्तेदार व स्वजन नागरिक अस्पताल पहुंचे हुए हैं और शवगृह के बाहर टीम का इंतजार करते रहे। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार का नागरिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में उपचार चल रहा है। उनसे मुलाकात करने और हालचाल जानने के लिए सोमवार को एसीपी नरेश और डीसीपी धरना यादव अस्पताल पहुंचे। इसके बाद एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण भी अस्पताल पहुंचे और उपचाराधीन इंस्पेक्टर से घटनाक्रम की जानकारी ली। इससे पहले रविवार देर रात ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह, आइजी एसटीएफ बी. सथीश बालन और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह भी घायल निरीक्षक की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे थे। पिता की हो चुकी है मौत, छोटा भाई जेल में बंद नागरिक अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक इंद्रपाल के पिता ईश्वर सिंह की 6 साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नवीन इस समय जेल में बंद है। बता दे कि दुजाना हत्याकांड मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपितों को काबू कर चुकी है। मुठभेड़ में एक मुख्य शूटर मारा गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता संजय अभी फरार है। बता दे कि एसटीएफ के हाथों ढेर हुआ बदमाश इंद्रपाल, बिरधाना गांव निवासी मुख्य आरोपित संजय उर्फ भोलू का सबसे खास साथी था। इन दोनों ने मिलकर इलाके में दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। गत 2 मार्च को इंद्रपाल ने संजय के साथ मिलकर उसकी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या की थी। इसके बाद 31 मई को इन बदमाशों ने दुजाना गांव के पास खेत से लौट रहे विजय सैनी की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह पूरा विवाद दुजाना में रास्ते और जमीन की पुरानी रंजिश से जुड़ा है। मुख्य आरोपित संजय ने साल 2021 में विजय सैनी के शिक्षक बेटे अनिल कुमार की भी हत्या की थी। पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर एसटीएफ ने मार गिराया एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि मुख्य शूटर इंद्रपाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दुजाना के इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घनी नाकाबंदी की। रविवार रात करीब 8 बजे जब पुलिस टीम का सामना बदमाश से हुआ, तो उसने सीधी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश ढेर हो गया। इस मुठभेड़ में एक पीएसआइ की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। साहसिक आपरेशन में सब-इस्पेक्टर दीपक व सचिन, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और धर्मवीर भी शामिल रहे।

जींद के पिंडारा तीर्थ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सोमवती अमावस्या पर किया पवित्र स्नान

जींद. साल की पहली सोमवती अमावस्या पर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और डुबकी लगाकर पिंडदान किया। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग इस दिन को अत्यंत विशेष बना रहे हैं, है जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पेशल पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की। बाद में सोमवती अमावस के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडू पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्याए विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व रहता है। अगर सरोवर या नदी में स्नान नहीं किया जा सकता है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के पश्चात घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलि करें। सूर्य देव को अध्र्य दें। अगर उपवास रख सकते हैं तो अवश्य रखें। पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करें। अपने ईष्ट देव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

डी-पार्क आग हादसा: सीएम ने किया निरीक्षण, पीड़ितों को आर्थिक सहायता की घोषणा

 रोहतक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

अग्निकांड से प्रभावित व्यापारियों को राहत, रोहतक दौरे पर सीएम सैनी ने घोषित किया मुआवजा

रोहतक. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

राज्य में 100 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर लाने का लक्ष्य, निवेश को मिलेगा बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य को वैश्विक सेवा एवं अनुसंधान केंद्रों का प्रमुख स्थल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 तैयार की है। इस नीति का उद्देश्य गुरुग्राम को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की “ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कैपिटल” के रूप में स्थापित करना है। नई नीति के तहत अगले कुछ वर्षों में 100 से अधिक नए वैश्विक क्षमता केंद्रों को हरियाणा में आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित की गई अपनी ही पूर्ण स्वामित्व वाली रणनीतिक इकाइयां या केंद्र हैं। ये मुख्य रूप से तकनीकी सहायता, अनुसंधान एवं विकास, डेटा एनालिटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य वैश्विक परिचालन कार्यों का प्रबंधन करते हैं। वैश्विक कंपनियां अब केवल बैक-आफिस संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं और उत्पाद विकास जैसे उच्च मूल्य वाले कार्य भी भारत स्थित जीसीसी के माध्यम से संचालित कर रही हैं। ऐसे में हरियाणा की यह नीति राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिला सकती है। नई नीति मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास भारत में वर्तमान में करीब 1,700 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। हरियाणा विशेष रूप से गुरुग्राम, इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है और राज्य में पहले से 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) काम कर रहे हैं। नई नीति इस मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हाल ही में इस नीति को मंजूरी प्रदान की गई है। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में तैयार हुई इस नीति के तहत गुरुग्राम में समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मिशन स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत निवेशकों को सभी अनुमतियों और सेवाओं के लिए सिंगल विंडो डेस्क उपलब्ध होगी। साथ ही इन्वेस्टर मैचमेकिंग प्लेटफार्म और एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिससे उद्योग, सरकार और विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना मुख्य उद्येश्य हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ाव, उत्कृष्ट सड़क एवं हवाई संपर्क, कारपोरेट इकोसिस्टम, उच्च गुणवत्ता वाली कार्यालय सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन हरियाणा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) निवेश के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाने के लिए पर्याप्त हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और कंपनियों को त्वरित निर्णय एवं सहायता प्रदान करना है। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की विशेषता यह है कि इसमें केवल गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी जीसीसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन प्रविधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने की बजाय पूरे राज्य में फैलाना है। इससे फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, करनाल, हिसार और अन्य उभरते शहरी केंद्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। पांच से नौ वर्ष तक अधिकत 15 करोड़ की वित्तीय सहायता नई नीति के तहत कंपनियों को पांच से नौ वर्षों तक परिचालन सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक हो सकती है। सरकार का मानना है कि शुरुआती वर्षों में मिलने वाला यह सहयोग कंपनियों को हरियाणा में दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्रों को भी पूंजीगत और परिचालन सहायता देने का प्रविधान रखा गया है। इससे राज्य में नवाचार, शोध और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। जीसीसी क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल कार्यालय खोलने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उच्च वेतन वाली नौकरियां, स्टार्टअप सहयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्थानीय सेवा क्षेत्र का विस्तार भी होता है। नई नीति के जरिए आइटी, इंजीनियरिंग, वित्त, डेटा साइंस, एआइ और अनुसंधान क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की प्रमुख बातें     – गुरुग्राम को वैश्विक क्षमता केंद्रों की राजधानी बनाने का लक्ष्य     – हरियाणा में 100 से अधिक नए जीसीसी आकर्षित करने की योजना     – राज्य में पहले से 270 से अधिक जीसीसी संचालित     – सिंगल विंडो डेस्क, निवेशक मंच और सलाहकार परिषद का गठन     – पांच से नौ वर्ष तक परिचालन सहायता में अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता     – डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त आरएंडडी केंद्रों को विशेष प्रोत्साहन     – उच्च कौशल रोजगार और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा     – गुरुग्राम के साथ अन्य जिलों में भी निवेश विस्तार पर जोर।  

गाने के बोलों को लेकर हिसार में बवाल, पुलिस और महिला आयोग से शिकायत

 हिसार  हरियाणा में कुछ समय पहले रैपर बादशाह के चर्चित गीत टटीरी को लेकर उठा विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब हरियाणवी गीत कालेज वाली छोरी विवादों में घिर गया है। हिसार में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने इस गाने में कंडक्टरों और कालेज जाने वाली छात्राओं को लेकर कथित आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस और महिला आयोग से कार्रवाई की मांग की है। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि गाने में कंडक्टरों और बसों से कालेज आने-जाने वाली छात्राओं की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे न केवल रोडवेज कर्मचारियों की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है, बल्कि छात्राओं के बारे में भी अनुचित संदेश जाता है कर्मचारियों ने हिसार सिटी थाना पुलिस को लिखित शिकायत देने के साथ-साथ हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को भी शिकायत भेजी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि गाने को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से हटाया जाए और इसके लेखक, निर्देशक व गायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। एक्टर नवीन नारू बोले- जान बूझकर गाने को बनाया जा रहा विवादित वहीं इस गाने में अभिनय कर रहे नवीन नारू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह गीत केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है और इसमें किसी वर्ग या पेशे को निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि गाने की लोकप्रियता कुछ लोगों को रास नहीं आ रही, इसलिए इसे विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नवीन ने बताया कि गाने की शूटिंग हिसार में हुई है और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। इंटरनेट मीडिया पर इस गाने पर बड़ी संख्या में रील भी बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में भी तीन सदस्य कंडक्टर हैं, इसलिए किसी पेशे का अपमान करने का सवाल ही नहीं उठता। पुलिस कर रही जांच शिकायत मिलने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में आया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है। यदि जांच में गाने में अश्लील या आपत्तिजनक टिप्पणियां पाए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले बादशाह के टटीरी गीत को लेकर भी हरियाणा में काफी विवाद हुआ था। टटीरी गाने को लेकर रोडवेज अधिकारियों ने भी शिकायतें दी थी। वहीं अब दोबारा से रोडवेज कर्मियों ने कालेज वाली छोरी को लेकर शिकायत दी है। इस गाने के विवाद ने हरियाणवी संगीत जगत में नई बहस छेड़ दी है।