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हरियाणा के खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का गौरव, 14 स्वर्ण समेत 32 पदक जीतने वालों का हुआ सम्मान

पंचकुला  जापान में आयोजित एशिया चैंपियनशिप में जोरदार प्रदर्शन करके लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने फूल मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इनमें से हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीते हैं, जिसमें 14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक सहित शामिल हैं। खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने यह पदक अपने नाम कर हरियाणा की खेल शक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर गर्व है। यह हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा चलाई जा रही खेल नीतियों व योजनाओं का नतीजा है कि प्रदेश में खेल व खिलाड़ी निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि भविष्य में भी खिलाड़ी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। हरियाणा के 32 पदक प्रदेश की खेल क्षमता का प्रमाण खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान बढ़ाने वाले इन खिलाड़ियों पर पूरे हरियाणा को गर्व है। उन्होंने कहा कि 14 स्वर्ण पदक यह बताते हैं कि हरियाणा के खिलाड़ी केवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए नहीं, बल्कि जीत हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरते हैं। उन्हों ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। इन खिलाड़ियों के पीछे उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों की भी बड़ी भूमिका है। मंत्री ने सभी अभिभावकों और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी और कहा कि सरकार खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ी है। खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनकी यात्रा, प्रतियोगिता में प्रदर्शन और आगे की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में खिलाड़ियों के लिए प्रतिबद्ध है सरकार खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, उनकी डाइट, बेहतर प्रशिक्षण, अच्छे कोच और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उस प्रतिभा को सही मंच और सही दिशा देने की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और आने वाले समय में भी प्रदेश से बड़ी संख्या में प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगी। सरकार चाहती है कि हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि एशियाई, विश्व और ओलंपिक स्तर पर भी अधिक से अधिक पदक जीतें। गांवों की प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल संस्कृति में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश के कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर दुनिया के बड़े खेल मंचों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, इस दिशा में सरकार का विशेष ध्यान है। यदि गांवों में छिपी प्रतिभाओं को समय रहते उचित सुविधाएं और प्रशिक्षक मिल जाएं, तो आने वाले वर्षों में हरियाणा से और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल सकते हैं। खिलाड़ियों की सफलता बनेगी युवाओं की प्रेरणा खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में लगातार अपनी प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर रहा है और हरियाणा भी इस खेल यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतता है, तो उसकी सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहती, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की उपलब्धि बन जाती है। ऐसी उपलब्धियां दूसरे युवाओं को भी खेलों की ओर आकर्षित करेंगी और वे मोबाइल तथा अन्य गतिविधियों से हटकर मैदान की ओर आएंगे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने खिलाड़ियों से अपनी मेहनत जारी रखने और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए पदक जीतने का आह्वान किया।

हरियाणा के खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 32 पदक जीतने पर खेल मंत्री ने किया सम्मान

पंचकुला. जापान में आयोजित एशिया चैंपियनशिप में जोरदार प्रदर्शन करके लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने फूल मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इनमें से हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीते हैं, जिसमें 14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक सहित शामिल हैं। खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने यह पदक अपने नाम कर हरियाणा की खेल शक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

रबी सीजन से पहले हरियाणा में खाद की बड़ी खेप, 3.50 लाख MT यूरिया और 1.50 लाख MT DAP की आपूर्ति

 झज्जर  हरियाणा में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। अक्टूबर माह में प्रदेश को करीब 7.50 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई जाएगी। डिपार्टमेंट आफ फर्टिलाइजर्स, दिल्ली ने हरियाणा की जरूरत को देखते हुए विभिन्न खाद कंपनियों को डिमांड भेज दी है। इससे सरसों की बिजाई और आगामी गेहूं सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। केंद्र की ओर से तय आपूर्ति के अनुसार आइपीएल की ओर से हरियाणा में 1.50 लाख एमटी डीएपी, 3.50 लाख एमटी यूरिया, 40 हजार एमटी एनपीके व एसएसपी तथा 10,650 एमटी एमओपी उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें बड़ी हिस्सेदारी इंडियन पोटाश लिमिटेड की रहेगी, जबकि शेष खाद इफको, चंबल सहित अन्य कंपनियों के माध्यम से प्रदेश में पहुंचाई जाएगी। झज्जर में पहुंचा 2600 एमटी डीएपी खाद आपूर्ति की कड़ी में झज्जर के किसानों के लिए भी बड़ी राहत है। आज झज्जर में आइपीएल का 2600 एमटी डीएपी का रैक पहुंचने की उम्मीद है। रैक पहुंचने के बाद निर्धारित मात्रा के अनुसार आसपास के जिलों में खाद भेजी जाएगी। इससे सरसों की बिजाई के समय डीएपी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। प्राप्त आवंटन के अनुसार झज्जर को 600 एमटी, रोहतक को 450 एमटी, रेवाड़ी को 400 एमटी, महेंद्रगढ़ को 400 एमटी, गुरुग्राम को 350 एमटी, दिल्ली को 300 एमटी और चरखी दादरी को 200 एमटी डीएपी उपलब्ध कराया जाएगा। समय पर आपूर्ति पर जोर दीपक शर्मा, सहायक प्रबंधक, आइपीएल ने बताया कि रबी सीजन में खाद की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र और प्रदेश स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। खासकर सरसों की बिजाई के साथ गेहूं की बुवाई शुरू होने पर डीएपी और यूरिया की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में अक्टूबर की प्रस्तावित बड़ी खेप से किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद है। खाद की आपूर्ति मांग के अनुरूप जिलों तक पहुंचाई जाए, ताकि किसानों को बाजार में भटकना न पड़े और रबी फसलों की बिजाई प्रभावित न हो।

हरियाणा BJP विधायकों से PM मोदी का संवाद, बोले- टेंशन मत लो, जनता के बीच जाकर काम करो

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्रे मोदी के साथ हरियाणा के भाजपा विधायकों की पहली सामूहिक मुलाकात बेहद आत्मीय माहौल में हुई। बैठक से पहले सभी मंत्री और विधायक जहां कुछ तनाव में नजर आ रहे थे, वहीं प्रधानमंत्री के शुरुआती अंदाज ने कुछ ही मिनटों में माहौल को सहज कर दिया। हरियाणवी अंदाज में विधायकों को उलाहना देते हुए मोदी ने उनसे कहा कहा, “हरियाणा वालों, तुमने राम-राम क्यों नहीं की।” प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों को केवल परिचय के लिए बुलाया गया है। किसी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। इसके बाद सभी मंत्री और विधायक सहज हुए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने सबसे पहले अपनी बात रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संबोधित किया। अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों से संवाद किया। मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड नहीं देखा है- पीएम प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन दिनों से इस बैठक को लेकर मीडिया में कई तरह की नकारात्मक बातें चल रही हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। न मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड देखना है और न ही मैंने किसी को तलब किया है। यह मुलाकात बेहद सामान्य और परिचयात्मक है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने विधायकों से उनके क्षेत्र और पुराने भाजपा नेताओं के बारे में भी जानकारी ली। मोदी ने हरियाणा के व्यापक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का असर पूरे देश पर पड़ता है, इसलिए हरियाणा को हर क्षेत्र में आगे रखने का प्रयास होना चाहिए। किसानों से जुड़ाव के संदर्भ में उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कम से कम हर किसान को एक एकड़ में प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। गांवों तक पहुंचने और जनसंवाद पर जोर बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे हरियाणा के सभी विधायकों के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा के विधायकों को लंबा समय दिया और विकास, जनसेवा तथा संगठन को लेकर विशेष मार्गदर्शन दिया। सैनी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनेगा। इसमें किसान, युवा और महिलाएं जब संकल्प के साथ जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा का लक्ष्य हासिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी न रहे, इसके लिए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने पर जोर दिया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें करने की बात कही। उन्होंने गांवों में टिफिन बैठक, संवाद, स्वच्छता अभियान और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में काम करने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी विधायक, मंत्री, नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं और समस्याओं के समाधान का माध्यम बनें। स्मृति इरानी और भोला सिंह से भी मिले हरियाणा के विधायक नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा को परिवार की तरह मानने की बात कही और इसी भाव से विधायकों से संवाद किया। उन्होंने कहा, “राजनीति हमारे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने हमें सेवा के माध्यम से राजनीति करना सिखाया है।” मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उन क्षेत्रों में बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां उसका प्रभाव अभी अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है। बैठक से पहले और बाद में हरियाणा के विधायकों ने नई पार्टी प्रभारी स्मृति इरानी, सह प्रभारी भोला सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से भी अलग चर्चा की।

NCR में गाड़ी चलानी है तो PUC जरूरी, बिना प्रमाणपत्र ईंधन भराने पर लगेगा ब्रेक

 चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईंधन बिक्री केंद्रों को ईंधन भरने से पहले वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिए हैं। पहली अक्टूबर से दिल्ली और एनसीआर के सभी जिलों में “प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं” व्यवस्था लागू हो चुकी है। निर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बिक्री केंद्रों पर ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है। पेट्रोल पंपों पर लगाई जा रही स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के माध्यम से वाहन के पंजीकरण नंबर का आनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र संबंधी अभिलेख से मिलान कर प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली की स्थापना और संचालन पूरी तरह शुरू होने तक पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके कर्मचारी प्रत्येक वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता की मैनुअल रूप से जांच करें। आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज किया जाए यदि वाहन मालिक या चालक वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो तत्काल ईंधन देने से इन्कार किया जाए और आधिकारिक रिकार्ड के लिए वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज किया जाए। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने से पहले निकटतम अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया जाए। सभी पेट्रोल पंपों के प्रवेश द्वारों और ईंधन भरने वाले स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट एवं प्रमुखता से दिखाई देने वाले चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि “वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं-ईंधन नहीं। 10 हजार रुपये तक का जुर्माना ई-चालान एवं दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र सुनिश्चित करें।” वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने या संचालित करने पर लागू मोटर वाहन नियमों के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और पेट्रोल पंप संचालकों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को बड़ी सौगात, 5.75 करोड़ की लागत से बनेगी नई सड़क; ट्रैफिक दबाव होगा कम

कुरुक्षेत्र  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में शहरवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के समानांतर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा कहां से कहां तक बनेगी सड़क? सरकार ने इस सड़क के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। पूर्व राज्यमंत्री ने इस मंजूरी पर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क एलसी-61सी (विश्वविद्यालय गेट नंबर-3 के पास) से एलसी-65सी (पुराने बस स्टैंड के पास) तक बनाई जाएगी। यह सड़क रेलवे के राइट आफ वे में प्रस्तावित है तथा इसका निर्माण रेलवे से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और अन्य वैधानिक मंजूरियां प्राप्त होने के अधीन रहेगा। 5.75 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी सड़क उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सड़क की लंबाई लगभग 3.20 किलोमीटर और चौड़ाई 7 मीटर होगी। इसके निर्माण पर करीब 5.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। नई सड़क से मिलेगी जाम से निजात उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव, सूर्य ग्रहण सहित अन्य बड़े धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आमद होती है, जिससे शहर की मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। नई सड़क बनने से इस क्षेत्र में यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और जाम की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।

हरियाणा सीएमओ में फेरबदल: अरुण गुप्ता के विभागों की जिम्मेदारी उपप्रधान सचिव यशपाल और अजय को सौंपी

 चंडीगढ़  मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागों के कामकाज का नये सिरे से बंटवारा किया गया है। अरुण गुप्ता के पास दस विभाग थे, जिनमें से पांच उपप्रधान सचिव यशपाल और पांच उपप्रधान सचिव अजय कुमार को सौंपे गए हैं। गुप्ता के पास मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों की निगरानी की भी जिम्मेदारी थी, जो अब मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के ओवरआल इंचार्ज और मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने नए प्रधान सचिव की नियुक्ति तक तीन अधिकारियों में काम का बंटवारा किया है। प्रधान सचिव के रूप में अरुण गुप्ता के पास नागरिक उड्डयन, क्रिड, पर्यावरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जेल, खनन, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, परिवहन और शहरी निकाय जैसे विभागों का दायित्व था। 18 विभागों के संभाले हैं जिम्मेदारी उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अब पर्यावरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जेल, लोक निर्माण और शहरी निकाय उपप्रधान सचिव यशपाल संभालेंगे। नागरिक उड्डयन, क्रिड, खनन, सामाजिक न्याय और परिवहन विभाग उपप्रधान सचिव अजय कुमार को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर स्वयं वित्त, राजस्व, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, उद्योग, शहरी विकास, विधायी कार्य, आपदा प्रबंधन, गृह, एक्साइज, फाइनेंस और विजिलेंस समेत 18 विभागों के कामकाज की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। सीएम के उप प्रधान सचिव यशपाल अभी तक नौ और अजय कुमार सात जिम्मेदारी संभाल रहे थे यशपाल के 14 और अजय कुमार के पास 12 विभाग अब यशपाल के 14 और अजय कुमार के पास 12 विभाग रहेंगे। सीएम के ओएसडी राज नेहरू के पास पहले की तरह तीन विभाग रहेंगे, जबकि ओएसडी विवेक कालिया के पास सीएम विंडो व जनसंवाद के साथ मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी भी रहेगी। सीएम के ओएसडी सुधांशु गौतम के पास तबादलों व मकान आवंटन समेत पांच कार्यक्षेत्र रहेंगे, जबकि ओएसडी राकेश संधू सीएम विंडो और ग्रीवेंस और नरेंद्र पाल मलिक सीएम घोषणाएं देखते रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मुख्यमंत्री के पास आने वाली फाइलों के निस्तारण, नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय की जिम्मेदारी निभाते हैं।

श्रीनगर में ट्रैफिक कैमरों का बढ़ा नेटवर्क, 66 जंक्शन पर 835 कैमरों से हो रही निगरानी

श्रीनगर यदि आप बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट, तेज ड्राइविंग या गलत पार्किंग कर रहे हैं, तो सावधान रहें। आपकी इन हरकतों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आपके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यातायात नियमों की अनदेखी करने के परिणामस्वरूप हजारों लोगों को दंडित किया गया है। इस वर्ष अप्रैल से जून 2026 के बीच श्रीनगर में 52,545 ट्रैफिक चालान काटे गए, जो पिछले 12 महीनों में काटे गए चालानों की संख्या से लगभग दोगुना है। यह वृद्धि शहर में ट्रैफिक कैमरों के बढ़ते नेटवर्क के कारण हुई है, जो आटोमेटेड एनफोर्समेंट (स्वचालित निगरानी और कार्रवाई) को बढ़ावा दे रहा है। 12 महीनों में कटे 27000 चालान यह जानकारी हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र में पेश किए गए 'श्रीनगर ट्रैफिक एंड अर्बन मोबिलिटी फ्रेमवर्क' में दी गई। फ्रेमवर्क के अनुसार, पिछले 12 महीनों में यातायात नियमों के उल्लंघन पर 26,331 चालान काटे गए थे, जबकि अप्रैल से जून 2026 में 52,545 चालान काटे गए। बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की खैर नहीं आटोमेटेड एनफोर्समेंट डेटा में बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के मामले सबसे अधिक हैं। इस प्रणाली में 66 जंक्शनों पर 835 कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 792 कैमरे (95 प्रतिशत) और 62 जंक्शन (94 प्रतिशत) पूरी तरह से कार्यरत हैं। यह सिस्टम आटोमेटेड चालान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसे आईटीएमएस – आईटीएलएस कंट्रोल रूम और ट्रैफिक पुलिस द्वारा संचालित किया जाता है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त हुई पुलिस सरकार ने ट्रैफिक-मैनेजमेंट उपायों को छह-स्तंभीय फ्रेमवर्क के तहत एकीकृत किया है, जिसमें स्मार्ट एनफोर्समेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमन शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी को भी सहन नहीं किया जाएगा।  

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो को मिली रफ्तार, सेक्टर-9 से DLF साइबर सिटी तक जल्द जारी होगा टेंडर

पंचकूला ओल्ड गुरुग्राम के लिए मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण की टेंडर प्रकिया को नायब सरकार ने अनुमति दे दी है। उम्मीद है कि दस दिनों के अंदर गुरुग्राम मेट्रो रेल कारपोरेशन (जीएमआरएल) टेंडर से जुड़ी सभी प्रकिया पूरी करने के बाद टेंडर जारी कर देगा। दूसरे चरण में मेट्रो के लिए सेक्टर नौ से डीएलएफ साइबर सिटी तक के लिए मेट्रो लाइन बिछाई जानी है। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के तहत 30.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो मार्ग तैयार होना है। दोनों चरण में 28 मेट्रो स्टेशन बनने हैं। पहले चरण के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-45, यूनिटेक साइबर पार्क, सेक्टर-37, सेक्टर-101, सेक्टर-नौ समेत अन्य मेट्रो स्टेशन का निर्माण होना। दूसरे चरण में 15.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बिछाने में करीब 1662 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में जगह कम होने तथा ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए डबल डेकर लाइन होगी। एलिवेटेड रोड बनेगी जिस पर वाहन चलेंगे, इसके ऊपर से मेट्रो ट्रैक बनाया जाएगा जिस पर मेट्रो चलेगी। यह व्यवस्था पालम विहार और कृष्णा चौक सुशील एमा मार्ग, ओल्ड दिल्ली रोड तथा कुछ अन्य इलाकों में होगी। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत कुल 28 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। दूसरे चरण में यहां बनेंगे स्टेशन सेकेंड फेज में सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, रेलवे स्टेशन, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, सेक्टर-21, उद्योग विहार फेज-एक और डीएलएफ साइबर सिटी में मेट्रो स्टेशन बनेंगे।  

सात समंदर पार बसे हरियाणवियों को जोड़ने की तैयारी, विदेशों में बनेंगी ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन

चंडीगढ़  हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है। किसी ने यूरोप में कारोबार खड़ा किया, किसी ने अफ्रीका में अपनी पहचान बनाई, तो कोई नई पीढ़ी के साथ अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में बस गया। ये लोग भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन अपनी जड़ों से उनका रिश्ता अब भी उतना ही गहरा है इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मकसद सिर्फ एक सामाजिक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि विदेश में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो जरूरत के समय सहयोगी, नई पीढ़ी के लिए संस्कृति का वाहक और हरियाणा के लिए दुनिया से जुड़ने का एक मजबूत सेतु बन सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। संकट में सहारे से रोजगार तक, एसोसिएशन निभाएगी ‘अपने लोगों’ की भूमिका विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। ऐसे में उसी क्षेत्र में रहने वाले अपने लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हरियाणा सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में यही एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर एक तरह के ‘सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में काम करेगी। विदेश में पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को स्थानीय संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को किसी मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए, एसोसिएशन मदद और मार्गदर्शन का माध्यम बन सकेगी। अफ्रीका से यूरोप तक बन रहा मजबूत नेटवर्क अभी तक युगांडा और केन्या में हरियाणवी संगठन बन चुके हैं, जबकि स्वीडन, डेनमार्क और तंजानिया में संगठन बनाने की प्रक्रिया के लिए प्रयास चल रहे हैं। हर संगठन के नाम में ‘हरियाणवी’ शब्द को शामिल करने की व्यवस्था आवश्यक रहेगी। विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. पवन चौधरी समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रयास है कि इन संगठनों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे और वे विदेश में रहने वाले हरियाणवियों तथा सरकार के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बनें। सात समंदर पार सजेगी हरियाणवी संस्कृति की चौपाल हरियाणा दिवस, गीता जयंती और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सामूहिक आयोजन विदेशों में बसे हरियाणवियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खासतौर पर उन बच्चों और युवाओं के लिए, जिनका जन्म या पालन-पोषण विदेश में हुआ है। ऐसे आयोजन हरियाणा को किताबों या पारिवारिक स्मृतियों से आगे एक जीवंत अनुभव के रूप में सामने ला सकते हैं। इस पहल का सबसे व्यापक आयाम आर्थिक है। हरियाणा में निवेश की संभावनाओं, नई तकनीक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों और वैश्विक कारोबारी संपर्कों के लिए प्रवासी हरियाणवी एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।