samacharsecretary.com

हरियाणा के किसानों की कमाई में इजाफा, फसलों के दाम बढ़ने से जेब में आएंगे 720 करोड़ रुपये ज्यादा

चंडीगढ़  केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है। वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है। एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है। सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है। सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है। जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।  

हरियाणा में सिंगापुर का बड़ा निवेश, गुरुग्राम-पानीपत में शहरी विकास और विनिर्माण को मिलेगी रफ्तार

चंडीगढ़. सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे। चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है। उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए। हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ। गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

हरियाणा में सिंगापुर की एंट्री, शहरी विकास से विनिर्माण तक कई सेक्टर में निवेश की तैयारी

 चंडीगढ़ सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे। चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है। उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए। हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ। गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

गर्भवती महिलाओं के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, ‘समृद्धि’ योजना में निजी अस्पताल भी होंगे शामिल

चंडीगढ़. प्रदेश में अब गर्भवती महिलाएं आपात स्थिति में निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराई जा सकेंगी। गंभीर परिस्थितियों में समय बचाने प्रत्येक महिला को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से टैग किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हो सकते हैं। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से होने वाले अनावश्यक बहुस्तरीय रेफरल रुकेंगे और आपात स्थिति में सही स्तर की देखभाल तुरंत मिल सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर कम करने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रस्तावित "समृद्धि" (सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य पहल) योजना का शुभारंभ करते यह जानकारी साझा की।

फल-सब्जियों की बर्बादी रोकने की तैयारी, भारत-ब्रिटेन मिलकर बनाएंगे ग्रीन कोल्ड चेन नेटवर्क

करनाल भारत में हर साल मेहनत से उगाई गई करोड़ों टन फल और सब्जियां बाजार तक पहुंचने से पहले ही सड़ जाती हैं। इस राष्ट्रीय नुकसान से निपटने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल और ब्रिटेन के ब्रुनेल विश्वविद्यालय लंदन ने हाथ मिलाया है। दोनों वैश्विक संस्थानों ने मिलकर सोल टेक नाम से एक महत्वाकांक्षी अनुसंधान परियोजना पर काम शुरू किया है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित कोल्ड स्टोरेज और एक मजबूत हार्टिकल्चर कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी बिना ग्रिड बिजली या महंगे डीजल के फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। क्यों पड़ी इस प्रोजेक्ट की जरूरत? भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और नाबार्ड की रिपोर्ट बताती है कि भारत में उचित कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। सालाना 4 से 5 करोड़ टन फल-सब्जियों की बर्बादी देश में हर साल कुल उत्पादन का लगभग 6 से 15 प्रतिशत यानि करीब 40 से 50 मिलियन मीट्रिक टन फल और सब्जियां खेत से बाजार तक पहुंचने के दौरान ही खराब हो जाती हैं। टमाटर और हरी सब्जियों जैसी जल्द खराब होने वाली फसलों में यह नुकसान 20 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इस बर्बादी के कारण देश को सालाना करीब 1.53 लाख करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण किसानों को अपनी फसल तुरंत औने-पौने दामों में बेचनी पड़ती है या फिर सड़ाकर फेंकनी पड़ती है। कैसे काम करेगा सोल टेक मडल जानिये? एमएचयू और ब्रुनेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मिलकर दो प्रमुख मोर्चों पर काम कर रहे हैं। सौर संचालित डिसेंट्रलाइज्ड कोल्ड स्टोरेज परंपरागत कोल्ड स्टोरेज बिजली या डीजल जनरेटर पर चलते हैं, जिनकी संचालन लागत बहुत अधिक होती है। सोल टेक के तहत ऐसे सोलर-पावर्ड छोटे और मध्यम स्टोरेज बनाए जा रहे हैं जो गांवों और मंडियों के पास आसानी से स्थापित किए जा सकेंगे। वैज्ञानिक प्रोटोकाल का विकास हर फल और सब्जी की प्रकृति अलग होती है। किस फसल को किस तापमान और आर्द्रता पर कितने दिनों तक रखा जा सकता है, इसके लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक सटीक वैज्ञानिक गाइडलाइंस और डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। उच्चस्तरीय बैठकों में तय हुई रणनीति परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए एमएचयू, करनाल और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी के शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच रणनीतिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में देश के मैदानी इलाकों की जलवायु परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी डिजाइन और डेटा ट्रांसफर पर विस्तृत सहमति बनी है। दोनों संस्थान अब इसके प्रयोगात्मक माडल स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। किसान फसल को औने-पौने दाम पर बेचने के बजाय सौर कोल्ड स्टोरेज में रखकर बाजार में बेहतर भाव मिलने का इंतजार कर सकेंगे। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली बिल और डीजल का खर्च खत्म हो जाएगा। डीजल का उपयोग न होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित कृषि को बढ़ावा मिलेगा। यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी न केवल हरियाणा के बागवानी किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, बल्कि देश में कृषि संकट के समाधान के लिए एक वैश्विक नजीर भी पेश करेगी। -डॉ. एसके मल्हौत्रा, कुलपति महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल।  

किताबों से आगे की पढ़ाई! बेकार सामान से बच्चों को पढ़ाते हैं पवन कुमार, मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार

यमुनानगर  यहां घंटी बजते ही किताबें जरूर खुलती हैं, लेकिन पढ़ाई किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं रहती। थर्माकोल का पेड़ बच्चों को जोड़-घटा सिखाता है। उसकी हरी पत्तियां और लाल सेब गणित के सवाल बन जाते हैं। कागज पर लिखा शब्द हटाते ही उसका विपरीतार्थक सामने आ जाता है। यानी यहां चीजें बोलती हैं और बच्चे उन्हें देखकर, छूकर और करके सीखते हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास के जेबीटी पवन कुमार ने इसी अनोखी शिक्षण शैली को अपनी पहचान बनाया है। बेकार वस्तुओं से बनाते हैं शिक्षण सामग्री करीब 26 साल की सेवा में इसी प्रयास और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के लिए उन्हें इस साल राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिला है। पवन कुमार थर्माकोल, कागज और घरों में बेकार पड़ी वस्तुओं से कम लागत वाली शिक्षण सामग्री तैयार करते हैं। थर्माकोल के पेड़ पर कागज की पत्तियां और फल लगाकर बच्चों से उनकी संख्या गिनवाते हैं। फिर इन्हीं के जरिए जोड़-घटा के सवाल करवाते हैं। विपरीतार्थक शब्दों के लिए भी ऐसी सामग्री बनाई है, जिसमें एक शब्द हटाते ही दूसरा शब्द सामने दिखाई देता है। यही सामग्री अभिभावकों को भी दी जा रही है, ताकि बच्चे अभ्यास कर सकें। विद्यालय में हैं 61 बच्चे विद्यालय में 61 बच्चे हैं। विद्यार्थी स्कूल, खंड और जिला स्तर पर सांस्कृतिक, खो-खो, प्रश्नोत्तरी और चित्र देखकर विवरण लिखने जैसी प्रतियोगिताओं में अव्वल रह चुके हैं। शिक्षक के संग समाजसेवक भी हैं पवन पढ़ाई संग समाजसेवा का पाठ व्यासपुर में जन्मे पवन कुमार करीब दस वर्षों से मिल्क खास में कार्यरत हैं। वर्ष 2015 में फेरूवाला स्कूल से रक्तदान शिविर की शुरुआत की। अब तक 16 शिविरों में योगदान दे चुके हैं और स्वयं 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। स्काउट एवं गाइड गतिविधियों के जरिए बच्चों में सेवा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित कर रहे हैं। पवन कुमार की शिक्षण शैली और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस वर्ष राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कक्षा में गणित मात्र सवाल नहीं, पेड़ पर लगे सेबों में दिखाई देता है और भाषा केवल किताब में नहीं, कागज के प्रयोग से समझ आती है।

हांसी में बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत, एक साल तक चलेगा पकड़ने का अभियान; 4 टेंडर आवेदन

हांसी. शहर से बंदरों को पकड़ने का टेंडर आखिरकार छठे प्रयास में सिरे चढ़ गया है। नगर निगम ने बहादुरगढ़ की एजेंसी को एक साल का ठेका दिया है। एजेंसी एक बंदर पकड़ने के लिए निगम से 1570 रुपये लेगी। विशेषज्ञ टीम बंदरों को पकड़कर नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़कर आएगी। निगमायुक्त ने एजेंसी संचालक को बुलाकर टेंडर की दर पर चर्चा की। इसके बाद 1570 रुपये की दर तय की गई। अनुबंध के तहत एजेंसी की विशेष टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में जाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से बंदरों को पकड़ेगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक आवास में लौट सकें। निगम को उम्मीद है कि अभियान शुरू होने से मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और आवासीय इलाकों में बंदरों की समस्या का समाधान होगा। स्थानीय निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से बंदरों का उत्पात बढ़ा हुआ था। बंदरों के काटने, सामान छीनने और छतों व बालकनियों में नुकसान पहुंचाने से नागरिकों में भय का माहौल था। लगातार टेंडर विफल होने से निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। अब ठेका फाइनल होने से नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। जल्द ही एजेंसी टीम तैनात कर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करेगी। एजेंसी को टेंडर जारी – शहर में बंदर पकड़ने के लिए बहादुरगढ़ की एजेंसी को टेंडर जारी कर दिया गया है। एजेंसी अब जल्द ही शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाएगी। – डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।

PDS में सरसों तेल के पैकिंग नियम बदले, 21 अक्टूबर से लाभार्थियों को मिलेगा तेल

चंडीगढ़ हरियाणा में गरीब परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरसों का तेल उपलब्ध कराने के पैकिंग प्रारूप में बदलाव किया गया है। अब इन परिवारों को पहले से निर्धारित पैक के स्थान पर 500 एमएल और एक लीटर के पैक में सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों के लिए यह तेल वितरित किया जाना है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय की ओर से हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड (एचएआइसी) के प्रबंध निदेशक को जारी पत्र में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सरसों तेल की आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया तय की गई है। सप्लाई के 15 दिनों के भीतर एचएआइसी को भुगतान 174 रुपये प्रति लीटर की दर से किया जाएगा। इसके बाद रूटीन चक्र में भुगतान 15 दिन के बाद 180 रुपये प्रति लीटर की दर से होगा। 15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक होगी विभाग के अनुसार अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों को सरसों तेल वितरित किया जाना है। अगस्त में 30 लाख लीटर, जबकि सितंबर और अक्टूबर में 37-37 लाख लीटर सरसों तेल की आवश्यकता बताई गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 10 से 15 अक्टूबर तक अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सभी जिलों में करीब 104 लाख लीटर सरसों तेल कानफेड के सभी फोकल प्वाइंट्स पर उपलब्ध करा दिया जाए। इसके बाद परिवहन ठेकेदार 15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक करेंगे और 21 अक्टूबर 2026 से लाभार्थियों को इसका वितरण शुरू कराया जा सकेगा। विभाग ने आगे की व्यवस्था भी स्पष्ट की है। प्रत्येक महीने अगले माह के लिए सरसों तेल की मांग पिछले माह की 20 से 25 तारीख तक जिलों के कानफेड फोकल प्वाइंट पर भेजी जाएगी। परिवहन ठेकेदार 25 से 30 तारीख तक इसकी डिलीवरी डिपुओं तक कराएंगे और अगले महीने की एक तारीख से लाभार्थियों को वितरण शुरू कराया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई के समय कोई भी बोतल खुली नहीं होनी चाहिए। इतनी बोतलों की होगी जरूरत माह -सरसों तेल की मात्रा -बोतलों की मात्रा अगस्त -30 लाख लीटर -करीब 8 लाख 500 एमएल व 26 लाख एक लीटर बोतल सितंबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल अक्टूबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल  

गुरुग्राम-फरीदाबाद के फ्लैट मालिकों को राहत की तैयारी, एक मंजिल पर अलग बिजली कनेक्शन का रास्ता साफ

चंडीगढ़  हरियाणा के मेट्रो शहरों में एक मंजिल पर एक से अधिक मकानों में अब अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जाने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से उपभोक्ताओं की मांग तथा गुरुग्राम समेत कई जिला अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों के बाद इस मुद्दे पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा छह अक्टूबर को जन सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हरियाणा के मेट्रो शहरों विशेषकर गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में विकसित हो रही ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में अक्सर एक फ्लोर पर एक से अधिक मकान हैं। वर्तमान में फ्लोर में केवल एक कनेक्शन दिया जा रहा है, जिस कारण अक्सर इन मकानों में रहने वाले लोगों के झगड़े होते रहते हैं। इस संबंध में गुरुग्राम की अदालत अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जाने के निर्देश दे चुकी है। झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रविधान बिजली को जीवन का जरूरी हिस्सा मानते हुए सरकार ने वर्ष 2023 में बिल्डिंग कोड में बदलाव कर हरियाणा में अवैध कालोनियों तथा झुग्गियों में भी बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रविधान किया है। इसी को आधार बनाते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक ही मंजिल पर निर्मित बहु-फ्लैटों या हरियाणा भवन संहिता के उल्लंघन में बनाए जा रहे फ्लैटों को बिजली कनेक्शन जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने हेतु हरियाणा विद्युत विनियामक बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की है। छह अक्टूबर को होगी सुनवाई याचिकाकर्ता ने एक ही मंजिल पर निर्मित कई फ्लैटों के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन प्रदान करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने और नियमों में उपयुक्त संशोधन करने की मांग की है। वर्तमान में ऐसा कोई नियम नहीं है जिसमें एक ही फ्लोर पर बने एक से अधिक मकानों को अलग-अलग कनेक्शन दिए जा सकें। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास ऐसे ढेरों आवेदन तथा ज्ञापन हैं, जिनमें यह मांग उठाई गई है। एचईआरसी के समक्ष दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी हवाला दिया गया है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में छह अक्टूबर को जनसुनवाई आयोजित की है। इसमें आम जनता तथा संबंधित हित धारक भाग ले सकेंगे।

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, इनामी बदमाश एनकाउंटर में ढेर; बुलेटप्रूफ जैकेट से बची ASI की जान

कैथल. एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टॉफ पुलिस टीम गुहला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चोरी व छीनाझपटी के कई मामलों में वांछित आरोपित को मुठभेड़ के बाद काबू किया है। आरोपित की पहचान कृपाल उर्फ बल्लू निवासी अलीपुर, पंजाब के रूप में हुई है। डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया की एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टॉफ के एएसआई अजीत सिंह, एएसआई राममेहर, एएसआई अशोक, एएसआई संदीप व सिपाही सरवन कुमार की टीम सरकारी गाड़ी में थाना गुहला क्षेत्र में अपराध एवं अपराधियों की तलाश में गश्त कर रहे थे। गांव बाबकपुर के पास पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि कृपाल उर्फ बल्लू, जो चोरी व छीनाझपटी के मामलों में वांछित है, बाबकपुर से रत्ताखेड़ा जाने वाली सड़क के पास जंगल में बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर अवैध हथियार सहित किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा रेडिंग पार्टी तैयार की गई तथा टीम के कर्मचारियों ने सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट पहन ली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर जंगल की तरफ भागने लगा। आरोपी ने पहले की फायरिंग पुलिस कर्मचारियों द्वारा उसे रुकने के लिए आवाज लगाई गई, लेकिन आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। आरोपित द्वारा चलाई गई गोली एएसआई अजीत सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटने में गोली लगी और उसे मौके पर काबू कर लिया गया। आरोपित द्वारा 4 से फायर किए गए तथा 4 फायर पुलिस की तरफ से हुए। कौन है आरोपित? आरोपित की पहचान कृपाल उर्फ बल्लू निवासी अलीपुर, पंजाब के रूप में हुई है। आरोपित को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी गुहला ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे सरकारी अस्पताल कैथल रेफर कर दिया। आरोपी के कब्जे से 32 बोर अवैध असला बरामद किया गया। प्रारम्भिक जांच दौरान सामने आया है की आरोपित पर चोरी लूट छीनाझपटी के कई मामले दर्ज है।