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Ayushman Scheme Impact: हरियाणा के 1.18 लाख लाभार्थियों को मिला 122 करोड़ से ज्यादा का फ्री ट्रीटमेंट

यमुना नगर. आयुष्मान चिरायु योजना का समय से पेमेंट न होने पर भले ही निजी अस्पताल विरोध में हो लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों के लिए योजना वरदान बन रही है। जिले में सात लाख छह हजार पात्र हैं। जिन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं है। इसका खर्च सरकार उठा रही है। इलाज की बात करें तो पिछले दो वर्षाें में एक लाख 18 हजार 868 पात्रों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। जिसमें 122.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार करते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 2018 में लागू हुई थी आयुष्मान योजना केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना लागू की। उसमें पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज लिया जा सकता है। उस समय जिले में लगभग साढ़े चार लाख पात्रों का चयन किया गया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसमें बढ़ोतरी करते हुए नवंबर 2022 में आयुष्मान चिरायु भारत योजना शुरू की। इसमें अब एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल कर लिया गया। यह है आयुष्मान योजना की स्थिति आयुष्मान योजना के तहत जिले में दो लाख 74 हजार कार्ड बने हैं। आयुष्मान चिरायु योजना के चार लाख 84 हजार कार्ड बने हैं।आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत बुजुर्गों के 11 हजार 521 कार्ड बने हैं। कैशलेस योजना के तहत पेंशनर्स व सरकारी कर्मियों के 4374 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना के 44 हजार 419 पात्रों ने सरकारी अस्पतालों से 10 करोड़ 42 लाख रुपये का इलाज लिया है। निजी अस्पतालों में 74 हजार 456 कार्ड धारकों ने 113 करोड़ रुपये का इलाज लिया है। इन बीमारियों के पात्रों को केवल सरकारी में इलाज सरकार की ओर से आयुष्मान लाभार्थी मरीजों के घुटने, कूल्हा, कान का पर्दा, हार्निया, अपेंडिक्स, गले का लग जाना, टान्सिल, सांस, उल्टी दस्त, मोतियाबिंद, बवासीर, अंडकोष में पानी व यूरिनल के इलाज व आपरेशन की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में की है। इन बीमारियों के पात्रों का इलाज निजी में नहीं होगा। इसके लिए गत वर्ष सरकार की ओर से सर्जिकल कैंप भी लगाए गए। जिसमें पात् मरीजों के आपरेशन किए गए। आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक इनफोर्मेशन मैनेजर संदीप शर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना से लोगों को नि:श्शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए सर्जिकल कैंप लगाकर आपरेशन किए गए। इस समय जिले में सरकारी व निजी सहित 54 अस्पताल पैनल पर हैं। पात्रता के दायरे में आने वाले सभी पात्रों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र लोग मोबाइल एप के जरिए कार्ड खुद भी बना सकते हैं और अपनी पात्रता का पता कर सकते हैं। इसके साथ ही कैशलेस योजना में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्हें विभाग से रिकार्ड लेकर आना होगा।

Haryana Assembly Row: भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ‘समानांतर सदन’ पर कारण बताओ नोटिस, स्पीकर हरविंदर कल्याण सख्त

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देने तथा विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाने की विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कार्यवाही को स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने विपक्ष के नेता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। स्पीकर ने विपक्ष के नेता से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर विधानसभा के विशेष सत्र को असंवैधानिक बताया और किस अधिकार अथवा नियम के तहत विधानसभा परिसर में विधायकों को इकट्टा करते हुए समानांतर सदन की कार्यवाही का संचालन किया। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर की ओर से ऐसी कड़ी कार्रवाई पहली बार की गई है। हालांकि पूर्व में भी विपक्ष द्वारा विधानसभा परिसर के बाहर समानांतर सदन चलाए जाते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका था, जब विधानसभा परिसर के भीतर कांग्रेस विधायकों ने समानांतर सदन चलाया, जिस पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कड़ा रुख अपनाया है। भूपेंद्र हुड्डा ने विधानसभा विशेष सत्र को बताया असंवैधानिक ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देते हुए उसके बहिष्कार की घोषणा कर दी थी और विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाया था। हरविन्द्र कल्याण ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव से भी इस विषय पर टिप्पणी मांगी है। मुख्य सचिव से टिप्पणी मांगने के पीछे स्पीकर की सोच यह हो सकती है कि बुलाया गया सत्र पूरी तरह से संवैधानिक था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों को विधानसभा परिसर में समानांतर सत्र के लिए इकट्ठा करने का कृत्य न केवल संसदीय परंपराओं के विपरीत है, बल्कि विधानसभा की गरिमा और स्थापित प्रक्रियाओं व नियमों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से पूछा है कि उन्होंने किन नियमों व संसदीय प्रथाओं के तहत इस प्रकार की अवांछित गतिविधि की है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से लिखे पत्र में यह भी पूछा गया है कि 27 अप्रैल को आयोजित हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र व उसकी कार्यवाही को उनके द्वारा किस संवैधानिक या प्रक्रियात्मक आधार पर असंवैधानिक करार दिया गया। क्या बोले स्पीकर हरविन्द्र कल्याण? इसके अतिरिक्त, सदन में नारी सशक्तीकरण वंदन संशोधन अधिनियम के समर्थन में प्रस्तुत सरकारी प्रस्ताव को ‘असंवैधानिक’ बताने के पीछे क्या ठोस आधार हैं। कल्याण ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही संविधान, नियमों और स्थापित संसदीय परंपराओं के अनुरूप संचालित होती है और किसी भी प्रकार की समानांतर या भ्रामक गतिविधि लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा इनके सदस्यों की गरिमा व प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से अपेक्षा जताई है कि वे इस विषय पर शीघ्र और स्पष्ट जवाब देकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे, ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

Electric Vehicle को बढ़ावा: हरियाणा के नए आवासों में चार्जिंग सुविधा होगी जरूरी

चंडीगढ़. भविष्य में हरियाणा के बड़े शहरों में विकसित होने वाले शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के रखरखाव व चार्जिंग की व्यवस्था करने पर विशेष फोकस होगा। राज्य में आवासीय तथा गैर आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना अनिवार्य किया जाने वाला है। प्रदेश सरकार इसके लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव करेगी। हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने एक नोटिस जारी कर आम नागरिकों से दावे तथा आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित संशोधनों को सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें 30 दिनों के लिए यानी 26 मई तक सार्वजनिक डोमेन में रखा जा रहा है, ताकि संबंधित पक्षों और नागरिकों से इन पर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जा सकें। संशोधित नियमों के तहत, सभी नई और मरम्मत की गई गैर-रिहायशी इमारतों जैसे शापिंग कांप्लेक्स, माल, होटल और आफिस स्पेस, जहां कम से कम 10 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहां हर तीन पार्किंग स्लाट के लिए कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इमारतों को 100 फीसदी ईवी तैयार बनाया जाए इसके अलावा, ऐसी इमारतों को 100 प्रतिशत ईवी-तैयार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए चार्जिंग प्वाइंट तक जाने वाली तारों के लिए पाइप पहले से ही लगाई गई होगी। इसी तरह रिहायशी कांप्लेक्स, जिनमें सहकारी आवास समितियां, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और आरडब्ल्यूए द्वारा प्रबंधित रिहायशी ब्लाक शामिल हैं और जहां 10 या उससे अधिक कारों की पार्किंग की जगह है, उन्हें हर पांच पार्किंग स्लाट के लिए एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना होगा। उन्हें पूरी तरह से ईवी-तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराना होगा। संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो गणना से छूट दी जाएगी। इस फैसले से डेवलपर्स और आवास समितियों को नये नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप-एरिया) से जुड़ी पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी। स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोपर पर भी लगाया जा सके ड्राफ्ट के अनुसार चार्जिंग स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी लगाया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते होंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री ने लोगों और संबंधित पक्षों से ईमेल के माध्यम से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। ये सुझाव और आपत्तियां संशोधनों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले प्राप्त की जाएंगी।

School Bomb Threat in Gurugram: बड़े स्कूल निशाने पर, पुलिस अलर्ट मोड में

गुरुग्राम. गुरुग्राम के निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर शहर के कई बड़े निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल भेजी गई। सुबह स्कूल खुलने पर जब यह ई-मेल मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई। गुरुग्राम पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अभियान चलाया। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस के अनुसार श्री राम, एमिटी व दी एचडीएफसी स्कूल की ओर कंट्रोल रूम में ई-मेल मिलने की सूचना दी गई थी। यह मेल देर रात सभी स्कूलों को भेजी गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बम निराेधक दस्ता व डाग स्क्वायड की टीम ने पूरे कैंपस, क्लासरूम, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर तलाशी ली। सुबह 10 बजे ही सभी बच्चों के अभिभावकों को मैसेज कर जल्दी छुट्टी होने की जानकारी दी गई। इस पर परिवारवाले बच्चों को लेकर घर चले गए। साथ ही कई बच्चों को स्कूल वाहनों से घर छोड़ा जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किसी ने भय फैलाने के लिए इस तरह की मेल भेजी। धमकी भरे ई-मेल की जांच की जा रही है। बीते दो महीनों में कई बार धमकी भरे ई-मेल भेजे गए पिछले कुछ महीनों में गुरुग्राम समेत एनसीआर के बड़ी संख्या में निजी स्कूलों को इसी तरह के बम से उड़ाने के धमकी भरे ई-मेल भेजे जा चुके हैं। हालांकि, बाद में सभी फर्जी साबित हुए। करीब दो महीने पहले स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के मामले में एक आरोपित बांग्लादेशी मूल के सौरभ विश्वास को अहमदाबाद से पकड़ा भी गया था।हालांकि, एक बार फिर से धमकी आने पर स्कूल प्रबंधनों और पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

पिंक टॉयलेट से लेकर स्मार्ट सिटी तक: अंबाला के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

अंबाला भाजपा ने हरियाणा निकाय चुनाव के तहत अंबाला नगर निगम के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के ध्येय के साथ पार्टी ने शहर के सर्वांगीण विकास, महिला सुरक्षा और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता बताया है।   महिलाओं और झुग्गीवासियों के लिए विशेष घोषणाएं भाजपा ने वादा किया है कि सभी निकायों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनमें सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट देने का भी संकल्प लिया गया है। झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए गठित विकास बोर्ड को सशक्त कर आवास और बुनियादी सुविधाएं मिशन मोड में प्रदान की जाएंगी।   स्वामित्व योजना और करों में राहत संकल्प पत्र के अनुसार, 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को भूमि व मकान का वैध मालिकाना हक देकर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाउस टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जाएगा और कृषि उपयोग वाले परिसरों को कर में विशेष राहत दी जाएगी। साथ ही, पानी और सीवरेज के नए कनेक्शनों पर शुल्क माफी की घोषणा भी की गई है।   अंबाला के लिए विशेष विकास परियोजनाएं     सीवरेज और जल प्रबंधन: 11 गांवों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और लगभग 170 करोड़ की लागत से नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-24 में ₹40 करोड़ की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।       इन्फ्रास्ट्रक्चर: सेक्टर-10 में ₹60 करोड़ की लागत से 500 सीटों वाला अत्याधुनिक सभागार और सेक्टर-23 में ₹10 करोड़ की लागत से नया फायर स्टेशन बनाया जाएगा।       सफाई व्यवस्था: कूड़े से बिजली बनाने के लिए संयंत्र स्थापित किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों व मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।       जल निकासी: सेक्टर-23 और 25 में ₹10 करोड़ की लागत से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव से मुक्ति मिल सके।   सुरक्षा और स्मार्ट सिटी पहल शहर की सुरक्षा के लिए प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा । स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है । इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान जैसी नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा ।    

अंबाला में जनता का मूड बदला, विकास नहीं तो वोट नहीं का रुख पानी निकासी और

अंबाला  हरियाणा में अंबाला नगर निगम चुनाव से पहले शहर का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है. दरअसल आगामी 10 मई को मेयर और पार्षद पदों के लिए मतदान होना है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. सभी दल अपने-अपने वादों और योजनाओं के साथ जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बार शहर की जनता का रुख साफ तौर पर बदला हुआ नजर आ रहा है. बता दे कि स्थानीय स्तर पर किए गए सर्वे और लोगों से बातचीत से यह स्पष्ट हुआ है कि मतदाता अब केवल वादों पर भरोसा करने के बजाय बीते पांच वर्षों के कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं.वही अंबाला शहर के वार्ड नंबर 4 स्थित बलदेव नगर क्षेत्र में लोगों की प्रतिक्रियाएं इसी बदलाव की ओर इशारा करती हैं, क्योंकि यहां के कई निवासी पिछले कार्यकाल से असंतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने साफ कहा कि इस बार वोट केवल काम के आधार पर ही दिया जाएगा. पानी निकासी है सबसे बड़ा मुद्दा वही स्थानीय निवासी कस्तुरीलाल वर्मा ने लोकल 18 को बताया कि उनकी उम्र 80 साल की हो गई है लेकिन पानी की निकासी बलदेव नगर में काफी ज्यादा एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है. उन्होंने कहा कि जब भी बाढ़ आती है तो कोई भी नेता दिखाई नहीं देता है और वह उस समस्या से खुद ही जूझते हैं, जबकि पानी निकासी को सही ढंग से ठीक किया जाए तो यह समस्या बिल्कुल भी उत्पन्न नहीं होगी. उन्होंने बताया कि वह तो इस बार वोट पानी निकासी के मुद्दे को लेकर ही करेंगे और इस समस्या को हर उम्मीदवार के सामने रखेंगे. स्थानीय निवासी परमानंद ने बताया कि सफाई व्यवस्था उनके इलाके में काफी ज्यादा चरमराई हुई है ओर वह चाहते हैं कि जो भी पार्षद बने वह इन मुद्दों पर कार्य जरूर करें. उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में सड़के और लाइट की व्यवस्था तो ठीक रही है लेकिन जल निकासी काफी ज्यादा प्रभावित रही है. आवारा पशुओं का करें खास इंतजाम गौरव बख्शी ने कहा कि इस बार के निकाय चुनाव में लोगों की जो सबसे बड़ी मांग है वह आवारा पशुओं की सही जगह पर व्यवस्था करना हैं ओर साफ सफाई की सुचारू रूप से करवाना है. उन्होंने बताया कि पिछले 5 साल स्ट्रीट लाइट्स अगर खराब हो जाती थी तो उसे ठीक करने में काफी दोनों का समय लगता था,ऐसे में वह चाहते की इस बार जो भी उम्मीदवार इन लोगों की जरूरत पर काम करेगा, तो वह उसे ही चुनेंगे.क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद अक्सर स्थानीय नेता अपने वादे भूल जाते है ओर फिर आम जनता काफी दिनों तक परेशान रहती है. वहीं अमित कुमार ने बताया कि पिछले 5 सालों में जो वादे किए गए थे वह बिल्कुल भी पूरे नहीं हुए हैं. कहा कि जब लोगों को पार्षदों से कम होता है तो वह फोन तक नहीं उठाते हैं और फिर चुनावों में किए गए वादे अक्सर भूल जाते हैं. इसलिए वह चाहते हैं कि यह निकाय चुनावों में जिस मर्जी पार्टी का पार्षद बने,लेकिन लोगों से किए गए वादों पर बस खरा उतारे.वही कुछ ओर स्थानीय निवासियों ने बताया कि आवारा पशु सबसे बड़ा मुद्दा क्षेत्र के लिए बने हुए हैं क्योंकि आए दिन आम जनता घायल होती है,ओर बहुत से एक्सीडेंट होते हैं.कई बार बच्चों को कुत्ते काट लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन पिछले 5 सालों में इस पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो पाया है जबकि शहर में लोग इन समस्याओं को लेकर काफी ज्यादा परेशान है.

सस्पेंशन खत्म, सतबीर कादियान को मिली नई पोस्टिंग; सिंचाई अनुसंधान संस्थान में जिम्मेदारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए निलंबित चल रहे वरिष्ठ अधिकारी सतबीर सिंह कादियान की सेवाएं बहाल कर दी हैं। कादियान, जो उस समय इंजीनियर-इन-चीफ (वाईडब्ल्यूएस नॉर्थ) के पद पर कार्यरत थे, को 15 अप्रैल 2026 को निलंबित किया गया था। जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी सेवा को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल करने की मंजूरी दी है। हालांकि, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। बहाली के साथ ही सतबीर सिंह कादियान का तबादला भी कर दिया गया है। अब उन्हें कुरुक्षेत्र स्थित हरियाणा सिंचाई अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान (HIRMI) में हेड (स्पेशल) एवं प्रिंसिपल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति आंतरिक व्यवस्थाओं के तहत की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें नियमों के अनुसार टीए/डीए (यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता) दिया जाएगा। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है।

दुष्यंत चौटाला–CIA टीम विवाद में नया मोड़, ADGP–JJP आमने-सामने) GJU

हिसार  हरियाणा के हिसार में दुष्यंत चौटाला और सीआईए टीम से जुड़े विवाद पर बड़ा अपडेट सामने आया है. हिसार रेंज के एडीजीपी केके राव ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराते हुए क्लीन चिट दे दी है. हालांकि, इस मुद्दे को लेकर अब एसपी और पूर्व डिप्टी सीएम के बीच वार पलटवार भी देखने को मिला है. सोमवार शाम 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी से उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान हिसार की कमिश्नर भारती भी मौजूद रहीं. खास बात यह रही कि इस प्रतिनिधिमंडल के साथ दुष्यंत चौटाला भी बैठक में शामिल हुए. मुलाकात का करीब 50 सेकंड का वीडियो हिसार पुलिस द्वारा जारी किया गया, जिसमें बातचीत के कुछ अंश साझा किए गए हैं. वीडियो में क्या दिखा? जारी वीडियो में एडीजीपी केके राव पुलिस का पक्ष लेते नजर आए. उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जांच की है और पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सही है. एडीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस को सिविल एरिया में जाकर चेकिंग करने का अधिकार है. इस पर दुष्यंत चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, “आप तो एसपी के भी गुरु बन गए.” इसके जवाब में ADGP ने कहा, “मैं एसपी का गुरु हूं, इसलिए यहां बैठा हूं.” दुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया कि कहीं भी यह नहीं लिखा कि पुलिस सादी वर्दी में जाकर रेड कर सकती है. इस पर एडीजीपी ने जवाब दिया कि पुलिस का मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और न्याय दिलाना है. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करना बंद कर दे, तो अपराध बढ़ सकते हैं. इस मामले में अभी तक जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. उधर, पुलिस को क्लीन चिट मिलने के बाद यह मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है, लेकिन राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है. महापंचायत में क्या हुआ उधऱ, हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) शुरु हुए इस विवाद को लेकर सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की गई. महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए और सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया. महापंचायत में तय किया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी कमिश्नर और एडीजीपी से मुलाकात कर छात्रों और पार्टी का पक्ष रखेगी. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 5 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा. महापंचायत की प्रमुख मांगें     महापंचायत में छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए. इस 21 सदस्यीय कमेटी में 10 छात्र ओर 11 खापों के प्रधान शामिल है.     मुख्य मांगों में सस्पेंड किए गए सभी छात्रों की तुरंत बहाली.     कुरुक्षेत्र और हिसार में छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी.     यूनिवर्सिटी परिसर में सभी छात्र संगठनों को कार्यक्रम करने की अनुमति शिक्षा शुल्क नियंत्रण के लिए रेगुलेटरी बोर्ड का गठन छात्रों के लिए एक्टिविटी सेंटर का निर्माण.     मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच, छात्र-पुलिस विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन. महापंचायत में पहुंचे पूर्णिया (बिहार) से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा का यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने दुष्यंत चौटाला के समर्थन में कहा कि इस संघर्ष में “पूरा बिहार और देश साथ खड़ा है. उधर, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिसर में आरएएस और भाजपा की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है. गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में विवाद यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को GJU में शुरू हुआ, जब कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में JJP कार्यकर्ताओं ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय समेत 8 नेताओं पर केस दर्ज हुआ और 6 को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई. 17 अप्रैल को एफआईआर के विरोध में दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तभी रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया. दुष्यंत ने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोककर धमकाया गया, जबकि पुलिस अधिकारी का कहना था कि एस्कॉर्ट गाड़ी के ड्राइवर की लापरवाही के चलते उसे रोका गया. मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दे दी गई है. महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है. यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हरियाणा में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है.

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: हरियाणा के भिवानी और पलवल में नए PHC खोलने की तैयारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने की मंजूरी दी है। इनमें एक पीएचसी पलवल जिला के गांव अमरपुर में और दूसरी पीएचसी भिवानी जिला के गांव सूई तथा खोली जाएगी। पलवल जिला के गांव अमरपुर में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 439.33 लाख रुपए और भिवानी जिला के गांव सूई में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 466.35 लाख रुपए खर्च होंगे। सिविल सर्जन डॉ. सतेन्द्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने पलवल जिला के गांव अमरपुर में प्राथमिकता चिकित्सा केंद्र के लिए नई बिल्डिंग बनाने को मंजूरी प्रदान की गई है। यह नई बिल्डिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक ही दो एकड़ भूमि में बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नई बिल्डिंग तैयार होने बाद न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नए बिल्डिंग के लिए सरकार ने बजट को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद करते है। नई बिल्डिंग में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होगी।

स्टिल्ट प्लस फोर केस: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक से इनकार

चंडीगढ़ स्टिल्ट प्लस फोर नीति को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला देते हुए लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायधीश जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि रोक का आदेश केवल गुरुग्राम तक सीमित है। अन्य जिलों पर यह लागू नहीं होगा। यानी हरियाणा सरकार की स्टिल्ट प्लस फोर नीति के तहत गुरुग्राम को छोड़कर बाकी हरियाणा में चार मंजिल से ज्यादा के भवन का निर्माण हो सकेगा। साथ ही पीठ ने गुरुग्राम समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण और निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। जस्टिस नागू ने रोक हटाने की मांग को लेकर दायर अर्जी पर कहा-आप लोग गुरुग्राम में सुधार चाहते हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने यह आदेश दो अप्रैल को जारी किए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गुरुग्राम की बिगड़ती शहरी स्थिति पर गंभीर चिंता भी जताई। कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण लोगों के पास चलने तक की जगह नहीं बची है। कोर्ट ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए टिप्पणी की कि वहां लोग कॉलोनियां छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें चलने के लिए जगह नहीं मिल रही। गुरुग्राम पहले ही बढ़ती आबादी के दबाव से चरमराने की कगार पर है इसलिए फिलहाल कोई राहत देना संभव नहीं है। सरकार की नीति की न्यायिक समीक्षा होगी हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की व्यापक नीति अभी भी न्यायिक समीक्षा के दायरे में रहेगी और मामले की सुनवाई जारी रहेगी। जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा कोर्ट जनहित याचिका में स्टिल्ट प्लस फोर नीति पर रोक लगाने की मांग की गई है। याची पक्ष ने तर्क दिया है कि विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए चार फ्लोर बनाने की अनुमति दे दी गई। सरकार को पहले विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करनी चाहिए थी। कोर्ट ने माना कि बिना पर्याप्त आधारभूत संरचना के अतिरिक्त मंजिलों की अनुमति देने से शहर पर बोझ बढ़ेगा। इससे सीवरेज, ड्रेनेज, ट्रैफिक, जलभराव व अन्य नागिरक समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।