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गुरुग्राम में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, सीएम नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी के साथ युवाओं ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

गुरुग्राम हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम रविवार को "विजय पर्व" के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ शिरकत की। आयोजन का मुख्य आकर्षण हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ रहा, जिसने आस्था के एक नए विश्व रिकॉर्ड को जन्म दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस "विजय पर्व" में देश के विभिन्न कोनों से आए हजारों युवाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सामूहिक पाठ के दौरान पूरा वातावरण ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत था। उन्होंने इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए युवाओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा: "आदरणीय प्रधानमंत्री जी के सशक्त नेतृत्व में आज विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही है। यह आयोजन भारत के बदलते स्वरूप, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों और हमारे युवाओं के भीतर बढ़ते आत्मविश्वास का एक भव्य उत्सव है।" उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने इस कार्यक्रम को भारतीय जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। सामूहिक पाठ के माध्यम से न केवल विश्व रिकॉर्ड बना, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि आधुनिकता के दौर में भी भारत का युवा अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर गर्व करता है। कार्यक्रम के अंत में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उपस्थित जनसमूह के साथ 'विजय पर्व' की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस गौरवशाली पल को साझा करते हुए इसे युवाओं के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि इतने बड़े जनसमूह के बीच सामूहिक पाठ को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

नायब सरकार की इंडस्ट्री पॉलिस,रोजगार, सब्सिडी और टेक्नोलॉजी पर जोर

चंडीगढ़  बहुत जल्द नायब सरकार अपनी नई उद्योग पालिसी-2026 लेकर आ रही है। ड्राप्ट तैयार हो चुका है। पिछले सप्ताह दो दिन उद्यमियों के साथ नई दिल्ली में बैठक कर पालिसी को लेकर सुझाव और निवेश पर चर्चा करने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। पॉलिसी बनने के बाद कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा। नई पॉलिसी में रोजगार, निवेश और नई तकनीक के साथ-साथ बेहतर उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। नायब सरकार का दावा है कि देश की सबसे बेहतर उद्योग पॉलिसी होगी। युवाओं और महिलाओं को मिलेगी और अधिक नौकरी नई पॉलिसी में हरियाणा के युवाओं को अधिक रोजगार देने वाली कंपनियों के लिए सरकार से मिलने वाली सालाना प्रोत्साहन राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। कंपनी अगर दिव्यांग और स्थानीय महिलाओं को नौकरी देगी तो सरकार की ओर से उसे प्रति वर्ष 1.2 लाख रुपये की प्राेत्साहन राशि देगी। जो कंपनी सबसे अधिक हरियाणा के युवाओं को लगाएगी उसे अधिक सब्सिडी मिल सकती है। रिसर्च सेंटर बनाने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी लार्ज इंडस्ट्री को दस करोड़ तो मेगा कंपनियों को पसास करोड़ रुपये तक देने का भी प्रविधान बन सकता है। यदि कोई कंपनी अपने उत्पाद का नेशनल स्तर पर पेटेंट कराती है तो उसे 50 लाख और विश्व स्तर पर कराने पर बतौर इनाम एक करोड़ की राशि राज्य सरकार देगी। ऐसे होगा निगरानी तंत्र पॉलिसी के तहत एक उच्चस्तरीय समिति होगी जिसके मुख्यमंत्री खुद होंगे। यह समिति अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगी। हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड का गठन होगा जिसे अध्यक्ष उद्योग मंत्री होंगे जो मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगा। एक उद्योग विभाग की समिति होगी हो छोटी औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी देगी। नई पॉलिसी की खसियत     कंपनियों को निवेश पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर लाभ मिलेगा     कोर क्षेत्र में 30 प्रतिशत इंटरमीडिएट में 60 सब प्राइम में 75 और प्राइम क्षेत्र में 100 स्टांप डयूटी पर छूट मिलेगी     सिंगल विंडो सिस्टम होगा। एक पोर्टल पर सभी सुविधा मिलेगी, जिसमें आनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और तय समय में स्वीकृत मिलना शामिल है।     आटोमोबाइल, ऑटो पार्टस, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, ईवी, केमिकल, तथा पेट्रोकेमिकल इन्हें पांच प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रविधान बनाया जा सकता है।  

हाईटेक एंबुलेंस सेवा से मिलेगा तेज इलाज, GPS और लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होंगे वाहन

चंडीगढ़ हरियाणा की सड़कों पर बढ़ते हादसे अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हर मिनट जिंदगी और मौत की जंग बन चुके हैं। कई मामलों में एंबुलेंस की थोड़ी सी देरी भारी पड़ जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब अपने इमरजेंसी एंबुलेंस नेटवर्क की रफ्तार को तेजी देगी ताकि हादसे के बाद मदद मिनटों में पहुंचे, घंटों में नहीं। इसके लिए राज्य सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है। इन एंबुलेंस के जरिये सरकार का लक्ष्य किसी भी हादसे या ट्रामा के स्पॉट पर दस मिनट से कम समय पर पहुंचने का रखा गया है। नए बेड़े में 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। 59 को आउटसोर्सिंग के जरिये शामिल किया जाएगा। बाकी 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट की अहमियत होती है। खासतौर पर हाईवे और घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ती इमरजेंसी कॉल्स को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी हो गई है। कोशिश है कि जरूरत के समय एंबुलेंस दस मिनट से कम समय पर पहुंचे। मार्च का हमारी एंबुलेंस का औसत 9.29 मिनट का आया है। अब इसे नौ मिनट के आसपास ही रखना है। इस पर खासी निगरानी की जा रही है। अमर उजाला ने एंबुलेंस की कमी का भी मुद्दा उठाया था। सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ेगी राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस हैं। इनमें 210 के वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। गुरुग्राम में 27 एंबुलेंस को बढ़ाकर 35, फरीदाबाद में 20 से 27, पंचकूला में 21 से 27, यमुनानगर में 20 से 25, हिसार में 30 से 33, करनाल में 30 से 31 और सिरसा में 32 से 37 एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार का मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करना और दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। हाईटेक होगी एंबुलेंस सेवा नई एंबुलेंस सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे जिससे कॉल से लेकर रिस्पॉन्स तक का समय घटेगा। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं होंगी ताकि मरीज को मौके पर ही स्थिर किया जा सके। इसके साथ ही स्टाफ को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ड्राइवर, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर ऑपरेटरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कॉल आने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक हर कदम पर बेहतर तालमेल बन सके। किस साल कितना टाइम रहा साल             एंबुलेंस का टाइम 2017-18             16 मिनट 2018-19             16 मिनट 2019-20             16 मिनट 2020-21             15 मिनट 2021-22             13 मिनट 2022-23             12 मिनट 2023-24             12 मिनट 2024-25             11 मिनट  

मुख्यमंत्री सैनी का दावा,81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद पूरी

चंडीगड़ हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।  

गवाही बदलने के आरोप में महेंद्र चावला गिरफ्तार, लाखों की रिकवरी

पानीपत आसाराम और नारायण साईं प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला के कब्जे से पुलिस ने 42 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी की रकम उनके दूसरे भतीजे के पास है। पुलिस भतीजे की तलाश में दबिश दे रही है। रिमांड का समय पुरा होने पर महेंद्र चावला को शनिवार को अदालत के सामने पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने 18 अप्रैल को महेंद्र चावला उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने चांदनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोप है कि महेंद्र चावला ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे केस में गवाही से पलटने के नाम पर 70 लाख रुपये लिए थे। बाद में 80 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने महेंद्र चावला को पहले तीन दिन के रिमांड पर लिया था। महेंद्र के कब्जे से 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वीरवार को तीनों को दोबारा फिर से अदालत के सामने पेश किया गया था। देवेंद्र चावला व राम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, महेंद्र चावला को दोबारा फिर से दो दिन के रिमांड पर लिया था। दो दिन के रिमांड के दौरान उसके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये और बरामद हुए। अभी तक महेंद्र चावला व उनके परिजनों से पुलिस 42 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है। वहीं, पूछताछ में पता चला है कि बाकी की नकदी महेंद्र चावला के दूसरे भाई के बेटे के पास है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। शनिवार को महेंद्र चावला को अदालत के सामने पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   महेंद्र चावला व उसके परिजनों से अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है। बाकी की नकदी उसके दूसरे भतीजे के पास होने की जानकारी मिल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। महेंद्र चावला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। -सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।  

महिला आरक्षण का असर, चुनावी मैदान में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

चंडीगढ़  संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा में रहे महिला आरक्षण बिल का असर अब जमीनी राजनीति में भी दिखने लगा है। निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को प्राथमिकता देकर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में महिला नेतृत्व सिर्फ नारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता की संरचना का अहम हिस्सा बनेगा। भाजपा ने सात निकाय (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका ) में महिलाओं को 40.7 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने 60 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल गिरने के बाद सभी निगाहें इस बात पर टिकी थी कि निकाय चुनाव में राज्य के प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस महिला उम्मीदवारों को कितनी तरजीह देते। महिला आरक्षण बिल की चर्चा के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को अहम जगह देकर साफ संकेत दिया है कि चुनावी रणनीति में अब महिला वोटर ही नहीं, महिला उम्मीदवार भी केंद्र में हैं। भाजपा ने 117 में से 47 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया है। वहीं, कांग्रेस ने अब तक घोषित 45 टिकटों में से 27 महिलाओं को उतारा है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी कई जिलों में टिकटों की घोषणा नहीं की है, जिससे अंतिम तस्वीर बदल सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया, बाकी उम्मीदवार 25 तक घोषित कर दिए जाएंगे। स्थानीय विधायक व जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने स्तर पर उम्मीदवार तय कर पार्टी को बताएं। किस जिले में कितनी महिलाओं को टिकट दिए जिले वार बात करें तो भाजपा ने अंबाला में 20 में से 9, रेवाड़ी में 32 में से 13, सांपला में 16 में से 6, पंचकूला में 20 में से 7 और सोनीपत में 22 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया है। नगर पालिका और नगर परिषद में 4 में से 2 और मेयर पद पर 3 में से 1 महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने भी कई जगह महिलाओं पर भरोसा जताया है। पंचकूला में 18 में से 6, अंबाला में 20 में से 8 और सोनीपत में 18 में से 9 टिकट महिलाओं को दिए गए हैं।  मेयर पद के लिए 3 में से 2 और नगर परिषद व नगर पालिका में 2 में से 2 सीटों पर महिला उम्मीदवार घोषित की गई हैं। कुल मिलाकर, इस बार निकाय चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। यह रुझान आने वाले चुनावों में महिला नेतृत्व को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।   कांग्रेस 26 को जारी करेगी घोषणा पत्र कांग्रेस 26 अप्रैल को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शाम 5 बजे निकाय चुनावों का घोषणा पत्र जारी करेगी। इस में शहरों की सफाई व्यवस्था, पार्कों का निर्माण व सौंदर्यीकरण, पेयजल व स्वच्छता, सड़कें और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। निगमों में हुए कथित घोटालों का मुद्दा भी उठाया गया है और सत्ता में आने पर निष्पक्ष जांच का वादा किया गया है। घोषणा पत्र समिति की अध्यक्ष विधायक गीता भुक्कल सहित सात सदस्यों ने जनता से राय लेकर इसे तैयार किया है। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।    

e-खरीद में सख्ती: हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, किसानों के नाम पर धोखाधड़ी पर रोक

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने राज्य की मंडियों में गेहूं व सरसों की फसल की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ई-खरीद प्रणाली में कई नई पहल आरंभ की हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य फर्जी खरीद पर रोक लगाना, वास्तविक किसानों को लाभ सुनिश्चित करना और पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं राज्य की मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया पर निगाह रखे हुए हैं और अधिकारियों से हर रोज की रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 2025-26 रबी विपणन सीजन के 2,425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जौ के एमएसपी में 170 रुपये प्रति क्विंटल (लगभग 8.58 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य की मंडियों में अब तक करीब 60 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण और खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं में सत्यापन को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र किसान ही अपनी फसल बेच रहे हैं और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिल रही है। ई-खरीद प्रणाली में खरीददार का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। इससे हर लेन-देन का रिकार्ड सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है तथा जरूरत पड़ने पर उसकी जांच आसानी से की जा सकेगी। राज्य की मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इससे खरीद प्रक्रिया की निगरानी रियल-टाइम में संभव हो पा रही है, जबकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव है। फसल के परिवहन को ट्रैक करने के लिए जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फसल कहां से उठाई गई और कहां पहुंचाई गई, जिससे बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगने में मदद मिलने लगी है।

Smart Waste Management: हरियाणा के शहरों में घरों पर लगेंगे RFID टैग, कचरा कलेक्शन ट्रैक होगा

चंडीगढ़. हरियाणा के सभी शहरों में घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की समीक्षा बैठक में कहा कि रियल-टाइम डेटा लगातार अपडेट होना सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस प्रकार का मानिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वेंडर्स को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

एचएसवीपी की सख्त,गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

गुरुग्राम गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अवैध निर्माण पर सोमवार से बुलडोजर चलेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से यह कार्रवाई की जाएगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक और दो ने सेक्टर-तीन से लेकर सेक्टर-57 तक विकसित 49 सेक्टरों के अलावा सेक्टर-37सी और सेक्टर-110ए के निवासियों से आग्रह किया है कि वह खुद अतिक्रमण हटा लें। शुक्रवार को एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा मलिक ने सेक्टर-34 स्थित अपने कार्यालय में एक वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से लेकर आठ मई तक तोड़फोड़ की जाएगी। इसको लेकर पांच टीम का गठन किया है, जो अलग-अलग सेक्टरों में तोड़फोड़ करेगी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल और 28 अप्रैल को सेक्टर-24, 25ए, 27, 43, 31-32ए और 30 में तोड़फोड़ होगी। 29 अप्रैल और 30 अप्रैल को सेक्टर-39, 45, 28, 42 और 51 में बुलडोजर चलेगा। डॉ. मलिक के मुताबिक चार मई और पांच मई को सेक्टर-57, 49, 50, 38, 46, 40 और 41 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-52, 47, 55, 56, 52ए और 53 में छह मई और सात मई को बुलडोजर चलेगा। आठ मई को सेक्टर-54, 29, 32 और सेक्टर-44 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। चलेगा बुलडोजर उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़कों पर अवैध रूप बनाए गए किचन गार्डन, निजी पार्क, गमलों, मकानों के ऊंचे रैंप, रेहड़ियों, क्योसक के अलावा अन्य अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई 29 सेक्टरों में होगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी ने बताया कि उनके कार्यालय अधीन आ रहे 22 सेक्टरों में सोमवार से बुलडोजर चलाया जाएगा। यह कार्रवाई एक जुलाई तक चलेगी। सोमवार से शुरू होगा ऐक्शन सोमवार को सेक्टर-21 से कार्रवाई की शुरूआत की जाएगी। 28 अप्रैल को भी इस सेक्टर में अभियान चलाया जाएगा। 30 अप्रैल और एक मई को सेक्टर-चार, चार मई को सेक्टर-पांच, छह मई को सेक्टर-तीन, आठ मई को सेक्टर-छह, 11 मई और 14 मई को सेक्टर-सात, 15 और 18 मई को सेक्टर-सात एक्सटेंशन, 19 और 20 मई को सेक्टर-नौ, 21 और 22 मई को सेक्टर-नौए, 25 मई और 26 मई को सेक्टर-10, 28 मई और 29 मई को सेक्टर-10ए, एक जून और दो जून को सेक्टर-12ए, तीन जून और चार जून को सेक्टर-14, पांच जून और आठ जून को सेक्टर-15 के पार्ट एक, नौ जून और 10 जून को सेक्टर-15 के पार्ट दो समेत कई स्थानों पर तोड़फोड़ होगी। मकानों की सूची बनेगी संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी और संपदा अधिकारी-दो डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन कर रहे मकानों की सूची बनेगी। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध रूप से कमरों का निर्माण लोगों ने कर लिया है। कारों को घर के बाहर खड़ा किया जाता है। घरों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है, जिसकी वजह से भी लोग परेशान हैं। ऐसे में इन मकानों के खिलाफ एचएसवीपी की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मलबा उठान को लेकर तकरार डीटीपीई अमित मधोलिया ने पांच दिन तक तोड़फोड़ अभियान चलाकर करीब साढ़े सात हजार मकानों के सामने से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तोड़ा है। मधोलिया ने गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया से आग्रह किया था कि तोड़फोड़ के बाद सड़कों पर फैले मलबे का उठान कराएं। दहिया ने जवाब देते हुए इसे उठाने से इनकार किया है।  

पश्चिमी विक्षोभ का असर: हरियाणा में 5 दिन बारिश का अलर्ट, कल से बदलाव

हिसार. प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से जारी है। शुक्रवार को प्रदेश में रोहतक सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 26 अप्रैल से इस गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से प्रदेश में पांच दिन तक लगातार वर्षा हाे सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। मौसम विज्ञानियों ने इसके साथ ही तापमान में गिरावट होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को रोहतक सबसे गर्म रहा। प्रदेश के बाकी जिलों में भी लू चली। इससे दिन के समय लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। वहीं रात का तापमान भी तेजी से ऊपर चढ़ा है। प्रदेश के गर्म रात में भिवानी का 28.5, फरीदाबाद का 27 डिग्री तो अंबाला में 26.2 डिग्री तो नारनौल में 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम आमतौर पर 29 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 25 अप्रैल देर रात्रि को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है जिसके आंशिक प्रभाव से 26 अप्रैल रात्रि से 29 अप्रैल के दौरान हरियाणा राज्य में आंशिक बादलवाई रहने तथा बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से की संभावना है। इस दौरान मध्यम से तेज गति से धूलभरी हवाएं चलने तथा गरज चमक के साथ राज्य में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा भी हो सकती है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट होने तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।