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सूरजकुंड मेले में वूलन सिल्क व कॉटन के कारपेट कर रहे दर्शकों को आकर्षित

फरीदाबाद. 39 में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज आखिरी दिन है। हरियाणा के गवर्नर समापन करेंगे। वहीं मेले की समाप्ति को देखते हुए शुक्रवार को 2 लाख मेला पर्यटक मेला देखने आए। भारी संख्या में मेला दर्शक मेला प्रांगण में पहुंच रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कारपेट लेकर आए क्राफ्ट मैन ने बताया कि मेले में उनके हैंडमेड और मशीन मेड कारपेट की भरी मांग बनी हुई है और मेला दर्शक इसे खरीद रहे हैं। खरीददारों ने भी बताया कि उनके डिजाइन यूनिक हैं और ऐसी क्वालिटी मार्केट में देखने को नहीं मिलती, इनके दाम भी वाजिब हैं। स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कार्पेट लेकर आए क्राफ्ट मैंने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए कारपेट की लाइफ 50 साल से भी ज्यादा है और इनमें नेचुरल कलर का प्रयोग किया गया है, जहां हैंडमेड कारपेट की लाइफ अधिक है। वहीं मशीनी कारपेट की लाइफ थोड़ी कम होती है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध हैं और मेला दर्शक इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं। वहीं कारपेट खरीद रही महिलाओं ने बताया कि इनके द्वारा बनाए गए कारपेट बहुत ही यूनिक है और आम मार्केट में यह नहीं मिलते। इनके दाम भी वाजिब है और डिजाइन भी खूबसूरत है। इसलिए हम अपने घर के लिए कारपेट पसंद कर रहे हैं। एक अन्य महिला ने बताया कि उसने यहां से कारपेट खरीदे हैं और उनकी क्वालिटी जहां बेहतरीन है।

झज्जर में अब मशीनों से चमकेगी सीवर लाइन

झज्जर. शहर की सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब सीवर लाइनों की सफाई के लिए कर्मचारियों को जोखिम नहीं उठाना होगा, क्योंकि विभाग जल्द ही मैन्युअल सफाई की जगह आधुनिक मशीनों का उपयोग करेगा। इसके लिए विभाग ने मुख्यालय को तीन नई मशीनों की डिमांड भेजी है। वर्तमान में शहर में 96 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछी हुई है, जबकि नई कालोनियों को मिलाकर करीब 105 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन बिछाई जानी है। पुरानी सीवर व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण अक्सर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। इन नई मशीनों के आने से न केवल सफाई बेहतर होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। इन तीन मशीनों से बदलेगी तस्वीर 1. हाइड्रोलिक जेट्टिंग कम सक्शन मशीन: यह मशीन हाई-प्रेशर पानी और शक्तिशाली वैक्यूम का उपयोग करती है। यह एक साथ सीवर से कीचड़ सोखने और रुकावटों को साफ करने में सक्षम है। 2. जेट्टिंग मशीन: यह 3,500 पीएसआइ के दबाव से पानी छोड़कर पाइपों में फंसी गाद और मलबे को काट देती है। 3. रोडिंग सीवर मशीन: इसमें स्टील केबल और कटर ब्लेड लगे होते हैं, जो पाइप के अंदर जमी जड़ों और कठोर मलबे को जड़ से खत्म कर देते हैं। इसके बाद पारंपरिक 'फट्टी' मारने की जरूरत नहीं होगी। कर्मचारियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। नई मशीनें मिलने के बाद इन्हें चलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर प्रदेशभर के लिए होने वाली खरीद में झज्जर को ये तीन मशीनें मिलने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, इनके आने से मैन्युअल लेबर पर निर्भरता कम होगी और सफाई कार्य प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

हिसार में 20 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हॉट एयर बैलून से पुष्प वर्षा

हिसार. आस्था, अध्यात्म और उल्लास से सराबोर वातावरण में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर बालसमंद रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज पीस पैलेस में शनिवार को महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत दो दिवसीय महादेव से महामिलन महामेले का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का ऐसा संगम दिखा, जिसने श्रद्धालुओं के मन को आनंद से भर दिया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हिसार की संचालिका बीके रमेश कुमारी दीदी उपस्थित रही। इस आध्यात्मिक महोत्सव में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। आकर्षण का केंद्र बना 20 फीट ऊंचा दिव्य महाशिवलिंग, जिसके दर्शन मात्र से वातावरण शिवमय हो उठा। कार्यक्रम में सबसे मनोहारी झलक तब देखने को मिली जब हाट एयर बैलून से महाशिवलिंग पर पुष्प वर्षा की गई। आकाश से बरसते पुष्पों के इस अलौकिक दृश्य को लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में संजोया। इंटरनेट मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम पर साझा कर अपने प्रियजनों तक शिवभक्ति की अनुभूति पहुंचाई। महोत्सव में आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मिक शांति से जुड़े अनेक आकर्षक आयाम भी प्रस्तुत किए गए। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, माइंड स्पा, एबीसीडी का आध्यात्मिक रहस्य, तीन लोक की सैर, निश्शुल्क स्ट्रेस लेवल टेस्टिंग तथा वैल्यू गेम्स जैसी गतिविधियों ने सहभागियों को रोमांचक अनुभव के साथ आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। खेलों और संवादों के माध्यम से सकारात्मक-नकारात्मक विचारों की पहचान कर, स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया गया।

हरियाणा में जनगणना कार्य के चलते शिक्षकों के तबादले पर रोक

चंडीगढ़. जनगणना से जुड़ी तैयारियों को लेकर हुई बैठक में अहम फैसले लिए गए है। जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों के तबादलों पर रोक रहेगी। निदेशक जनगणना ने बताया कि कर्मियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनका डाटा सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जनगणना अवधि में इन कर्मियों का तबादला न किया जाना जरूरी है। बैठक में तय हुआ कि शिक्षकों के तबादले 15 जून 2026 तक नहीं किए जाएंगे। साथ ही अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनर्स की सूची स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी जाए ताकि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्हें परीक्षा या अन्य किसी ड्यूटी में न लगाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इन फैसलों से जनगणना कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

मुंबई हादसे पर सरकार एक्शन में, CM फडणवीस ने जांच बैठाई, पीड़ित परिवारों को राहत राशि घोषित

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मुलुंड इलाके में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक राहत की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र सीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मुंबई के मुलुंड इलाके में मेट्रो कंस्ट्रक्शन स्लैब गिरने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।" पोस्ट में आगे कहा गया है, "राज्य सरकार मृतकों के परिवार वालों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देगी और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।" डीसीपी मुंबई हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि मुलुंड की घटना को लेकर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "मेट्रो के निर्माणाधीन ब्रिज का एक कंक्रीट का पार्ट नीचे गिर गया। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन व्यक्ति घायल हैं। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" शनिवार को दोपहर करीब 12:20 बजे मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य के दौरान मुलुंड (वेस्ट) के एलबीएस रोड पर यह हादसा हुआ। मेट्रो पिलर के सीमेंट का एक बड़ा हिस्सा एक चलते हुए ऑटोरिक्शा पर गिर गया। हादसा इतना भयानक था कि ऑटोरिक्शा चकनाचूर हो गया। ऑटोरिक्शा के अलावा एक कार भी चपेट में आई। उसका आगे का दाहिना हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी), स्थानीय पुलिस, मेट्रो स्टाफ और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को 108 एम्बुलेंस से पास के हॉस्पिटल ले जाया गया। इस भयानक हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है।

हरियाणा में तेजी से बदलने लगा मौसम, गिरेगा तापमान

हिसार. देश में शुक्रवार को सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से सुबह से आंशिक बादलवाही देखने को मिल रही है। जिससे तापमान में हल्की गिरावट हो रही है। बादलों की आवाजाही के बीच प्रदेश में 17-19 फरवरी के दौरान केवल 30-40 प्रतिशत एरिया में ही तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ बिखराव वाली हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। दिन और रात के बढ़े तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। शुक्रवार को हल्की गिरावट के साथ हिसार का अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबाला में 23.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। महेंद्रगढ़ में दिन-रात के तापमान सामान्य से अधिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि संपूर्ण इलाके में धीरे-धीरे तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड व शीत ऋतु की विदाई लगभग तय हो चुकी है, हालांकि संपूर्ण इलाके में सुबह शाम को मीठी गुलाबी ठंड का असर बरकरार है। वसंत बहार से मौसम सुहावना बना हुआ है। एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ठंड के तेवर ढीले पड़ गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बार-बार मौसम में बदलाव व संपूर्ण इलाके में धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही। प्रदेश में गर्मी की आहट शुरू हो गई है। अधिकतर स्थानों पर रात का तापमान 9 से 12.5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। जबकि दिन का तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच है। आने वाले तीन चार दिनों तक हरियाणा में धीरे-धीरे तापमान में उछाल देखने को मिलेगा।     तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – अधिकतम – न्यूनतम     अंबाला – 23.9 – 12.0     हिसार – 25.9 – 10.1     करनाल – 23.6 – 9.4     रोहतक – 23.5 – 9.6     भिवानी – 26.6 – 12.5     फरीदाबाद – 26.8 – 10.6     गुरुग्राम – 24.6 – 9.9     मेवात – 26.6 – 10.0

अमृतसर एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरे यात्री से डेढ़ करोड़ के गांजे के साथ पकड़ा

अमृतसर. अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब उन्होंने नशा तस्करी के एक मामले का पर्दाफाश किया। विभाग ने एयरपोर्ट पर एक यात्री के पास से करीब 1 करोड़ 64 लाख रुपए की कीमत का गांजा बरामद किया है। मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति बैंकॉक से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचा था। जब अधिकारियों ने उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से 1 किलो 654 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कस्टम विभाग ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

हरियाणा में अब CET अंकों के आधार पर होगी ग्रुप-D के पदों पर भर्ती

चंडीगढ़. जरूरी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब ग्रुप डी पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) के आधार पर होगा। सामाजिक, आर्थिक के आधार मिलने वाले अंकों का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए पिछली परीक्षाओं में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट सूची 95 अंकों पर तैयार होगी। इस संबंध में सरकार ने वीरवार को अधिसूचना जारी की। जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती व सेवा शर्तें) अधिनियम-2018 की धारा-26 में संशोधन किया गया है। अब नई व्यवस्था के तहत सीईटी का कुल स्कोर 100 प्रतिशत सीईटी अंकों पर आधारित होगा। ग्रुप डी के पदों के लिए सीईटी के पाठ्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया है। पहले भाग में 75 प्रतिशत अंक होंगे। उनमें सामान्य जागरूकता, तर्क, अंग्रेजी, हिंदी शामिल रहेंगे। हरियाणा से संबंधित विषयों के लिए 25 अंक रहेंगे जिसमें हरियाणा से संबंधित सामान्य ज्ञान, इतिहास, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति से संबंधित सवाल होंगे।

फतेहाबाद में 15 हजार पौधों के ‘हरित मॉडल’ से 4 डिग्री गिरा तापमान

फतेहाबाद. सिंचाई विभाग की खाली भूमि पर रोपे गए 15 हजार से अधिक पौधों से फतेहाबाद में विभागीय परिसरों का तापमान बाहर की तुलना में लगभग 4 डिग्री तक कम दर्ज हो रहा है। सघन हरियाली से विकसित यह क्षेत्र अब प्रदेश स्तर पर मॉडल बन गया है। विभाग ने निर्णय लिया है कि नहरों के किनारे और सिंचाई परिसरों की खाली पड़ी भूमि पर इसी तर्ज पर प्रदेशभर में वनीकरण किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से सभी जिलों से उपलब्ध भूमि का विवरण मांगा गया है। इसके बाद खाली सरकारी भूमि पर ये ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। इस मॉडल को समझने के लिए आपको बता दें कि फतेहाबाद के भूथनकलां, दरियापुर, चिम्मो, चांदपुरा और बलियावाला स्थित विश्राम गृहों, टोहाना नहर कॉलोनी तथा एसई आवास परिसर में पूर्व में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया था। तब यहां रोपे गए आम, नीम, जामुन, अनार, किन्नू, अंजीर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे अब विकसित वृक्ष बन चुके हैं। इसी का परिणाम है कि अब यहां हरियाली घनी होने से परिसर अपेक्षाकृत ठंडे रहते हैं और पक्षियों की संख्या में वृद्धि दर्ज हो रही है। पौधारोपण बनी परंपरा सिंचाई विभाग में पौधारोपण को नियमित गतिविधि का रूप दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के जन्मदिन तथा सेवानिवृत्ति जैसे अवसरों पर परिसर में पौधे लगाए जाते हैं। नहर किनारे खाली पड़ी सिंचाई विभाग की भूमि पर अब प्रदेशभर में चरणबद्ध वनीकरण लागू होगा। फतेहाबाद में विकसित हरित क्षेत्र अब प्रदेश स्तरीय मॉडल के रूप में अपनाया गया है, चलेगा अभियान। सघन वृक्षारोपण से विभागीय परिसर छायादार क्षेत्र में बदले और पक्षियों की संख्या में वृद्धि हुई। नहर पट्टियों पर योजनाबद्ध पौधारोपण को अतिक्रमण नियंत्रण रणनीति से भी जोड़ा गया है। यह प्रयोग अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने सभी जिलों से विभागीय भूमि की रिपोर्ट लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। – ओपी बिश्नोई, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, भिवानी ये मॉडल कितना अहम होगा इन तथ्यों से जानें अभी क्या है स्थिति न्यूनतम वन क्षेत्र वाला राज्य: भारत वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा का वन आवरण इसके कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का मात्र 1.60% है, जो देश में सबसे कम में से एक है। फतेहाबाद मॉडल जैसे प्रयास इस आंकड़े को सुधारने के लिए अनिवार्य हैं। वृक्षावरण: वन क्षेत्र के बाहर जो पेड़ों का समूह है, वह लगभग 1,425 वर्ग किलोमीटर (3.22%) हैं। नहरों के किनारे किया जा रहा पौधारोपण इसी श्रेणी को मजबूत करता है। क्या हासिल करेंगे 20% हरित लक्ष्य: हरियाणा सरकार ने अपने दीर्घकालिक लक्ष्य में राज्य के 20% हिस्से को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया है। फतेहाबाद का ‘सिंचाई विभाग मॉडल’ इसी विजन का जमीनी क्रियान्वयन है। 75:25 का अनुपात: सरकार की हालिया नीतियों के अनुसार, सामुदायिक और सरकारी भूमि पर 75% छायादार और 25% फलदार/औषधीय पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है, जैसा कि फतेहाबाद में किया गया (नीम, जामुन, किन्नू आदि)।

2002 में अनुबंध पर लगे चालक अब नियुक्ति तिथि से ही किए जाएंगे पक्के

चंडीगढ़. परिवहन विभाग में वर्ष 2002 में अनुबंध पर लगे चालकों को अब नियुक्ति तिथि से ही पक्का किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 14 जनवरी का आदेश वापस ले लिया है, जिसमें सभी 347 चालकों को वर्ष 2006 से नियमित किया गया था। इन्हें पुरानी पैंशन योजना के साथ फैमिली पेंशन योजना का भी लाभ मिलेगा। परिवहन निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी रोडवेज महाप्रबंधकों और वरिष्ठ यांत्रिक अभियंता मंत्री कार अनुभाग एवं राजकीय केंद्रीय कर्मशाला को निर्देश जारी कर दिया गया है। इससे पहले विगत जनवरी में हरियाणा राज्य परिवहन विभाग के विभिन्न आगारों में वर्ष 2002 से संविदा आधार पर नियुक्त कार्यरत चालकों को वर्ष 2006 से नियमित किया गया था। अब उन्हें वर्ष 2002 से उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से ही नियमित किया जाएगा। इन चालकों की अर्हक सेवा (क्वालीफाइंग सर्विस) की गणना उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि वर्ष 2002 से की जाएगी तथा उन्हें इसके आधार पर ए.सी.पी. सहित सभी सेवा-लाभप्रदान किए जाएंगे। इन चालकों की क्वालीफाइंग सर्विस की गणना उनकी प्रारंभिक नियुक्त्ति तिथि वर्ष 2002 से की जाएगी तथा उन्हें इसके आधार पर एसीपी सहित सभी सेवा-लाभ प्रदान किए जाएंगे। सभी संबंधित चालकों को पुरानी पेंशन योजना के साथ-साथ फैमिली पेंशन योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। इन चालकों के लिए सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) का नया खाता खोला जाएगा। यह सभी लाभ दिनांक 31 अगस्त 2024 तक कल्पित (नोशनल) रूप में तथा एक सितंबर 2024 से वास्तविक रूप में प्रदान किए जाएंगे। परिवहन निदेशालय ने इस संबंध में सभी रोडवेज महाप्रबंधकों, वरिष्ठ यांत्रिक अभियंता (मंत्री कार अनुभाग) और राजकीय केंद्रीय कर्मशाला को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। पहले जनवरी में जारी आदेश के तहत वर्ष 2002 से संविदा पर कार्यरत चालकों को 2006 से नियमित किया गया था, जिससे उनकी सेवा अवधि और पेंशन लाभ सीमित हो रहे थे। अब संशोधित निर्णय के अनुसार उनकी अर्हक सेवा (क्वालीफाइंग सर्विस) की गणना वर्ष 2002 की प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से की जाएगी। नए आदेश के तहत चालकों को एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) सहित सभी सेवा लाभ नियुक्ति तिथि से मिलेंगे।