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स्वच्छ भारत अभियान में बजट खर्च न करने पर निकाय विभाग के अफसरों के खिलाफ 20 को कार्रवाई

चंडीगढ़ हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष बजट को खर्च नहीं कर पाए। अब बजट खर्च न करने में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान करीब 100 करोड रुपए स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च न होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी।  अब 20 लापरवाह अधिकारियों पर कभी भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। हरियाणा शहरी निकाय विभाग में स्वच्छ भारत के तहत स्वच्छता की कार्यों से लेकर जागरूकता अभियान प्रचार प्रसार आदि कार्यों पर 100 करोड रुपए खर्च होने थे लेकिन फरवरी आने के बावजूद भी बजट खर्च नहीं हो सका। ऐसे में विभागीय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने ऐसे 20 अधिकारियों पर कार्यवाही का ब्योरा बनाने को कहा है जिससे 20 अधिकारियों को चार्जशीट  करके कार्यवाही हो सके। कार्रवाई से बचने के लिए अबाधिकारी भी योजनाएं बनाने में जुट गए हैं। राज्य के स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर भी नहीं हो सका काम हरियाणा सरकार ने इस बार केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर राज्य में स्वच्छ सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह कार्य भी शुरू नहीं हो सका। बीते साल 2 अक्टूबर को इसकी शुरुआत होनी थी। बाद में तय किया गया कि इस कार्य को निकाय और दूसरे विभागों के अधिकारियों के बजाय निकाय थर्ड पार्टी के माध्यम से कराएंगे। लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है, इस कारण राज्य का स्वच्छ सर्वेक्षण भी शुरू नहीं हो सका।

संदीप सिंह पर गंभीर आरोप: महिला कोच से कहा था- मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें रखूंगा; मामला ट्रांसफर

सोनीपत  हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और हॉकी प्लेयर रह चुके संदीप सिंह से जुड़े छेड़छाड़ और रेप के प्रयास करने के मामले में बड़ा अपडेट आया है। पीड़ित जूनियर महिला कोच की याचिका पर चंडीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल ने इस मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को ट्रांसफर करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि न्यायाधीश उसके प्रति पक्षपाती थे। अपनी याचिका में पीड़िता ने कहा था कि जज ने उसे केस की फाइल देखने नहीं दी। उसे CRPC की धारा 164 के तहत दिए गए अपने बयान की कॉपी या जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा जज खुद इस केस की सुनवाई कर रहे थे, जबकि वे खुद एक गवाह की सूची में शामिल थे। ऐसे में मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है। बता दें कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसमें छेड़छाड़, गलत तरीके से कैद करने, आपराधिक धमकी देने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य का इस्तेमाल करने के आरोप थे। पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत में बताया था कि मंत्री ने उसे कहा था कि तुम मुझे खुश रखों, मैं तुम्हे खुख रखूंगा। बात न मानने पर ट्रांसफर करा दिया था। हालांकि, संदीप सिंह ने इस आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था।  

हरियाणा में IMT प्रोजेक्ट पर संकट: जमीन की कमी से विकास में रुकावट, क्षेत्रफल घटाने की संभावना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों 10 नई आई. एम. टी. बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस घोषणा को सिरे चढ़ाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए आई.एम.टी. के जमीनी क्षेत्रफल में कटौती करने पर विचार कर रही है। जमीन की कमी के चलते आई.एम.टी. का क्षेत्रफल 1500 की बजाय 1200 एकड़ तक किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई आई.एम.टी. स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को स्वीकृति मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस वृद्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 आई.एम.टी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी जिनकी धुरी के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे रहेगा। किसानों के साथ जमीन के रेट पर बात बनते ही प्रक्रिया होगी तेज किसानों द्वारा आई.एम.टी. के लिए अपनी जमीन के कई-कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से आई. एम.टी. बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कई आई. एम टी. के लिए किसान जमीन के रेट कलैक्टर रेट से 6 से 8 गुना तक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मर्मोल भाव करने में जुटी है। किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी। सरकार ने ई-भूमि पोर्टल शुरु किया हरियाणा की भाजपा सरकार की योजना है कि किसानों की मर्जी के विना उनकी जमीन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से वाजार भाव पर जमीन खरीदने की योजना पूर्व मुख्यमत्री मनोहर लाल ने आरंभ की थी जिसे मौजूदा मुख्यमंत्री नायव सैनी भी आगे बढ़ा रहे है। किसानों द्वारा जमीन वेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन वेचने की पेशकश करते है और वहीं पर रेट वताते हैं। सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा ज्यादा दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है। कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होताः राव नरबीर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि भाजपा सरकार किसानों से जमीन खरीदती है। यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिए तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी। हरियाणा में 10 आई.एम.टी. बननी हैं। इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य में जमीन काफी महंगी है। इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल दिल्ली के नजदीक है। साथ ही राज्य की जमीन काफी उपजाऊ है। 5 नए शहर दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करेंगे राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर 'विकसित भारत' के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले बजट में की थी घोषणा हरियाणा के वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले बजट में 10 आई.एम.टी. बनाने की घोषणा की थी। इनमें से अम्बाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। अम्बाला जिले में 2 आई.एम.टी. बननी प्रस्तावित हैं, जो कि एक मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुराने विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में बननी प्रस्तावित है। अम्बाला व यमुनानगर की आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी आई.एम.टी. के लिए जमीन के अधिक रेट बड़ी बाधा बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण आई.एम.टी. का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है।

मार्च में होने वाली पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं, तिथियां जारी, जिला अधिकारियों को दिशा-निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की तिथि सूची जारी कर दी है। यह परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत मार्च 2026 में आयोजित की जाएंगी, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2026 में पूरक परीक्षाएं होंगी। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालयों को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा करवाने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जारी तिथि सूची के अनुसार पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 11 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक आयोजित होंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से करवाई जाए। विद्यालय प्रमुखों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय से जानकारी देने तथा परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि तय समय पर परीक्षाएं पूरी कर परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे, ताकि अगले सत्र की तैयारियां समय पर शुरू हो सकें।

35 साल बाद गूंजी किलकारी, 130 गांव के लोग पहुंचे नामकरण समारोह में, हजारों लोग बने गवाह

सोनीपत सोनीपत जिला मुख्यालय से सटे गांव महलाना ने रविवार को सामाजिक चेतना की एक ऐसी नजीर पेश की है, जो सदियों तक याद रहेगी। रोहित बाल्याण के घर में 35 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ। यह खुशी परिवार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें 130 गांवों के लोग साक्षी बने। नामकरण संस्कार में राजदुलारी कामाक्षी और उसकी जननी को ढोल-नगाड़ों की गूंज और हाथी-घोड़ों व रथ आदि के साथ आयोजन स्थल तक लाया गया। फूलों की वर्षा ने माहौल को स्वर्ग बना डाला।  कामाक्षी का जन्म 6 जनवरी को हुआ था। रविवार को उसका नामकरण संस्कार पूरे पारंपरिक और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में आसपास के करीब 130 गांवों से हजारों लोग शामिल हुए। शंखनाद के बीच पूरे दिन चला यज्ञ, चलता रहा विशाल भंडारा कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई। शंखनाद के बीच विधिवत रूप से बेटी का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। परिवार ने बेटी का नाम कामाक्षी (माता पार्वती का एक रूप) रखा। नाम की घोषणा होते ही पूरा पंडाल तालियों और उल्लास से गूंज उठा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बेटों से कम नहीं बेटियां पिता रोहित बाल्याण ने भावुक होते हुए कहा कि आज बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी और गर्व का विषय होना चाहिए जितना बेटे का। हमारा यह आयोजन समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि बेटियां परिवार की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं। उनके पास पहले एक बड़ा बेटा है। अब दूसरे बच्चे के रूप में घर में बेटी ने जन्म लिया है। ग्रामीणों ने बताया सामाजिक चेतना की मिसाल ग्रामीणों ने इस आयोजन को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जीवंत उदाहरण बताया। उनका कहना था कि जहां आज भी कुछ स्थानों पर बेटियों के साथ भेदभाव और भ्रूणहत्या जैसी घटनाएं होती हैं, वहीं महलाना का यह आयोजन सोच बदलने वाला प्रेरक संदेश देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि हर परिवार बेटियों को इसी तरह सम्मान देगा, तो समाज अपने आप बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा। राजनीतिक व सामाजिक लोगों की रही मौजूदगी भव्य कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सलाहकार तरुण भंडारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दिवान, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, अभिषेक ब्रह्मचारी, किसान नेता नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पंचकूला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने परिसर को खाली कराया और सुरक्षा बढ़ाई

पंचकूला  पंचकूला में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल आने की खबर सामने आ रही है,  जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कोर्ट परिसर को खाली करवाया दिया है। वहीं डॉग स्कवॉयड भी मौके तलाशी अभियान चला रही है।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज पंचकूला कोर्ट के सेशन जज को थ्रेट मेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दी गई थी। जिसकी जानकारी उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों को दी। पंचकूला डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा मेल आने के बाद कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि अभी तक जांच में ऐसा कुछ पाया नहीं गया है। यह केवल धमकी का ही मामला है, लेकिन फिर भी उन्होंने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर की जांच की।

सूरजकुंड मेले में हादसे पर दुष्यंत चौटाला का बयान, कहा- पर्यटन विभाग की लापरवाही से हुई छवि को क्षति

चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वे सूरजकुंड शिल्प मेले में हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सूरजकुंड मेले में ऐसा हादसे होने से इस मेले और हरियाणा की प्रतिष्ठा को ना सिर्फ देश में, बल्कि विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हरियाणा की छवि को हुए नुकसान के लिए हरियाणा का पर्यटन विभाग जिम्मेदार है। मेले में 50 देशों के 700 से ज्यादा शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड का अंतर्राष्ट्रीय मेला हाथ से सामान बनाने वाले देश-दुनिया के उम्दा कलाकारों को एक शानदार प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले में देश विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं और शिल्पकारों व कलाकारों के बनाए सामान को देखते और खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से इस मेले को कमाई का जरिया बना लिया है और इसमें एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की इजाजत दी जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे झूलों की तरफ पर्यटक आकर्षित होते हैं और हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले में ये झूले गैरजरूरी और कारीगरों की अनदेखी करवाने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन झूलों को लगाने की इजाजत देने वाली नीति को बंद किया जाना चाहिए। वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने इस हादसे में मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार को एक्सग्रेसिया के तहत एक नौकरी भी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृतक पुलिसकर्मी ने बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई है और राज्य सरकार को कैबिनेट से मंजूरी दिलवाकर उनके परिवार को एक नौकरी और पर्याप्त सहायता देनी चाहिए। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को उचित इलाज के साथ आर्थिक सहायता भी देने की मांग उन्होंने की।

राष्ट्रीय हित सबसे पहले: कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका समझौते में स्पष्टता की मांग की

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने अमेरिका के साथ घोषित व्यापार समझौते के संयुक्त वक्तव्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। आज मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएँ बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आने वाले वर्षों में अमेरिकी उत्पादों की बड़े पैमाने पर खरीद का कोई प्रावधान है, तो यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ किस प्रकार संतुलित होगा, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस विषय पर विस्तृत स्पष्टीकरण दे और यह बताए कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस प्रावधान शामिल किए गए हैं।

फरीदाबाद मेले में त्रासदी: झूला गिरा, इंस्पेक्टर सहित दर्जन घायल, जांच शुरू

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगा एक 'सुनामी झूला' अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। हादसे का खौफनाक मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब सवा 6 बजे झूला ऊपर से नीचे आते समय अचानक रेलिंग से टकराकर गिर गया। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई। एक दुकानदार राघव ने बताया कि झूला गिरने के बाद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा, लेकिन तभी झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे मेला ग्राउंड को खाली करा लिया। रिटायरमेंट से ठीक पहले गई जान मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की पहचान पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO के रूप में हुई है। वे इसी साल 31 मार्च को अपनी सेवा से रिटायर होने वाले थे। हादसे के वक्त वे ड्यूटी पर तैनात थे या पास ही मौजूद थे, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। प्रशासनिक कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच घटना की सूचना मिलते ही रात 10 बजे पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मेला ग्राउंड पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना। मंत्री ने कहा, "पूरे मामले की जांच के लिए ADC की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा पर उठे सवाल मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र यादव ने दावा किया कि झूलों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जो रोजाना जांच करती थी। हालांकि, एक ही दिन में दो घटनाएं (झूला गिरना और गेट नंबर-2 का डिजाइनर गेट गिरना) प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फरीदाबाद के DC आयुष सिन्हा ने कहा है कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल रहा सफल

जींद. जींद जंक्शन से सीनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। जींद जिले के गांव भंभेवा के पास पहले रनिंग ट्रायल किया गया और अब इस ट्रेन का दूसरा ट्रैक ट्रायल किया जाएगा। ट्रैक ट्रायल के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच सरपट दौड़ने लगेगी। इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन विधिवत रूप से फरवरी के आखिर तक चल सकती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टैस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रैशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलैक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाऊनकर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब ट्रेन पूरी तरह से सफल हो जाए‌गी तो उसके बाद इसके उद्‌घाटन की औपचारिकता के लिए रेल मंत्रालय से परमिशन ली जाएगी। चूंकि यह देश की पहली और और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है इसलिए उम्मीद है कि इस ट्रेन का उ‌द्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हरी झंडी दिखाकर करवाया जाएगा।