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मॉड्यूलर फर्नीचर की बुकिंग रद्द करने के बाद रकम नहीं लौटाना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर लगाया जुर्माना

भोपाल
 मॉड्यूलर फर्नीचर की बुकिंग रद कराने के बावजूद अग्रिम राशि नहीं लौटाना लिवस्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भारी पड़ गया। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता के 25 हजार रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 15 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। इस तरह कंपनी को ब्याज के अतिरिक्त 15 हजार रुपये हर्जाना भी देना होगा।

भोपाल के सलैया निवासी प्रतीक सारस्वत ने 25 जुलाई 2025 को लिवस्पेस शोरूम में माड्यूलर फर्नीचर बनवाने के लिए 25 हजार रुपये बुकिंग राशि जमा की थी। उन्हें बताया गया था कि 48 घंटे के भीतर बुकिंग रद कराने पर पूरी राशि बैंक खाते में वापस कर दी जाएगी। उत्पाद और उनकी कीमतें पसंद नहीं आने पर प्रतीक ने अगले ही दिन, 26 जुलाई को बुकिंग रद कर रिफंड मांगा। इसके बावजूद कंपनी ने राशि लौटाने के बजाय 12 अगस्त 2025 को 25 हजार रुपये का गिफ्ट वाउचर जारी कर दिया।

रिफंड नहीं मिलने पर प्रतीक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा। समाधान नहीं होने पर उन्होंने 26 सितंबर 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि कंपनी अग्रिम राशि नहीं लौटाने के समर्थन में कोई स्पष्ट अनुबंध या संबंधित शर्तें प्रस्तुत नहीं कर सकी। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए रिफंड, ब्याज और मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।

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