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बाढ़ ने छीना रोजगार, बस्तर की महिला समूहों पर कर्ज चुकाने का दबाव

जगदलपुर.

बस्तर में बाढ़ और अतिवृष्टि का असर अब ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई देने लगा है. फसल बर्बादी और मकानों को हुए नुकसान के बीच महिला स्व-सहायता समूहों के सामने बैंक ऋण चुकाने की चुनौती खड़ी हो गई है. ग्राम पंचायत टलनार क्षेत्र की महिला समूहों ने अपनी परेशानी विधायक लखेश्वर बघेल के सामने रखी है.

महिलाओं के मुताबिक, लगातार बारिश और बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं. कई परिवारों के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है. आय के प्रमुख स्रोत प्रभावित होने से महिला समूहों के लिए नियमित बैंक किस्त जमा करना कठिन हो गया है. समूहों का कहना है कि एक ओर परिवारों को नुकसान से उबरना है, वहीं दूसरी ओर ऋण की किस्त और ब्याज चुकाने का दबाव है. ऐसे में उन्होंने बैंक ऋण माफ करने या किस्तों और ब्याज में विशेष राहत दिलाने की मांग की है.

महिला समूहों ने विधायक से आग्रह किया कि उनकी समस्या शासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाए. उनका मानना है कि समय पर आर्थिक राहत नहीं मिली तो प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. विधायक लखेश्वर बघेल ने महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनकी मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया है. अब बाढ़ प्रभावित महिला समूहों की नजर शासन के अगले कदम पर है कि उन्हें ऋण के बोझ से राहत मिलती है या नहीं.

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