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‘कांग्रेस चुनाव जीते तो आयोग ठीक, हारे तो खराब’, चुनाव आयोग विवाद पर शिवराज सिंह चौहान का पलटवार

नई दिल्ली
चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विवाद थमने का नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मामले में अपनी सफाई देने में लगे हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है।

जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हारने पर जनादेश का अपमान करना, यह कांग्रेस की पुरानी आदत है, कांग्रेस के डीएनए में है। भारत दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है और दुनिया उदाहरण देती है भारत के लोकतंत्र की। लेकिन लोकतंत्र का अपमान करना, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना, चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को बदनाम करना, जनता के जनादेश का अपमान करना, यह कांग्रेस के डीएनए में है।

कांग्रेस चुनाव जीत जाए तो ECI ठीक नहीं तो…
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी जी के इशारे पर मल्लिकार्जुन खरगे जी ने प्रधानमंत्री जी को, गृह मंत्री जी को अवैध कहा। यह लोकतंत्र का अपमान है, यह जनादेश का अपमान है, यह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है, यह लोकतंत्र के प्रति अनास्था पैदा करना है, यह देश में अराजकता फैलाने का प्रयास है। यह कैसी बात करती है कांग्रेस? कांग्रेस चुनाव जीत जाए तो चुनाव आयोग ठीक, और हार जाए तो चुनाव आयोग खराब।

1980-1990 में हुए चुनावों का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस कहती है कि मतपत्रों (बैलेट पेपर) के आधार पर चुनाव हो। याद कीजिए 80 और 90 का वह दशक जब बूथ लूट लिए जाते थे, एक व्यक्ति ठप्पा लगा देता था मतपत्रों पर। क्या कांग्रेस उसी दौर में देश को ले जाना चाहती है? टेक्नोलॉजी, जिसके कारण पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनाव होते हैं। आखिर उसका विरोध कांग्रेस क्यों करना चाहती है? लोकतंत्र को कमजोर करने का पाप नहीं कर रही, पहले भी कर चुकी है आपातकाल लगाकर।

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