samacharsecretary.com

फरार आरोपियों दिलीप और बबलू के खिलाफ बाढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पटना

पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत दाहौर गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के सक्रिय सदस्यों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की है। बाढ़ एसडीपीओ रामकृष्ण के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस टीम ने दिलीप सिंह और बबलू सिंह के घर पहुंचकर न्यायालय के आदेश पर चौखट, किवाड़ समेत घरेलू सामान जब्त कर लिया। यह कार्रवाई बाढ़ थाना कांड संख्या 418/23 के तहत की गई है।

फरार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। पुलिस ने पहले ही दोनों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी, लेकिन आरोपियों ने कानून की अनदेखी की, जिसके बाद उनके घरों की कुर्की-जब्ती की गई।

शराब के खिलाफ आवाज उठाने पर हुई थी फायरिंग
एसडीपीओ रामकृष्ण ने बताया कि यह पूरा मामला शराब के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर हुई हिंसा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, शराब पीने से मना करने पर अपराधियों ने फायरिंग की थी। इसी मामले में नामजद होने के बाद से ही दिलीप सिंह और बबलू सिंह फरार चल रहे थे।

सोनू-मोनू गिरोह से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस ने बताया कि दिलीप और बबलू कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के सदस्य हैं। इन दोनों के खिलाफ पहले से दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और क्षेत्र में इस गिरोह की काफी दहशत रही है। स्थानीय स्तर पर इस गिरोह को मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के विरोधी गुट के रूप में भी देखा जाता रहा है। हालांकि, वर्तमान मामले में सोनू और मोनू की सीधी भूमिका को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच जारी
एसडीपीओ ने बताया कि सूचक के आधार पर आरोपियों का संबंध इस गिरोह से बताया जा रहा है, लेकिन इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड की भूमिका को लेकर गहन जांच की जा रही है। बाढ़ पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के दौरान दाहौर गांव में पुलिस की मौजूदगी से अन्य अपराधियों में भी हड़कंप मच गया।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here