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कोयल नदी पुल की मरम्मत पूरी होने से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

रांची
रांची-लोहरदगा रेललाइन पर शनिवार से परिचालन सामान्य हो जाएगा। पहली ट्रेन रांची-लोहरदगा-टोरी पैसेंजर सुबह 5.15 बजे रवाना होगी। शुक्रवार को इस लाइन में लाइट इंजन ट्रेन चलाई गई। गौरतलब है कि रांची रेल मंडल के रांची-लोहरदगा-टोरी खंड पर नागजुआ व लोहरदगा स्टेशनों के मध्य कोयल नदी पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल संख्या-115 की मरम्मत चल रही थी। इस कारण इरगांव से लोहरदगा के बीच ट्रेनों का परिचालन बंद था।

हजारों यात्रियों को हो रही थी दिक्कत
इस मार्ग के बाधित रहने से कई ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया जा रहा था। वहीं पुलिया में दरार की सूचना के बाद कुछ ट्रेनों को आंशिक समापन के जरिए भी चलाया गया था। इससे इस रूट में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा रहा था।

रेलवे ने की थी वैकल्पिक व्यवस्था
वहीं, रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस तय मार्ग टोरी-लोहरदगा-रांची के स्थान पर टोरी-बरकाकाना-मेसरा-टाटीसिलवे-रांची होकर चल रही थी। रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के अलावा रांची-चोपन-रांची एक्सप्रेस, सासाराम-रांची-सासाराम एक्सप्रेस व अजमेर-सांतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चल रही थी।

आस-पास के इलाकों के लिए है लाइफलाइन
बता दें कि रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड लोहरदगा और आसपास के इलाकों के लिए लाइफलाइन माना जाता है। पुलिया में दरार की वजह से इस मार्ग से जनवरी से परिचालन ठप था। इस रूट पर चलने वाली लोहरदगा-रांची और रांची-लोहरदगा मेमू पैसेंजर ट्रेनों से हर दिन लगभग आठ हजार यात्री सफर करते हैं। इसके अलावे सासाराम एक्सप्रेस और राजधानी का लाभ यात्रियों को मिलता है। ट्रेन परिचालन ठप होने के बाद इन यात्रियों को

भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अचानक ट्रेन रुकने की सूचना मिलते ही लोहरदगा स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। मजबूरी में लोग बसों और अन्य निजी वाहनों की ओर दौड़ पड़े, जिससे बस स्टैंड और सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी। लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया।

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