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‘चुनाव सपा लड़े, कांग्रेस साथ न दे… फिर कैसा भाईचारा?’ राजभर ने गठबंधन पर अखिलेश को घेरा

‘सीटें मांगें तो जीरो याद दिलाइएगा’, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर राजभर ने अखिलेश को दी सलाह

‘चुनाव सपा लड़े, कांग्रेस साथ न दे… फिर कैसा भाईचारा?’ राजभर ने गठबंधन पर अखिलेश को घेरा

‘200 सीटें मांगने वाली कांग्रेस ने सपा को क्या दिया?’ ओपी राजभर का अखिलेश से तीखा सवाल

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसा है। उन्होंने अखिलेश को बधाई देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 200 सीट मांग रही है, लेकिन एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशियों का समर्थन नहीं किया। 

राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “अखिलेश जी, एमएलसी चुनाव के नतीजों में आपकी पार्टी के प्रदर्शन की आपको बहुत बधाई। वैसे ये बताइए, अपने मित्र राहुल जी को बधाई दिए या नहीं?” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को प्रत्याशी तक नहीं मिला और जहां प्रत्याशी उतारे गए, वहां नतीजा ‘जीरो’ रहा। राजभर ने कर्नाटक का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर तंज कसा।

सीटों की मांग पर कांग्रेस को घेरा
सुभासपा प्रमुख ने कांग्रेस के खुद को सपा का ‘बड़ा भाई’ मानने पर सवाल उठाते हुए अखिलेश को नसीहत दी कि सीटों की मांग के समय कांग्रेस को एमएलसी चुनाव के नतीजे याद दिलाएं। उन्होंने पूछा कि जब सपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस ने उनका समर्थन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिस्सा चाहिए ‘आधा’ और समर्थन देंगे ‘जीरो’। बड़ी नाइंसाफी है।

12 सीटों पर लड़ी कांग्रेस, केवल 1 जीती
बता दें कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। पार्टी ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन मात्र एक सीट जीत सकी। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई। कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर तंज कसा है।

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